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Madhya Pradesh High Court: आईटीएटी आदेश को हाईकोर्ट में चुनौती, छह विधिक प्रश्नों पर 10 मार्च को होगी सुनवाई

MP HIGH COURT

HIGHLIGHTS:

  • आईटीएटी आदेश के खिलाफ अपील स्वीकार
  • छह महत्वपूर्ण विधिक प्रश्न तय
  • धारा 260ए के तहत चुनौती
  • 3 करोड़ की रजिस्ट्री पर आयकर विवाद
  • 10 मार्च को अंतिम सुनवाई तय

Madhya Pradesh High Court: ग्वालियर। हाईकोर्ट की ग्वालियर खंडपीठ (ई-कोर्ट) ने आयकर अपीलीय अधिकरण (आईटीएटी) के आदेश के खिलाफ दायर आयकर अपील को सुनवाई के लिए स्वीकार कर लिया है। न्यायालय ने मामले में छह महत्वपूर्ण विधिक प्रश्न निर्धारित करते हुए प्रकरण को 10 मार्च को अंतिम सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया है।

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धारा 260ए के तहत चुनौती

मामला अनूप निगम बनाम आयकर अधिकारी 3(1) ग्वालियर से जुड़ा है। अपीलकर्ता ने आयकर अधिनियम की धारा 260ए के अंतर्गत आयकर अपीलीय न्यायाधिकरण द्वारा 11 फरवरी 2025 को पारित आदेश को चुनौती दी है। आईटीएटी ने अपील आंशिक रूप से स्वीकार करते हुए एक नए बिंदु पर प्रकरण को पुनः मूल्यांकन अधिकारी (एओ) के पास भेज दिया था।

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छह अहम कानूनी प्रश्न

हाईकोर्ट ने जिन प्रमुख प्रश्नों पर विचार के लिए अपील स्वीकार की है, उनमें यह शामिल है कि क्या आईटीएटी अपने अधिकार क्षेत्र से बाहर गया, क्या आकलन वर्ष 2011-12 का मामला वैधानिक समयसीमा के विपरीत पुनः खोला गया, तथा क्या विभाग की ओर से स्पष्ट प्रार्थना न होने के बावजूद ऐसा निर्देश दिया जा सकता था।

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रजिस्ट्री राशि पर विवाद

प्रकरण के अनुसार अनूप निगम ने 3 करोड़ रुपये की संपत्ति रजिस्ट्री कराई थी, जिसकी सूचना आयकर विभाग को प्राप्त हुई। इसके बाद विभाग ने नोटिस जारी किया। अपीलकर्ता का दावा है कि वास्तविक रजिस्ट्री 30 लाख रुपये की थी, जिसे वर्ष 2011-12 के आकलन में दर्शाया जा चुका है।

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10 मार्च को अंतिम बहस

अब 10 मार्च को होने वाली सुनवाई में इन सभी विधिक बिंदुओं पर विस्तृत बहस होगी। यह फैसला अधिकार क्षेत्र और पुनर्मूल्यांकन की वैधानिकता जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर स्पष्टता ला सकता है।

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