Chambalkichugli.com

जब चंबल के डाकू ने मीना कुमारी से चाकू से मांगा ऑटोग्राफ खौफ से कांप उठीं ट्रैजेडी क्वीन

नई दिल्ली । हिंदी सिनेमा की ट्रैजेडी क्वीन कही जाने वाली मीना कुमारी की जिंदगी सिर्फ परदे पर ही नहीं बल्कि असल जिंदगी में भी कई उतार चढ़ाव और हैरान कर देने वाली घटनाओं से भरी रही। उनकी खूबसूरती और अदाकारी के लाखों दीवाने थे लेकिन एक बार उनकी मुलाकात ऐसे शख्स से हुई जिसने उन्हें खौफ से भर दिया। यह घटना उस समय की है जब वह अपने पति कमाल अमरोही के साथ फिल्म पाकीजा की शूटिंग के सिलसिले में मध्यप्रदेश के शिवपुरी जा रही थीं।

बताया जाता है कि चंबल के जंगलों से गुजरते समय उनकी गाड़ी अचानक रुक गई क्योंकि उसमें ईंधन खत्म हो गया था। इसी दौरान वहां कुछ गाड़ियां आकर रुकीं और हथियारों से लैस डाकुओं ने उन्हें घेर लिया। अचानक हुए इस घटनाक्रम से मीना कुमारी और कमाल अमरोही दोनों घबरा गए। माहौल इतना तनावपूर्ण था कि किसी भी वक्त कुछ भी हो सकता था।

कमाल अमरोही ने हिम्मत दिखाते हुए डाकुओं से बातचीत की कोशिश की और अपने बारे में बताया। शुरुआत में गलतफहमी के चलते डाकुओं को लगा कि वे पुलिस वाले हैं जो किसी कार्रवाई के लिए आए हैं। इससे स्थिति और ज्यादा बिगड़ने लगी। लेकिन जब अमरोही ने समझाया कि वे फिल्म की शूटिंग के लिए आए हैं तब जाकर माहौल थोड़ा शांत हुआ।

इसी बीच डाकुओं के सरदार ने अपना नाम अमृत लाल बताया जो उस समय चंबल का एक खौफनाक और चर्चित डाकू माना जाता था। जैसे ही उसे पता चला कि पास की गाड़ी में मीना कुमारी मौजूद हैं तो उसका रवैया अचानक बदल गया। वह उनका बड़ा प्रशंसक निकला और उनसे मिलने की इच्छा जाहिर की। उसने साफ कहा कि वह मीना कुमारी से मुलाकात करना चाहता है तभी वह उन्हें सुरक्षित जाने देगा।

डर और अनिश्चितता के बीच मीना कुमारी को उसके सामने लाया गया। बताया जाता है कि माहौल को हल्का करने के लिए डाकुओं ने गाने बजाने और नाचने तक की बात की। इसके बाद उन्होंने उनकी गाड़ी में ईंधन भी भरवाया जिससे यह साफ था कि अब खतरा थोड़ा कम हो गया है।

लेकिन इस पूरी घटना का सबसे चौंकाने वाला मोड़ तब आया जब अमृत लाल ने मीना कुमारी से ऑटोग्राफ मांगा। उसके पास न तो कागज था और न ही पेन। ऐसे में उसने चाकू निकालकर उनके सामने रख दिया और कहा कि वह अपने हाथ पर चाकू से उनका नाम लिखें। यह सुनकर मीना कुमारी बुरी तरह डर गईं लेकिन हालात ऐसे थे कि उनके पास कोई दूसरा विकल्प नहीं था।

कहते हैं कि उन्होंने कांपते हुए हाथों से चाकू लिया और डाकू के हाथ पर अपना नाम उकेर दिया। इसके बाद ही वह सभी को जाने देने के लिए तैयार हुआ और यह खौफनाक मंजर खत्म हुआ। यह घटना आज भी मीना कुमारी की जिंदगी से जुड़ी सबसे चर्चित और डरावनी यादों में से एक मानी जाती है।

मीना कुमारी ने अपने करियर की शुरुआत बतौर चाइल्ड आर्टिस्ट की थी और आगे चलकर साहिब बीवी और गुलाम बैजू बावरा दिल एक मंदिर और परिणीता जैसी फिल्मों से अमिट छाप छोड़ी। उनकी निजी जिंदगी भी काफी उतार चढ़ाव भरी रही और कम उम्र में ही उनका निधन हो गया।

इस घटना से यह साफ होता है कि फिल्मी सितारों की जिंदगी जितनी चमकदार नजर आती है उतनी ही जोखिमों और अनपेक्षित परिस्थितियों से भी भरी होती है। मीना कुमारी की यह कहानी आज भी लोगों को हैरान कर देती है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *