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GWALIOR NAGAR NIGM HEARING: अमृत योजना में 840 करोड़ खर्च, फिर भी ग्वालियर में गहराया जल संकट

GWALIOR NAGAR NIGAM

HIGHLIGHTS:

  • खाली मटका लेकर निगम पहुंचे पूर्व पार्षद बृजेश गुप्ता
  • ग्वालियर में जल संकट को लेकर जनसुनवाई में हंगामा
  • अमृत योजना के 840 करोड़ खर्च पर उठे सवाल
  • घरेलू पानी बिल को व्यवसायिक बनाने की शिकायत
  • खुले नाले और कच्ची सड़क से परेशान रहवासी पहुंचे जनसुनवाई

 

GWALIOR NAGAR NIGM HEARING: मध्यप्रदेश। ग्वालियर नगर निगम की जनसुनवाई में जल संकट का मुद्दा गर्माता हुआ नजर आया। बता दें कि मंगलवार को हुई जनसुनवाई में वार्ड क्रमांक 27 के पूर्व पार्षद बृजेश गुप्ता अपने समर्थकों के साथ खाली मटका और पानी के बर्तन लेकर निगम कार्यालय पहुंचे। क्षेत्र में कई दिनों से पानी न आने के कारन उन्होंने प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। उन्होंने ने आरोप लगाया की पानी नहीं मिलने से लोग परेशान है और अब तक नगर निगम कोई कार्रवाई नहीं कर रहा है।

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अमृत योजना पर उठाए सवाल

पूर्व पार्षद बृजेश गुप्ता ने अमृत योजना के तहत खर्च हुए 840 करोड़ रुपए पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि जब लोगों को पर्याप्त पानी ही नहीं मिल रहा, तो इतनी बड़ी राशि खर्च होने का क्या फायदा। साथ ही प्रदर्शन के दौरान क्षेत्रवासियों ने ये भी आरोप लगाया कि गर्मी में जल संकट और ज्यादा गंभीर हो गया है। जिसके बाद मामले को बढ़ता देख अधिकारियों ने उन्हें आश्वासन दिया कि दो दिनों के भीतर क्षेत्र की पानी समस्या का समाधान कर दिया जाएगा।

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अतिक्रमण और सीवर से जुड़ी शिकायतें भी आई

जनसुनवाई में महलगांव निवासी राजा ने भी पानी बिल से जुड़ी शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने बताया कि उनके घरेलू पानी कनेक्शन का बिल गलती से व्यवसायिक श्रेणी में बदल दिया गया, जिससे उन्हें अत्यधिक राशि के बिल मिल रहे हैं। शिकायतकर्ता ने अधिकारियों से तत्काल सुधार की मांग की। अधिकारियों ने दस्तावेज जांचने के बाद जल्द बिल संशोधन करने का भरोसा दिया। इसके अलावा पानी, सीवर और अतिक्रमण से जुड़ी कई शिकायतें भी जनसुनवाई में पहुंचीं।

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खुले नाले और कच्ची सड़क से परेशान लोग

वार्ड क्रमांक 55 के रहवासियों ने क्षेत्र में खुले पड़े नाले को बंद कराने की मांग की। लोगों का कहना है कि कई सालों से नाला खुला होने के कारण आए दिन हादसे हो रहे हैं और लोग उसमें गिरकर घायल हो चुके हैं। वहीं मेवाती मोहल्ले के रहवासियों ने कच्ची सड़क को लेकर आवेदन दिया। उनका कहना है कि बारिश के समय हालात और खराब हो जाते हैं, जिससे आवागमन में भारी परेशानी होती है। अधिकारियों ने निरीक्षण कर जल्द कार्रवाई का आश्वासन दिया है।

 

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