प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता सड़क पर उतर आए और मुख्यमंत्री के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। कार्यकर्ताओं ने मुख्यमंत्री के बयान को “अशोभनीय” बताते हुए माफी की मांग की और पुतला दहन का प्रयास किया।
पुलिस ने रोका पुतला दहन, मौके पर बढ़ा तनाव
स्थिति तब बिगड़ गई जब पुलिस ने प्रदर्शनकारियों से मुख्यमंत्री का पुतला छीन लिया। इस दौरान कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच हल्की झड़प भी हुई। हालात काबू में लाने के लिए पुलिस ने बल प्रयोग किया और भीड़ को हटाने के लिए वाटर कैनन का इस्तेमाल किया।
घटना के दौरान कुछ समय के लिए माहौल तनावपूर्ण बना रहा, हालांकि अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती के बाद स्थिति पर नियंत्रण पा लिया गया।
राजनीतिक बयान से भड़की सियासत
यह पूरा विवाद मुख्यमंत्री के उस बयान के बाद शुरू हुआ, जिसमें उन्होंने कहा था-
“हम तो अभिनंदन लाल हैं, तुम टपोरी लाल हो।” मुख्यमंत्री ने विपक्ष पर सरकार के विकास कार्यों का विरोध करने का आरोप लगाते हुए जीतू पटवारी पर भी तीखी टिप्पणी की थी। उन्होंने कहा था कि ऐसे प्रदेशाध्यक्ष पहले कभी नहीं देखे गए, जिनके कार्यकाल में चुनावी उम्मीदवार भी मैदान छोड़कर चले गए।
कांग्रेस की प्रतिक्रिया और मांग
कांग्रेस नेताओं ने इस बयान को अपमानजनक बताते हुए मुख्यमंत्री से सार्वजनिक रूप से माफी मांगने की मांग की है। पार्टी कार्यकर्ताओं का कहना है कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में इस तरह की भाषा स्वीकार्य नहीं है।
जमीनी हालात पर प्रशासन की नजर
प्रशासन ने घटना के बाद क्षेत्र में सुरक्षा बढ़ा दी है और स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। पुलिस का कहना है कि किसी भी तरह की अव्यवस्था बर्दाश्त नहीं की जाएगी और शांति बनाए रखने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।