HIGHLIGHTS:
- जांच रिपोर्ट में चार पुलिसकर्मियों का आचरण संदिग्ध
- IG को सौंपी गई ट्रेनी IPS की विस्तृत रिपोर्ट
- SP ने सभी पर आरोप पत्र (चार्जशीट) जारी किए
- 1 करोड़ कैश केस में 20 लाख लेकर छोड़ने का आरोप
- मामला अब विभागीय जांच के दायरे में

Guna Hawala Scam: ग्वालियर। गुना में 19 मार्च को नेशनल हाईवे-46 पर पुलिस ने गुजरात नंबर की एक गाड़ी रोकी थी, जिसमें करीब 1 करोड़ रुपये नकद होने का दावा किया गया था। अब आरोप है कि इस दौरान पुलिसकर्मियों ने डीलिंग कर 20 लाख रुपये लेकर गाड़ी को छोड़ दिया। जिसके बाद यह मामला सामने आते ही पूरे पुलिस सिस्टम में हड़कंप मच गया है।
IPS कॉल के बाद खुला मामला
अगले दिन एक गुजरात के IPS अधिकारी के फोन के बाद कथित तौर पर पैसे लौटाए गए। इसके बाद गाड़ी फिर गुना पहुंची और कई घंटे तक वहीं रही। घटना के खुलासे के बाद 22 मार्च को DIG ग्वालियर ने जांच शुरू की और प्रारंभिक तौर पर चार पुलिसकर्मियों को संदिग्ध मानते हुए सस्पेंड कर दिया गया।
जांच रिपोर्ट में गंभीर अनियमितताएं उजागर
ट्रेनी IPS आयुष जाखड़ की जांच रिपोर्ट में सामने आया कि चारों पुलिसकर्मियों ने न तो कोई रिकॉर्ड दर्ज किया और न ही वरिष्ठ अधिकारियों को सूचना दी। रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि वे निजी व्यक्तियों के संपर्क में रहे, जिसे कदाचार की श्रेणी में माना गया है।
SP ने जारी की चार्जशीट, विभागीय जांच शुरू
जांच रिपोर्ट के आधार पर गुना SP हितिका वासल ने चारों पुलिसकर्मियों पर आरोप तय करते हुए उन्हें चार्जशीट सौंप दी है। अब मामले में एमपी पुलिस रेगुलेशन के तहत विभागीय जांच की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी।
कोर्ट में भी पहुंचा मामला, जांच जारी
इस केस से जुड़ी याचिका पर हाई कोर्ट ने स्टेटस रिपोर्ट तलब की है। याचिकाकर्ता ने पुलिस कार्रवाई पर गंभीर सवाल उठाए हैं, जिसमें हिरासत और बयान को लेकर विवाद शामिल है। फिलहाल अदालत ने इस पर फैसला सुरक्षित रखा है और मामले की जांच अलग स्तर पर जारी है।