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Market Crash: शेयर बाजार की रफ्तार थमी, मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में बड़ी गिरावट..

Market Crash: नई दिल्ली । सप्ताह के आखिरी कारोबारी दिन भारतीय शेयर बाजार दबाव में नजर आया और प्रमुख सूचकांक गिरावट के साथ बंद हुए। शुरुआती कारोबार में तेजी दिखाने के बावजूद दिनभर के उतार-चढ़ाव के बाद बाजार ने कमजोर रुख के साथ कारोबार समाप्त किया। निवेशकों के बीच मुनाफावसूली और वैश्विक संकेतों की कमजोरी का असर बाजार पर साफ दिखाई दिया।

कारोबार की शुरुआत सकारात्मक माहौल में हुई थी और शुरुआती घंटों में बाजार में अच्छी खरीदारी देखने को मिली। सेंसेक्स और निफ्टी दोनों ने मजबूत ओपनिंग दी थी, लेकिन ऊपरी स्तरों पर टिके रहने में सफल नहीं हो सके। दिन चढ़ने के साथ बाजार में बिकवाली का दबाव बढ़ा और प्रमुख सूचकांक धीरे-धीरे लाल निशान में पहुंच गए।

दिन के अंत में सेंसेक्स करीब 161 अंक की गिरावट के साथ बंद हुआ, जबकि निफ्टी भी कमजोरी के साथ 23,650 के स्तर के नीचे फिसल गया। बाजार की इस गिरावट ने निवेशकों की सतर्कता को और बढ़ा दिया है। विशेष रूप से मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में ज्यादा कमजोरी देखने को मिली, जिससे व्यापक बाजार पर दबाव बढ़ गया।

मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स में बेंचमार्क सूचकांकों की तुलना में अधिक गिरावट दर्ज की गई। विशेषज्ञों का मानना है कि हाल के दिनों में इन शेयरों में तेज उछाल के बाद निवेशकों ने मुनाफावसूली का रास्ता चुना, जिसके चलते इन सेगमेंट्स में दबाव बढ़ा।

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शेयरों की बात करें तो कुछ चुनिंदा कंपनियों में अच्छी तेजी भी देखने को मिली। ऑटो और आईटी सेक्टर के कुछ शेयरों ने बाजार को सहारा देने की कोशिश की, लेकिन धातु, बैंकिंग और रियल्टी सेक्टर में कमजोरी ने बाजार की दिशा को नीचे की ओर बनाए रखा। आईटी शेयरों में खरीदारी देखने को मिली, जबकि मेटल और बैंकिंग सेक्टर सबसे ज्यादा दबाव में रहे।

सेक्टोरल इंडेक्स पर नजर डालें तो मीडिया, आईटी, फार्मा और एफएमसीजी सेक्टर में सीमित तेजी दर्ज की गई। वहीं मेटल, पीएसयू बैंक, डिफेंस और रियल्टी सेक्टर में बड़ी गिरावट देखने को मिली। कच्चे तेल की कीमतों में अस्थिरता और वैश्विक बाजारों से मिले कमजोर संकेतों ने ऊर्जा और ऑयल एंड गैस शेयरों पर भी दबाव बनाया।

विश्लेषकों के अनुसार बाजार में फिलहाल निवेशकों का रुख सतर्क बना हुआ है। वैश्विक आर्थिक हालात, विदेशी निवेशकों की गतिविधियां और कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव आने वाले दिनों में बाजार की दिशा तय कर सकते हैं। इसके अलावा घरेलू स्तर पर महंगाई और ब्याज दरों को लेकर बनी अनिश्चितता भी निवेशकों के फैसलों को प्रभावित कर रही है।

बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि निकट भविष्य में बाजार में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है। ऐसे माहौल में निवेशकों को सावधानी के साथ निवेश करने और मजबूत फंडामेंटल वाले शेयरों पर ध्यान देने की सलाह दी जा रही है। कुल मिलाकर, शुक्रवार का कारोबारी सत्र यह संकेत देता है कि बाजार अभी भी अस्थिरता के दौर से गुजर रहा है और निवेशकों की नजरें अब आने वाले वैश्विक और घरेलू आर्थिक संकेतकों पर टिकी रहेंगी।

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