टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी इंग्लैंड की शुरुआत बेहद खराब रही। टीम ने महज 32 रन तक अपने दोनों सलामी बल्लेबाज एमी जोंस और डैनी वायट-हॉज के विकेट गंवा दिए। एमी जोंस 6 रन और डैनी वायट-हॉज 8 रन बनाकर पवेलियन लौट गईं।
इसके बाद कप्तान नेट साइवर-ब्रंट और एलिस कैप्सी ने पारी संभालते हुए तीसरे विकेट के लिए 35 रन जोड़े। कैप्सी 20 गेंदों में 23 रन बनाकर आउट हुईं। कुछ ही देर बाद हीदर नाइट भी केवल 2 रन बनाकर पवेलियन लौट गईं, जिससे इंग्लैंड का स्कोर 70 रन पर 4 विकेट हो गया।
मुश्किल परिस्थिति में कप्तान ब्रंट ने फ्रेया केम्प के साथ शानदार बल्लेबाजी की। दोनों ने पांचवें विकेट के लिए नाबाद 80 रन की साझेदारी कर टीम को सम्मानजनक स्कोर तक पहुंचाया। ब्रंट ने 53 गेंदों में 58 रन की नाबाद पारी खेली, जिसमें 5 चौके शामिल रहे। वहीं, फ्रेया केम्प ने 28 गेंदों में 44 रन बनाए और अपनी पारी में 4 चौके व 1 छक्का लगाया।
ऑस्ट्रेलिया की ओर से किम गार्थ, लूसी हैमिल्टन, कप्तान सोफी मोलिनेक्स और एनाबेल सदरलैंड ने एक-एक विकेट हासिल किया।
151 रन के लक्ष्य के साथ इंग्लैंड ने मुकाबले में खुद को बनाए रखा, लेकिन दूसरी पारी में उसे ऑस्ट्रेलिया जैसी मजबूत बल्लेबाजी लाइनअप को रोकने के लिए अनुशासित और आक्रामक गेंदबाजी की जरूरत थी। दूसरी ओर, छह बार की चैंपियन ऑस्ट्रेलिया रिकॉर्ड सातवीं बार विश्व कप जीतने के इरादे से मैदान पर उतरी।