Botswana Cheetah Released: चीता प्रोजेक्ट को मिली नई रफ्तार, कूनो में एक और मादा चीता हुई रिलीज

HIGHLIGHTS: कुनो में तीसरी बोत्सवाना मादा चीता जंगल में छोड़ी गई खुले जंगल में घूमने वाले चीतों की संख्या 14 हुई रेडियो टेलीमेट्री से हो रही 24 घंटे निगरानी कुनो में कुल चीतों की संख्या पहुंची 59 चीता प्रोजेक्ट को वन विभाग ने बताया बड़ी सफलता Botswana Cheetah Released: श्योपुर। मध्य प्रदेश के कुनो नेशनल पार्क में बुधवार को बोत्सवाना से लाई गई एक और मादा चीता को खुले जंगल में छोड़ दिया गया है। चीता प्रोजेक्ट प्रबंधन के अनुसार, इसके साथ ही अब कुनो के खुले जंगल में विचरण करने वाले चीतों की संख्या बढ़कर 14 हो गई है। लगातार बढ़ती संख्या को वन विभाग चीता पुनर्स्थापना परियोजना की बड़ी सफलता मान रहा है। सीधी सड़क दुर्घटना: मिनी हाइवा ने बाइक को रौंदा, एक की जान गई, तीन अस्पताल में भर्ती रेडियो टेलीमेट्री से हो रही निगरानी बताया जा रहा कि वन विभाग और चीता मॉनिटरिंग टीम चीतों की गतिविधियों पर लगातार नजर बनाए हुए है। इसके लिए एडवांस रेडियो टेलीमेट्री सिस्टम और विशेष फील्ड टीमों की मदद ली जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि सभी चीते स्वस्थ हैं और धीरे-धीरे जंगल के माहौल में खुद को बेहतर तरीके से ढाल रहे हैं। हर चीते की लोकेशन और मूवमेंट पर 24 घंटे निगरानी रखी जा रही है। CBSE 12th Result 2026: भोपाल रीजन का 79.43% रिजल्ट, देशभर में 85.20% पासिंग-जानें कौन रहा सबसे आगे कुनो में चीतों की संख्या पहुंची 59 चीता प्रोजेक्ट के तहत लगातार चीतों को खुले जंगल में छोड़ा जा रहा है ताकि वे प्राकृतिक वातावरण में स्वतंत्र रूप से रह सकें। कुनो नेशनल पार्क में अब कुल चीतों की संख्या 59 तक पहुंच गई है। वन विभाग का मानना है कि यह परियोजना भारत में विलुप्त हो चुके चीतों की वापसी की दिशा में ऐतिहासिक कदम साबित हो रही है। ‘नो एंट्री 2’ में बड़ा धमाका, वरुण-अर्जुन के साथ जुड़ सकते हैं शाहिद कपूर.. पहले भी छोड़ी गई थीं दो मादा चीता इससे पहले 11 मई को मुख्यमंत्री मोहन यादव ने दो मादा चीतों को खुले जंगल में छोड़ा था। एपीसीसीएफ और फील्ड डायरेक्टर, चीता प्रोजेक्ट मध्यप्रदेश ने बताया कि विशेषज्ञों की टीम लगातार चीतों की सुरक्षा और उनके सफल अनुकूलन पर काम कर रही है। अधिकारियों को उम्मीद है कि आने वाले समय में कुनो भारत में चीता संरक्षण का सबसे बड़ा केंद्र बन सकता है।
Mohan Yadav Releases cheetahs: मध्यप्रदेश बना चीता स्टेट, CM मोहन यादव ने कूनो में छोड़े दो चीते

HIGHLIGHTS: बोत्सवाना से लाए गए दो मादा चीते जंगल में रिलीज CM मोहन यादव ने खुद खोला चीता एनक्लोजर कूनो में अब चीतों की संख्या बढ़कर 57 हुई बाकी 7 चीते अभी सॉफ्ट बाड़ों में निगरानी में CM बोले- मध्यप्रदेश अब ‘चीता स्टेट’ के रूप में पहचान बना रहा Mohan Yadav Releases cheetahs: मध्यप्रदेश। श्योपुर के कूनो नेशनल पार्क में चीता प्रोजेक्ट को नई रफ्तार मिली है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बोत्सवाना से लाए गए दो मादा चीतों को खुले जंगल में रिलीज किया। कूनो नदी किनारे स्थित रिलीज साइट पर जैसे ही एनक्लोजर का गेट खोला गया, दोनों चीते तेजी से जंगल की ओर दौड़ पड़े। इस दौरान वन विभाग का अमला और अधिकारी उत्साहित नजर आए। 11 मई परमाणु ऊर्जा दिवस: इतिहास, उद्देश्य और भारत की वैज्ञानिक उपलब्धियों की कहानी CM बोले- चीतों को परिवार का हिस्सा बनाया मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश की धरती ने चीतों को अपने परिवार का हिस्सा बना लिया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पहल पर शुरू हुआ चीता प्रोजेक्ट अब सफलता की नई कहानी लिख रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि चीता पुनर्स्थापना अभियान में मध्यप्रदेश लगातार नए कीर्तिमान स्थापित कर रहा है। पहाड़ों के बीच बसा रहस्य: अफगानिस्तान में मौजूद प्राचीन हिंदू मंदिर बना टूरिस्ट्स का आकर्षण 57 तक पहुंची चीतों की संख्या मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि वर्तमान में प्रदेश में चीतों की संख्या 57 हो चुकी है। इनमें 54 चीते कूनो नेशनल पार्क और 3 गांधी सागर अभ्यारण्य में हैं। उन्होंने कहा कि दक्षिण अफ्रीका, नामीबिया और बोत्सवाना से लाए गए चीतों का पुनर्वास सफल हो रहा है और मध्यप्रदेश अब ‘चीता स्टेट’ के रूप में अपनी पहचान बना रहा है। पहाड़ों के बीच बसा रहस्य: अफगानिस्तान में मौजूद प्राचीन हिंदू मंदिर बना टूरिस्ट्स का आकर्षण बाकी चीतों को भी मिलेगा खुला जंगल हाल ही में बोत्सवाना से कुल 9 चीते कूनो लाए गए थे, जिनमें 5 मादा और 4 नर शामिल हैं। सभी चीतों को पहले क्वारंटीन और फिर सॉफ्ट बाड़ों में रखा गया था। वन विभाग के मुताबिक बाकी 7 चीतों को भी जल्द चरणबद्ध तरीके से खुले जंगल में छोड़ा जाएगा।
KUNO CHEETAH MOVEMENT: खेतों के बीच आराम करता दिखा चीता KGP-1, वीडियो वायरल

Highlights खेतों में आराम करता दिखा चीता KGP-1 तिघरा से घाटीगांव तक बदलता मूवमेंट ग्रामीणों ने बनाया वीडियो, सोशल मीडिया पर वायरल वन विभाग की कड़ी निगरानी, ट्रैकिंग जारी अब तक किसी पर हमला नहीं, फिर भी अलर्ट जारी KUNO CHEETAH MOVEMENT: ग्वालियर। शहर में इन दिनों एक खास मेहमान ने हलचल मचा रखी है। कूनो नेशनल पार्क से निकला चर्चित चीता KGP-1 एक बार फिर घाटीगांव क्षेत्र में नजर आया है। इस बार उसे ऊआ खेड़ा गांव के खेतों में आराम करते देखा गया। जिसके बाद ग्रामीणों ने इसका वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया। ‘ऐ मेरे वतन के लोगों’: सिगरेट फॉयल पर लिखा गया गीत जिसने नेहरू की आंखें भी नम कर दीं तिघरा से घाटीगांव तक बदलता मूवमेंट पिछले कुछ दिनों में चीते का मूवमेंट तेजी से बदलता रहा है। वह पहले तिघरा डैम के लखनपुरा जंगलों में घूमता रहा और अब घाटीगांव के खेतों तक पहुंच गया है। जानकारी के अनुसार, करीब 25 दिन पहले यह चीता कूनो से निकलकर आरोन और सिमरिया होते हुए ग्वालियर पहुंचा था। इससे पहले भी इसे राष्ट्रीय चंबल अभयारण्य और आसपास के इलाकों में देखा जा चुका है। AAP छोड़ BJP में शामिल हुए सांसद राजिंदर गुप्ता की फैक्ट्री पर छापा, कार्रवाई से मचा हड़कंप वन विभाग ने जारी किया अलर्ट ग्वालियर वन विभाग और कूनो की टीम इस चीते की लगातार निगरानी कर रही है। उसके गले में लगे ट्रैकिंग कॉलर के जरिए उसकी लोकेशन ट्रैक की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि हर गतिविधि पर नजर रखी जा रही है, ताकि किसी भी अप्रिय घटना से बचा जा सके और लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। लू और थकान से बचने के लिए आयुर्वेद ने सुझाया गर्मियों का सबसे बेहतर डाइट प्लान। अब तक कोई हमला नहीं अब तक राहत की बात यह है कि चीते ने किसी भी ग्रामीण या मवेशी पर हमला नहीं किया है। विशेषज्ञों का मानना है कि जंगलों में पर्याप्त शिकार होने के कारण वह गांवों की ओर आक्रामक रुख नहीं कर रहा। फिर भी वन विभाग ने आसपास के गांवों में अलर्ट जारी किया है और लोगों से अपील की है कि वे अकेले खेतों या जंगलों में न जाएं।