UJJAIN MAHAKAL TEMPLE: महाकाल भस्म आरती: भांग चंदन और बेलपत्र से सजा बाबा महाकाल का दिव्य श्रृंगार, गूंजे जय महाकाल के जयकारे

UJJAIN MAHAKAL TEMPLE: उज्जैन । धार्मिक नगरी उज्जैन में स्थित विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर में बुधवार तड़के आयोजित भस्म आरती के दौरान भक्तिमय वातावरण देखने को मिला। चैत्र माह के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि पर तड़के करीब 4 बजे मंदिर के कपाट खोले गए जिसके बाद विधि-विधान से भगवान महाकालेश्वर की भस्म आरती संपन्न हुई। इस दौरान बाबा महाकाल का भव्य और दिव्य श्रृंगार किया गया जिसे देखने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंदिर पहुंचे। मंदिर के पट खुलने के बाद पुजारियों ने सबसे पहले गर्भगृह में स्थापित सभी देवी-देवताओं का पूजन-अर्चन किया। इसके पश्चात भगवान महाकाल का जलाभिषेक किया गया। इसके बाद दूध दही घी शहद और फलों के रस से बने पंचामृत से अभिषेक कर विशेष पूजन संपन्न किया गया। पूरे अनुष्ठान के दौरान मंदिर परिसर वैदिक मंत्रोच्चार और घंटियों की ध्वनि से गूंजता रहा जिससे वातावरण पूरी तरह आध्यात्मिक हो गया। अभिषेक के बाद भगवान महाकाल का आकर्षक श्रृंगार किया गया। बाबा को चंदन का त्रिपुंड और त्रिनेत्र से अलंकृत किया गया वहीं भांग और बेलपत्र से भी विशेष सजावट की गई। सुगंधित पुष्पों और मालाओं से सजे भगवान महाकाल का स्वरूप अत्यंत मनमोहक नजर आ रहा था। इसके बाद भस्म अर्पण की परंपरा निभाई गई। भस्म अर्पण से पहले प्रथम घंटाल बजाकर हरिओम का जल अर्पित किया गया और मंत्रोच्चार के बीच भगवान का ध्यान किया गया। कपूर आरती के पश्चात ज्योतिर्लिंग को कपड़े से ढांककर पवित्र भस्म रमाई गई। यह परंपरा महाकाल मंदिर की सबसे विशेष और प्राचीन परंपराओं में से एक मानी जाती है। भस्म आरती के बाद भगवान महाकाल को शेषनाग का रजत मुकुट रजत की मुण्डमाल रुद्राक्ष की माला और विभिन्न प्रकार के सुगंधित पुष्पों की मालाएं अर्पित की गईं। इसके साथ ही कई आभूषणों से भगवान का अलंकरण किया गया जिससे उनका स्वरूप और भी दिव्य दिखाई दे रहा था। तड़के आयोजित इस भस्म आरती में सैकड़ों श्रद्धालुओं ने उपस्थित होकर बाबा महाकाल के दर्शन किए और पुण्य लाभ अर्जित किया। मंदिर परिसर में हर ओर जय महाकाल के जयकारे गूंज रहे थे जिससे पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया। दर्शन के बाद श्रद्धालुओं ने नंदी महाराज के पास पहुंचकर उनके कान में अपनी मनोकामनाएं भी व्यक्त कीं और बाबा से सुख-समृद्धि का आशीर्वाद मांगा। उज्जैन के महाकाल मंदिर में प्रतिदिन तड़के होने वाली भस्म आरती का विशेष धार्मिक महत्व है। देश ही नहीं बल्कि विदेशों से भी श्रद्धालु इस अद्भुत परंपरा को देखने और बाबा महाकाल के दर्शन करने के लिए यहां पहुंचते हैं। माना जाता है कि सच्चे मन से बाबा महाकाल के दर्शन और आराधना करने से भक्तों की सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं।
टी-20 फाइनल से पहले उज्जैन में मिर्ची यज्ञ: मां बगलामुखी धाम में रातभर मंत्रोच्चार, टीम इंडिया की जीत के लिए प्रार्थना

उज्जैन । भारत और न्यूजीलैंड के बीच होने वाले टी 20 फाइनल मुकाबले को लेकर देशभर में उत्साह का माहौल है। क्रिकेट प्रेमियों की नजरें जहां मैदान पर टिकी हैं, वहीं कई जगहों पर टीम इंडिया की जीत के लिए धार्मिक अनुष्ठान भी किए जा रहे हैं। मध्य प्रदेश के उज्जैन में शनिवार रात प्रसिद्ध मां बगलामुखी धाम में टीम इंडिया की जीत की कामना को लेकर विशेष मिर्ची यज्ञ का आयोजन किया गया। इस धार्मिक अनुष्ठान में बड़ी संख्या में श्रद्धालु, साधु संत और जनप्रतिनिधि शामिल हुए। भैरवगढ़ रोड स्थित मां बगलामुखी धाम में आयोजित इस अनुष्ठान की शुरुआत विधि विधान के साथ हुई। करीब 51 पुजारियों ने मंत्रोच्चार करते हुए हवन कुंड में आहुति दी और टीम इंडिया की सफलता के लिए प्रार्थना की। यज्ञ के दौरान पूरे मंदिर परिसर में वैदिक मंत्रों की गूंज और देशभक्ति का माहौल देखने को मिला। श्रद्धालुओं का विश्वास है कि मां बगलामुखी की कृपा से भारतीय टीम फाइनल मुकाबले में जीत हासिल करेगी। इस अवसर पर मंदिर के महंत पीर रामनाथ महाराज ने भी विशेष पूजा अर्चना कर टीम इंडिया की जीत की कामना की। उन्होंने कहा कि मां बगलामुखी संकटों को दूर करने वाली देवी मानी जाती हैं और उनकी कृपा से हर बाधा समाप्त होती है। उन्होंने विश्वास जताया कि खिलाड़ियों को देवी का आशीर्वाद मिलेगा और भारत विजय हासिल करेगा। रविवार शाम सात बजे अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में भारत और न्यूजीलैंड के बीच टी 20 विश्व कप का फाइनल मुकाबला खेला जाना है। इस अहम मैच को लेकर क्रिकेट प्रेमियों में खासा उत्साह है। इसी उत्साह और आस्था के संगम के रूप में उज्जैन में यह विशेष मिर्ची यज्ञ किया गया। यज्ञ में क्षेत्र के सांसद अनिल फिरोजिया भी शामिल हुए और हवन में आहुति देकर टीम इंडिया की जीत के लिए प्रार्थना की। अनुष्ठान के दौरान बटुकों ने हाथों में तिरंगा और भारतीय खिलाड़ियों की तस्वीरें लेकर मंत्रोच्चार किया। भारतीय टीम के कप्तान सूर्यकुमार यादव सहित अभिषेक शर्मा, हार्दिक पंड्या, शिवम दुबे, संजू सैमसन, जसप्रीत बुमराह, अक्षर पटेल और ईशान किशन के नाम से विशेष प्रार्थनाएं की गईं। पूरे आयोजन में आस्था और देशभक्ति का अनोखा संगम देखने को मिला। पंडित गोपाल शर्मा ने बताया कि मिर्ची यज्ञ का विशेष महत्व होता है। परंपरागत रूप से यह यज्ञ शत्रुओं पर विजय प्राप्त करने और बाधाओं को दूर करने के लिए किया जाता है। उन्होंने बताया कि इस यज्ञ में खड़ी लाल मिर्च, सरसों, जायफल, श्रीफल, शुद्ध घी, बहेड़ा और अन्य हवन सामग्री से आहुति दी जाती है। सांसद अनिल फिरोजिया ने कहा कि प्राचीन समय में राजा युद्ध पर जाने से पहले विशेष यज्ञ करवाते थे, ताकि विजय सुनिश्चित हो सके। उसी परंपरा के तहत आज टीम इंडिया की सफलता के लिए यह धार्मिक अनुष्ठान किया गया है। महंत रामनाथ जी ने भी बताया कि पहले भी इस तरह के अनुष्ठानों के बाद भारतीय टीम को सफलता मिली है। रातभर चले इस धार्मिक अनुष्ठान के दौरान श्रद्धालुओं ने मां बगलामुखी से प्रार्थना की कि भारतीय टीम फाइनल मुकाबले में शानदार प्रदर्शन करे और देश का नाम रोशन करे।
उज्जैन रेलवे स्टेशन पर बड़ा हादसा टला: चलती ट्रेन में चढ़ते वक्त फिसला यात्री, आरपीएफ जवान ने खींचकर बचाई जान

उज्जैन । मध्यप्रदेश के उज्जैन रेलवे स्टेशन पर गुरुवार शाम एक बड़ा हादसा होते होते टल गया। चलती ट्रेन में चढ़ने की कोशिश कर रहा एक यात्री अचानक फिसल गया और ट्रेन के साथ घिसटने लगा। इसी दौरान ड्यूटी पर तैनात Railway Protection Force आरपीएफ के जवान की सतर्कता और बहादुरी से उसकी जान बच गई। जवान ने तुरंत दौड़कर यात्री को पकड़ लिया और पूरी ताकत से खींचकर प्लेटफॉर्म की ओर सुरक्षित निकाल लिया। यह पूरी घटना स्टेशन पर लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई, जिसका वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। मिली जानकारी के अनुसार, यात्री जाहिद उत्तर प्रदेश के Varanasi का निवासी है। वह उज्जैन में भगवान महाकाल के दर्शन करने आया था और दर्शन के बाद वापस अपने घर लौट रहा था। बताया जा रहा है कि वह Mahakaleshwar Jyotirlinga Temple में दर्शन करने के बाद ट्रेन से वापसी कर रहा था। जिस ट्रेन से वह सफर कर रहा था, वह Ahmedabad–Gorakhpur Express बताई जा रही है। घटना के दौरान जाहिद कुछ खाने पीने का सामान लेने के लिए प्लेटफॉर्म पर उतर गया था। इसी बीच ट्रेन ने धीरे धीरे चलना शुरू कर दिया। ट्रेन को चलते देख वह घबराहट में जल्दी जल्दी डिब्बे में चढ़ने की कोशिश करने लगा। उसने ट्रेन का हैंडल पकड़कर चढ़ने की कोशिश की, लेकिन जल्दबाजी में उसका पैर फिसल गया और वह ट्रेन और प्लेटफॉर्म के बीच फंसकर घिसटने लगा। कुछ ही सेकंड में यह स्थिति बेहद खतरनाक हो गई थी। इसी दौरान प्लेटफॉर्म पर ड्यूटी कर रहे आरपीएफ कॉन्स्टेबल शिवराम मीणा की नजर इस घटना पर पड़ गई। उन्होंने बिना समय गंवाए तुरंत दौड़ लगाई और घिसट रहे यात्री को पकड़ लिया। पूरी ताकत लगाकर उन्होंने उसे ट्रेन से दूर खींच लिया और प्लेटफॉर्म पर सुरक्षित कर दिया। यदि कुछ सेकंड की भी देरी हो जाती तो बड़ा हादसा हो सकता था। घटना के बाद यात्रियों और रेलवे स्टाफ ने आरपीएफ जवान की बहादुरी की जमकर सराहना की। रेलवे अधिकारियों के अनुसार आरपीएफ का Operation Jeevan Raksha अभियान इसी तरह यात्रियों की सुरक्षा के लिए चलाया जा रहा है, जिसके तहत जवान प्लेटफॉर्म और ट्रेनों के आसपास लगातार सतर्क रहते हैं। हादसे में यात्री को मामूली चोटें आई हैं, लेकिन वह पूरी तरह सुरक्षित है। इस घटना ने एक बार फिर यह संदेश दिया है कि चलती ट्रेन में चढ़ना बेहद खतरनाक होता है और यात्रियों को हमेशा सुरक्षा नियमों का पालन करना चाहिए। वहीं आरपीएफ जवान की तत्परता और साहस से एक बड़ी दुर्घटना टल गई।
सड़क चौड़ीकरण के विरोध पर BJP विधायक को CM की फटकार, सीएम हाउस में बुलाकर दी नसीहत; आंदोलन किया स्थगित

उज्जैन । मध्यप्रदेश की राजनीति में उस समय हलचल मच गई जब उज्जैन में सड़क चौड़ीकरण के मुद्दे पर विरोध दर्ज कराने वाले भाजपा विधायक को मुख्यमंत्री की फटकार का सामना करना पड़ा। उज्जैन उत्तर विधानसभा से विधायक अनिल जैन को मुख्यमंत्री आवास पर बुलाकर इस मुद्दे पर कड़ी नाराजगी जताई गई। इसके बाद विधायक ने अपने प्रस्तावित आंदोलन को स्थगित कर दिया और अब सड़क चौड़ीकरण का विरोध नहीं करने का फैसला किया है। दरअसल उज्जैन में सड़क चौड़ीकरण को लेकर स्थानीय स्तर पर विरोध की स्थिति बन गई थी। क्षेत्र के कुछ लोगों का कहना था कि इस परियोजना के कारण उन्हें नुकसान हो सकता है। इसी मुद्दे को लेकर विधायक अनिल जैन ने जनता का समर्थन करते हुए आंदोलन करने की चेतावनी दे दी थी। उनका कहना था कि यदि स्थानीय लोगों की समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो वे सड़क पर उतरकर आंदोलन करेंगे। विधायक के इस बयान के बाद मामला तेजी से राजनीतिक हलकों में चर्चा का विषय बन गया। चूंकि प्रदेश में भाजपा की सरकार है ऐसे में सत्तारूढ़ दल के ही विधायक द्वारा सरकारी परियोजना के खिलाफ आंदोलन की चेतावनी देना पार्टी नेतृत्व को असहज कर गया। मामला जल्द ही मुख्यमंत्री मोहन यादव और संगठन के वरिष्ठ नेताओं के संज्ञान में पहुंच गया। इसके बाद विधायक अनिल जैन को मुख्यमंत्री आवास तलब किया गया। यहां मुख्यमंत्री मोहन यादव के साथ साथ भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल और पार्टी के प्रदेश प्रभारी भी मौजूद थे। बैठक के दौरान विधायक को साफ तौर पर समझाया गया कि सरकार की विकास योजनाओं के खिलाफ इस तरह का सार्वजनिक विरोध उचित नहीं है। सूत्रों के अनुसार बैठक में विधायक को कड़ी फटकार लगाई गई और पार्टी अनुशासन का ध्यान रखने की सलाह दी गई। नेतृत्व ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि किसी परियोजना को लेकर स्थानीय स्तर पर समस्या है तो उसे संगठन और सरकार के भीतर उठाया जाना चाहिए न कि सार्वजनिक आंदोलन के जरिए। बैठक के बाद विधायक अनिल जैन ने अपने तेवर नरम कर लिए और आंदोलन की घोषणा को वापस लेने का निर्णय लिया। उन्होंने कहा कि फिलहाल आंदोलन स्थगित कर दिया गया है और अब सड़क चौड़ीकरण के काम का विरोध नहीं किया जाएगा। साथ ही उन्होंने यह भी संकेत दिए कि स्थानीय लोगों की समस्याओं को प्रशासन के सामने रखकर समाधान निकालने की कोशिश की जाएगी। इस पूरे घटनाक्रम के बाद प्रदेश की राजनीति में यह संदेश भी गया है कि पार्टी नेतृत्व सरकारी योजनाओं को लेकर किसी भी तरह की सार्वजनिक असहमति को गंभीरता से ले रहा है। फिलहाल उज्जैन में सड़क चौड़ीकरण का काम जारी रहने की संभावना है और प्रशासन भी इस परियोजना को लेकर आगे की प्रक्रिया पर काम कर रहा है।
होली से पहले उज्जैन पुलिस का एक्शन मोड: गुंडा बदमाशों को थाने बुलाकर चेतावनी, हुड़दंग किया तो होगी सख्त कार्रवाई

नई दिल्ली। होली और रंगपंचमी को शांतिपूर्ण और सुरक्षित बनाने के लिए उज्जैन पुलिस ने जिलेभर में विशेष अभियान चलाया है। पुलिस ने गुंडा सूची में दर्ज बदमाशों, निगरानी अपराधियों और आदतन उपद्रवियों को थानों में तलब कर कड़ी चेतावनी दी है कि त्योहार के दौरान किसी भी तरह की गड़बड़ी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। पुलिस अधिकारियों के निर्देश पर जिले के सभी थाना क्षेत्रों में एक साथ यह कार्रवाई की गई। त्योहारों के दौरान शांति, सुरक्षा और कानून व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से सक्रिय असामाजिक तत्वों की काउंसलिंग की गई और उन्हें भविष्य में किसी भी आपराधिक गतिविधि से दूर रहने की हिदायत दी गई। स्पष्ट चेतावनी दी गई है कि यदि कोई भी व्यक्ति होली या रंगपंचमी के दौरान मारपीट, जबरन रंग डालना, महिला उत्पीड़न, धार्मिक भावनाएं भड़काने, अवैध शराब या नशीले पदार्थों की बिक्री अथवा सेवन, या किसी भी प्रकार की शांति भंग की गतिविधि में शामिल पाया गया, तो उसके खिलाफ सख्त वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। अभियान के तहत संबंधित आरोपियों से प्रतिबंधात्मक धाराओं में बांड भरवाए गए हैं। साथ ही उनके डोजियर अपडेट किए गए, जिनमें आपराधिक रिकॉर्ड, वर्तमान गतिविधियों और संभावित जोखिम का विवरण दर्ज किया गया। थानों में बुलाए गए लोगों को शांति और सौहार्द बनाए रखने की शपथ भी दिलाई गई। पुलिस अधीक्षक प्रदीप शर्मा ने बताया कि होली को लेकर पिछले 15 दिनों से लगातार बैठकें की जा रही हैं। सभी आयोजनकर्ताओं से समन्वय स्थापित किया गया है और प्रमुख स्थानों पर सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। होलिका दहन और अन्य आयोजनों में कोई अव्यवस्था न हो, इसके लिए आयोजकों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि महिलाएं और बच्चे भी सुरक्षित माहौल में त्योहार मना सकें, यह पुलिस की प्राथमिकता है। हर थाने में उपद्रवी तत्वों को चिन्हित कर उनके खिलाफ बाउंडओवर की कार्रवाई की गई है। जिलेभर में व्यापक सुरक्षा इंतजाम किए गए हैं, ताकि होली और रंगपंचमी सौहार्द और भाईचारे के साथ संपन्न हो सकें।
महाकाल में अब हर आरती सशुल्क! 250 रुपए पास पर मचा बवाल, भक्त बोले- आस्था पर क्यों लगा ‘टिकट’?

उज्जैन । उज्जैन स्थित महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग मंदिर में संध्या और शयन आरती के लिए 250 रुपए शुल्क लागू किए जाने के फैसले ने नया विवाद खड़ा कर दिया है। अब श्रद्धालु इन आरतियों में शामिल तभी हो सकेंगे, जब उनके पास निर्धारित पास होगा। मंदिर समिति ने यह व्यवस्था भस्म आरती की तर्ज पर शुरू की है। समिति का अनुमान है कि इससे प्रतिदिन लगभग 6 लाख रुपए की अतिरिक्त आय होगी, यानी हर महीने करीब 1.80 करोड़ और सालाना लगभग 22 करोड़ रुपए का अतिरिक्त राजस्व प्राप्त होगा। मंदिर प्रशासन का तर्क है कि इस कदम से भीड़ नियंत्रण में मदद मिलेगी और व्यवस्था अधिक सुव्यवस्थित होगी। आरती की बुकिंग पूरी तरह ऑनलाइन कर दी गई है, जिसे पारदर्शिता की दिशा में कदम बताया जा रहा है। हालांकि जिन श्रद्धालुओं को ऑनलाइन प्रक्रिया की जानकारी नहीं है या तकनीकी दिक्कतें आती हैं, उनके लिए केवल एक हेल्प डेस्क की व्यवस्था की गई है। दूसरी ओर, कई श्रद्धालुओं ने इस फैसले पर नाराजगी जताई है। उनका कहना है कि भस्म आरती पहले से सशुल्क है, लेकिन संध्या और शयन आरती में भी शुल्क लागू करना आस्था पर आर्थिक बोझ डालना है। कुछ भक्तों का आरोप है कि 250 रुपए देने वालों को बेहतर स्थान मिलता है, जबकि अन्य श्रद्धालुओं को सीमित या चलित दर्शन तक ही सीमित कर दिया जाता है। इसे वे “आस्था में भेदभाव” बता रहे हैं। महाकाल से जुड़े भक्त मंडलों का कहना है कि वर्षों से नियमित रूप से आरती में शामिल होने वाले श्रद्धालुओं को अचानक शुल्क व्यवस्था के कारण असुविधा हो रही है। उनका तर्क है कि मंदिर में सभी भक्त समान हैं और आर्थिक आधार पर भेद नहीं होना चाहिए। मंदिर के कुछ पुजारियों ने भी कहा है कि शुल्क लागू करने से पहले उनसे औपचारिक परामर्श नहीं लिया गया। उनका सुझाव है कि यदि शुल्क व्यवस्था लागू की गई है, तो कम से कम 25 प्रतिशत स्थान ऐसे श्रद्धालुओं के लिए ऑफलाइन आरक्षित किए जाएं, जो आर्थिक रूप से कमजोर हैं या ऑनलाइन बुकिंग नहीं कर पाते। राजनीतिक स्तर पर भी इस फैसले पर मतभेद सामने आए हैं। नगर निगम के नेता प्रतिपक्ष ने सवाल उठाया कि जब मंदिर की आय दान और अन्य स्रोतों से पहले ही पर्याप्त है, तो अतिरिक्त शुल्क की आवश्यकता क्यों पड़ी। वहीं महापौर ने कहा कि वे मंदिर समिति के पदेन सदस्य हैं, लेकिन इस निर्णय पर उनसे औपचारिक सहमति या चर्चा नहीं की गई। फिलहाल मंदिर प्रशासन अपने निर्णय पर कायम है और इसे व्यवस्था सुधार की दिशा में कदम बता रहा है। दूसरी ओर, श्रद्धालुओं और जनप्रतिनिधियों की नाराजगी के चलते यह मुद्दा लगातार तूल पकड़ रहा है। अब देखना होगा कि विरोध के बाद मंदिर समिति इस व्यवस्था में कोई बदलाव करती है या नहीं।
मनोज बाजपेयी सहित निर्माता निर्देशक पर कार्रवाई की मांग फिल्म पर तत्काल रोक लगाने का दबाव

उज्जैन : ओटीटी प्लेटफॉर्म नेटफ्लिक्स पर अभिनेता मनोज बाजपेयी की आगामी फिल्म घूसखोर पंडत का टीजर सामने आते ही विवाद गहराता जा रहा है। फिल्म के नाम और कुछ संवादों को लेकर ब्राह्मण समाज में गहरी नाराजगी है। शनिवार को अखिल भारतीय ब्राह्मण समाज के पदाधिकारी और कार्यकर्ता उज्जैन के माधव नगर थाने पहुंचे और फिल्म के निर्माता निर्देशक एवं अभिनेता मनोज बाजपेयी के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग को लेकर ज्ञापन सौंपा। ब्राह्मण समाज का आरोप है कि फिल्म के टाइटल घूसखोर पंडत और इसमें प्रयुक्त संवाद ब्राह्मण लंगोट का ढीला होता है समाज की छवि को अपमानित करने वाले हैं। अखिल भारतीय ब्राह्मण समाज के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुरेंद्र चतुर्वेदी ने कहा कि पंडितों को घूसखोर बताना पूरे समाज का अपमान है जिसे किसी भी हाल में स्वीकार नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि फिल्म के संवाद जानबूझकर ब्राह्मण समाज को बदनाम करने के उद्देश्य से डाले गए हैं। यह अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता नहीं बल्कि एक पूरे वर्ग को नीचा दिखाने की कोशिश है। चतुर्वेदी ने कहा कि उत्तर प्रदेश में इस फिल्म को लेकर एफआईआर दर्ज हो चुकी है तो उज्जैन में कार्रवाई क्यों नहीं की जा रही। प्रदर्शन के दौरान अखिल भारतीय युवा ब्राह्मण समाज के पदाधिकारी भी मौजूद रहे। युवा ब्राह्मण समाज के अध्यक्ष महेश शर्मा ने कहा कि भले ही फिल्म निर्माताओं ने कहीं माफी मांगी हो लेकिन समाज उन्हें माफ करने के मूड में नहीं है। उन्होंने कहा कि ब्राह्मण समाज की मान प्रतिष्ठा से खिलवाड़ करने वालों को सजा मिलनी चाहिए। ऐसी फिल्मों के जरिए समाज को बदनाम करने की साजिश बर्दाश्त नहीं की जाएगी। प्रदर्शनकारियों ने मांग की कि फिल्म के टाइटल में तुरंत बदलाव किया जाए। फिल्म से विवादित संवाद हटाए जाएं और यदि अन्य आपत्तिजनक दृश्य या बयान हैं तो उन्हें भी हटाया जाए। साथ ही फिल्म की रिलीज पर तत्काल रोक लगाने की मांग भी की गई।जानकारी के अनुसार फिल्म में मनोज बाजपेयी मुख्य भूमिका में हैं और वह एक पुलिस अधिकारी अजय दीक्षित का किरदार निभा रहे हैं। फिल्म में उन्हें पंडित नाम से संबोधित किया गया है जिस पर समाज को विशेष आपत्ति है। माधव नगर थाना प्रभारी राकेश भारती ने बताया कि अखिल भारतीय ब्राह्मण समाज के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुरेंद्र चतुर्वेदी द्वारा शिकायत दी गई है। मामले की जांच की जा रही है और विधि सम्मत कार्रवाई की जाएगी।फिल्म को लेकर देश के कई शहरों में विरोध प्रदर्शन की खबरें सामने आ रही हैं। ऐसे में यह विवाद अब कानूनी और सामाजिक दोनों मोर्चों पर तूल पकड़ता नजर आ रहा है।
इस एयरपोर्ट में खुलेगा Mahakal मंदिर का परमानेंट काउंटर, अब दर्शन की प्रक्रिया होगी आसान

Mahakal Counter : इंदौर। बाबा महाकाल के भक्तों के लिए बड़ी खुशखबरी है। अब इंदौर के देवी अहिल्याबाई होलकर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर ही महाकालेश्वर मंदिर (Mahakal ) प्रबंधन समिति का स्थायी काउंटर खुलने जा रहा है। यहां पहुंचते ही श्रद्धालुओं को शीघ्र दर्शन टिकट, भस्म आरती पास, महाकाल लोक घूमने की एंट्री, ठहरने की व्यवस्था और उज्जैन तक जाने वाले परिवहन की पूरी जानकारी एक ही जगह मिल जाएगी। सुविधा के लिए एयरपोर्ट अथॉरिटी ने दी मंजूरी एयरपोर्ट अथॉरिटी की हालिया सलाहकार समिति की बैठक में इस प्रस्ताव को मंजूरी मिल गई है। अधिकारियों ने बताया कि रोजाना सैकड़ों यात्री इंदौर उतरकर सीधे उज्जैन (Mahakal ) के लिए रवाना होते हैं। अब उन्हें एयरपोर्ट से बाहर निकलने की जरूरत नहीं पड़ेगी। काउंटर पर मौजूद प्रशिक्षित कर्मचारी तुरंत टिकट बुक करेंगे। साथ ही पास जारी करेंगे। महाकाल (Mahakal ) लोक के भव्य विस्तार के बाद श्रद्धालुओं की तादाद में जबरदस्त इजाफा हुआ है। विदेशी पर्यटक, बॉलीवुड सितारे, क्रिकेटर और बड़े-बड़े उद्योगपति भी भस्म आरती में शरीक होने पहुंच रहे हैं। पिछले कुछ महीनों में कंगना रनौत, विक्की कौशल, अनन्या पांडे, रश्मिका मंदाना, धोनी समेत कई सेलिब्रिटी बाबा के दरबार में हाजिरी लगा चुके हैं। READ MORE: एक फोन कॉल में अकाउंट खाली, बचाव के जरूरी टिप्स जानें सिंहस्थ-2028 की तैयारियों को मिलेगा बल अधिकारियों का कहना है कि 2028 में होने वाले सिंहस्थ महापर्व को देखते हुए यह काउंटर गेम-चेंजर साबित होगा। उस समय करीब 10-12 करोड़ श्रद्धालु उज्जैन (Mahakal ) आएंगे। ऐसे में इंदौर एयरपोर्ट पहले पड़ाव की तरह काम करेगा। अभी से सुविधाएं बढ़ाने से भीड़ प्रबंधन आसान हो जाएगा। साथ ही इंदौर-उज्जैन मार्ग को सिक्स लेन करने का काम भी तेजी से चल रहा है। अगले साल तक यह हाईवे पूरी तरह तैयार हो जाएगा, जिससे यात्रा का समय आधा रह जाएगा। READ MORE: बेटे और जीजा के सामने मगरमच्छों ने पिता को खींचा कब से शुरू होगा Mahakal काउंटर? जिला प्रशासन, पर्यटन विभाग और एयरपोर्ट अथॉरिटी के बीच अंतिम समन्वय चल रहा है। अगले 15-20 दिनों में काउंटर शुरू हो जाएगा। काउंटर 24×7 खुलेगा ताकि सुबह-सुबह पहुंचने वाले भक्त भी परेशान न हों। READ MORE: बिजली कंपनी में दो महिला कर्मचारी ससपेंड, जानिए पूरा मामला
Mahakal Temple: महाकाल की भस्म आरती में पहुंचे पूर्व क्रिकेटर कृष्णमाचारी श्रीकांत…

Mahakal Temple: उज्जैन। विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर में सोमवार सुबह भस्म आरती के दौरान भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व सलामी बल्लेबाज कृष्णमाचारी श्रीकांत ने भगवान महाकाल के दर्शन किए। उन्होंने मंदिर में विधिवत पूजा-अर्चना कर सुख, समृद्धि और देश की उन्नति की कामना की। महाकाल (Mahakal Temple) की भस्म आरती में शामिल होकर श्रीकांत ने कहा कि उज्जैन आना हमेशा दिव्य अनुभव देता है। वे आरती के दौरान कुछ समय ध्यान में भी लीन रहे। 1983 विश्व कप विजेता टीम का हिस्सा रहे हैं कृष्णमाचारी श्रीकांत कृष्णमाचारी श्रीकांत 1983 विश्व कप विजेता टीम का हिस्सा रहे हैं और 1989 में पाकिस्तान के खिलाफ खेले गए टेस्ट सीरीज में भारतीय टीम की कप्तानी भी कर चुके हैं। क्रिकेट से संन्यास के बाद उन्होंने बतौर कमेंटेटर और भारतीय चयन समिति के अध्यक्ष के रूप में भी अहम भूमिका निभाई। READ MORE: इन संभाग में आज भारी बारिश का अलर्ट…
Mahakaleshwar Temple: VIP दर्शन में अब लाइव मॉनिटरिंग से पता चलेगा — कौन, कब और किसने कराया दर्शन…

Mahakaleshwar Temple: उज्जैन के प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर में अब VIP और प्रोटोकॉल दर्शन व्यवस्था को पारदर्शी बनाने के लिए टेक्नोलॉजी की मदद ली जा रही है। मंदिर प्रशासन ने अब एक ऐसी प्रणाली लागू की है, जिससे यह रियल टाइम में पता चल सकेगा कि कौन वीआईपी दर्शन के लिए आया, कितने लोग साथ थे और उन्हें किसने रिसीव किया। अब मंदिर में लाइव ट्रैकिंग सिस्टम मंदिर (Mahakaleshwar Temple) प्रशासक प्रथम कौशिक के निर्देशन में शुरू हुई इस नई व्यवस्था के तहत, शंख द्वार पर मौजूद कर्मचारी VIP श्रद्धालुओं की जानकारी Google Docs में दर्ज करते हैं। ये डाटा सीधे प्रशासक और सहायक प्रशासक आशीष पलवड़िया के मोबाइल पर लाइव अपडेट होता है। इसमें यह दर्ज किया जाता है कि : श्रद्धालु कब मंदिर पहुंचे किस गेट से एंट्री ली कितने समय तक दर्शन किए उनके साथ कितने लोग आए किस अधिकारी या कर्मचारी ने उन्हें रिसीव किया तीन स्तर पर चेकिंग और मॉनिटरिंग मंदिर प्रशासन (Mahakaleshwar Temple) ने तीन स्तरों पर चेकिंग पॉइंट्स बनाए हैं, जिनकी लाइव फीड अधिकारियों के मोबाइल पर जाती है। इसके जरिए दिनभर में प्रोटोकॉल दर्शन करने वालों की पूरी जानकारी मॉनिटर की जाती है। क्यों पड़ी इस सिस्टम की जरूरत? दरअसल, पिछले सालों में VIP दर्शन में कई गड़बड़ियां सामने आई थीं। मंदिर समिति की जांच में पाया गया कि कई बार फर्जी नामों से एंट्री कराई गई और अवैध वसूली हुई। कुछ कर्मचारियों ने श्रद्धालुओं से 1100 से 2000 रुपए तक वसूले और राशि मंदिर के खाते में नहीं पहुंची। करीब 10 महीने पहले एक बड़ा रैकेट पकड़ा गया था, जिसमें मंदिर (Mahakaleshwar Temple) के कर्मचारी, पुजारी और गार्ड शामिल थे। इसके बाद 13 लोगों पर एफआईआर दर्ज हुई और 6 कर्मचारियों को निलंबित किया गया। READD MORE: अब PWD करेगा सभी सड़कों और पुलियों की डिजिटल मैपिंग, जानिए नया सर्वेक्षण ऐप कैसे करेगा काम