₹3000 में ‘सॉल्वर’ बनी BTech छात्रा: JEE पास युवती दूसरे की जगह देती पकड़ी गई, उज्जैन में एग्जाम रैकेट का खुलासा

नई दिल्ली। मध्य प्रदेश के उज्जैन में परीक्षा प्रणाली को झकझोर देने वाला मामला सामने आया है। सम्राट विक्रमादित्य विश्वविद्यालय में बीकॉम परीक्षा के दौरान एक युवती को ‘सॉल्वर’ बनकर दूसरे छात्र की जगह परीक्षा देते हुए पकड़ा गया। चौंकाने वाली बात यह है कि आरोपी खुद JEE जैसी कठिन परीक्षा पास कर चुकी है और बीटेक की छात्रा है। जानकारी के मुताबिक, यह पूरा मामला 4 मई को सामने आया, जब सम्राट विक्रमादित्य विश्वविद्यालय के वाघ देवी भवन में बीकॉम छठे सेमेस्टर की परीक्षा चल रही थी। इसी दौरान एनएसयूआई नेता तरुण परिहार की शिकायत पर जांच की गई। जांच में सपना भदौरिया की जगह इंदौर निवासी युवती परीक्षा देती हुई मिली। पहले पूछताछ में युवती ने खुद को प्रिशा साहू बताया, लेकिन सख्ती करने पर उसने अपनी असली पहचान विशाखा माहेश्वरी बताई। वह उज्जैन के गवर्नमेंट इंजीनियरिंग कॉलेज में बीटेक की पढ़ाई कर रही है और अगले ही दिन उसका खुद का पेपर भी था। पूछताछ में सामने आया कि विशाखा अपनी एक दोस्त की बहन की जगह परीक्षा देने आई थी। इसके लिए उसे ₹3000 दिए गए थे। पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि यह रकम दो किस्तों में दी गई—पहले ₹1000 और बाद में ₹2000। इस पूरे मामले में एक और चौंकाने वाला तथ्य सामने आया है। असली परीक्षार्थी सपना भदौरिया ने विशाखा को भरोसा दिलाया था कि वह पहले भी तीन बार इसी तरह दूसरों से परीक्षा दिलवा चुकी है और कभी पकड़ी नहीं गई। इसी भरोसे में आकर विशाखा ने यह जोखिम उठाया। मामले की जानकारी मिलते ही कुलगुरु अर्पण भारद्वाज मौके पर पहुंचे और तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए। वहीं माधव नगर पुलिस ने विशाखा माहेश्वरी, सपना भदौरिया और ऋषभ नामक युवक के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस अब इस पूरे एग्जाम सॉल्वर रैकेट की गहराई से जांच कर रही है। आशंका जताई जा रही है कि इसमें एक संगठित गिरोह शामिल हो सकता है, जो पैसे लेकर छात्रों की जगह परीक्षाएं दिलवाता है। यह घटना न सिर्फ परीक्षा प्रणाली की सुरक्षा पर सवाल खड़े करती है, बल्कि यह भी दिखाती है कि कैसे पढ़े-लिखे छात्र भी लालच में आकर गलत रास्ता चुन रहे हैं। कुल मिलाकर, उज्जैन का यह मामला शिक्षा व्यवस्था के लिए एक गंभीर चेतावनी है। अगर समय रहते ऐसे रैकेट्स पर लगाम नहीं लगाई गई, तो यह समस्या और भी गहरी हो सकती है।
उज्जैन शिक्षा विभाग में ‘लड्डू-मिठाई’ कोड से उगाही का खुलासा, WhatsApp चैटिंग वायरल

उज्जैन के जिला शिक्षा केंद्र में इंजीनियरों से कथित उगाही और वित्तीय अनियमितताओं का गंभीर मामला सामने आया है। आरोप है कि यहां कुछ इंजीनियरों के बीच WhatsApp ग्रुप में “लड्डू” और “मिठाई” जैसे कोड वर्ड का इस्तेमाल कर पैसों की मांग और लेन-देन की बातचीत की जा रही थी। जानकारी के मुताबिक, जिला शिक्षा केंद्र उज्जैन के अंतर्गत कार्यरत इंजीनियरों के ग्रुप में कई ऐसे मैसेज सामने आए हैं, जिनमें मान्यता की फाइलों को आगे बढ़ाने, डीपीसी निर्देशों और अन्य कार्यों के नाम पर रकम की मांग की बात की गई है। WhatsApp चैटिंग में क्या सामने आया? वायरल चैट्स में कथित तौर पर- “भोपाल मिठाई भेजने” के नाम पर पैसे मांगने की बात “लड्डू के लिए शेयर कलेक्ट” जैसे कोड वर्ड का उपयोग UPI स्कैनर भेजकर ऑनलाइन भुगतान की मांग एक दिन में 200 से ज्यादा फाइलों के निपटारे का दावा इन मैसेजों ने विभागीय कामकाज और पारदर्शिता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। इंजीनियरों का पक्ष कुछ इंजीनियरों ने इन आरोपों से इनकार किया है। उनका कहना है कि “लड्डू” या “मिठाई” के नाम पर किसी तरह की वसूली नहीं की गई है और न ही ऐसा कोई निर्देश दिया गया था। वहीं, मामले में शामिल नामों पर स्पष्टीकरण देने की बात भी कही गई है। प्रशासन की प्रतिक्रिया जिला परियोजना समन्वयक (DPC) ने मामले पर हैरानी जताते हुए कहा है कि अगर किसी ने उनके नाम का दुरुपयोग कर पैसे मांगे हैं, तो उस पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। जांच के संकेत मामले के सामने आने के बाद अब विभागीय स्तर पर जांच की संभावना बढ़ गई है। चैटिंग और वित्तीय लेन-देन से जुड़े सबूतों की जांच की जा सकती है। उज्जैन में सामने आया यह मामला प्रशासनिक व्यवस्था और पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े करता है। अब निगाहें इस पर हैं कि जांच में क्या सच सामने आता है और क्या कार्रवाई होती है।
मोबाइल पर डांट से नाराज नाबालिग 18 दिन बाद मिली, पुलिस ने सुरक्षित परिजनों को सौंपा

नई दिल्ली। उज्जैन जिले के बड़नगर थाना क्षेत्र से लापता हुई 16 वर्षीय नाबालिग को पुलिस ने 18 दिन बाद बदनावर क्षेत्र से सुरक्षित बरामद कर लिया है। परिजनों ने 14 अप्रैल 2026 को उसके लापता होने की रिपोर्ट दर्ज कराई थी, जिसके बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने विशेष टीम गठित की और तकनीकी जांच शुरू की। मोबाइल लोकेशन, कॉल डिटेल्स और सीसीटीवी फुटेज की मदद से जांच आगे बढ़ाई गई। इसके साथ ही मुखबिर तंत्र को भी सक्रिय किया गया ताकि जल्द से जल्द नाबालिग का पता लगाया जा सके। लगातार तलाश के बाद 2 मई को पुलिस को सूचना मिली कि नाबालिग चंपेलिया गांव में मौजूद है। सूचना मिलते ही टीम ने मौके पर पहुंचकर घेराबंदी की और उसे सुरक्षित बरामद कर लिया। पूछताछ में सामने आया कारणपुलिस पूछताछ में नाबालिग ने बताया कि मोबाइल चलाने को लेकर मां की डांट और मोबाइल छीन लिए जाने से वह नाराज हो गई थी। इसी कारण वह बिना बताए घर से निकल गई और बस से सीधे बदनावर पहुंच गई, जहां वह एक परिचित के घर रुकी थी। पुलिस की पुष्टिजांच में यह साफ हुआ कि इस दौरान उसके साथ किसी प्रकार की कोई अप्रिय घटना नहीं हुई। सभी कानूनी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद पुलिस ने उसे सुरक्षित परिजनों को सौंप दिया। यह घटना एक बार फिर यह दिखाती है कि बच्चों के साथ संवाद और समझदारी से व्यवहार करना कितना जरूरी है, ताकि छोटी-छोटी बातों से ऐसे गंभीर मामले न बनें।
उज्जैन में महाकाल की भस्म आरती: दिव्य श्रृंगार में सजे बाबा, श्रद्धालुओं का उमड़ा सैलाब

नई दिल्ली। उज्जैन स्थित विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर में सोमवार तड़के भस्म आरती के दौरान दिव्य और भव्य दृश्य देखने को मिला। भगवान महाकाल का विधि-विधान से पंचामृत पूजन कर आकर्षक श्रृंगार किया गया, जिसमें भांग, चंदन, बिल्वपत्र और रजत आभूषणों से बाबा को राजा स्वरूप में सजाया गया। भोर की पहली आरती के साथ ही मंदिर परिसर “हरिओम” के जयघोष और मंत्रोच्चार से गूंज उठा। पंडे-पुजारियों ने गर्भगृह में स्थापित ज्योतिर्लिंग का जलाभिषेक किया, जिसके बाद दूध, दही, घी, शक्कर और फलों के रस से बने पंचामृत से अभिषेक किया गया। इसके बाद पारंपरिक रूप से भस्म अर्पित की गई, जिसे महाकाल पूजा का सबसे विशेष और पवित्र क्षण माना जाता है। भस्म अर्पण के दौरान महानिर्वाणी अखाड़ा की ओर से विशेष भस्म चढ़ाई गई। धार्मिक मान्यता के अनुसार, इसी क्षण भगवान महाकाल अपने निराकार स्वरूप से साकार रूप में भक्तों को दर्शन देते हैं। नई दिल्ली। उज्जैन स्थित विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर में सोमवार तड़के भस्म आरती के दौरान दिव्य और भव्य दृश्य देखने को मिला। भगवान महाकाल का विधि-विधान से पंचामृत पूजन कर आकर्षक श्रृंगार किया गया, जिसमें भांग, चंदन, बिल्वपत्र और रजत आभूषणों से बाबा को राजा स्वरूप में सजाया गया। भोर की पहली आरती के साथ ही मंदिर परिसर “हरिओम” के जयघोष और मंत्रोच्चार से गूंज उठा। पंडे-पुजारियों ने गर्भगृह में स्थापित ज्योतिर्लिंग का जलाभिषेक किया, जिसके बाद दूध, दही, घी, शक्कर और फलों के रस से बने पंचामृत से अभिषेक किया गया। इसके बाद पारंपरिक रूप से भस्म अर्पित की गई, जिसे महाकाल पूजा का सबसे विशेष और पवित्र क्षण माना जाता है। भस्म अर्पण के दौरान महानिर्वाणी अखाड़ा की ओर से विशेष भस्म चढ़ाई गई। धार्मिक मान्यता के अनुसार, इसी क्षण भगवान महाकाल अपने निराकार स्वरूप से साकार रूप में भक्तों को दर्शन देते हैं। इसके बाद शेषनाग का रजत मुकुट, रुद्राक्ष की माला, रजत मुण्डमाल और सुगंधित पुष्पों से बाबा का दिव्य श्रृंगार किया गया। मोगरा और गुलाब के फूलों से सजे महाकाल का स्वरूप अत्यंत मनमोहक दिखाई दिया। आरती के दौरान भगवान को फल और मिष्ठान का भोग अर्पित किया गया, जिसे श्रद्धालुओं ने बड़े श्रद्धा भाव से देखा। इस पावन अवसर पर देशभर से आए हजारों श्रद्धालुओं ने भस्म आरती के दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त किया। मंदिर परिसर में भक्ति, आस्था और आध्यात्मिक ऊर्जा का अद्भुत संगम देखने को मिला। भगवान महाकाल की भस्म आरती केवल एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि आस्था और ऊर्जा का अद्वितीय अनुभव है, जो हर भक्त के मन को भक्ति से भर देता है।
उज्जैन में महाकाल की भस्म आरती: पंचामृत से अभिषेक, भांग-चंदन से हुआ दिव्य श्रृंगार

नई दिल्ली। मध्य प्रदेश के उज्जैन स्थित विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग मंदिर में शनिवार तड़के परंपरा अनुसार भस्म आरती का आयोजन भव्य रूप से किया गया। सुबह लगभग 4 बजे मंदिर के कपाट खोले गए और विधिवत पूजा-अर्चना की शुरुआत हुई। सबसे पहले भगवान महाकाल का जल से अभिषेक किया गया। इसके बाद पंडे-पुजारियों ने दूध, दही, घी, शहद और फलों के रस से बने पंचामृत से भगवान का अभिषेक किया। साथ ही “हरि ओम” का जल अर्पित कर विशेष पूजा संपन्न कराई गई। कपूर आरती के बाद भगवान महाकाल का दिव्य श्रृंगार किया गया। इस दौरान उन्हें शेषनाग का रजत मुकुट, रजत मुंडमाल, रुद्राक्ष की माला और सुगंधित फूलों की मालाएं अर्पित की गईं। भांग और चंदन से किया गया श्रृंगार श्रद्धालुओं के लिए आकर्षण का केंद्र रहा। भस्म अर्पण के बाद भगवान को ड्रायफ्रूट का भोग लगाया गया और पुनः कपूर आरती की गई। मोगरा और गुलाब के फूलों से सजे बाबा महाकाल का अलौकिक रूप देखकर श्रद्धालु भाव-विभोर हो उठे। परंपरा के अनुसार महा निर्वाणी अखाड़ा की ओर से भगवान महाकाल को भस्म अर्पित की गई। भस्म आरती में बड़ी संख्या में भक्त शामिल हुए और उन्होंने बाबा महाकाल के दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त किया। यह आरती न केवल धार्मिक आस्था का केंद्र है, बल्कि उज्जैन की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक पहचान का भी महत्वपूर्ण हिस्सा मानी जाती है।
यूडीए अध्यक्ष बने डॉ. रवि सोलंकी, गोशाला में हुआ भव्य सम्मान: गो सेवा से की नई पारी की शुरुआत

नई दिल्ली। उज्जैन में उज्जैन विकास प्राधिकरण के नवनियुक्त अध्यक्ष डॉ. रवि सोलंकी ने अपने कार्यकाल की शुरुआत धार्मिक और सामाजिक संदेश के साथ की। रिंग रोड स्थित तिलकेश्वर गोशाला में उनका भव्य सम्मान समारोह आयोजित किया गया, जहां उन्होंने गो सेवा कर नई जिम्मेदारी का शुभारंभ किया। मंगलवार शाम पदभार ग्रहण करने के बाद डॉ. सोलंकी अगले ही दिन गोशाला पहुंचे। यहां उन्होंने गो माता को चना खिलाकर आशीर्वाद लिया और समाज को गो सेवा का संदेश दिया। कार्यक्रम के दौरान स्थानीय जनप्रतिनिधियों और समाजसेवियों ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। निशांत यादव और रोहित मित्तल मंडल की ओर से डॉ. सोलंकी को महाकाल का दुपट्टा पहनाकर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर समाजसेवी नारायण यादव विशेष रूप से उपस्थित रहे। आयोजन में ढोल-नगाड़ों की गूंज और आतिशबाजी के बीच उत्सव जैसा माहौल देखने को मिला। सम्मान समारोह में डॉ. रवि सोलंकी ने कहा कि वे अपने पद की जिम्मेदारियों को पूरी ईमानदारी और समर्पण के साथ निभाएंगे। उन्होंने उज्जैन के समग्र विकास के लिए निरंतर कार्य करने का संकल्प दोहराया और जनता की अपेक्षाओं पर खरा उतरने की बात कही। इस मौके पर अभय यादव, मुन्ना सरकार, नीलेश यादव, अशोक जैन, राजेश मेवाड़े, विकास यादव, रवि दरब, जय किशन खत्री, हरीश, पंकज धनोतिया, मुकुल सहित कई गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
MP CRIME NEWS: उज्जैन यूनिवर्सिटी में दहशत का साया नई बिल्डिंग पर लिखी धमकी ने बढ़ाई चिंता सुरक्षा पर उठे सवाल

MP CRIME NEWS: उज्जैन । मध्यप्रदेश के उज्जैन में स्थित सम्राट विक्रम विश्वविद्यालय एक अजीब और चिंताजनक घटना के बाद सुर्खियों में आ गया है जहां शिक्षा के माहौल के बीच अचानक दहशत का साया छा गया है विश्वविद्यालय की कृषि अध्ययनशाला की नई बिल्डिंग में अज्ञात शरारती तत्वों की हरकत ने छात्रों और स्टाफ दोनों को भयभीत कर दिया है करीब 17 करोड़ की लागत से तैयार इस नई इमारत को हाल ही में शैक्षणिक गतिविधियों के लिए शुरू किया गया था लेकिन अब यह बिल्डिंग एक सनसनीखेज घटना की वजह से चर्चा में है बताया जा रहा है कि सुबह जब लोग परिसर पहुंचे तो मुख्य द्वार पर लाल रंग से लिखे शब्दों ने सभी को हैरान कर दिया गेट पर बड़े अक्षरों में तुम सब मरोगे लिखा हुआ था जिसे देखकर मौके पर मौजूद लोगों के बीच हड़कंप मच गया सिर्फ यही नहीं बल्कि गेट के पास कुछ संदिग्ध सामान भी रखा हुआ मिला जिसमें एक मटकी लाल कपड़ा और अन्य वस्तुएं शामिल थीं इन चीजों को देखकर कई लोगों ने तंत्र क्रिया जैसी आशंका जताई हालांकि इस बात की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है लेकिन इस तरह का दृश्य देखकर छात्रों और कर्मचारियों में डर का माहौल बनना स्वाभाविक था Amrit Bharat Express: यात्रियों के लिए नई राहत: अमृत भारत एक्सप्रेस की दो नई ट्रेनें शुरू, उत्तर से महाराष्ट्र तक सीधी कनेक्टिविटी घटना की जानकारी मिलते ही विश्वविद्यालय प्रशासन तुरंत सक्रिय हुआ और सबसे पहले मौके से उस संदिग्ध सामान को हटाया गया साथ ही दीवार पर लिखे धमकी भरे शब्दों को भी मिटा दिया गया विभागाध्यक्ष ने इस पूरी घटना को असामाजिक तत्वों की शरारत बताया है और उच्च अधिकारियों को इसकी सूचना दे दी गई है इस घटना के बाद सबसे बड़ा सवाल सुरक्षा व्यवस्था को लेकर उठ रहा है क्योंकि जिस स्थान पर यह घटना हुई वहां सीसीटीवी कैमरे तक नहीं लगे हैं ऐसे में यह पता लगाना मुश्किल हो गया है कि यह हरकत किसने और कब की छात्रों का कहना है कि अगर परिसर में पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम होते तो शायद ऐसी घटना को रोका जा सकता था करीब 1100 छात्रों और स्टाफ के बीच इस घटना के बाद भय का माहौल है कई छात्र अब अकेले उस बिल्डिंग की ओर जाने से भी हिचकिचा रहे हैं शिक्षा का माहौल जहां सुरक्षित और सकारात्मक होना चाहिए वहां इस तरह की घटनाएं चिंता बढ़ाने वाली हैं AMIT SHAH SOMNATH VISIT: सोमनाथ दौरे पर अमित शाह, पूजा-अर्चना के साथ धार्मिक और सामाजिक पहलों की शुरुआत प्रशासन अब पूरे मामले की जांच में जुट गया है और यह पता लगाने की कोशिश कर रहा है कि इसके पीछे कौन लोग हैं और उनका उद्देश्य क्या था साथ ही सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने पर भी विचार किया जा रहा है ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो यह घटना सिर्फ एक शरारत नहीं बल्कि एक गंभीर चेतावनी भी हो सकती है जो यह संकेत देती है कि शैक्षणिक संस्थानों में सुरक्षा को लेकर और अधिक सतर्कता बरतने की जरूरत है फिलहाल सभी की नजरें जांच के नतीजों पर टिकी हैं और उम्मीद की जा रही है कि जल्द ही इस रहस्य से पर्दा उठेगा
उज्जैन में सनसनी: कृषि अध्ययनशाला के गेट पर धमकी भरा संदेश, लिखा- “तुम सब मरोगे”

नई दिल्ली| उज्जैन में स्थित सम्राट विक्रमादित्य विश्वविद्यालय की कृषि अध्ययनशाला में सोमवार सुबह उस समय सनसनी फैल गई जब परिसर के मुख्य गेट पर अज्ञात लोगों द्वारा डरावना संदेश लिखा पाया गया। दीवार पर कुंकू से “तुम सब मरोगे” लिखा हुआ मिला, जिससे शिक्षक, कर्मचारी और छात्र भयभीत हो गए। यह घटना रात करीब 2 से 3 बजे के बीच की बताई जा रही है। रविवार की छुट्टी के बाद जब सोमवार सुबह चौकीदार आशीष बोरिंग चालू करने पहुंचे, तो उन्होंने गेट के पास मटकी, लाल कपड़ा और तंत्र क्रिया जैसे प्रतीक देखे। इसी दौरान दीवार पर लिखा यह डरावना संदेश भी सामने आया। घटना स्थल पर मिले इन संदिग्ध सामानों ने पूरे परिसर में दहशत का माहौल पैदा कर दिया। बताया जा रहा है कि यह नई बिल्डिंग है, जहां करीब 10 दिन पहले ही कक्षाएं शुरू हुई हैं और लगभग 1100 विद्यार्थी अध्ययन कर रहे हैं। घटना के समय चौकीदार ने बताया कि रात करीब 2 बजे तक स्टाफ परिसर में मौजूद था, लेकिन इसके बाद यह घटना घटित हुई। सुबह जैसे ही यह मामला सामने आया, शिक्षकों और कर्मचारियों में हड़कंप मच गया और तुरंत प्रशासन को सूचना दी गई।सबसे बड़ी चुनौती यह है कि भवन के बाहर CCTV कैमरे नहीं लगे हैं, जिसके कारण अज्ञात शरारती तत्वों की पहचान करना मुश्किल हो रहा है। फिलहाल विश्वविद्यालय प्रशासन और अधिकारी मामले की जांच में जुटे हुए हैं। घटना के बाद दीवार पर लिखा संदेश पुताई कर मिटा दिया गया है, लेकिन परिसर में भय और असुरक्षा का माहौल अभी भी बना हुआ है। अधिकारी इस बात की भी जांच कर रहे हैं कि यह किसी अंधविश्वास से जुड़ी हरकत है या जानबूझकर दहशत फैलाने की कोशिश।
गोलीकांड निकला फर्जी उज्जैन पुलिस का बड़ा खुलासा आगजनी मामले में सख्त कार्रवाई

उज्जैन । मध्यप्रदेश के उज्जैन जिले में सामने आए गोलीकांड और आगजनी के मामलों में पुलिस ने बड़ा खुलासा करते हुए चौंकाने वाली सच्चाई उजागर की है। जांच में सामने आया है कि गोली लगने की घटना दरअसल एक सोची समझी साजिश थी जबकि आगजनी के मामले में 13 आरोपियों को नामजद कर सख्त कार्रवाई शुरू कर दी गई है। पुलिस के अनुसार चिमनगंज थाना क्षेत्र में अतीक माहुरकर ने शिकायत दर्ज कराई थी कि उसे आला बाथम ने गोली मारी है। इस आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की लेकिन जांच के दौरान कई तरह के विरोधाभास सामने आए। घटनास्थल पर खून के निशान बेहद कम पाए गए जबकि दूसरे स्थान पर अधिक रक्त मिला जिससे पुलिस को संदेह हुआ। जब पुलिस ने सख्ती से पूछताछ की तो पूरा मामला पलट गया। अतीक माहुरकर ने स्वीकार किया कि उसने अवैध देशी कट्टे से खुद को गोली मारकर दूसरे व्यक्ति को फंसाने की साजिश रची थी। उसने बताया कि कट्टा लोड करते समय अचानक फायर हो गया और गोली उसके पैर में लग गई। इसके बाद उसने फर्जी घटनास्थल तैयार कर पुलिस को गुमराह करने की कोशिश की। इस साजिश में उसके कुछ साथियों की भूमिका भी सामने आई है जिन्होंने खून फैलाकर और सबूतों से छेड़छाड़ कर झूठा घटनाक्रम तैयार करने में मदद की। पुलिस अब इन सभी आरोपियों की भूमिका की गहराई से जांच कर रही है। वहीं दूसरी ओर ढांचा भवन क्षेत्र में रौनक गुर्जर के मकान पर हुई आगजनी की घटना में पुलिस ने 13 नामजद आरोपियों के खिलाफ गंभीर धाराओं में मामला दर्ज किया है। सीसीटीवी फुटेज में आरोपी पेट्रोल और हथियारों के साथ आते हुए दिखाई दिए जिन्होंने पहले इलाके की रैकी की और फिर सुनियोजित तरीके से आगजनी की वारदात को अंजाम दिया। पुलिस ने इस मामले में एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है जबकि अन्य की तलाश जारी है। पुलिस अधीक्षक प्रदीप शर्मा के अनुसार गोलीकांड की घटना एफएसएल और मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर खुद द्वारा की गई पाई गई है। वहीं आगजनी मामले में भी साक्ष्यों के आधार पर तेजी से कार्रवाई की जा रही है। बताया जा रहा है कि इन मामलों में शामिल कई आरोपी पहले से आपराधिक गतिविधियों में लिप्त रहे हैं और कुछ पर जिलाबदर की कार्रवाई भी हो चुकी है। पुलिस अब सभी आरोपियों का आपराधिक रिकॉर्ड खंगाल रही है और जल्द ही अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी की संभावना जताई जा रही है। इन घटनाओं के खुलासे के बाद यह साफ हो गया है कि अपराधियों ने कानून को गुमराह करने के लिए किस हद तक साजिश रची लेकिन पुलिस की सतर्कता और जांच के चलते सच्चाई सामने आ गई।
उज्जैन में महाकाल के दरबार में दिखे मिलिंद सोमन-नितीश राणा, नंदी हॉल में किया जाप

नई दिल्ली। धार्मिक नगरी उज्जैन स्थित विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर में मंगलवार तड़के आयोजित भस्म आरती में फिल्म अभिनेता मिलिंद सोमन और भारतीय क्रिकेटर नितीश राणा ने अपनी-अपनी पत्नियों के साथ भगवान महाकाल के दर्शन किए। दोनों ने सुबह 4 बजे होने वाली इस विशेष आरती में भाग लेकर विधि-विधान से पूजा-अर्चना की। रात 2 बजे पहुंचे, नंदी हॉल में साधना का माहौलदोनों सेलिब्रिटी देर रात करीब 2 बजे मंदिर पहुंचे। नितीश राणा अपनी पत्नी साँची मारवाह के साथ, जबकि मिलिंद सोमन अपनी पत्नी अंकिता कोंवर के साथ यहां आए। उन्होंने मंदिर के नंदी हॉल में बैठकर करीब दो घंटे तक भस्म आरती में भाग लिया। इस दौरान वे ध्यान और जाप में लीन नजर आए, जिससे वहां मौजूद श्रद्धालुओं में भी विशेष उत्साह देखने को मिला। नंदी जी के कान में कही मनोकामनाभस्म आरती के दौरान दोनों ने नंदी भगवान का पूजन किया और परंपरा के अनुसार उनके कान में अपनी मनोकामना भी व्यक्त की। आरती के पश्चात उन्होंने गर्भगृह की देहरी से भगवान महाकाल के दर्शन किए और जल अर्पित कर आशीर्वाद लिया। मंदिर समिति ने किया सम्मानदर्शन के बाद मंदिर समिति की ओर से दोनों का पारंपरिक तरीके से सम्मान भी किया गया। इस दौरान मंदिर परिसर में सुरक्षा के विशेष इंतजाम भी किए गए थे, क्योंकि बड़ी संख्या में श्रद्धालु भस्म आरती में शामिल होने पहुंचे थे। “बाबा का बुलावा आया” – मिलिंद सोमनमिलिंद सोमन ने मीडिया से बातचीत में कहा कि वे लंबे समय से महाकाल के दर्शन करने की इच्छा रखते थे, लेकिन अब जाकर उन्हें यह अवसर मिला। उन्होंने कहा, “यहां आकर बहुत शांति और ऊर्जा का अनुभव हुआ। लगता है कि बाबा का बुलावा आया, तभी यहां आना संभव हो पाया।” उन्होंने यह भी बताया कि उनकी पत्नी की भी यहां आने की इच्छा थी, जो अब पूरी हो गई। आस्था और भक्ति का अनूठा संगममहाकाल मंदिर में भस्म आरती का धार्मिक महत्व बेहद खास है, जिसमें देश-विदेश से श्रद्धालु शामिल होते हैं। ऐसे में प्रसिद्ध हस्तियों की मौजूदगी इस आध्यात्मिक आयोजन को और भी खास बना देती है।