CM DISTRIBUTED E-CYCLE: लाड़ली बहनों को फ्री ई-साइकिल! CM मोहन यादव ने दी बड़ी सौगात

HIGHLIGHTS: उज्जैन में आशा, ANM और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को मिली ई-साइकिल CM मोहन यादव बोले- पेट्रोल-डीजल के दौर में उपयोगी विकल्प CSR फंड के जरिए वितरित की गईं इलेक्ट्रिक साइकिलें PM मोदी के 12 साल पूरे होने पर CM ने गिनाईं उपलब्धियां महिलाओं की आत्मनिर्भरता और सुविधा पर सरकार का जोर CM DISTRIBUTED E-CYCLE: मध्यप्रदेश। उज्जैन में मंगलवार को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने आशा कार्यकर्ताओं, एएनएम और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को इलेक्ट्रिक साइकिल वितरित की। यह ई-साइकिल कॉर्पोरेट सामाजिक दायित्व निधि के तहत उपलब्ध कराई गई है। बता दें कि कार्यक्रम में अलग-अलग जिलों और विधानसभा क्षेत्रों से आई महिलाओं को ई-साइकिल दी गई। इस दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि इससे बहनों को अपने रोज के कार्यों को करने आसानी होगी। भीषण गर्मी की चपेट में उत्तर भारत, बांदा बना देश का सबसे गर्म शहर, कई राज्यों में हीटवेव का अलर्ट बढ़ती महंगाई में ई-साइकिल होंगी मददगार मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि आज के दौर में पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों के बीच ई-साइकिल एक बेहतर और उपयोगी विकल्प बनकर सामने आई है। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं और ग्रामीण क्षेत्रों में काम करने वाली बहनों को अक्सर काम के सिलसिले में लंबी दूरी तय करनी पड़ती है। ऐसे में यह पहल उनके लिए काफी मददगार साबित होगी। केंद्र सरकार के 12 साल पुरे होने की खुशी कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने केंद्र सरकार के 12 साल पूरे होने का भी जिक्र किया। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि देश ने विकास और सुशासन के नए आयाम स्थापित किए हैं। साथ ही मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने भारत को वैश्विक स्तर पर नई पहचान दिलाई है और आने वाले समय में भी उनका नेतृत्व देश को और मजबूती देगा। MP: भोपाल में IPS अधिकारी की नाबालिग बेटी की लगाई फांसी…. जांच में जुटी पुलिस महिलाओं को दी शुभकामनाएं मुख्यमंत्री ने सभी लाभार्थी महिलाओं को बधाई देते हुए कहा कि यह ई-साइकिल केवल सुविधा का साधन नहीं, बल्कि आत्मनिर्भरता की दिशा में एक बड़ा कदम है। उन्होंने कहा कि महिलाएं समाज और स्वास्थ्य सेवाओं की मजबूत कड़ी हैं और सरकार उन्हें आत्मनिर्भर बनाने का लगातार प्रयास कर रही है। माननीय मुख्यमंत्री @DrMohanYadav51 जी ने आज उज्जैन में एएनएम, आशा और आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को निःशुल्क ई-साइकिल वितरित की। pic.twitter.com/9kjKmXvYcg — Office of Dr. Mohan Yadav (@drmohanoffice51) May 26, 2026
Ganga Dussehra 2026: शिप्रा के शुद्ध जल से होगा सिंहस्थ स्नान, उज्जैन में CM मोहन यादव का बड़ा ऐलान

HIGHLIGHTS: CM मोहन यादव बोले- शुद्ध शिप्रा जल से होगा सिंहस्थ स्नान पहले नर्मदा-शिप्रा लिंक से लाया जाता था पानी रामघाट पर मां शिप्रा को 351 फीट लंबी चुनरी अर्पित मैथिली ठाकुर की भजन संध्या बनी आकर्षण का केंद्र विक्रमोत्सव 2026 के लिए CM को गोल्ड और सिल्वर अवॉर्ड मिला Ganga Dussehra 2026: मध्यप्रदेश। उज्जैन में गंगा दशहरा के अवसर पर मां शिप्रा तीर्थ परिक्रमा यात्रा का भव्य समापन हुआ। इस दौरान मुख्यमंत्री मोहन यादव ने मां शिप्रा को 351 फीट लंबी चुनरी अर्पित कर पूजा-अर्चना की। बता दें कि कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि सिंहस्थ 2028 में श्रद्धालुओं को शिप्रा के शुद्ध जल से स्नान कराया जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार जल संरक्षण और घाटों के विकास पर करीब 10 हजार करोड़ रुपए खर्च कर रही है। साथ ही शिप्रा नदी के दोनों किनारों पर 30 किलोमीटर लंबे घाटों का निर्माण भी कराया जा रहा है। पहले लाया जाता था नर्मदा का पानी दरअसल, पिछले सिंहस्थ और बड़े धार्मिक आयोजनों के दौरान शिप्रा नदी में पानी की कमी होने पर नर्मदा नदी का पानी पाइपलाइन के जरिए उज्जैन लाया गया था। यह काम नर्मदा-शिप्रा लिंक परियोजना के तहत किया गया था, ताकि घाटों पर जलस्तर बना रहे और श्रद्धालुओं को स्नान में परेशानी न हो। हालांकि उस समय विपक्ष और कई संतों ने सवाल उठाए थे कि सिंहस्थ में स्नान प्राकृतिक शिप्रा जल से ही होना चाहिए न कि दूसरी नदी के पानी से। ऐसे में CM मोहन यादव का यह बयान अहम माना जा रहा है। बकरीद का अवकाश 27 या 28 मई को…. जानिए किस दिन रहेगी बैंक की छुट्टी? रामघाट पर मैथिली ठाकुर के भजनों ने बांधा समां गंगा दशहरा के मौके पर रामघाट पर श्रद्धालुओं भरी भीड़ देखने को मिली। लोगों ने दीपदान कर मां शिप्रा के प्रति अपनी आस्था प्रकट की। साथ ही कार्यक्रम में भारतीय नौसेना ने बैंड की प्रस्तुति भी की। वहीं भाजपा विधायक और लोक गायिका मैथिलि ठाकुर की भजन संध्या ने पूरे माहौल को भक्तिमय बना दिया। उनके साथ कई लोक कलाकारों ने भी प्रस्तुतियां दीं जिससे आयोजन में सांस्कृतिक रंग देखने को मिले। CM को मिला राष्ट्रीय सम्मान मां शिप्रा तीर्थ परिक्रमा यात्रा सोमवार से शुरू हुई थी, जिसमें हजारों श्रद्धालु शामिल हुए। यात्रा रामघाट से शुरू होकर कालभैरव, मंगलनाथ, सांदीपनि आश्रम और भर्तृहरि गुफा जैसे धार्मिक स्थलों से होकर निकली गयी। इसी दौरान विक्रमोत्सव 2026 के सफल आयोजन के लिए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को कल्चरल लाइव इवेंट ऑफ द ईयर से गोल्ड अवॉर्ड और बेस्ट गवर्नमेंट इंटीग्रेशन फॉर ए लाइव इवेंट से सिल्वर अवॉर्ड के साथ सम्मानित किया गया।
महाकाल की नगरी उज्जैन में भक्ति का उत्सव: लगातार 16 घंटे नृत्यांजलि, श्रद्धालुओं की उमड़ी भीड़

उज्जैन। उज्जैन स्थित विश्व प्रसिद्ध महाकालेश्वर मंदिर में गंगा दशहरा के अवसर पर भक्ति और कला का अनोखा संगम देखने को मिल रहा है। मंगलवार सुबह 6:30 बजे से यहां अखंड नृत्य आराधना का आयोजन शुरू हुआ, जो लगातार 16 घंटे तक बिना रुके चलेगा और भगवान महाकाल की शयन आरती तक भक्तिमय प्रस्तुतियों का सिलसिला जारी रहेगा। इस विशेष आयोजन में विभिन्न आयु वर्ग के कलाकार भाग ले रहे हैं। सबसे खास बात यह है कि 4 वर्ष की छोटी बच्चियों से लेकर 40 वर्ष तक की महिला कलाकार इस नृत्यांजलि में अपनी प्रस्तुतियां दे रही हैं। सभी कलाकार भगवान शिव, गणेश वंदना, माता की आराधना, भजन और लोकगीतों पर आधारित नृत्य प्रस्तुत कर रहे हैं, जिससे पूरा मंदिर परिसर आध्यात्मिक ऊर्जा से भर गया है। कार्यक्रम में 50 से अधिक कलाकारों की भागीदारी है। प्रत्येक समूह को 15 से 20 मिनट का समय निर्धारित किया गया है, ताकि लगातार चलने वाली इस नृत्य आराधना में भक्ति की धारा निर्बाध रूप से बहती रहे। इसके साथ ही विद्यार्थियों द्वारा किया जा रहा तबला वादन भी कार्यक्रम का विशेष आकर्षण बना हुआ है। महाकालेश्वर मंदिर में आयोजित यह नृत्य आराधना केवल एक सांस्कृतिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि भक्ति और परंपरा का जीवंत रूप है। मंदिर परिसर में गूंजते भजनों और नृत्य की लय ने श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया है। दूर-दूर से आए भक्त इस अद्भुत दृश्य को देखकर भावविभोर हो रहे हैं। इस आयोजन की सबसे बड़ी विशेषता इसकी निरंतरता और अनुशासन है, जिसमें कलाकार बिना किसी विराम के अपनी प्रस्तुतियां दे रहे हैं। पूरा वातावरण शिव भक्ति में डूबा हुआ नजर आ रहा है। यह परंपरा रसराज प्रभात नृत्य संस्थान द्वारा पिछले 38 वर्षों से लगातार निभाई जा रही है। संस्थान द्वारा इस आयोजन की तैयारी लगभग एक महीने पहले से शुरू कर दी जाती है। कलाकारों ने शहर के विभिन्न स्थानों पर अभ्यास कर इस भव्य प्रस्तुति के लिए खुद को तैयार किया है। कार्यक्रम में संस्थापक राज कुमुद ठोलिया सहित कई गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे। मुख्य अतिथि अर्पण भारद्वाज और गोविंद गंधे ने भी आयोजन की सराहना की। वहीं विशिष्ट अतिथि के रूप में संजय मिश्रा, पंडित विशाल शुक्ला और भारती सिंह राजपूत की उपस्थिति ने कार्यक्रम की गरिमा को और बढ़ा दिया। महाकाल मंदिर का यह आयोजन न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक है, बल्कि भारतीय संस्कृति, नृत्य और संगीत की समृद्ध परंपरा को भी जीवंत रूप में प्रस्तुत करता है।
मंदिर पहुंची लेकिन दर्शन न कर सकी: उज्जैन में बुजुर्ग महिला की दर्दनाक मौत

मध्यप्रदेश। उज्जैन स्थित विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर परिसर के बाहर शनिवार को एक अत्यंत भावुक कर देने वाली घटना सामने आई, जहां नासिक से आई 50 वर्षीय बुजुर्ग महिला की दर्शन की अंतिम इच्छा अधूरी रह गई और उनकी मौके पर ही मौत हो गई। जानकारी के अनुसार, महिला सीमा अपने पति भेरू के साथ लंबे समय से बीमार चल रही थीं और अपनी अंतिम इच्छा के रूप में महाकालेश्वर भगवान के दर्शन करने उज्जैन पहुंची थीं। पति स्वयं भी अस्वस्थ थे, लेकिन इसके बावजूद वे पत्नी को ट्राइसाइकिल के सहारे मंदिर तक लेकर पहुंचे। दोनों पति-पत्नी किसी तरह संघर्ष करते हुए मंदिर के गेट तक पहुंचे, लेकिन जैसे ही वे प्रवेश द्वार के पास पहुंचे, महिला की तबीयत अचानक बिगड़ गई। कुछ ही क्षणों में उनकी हालत गंभीर हो गई और उन्होंने वहीं दम तोड़ दिया। घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। सूचना मिलने पर समाजसेवी अनिल डागर तत्काल वहां पहुंचे और उन्होंने पीड़ित परिवार की मदद करते हुए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं संभालीं। परिवार की स्थिति को देखते हुए अंतिम संस्कार की प्रक्रिया भी समाजसेवी की मदद से हिंदू रीति-रिवाजों के अनुसार पूरी कराई गई। इस घटना ने वहां मौजूद लोगों को भावुक कर दिया और हर किसी की आंखें नम हो गईं। महाकाल मंदिर परिसर के बाहर घटी यह घटना श्रद्धा, आस्था और जीवन की नश्वरता का गहरा संदेश छोड़ गई।
उज्जैन में धार्मिक आयोजन की तैयारी तेज: शिप्रा परिक्रमा को लेकर अहम बैठक

मध्यप्रदेश । मध्य प्रदेश के Ujjain में हर वर्ष आयोजित होने वाली शिप्रा तीर्थ परिक्रमा इस बार भी भव्य रूप में शुरू होने जा रही है। 25 मई को सुबह 9 बजे रामघाट से मां क्षिप्रा और धर्म ध्वजा के पूजन के साथ यात्रा का शुभारंभ होगा। इस धार्मिक आयोजन को लेकर व्यापक तैयारियां की जा रही हैं, जिसमें हजारों श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना है। सीएम मोहन यादव होंगे शामिलइस वर्ष परिक्रमा के समापन अवसर पर मुख्यमंत्री Mohan Yadav स्वयं कार्यक्रम में शामिल होंगे। वे 26 मई को गंगा दशहरा के अवसर पर रामघाट पर मां क्षिप्रा को चुनरी अर्पित करेंगे और धार्मिक अनुष्ठानों में भाग लेंगे। भाजपा नगर मंडल की बैठकों में यात्रा की तैयारियों और व्यवस्थाओं को लेकर महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए हैं ताकि आयोजन को भव्य और सुव्यवस्थित बनाया जा सके। रामघाट से शुरू होकर शहर के मार्गों से गुजरेगी यात्रापरिक्रमा की शुरुआत रामघाट से होगी, जिसके बाद यह नृसिंह घाट, लालपुल और त्रिवेणी होते हुए शहर के विभिन्न मार्गों से गुजरते हुए वापस रामघाट पहुंचेगी। 26 मई को गंगा दशहरा के दिन यात्रा का समापन होगा, जहां विशेष पूजा-अर्चना और धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। 23 वर्षों पुरानी परंपरायह परिक्रमा मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा 23 वर्ष पहले मां शिप्रा के संरक्षण और धार्मिक आस्था को बढ़ावा देने के उद्देश्य से शुरू की गई थी। तब से यह परंपरा लगातार जारी है और हर साल बड़ी संख्या में श्रद्धालु इसमें शामिल होते हैं। भव्य आयोजन की तैयारियां तेजइस वर्ष आयोजन को सफल और भव्य बनाने के लिए भाजपा कार्यकर्ताओं को अलग-अलग जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। श्रद्धालुओं की सुविधा, सुरक्षा और सेवा के लिए विशेष व्यवस्थाएं की जा रही हैं। शिप्रा तीर्थ परिक्रमा 2026 न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक है, बल्कि यह उज्जैन की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक पहचान को भी मजबूत करती है। मुख्यमंत्री की मौजूदगी इस आयोजन को और अधिक भव्य और महत्वपूर्ण बना देगी।
सिंहस्थ 2028 से पहले बड़ी तैयारी: गढ़कालिका मंदिर में बढ़ेंगी श्रद्धालु सुविधाएं

नई दिल्ली । धार्मिक नगरी उज्जैन में स्थित ऐतिहासिक गढ़कालिका मंदिर के विकास और सौंदर्यीकरण के लिए 15.50 करोड़ रुपए की विस्तृत परियोजना तैयार की गई है। इस योजना का उद्देश्य सिंहस्थ 2028 से पहले मंदिर परिसर को आधुनिक सुविधाओं से लैस करना और बढ़ती श्रद्धालु भीड़ को बेहतर तरीके से संभालना है। उज्जैन स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत इस कार्य के लिए निविदा प्रक्रिया शुरू कर दी गई है और जल्द ही चयनित एजेंसी को काम सौंपा जाएगा। गढ़कालिका मंदिर को उज्जैन की उत्तरी सीमा का रक्षक और एक प्रमुख शक्तिपीठ माना जाता है। यहां प्रतिदिन हजारों श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं। नई परियोजना के तहत मंदिर परिसर की क्षमता को मौजूदा 3 से 5 हजार श्रद्धालुओं से बढ़ाकर 10 से 12 हजार श्रद्धालुओं तक किया जाएगा। वहीं सिंहस्थ 2028 के दौरान लगभग 50 हजार लोगों की भीड़ को संभालने की व्यवस्था की जाएगी। आधुनिक सुविधाओं से सजेगा मंदिर परिसरपरियोजना के अंतर्गत मंदिर के शिखर और संरचना की मजबूती पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। पुराने चूना प्लास्टर का नवीनीकरण किया जाएगा और मंदिर के अग्रभाग को आकर्षक स्वरूप दिया जाएगा। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए छायादार प्रतीक्षालय, पेयजल व्यवस्था, स्वच्छ शौचालय और आधुनिक कतार प्रबंधन प्रणाली विकसित की जाएगी। प्रवेश-निकास और पार्किंग व्यवस्था में सुधारमंदिर परिसर में भीड़ नियंत्रण के लिए अलग-अलग प्रवेश और निकास द्वार बनाए जाएंगे, जिससे दर्शन व्यवस्था अधिक सुचारु हो सके। इसके साथ ही लगभग 50 वाहनों की पार्किंग सुविधा विकसित की जाएगी। दिव्यांगजनों के लिए रैंप और विशेष पत्थर मार्ग भी बनाए जाएंगे ताकि सभी श्रद्धालुओं को आसानी से दर्शन का लाभ मिल सके। रोशनी और सौंदर्यीकरण पर भी जोरमंदिर परिसर को रात के समय आकर्षक बनाने के लिए “वॉर्म एम्बर” थीम आधारित लाइटिंग की जाएगी, जिससे गढ़कालिका मंदिर की धार्मिक और सांस्कृतिक भव्यता और अधिक निखरेगी। एक साल में पूरा होगा प्रोजेक्टउज्जैन कलेक्टर रौशन कुमार सिंह के अनुसार, चयनित एजेंसी को एक वर्ष के भीतर परियोजना पूरा करने का लक्ष्य दिया जाएगा। अधिकारियों का मानना है कि इस विकास कार्य के बाद गढ़कालिका मंदिर न केवल धार्मिक आस्था का बड़ा केंद्र बनेगा, बल्कि उज्जैन के पर्यटन और स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी नई गति मिलेगी। `
महाकाल भस्म आरती के नाम पर 42 हजार की ठगी: गूगल से नंबर लेकर संपर्क किया, सागर के युवक पर केस दर्ज

उज्जैन। उज्जैन के विश्व प्रसिद्ध महाकालेश्वर मंदिर में दर्शन और भस्म आरती के नाम पर श्रद्धालुओं से ठगी के मामले लगातार बढ़ते जा रहे हैं। ताजा मामले में गुजरात से आई दो महिलाओं से विशेष दर्शन और नंदी हॉल में बैठाकर भस्म आरती कराने का झांसा देकर 42 हजार रुपए ठग लिए गए। महाकाल थाना पुलिस ने शिकायत के आधार पर एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। गूगल सर्च से मिला नंबर, खुद को बताया मंदिर से जुड़ा व्यक्तिगुजरात निवासी वीणा धनेरिया ने पुलिस को बताया कि वह अपनी मित्र अल्पना पटेल के साथ 15 मई को बाबा महाकाल की भस्म आरती में शामिल होने उज्जैन आई थीं। आरती बुकिंग के लिए उन्होंने इंटरनेट पर सर्च किया, जहां उन्हें पंडित दीपक मिश्रा नाम से एक मोबाइल नंबर मिला। महिलाओं का आरोप है कि फोन पर बात करने वाले व्यक्ति ने खुद को मंदिर से जुड़ा बताया और नंदी हॉल में बैठाकर विशेष दर्शन कराने का भरोसा दिया। इसके बाद आरोपी ने अलग-अलग किश्तों में ऑनलाइन कुल 42 हजार रुपए ट्रांसफर करवा लिए। पैसे लेने के बाद करता रहा बहानेमहिलाओं के मुताबिक आरोपी लगातार बुकिंग कन्फर्म होने की बात कहता रहा। बाद में 16 मई की शाम उसने फोन कर बताया कि बुकिंग नहीं हो पाई है और वह रकम वापस कर देगा। संदेह होने पर जब दोनों महिलाएं मंदिर के आधिकारिक काउंटर पहुंचीं, तब उन्हें पता चला कि इस तरह की कोई प्रक्रिया नहीं होती और मंदिर में इस नाम का कोई अधिकृत पुजारी भी नहीं है। इसके बाद उन्होंने महाकाल थाने पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई। आरोपी सागर का निवासी, पुलिस तलाश में जुटीमहाकाल थाना प्रभारी गगन बादल ने बताया कि मामले में एफआईआर दर्ज कर ली गई है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपी सागर जिले का रहने वाला है और उज्जैन के विभिन्न मंदिरों में पूजन-पाठ का काम करता है। पुलिस उसकी तलाश कर रही है और जल्द गिरफ्तारी की बात कही जा रही है। पहले भी सामने आ चुके हैं ऐसे मामलेइससे पहले 13 मई को महाराष्ट्र के पुणे निवासी मानव गायकवाड़ ने भी ठगी की शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने आरोप लगाया था कि आशुतोष शर्मा नामक व्यक्ति ने नंदी हॉल में दर्शन कराने के नाम पर उनसे और उनके दोस्तों से 5 हजार रुपए ले लिए थे, लेकिन दर्शन नहीं कराए। श्रद्धालुओं के लिए मंदिर प्रशासन की अपीलश्री महाकालेश्वर मंदिर प्रबंध समिति ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि भस्म आरती और विशेष दर्शन की बुकिंग केवल आधिकारिक माध्यम से ही करें। भस्म आरती की बुकिंग केवल अधिकृत वेबसाइट से करें तत्काल बुकिंग एक दिन पहले सुबह 8 बजे उपलब्ध होती है भस्म आरती शुल्क 200 रुपए प्रति व्यक्ति निर्धारित है सामान्य दर्शन सुबह 6 बजे से रात 9 बजे तक निशुल्क हैं प्रोटोकॉल दर्शन के लिए अधिकृत काउंटर से टिकट लें सोशल मीडिया, गूगल नंबर या अनजान व्यक्तियों पर भरोसा न करें मंदिर प्रशासन ने श्रद्धालुओं को साइबर ठगी से सावधान रहने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत पुलिस या मंदिर प्रशासन को सूचना देने की सलाह दी है।
आरती के दौरान विवाद बढ़ा, किन्नर अखाड़े की महामंडलेश्वर ने उठाया कदम

उज्जैन। मध्य प्रदेश के उज्जैन स्थित प्रसिद्ध गढ़कालिका मंदिर में रविवार दोपहर आरती के दौरान अचानक ऐसा विवाद खड़ा हो गया जिसने पूरे परिसर का माहौल तनावपूर्ण कर दिया। किन्नर अखाड़े की तेलंगाना शाखा की महामंडलेश्वर साध्वी काली नंद गिरी और मंदिर के पुजारियों व सुरक्षा कर्मियों के बीच हुए विवाद ने गंभीर रूप ले लिया। जानकारी के अनुसार, साध्वी काली नंद गिरी दोपहर 12 बजे की आरती में शामिल होने मंदिर पहुंची थीं। आरती के दौरान भीड़ अधिक होने के कारण उन्हें किनारे हटने के लिए कहा गया, ताकि अन्य श्रद्धालुओं को दर्शन में सुविधा मिल सके। इसी बात को लेकर साध्वी आक्रोशित हो गईं और मामला धीरे-धीरे विवाद में बदल गया। प्रत्यक्षदर्शियों और प्रशासनिक जानकारी के अनुसार, विवाद बढ़ने के बाद साध्वी ने विरोध स्वरूप अपनी कार से पेट्रोल लाकर खुद पर डाल लिया और आत्मदाह का प्रयास किया। यह देखकर मंदिर परिसर में मौजूद लोगों में हड़कंप मच गया। हालांकि, मौके पर मौजूद लोगों और सुरक्षाकर्मियों ने तुरंत स्थिति को नियंत्रित कर लिया और एक बड़ा हादसा टल गया। घटना के बाद मंदिर परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। सुरक्षा कारणों से एक गेट को श्रद्धालुओं के लिए बंद कर दिया गया, जबकि दूसरे गेट से दर्शन व्यवस्था जारी रखी गई। इसी दौरान पुलिस को सूचना दी गई और जीवाजीगंज थाना पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची। पुलिस ने स्थिति को संभालते हुए साध्वी को समझाइश दी और उन्हें थाने ले जाया गया। अधिकारियों ने बताया कि पूरे मामले की जांच की जा रही है और सभी पक्षों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं। मंदिर प्रशासन का कहना है कि आरती के दौरान भारी भीड़ थी और केवल व्यवस्था बनाए रखने के लिए साध्वी से थोड़ा किनारे होने का अनुरोध किया गया था। इसी साधारण व्यवस्था संबंधी बात को लेकर विवाद बढ़ गया। फिलहाल पुलिस पूरे घटनाक्रम की जांच में जुटी है और यह पता लगाया जा रहा है कि विवाद किन परिस्थितियों में इतना गंभीर हुआ। प्रशासन ने कहा है कि जांच के बाद आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
जेसीबी कार्रवाई से बड़ा हादसा, लाखों का सामान मलबे में दबा

उज्जैन । उज्जैन के योगीपुरा क्षेत्र में रामघाट जाने वाली गली में चल रहे सड़क चौड़ीकरण कार्य के दौरान शनिवार देर शाम एक बड़ा हादसा हो गया। जेसीबी से की जा रही कार्रवाई के बीच अचानक एक मकान भरभराकर गिर गया, जिससे वहां अफरा-तफरी मच गई और पूरा परिवार बेघर हो गया। गिरा हुआ मकान राजेंद्र राव सावदेकर का बताया जा रहा है, जो मकान क्रमांक-12 में रहते थे। मकान गिरने से घर में रखा टीवी, फ्रिज, कूलर, पंखे, गीजर, पानी की टंकी, किराना सामान और अन्य घरेलू वस्तुएं मलबे में दबकर पूरी तरह नष्ट हो गईं। घटना का वीडियो भी सामने आया है, जिसमें मकान ढहते और मलबा सड़क पर फैलते हुए दिखाई दे रहा है। हादसे के समय परिवार घर पर मौजूद नहीं था, क्योंकि खतरे को देखते हुए वे पहले ही रिश्तेदार के घर चले गए थे। हालांकि जब सुबह उन्हें घटना की जानकारी मिली तो वे मौके पर पहुंचे और अपने टूटे हुए घर को देखकर सदमे में आ गए। पीड़ित परिवार का आरोप है कि प्रशासन की ओर से न तो स्पष्ट सूचना दी गई और न ही सामान निकालने के लिए पर्याप्त समय दिया गया। उनका कहना है कि पहले चौड़ीकरण 7 फीट बताया गया था, लेकिन बाद में इसे बढ़ाकर 10 फीट कर दिया गया और इसी दौरान बिना किसी चेतावनी के मकान तोड़ दिया गया। स्थानीय लोगों में इस घटना के बाद डर का माहौल है। कई रहवासियों ने अपने घर खाली कर दिए हैं, क्योंकि आसपास के मकानों में दरारें और धंसने की स्थिति देखी जा रही है। लोगों का कहना है कि क्षेत्र में करीब 15 परिवार इस चौड़ीकरण कार्रवाई से प्रभावित हो रहे हैं। पीड़ित परिवार ने प्रशासन से लगभग 25 लाख रुपए के नुकसान का दावा करते हुए मुआवजे की मांग की है। वहीं पीड़ित की मां ने रोते हुए कहा कि उनका सब कुछ खत्म हो गया और अब वे सड़क पर आ गए हैं। परिवार ने मुख्यमंत्री से हस्तक्षेप कर न्याय और उचित मुआवजा दिलाने की अपील की है। दूसरी ओर भवन अधिकारी राजकुमार राठौर ने कहा है कि मामले की जांच की जा रही है और वरिष्ठ अधिकारियों से चर्चा कर समाधान निकाला जाएगा। साथ ही आसपास के मकानों को सुरक्षित रखने के लिए सुरक्षा दीवार बनाने का काम भी शुरू किया जा रहा है।
महाकाल की भस्म आरती में अद्भुत नजारा, शनिवार को उमड़ा श्रद्धालुओं का सैलाब

उज्जैन। विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर में शनिवार तड़के भस्म आरती के दौरान अलौकिक और दिव्य वातावरण देखने को मिला। सुबह चार बजे मंदिर के पट खुलते ही पंडे-पुजारियों ने गर्भगृह में विराजित सभी देवी-देवताओं का विधिवत पूजन किया और धार्मिक अनुष्ठानों की शुरुआत हुई। पंचामृत अभिषेक और वैदिक विधि से पूजनइसके बाद भगवान महाकाल का जलाभिषेक किया गया और दूध, दही, घी, शक्कर तथा फलों के रस से बने पंचामृत से विशेष अभिषेक संपन्न हुआ। प्रथम घंटाल बजाकर “हरि ओम” के उच्चारण के साथ आरती की शुरुआत हुई, जिससे पूरा मंदिर परिसर भक्तिमय हो उठा। रजत मुकुट और दिव्य श्रृंगार से सजा बाबा महाकाल का स्वरूभगवान महाकाल को रजत ॐ, बिल्वपत्र मुकुट, रुद्राक्ष माला, मुण्डमाल और सुगंधित पुष्पों से भव्य रूप से श्रृंगारित किया गया। मस्तक पर त्रिपुण्ड, त्रिशूल, डमरू और शेषनाग स्वरूप रजत मुकुट ने बाबा के स्वरूप को अत्यंत दिव्य बना दिया। श्रृंगार के बाद बाबा का अलौकिक रूप भक्तों को मंत्रमुग्ध करता रहा और पूरा वातावरण आध्यात्मिक ऊर्जा से भर गया। चिता भस्म अर्पण से संपन्न हुई भस्म आरतीआरती के अंतिम चरण में भगवान महाकाल को चिता भस्म अर्पित की गई। महा निर्वाणी अखाड़े की ओर से यह भस्म अर्पित की गई। मान्यता है कि भस्म अर्पण के बाद भगवान महाकाल निराकार से साकार रूप में भक्तों को दर्शन देते हैं। इसके साथ ही कपूर आरती के बाद भस्म आरती विधिवत संपन्न हुई। श्रद्धालुओं की भारी भीड़, गूंजे जयकारेभस्म आरती के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंदिर में मौजूद रहे और बाबा महाकाल के दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त किया। पूरे परिसर में “जय श्री महाकाल” के जयघोष गूंजते रहे, जिससे वातावरण पूरी तरह भक्तिमय बन गया। उज्जैन की यह भस्म आरती केवल एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं बल्कि आस्था, परंपरा और दिव्यता का अद्भुत संगम है। पंचामृत अभिषेक से लेकर चिता भस्म तक की यह प्रक्रिया भक्तों को आध्यात्मिक ऊर्जा और विश्वास से भर देती है।