तो पाकिस्तान की इज्जत बच गई? सऊदी अरब से पाकिस्तान को 2 अरब अमेरिकी डॉलर की माली मदद मिली है। पाकिस्तान के केंद्रीय बैंक स्टेट बैंक ऑफ पाकिस्तान (SBP) ने गुरुवार को पुष्टि की कि उसे सऊदी अरब से 2 अरब अमेरिकी डॉलर प्राप्त हो गए हैं। यह राशि वित्त मंत्री मुहम्मद औरंगजेब द्वारा एक दिन पहले घोषित की गई 3 अरब डॉलर की अतिरिक्त सहायता का हिस्सा है। एसबीपी ने सोशल मीडिया पर जारी एक पोस्ट में बताया कि यह धनराशि 15 अप्रैल ( बुधवार ) को प्राप्त हुई है, जिससे देश के विदेशी मुद्रा भंडार में उल्लेखनीय सुधार हुआ है।
सऊदी अरब ने मंगलवार को पाकिस्तान के लिए अपनी मौजूदा 5 अरब डॉलर की सुविधा को तीन वर्ष और बढ़ा दिया है तथा अतिरिक्त 3 अरब डॉलर की जमा राशि देने का वादा भी किया है।
पाकिस्तान को यह मदद सऊदी ने ऐसे समय में किया है जब पाकिस्तान इस महीने संयुक्त अरब अमीरात (UAE) को 3.5 अरब डॉलर चुकाने की तैयारी कर रहा है, जो उसके विदेशी मुद्रा भंडार पर अतिरिक्त दबाव डाल सकता है। आईएमएफ ने शर्त रखी है कि पाकिस्तान के तीन प्रमुख द्विपक्षीय ऋणदाताओं ( सऊदी अरब, चीन और यूएई) को चल रहे तीन वर्षीय कार्यक्रम के पूरा होने तक अपनी नकद जमा राशि बनाए रखनी होगी।
तीन देशों की यात्रा पर हैं शहबाज शरीफ
बता दें कि यह वित्तीय सहायता प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ की पश्चिम एशिया यात्रा के दौरान प्राप्त हुई है। बुधवार को तीन देशों की यात्रा पर निकले शरीफ ने कहा कि सऊदी अरब का यह समर्थन पाकिस्तान की बाहरी वित्तीय जरूरतों के लिए ‘नाजुक समय’ पर आया है। इससे विदेशी मुद्रा भंडार को मजबूत करने और देश के बाहरी खाते को सुदृढ़ करने में मदद मिलेगी। प्रधानमंत्री शरीफ ने कहा कि सरकार आईएमएफ समर्थित कार्यक्रम के तहत अपने बाजार दायित्वों और लक्ष्यों के अनुरूप भंडार बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है।
आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, 27 मार्च तक पाकिस्तान का विदेशी मुद्रा भंडार 16.4 अरब डॉलर था, जो लगभग तीन महीने के आयात को कवर करने के लिए पर्याप्त था। हालांकि, यूएई को ऋण चुकाने की मांग ने भंडार पर नया दबाव डाला था। मार्च में पाकिस्तान यूएई के साथ 3.5 अरब डॉलर की सुविधा बढ़ाने के समझौते में विफल रहा था, जो सात वर्षों में ऐसी पहली विफलता मानी जा रही है।