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Ujjain Sewage Treatment Plant: CM मोहन यादव बोले- मां शिप्रा की स्वच्छता हमारी प्राथमिकता,उज्जैन में बनेगा आधुनिक सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट

Shipra Conservation

Ujjain Sewage Treatment Plant:उज्जैन। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मां शिप्रा नदी के संरक्षण और स्वच्छता को लेकर अपनी प्रतिबद्धता दोहराई है। बता दें कि मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया X पर ट्विट करते हुए लिखा कि मां शिप्रा को स्वच्छ और प्रदूषण मुक्त बनाने का संकल्प अब तेजी से आगे बढ़ रहा है। घर लौटने से पहले छिन गई जिंदगी, फ्लाइट का इंतजार कर रहे उज्जैन के मंजूर अहमद हमले का शिकार उज्जैन में बनेगा आधुनिक सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट मुख्यमंत्री ने बताया कि केंद्र सरकार की ‘नमामि गंगे योजना’ के तहत उज्जैन में एक आधुनिक सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) स्थापित किया जाएगा। इस परियोजना के शुरू होने से शिप्रा नदी में पहुंचने वाले प्रदूषित पानी को नियंत्रित करने में मदद मिलेगी और नदी की स्वच्छता बनाए रखने के प्रयासों को भी नई गति मिलेगी।   CM: मां शिप्रा केवल एक नदी नहीं डॉ. मोहन यादव ने कहा कि मां शिप्रा केवल एक नदी नहीं, बल्कि करोड़ों लोगों की आस्था और उज्जैन की सांस्कृतिक पहचान का केंद्र है। ऐसे में नदी के संरक्षण और पुनर्जीवन के लिए सरकार लगातार ठोस कदम उठा रही है। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि पर्यावरण संरक्षण और जल स्रोतों की स्वच्छता सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है। साथ ही उन्होंने कहा कि तकनीक से लैस सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट के निर्माण से शिप्रा नदी के जल की गुणवत्ता में सुधार होगा और आने वाली पीढ़ियों के लिए इसे सुरक्षित रखा जा सकेगा। डेवॉन में बड़ा सैन्य हादसा: रॉयल नेवी का अत्याधुनिक हेलिकॉप्टर खेत में गिरा, तीन जवानों की जान गई; पीएम स्टार्मर ने जताया शोक उज्जैन बनेगा स्वच्छ और सुंदर सरकार का मानना है कि यह परियोजना उज्जैन को स्वच्छ, सुंदर और पर्यावरण के अनुकूल बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगी। साथ ही इससे धार्मिक पर्यटन और स्थानीय विकास को भी बढ़ावा मिलेगा।

घर लौटने से पहले छिन गई जिंदगी, फ्लाइट का इंतजार कर रहे उज्जैन के मंजूर अहमद हमले का शिकार

मध्य प्रदेश । उज्जैन के राज रॉयल कॉलोनी निवासी मंजूर अहमद (50) की मौत की खबर ने पूरे परिवार और इलाके को गहरे सदमे में डाल दिया है। कुवैत अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के टर्मिनल-1 पर हुए ड्रोन और मिसाइल हमले में उनकी जान चली गई। घटना में 63 अन्य लोग घायल हुए हैं और एयरपोर्ट के यात्री टर्मिनल को भारी नुकसान पहुंचा है। परिजनों के अनुसार मंजूर अहमद अपने भांजे की शादी में शामिल होने भारत आने वाले थे। उनकी 3 जून को कुवैत से मुंबई की फ्लाइट थी और 4 जून की सुबह उन्हें उज्जैन पहुंचना था। परिवार के सदस्य उनकी अगवानी के लिए तैयारियां कर रहे थे, लेकिन इसी बीच यह दुखद खबर आ गई। मंजूर अहमद के बेटे मोहम्मद अनस ने बताया कि मंगलवार शाम उनकी पिता से आखिरी बार बातचीत हुई थी। उन्होंने बताया था कि वे कुवैत से मुंबई पहुंचेंगे और वहां से ट्रेन के जरिए नागदा आएंगे। परिवार के लोग उन्हें लेने जाने वाले थे। किसी ने नहीं सोचा था कि यह उनकी आखिरी बातचीत साबित होगी। बताया जाता है कि मंजूर अहमद फ्लाइट पकड़ने के लिए कुवैत एयरपोर्ट के टर्मिनल-1 पर मौजूद थे। इसी दौरान एयरपोर्ट पर ड्रोन और मिसाइल हमला हुआ। हमले में टर्मिनल को गंभीर नुकसान पहुंचा और मंजूर अहमद की मौके पर ही मौत हो गई। परिवार के इकलौते कमाने वाले थेमंजूर अहमद पिछले करीब 30 वर्षों से खाड़ी देश में रहकर काम कर रहे थे। परिवार की आर्थिक जिम्मेदारी पूरी तरह उन्हीं के कंधों पर थी। उनके परिवार में पत्नी, दो बेटियां और एक बेटा हैं, जो अभी पढ़ाई कर रहे हैं। बेहतर भविष्य और बच्चों की शिक्षा के लिए उन्होंने वर्षों तक घर से दूर रहकर मेहनत की। परिजनों के मुताबिक वे आखिरी बार अक्टूबर 2025 में उज्जैन आए थे। उस समय उन्होंने परिवार से कहा था कि अब वे पहले की तुलना में अधिक बार घर आया करेंगे। लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था। शव भारत लाने की प्रक्रिया शुरूपरिवार के सदस्य मोहम्मद सलीम ने बताया कि मंजूर अहमद का पार्थिव शरीर भारत लाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। उम्मीद है कि शव कुवैत से अहमदाबाद पहुंचेगा, जहां से सड़क मार्ग के जरिए उज्जैन लाया जाएगा। सभी औपचारिकताएं समय पर पूरी होने पर अंतिम संस्कार शुक्रवार को किया जा सकता है। भारत ने हमले की निंदा कीभारत सरकार और भारतीय दूतावास ने इस घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया है। विदेश मंत्रालय ने कहा कि नागरिकों और नागरिक सुविधाओं को निशाना बनाना अस्वीकार्य है तथा सभी पक्षों से ऐसे हमले रोकने की अपील की है। भारतीय दूतावास भी पीड़ित परिवार के संपर्क में है और आवश्यक सहायता उपलब्ध करा रहा है।

वन विभाग और ग्रामीण मिलकर चलाएंगे अभियान, गांधी सागर भेजी जाएंगी नीलगाय

मध्य प्रदेश । उज्जैन जिले में किसानों के लिए लंबे समय से परेशानी का कारण बनी नीलगायों की समस्या के समाधान की दिशा में वन विभाग ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। जिले में पहली बार आधुनिक ‘बोमा’ तकनीक का उपयोग करते हुए करीब 100 नीलगायों को सुरक्षित रूप से पकड़ने और उनका पुनर्वास करने की तैयारी की जा रही है। इस अभियान के तहत पकड़ी गई नीलगायों को गांधी सागर अभयारण्य में छोड़ा जाएगा, जहां उन्हें प्राकृतिक वातावरण में सुरक्षित जीवन मिल सकेगा। वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार पिछले एक महीने से जिले के विभिन्न क्षेत्रों में नीलगायों की गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जा रही थी। इस दौरान 13 से 14 संभावित स्थानों का सर्वेक्षण किया गया। नीलगायों के झुंड के आकार, उनके आने-जाने के रास्तों और गतिविधियों का अध्ययन करने के बाद अभियान के लिए उपयुक्त स्थानों का चयन किया गया है। इस विशेष अभियान के लिए करीब डेढ़ हेक्टेयर क्षेत्र में एक विशाल घेराबंदी तैयार की जा रही है। बोमा तकनीक के तहत यह घेराबंदी फनल यानी कीप के आकार में बनाई जाती है, जिससे जानवरों को धीरे-धीरे एक सुरक्षित स्थान की ओर ले जाया जा सके। इसके निर्माण में मजबूत बाड़ और तिरपाल का उपयोग किया जा रहा है ताकि नीलगायों को बिना किसी चोट या तनाव के नियंत्रित किया जा सके। वन विभाग की रणनीति के अनुसार बाड़ा तैयार होने के बाद शुरुआती दो से तीन दिनों तक वहां कोई विशेष गतिविधि नहीं की जाएगी। इस दौरान नीलगायों के लिए चारा और पानी की व्यवस्था की जाएगी ताकि वे स्वाभाविक रूप से उस स्थान पर आने लगें और नए वातावरण के अभ्यस्त हो सकें। इससे अभियान के दौरान उन्हें पकड़ना अपेक्षाकृत आसान और सुरक्षित रहेगा। इस ऑपरेशन की खास बात यह है कि इसमें हेलीकॉप्टर, ट्रैंक्विलाइजर गन या अन्य महंगे संसाधनों का उपयोग नहीं किया जाएगा। वन विभाग पारंपरिक हांका पद्धति और आधुनिक निगरानी तकनीक का संयोजन अपनाएगा। ड्रोन के जरिए नीलगायों की गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जाएगी, जबकि ग्रामीणों और वनकर्मियों की मदद से उन्हें धीरे-धीरे बोमा संरचना की ओर ले जाया जाएगा। ऑपरेशन में लगभग 60 लोगों की टीम शामिल होगी। इसमें चार गांवों के ग्रामीण, वन विभाग के कर्मचारी और वन्यजीव विशेषज्ञ एक साथ काम करेंगे। अभियान को सफल बनाने के लिए राजगढ़ से तीन विशेषज्ञों की टीम उज्जैन पहुंच चुकी है। इसके अलावा शाजापुर वन विभाग की टीम भी अभियान के दौरान सहयोग करेगी। वन विभाग का मानना है कि इस पहल से एक ओर किसानों की फसलों को होने वाले नुकसान में कमी आएगी, वहीं दूसरी ओर नीलगायों का सुरक्षित और मानवीय तरीके से पुनर्वास भी सुनिश्चित होगा। यदि यह अभियान सफल रहता है, तो भविष्य में प्रदेश के अन्य जिलों में भी इस मॉडल को अपनाया जा सकता है।

नंदी पूजन से लेकर भस्म अर्पण तक गूंजा जय महाकाल, श्रद्धालुओं ने लिए दर्शन लाभ

मध्य प्रदेश । विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर, उज्जैन में भक्ति और आस्था का अनुपम दृश्य उस समय देखने को मिला जब भस्म आरती के दौरान बाबा महाकाल का दिव्य श्रृंगार किया गया। तड़के मंदिर के कपाट खुलते ही परंपरागत विधि-विधान के अनुसार सबसे पहले वीरभद्र जी को प्रणाम कर स्वस्तिवाचन किया गया और आज्ञा लेकर चांदी द्वार खोला गया। इसके बाद गर्भगृह के पट खोले गए और पुजारियों ने भगवान महाकाल का पूर्व श्रृंगार उतारकर विधिवत पूजन प्रारंभ किया। पंचामृत पूजन के बाद कर्पूर आरती की गई, जिसके उपरांत भगवान को भांग, चंदन, सिंदूर और विभिन्न आभूषणों से राजा स्वरूप में श्रृंगारित किया गया। यह दिव्य रूप भक्तों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र रहा। नंदी हॉल में इस दौरान नंदी महाराज का स्नान, ध्यान और विधिवत पूजन किया गया। परंपरा के अनुसार भगवान महाकाल का जलाभिषेक किया गया, जिसके बाद दूध, दही, घी, शक्कर, शहद और फलों के रस से बने पंचामृत से विशेष अभिषेक संपन्न हुआ। इसके बाद ड्रायफ्रूट, फल और मिठाई का भोग अर्पित किया गया। आरती के दौरान भगवान को शेषनाग का रजत मुकुट, रजत की मुंडमाला, रुद्राक्ष की माला और सुगंधित पुष्पों से बनी मालाएं भी अर्पित की गईं। इसके बाद महा निर्वाणी अखाड़ा की ओर से भगवान महाकाल को भस्म अर्पित की गई, जो इस आरती का सबसे पवित्र और महत्वपूर्ण क्षण माना जाता है। मान्यता है कि भस्म अर्पित होने के बाद भगवान महाकाल निराकार से साकार रूप में भक्तों को दर्शन देते हैं। इसी भाव के साथ बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंदिर पहुंचे और भस्म आरती में शामिल होकर बाबा महाकाल का आशीर्वाद प्राप्त किया। मंदिर परिसर में सुबह से ही भक्तों की भारी भीड़ उमड़ी रही और “जय महाकाल” के जयघोष से पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठा। यह आरती न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक है, बल्कि उज्जैन की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक पहचान का भी महत्वपूर्ण हिस्सा मानी जाती है।

उज्जैन में महाकाल के दरबार पहुंचे मधुर भंडारकर और जय भानुशाली, भक्ति में डूबे नजर आए सितारे

मध्य प्रदेश । विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर, उज्जैन में सोमवार तड़के भक्ति और आस्था का विशेष नजारा देखने को मिला, जब फिल्म निर्माता मधुर भंडारकर, टीवी और फिल्म अभिनेता जय भानुशाली तथा टीवी अभिनेत्री आरती सिंह दर्शन के लिए पहुंचे। तीनों श्रद्धालु तड़के करीब 3 बजे मंदिर परिसर में पहुंचे और भस्म आरती में शामिल होकर बाबा महाकाल का आशीर्वाद प्राप्त किया। मंदिर में प्रवेश के बाद तीनों ने नंदी हॉल में बैठकर भस्म आरती का दिव्य अनुभव लिया। इस दौरान वे पूरी तरह भक्ति भाव में डूबे नजर आए। लगभग दो घंटे तक चले इस धार्मिक अनुष्ठान में उन्होंने श्रद्धा और आस्था के साथ भगवान महाकाल के दर्शन किए। आरती के पश्चात तीनों ने नंदी महाराज का विधिवत पूजन और अभिषेक किया और परंपरा के अनुसार नंदी के कान में अपनी मनोकामना भी कही। इसके बाद तीनों श्रद्धालुओं ने चांदी द्वार से भगवान महाकाल को जल अर्पित कर आशीर्वाद लिया। मंदिर परिसर में मौजूद पुजारियों ने विधि-विधान से पूजा संपन्न कराई। दर्शन के बाद श्री महाकालेश्वर मंदिर प्रबंध समिति की ओर से अतिथियों का स्वागत एवं सम्मान किया गया। फिल्म निर्माता मधुर भंडारकर ने मंदिर दर्शन के बाद अपनी भावनाएं साझा करते हुए कहा कि वे पिछले 20 वर्षों से लगातार बाबा महाकाल के दर्शन के लिए उज्जैन आते रहे हैं। उन्होंने कहा कि हर बार की तरह इस बार भी उन्हें यहां आकर अद्भुत शांति और सकारात्मक ऊर्जा का अनुभव हुआ। उन्होंने मंदिर समिति द्वारा की गई व्यवस्थाओं की भी सराहना की। उज्जैन का महाकालेश्वर मंदिर देश ही नहीं, बल्कि पूरी दुनिया में अपनी विशेष भस्म आरती और आस्था के लिए प्रसिद्ध है। हर साल यहां लाखों श्रद्धालु देश-विदेश से पहुंचते हैं। फिल्मी और राजनीतिक हस्तियों की मौजूदगी इस पवित्र स्थल के महत्व को और भी बढ़ा देती है। सोमवार को हुई इस विशेष भेंट ने एक बार फिर उज्जैन को आस्था और श्रद्धा के केंद्र के रूप में सुर्खियों में ला दिया। मंदिर परिसर में मौजूद श्रद्धालुओं ने भी फिल्मी हस्तियों को देखकर उत्साह व्यक्त किया और पूरे माहौल में भक्ति का वातावरण और गहरा हो गया।

महाकालेश्वर मंदिर में भव्य भस्म आरती: पंचामृत से अभिषेक, रजत आभूषणों से श्रृंगार

मध्यप्रदेश। उज्जैन स्थित विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर में रविवार तड़के भस्म आरती के दौरान भक्तों ने अलौकिक और दिव्य दर्शन का अनुभव किया। सुबह चार बजे जैसे ही मंदिर के पट खोले गए, पंडे-पुजारियों ने गर्भगृह में विराजित सभी देव प्रतिमाओं का विधिवत पूजन किया। इसके बाद भगवान महाकाल का जलाभिषेक किया गया और पंचामृत—दूध, दही, घी, शक्कर और फलों के रस—से अभिषेक कर आरती की शुरुआत हुई। भस्म आरती के दौरान प्रथम घंटा बजाकर भगवान को हरि ओम जल अर्पित किया गया। इसके पश्चात कपूर आरती संपन्न हुई और भगवान महाकाल के मस्तक पर भांग, चंदन एवं त्रिपुंड अर्पित कर भव्य श्रृंगार प्रारंभ किया गया। श्रृंगार पूरा होने के बाद ज्योतिर्लिंग को वस्त्र से आच्छादित कर विधिवत भस्म रमाई गई। इसके बाद भगवान महाकाल का राजसी स्वरूप में अलंकरण किया गया, जिसमें भांग, ड्रायफ्रूट, चंदन, आभूषण और विभिन्न प्रकार के पुष्पों का उपयोग किया गया। विशेष रूप से रजत शेषनाग मुकुट, रजत मुंडमाल, रुद्राक्ष माला और सुगंधित पुष्पों की मालाएं भगवान को अर्पित की गईं। मोगरा और गुलाब के पुष्पों से सुसज्जित स्वरूप ने मंदिर में उपस्थित श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया। आरती के दौरान भगवान महाकाल को फल और मिष्ठान का भोग भी लगाया गया। भस्म आरती में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए और बाबा महाकाल के दिव्य स्वरूप के दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त किया। महा निर्वाणी अखाड़े की ओर से भस्म अर्पण की परंपरा का निर्वहन किया गया। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, भस्म अर्पित होने के बाद भगवान महाकाल निराकार से साकार रूप में भक्तों को दर्शन देते हैं। यही कारण है कि भस्म आरती को महाकाल मंदिर की सबसे विशेष और अलौकिक आरती माना जाता है, जिसमें देश-विदेश से श्रद्धालु शामिल होने पहुंचते हैं।

MP INDUSTRIAL HUB: CM मोहन यादव के विजन से मध्यप्रदेश बना इंडस्ट्रियल हब, 48 नए औद्योगिक पार्क बनाने पर फोकस

CM MOHAN YADAV

HIGHLIGHTS:  निवेश का नया केंद्र बन रहा मध्यप्रदेश 48 औद्योगिक पार्कों से बदलेगी मध्यप्रदेश की तस्वीर PM MITRA पार्क समेत बड़े प्रोजेक्ट्स से बढ़ेगा रोजगार उद्योगों के लिए तैयार हो रहा मध्यप्रदेश का नया मॉडल औद्योगिक विकास की राह पर तेज दौड़ता मध्यप्रदेश   MP INDUSTRIAL HUB: भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश में औद्योगिक विकास को नई गति मिल रही है। प्रदेश में बड़े निवेश आकर्षित करने और रोजगार के अवसर बढ़ाने के लिए 19,300 एकड़ भूमि पर 48 औद्योगिक पार्क विकसित किए जा रहे हैं। सरकार का मन्ना है कि आने वाले समय में यह पार्क निवेशकों के लिए बड़े केंद्र बनेंगे।इसका सबसे बड़ा उद्देश्य मध्यप्रदेश को देश के प्रमुख औद्योगिक राज्यों में शामिल करना है। विदिशा में जनता परेशान, सरकारी दफ्तरों में चल रहे एसी और पंखे बिना कामकाज धार में बन रहा PM MITRA पार्क इस कड़ी में मध्यप्रदेश के धार जिले में पीएम मित्रा टेक्सटाइल पार्क बनाया जा रहा है जिसे सबसे अहम मन जा रहा है। यह पार्क वस्त्र उद्योग को बढ़ावा देने के लिए बनाया जा रहा है। इससे टेक्सटाइल क्षेत्र में नए निवेश आने की उम्मीद है। साथ ही स्थानीय लोगों को रोजगार मिलने और आसपास के क्षेत्रों में आर्थिक गतिविधियां बढ़ने की संभावना भी जताई जा रही है। आंधी-बारिश के असर से विदिशा का मौसम सुहाना, तापमान में आई गिरावट उज्जैन में डिवाइस और मुरैना में लेदर फुटवियर पार्क उज्जैन में मेडिकल डिवाइस पार्क और मुरैना में मेगा लेदर फुटवियर क्लस्टर विकसित किया जा रहा है। मेडिकल डिवाइस पार्क से स्वास्थ्य उपकरण निर्माण को बढ़ावा मिलेगा, जबकि फुटवियर क्लस्टर जूता उद्योग के विकास में मदद करेगा। इन परियोजनाओं से स्थानीय स्तर पर रोजगार और कारोबार दोनों बढ़ सकते हैं। सतना–मैहर में 12 लाख क्विंटल गेहूं खुले में, बारिश से खतरे की आशंका बढ़ी ऊर्जा क्षेत्र पर भी फोकस नर्मदापुरम में नवीकरणीय ऊर्जा उपकरण क्षेत्र विकसित किया जा रहा है। इसका उद्देश्य स्वच्छ ऊर्जा से जुड़े उद्योगों को बढ़ावा देना है। विशेषज्ञों का मानना है कि इन सभी परियोजनाओं के पूरा होने के बाद मध्यप्रदेश निवेश और उद्योग के क्षेत्र में देश के प्रमुख राज्यों में शामिल हो सकता है।

उज्जैन में माहौल बिगाड़ने की कोशिश? घर के गेट पर मिला मांस, CCTV खंगाल रही पुलिस

उज्जैन। उज्जैन के आगर रोड स्थित गांधी नगर क्षेत्र में गुरुवार को उस समय हड़कंप मच गया जब एक घर के बाहर मांस का टुकड़ा मिलने की घटना सामने आई। इस घटना के बाद पूरे इलाके में तनाव का माहौल बन गया और बड़ी संख्या में स्थानीय लोग मौके पर एकत्र हो गए। जानकारी के अनुसार, गांधी नगर निवासी स्नेहलता गुप्ता सुबह घर की साफ-सफाई करने के बाद कुछ देर के लिए अंदर गई थीं। जब वे वापस बाहर आईं तो उन्होंने देखा कि घर के मुख्य गेट के पास मांस का टुकड़ा रखा हुआ है। इस पर उन्होंने तुरंत आसपास के लोगों को इसकी जानकारी दी, जिसके बाद इलाके में भीड़ जमा हो गई और स्थिति तनावपूर्ण हो गई। स्थानीय लोगों ने इसे संदिग्ध और आपत्तिजनक घटना बताते हुए आरोप लगाया कि किसी ने जानबूझकर माहौल खराब करने की कोशिश की है। कुछ लोगों ने इसे बकरीद या ईद के मौके पर शरारती तत्वों की हरकत करार देते हुए कड़ी कार्रवाई की मांग की। घटना की सूचना मिलते ही चिमनगंज थाना पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया। पुलिस ने आसपास के लोगों से पूछताछ की और पूरे क्षेत्र में लगे सीसीटीवी कैमरों की जांच शुरू कर दी है ताकि यह पता लगाया जा सके कि मांस का टुकड़ा वहां किसने और किस उद्देश्य से रखा। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की हर एंगल से जांच की जा रही है और अभी किसी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी। सीसीटीवी फुटेज और स्थानीय इनपुट के आधार पर जल्द ही सच्चाई सामने लाई जाएगी। घटना के बाद इलाके में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल भी तैनात किया गया है। प्रशासन ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और शांति बनाए रखने की अपील की है। वहीं स्थानीय जनप्रतिनिधि भी मौके पर पहुंचे और लोगों से बातचीत कर उन्हें शांत कराया। उन्होंने प्रशासन से मांग की कि इस घटना की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाए। फिलहाल पुलिस पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच में जुटी हुई है और इलाके में सतर्कता बढ़ा दी गई है ताकि किसी भी तरह की अप्रिय स्थिति से बचा जा सके।

उज्जैन में बातचीत के दौरान खूनी विवाद: युवक की चाकू मारकर हत्या, CCTV में कैद वारदात

उज्जैन । उज्जैन के महाकाल थाना क्षेत्र अंतर्गत नलिया बाखल इलाके में बुधवार-गुरुवार की दरमियानी रात एक दिल दहला देने वाली वारदात ने पूरे इलाके को दहशत में डाल दिया। यहां बातचीत के दौरान हुए मामूली विवाद ने इतना उग्र रूप ले लिया कि एक युवक की चाकू मारकर हत्या कर दी गई। मृतक की पहचान मोहित के रूप में हुई है। घटना रात करीब 11 बजे से 12 बजे के बीच की बताई जा रही है, जब कुछ युवक इलाके में आपस में बातचीत कर रहे थे। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, इसी दौरान एक अन्य युवक वहां पहुंचा और अचानक एक युवक को थप्पड़ मार दिया। इसी बात को लेकर दोनों पक्षों में कहासुनी शुरू हो गई और देखते ही देखते विवाद मारपीट में बदल गया। स्थिति इतनी तेजी से बिगड़ी कि आसपास मौजूद लोग कुछ समझ पाते, उससे पहले ही एक युवक ने चाकू निकालकर हमला कर दिया। इस हमले में मोहित गंभीर रूप से घायल हो गया। घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई और घायल मोहित को उसके दोस्त तत्काल चरक अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। घटना के बाद पूरे इलाके में तनाव का माहौल बन गया। मोहित की मौत की खबर जैसे ही परिजनों तक पहुंची, वे गुस्से से भर उठे और बड़ी संख्या में लोग थाने पहुंच गए। स्थानीय लोगों ने आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी की मांग करते हुए कड़ी कार्रवाई की मांग की। इस पूरी घटना का सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है, जिसमें कई युवक आपस में झगड़ते और हाथापाई करते नजर आ रहे हैं। फुटेज के आधार पर पुलिस जांच को और तेज कर दिया गया है। महाकाल थाना पुलिस ने मामले में हत्या का प्रकरण दर्ज कर लिया है। शुरुआती जांच में प्रशांत और चीनू सहित कुछ अन्य युवकों के नाम सामने आए हैं। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज जब्त कर ली है और आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए अलग-अलग स्थानों पर दबिश दी जा रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर मामले का पूरा खुलासा किया जाएगा। फिलहाल पूरे क्षेत्र में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया गया है ताकि किसी भी तरह की अप्रिय स्थिति से बचा जा सके। यह घटना एक बार फिर शहर में बढ़ते आपसी विवादों और हिंसा की गंभीरता को उजागर करती है, जहां एक छोटा-सा विवाद भी जानलेवा साबित हो रहा है।

CM DISTRIBUTED E-CYCLE: लाड़ली बहनों को फ्री ई-साइकिल! CM मोहन यादव ने दी बड़ी सौगात

E Cycle Distribution

HIGHLIGHTS:  उज्जैन में आशा, ANM और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को मिली ई-साइकिल CM मोहन यादव बोले- पेट्रोल-डीजल के दौर में उपयोगी विकल्प CSR फंड के जरिए वितरित की गईं इलेक्ट्रिक साइकिलें PM मोदी के 12 साल पूरे होने पर CM ने गिनाईं उपलब्धियां महिलाओं की आत्मनिर्भरता और सुविधा पर सरकार का जोर   CM DISTRIBUTED E-CYCLE: मध्यप्रदेश। उज्जैन में मंगलवार को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने आशा कार्यकर्ताओं, एएनएम और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को इलेक्ट्रिक साइकिल वितरित की। यह ई-साइकिल कॉर्पोरेट सामाजिक दायित्व निधि के तहत उपलब्ध कराई गई है। बता दें कि कार्यक्रम में अलग-अलग जिलों और विधानसभा क्षेत्रों से आई महिलाओं को ई-साइकिल दी गई। इस दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि इससे बहनों को अपने रोज के कार्यों को करने आसानी होगी। भीषण गर्मी की चपेट में उत्तर भारत, बांदा बना देश का सबसे गर्म शहर, कई राज्यों में हीटवेव का अलर्ट बढ़ती महंगाई में ई-साइकिल होंगी मददगार मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि आज के दौर में पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों के बीच ई-साइकिल एक बेहतर और उपयोगी विकल्प बनकर सामने आई है। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं और ग्रामीण क्षेत्रों में काम करने वाली बहनों को अक्सर काम के सिलसिले में लंबी दूरी तय करनी पड़ती है। ऐसे में यह पहल उनके लिए काफी मददगार साबित होगी। केंद्र सरकार के 12 साल पुरे होने की खुशी कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने केंद्र सरकार के 12 साल पूरे होने का भी जिक्र किया। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि देश ने विकास और सुशासन के नए आयाम स्थापित किए हैं। साथ ही मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने भारत को वैश्विक स्तर पर नई पहचान दिलाई है और आने वाले समय में भी उनका नेतृत्व देश को और मजबूती देगा। MP: भोपाल में IPS अधिकारी की नाबालिग बेटी की लगाई फांसी…. जांच में जुटी पुलिस महिलाओं को दी शुभकामनाएं मुख्यमंत्री ने सभी लाभार्थी महिलाओं को बधाई देते हुए कहा कि यह ई-साइकिल केवल सुविधा का साधन नहीं, बल्कि आत्मनिर्भरता की दिशा में एक बड़ा कदम है। उन्होंने कहा कि महिलाएं समाज और स्वास्थ्य सेवाओं की मजबूत कड़ी हैं और सरकार उन्हें आत्मनिर्भर बनाने का लगातार प्रयास कर रही है।   माननीय मुख्यमंत्री @DrMohanYadav51 जी ने आज उज्जैन में एएनएम, आशा और आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को निःशुल्क ई-साइकिल वितरित की। pic.twitter.com/9kjKmXvYcg — Office of Dr. Mohan Yadav (@drmohanoffice51) May 26, 2026