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शेयर बाजार में जोरदार तेजी, सेंसेक्स 650 अंक उछला, निफ्टी 24,000 के पार; वैश्विक संकेतों से निवेशकों का बढ़ा भरोसा


नई दिल्ली ।
सप्ताह के अंतिम कारोबारी दिन भारतीय शेयर बाजार ने मजबूत शुरुआत करते हुए निवेशकों का उत्साह बढ़ा दिया। वैश्विक बाजारों से मिले सकारात्मक संकेतों और अमेरिकी मौद्रिक नीति को लेकर बढ़े भरोसे के बीच घरेलू शेयर बाजार में खरीदारी का माहौल देखने को मिला। कारोबार की शुरुआत में बीएसई का प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स लगभग 650 अंकों की तेजी के साथ 78 हजार के स्तर को पार कर गया, जबकि एनएसई का निफ्टी 24 हजार के ऊपर पहुंचकर मजबूत बढ़त के साथ कारोबार करता दिखाई दिया।

विश्लेषकों के अनुसार बाजार में तेजी की सबसे बड़ी वजह अमेरिका से आए हालिया आर्थिक संकेत रहे। जून महीने के रोजगार आंकड़े अपेक्षा से कमजोर रहने के बाद निवेशकों के बीच यह धारणा मजबूत हुई है कि अमेरिकी केंद्रीय बैंक फिलहाल ब्याज दरों में और बढ़ोतरी से बच सकता है। इससे वैश्विक वित्तीय बाजारों में जोखिम लेने की प्रवृत्ति बढ़ी और उभरते बाजारों सहित भारतीय शेयर बाजार को भी इसका सकारात्मक लाभ मिला।

बाजार खुलते ही विभिन्न क्षेत्रों के प्रमुख शेयरों में अच्छी खरीदारी देखने को मिली। बैंकिंग, वित्तीय सेवाएं, ऑटो, पूंजीगत वस्तुओं और चुनिंदा आईटी कंपनियों के शेयरों ने शुरुआती कारोबार में बढ़त दर्ज की। निवेशकों का रुझान मजबूत कंपनियों और बड़े बाजार पूंजीकरण वाले शेयरों की ओर अधिक दिखाई दिया, जिससे प्रमुख सूचकांकों को सहारा मिला।

वैश्विक बाजारों की बात करें तो एशियाई शेयर बाजारों में मिला-जुला रुख देखने को मिला। कुछ प्रमुख बाजारों में गिरावट दर्ज की गई, जबकि अन्य में सीमित बढ़त रही। इसके बावजूद भारतीय बाजार ने घरेलू निवेशकों की मजबूत भागीदारी और सकारात्मक वैश्विक संकेतों के कारण मजबूती दिखाई। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि विदेशी निवेशकों की धारणा में सुधार भी बाजार की तेजी को समर्थन दे रहा है।

अमेरिकी शेयर बाजार में पिछले कारोबारी सत्र के दौरान मिश्रित प्रदर्शन देखने को मिला। प्रमुख औद्योगिक सूचकांक ने नए रिकॉर्ड स्तर को छुआ, जबकि तकनीकी क्षेत्र के कुछ शेयरों में दबाव रहा। इसके बावजूद अमेरिकी अर्थव्यवस्था से जुड़े ताजा आंकड़ों ने निवेशकों के बीच यह उम्मीद बढ़ाई कि आगे चलकर ब्याज दरों को लेकर राहत मिल सकती है, जिसका सकारात्मक असर वैश्विक निवेश भावना पर पड़ा है।

अंतरराष्ट्रीय कमोडिटी बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में नरमी भी भारतीय बाजार के लिए राहत का संकेत मानी जा रही है। कच्चे तेल के दाम नियंत्रित रहने से आयात लागत और महंगाई के दबाव में कमी आने की संभावना रहती है, जिसका सकारात्मक प्रभाव अर्थव्यवस्था और कॉर्पोरेट आय पर पड़ सकता है। यही कारण है कि ऊर्जा कीमतों में नरमी को भी बाजार के लिए अनुकूल कारक माना जा रहा है।

विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले दिनों में निवेशकों की नजर वैश्विक आर्थिक आंकड़ों, केंद्रीय बैंकों की नीतियों, विदेशी निवेश प्रवाह और कंपनियों के तिमाही नतीजों पर बनी रहेगी। यदि अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियां अनुकूल बनी रहती हैं और घरेलू आर्थिक संकेत मजबूत रहते हैं, तो भारतीय शेयर बाजार में सकारात्मक रुझान आगे भी जारी रह सकता है। फिलहाल सप्ताह के अंतिम कारोबारी दिन की मजबूत शुरुआत ने निवेशकों के विश्वास को नई मजबूती प्रदान की है।

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