जानकारी के अनुसार, 48 वर्षीय गुड्डी देवी अपने भाई कन्हैयालाल और भतीजी बबली के साथ बाइक पर सवार थीं। इसी दौरान सामने से आ रही तेज रफ्तार बस ने अचानक संतुलन खो दिया और बाइक को टक्कर मार दी। बताया जा रहा है कि बस चालक ने सड़क पर बने गड्ढे को बचाने की कोशिश की, जिससे वाहन अनियंत्रित हो गया और यह दर्दनाक हादसा हो गया।
टक्कर इतनी भीषण थी कि गुड्डी देवी बस के पिछले पहिए के नीचे आ गईं और मौके पर ही उनकी मौत हो गई। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई और लोगों की भीड़ जुट गई।
घटना के बाद बस चालक ने भागने की कोशिश की, लेकिन वहां मौजूद स्थानीय लोगों ने तुरंत उसे पकड़ लिया और पुलिस के हवाले कर दिया। इस दौरान लोगों में गुस्सा और आक्रोश भी देखने को मिला।
स्थानीय लोगों ने पुलिस की देरी पर भी नाराजगी जताई। उनका कहना है कि हादसा थाने से कुछ ही दूरी पर हुआ था, फिर भी पुलिस को मौके पर पहुंचने में काफी समय लग गया।
पुलिस के अनुसार, बस को जब्त कर लिया गया है और चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है और आगे की जांच जारी है। घटना के बाद क्षेत्र में शोक का माहौल है।