सुकुमारी ने 1956 में अपने अभिनय करियर की शुरुआत की थी और लगभग पांच दशकों तक लगातार फिल्मों में सक्रिय रहीं। मलयालम, तमिल, तेलुगू, कन्नड़, हिंदी, बंगाली और अंग्रेजी जैसी कई भाषाओं की फिल्मों में उन्होंने अपनी बहुमुखी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। उनकी आखिरी फिल्म वर्ष 2019 में बताई जाती है, जिससे यह साफ होता है कि उनका फिल्मी सफर कितना लंबा और प्रभावशाली रहा है।
कॉमेडी और अभिनय का बादशाह: ब्रह्मानंदम
साउथ सिनेमा के सुपरहिट कॉमेडियन ब्रह्मानंदम ने भी अपने करियर में 1000 से अधिक फिल्मों में काम कर एक अलग ही पहचान बनाई है। उनकी कॉमिक टाइमिंग और एक्सप्रेशन ने उन्हें दर्शकों का चहेता बना दिया।
बॉलीवुड और साउथ के दिग्गज कलाकारों की लंबी फिल्मी जर्नी
भारतीय सिनेमा में कई ऐसे कलाकार भी रहे जिन्होंने सैकड़ों फिल्मों में अपनी मौजूदगी दर्ज कराई और हर किरदार को यादगार बना दिया।
शक्ति कपूर
700 से ज्यादा फिल्मों में अभिनय करने वाले शक्ति कपूर ने ज्यादातर विलेन और कॉमिक निगेटिव किरदारों से पहचान बनाई।
ललिता पवार
700 से अधिक फिल्मों में काम कर चुकी ललिता पवार अपने सख्त और प्रभावशाली किरदारों के लिए जानी जाती हैं।
अनुपम खेर
540 से ज्यादा फिल्मों में काम कर चुके अनुपम खेर ने हर तरह के किरदार निभाकर अपनी versatility साबित की है।
अरुणा ईरानी
500 से ज्यादा फिल्मों में काम करने वाली अरुणा ईरानी ने वैम्प और सपोर्टिंग रोल्स में खास पहचान बनाई।
निगेटिव रोल्स के मशहूर चेहरे
400 से ज्यादा फिल्मों में काम कर चुके गुलशन ग्रोवर बॉलीवुड के फेमस “बैडमैन” माने जाते हैं।
सिनेमा के अन्य महान कलाकार
350 से ज्यादा फिल्मों में काम कर चुके मिथुन चक्रवर्ती को “डिस्को किंग” के नाम से जाना जाता है।
अमरीश पुरी
350 से ज्यादा फिल्मों में अपने दमदार विलेन और पिता के किरदारों से अमरीश पुरी ने अमिट छाप छोड़ी।
ओम पुरी
350 से ज्यादा फिल्मों में अभिनय करने वाले ओम पुरी अपने गंभीर और रियलिस्टिक किरदारों के लिए मशहूर रहे।
भारतीय सिनेमा की यह यात्रा साबित करती है कि यहां कलाकारों ने सिर्फ फिल्मों की संख्या नहीं बढ़ाई, बल्कि हर किरदार को जीवंत बनाया। खासकर सुकुमारी का 2500 फिल्मों का रिकॉर्ड आज भी एक ऐसी उपलब्धि है, जिसे पार करना बेहद मुश्किल माना जाता है। यह सूची इस बात का प्रमाण है कि मेहनत, निरंतरता और प्रतिभा मिलकर किसी कलाकार को इतिहास में अमर बना सकते हैं।