RAGHAV CHADHA: नई दिल्ली। दिल्ली की राजनीति में हालिया बदलाव के बाद राघव चड्ढा को सोशल मीडिया पर बड़ा झटका लगा है। आम आदमी पार्टी छोड़कर भारतीय जनता पार्टी में शामिल होने के तुरंत बाद उनके इंस्टाग्राम फॉलोअर्स में भारी गिरावट दर्ज की गई है। खासकर युवा वर्ग, यानी ‘Gen Z’, के बीच इस फैसले को लेकर नाराजगी देखने को मिल रही है।
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डिजिटल दौर में सोशल मीडिया फॉलोअर्स को लोकप्रियता का अहम पैमाना माना जाता है। उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक, भाजपा में शामिल होने से पहले राघव चड्ढा के इंस्टाग्राम पर करीब 14.6 मिलियन फॉलोअर्स थे, जो 24 घंटे के भीतर घटकर लगभग 13.5 मिलियन रह गए। यानी करीब 10 लाख लोगों ने उन्हें अनफॉलो कर दिया।

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर #unfollowRaghavChadha ट्रेंड करता दिखा, जहां कई यूजर्स ने इस फैसले को ‘धोखा’ बताते हुए प्रतिक्रिया दी। अनीश गावंडे ने भी इस ट्रेंड का जिक्र करते हुए कहा कि इंटरनेट किसी को रातोंरात लोकप्रिय बना सकता है, तो उतनी ही तेजी से उसकी छवि को नुकसान भी पहुंचा सकता है।
पुराने पोस्ट्स हटाने की चर्चा
राजनीतिक हलकों में यह भी चर्चा है कि भारतीय जनता पार्टी में शामिल होने के बाद राघव चड्ढा ने अपने सोशल मीडिया से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा की आलोचना वाले पुराने पोस्ट हटा दिए हैं। सौरभ भारद्वाज ने दावा किया कि अब उनकी टाइमलाइन पर मोदी से जुड़े केवल दो पोस्ट बचे हैं, और दोनों ही सकारात्मक हैं।
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युवाओं के बीच अलग पहचान थी
युवाओं के बीच अलग पहचान थी
राघव चड्ढा ने पितृत्व अवकाश, गिग वर्कर्स के मुद्दे और तेज डिलीवरी जैसे विषय उठाकर युवाओं के बीच अपनी अलग पहचान बनाई थी। वे एक दिन के लिए Blinkit के डिलीवरी पार्टनर भी बने थे, जिससे उनकी ‘ग्राउंड कनेक्ट’ वाली छवि मजबूत हुई थी। लेकिन राजनीतिक बदलाव के बाद उनके समर्थकों का एक हिस्सा उनसे निराश नजर आ रहा है।
इस बीच दीक्षा कांडपाल जैसे विश्लेषकों ने भी सोशल मीडिया पर बढ़ती नकारात्मक प्रतिक्रियाओं की ओर इशारा किया है। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि डेटा और रणनीति के जानकार माने जाने वाले राघव चड्ढा इस डिजिटल झटके से कैसे उबरते हैं और क्या वे युवाओं के बीच अपनी पहले जैसी लोकप्रियता फिर से हासिल कर पाते हैं।