रक्षा मंत्री ने कहा कि आतंकवाद केवल एक राष्ट्र-विरोधी गतिविधि नहीं है, बल्कि इसके कई आयाम हैं और इससे प्रभावी तरीके से निपटने के लिए ऑपरेशनल, वैचारिक और राजनीतिक तीनों स्तरों पर एक साथ काम करना जरूरी है। उन्होंने बताया कि ऑपरेशन सिंदूर भारत की इसी व्यापक रणनीति का हिस्सा था, जिसने देश की नई ताकत और दृढ़ इच्छाशक्ति को दुनिया के सामने प्रस्तुत किया।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत ने अपनी सुरक्षा नीति में बड़ा बदलाव किया है। पहले जहां आतंकी हमलों के बाद केवल बयानबाजी तक सीमित रहना पड़ता था, वहीं अब भारत निर्णायक कार्रवाई करने में विश्वास रखता है। ऑपरेशन सिंदूर इसका सबसे बड़ा उदाहरण है, जिसने यह साबित कर दिया कि भारत अब किसी भी चुनौती का जवाब देने में सक्षम है।
रक्षा मंत्री ने पहलगाम में हुए आतंकी हमले का जिक्र करते हुए बताया कि 22 अप्रैल 2025 को निर्दोष पर्यटकों की हत्या के बाद भारत ने पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में स्थित आतंकी ठिकानों पर सटीक कार्रवाई की। उन्होंने कहा कि यह ऑपरेशन केवल 72 घंटे में पूरा कर लिया गया, लेकिन इसके पीछे लंबी और सटीक रणनीतिक तैयारी थी। यदि आवश्यकता पड़ती तो भारत लंबी लड़ाई के लिए भी पूरी तरह तैयार था।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि भारत आतंकवाद और उसे समर्थन देने वालों के बीच कोई अंतर नहीं करता। देश की नीति अब पूरी तरह जीरो टॉलरेंस पर आधारित है, जिसके तहत किसी भी प्रकार की आतंकी गतिविधि को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। ऑपरेशन के दौरान मिली परमाणु धमकियों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि भारत ऐसे दबावों में आने वाला नहीं है और राष्ट्रहित सर्वोपरि है।
वैश्विक परिदृश्य पर बात करते हुए रक्षा मंत्री ने कहा कि दुनिया इस समय बड़े बदलाव के दौर से गुजर रही है। यूरोप से लेकर पश्चिम एशिया तक तनाव और संघर्ष की स्थिति बनी हुई है। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में तथाकथित न्यू वर्ल्ड ऑर्डर वास्तव में एक ऐसी स्थिति बन गया है जहां कोई स्पष्ट व्यवस्था नहीं दिखाई देती। ऐसे समय में भारत का मजबूत और स्पष्ट रुख न केवल अपनी सुरक्षा सुनिश्चित करता है, बल्कि वैश्विक स्तर पर भी एक संदेश देता है।
उन्होंने अपने संबोधन के अंत में कहा कि ऑपरेशन सिंदूर केवल एक सैन्य कार्रवाई नहीं था, बल्कि यह भारत की नई सोच, आत्मविश्वास और दृढ़ संकल्प का प्रतीक है। यह दुनिया को यह बताने के लिए पर्याप्त है कि अब भारत हर चुनौती का जवाब देने के लिए पूरी तरह तैयार है और किसी भी कीमत पर अपने नागरिकों की सुरक्षा से समझौता नहीं करेगा।