HIGHLIGHTS :
- ग्वालियर में मिस्ट स्प्रे सिस्टम की शुरुआत
- पड़ाव चौराहे पर पायलट प्रोजेक्ट सफल
- हवा में धूल कणों को कम करने में मददगार
- पीक आवर्स में रोजाना 3-3 घंटे चलेगा सिस्टम
- अन्य चौराहों पर भी लागू करने की योजना

GWALIOR MIST SPRAY SYSTEM: मध्य प्रदेश। ग्वालियर में बढ़ती गर्मी और वायु प्रदूषण से निपटने के लिए नगर निगम ने मिस्ट स्प्रे सिस्टम की शुरुआत की है। बता दें कि शहर के व्यस्त पड़ाव चौराहे पर करीब ढाई लाख रुपए की लागत से यह पायलट प्रोजेक्ट लगाया गया है, जिसका ट्रायल सफल रहा। अब इसे 30 अप्रैल से नियमित रूप से शुरू किया जाएगा।
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कैसे काम करता है मिस्ट स्प्रे सिस्टम
इस सिस्टम के तहत चौराहे पर चार पोल लगाए गए हैं, जिन पर विशेष नोजल फिट हैं। ये नोजल 4 से 5 फीट तक पानी की महीन फुहार छोड़ते हैं, जिससे हवा में मौजूद धूल कण नीचे बैठ जाते हैं। इससे न सिर्फ प्रदूषण कम होता है, बल्कि राहगीरों को तुरंत ठंडक भी महसूस होती है।
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पीक आवर्स में मिलेगा ज्यादा फायदा
नगर निगम के अनुसार, इस मिस्ट स्प्रे सिस्टम को सुबह और शाम के पीक आवर्स में तीन-तीन घंटे तक चलाया जाएगा। यही वह समय होता है जब ट्रैफिक और धूल का स्तर सबसे ज्यादा होता है। इससे लोगों को राहत मिलने के साथ-साथ हवा की गुणवत्ता में भी सुधार होगा।
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स्वास्थ्य के लिए सुरक्षित बताया गया सिस्टम
डॉक्टरों के अनुसार, इस मिस्ट स्प्रे सिस्टम से स्वास्थ्य को कोई नुकसान नहीं है। इसमें बहुत कम मात्रा में पानी की फुहार छोड़ी जाती है, जो हवा में घुलकर हल्की हो जाती है और सीधे तौर पर शरीर पर कोई नकारात्मक प्रभाव नहीं डालती।