HIGHLIGHTS:
- व्हाट्सऐप पर आई फर्जी ‘RTO ई-चालान’ APK से ठगी
- फाइल खोलते ही मोबाइल 8 मिनट तक हैंग
- कैनरा बैंक खाते से 2.12 लाख रुपए ट्रांसफर
- 1930 हेल्पलाइन पर शिकायत के बाद केस दर्ज
- पुलिस ने मैलवेयर के जरिए ठगी की पुष्टि की
GWALIOR CYBER CRIMES: मध्यप्रदेश। ग्वालियर के थाटीपुर क्षेत्र में साइबर ठगी का चौंकाने वाला मामला सामने आया है। जहां तृप्ति नगर निवासी शशांक गुप्ता के व्हाट्सऐप पर एक अनजान नंबर से ‘RTO ई-चालान कॉपी’ नाम की APK फाइल भेजी गई और पैसे ठग लिए गए। बताया जा रहा है कि इसे ट्रैफिक चालान समझकर जैसे ही उन्होंने फाइल खोली, उनका मोबाइल करीब 7-8 मिनट तक हैंग हो गया। बाद में फोन सामान्य हो गया, जिससे उन्हें किसी गड़बड़ी का अंदेशा नहीं हुआ।
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एक घंटे बाद आए ट्रांजेक्शन मैसेज
करीब एक घंटे बाद शशांक के मोबाइल पर बैंक ट्रांजेक्शन के मैसेज आने लगे। उनके कैनरा बैंक खाते से 89 हजार, 60 हजार और 63 हजार रुपए ट्रांसफर हो गए। बता दें कि कुल मिलाकर 2 लाख 12 हजार रुपए की राशि निकाल ली गई। इसके बाद मैसेज देखकर वे तुरंत बैंक पहुंचे, जहां उन्हें साइबर फ्रॉड की आशंका बताई गई।
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1930 पर शिकायत, ई-जीरो FIR दर्ज
थाने में शुरुआती सुनवाई न होने पर पीड़ित ने साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज कराई। इसके बाद थाटीपुर थाना पुलिस ने ई-जीरो FIR दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस के अनुसार, APK फाइल के जरिए मोबाइल में मैलवेयर इंस्टॉल किया गया, जिससे ठगों ने बैंकिंग डिटेल्स तक पहुंच बना ली।
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पुलिस की अपील: APK फाइल से रहें सावधान
साइबर विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि व्हाट्सऐप या एसएमएस पर आने वाली किसी भी अनजान APK फाइल को डाउनलोड या इंस्टॉल न करें। आरटीओ चालान की जानकारी केवल सरकारी वेबसाइट या अधिकृत ऐप के माध्यम से ही जांचें।