रेलवे पुलिस के अनुसार आरोपी की पहचान उत्तराखंड निवासी जितेंद्र चावला उर्फ जीतू के रूप में हुई है। उस पर देश के विभिन्न हिस्सों में चोरी की अनेक घटनाओं को अंजाम देने के आरोप हैं। हाल ही में उसने अहमदाबाद से इंदौर आ रही ट्रेन में यात्रा कर रही एक महिला का पर्स चोरी कर लिया था। पर्स में बड़ी मात्रा में सोने के आभूषण रखे हुए थे, जिनकी कीमत करीब 15 लाख रुपये बताई गई थी। घटना सामने आने के बाद पीड़िता ने रेलवे पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने विस्तृत जांच शुरू की। आरोपी की पहचान और लोकेशन का पता लगाने के लिए कई राज्यों में फैले सीसीटीवी नेटवर्क का सहारा लिया गया। जांच दल ने फरीदाबाद, बरेली, मुरादाबाद, बदायूं सहित विभिन्न शहरों के 500 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की फुटेज का विश्लेषण किया। तकनीकी साक्ष्यों, डिजिटल ट्रैकिंग और लगातार निगरानी के आधार पर आखिरकार आरोपी तक पहुंच बनाई गई। पुलिस ने उसे नीमच क्षेत्र से गिरफ्तार कर लिया।
गिरफ्तारी के बाद आरोपी के कब्जे से चोरी किए गए सोने के आभूषण बरामद किए गए हैं। इनमें सोने का हार, कंगन, अंगूठियां और अन्य कीमती गहने शामिल हैं। पुलिस का कहना है कि बरामद आभूषणों की पहचान संबंधित पीड़िता द्वारा की गई है। इससे मामले में महत्वपूर्ण साक्ष्य भी प्राप्त हुए हैं।
पूछताछ के दौरान आरोपी ने कई अहम खुलासे किए हैं। उसने स्वीकार किया कि वह अपने महंगे शौक और आलीशान जीवनशैली को बनाए रखने के लिए ट्रेनों में चोरी की वारदातों को अंजाम देता था। भीड़भाड़ वाली ट्रेनों और लंबी दूरी की यात्राओं को वह अपना आसान निशाना बनाता था। यात्रियों की असावधानी का फायदा उठाकर वह कीमती सामान लेकर फरार हो जाता था।
जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी सोशल मीडिया का भी व्यापक उपयोग करता था। वह फेसबुक के माध्यम से विभिन्न महिलाओं और युवतियों से संपर्क स्थापित करता था। दोस्ती बढ़ाने के बाद वह अलग-अलग शहरों में उनसे मिलने जाता और इसी दौरान क्षेत्र की रेकी कर चोरी की संभावनाएं तलाशता था। पुलिस को आशंका है कि आरोपी ने इसी तरीके से कई राज्यों में अपना नेटवर्क तैयार किया था।
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार आरोपी के खिलाफ करीब 20 आपराधिक मामले दर्ज हैं। इनमें चोरी और संपत्ति संबंधी अपराध प्रमुख रूप से शामिल हैं। तमिलनाडु, कर्नाटक, महाराष्ट्र, बिहार, उत्तर प्रदेश सहित कई राज्यों में उसकी गतिविधियों की जानकारी सामने आई है। जांच एजेंसियां अब उसके पुराने मामलों का रिकॉर्ड जुटा रही हैं ताकि अन्य लंबित अपराधों का भी खुलासा किया जा सके।
रेलवे पुलिस का कहना है कि आरोपी से पूछताछ जारी है और उसके नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है। अधिकारियों का मानना है कि इस गिरफ्तारी से अंतरराज्यीय चोरी की कई घटनाओं का पर्दाफाश हो सकता है। साथ ही यात्रियों को भी सलाह दी गई है कि रेल यात्रा के दौरान अपने कीमती सामान और आभूषणों की सुरक्षा को लेकर विशेष सतर्कता बरतें।