जांच एजेंसियों के अनुसार आरोपी को फरवरी में द हेग से पकड़ा गया था। उसके पास से दो कुल्हाड़ियां बरामद हुईं, जिन पर ‘एलेक्सिया’, ‘मोसाद’ और नाजी काल का कुख्यात नारा ‘सीग हेल’ उकेरा गया था। इतना ही नहीं, उसके पास से एक हाथ से लिखा नोट भी मिला, जिसमें दोनों राजकुमारियों के नाम के साथ ‘ब्लडबाथ’ जैसे शब्द लिखे थे। इन सबूतों ने इस साजिश की गंभीरता को और बढ़ा दिया है, हालांकि अब तक हमले के पीछे की ठोस मंशा स्पष्ट नहीं हो सकी है। मामले को लेकर द हेग के अभियोजन कार्यालय ने पुष्टि की है कि आरोपी को अदालत में पेश किया जाएगा और उससे पूछताछ जारी है।
यह पहली बार नहीं है जब राजकुमारी अमालिया को निशाना बनाया गया हो। इससे पहले भी ड्रग गिरोहों पर उनके अपहरण की साजिश रचने के आरोप लग चुके हैं। बढ़ते खतरों के चलते उन्हें 2022 में एम्स्टर्डम स्थित छात्रावास छोड़कर द हेग के शाही महल में शिफ्ट होना पड़ा था। सुरक्षा एजेंसियां लगातार उनकी निगरानी बढ़ाती रही हैं।
सुरक्षा के इस साए का असर राजकुमारी के निजी जीवन पर भी साफ दिखाई देता है। अमालिया ने खुद माना है कि वह एक सामान्य छात्र जीवन जीने की इच्छा रखती हैं, लेकिन सुरक्षा कारणों से ऐसा संभव नहीं हो पा रहा। उनकी मां रानी मैक्सिमा ने भी स्वीकार किया है कि लगातार मिल रही धमकियों ने उनकी बेटी की आजादी को सीमित कर दिया है।
इस ताजा घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि यूरोप में बढ़ती कट्टरपंथी गतिविधियां किस हद तक शाही परिवारों और सार्वजनिक हस्तियों के लिए खतरा बन रही हैं। सुरक्षा एजेंसियां अब इस मामले को केवल एक आपराधिक साजिश नहीं, बल्कि व्यापक सुरक्षा चुनौती के तौर पर देख रही हैं।