नई दिल्ली:संसद के विशेष सत्र के दौरान उस समय माहौल कुछ देर के लिए हल्का और अनौपचारिक हो गया जब लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला की एक टिप्पणी पर सदन में मौजूद सांसदों के बीच हंसी का माहौल बन गया। यह घटना उस समय हुई जब सदन में महिला आरक्षण और परिसीमन से जुड़े महत्वपूर्ण विधेयकों पर चर्चा चल रही थी और राजनीतिक बहस अपने चरम पर थी।
चर्चा के दौरान विपक्ष की ओर से एक सांसद अपना वक्तव्य रख रहे थे, तभी यह बात उठी कि उनका माइक्रोफोन सही तरीके से काम नहीं कर रहा है। इसी दौरान विपक्षी बेंचों की ओर से भी माइक को लेकर प्रतिक्रिया दी गई और सदन में कुछ देर के लिए हल्की अफरा तफरी जैसी स्थिति बन गई।
इसी मौके पर लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला ने मुस्कुराते हुए टिप्पणी की कि माइक चालू है, केवल कुछ लोगों का ही माइक बंद रहता है। उनकी इस बात पर सदन में मौजूद कई सांसदों ने हंसी और मेज थपथपाकर प्रतिक्रिया दी, जिससे कुछ क्षणों के लिए कार्यवाही का माहौल गंभीरता से हटकर हल्का हो गया।
यह टिप्पणी राजनीतिक चर्चा में भी एक अलग विषय बन गई क्योंकि इससे पहले भी विपक्ष की ओर से समय समय पर यह आरोप लगाया जाता रहा है कि उन्हें संसद में पर्याप्त रूप से बोलने नहीं दिया जाता या उनकी आवाज को दबाया जाता है। इसी पृष्ठभूमि में यह घटना एक प्रतीकात्मक हल्के पल के रूप में देखी जा रही है।
हालांकि इस हल्के क्षण के बाद सदन की कार्यवाही फिर से गंभीर मुद्दों पर केंद्रित हो गई। विशेष सत्र में महिला आरक्षण से जुड़े प्रावधान और परिसीमन जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत चर्चा जारी रही, जिन पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस भी देखने को मिली।
परिसीमन से जुड़े प्रस्ताव को लेकर कुछ राज्यों के प्रतिनिधियों ने अपनी चिंताएं भी व्यक्त कीं, विशेष रूप से इस बात को लेकर कि जनसंख्या आधारित बदलाव से राजनीतिक प्रतिनिधित्व पर असर पड़ सकता है। वहीं सरकार की ओर से इन विधेयकों को संवैधानिक और प्रशासनिक सुधारों के लिए आवश्यक बताया गया।
सदन में दिन भर गंभीर बहसों के बीच यह छोटा सा हास्यपूर्ण क्षण भी चर्चा में रहा, जिसने कुछ समय के लिए माहौल को तनावपूर्ण राजनीति से हटाकर हल्केपन की ओर मोड़ दिया।
ओम बिड़ला ने राहुल गांधी पर ली चुटकी, संसद में माइक टिप्पणी से बना हल्का-फुल्का माहौल
नई दिल्ली:संसद के विशेष सत्र के दौरान उस समय माहौल कुछ देर के लिए हल्का और अनौपचारिक हो गया जब लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला की एक टिप्पणी पर सदन में मौजूद सांसदों के बीच हंसी का माहौल बन गया। यह घटना उस समय हुई जब सदन में महिला आरक्षण और परिसीमन से जुड़े महत्वपूर्ण विधेयकों पर चर्चा चल रही थी और राजनीतिक बहस अपने चरम पर थी।
चर्चा के दौरान विपक्ष की ओर से एक सांसद अपना वक्तव्य रख रहे थे, तभी यह बात उठी कि उनका माइक्रोफोन सही तरीके से काम नहीं कर रहा है। इसी दौरान विपक्षी बेंचों की ओर से भी माइक को लेकर प्रतिक्रिया दी गई और सदन में कुछ देर के लिए हल्की अफरा तफरी जैसी स्थिति बन गई।
इसी मौके पर लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला ने मुस्कुराते हुए टिप्पणी की कि माइक चालू है, केवल कुछ लोगों का ही माइक बंद रहता है। उनकी इस बात पर सदन में मौजूद कई सांसदों ने हंसी और मेज थपथपाकर प्रतिक्रिया दी, जिससे कुछ क्षणों के लिए कार्यवाही का माहौल गंभीरता से हटकर हल्का हो गया।
यह टिप्पणी राजनीतिक चर्चा में भी एक अलग विषय बन गई क्योंकि इससे पहले भी विपक्ष की ओर से समय समय पर यह आरोप लगाया जाता रहा है कि उन्हें संसद में पर्याप्त रूप से बोलने नहीं दिया जाता या उनकी आवाज को दबाया जाता है। इसी पृष्ठभूमि में यह घटना एक प्रतीकात्मक हल्के पल के रूप में देखी जा रही है।
हालांकि इस हल्के क्षण के बाद सदन की कार्यवाही फिर से गंभीर मुद्दों पर केंद्रित हो गई। विशेष सत्र में महिला आरक्षण से जुड़े प्रावधान और परिसीमन जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत चर्चा जारी रही, जिन पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस भी देखने को मिली।
परिसीमन से जुड़े प्रस्ताव को लेकर कुछ राज्यों के प्रतिनिधियों ने अपनी चिंताएं भी व्यक्त कीं, विशेष रूप से इस बात को लेकर कि जनसंख्या आधारित बदलाव से राजनीतिक प्रतिनिधित्व पर असर पड़ सकता है। वहीं सरकार की ओर से इन विधेयकों को संवैधानिक और प्रशासनिक सुधारों के लिए आवश्यक बताया गया।
सदन में दिन भर गंभीर बहसों के बीच यह छोटा सा हास्यपूर्ण क्षण भी चर्चा में रहा, जिसने कुछ समय के लिए माहौल को तनावपूर्ण राजनीति से हटाकर हल्केपन की ओर मोड़ दिया।
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