Chambalkichugli.com

GWALIOR PROPERT FRAUD: बैंक में गिरवी रखे मकान को बेचकर मां-बेटे ने ठगे 21 लाख, अब दर्ज हुआ फ्रॉड केस

FIR Ordered By Court

HIGHLIGHTS :

  • मां-बेटे ने गिरवी मकान को फ्री बताकर बेचा
  • 21.55 लाख रुपए की ठगी का मामला
  • एक ही प्रॉपर्टी को दो बार गिरवी रखा
  • पुलिस ने पहले शिकायत को नजरअंदाज किया
  • कोर्ट के आदेश पर दर्ज हुई FIR

 

GWALIOR PROPERT FRAUD: मध्यप्रदेश। ग्वालियर के थाटीपुर इलाके में ठगी का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां मां-बेटे ने बैंक में गिरवी रखे मकान को स्वतंत्र बताकर बेच दिया। आरोप है कि कृष्णकांत शर्मा और उनकी मां निशा शर्मा ने गायत्री विहार स्थित मकान को 21.55 लाख रुपए में रेनू गुर्जर को बेच दिया, जबकि वह पहले से ही बैंक में बंधक था।

बंगाल चुनाव 2026: दूसरे चरण की वोटिंग के बीच हिंसा, नादिया में BJP प्रत्याशी पर हमला, हावड़ा में बवाल

लोन एनपीए होते ही खुला राज

मामला कैनरा बैंक की एसएमई ब्रांच से जुड़ा हुआ है। बैंक अधिकारियों के अनुसार, आरोपियों ने अलग-अलग खातों के जरिए करीब 21.55 लाख रुपए का लोन लिया था। जब वर्ष 2022 में यह खाता एनपीए घोषित हुआ और वसूली प्रक्रिया शुरू हुई, तब जांच में इस पूरे फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ।

नानी का आजमाया नुस्खा: एलोवेरा और केसर से पाएं बेदाग त्वचा, दूर करें दाग-धब्बे और पिगमेंटेशन

एक ही मकान को दो बार रखा गिरवी

जांच में यह भी सामने आया कि आरोपियों ने फर्जी दस्तावेज तैयार कर पहले मकान बेच दिया और बाद में उसी संपत्ति को दूसरी वित्तीय संस्था में फिर से गिरवी रख दिया। इस तरह उन्होंने एक ही प्रॉपर्टी के जरिए दो बार आर्थिक लाभ उठाया, जो स्पष्ट रूप से सुनियोजित ठगी को दर्शाता है।

संघर्ष से सुपरस्टार तक: राजेश खन्ना के घर AC ठीक करने पहुंचे थे इरफान खान

कोर्ट ने दिलाया न्याय

बैंक अधिकारियों ने शुरुआत में थाटीपुर थाने में शिकायत दर्ज कराई, लेकिन आरोप है कि पुलिस ने मामले को गंभीरता से नहीं लिया। इसके बाद बैंक ने कोर्ट का सहारा लिया। कोर्ट ने दस्तावेजों की जांच के बाद शिकायत को सही पाया और पुलिस को FIR दर्ज करने के निर्देश दिए। कोर्ट के आदेश के बाद पुलिस ने मां-बेटे के खिलाफ ठगी समेत अन्य धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है और आरोपियों की तलाश शुरू करदी है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *