नई दिल्ली । देश में पेट्रोल और डीजल की कीमतों को लेकर आम उपभोक्ताओं के लिए फिलहाल राहत भरी स्थिति बनी हुई है। शुक्रवार को भी सरकारी तेल विपणन कंपनियों ने ईंधन की खुदरा कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया। केंद्र सरकार ने स्पष्ट किया है कि फिलहाल पेट्रोल और डीजल की कीमतें बढ़ाने का कोई प्रस्ताव नहीं है। वहीं भविष्य में कीमतों में संभावित राहत अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की चाल पर निर्भर करेगी।
केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने कहा कि सरकार वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों पर लगातार नजर बनाए हुए है। उनके अनुसार अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल के दाम घटने का असर खुदरा ईंधन की कीमतों पर तुरंत दिखाई नहीं देता, क्योंकि कच्चे तेल की खरीद, परिवहन, भंडारण और रिफाइनिंग की पूरी प्रक्रिया में समय लगता है। वर्तमान में पेट्रोल पंपों पर उपलब्ध ईंधन उस कच्चे तेल से तैयार किया गया है जिसकी खरीद लगभग दो महीने पहले हुई थी।
सरकार का कहना है कि यदि वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतें मौजूदा स्तर पर स्थिर रहती हैं या उनमें और गिरावट आती है, तो आने वाले दिनों में स्थिति की समीक्षा की जाएगी। इसके लिए नियमित अंतराल पर मूल्यांकन किया जाएगा, जिसके बाद आवश्यक होने पर खुदरा कीमतों में बदलाव पर निर्णय लिया जा सकता है।
हाल के दिनों में देश की एक निजी ईंधन विपणन कंपनी द्वारा पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कटौती किए जाने के बाद उपभोक्ताओं के बीच यह उम्मीद बढ़ी है कि सरकारी तेल कंपनियां भी कीमतों में राहत दे सकती हैं। हालांकि सरकार ने स्पष्ट किया है कि किसी भी प्रकार का निर्णय बाजार की वास्तविक परिस्थितियों और अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल की कीमतों के रुख को ध्यान में रखकर ही लिया जाएगा।
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में शुक्रवार को पेट्रोल की कीमत 102.12 रुपये प्रति लीटर और डीजल की कीमत 95.20 रुपये प्रति लीटर बनी रही। वहीं मुंबई में पेट्रोल 111.21 रुपये प्रति लीटर और डीजल 97.83 रुपये प्रति लीटर पर उपलब्ध है। कोलकाता में पेट्रोल 113.51 रुपये और डीजल 99.82 रुपये प्रति लीटर बिक रहा है। चेन्नई में पेट्रोल 107.77 रुपये और डीजल 99.55 रुपये प्रति लीटर की दर से उपलब्ध है। अलग-अलग राज्यों में स्थानीय करों और वैट के कारण ईंधन की कीमतों में अंतर बना हुआ है।
विशेषज्ञों का मानना है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें, डॉलर के मुकाबले रुपये की विनिमय दर, परिवहन लागत और कर संरचना जैसे कई कारक घरेलू ईंधन कीमतों को प्रभावित करते हैं। इसलिए वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल में गिरावट आने के बावजूद खुदरा कीमतों में तत्काल कमी होना हमेशा संभव नहीं होता।
सरकार ने संकेत दिया है कि आने वाले सप्ताहों में वैश्विक ऊर्जा बाजार की स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जाएगी। यदि अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियां अनुकूल बनी रहती हैं और कच्चे तेल की कीमतों में स्थिरता बनी रहती है, तो उपभोक्ताओं को भविष्य में ईंधन कीमतों में राहत मिलने की संभावना पर विचार किया जा सकता है। फिलहाल देशभर में पेट्रोल और डीजल की कीमतें यथावत बनी हुई हैं और उपभोक्ताओं को किसी नई बढ़ोतरी का सामना नहीं करना पड़ेगा।