अतिरिक्त लोक अभियोजक राजकुमार अत्रे ने जानकारी देते हुए बताया कि तृतीय अपर सत्र न्यायाधीश राजकुमार यादव की अदालत ने आरोपी रुमसिंग पिता गुमानसिंह भिलाला (55), निवासी उपड़ी को भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 103 के तहत दोषी करार दिया है। अदालत ने आरोपी को उम्रकैद के साथ 5000 रुपये के अर्थदंड की सजा भी सुनाई।
अभियोजन पक्ष के अनुसार, घटना के दिन सुबह पिता और पुत्र के बीच खेत में हल चलाने को लेकर विवाद हुआ था। विवाद इतना बढ़ गया कि शाम करीब 5 बजे जब पुत्र हिरालाल घर के बाहर खटिया पर सो रहा था, तभी आरोपी पिता ने उस पर कुल्हाड़ी से गर्दन पर तीन-चार वार कर दिए। गंभीर चोटों के कारण हिरालाल की मौके पर ही मौत हो गई।
इस पूरे मामले में सबसे अहम भूमिका मृतक की बहू शर्मिला की गवाही की रही। शर्मिला ने अदालत में बताया कि उसने अपने ससुर को अपने जेठ हिरालाल पर हमला करते हुए देखा था, जिससे मामले की सच्चाई स्पष्ट हो गई।
अदालत ने बहू की प्रत्यक्षदर्शी गवाही और जांच रिपोर्ट के आधार पर आरोपी को दोषी मानते हुए कठोर सजा सुनाई। इस मामले की जांच तत्कालीन ऊन थाना प्रभारी गणपत कनेल द्वारा की गई थी।
इस फैसले के बाद इलाके में इस जघन्य अपराध को लेकर चर्चा तेज हो गई है और ग्रामीणों ने भी इसे एक गंभीर पारिवारिक विवाद का दुखद परिणाम बताया।