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उज्जैन में टीम इंडिया की जीत का जश्न, नंदी के कान में मांगी मनोकामना

उज्जैन। विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर में शनिवार सुबह आस्था और खेल का अनोखा संगम देखने को मिला, जब भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने बाबा महाकाल के दरबार में हाजिरी लगाई। टीम की कप्तान हरमनप्रीत कौर और कोच सहित पूरी टीम तड़के करीब 3 बजे मंदिर पहुंची और भस्म आरती में शामिल होकर भगवान महाकाल का आशीर्वाद लिया। भस्म आरती में दो घंटे तक डूबी रही टीम, श्रद्धा और भावनाओं का दृश्यमहाकालेश्वर मंदिर में आयोजित भस्म आरती के दौरान खिलाड़ी पूरी तरह भक्ति भाव में नजर आईं। करीब दो घंटे तक टीम आरती में शामिल रही और मंत्रोच्चार के बीच भगवान महाकाल के दर्शन किए। इस दौरान मंदिर परिसर में आध्यात्मिक वातावरण बना रहा। नंदी हॉल में विशेष पूजा, नंदी के कान में कही मनोकामनाआरती के बाद कप्तान हरमनप्रीत कौर, कोच और अन्य खिलाड़ियों ने नंदी हॉल में पहुंचकर पूजन-अभिषेक किया। परंपरा के अनुसार खिलाड़ियों ने नंदी महाराज के कान में अपनी मनोकामना भी कही और इसके बाद चांदी द्वार से भगवान महाकाल को जल अर्पित कर आशीर्वाद प्राप्त किया। टीम का भव्य स्वागत, मंदिर समिति ने किया सम्मानमंदिर में मौजूद श्री महाकालेश्वर मंदिर प्रबंध समिति ने भारतीय महिला क्रिकेट टीम का स्वागत और सम्मान किया। इस दौरान टीम के कई प्रमुख खिलाड़ी और सपोर्ट स्टाफ भी मौजूद रहे, जिन्होंने धार्मिक अनुष्ठान में भाग लिया। आस्था और खेल का संगम बना महाकाल धामइस अवसर पर महाकाल मंदिर में आस्था और खेल का अद्भुत संगम देखने को मिला। खिलाड़ियों की मौजूदगी ने मंदिर परिसर को और अधिक विशेष बना दिया, जहां भक्ति और श्रद्धा का वातावरण पूरे समय बना रहा। महाकालेश्वर धाम में भारतीय महिला क्रिकेट टीम की यह उपस्थिति न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक रही, बल्कि यह भी दिखाती है कि खेल जगत के दिग्गज भी आध्यात्मिक ऊर्जा से प्रेरणा लेते हैं। बाबा महाकाल के दरबार में यह क्षण हमेशा यादगार बन गया।

त्रिवेणी शनि मंदिर में श्रद्धालुओं का सैलाब, सुबह से शिप्रा स्नान जारी

उज्जैन। मध्य प्रदेश के धार्मिक नगरी उज्जैन में शनिवार को आस्था का अद्भुत दृश्य देखने को मिला, जब 13 साल बाद शनि जयंती और शनिचरी अमावस्या का विशेष महासंयोग बना। इस अवसर पर त्रिवेणी स्थित प्राचीन शनि मंदिर में सुबह से ही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। देशभर से आए भक्तों ने शिप्रा नदी में स्नान कर शनिदेव के दर्शन किए और तेल, काले तिल, नारियल तथा काले वस्त्र अर्पित कर पूजा-अर्चना की।शिप्रा स्नान के लिए विशेष इंतजाम, फव्वारों से स्नान कर रहे श्रद्धालुश्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने शिप्रा नदी के त्रिवेणी घाट पर विशेष व्यवस्था की है। नदी में जल स्तर कम होने के कारण नर्मदा जल से फव्वारे लगाए गए हैं, जिससे श्रद्धालु स्नान कर सकें।सुबह से ही भक्त स्नान कर शुद्धि प्राप्त कर मंदिर पहुंच रहे हैं और शनिदेव के दर्शन कर रहे हैं। सुरक्षा व्यवस्था के लिए पुलिस, होमगार्ड और SDRF की टीमें तैनात की गई हैं।मंदिर में विशेष अनुष्ठान, 24 घंटे तेल अभिषेक जारीत्रिवेणी शनि मंदिर में सुबह तड़के ही पंचामृत अभिषेक और विशेष पूजा के साथ दिन की शुरुआत हुई। मंदिर को फूलों और विद्युत सज्जा से भव्य रूप दिया गया है। महंत राकेश बैरागी के अनुसार गर्भगृह में आम श्रद्धालुओं की एंट्री बंद रखी गई है, जबकि शनि प्रतिमा पर 24 घंटे तक तिल के तेल का अभिषेक जारी रहेगा।श्रद्धालुओं की आस्था, दान और परंपराओं का पालनश्रद्धालु शिप्रा स्नान के बाद पुराने वस्त्र और जूते-चप्पल मंदिर परिसर में दान कर रहे हैं। भक्त अपने साथ लाए काले तिल, नारियल और तेल शनिदेव को अर्पित कर रहे हैं। मान्यता है कि इस दिन पूजा करने से शनि दोष, साढ़ेसाती और ढैय्या के प्रभाव से मुक्ति मिलती है और जीवन में सकारात्मकता आती है।धार्मिक अनुष्ठानों और उपायों का महत्वपंडितों के अनुसार शनि जयंती के दिन पीपल वृक्ष पर जल अर्पण, काले तिल चढ़ाना और तेल का दीपक जलाना विशेष फलदायी माना जाता है। शनि स्तोत्र, हनुमान चालीसा और सुंदरकांड का पाठ भी शनि दोष शांति के लिए लाभकारी बताया गया है। इसके साथ ही जरूरतमंदों को अन्न, वस्त्र और दान देना अत्यंत शुभ माना जाता है।उज्जैन में बना यह दुर्लभ संयोग न केवल धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण रहा, बल्कि आस्था और परंपरा के अद्भुत संगम का प्रतीक भी बन गया। त्रिवेणी शनि मंदिर में उमड़ी भीड़ ने एक बार फिर साबित किया कि शनिदेव के प्रति श्रद्धा जनमानस में गहराई से स्थापित है।

महाकाल मंदिर में 5 लाख का ब्रेसलेट गायब, CCTV से खुला राज और 1.5 घंटे में रिकवरी

नई दिल्ली। उज्जैन जिला अस्पताल में चिकित्सकीय व्यवस्था को लेकर एक बार फिर प्रशासन की सख्ती देखने को मिली है। गुरुवार को जिला पंचायत सीईओ श्रेयांश कुमट ने अस्पताल का औचक निरीक्षण किया, जिसमें ओपीडी व्यवस्था, उपस्थिति रजिस्टर और विभिन्न विभागों की कार्यप्रणाली की गहन जांच की गई। निरीक्षण के दौरान कई चिकित्सक निर्धारित समय पर ड्यूटी से अनुपस्थित पाए गए, जिस पर सीईओ ने कड़ी नाराजगी जताई। निरीक्षण के दौरान यह सामने आया कि कुछ विभागों में डॉक्टर सुबह 9 बजे से निर्धारित ड्यूटी समय पर मौजूद नहीं थे। इस लापरवाही को गंभीरता से लेते हुए सीईओ ने अनुपस्थित चिकित्सकों का एक दिन का वेतन काटने और सभी संबंधित डॉक्टरों को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने स्पष्ट कहा कि भविष्य में इस तरह की लापरवाही किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सीईओ श्रेयांश कुमट ने यह भी दोहराया कि शासन और स्वास्थ्य विभाग के निर्देशों के अनुसार सभी चिकित्सकों को सुबह 9 बजे से दोपहर 2 बजे तक और शाम 5 बजे से 6 बजे तक नियमित रूप से अस्पताल में उपस्थित रहना अनिवार्य है, ताकि मरीजों को समय पर उपचार मिल सके। इसके बावजूद लगातार शिकायतें मिल रही थीं कि कुछ डॉक्टर ड्यूटी समय का पालन नहीं कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि इससे पहले भी कई बार चिकित्सकों को चेतावनी दी जा चुकी है और कारण बताओ नोटिस भी जारी किए गए थे, लेकिन स्थिति में अपेक्षित सुधार नहीं हुआ। इसी कारण अब सख्त कार्रवाई का निर्णय लिया गया है। निरीक्षण के दौरान सीईओ ने केवल उपस्थिति व्यवस्था ही नहीं, बल्कि अस्पताल की साफ-सफाई, वार्डों की स्थिति, मरीजों को मिलने वाली सुविधाएं, रिकॉर्ड प्रबंधन और अन्य चिकित्सकीय सेवाओं का भी जायजा लिया। उन्होंने अस्पताल की लिफ्ट व्यवस्था और बुनियादी सुविधाओं को लेकर भी अधिकारियों से चर्चा की और सुधार के निर्देश दिए। अस्पताल की सिविल सर्जन डॉ. संगीता पलसानिया ने बताया कि अस्पताल में लगातार मिल रही शिकायतों के बाद यह निरीक्षण किया गया। उन्होंने कहा कि आगामी राष्ट्रीय असेसमेंट को ध्यान में रखते हुए अस्पताल की व्यवस्थाओं को और मजबूत किया जा रहा है, ताकि सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार हो सके। इस कार्रवाई के बाद अस्पताल प्रशासन में हड़कंप की स्थिति है और अब सभी चिकित्सकों को उपस्थिति व्यवस्था को लेकर सख्त पालन करने के निर्देश दिए गए हैं।

उज्जैन में अनोखी पहल: सिंहस्थ कार्यों के निरीक्षण में अधिकारी ट्रैवलर बस से पहुंचे, खर्च में भारी कटौती

नई दिल्ली। मध्य प्रदेश के Ujjain में सिंहस्थ 2028 की तैयारियों के बीच प्रशासन ने ईंधन बचत की दिशा में एक अनोखी और अनुकरणीय पहल शुरू की है। प्रधानमंत्री Narendra Modi की ईंधन बचत अपील और मुख्यमंत्री Mohan Yadav के निर्देशों के बाद जिला प्रशासन ने यह कदम उठाया है। अब सिंहस्थ कार्यों के निरीक्षण के लिए अधिकारी अलग-अलग वाहनों की बजाय एक ही ट्रैवलर बस में यात्रा कर रहे हैं। बुधवार को संभागायुक्त, कलेक्टर, नगर निगम आयुक्त सहित करीब 15 अधिकारी एक साथ बस में बैठकर 29 किलोमीटर लंबे घाट क्षेत्र के निरीक्षण के लिए पहुंचे।पहले स्थिति यह थी कि हर दिन विभिन्न विभागों के अधिकारी 15 अलग-अलग इनोवा वाहनों से निरीक्षण के लिए निकलते थे, जिससे भारी मात्रा में ईंधन खर्च होता था। अनुमान के अनुसार, केवल एक दिन के निरीक्षण में लगभग 6750 रुपये तक का ईंधन खर्च हो जाता था। नई व्यवस्था के तहत अब सभी अधिकारी एक साथ यात्रा कर रहे हैं, जिससे खर्च में भारी कमी आई है। ट्रैवलर बस के उपयोग से यह पूरा सफर अब लगभग 250 रुपये के डीजल खर्च में पूरा हो रहा है, हालांकि बस का दैनिक किराया करीब 4100 रुपये है। प्रशासन का कहना है कि इस पहल से न केवल सरकारी खर्च में कमी आएगी, बल्कि ट्रैफिक व्यवस्था पर भी दबाव घटेगा। पहले कई वाहनों के काफिले से सड़कों पर जाम जैसी स्थिति बन जाती थी, अब एक ही वाहन से यात्रा होने पर यह समस्या कम हो गई है। निरीक्षण के दौरान अधिकारी सुबह 6 बजे से घाटों और प्रस्तावित एप्रोच रोड का जायजा लेते हैं और कई किलोमीटर पैदल भी चलते हैं। इस दौरान निर्माण कार्यों की समीक्षा कर संबंधित विभागों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए जा रहे हैं। सिंहस्थ मेला अधिकारी आशीष सिंह ने कहा कि यह निर्णय न केवल आर्थिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि इससे टीम भावना भी मजबूत होगी। सभी अधिकारी एक साथ यात्रा करेंगे तो समन्वय बेहतर होगा और निर्णय लेने की प्रक्रिया भी आसान होगी। कलेक्टर ने इसे एक अनुकरणीय पहल बताते हुए कहा कि यह व्यवस्था आगे चलकर अन्य जिलों के लिए भी मिसाल बन सकती है।

उज्जैन में अधिवक्ता चुनाव की वोटिंग शुरू: 2367 वकील करेंगे मतदान, 4 उम्मीदवार मैदान में

नई दिल्ली । मध्यप्रदेश राज्य अधिवक्ता परिषद के चुनाव के लिए उज्जैन कोर्ट परिसर में मंगलवार सुबह 10 बजे से मतदान प्रक्रिया शुरू हो गई। यह मतदान शाम 5 बजे तक जारी रहेगा। इस चुनाव में करीब 2367 अधिवक्ता अपने मताधिकार का उपयोग कर रहे हैं। सुबह से ही मतदान केंद्र पर अधिवक्ताओं की भीड़ देखने को मिली, जहां गर्मी को ध्यान में रखते हुए बड़ी संख्या में लोग सुबह के समय ही मतदान करने पहुंच गए। तीन हॉल में मतदान की व्यवस्था, महिला अधिवक्ताओं की भी भागीदारीमतदान प्रक्रिया को सुचारू रूप से संपन्न कराने के लिए कोर्ट परिसर में तीन अलग-अलग हॉल बनाए गए हैं। व्यवस्थाओं के बीच मतदान शांतिपूर्ण ढंग से चल रहा है। इस चुनाव में महिला अधिवक्ताओं की भी सक्रिय भागीदारी देखने को मिली, जो बड़ी संख्या में मतदान करने पहुंचीं। परिसर के बाहर प्रत्याशियों द्वारा मतदाताओं से संपर्क और अपील भी की जा रही है। चार उम्मीदवारों के बीच मुकाबलाउज्जैन में इस चुनावी मुकाबले में चार प्रमुख प्रत्याशी मैदान में हैं-संदीप मेहताआशीष उपाध्यायअतुल रैनासुरेंद्र चतुर्वेदीये सभी उम्मीदवार अधिवक्ताओं से समर्थन जुटाने में लगे हुए हैं और चुनावी माहौल को सक्रिय बनाए हुए हैं। शांतिपूर्ण मतदान के लिए कड़ी व्यवस्थाबार एसोसिएशन अध्यक्ष ओम सारवान ने बताया कि मतदान प्रक्रिया को शांतिपूर्ण और पारदर्शी तरीके से संपन्न कराने के लिए विशेष व्यवस्था की गई है। मुख्य चुनाव अधिकारी विशेष सत्र न्यायाधीश एपीएस चौहान और अन्य न्यायिक अधिकारियों की निगरानी में मतदान प्रक्रिया जारी है। 25 सदस्यों के चयन के लिए हो रहा मतदानयह चुनाव प्रदेश स्तर पर आयोजित किया जा रहा है, जिसमें अधिवक्ता परिषद के कुल 25 सदस्यों का चयन किया जाएगा। मतदान के बाद मतगणना आगामी चरण में जबलपुर में की जाएगी। उज्जैन में अधिवक्ता परिषद चुनाव को लेकर शांतिपूर्ण और उत्साहपूर्ण माहौल देखने को मिल रहा है। अधिवक्ताओं की बड़ी भागीदारी इस चुनाव की अहमियत को दर्शाती है।

रविवार की भस्म आरती में Mahakaleshwar Jyotirlinga का अलौकिक रूप: रजत मुकुट और भस्म से हुआ भव्य श्रृंगार

नई दिल्ली । विश्व प्रसिद्ध Shri Mahakaleshwar Jyotirlinga Temple में रविवार तड़के भस्म आरती के दौरान अद्भुत आध्यात्मिक दृश्य देखने को मिला। सुबह करीब 4 बजे जैसे ही मंदिर के पट खुले, पंडे-पुजारियों ने गर्भगृह में स्थापित सभी देव प्रतिमाओं का विधिवत पूजन किया और भगवान महाकाल का जलाभिषेक संपन्न कराया। इसके बाद दूध, दही, घी, शक्कर और फलों के रस से बने पंचामृत से भगवान का अभिषेक किया गया। इस दौरान त्रिशूल, त्रिपुंड और डमरू के साथ भांग अर्पित कर विशेष श्रृंगार किया गया, जिससे पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठा। भस्म अर्पण के साथ हुआ दिव्य श्रृंगारकपूर आरती के बाद हरिओम जल अर्पित किया गया और फिर भगवान महाकाल के ज्योतिर्लिंग को वस्त्र से ढंककर भस्म अर्पित की गई। भस्म अर्पण के बाद भगवान का दिव्य श्रृंगार और भी भव्य रूप में सामने आया। शेषनाग का रजत मुकुट, रजत मुंडमाल और रुद्राक्ष की माला के साथ सुगंधित पुष्पों की मालाएं बाबा महाकाल को अर्पित की गईं। मोगरे और गुलाब के फूलों से सजे भगवान महाकाल का स्वरूप श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र रहा। भोग और आरती के बाद भक्तों को मिला दर्शनश्रृंगार पूर्ण होने के बाद भगवान को फल और मिष्ठान का भोग लगाया गया। भस्म आरती के दौरान महा निर्वाणी अखाड़े की ओर से भस्म अर्पित की गई। मान्यता है कि भस्म अर्पित होने के बाद भगवान निराकार से साकार स्वरूप में भक्तों को दर्शन देते हैं। आरती में बड़ी संख्या में पहुंचे श्रद्धालुओं ने बाबा महाकाल के दिव्य स्वरूप के दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त किया। पूरा मंदिर परिसर “हर हर महादेव” के जयघोष से गूंज उठा।

₹3000 में ‘सॉल्वर’ बनी BTech छात्रा: JEE पास युवती दूसरे की जगह देती पकड़ी गई, उज्जैन में एग्जाम रैकेट का खुलासा

नई दिल्ली। मध्य प्रदेश के उज्जैन में परीक्षा प्रणाली को झकझोर देने वाला मामला सामने आया है। सम्राट विक्रमादित्य विश्वविद्यालय में बीकॉम परीक्षा के दौरान एक युवती को ‘सॉल्वर’ बनकर दूसरे छात्र की जगह परीक्षा देते हुए पकड़ा गया। चौंकाने वाली बात यह है कि आरोपी खुद JEE जैसी कठिन परीक्षा पास कर चुकी है और बीटेक की छात्रा है। जानकारी के मुताबिक, यह पूरा मामला 4 मई को सामने आया, जब सम्राट विक्रमादित्य विश्वविद्यालय के वाघ देवी भवन में बीकॉम छठे सेमेस्टर की परीक्षा चल रही थी। इसी दौरान एनएसयूआई नेता तरुण परिहार की शिकायत पर जांच की गई। जांच में सपना भदौरिया की जगह इंदौर निवासी युवती परीक्षा देती हुई मिली। पहले पूछताछ में युवती ने खुद को प्रिशा साहू बताया, लेकिन सख्ती करने पर उसने अपनी असली पहचान विशाखा माहेश्वरी बताई। वह उज्जैन के गवर्नमेंट इंजीनियरिंग कॉलेज में बीटेक की पढ़ाई कर रही है और अगले ही दिन उसका खुद का पेपर भी था। पूछताछ में सामने आया कि विशाखा अपनी एक दोस्त की बहन की जगह परीक्षा देने आई थी। इसके लिए उसे ₹3000 दिए गए थे। पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि यह रकम दो किस्तों में दी गई—पहले ₹1000 और बाद में ₹2000। इस पूरे मामले में एक और चौंकाने वाला तथ्य सामने आया है। असली परीक्षार्थी सपना भदौरिया ने विशाखा को भरोसा दिलाया था कि वह पहले भी तीन बार इसी तरह दूसरों से परीक्षा दिलवा चुकी है और कभी पकड़ी नहीं गई। इसी भरोसे में आकर विशाखा ने यह जोखिम उठाया। मामले की जानकारी मिलते ही कुलगुरु अर्पण भारद्वाज मौके पर पहुंचे और तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए। वहीं माधव नगर पुलिस ने विशाखा माहेश्वरी, सपना भदौरिया और ऋषभ नामक युवक के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस अब इस पूरे एग्जाम सॉल्वर रैकेट की गहराई से जांच कर रही है। आशंका जताई जा रही है कि इसमें एक संगठित गिरोह शामिल हो सकता है, जो पैसे लेकर छात्रों की जगह परीक्षाएं दिलवाता है। यह घटना न सिर्फ परीक्षा प्रणाली की सुरक्षा पर सवाल खड़े करती है, बल्कि यह भी दिखाती है कि कैसे पढ़े-लिखे छात्र भी लालच में आकर गलत रास्ता चुन रहे हैं। कुल मिलाकर, उज्जैन का यह मामला शिक्षा व्यवस्था के लिए एक गंभीर चेतावनी है। अगर समय रहते ऐसे रैकेट्स पर लगाम नहीं लगाई गई, तो यह समस्या और भी गहरी हो सकती है।

उज्जैन शिक्षा विभाग में ‘लड्डू-मिठाई’ कोड से उगाही का खुलासा, WhatsApp चैटिंग वायरल

उज्जैन के जिला शिक्षा केंद्र में इंजीनियरों से कथित उगाही और वित्तीय अनियमितताओं का गंभीर मामला सामने आया है। आरोप है कि यहां कुछ इंजीनियरों के बीच WhatsApp ग्रुप में “लड्डू” और “मिठाई” जैसे कोड वर्ड का इस्तेमाल कर पैसों की मांग और लेन-देन की बातचीत की जा रही थी। जानकारी के मुताबिक, जिला शिक्षा केंद्र उज्जैन के अंतर्गत कार्यरत इंजीनियरों के ग्रुप में कई ऐसे मैसेज सामने आए हैं, जिनमें मान्यता की फाइलों को आगे बढ़ाने, डीपीसी निर्देशों और अन्य कार्यों के नाम पर रकम की मांग की बात की गई है। WhatsApp चैटिंग में क्या सामने आया? वायरल चैट्स में कथित तौर पर- “भोपाल मिठाई भेजने” के नाम पर पैसे मांगने की बात “लड्डू के लिए शेयर कलेक्ट” जैसे कोड वर्ड का उपयोग UPI स्कैनर भेजकर ऑनलाइन भुगतान की मांग एक दिन में 200 से ज्यादा फाइलों के निपटारे का दावा इन मैसेजों ने विभागीय कामकाज और पारदर्शिता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। इंजीनियरों का पक्ष कुछ इंजीनियरों ने इन आरोपों से इनकार किया है। उनका कहना है कि “लड्डू” या “मिठाई” के नाम पर किसी तरह की वसूली नहीं की गई है और न ही ऐसा कोई निर्देश दिया गया था। वहीं, मामले में शामिल नामों पर स्पष्टीकरण देने की बात भी कही गई है। प्रशासन की प्रतिक्रिया जिला परियोजना समन्वयक (DPC) ने मामले पर हैरानी जताते हुए कहा है कि अगर किसी ने उनके नाम का दुरुपयोग कर पैसे मांगे हैं, तो उस पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। जांच के संकेत मामले के सामने आने के बाद अब विभागीय स्तर पर जांच की संभावना बढ़ गई है। चैटिंग और वित्तीय लेन-देन से जुड़े सबूतों की जांच की जा सकती है। उज्जैन में सामने आया यह मामला प्रशासनिक व्यवस्था और पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े करता है। अब निगाहें इस पर हैं कि जांच में क्या सच सामने आता है और क्या कार्रवाई होती है।

मोबाइल पर डांट से नाराज नाबालिग 18 दिन बाद मिली, पुलिस ने सुरक्षित परिजनों को सौंपा

नई दिल्ली। उज्जैन जिले के बड़नगर थाना क्षेत्र से लापता हुई 16 वर्षीय नाबालिग को पुलिस ने 18 दिन बाद बदनावर क्षेत्र से सुरक्षित बरामद कर लिया है। परिजनों ने 14 अप्रैल 2026 को उसके लापता होने की रिपोर्ट दर्ज कराई थी, जिसके बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने विशेष टीम गठित की और तकनीकी जांच शुरू की। मोबाइल लोकेशन, कॉल डिटेल्स और सीसीटीवी फुटेज की मदद से जांच आगे बढ़ाई गई। इसके साथ ही मुखबिर तंत्र को भी सक्रिय किया गया ताकि जल्द से जल्द नाबालिग का पता लगाया जा सके। लगातार तलाश के बाद 2 मई को पुलिस को सूचना मिली कि नाबालिग चंपेलिया गांव में मौजूद है। सूचना मिलते ही टीम ने मौके पर पहुंचकर घेराबंदी की और उसे सुरक्षित बरामद कर लिया।  पूछताछ में सामने आया कारणपुलिस पूछताछ में नाबालिग ने बताया कि मोबाइल चलाने को लेकर मां की डांट और मोबाइल छीन लिए जाने से वह नाराज हो गई थी। इसी कारण वह बिना बताए घर से निकल गई और बस से सीधे बदनावर पहुंच गई, जहां वह एक परिचित के घर रुकी थी।  पुलिस की पुष्टिजांच में यह साफ हुआ कि इस दौरान उसके साथ किसी प्रकार की कोई अप्रिय घटना नहीं हुई। सभी कानूनी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद पुलिस ने उसे सुरक्षित परिजनों को सौंप दिया। यह घटना एक बार फिर यह दिखाती है कि बच्चों के साथ संवाद और समझदारी से व्यवहार करना कितना जरूरी है, ताकि छोटी-छोटी बातों से ऐसे गंभीर मामले न बनें।

उज्जैन में महाकाल की भस्म आरती: दिव्य श्रृंगार में सजे बाबा, श्रद्धालुओं का उमड़ा सैलाब

नई दिल्ली। उज्जैन स्थित विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर में सोमवार तड़के भस्म आरती के दौरान दिव्य और भव्य दृश्य देखने को मिला। भगवान महाकाल का विधि-विधान से पंचामृत पूजन कर आकर्षक श्रृंगार किया गया, जिसमें भांग, चंदन, बिल्वपत्र और रजत आभूषणों से बाबा को राजा स्वरूप में सजाया गया। भोर की पहली आरती के साथ ही मंदिर परिसर “हरिओम” के जयघोष और मंत्रोच्चार से गूंज उठा। पंडे-पुजारियों ने गर्भगृह में स्थापित ज्योतिर्लिंग का जलाभिषेक किया, जिसके बाद दूध, दही, घी, शक्कर और फलों के रस से बने पंचामृत से अभिषेक किया गया। इसके बाद पारंपरिक रूप से भस्म अर्पित की गई, जिसे महाकाल पूजा का सबसे विशेष और पवित्र क्षण माना जाता है। भस्म अर्पण के दौरान महानिर्वाणी अखाड़ा की ओर से विशेष भस्म चढ़ाई गई। धार्मिक मान्यता के अनुसार, इसी क्षण भगवान महाकाल अपने निराकार स्वरूप से साकार रूप में भक्तों को दर्शन देते हैं।  नई दिल्ली। उज्जैन स्थित विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर में सोमवार तड़के भस्म आरती के दौरान दिव्य और भव्य दृश्य देखने को मिला। भगवान महाकाल का विधि-विधान से पंचामृत पूजन कर आकर्षक श्रृंगार किया गया, जिसमें भांग, चंदन, बिल्वपत्र और रजत आभूषणों से बाबा को राजा स्वरूप में सजाया गया। भोर की पहली आरती के साथ ही मंदिर परिसर “हरिओम” के जयघोष और मंत्रोच्चार से गूंज उठा। पंडे-पुजारियों ने गर्भगृह में स्थापित ज्योतिर्लिंग का जलाभिषेक किया, जिसके बाद दूध, दही, घी, शक्कर और फलों के रस से बने पंचामृत से अभिषेक किया गया। इसके बाद पारंपरिक रूप से भस्म अर्पित की गई, जिसे महाकाल पूजा का सबसे विशेष और पवित्र क्षण माना जाता है। भस्म अर्पण के दौरान महानिर्वाणी अखाड़ा की ओर से विशेष भस्म चढ़ाई गई। धार्मिक मान्यता के अनुसार, इसी क्षण भगवान महाकाल अपने निराकार स्वरूप से साकार रूप में भक्तों को दर्शन देते हैं। इसके बाद शेषनाग का रजत मुकुट, रुद्राक्ष की माला, रजत मुण्डमाल और सुगंधित पुष्पों से बाबा का दिव्य श्रृंगार किया गया। मोगरा और गुलाब के फूलों से सजे महाकाल का स्वरूप अत्यंत मनमोहक दिखाई दिया। आरती के दौरान भगवान को फल और मिष्ठान का भोग अर्पित किया गया, जिसे श्रद्धालुओं ने बड़े श्रद्धा भाव से देखा। इस पावन अवसर पर देशभर से आए हजारों श्रद्धालुओं ने भस्म आरती के दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त किया। मंदिर परिसर में भक्ति, आस्था और आध्यात्मिक ऊर्जा का अद्भुत संगम देखने को मिला। भगवान महाकाल की भस्म आरती केवल एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि आस्था और ऊर्जा का अद्वितीय अनुभव है, जो हर भक्त के मन को भक्ति से भर देता है।