बैतूल में जल संकट पर बड़ा एक्शन कलेक्टर ने बनाई 15 साल की मास्टर प्लान रणनीति

बैतूल । मध्यप्रदेश के बैतूल जिले में बढ़ते जल संकट को लेकर प्रशासन अब सक्रिय मोड में नजर आ रहा है। नवागत कलेक्टर डॉ. सौरभ संजय सोनवणे ने स्पष्ट संकेत दिए हैं कि समस्या को केवल अस्थायी उपायों से नहीं बल्कि दीर्घकालीन रणनीति के जरिए हल किया जाएगा। कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित पत्रकार वार्ता के दौरान उन्होंने कहा कि जिले में पेयजल संकट अब एक गंभीर चुनौती बन चुका है और इसे नजरअंदाज करना संभव नहीं है। कलेक्टर ने बताया कि पिछले कुछ वर्षों में भूजल स्तर में लगातार गिरावट दर्ज की गई है जिसका सीधा असर शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में पानी की उपलब्धता पर पड़ा है। खासकर गर्मी के मौसम में हालात और भी खराब हो जाते हैं जब कई इलाकों में पानी की भारी कमी महसूस की जाती है। इसी स्थिति को ध्यान में रखते हुए अब प्रशासन 10 से 15 वर्षों की जरूरतों को ध्यान में रखकर ठोस और व्यापक प्रोजेक्ट तैयार करने की दिशा में काम करेगा। उन्होंने कहा कि केवल टैंकर या अस्थायी जल आपूर्ति जैसे उपाय समस्या का स्थायी समाधान नहीं हैं। इसके बजाय जल संरक्षण भूजल पुनर्भरण और आधुनिक जल प्रबंधन तकनीकों को अपनाना बेहद जरूरी है। आने वाले समय में ऐसे प्रोजेक्ट्स पर फोकस किया जाएगा जो न केवल वर्तमान जरूरतों को पूरा करें बल्कि भविष्य की पीढ़ियों के लिए भी जल संसाधनों को सुरक्षित रखें। कलेक्टर ने यह भी स्पष्ट किया कि योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी भी प्रकार की लापरवाही या भ्रष्टाचार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने सख्त लहजे में कहा कि यदि किसी स्तर पर गड़बड़ी या अनियमितता पाई जाती है तो संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। यह संकेत प्रशासनिक व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। जल संकट से निपटने के लिए जनभागीदारी को भी अहम बताया गया है। कलेक्टर का कहना है कि केवल सरकारी प्रयासों से समस्या का समाधान संभव नहीं है बल्कि आम नागरिकों को भी जल संरक्षण के प्रति जागरूक होना होगा। वर्षा जल संचयन और पानी के विवेकपूर्ण उपयोग जैसे उपायों को अपनाकर इस संकट को काफी हद तक कम किया जा सकता है। इस पहल के तहत जिले में विभिन्न स्तरों पर सर्वे और अध्ययन भी किए जाएंगे ताकि जल स्रोतों की वास्तविक स्थिति का आकलन किया जा सके। इसके आधार पर ही योजनाओं को अंतिम रूप दिया जाएगा जिससे संसाधनों का बेहतर उपयोग सुनिश्चित हो सके। बैतूल में जल संकट को लेकर उठाया गया यह कदम प्रशासन की गंभीरता को दर्शाता है। यदि योजनाएं प्रभावी तरीके से लागू होती हैं तो आने वाले वर्षों में जिले को जल संकट से बड़ी राहत मिल सकती है। फिलहाल नागरिकों को उम्मीद है कि यह पहल केवल कागजों तक सीमित नहीं रहेगी बल्कि जमीनी स्तर पर भी सकारात्मक बदलाव लेकर आएगी।
उज्जैन में महाकाल के दरबार में दिखे मिलिंद सोमन-नितीश राणा, नंदी हॉल में किया जाप

नई दिल्ली। धार्मिक नगरी उज्जैन स्थित विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर में मंगलवार तड़के आयोजित भस्म आरती में फिल्म अभिनेता मिलिंद सोमन और भारतीय क्रिकेटर नितीश राणा ने अपनी-अपनी पत्नियों के साथ भगवान महाकाल के दर्शन किए। दोनों ने सुबह 4 बजे होने वाली इस विशेष आरती में भाग लेकर विधि-विधान से पूजा-अर्चना की। रात 2 बजे पहुंचे, नंदी हॉल में साधना का माहौलदोनों सेलिब्रिटी देर रात करीब 2 बजे मंदिर पहुंचे। नितीश राणा अपनी पत्नी साँची मारवाह के साथ, जबकि मिलिंद सोमन अपनी पत्नी अंकिता कोंवर के साथ यहां आए। उन्होंने मंदिर के नंदी हॉल में बैठकर करीब दो घंटे तक भस्म आरती में भाग लिया। इस दौरान वे ध्यान और जाप में लीन नजर आए, जिससे वहां मौजूद श्रद्धालुओं में भी विशेष उत्साह देखने को मिला। नंदी जी के कान में कही मनोकामनाभस्म आरती के दौरान दोनों ने नंदी भगवान का पूजन किया और परंपरा के अनुसार उनके कान में अपनी मनोकामना भी व्यक्त की। आरती के पश्चात उन्होंने गर्भगृह की देहरी से भगवान महाकाल के दर्शन किए और जल अर्पित कर आशीर्वाद लिया। मंदिर समिति ने किया सम्मानदर्शन के बाद मंदिर समिति की ओर से दोनों का पारंपरिक तरीके से सम्मान भी किया गया। इस दौरान मंदिर परिसर में सुरक्षा के विशेष इंतजाम भी किए गए थे, क्योंकि बड़ी संख्या में श्रद्धालु भस्म आरती में शामिल होने पहुंचे थे। “बाबा का बुलावा आया” – मिलिंद सोमनमिलिंद सोमन ने मीडिया से बातचीत में कहा कि वे लंबे समय से महाकाल के दर्शन करने की इच्छा रखते थे, लेकिन अब जाकर उन्हें यह अवसर मिला। उन्होंने कहा, “यहां आकर बहुत शांति और ऊर्जा का अनुभव हुआ। लगता है कि बाबा का बुलावा आया, तभी यहां आना संभव हो पाया।” उन्होंने यह भी बताया कि उनकी पत्नी की भी यहां आने की इच्छा थी, जो अब पूरी हो गई। आस्था और भक्ति का अनूठा संगममहाकाल मंदिर में भस्म आरती का धार्मिक महत्व बेहद खास है, जिसमें देश-विदेश से श्रद्धालु शामिल होते हैं। ऐसे में प्रसिद्ध हस्तियों की मौजूदगी इस आध्यात्मिक आयोजन को और भी खास बना देती है।
जबलपुर में सुमित्रा वाल्मीकि का बयान: 16 अप्रैल को पास होगा महिला आरक्षण बिल

नई दिल्ली। जबलपुर के रानीताल स्थित भाजपा कार्यालय में भारतीय जनता पार्टी द्वारा ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम 2026’ को लेकर एक प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की गई। इस दौरान राज्यसभा सांसद सुमित्रा वाल्मीकि ने महिला आरक्षण बिल को लेकर केंद्र सरकार के रुख और उसकी तैयारियों पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि यह बिल महिलाओं के राजनीतिक सशक्तिकरण की दिशा में ऐतिहासिक कदम साबित होगा। विपक्ष पर साधा निशाना, पुराने विरोध की दिलाई यादसांसद सुमित्रा वाल्मीकि ने विपक्षी दलों पर हमला बोलते हुए कहा कि जो लोग पहले महिला आरक्षण बिल का विरोध कर रहे थे, वही अब इसके लागू होने की तारीख पूछ रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष इस मुद्दे पर दोहरे रवैये के साथ जनता को भ्रमित करने का प्रयास कर रहा है, जबकि केंद्र सरकार ने इसे पूरी गंभीरता से आगे बढ़ाया है। 16 अप्रैल को बिल पारित होने का दावाप्रेस कॉन्फ्रेंस में सांसद वाल्मीकि ने दावा किया कि महिला आरक्षण बिल 16 अप्रैल को पारित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इसके बाद राष्ट्रपति की मंजूरी मिलने पर यह विधेयक कानून का रूप ले लेगा। इस कानून के लागू होने से देश की संसद और विधानसभाओं में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण मिलेगा, जिससे उनकी भागीदारी और निर्णय लेने की क्षमता मजबूत होगी। महिला सशक्तिकरण और राजनीतिक भागीदारी पर जोरसांसद ने कहा कि यह बिल महिलाओं को राजनीति में समान अवसर देने की दिशा में एक बड़ा कदम है। इससे न केवल महिलाओं की भागीदारी बढ़ेगी, बल्कि नीति निर्माण में भी उनकी भूमिका अधिक प्रभावी होगी। उन्होंने इसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में लिए गए ऐतिहासिक निर्णयों में से एक बताया। बंगाल और विपक्ष पर भी टिप्पणीइस दौरान बंगाल चुनाव को लेकर पूछे गए सवाल पर सुमित्रा वाल्मीकि ने कहा कि वहां भी भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनने जा रही है। उन्होंने कहा कि भाजपा जनता के मुद्दों पर काम कर रही है और अत्याचारों के खिलाफ मजबूती से खड़ी है। कांग्रेस पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि पार्टी कई राज्यों में संघर्ष कर रही है और जनता अब भाजपा की नीतियों पर भरोसा जता रही है। राजनीतिक माहौल गरमायामहिला आरक्षण बिल को लेकर दिए गए इस बयान के बाद राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। एक ओर भाजपा इसे महिला सशक्तिकरण का बड़ा कदम बता रही है, वहीं विपक्ष के रुख और प्रतिक्रिया को लेकर सियासी बहस जारी है।
सर्वाइकल कैंसर से जंग में एमपी नंबर वन एचपीवी वैक्सीनेशन में बनाया बड़ा रिकॉर्ड

मध्यप्रदेश । सर्वाइकल कैंसर जैसी गंभीर और जानलेवा बीमारी से बचाव के लिए चलाए जा रहे एचपीवी वैक्सीनेशन अभियान में मध्यप्रदेश ने देशभर में एक मिसाल कायम कर दी है। किशोरियों के स्वास्थ्य और भविष्य को सुरक्षित करने की दिशा में राज्य ने उल्लेखनीय प्रगति करते हुए खुद को शीर्ष स्थान पर स्थापित किया है। आंकड़ों के अनुसार प्रदेश में 7 लाख 51 हजार से अधिक किशोरियों को टीकाकरण के लिए चिन्हित किया गया था जिनमें से अब तक करीब 5 लाख बालिकाओं को एचपीवी वैक्सीन लगाई जा चुकी है। इस तरह राज्य ने अपने लक्ष्य का लगभग 66 प्रतिशत हासिल कर लिया है जो राष्ट्रीय स्तर पर सबसे बेहतर प्रदर्शन में गिना जा रहा है। अन्य राज्यों की तुलना में मध्यप्रदेश की यह उपलब्धि और भी महत्वपूर्ण हो जाती है। जहां मिजोरम में लगभग 57 प्रतिशत गुजरात में 36 प्रतिशत और आंध्र प्रदेश में 33 प्रतिशत टीकाकरण ही हो सका है वहीं पश्चिम बंगाल में अब तक यह अभियान शुरू भी नहीं हो पाया है। उत्तर प्रदेश जैसे बड़े राज्य में 21 लाख किशोरियों को टीका लगाने का लक्ष्य रखा गया है लेकिन अब तक केवल 6 हजार के आसपास ही वैक्सीनेशन हो सका है। ऐसे में मध्यप्रदेश का प्रदर्शन स्पष्ट रूप से आगे नजर आता है। राज्य के भीतर भी कई जिलों ने शानदार काम किया है। डिंडोरी और राजगढ़ जैसे जिलों ने 100 प्रतिशत लक्ष्य हासिल कर एक उदाहरण प्रस्तुत किया है। वहीं खंडवा और बालाघाट जैसे जिले 95 प्रतिशत से अधिक टीकाकरण के साथ लक्ष्य के बेहद करीब हैं। सागर और खरगोन में भी 90 प्रतिशत से अधिक उपलब्धि दर्ज की गई है जो इस अभियान की गति और प्रभावशीलता को दर्शाती है। खास बात यह है कि सागर जिले में महज एक सप्ताह के भीतर दस हजार से अधिक टीकाकरण कर तेजी का परिचय दिया गया है। हालांकि इस सफलता के बीच कुछ चिंताजनक तस्वीर भी सामने आई है। प्रदेश के कुछ जिले जैसे रीवा धार शिवपुरी और इंदौर टीकाकरण के मामले में काफी पीछे हैं जहां यह आंकड़ा 10 प्रतिशत से भी कम है। इन क्षेत्रों में जागरूकता की कमी सामाजिक हिचकिचाहट और अभियान की कमजोर मॉनिटरिंग को मुख्य कारण माना जा रहा है। यह अंतर इस बात की ओर संकेत करता है कि अभियान को समान रूप से प्रभावी बनाने के लिए अभी और प्रयासों की जरूरत है। सर्वाइकल कैंसर भारत में महिलाओं के लिए एक गंभीर खतरा बना हुआ है। हर साल लगभग सवा लाख महिलाएं इस बीमारी की चपेट में आती हैं और करीब 75 हजार महिलाओं की मौत हो जाती है। यह बीमारी धीरे धीरे विकसित होती है और शुरुआती चरण में इसके लक्षण सामने नहीं आते जिससे समय पर पहचान मुश्किल हो जाती है। विशेषज्ञों के अनुसार किशोरावस्था में एचपीवी वैक्सीनेशन इस बीमारी से बचाव का सबसे प्रभावी और सुरक्षित तरीका है। सरकार ने टीकाकरण को आसान बनाने के लिए डिजिटल और ऑफलाइन दोनों विकल्प उपलब्ध कराए हैं। अभिभावक यू विन प्लेटफॉर्म के जरिए स्लॉट बुक कर सकते हैं या फिर नजदीकी सरकारी स्वास्थ्य केंद्र पर जाकर भी टीकाकरण करवा सकते हैं। भोपाल सहित कई शहरों में यह सुविधा विभिन्न अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों पर उपलब्ध है जहां आवश्यक दस्तावेजों के साथ आसानी से टीका लगवाया जा सकता है। मध्यप्रदेश का यह अभियान न केवल स्वास्थ्य क्षेत्र में एक बड़ी उपलब्धि है बल्कि यह समाज में जागरूकता और सकारात्मक बदलाव का भी संकेत है। यदि इसी तरह प्रयास जारी रहे तो आने वाले समय में सर्वाइकल कैंसर जैसी गंभीर बीमारी पर काफी हद तक नियंत्रण पाया जा सकता है।
1 घाटकोपर में डॉ. बीआर आंबेडकर जयंती पर भव्य आयोजन, हजारों लोगों की भागीदारी से गूंजा पूरा मैदान

नई दिल्ली : डॉ. बीआर आंबेडकर की 135वीं जयंती पर घाटकोपर में भव्य आयोजन, हजारों लोगों की भागीदारी से गूंजा पूरा मैदान घाटकोपर स्थित पुलिस ग्राउंड में डॉ. बीआर आंबेडकर की 135वीं जयंती के अवसर पर एक विशाल और भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें मुंबई के विभिन्न हिस्सों से बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए। यह आयोजन सामाजिक एकता, सांस्कृतिक अभिव्यक्ति और सामूहिक सहभागिता का एक प्रभावशाली उदाहरण बनकर सामने आया। हजारों की संख्या में पहुंचे लोगों ने पूरे माहौल को उत्सवमय बना दिया और बाबासाहेब के विचारों को सम्मान देने के लिए एकजुटता का प्रदर्शन किया। कार्यक्रम का उद्देश्य डॉ. आंबेडकर के समानता, न्याय और सामाजिक सशक्तिकरण के संदेश को जन-जन तक पहुंचाना रहा। आयोजन को विभिन्न सामाजिक संगठनों और समितियों के सहयोग से संपन्न किया गया, जिसमें कई सामाजिक कार्यकर्ताओं की सक्रिय भूमिका रही। पूरे स्थल को विशेष रूप से सजाया गया था और हर ओर उत्साह और ऊर्जा का वातावरण दिखाई दे रहा था। इस अवसर पर सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने लोगों को विशेष रूप से आकर्षित किया। मंच पर प्रस्तुत गीतों और लोकनृत्यों ने माहौल को भावनात्मक और ऊर्जावान बना दिया। स्थानीय कलाकारों द्वारा प्रस्तुत कार्यक्रमों ने दर्शकों का मन मोह लिया और पूरे आयोजन को जीवंत बना दिया। इसके साथ ही विभिन्न खेल प्रतियोगिताओं का आयोजन भी किया गया, जिसमें शतरंज और क्रिकेट जैसे खेल शामिल रहे और बड़ी संख्या में युवाओं ने भाग लिया। कार्यक्रम में तकनीक आधारित प्रस्तुतियों को भी शामिल किया गया, जिनके माध्यम से डॉ. आंबेडकर के जीवन और ऐतिहासिक घटनाओं को प्रभावशाली ढंग से दर्शाया गया। इन प्रस्तुतियों ने दर्शकों को उनके संघर्ष और सामाजिक योगदान से जोड़ने का कार्य किया और कार्यक्रम को एक आधुनिक दृष्टिकोण भी प्रदान किया। इस आयोजन में 135 किलोग्राम का विशाल केक भी आकर्षण का केंद्र रहा, जिसे जयंती के प्रतीक के रूप में काटा गया। इस अवसर पर कई विशिष्ट अतिथियों की उपस्थिति रही, जिन्होंने बाबासाहेब के विचारों और उनके सामाजिक योगदान पर अपने विचार व्यक्त किए। पूरे कार्यक्रम के दौरान अनुशासन और व्यवस्था का विशेष ध्यान रखा गया।पूरे परिसर को सांस्कृतिक और सामाजिक गतिविधियों का केंद्र बना दिया गया था। यहां भोजन स्टॉल, पुस्तक प्रदर्शनी, सामाजिक जागरूकता केंद्र और उद्यमिता से जुड़े कियोस्क लगाए गए थे, जिससे लोगों को मनोरंजन के साथ-साथ ज्ञानवर्धन का अवसर भी मिला। इस आयोजन में युवाओं की भागीदारी विशेष रूप से उल्लेखनीय रही। उन्होंने न केवल कार्यक्रम में सक्रिय भूमिका निभाई बल्कि पूरे आयोजन को सफल बनाने में भी महत्वपूर्ण योगदान दिया। कार्यक्रम ने सामाजिक एकता और जागरूकता का मजबूत संदेश दिया और डॉ. आंबेडकर के विचारों को एक बार फिर व्यापक स्तर पर जीवंत किया।
GWALIOR INSPECTOR RAPE CASE: रेप केस में आरोपी इंस्पेक्टर फरार; मोबाइल बंद कर गायब, रिलीव होकर भी नहीं मिला सुराग

HIGHLIGHTS: रेप केस में आरोपी इंस्पेक्टर रूपेश शर्मा फरार मोबाइल बंद कर पुलिस से बच रहा आरोपी ट्रांसफर के बाद गुपचुप तरीके से रिलीव भितरवार और शिवपुरी में पुलिस की दबिश पीड़िता का मेडिकल और कोर्ट में बयान दर्ज GWALIOR INSPECTOR RAPE CASE: मध्यप्रदेश। ग्वालियर में फैशन डिजाइनर से दुष्कर्म के आरोपी इंस्पेक्टर रूपेश शर्मा FIR दर्ज होने के बाद से फरार हैं। पुलिस के मुताबिक उन्होंने अपना मोबाइल बंद कर लिया है और लगातार ठिकाने बदल रहे हैं। साथ ही उनकी तलाश में पुलिस टीमों द्वारा अलग-अलग जगहों पर दबिश दी जा रही है। तेज रफ्तार का कहर: शिवपुरी में ट्रक खाई में पलटा, दूसरे वाहन सुरक्षित रहे ट्रांसफर के बाद गुपचुप तरीके से हुआ रिलीव मामले में एक चौंकाने वाला मोड़ तब आया जब आरोपी इंस्पेक्टर को पुलिस ट्रेनिंग स्कूल तिघरा से पुलिस मुख्यालय अटैच कर दिया गया। जानकारी के अनुसार, वह सोमवार सुबह पीटीएस पहुंचकर रिलीव भी हो गया, जबकि उसी समय पुलिस उसे फरार मानकर तलाश कर रही थी। यह अब तक स्पष्ट नहीं हो पाया है कि उसने पीएचक्यू में जॉइन किया या नहीं। भीषण गर्मी पर महाराष्ट्र सरकार का बड़ा प्रहार, दोपहर 12 से 4 बजे तक आउटडोर काम पर पूर्ण प्रतिबंध लागू भितरवार और शिवपुरी में पुलिस की दबिश पुलिस के अनुसार आरोपी का निवास भितरवार के श्रीराम कॉलोनी में है, जबकि उसकी ससुराल शिवपुरी में बताई गई है। इसी आधार पर झांसी रोड थाना पुलिस की दो टीमें दोनों स्थानों पर पहुंचीं और सघन तलाशी अभियान चलाया, लेकिन आरोपी का कोई सुराग नहीं लग सका। शिवपुरी में रेस्क्यू ऑपरेशन: कुएं में गिरी गाय को ग्रामीणों और गो सेवा समिति ने बचाया पीड़िता का मेडिकल और कोर्ट में बयान दर्ज इस मामले में 38 वर्षीय फैशन डिजाइनर की शिकायत पर 12 अप्रैल को FIR दर्ज की गई थी। सोमवार को महिला पुलिस द्वारा पीड़िता का मेडिकल परीक्षण कराया गया। इसके बाद कोर्ट में धारा 164 के तहत बयान दर्ज किए गए, जिसमें पीड़िता ने अपने आरोपों को दोहराया और आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। सीजफायर के ऐलान के बाद 20400 मीट्रिक टन LPG लेकर आज भारत पहुंचेगा पहला भारतीय जहाज जग विक्रम पुलिस पर उठ रहे सवाल, जांच तेज घटना के बाद पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठ रहे हैं। एक ओर आरोपी फरार है, वहीं दूसरी ओर उसका ट्रांसफर और रिलीव होना कई सवाल खड़े कर रहा है। फिलहाल पुलिस का कहना है कि आरोपी को जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा और मामले की जांच तेज कर दी गई है।
नोएडा प्रदर्शन के बाद यूपी सरकार का बड़ा फैसला, पूरे राज्य में बढ़ी न्यूनतम मजदूरी, श्रमिकों को मिला सीधा फायदा

नई दिल्ली:उत्तर प्रदेश सरकार ने श्रमिक वर्ग के हित में एक महत्वपूर्ण और बड़ा निर्णय लेते हुए न्यूनतम मजदूरी दरों में संशोधन को लागू कर दिया है। नोएडा और ग्रेटर नोएडा जैसे औद्योगिक क्षेत्रों में हाल ही में हुए श्रमिक प्रदर्शनों और लगातार बढ़ती महंगाई को ध्यान में रखते हुए यह कदम उठाया गया है। सरकार का कहना है कि इस निर्णय का उद्देश्य श्रमिकों की आर्थिक स्थिति को मजबूत करना और उन्हें महंगाई के दबाव से राहत प्रदान करना है। संशोधित वेतन दरें 1 अप्रैल 2026 से पूरे राज्य में प्रभावी हो गई हैं। इस निर्णय की पृष्ठभूमि में औद्योगिक क्षेत्रों में हुए श्रमिक आंदोलनों को एक प्रमुख कारण माना जा रहा है। मजदूरों की मांगों और मौजूदा परिस्थितियों का गहन अध्ययन करने के लिए एक उच्च स्तरीय समिति का गठन किया गया था। समिति की सिफारिशों के आधार पर ही यह संशोधन लागू किया गया है। प्रशासन का मानना है कि यह कदम श्रमिकों और उद्योग जगत दोनों के बीच संतुलन बनाए रखने में मदद करेगा और आर्थिक स्थिरता पर भी सकारात्मक प्रभाव डालेगा। गौतमबुद्ध नगर और गाजियाबाद जैसे प्रमुख औद्योगिक जिलों में मजदूरी दरों में उल्लेखनीय बढ़ोतरी की गई है। यहां अकुशल श्रमिकों का वेतन बढ़ाकर 13690 रुपये कर दिया गया है, जबकि अर्धकुशल श्रमिकों को 15059 रुपये और कुशल श्रमिकों को 16868 रुपये प्रतिमाह वेतन मिलेगा। इस वृद्धि से श्रमिकों को लगभग 2000 से 3000 रुपये तक का प्रत्यक्ष लाभ मिलने की संभावना है, जिससे उनकी दैनिक जरूरतों को पूरा करने में काफी राहत मिलेगी। प्रदेश के अन्य नगर निगम क्षेत्रों में भी मजदूरी दरों में संशोधन किया गया है। इन क्षेत्रों में अकुशल श्रमिकों का वेतन अब 13006 रुपये, अर्धकुशल श्रमिकों का 14306 रुपये और कुशल श्रमिकों का 16025 रुपये निर्धारित किया गया है। सरकार का कहना है कि यह बदलाव संतुलित तरीके से लागू किया गया है ताकि सभी श्रेणियों के श्रमिकों को समान लाभ मिल सके और किसी भी वर्ग पर अतिरिक्त आर्थिक दबाव न पड़े। इसके अलावा अन्य जिलों में भी न्यूनतम मजदूरी में बढ़ोतरी की गई है। इन जिलों में अकुशल श्रमिकों को 12356 रुपये, अर्धकुशल श्रमिकों को 13591 रुपये और कुशल श्रमिकों को 15224 रुपये प्रति माह दिए जाएंगे। यह संशोधन पूरे राज्य में समान रूप से लागू किया गया है, जिससे श्रमिक वर्ग को व्यापक राहत मिलने की उम्मीद है। सरकार ने अपने आदेश में यह भी स्पष्ट किया है कि उद्योग जगत पहले से ही बढ़ती उत्पादन लागत और कच्चे माल की कीमतों के दबाव का सामना कर रहा है, इसके बावजूद श्रमिकों की स्थिति को ध्यान में रखते हुए यह निर्णय लिया गया है। प्रशासन का दावा है कि इस कदम से श्रमिकों को राहत मिलेगी और औद्योगिक गतिविधियों पर किसी बड़े नकारात्मक प्रभाव की संभावना नहीं है। हालांकि सरकार ने सोशल मीडिया पर फैल रही उन अफवाहों को भी खारिज कर दिया है, जिनमें न्यूनतम मजदूरी को 20000 रुपये तक बढ़ाने की बात कही जा रही थी। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि केवल आधिकारिक रूप से जारी आदेश ही मान्य होंगे और वर्तमान में घोषित संशोधित दरें ही लागू रहेंगी। आगे की योजना के तहत सरकार ने संकेत दिए हैं कि यह बढ़ोतरी फिलहाल एक अंतरिम कदम है। भविष्य में वेज बोर्ड के माध्यम से व्यापक समीक्षा कर एक स्थायी और संतुलित वेतन संरचना तैयार की जाएगी, जिससे श्रमिकों को दीर्घकालिक लाभ सुनिश्चित हो सके।
मध्यप्रदेश में हीटवेव का प्रकोप, अगले दिनों और बढ़ेगा तापमान का असर

नई दिल्ली। मध्य प्रदेश में अब मानसून पूर्व की हल्की बारिश और बादलों का दौर लगभग खत्म हो चुका है और सूरज ने अपना तीखा तेवर दिखाना शुरू कर दिया है। प्रदेश के कई हिस्सों में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से ऊपर पहुंच गया है, जिससे गर्मी का असर तेज महसूस किया जा रहा है। रतलाम सबसे गर्म, कई शहरों में पारा 40 के पारसोमवार को रतलाम प्रदेश का सबसे गर्म जिला रहा, जहां अधिकतम तापमान 41.2°C दर्ज किया गया। वहीं धार, नर्मदापुरम और खरगोन में भी पारा 40 डिग्री सेल्सियस से ऊपर पहुंच गया। जबलपुर में 39.2°C, उज्जैन में 39°C और भोपाल-इंदौर में 38.8°C तापमान दर्ज किया गया, जिससे दिनभर तेज गर्मी का असर रहा। 16 और 17 अप्रैल को लू का अलर्टमौसम विभाग (IMD) ने चेतावनी जारी की है कि 16 और 17 अप्रैल को प्रदेश के कई जिलों में भीषण लू चल सकती है। इनमें रतलाम, झाबुआ, अलीराजपुर, धार, खरगोन, खंडवा, सीधी, सिंगरौली, मंडला और बालाघाट शामिल हैं। इसके अलावा भोपाल, इंदौर और उज्जैन में भी गर्म हवाओं का असर महसूस किया जाएगा। 15 अप्रैल से कमजोर सिस्टम, राहत की उम्मीद कमहालांकि 15 अप्रैल से एक नया मौसम सिस्टम सक्रिय होने की संभावना है, लेकिन यह काफी कमजोर बताया जा रहा है। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार इससे गर्मी में कोई खास राहत मिलने की उम्मीद नहीं है। अप्रैल का दूसरा पखवाड़ा आमतौर पर सबसे अधिक गर्म माना जाता है, जिसमें कई बार तापमान रिकॉर्ड स्तर तक पहुंच जाता है। प्रदेश के प्रमुख शहरों में तापमान का ट्रेंडपिछले वर्षों के आंकड़ों के अनुसार भोपाल और इंदौर में तापमान 43 से 44 डिग्री तक पहुंच चुका है, जबकि जबलपुर में 44°C और ग्वालियर में 45°C तक पारा दर्ज हो चुका है। ग्वालियर को प्रदेश का सबसे गर्म शहर माना जाता है, जहां कई बार 45 डिग्री से अधिक तापमान दर्ज हुआ है। पुराने रिकॉर्ड बताते हैं भीषण गर्मी का इतिहासभोपाल में 29 अप्रैल 1996 को 44.4°C तापमान दर्ज किया गया था। इंदौर में 25 अप्रैल 1958 को 44.6°C और जबलपुर में 28 अप्रैल 1970 को 45.4°C तापमान दर्ज हो चुका है। वहीं ग्वालियर में 1958 में 46.2°C तक तापमान पहुंच चुका है, जो अब तक के सबसे उच्च रिकॉर्ड में शामिल है। बारिश के बावजूद गर्मी का असरइस बार अप्रैल की शुरुआत में कई जिलों में आंधी-बारिश और ओलावृष्टि देखने को मिली थी, लेकिन इसके बावजूद गर्मी का असर अब तेजी से बढ़ रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि मौसम का यह उतार-चढ़ाव आने वाले दिनों में और ज्यादा गर्मी का संकेत है। सावधानी जरूरी, हीटवेव से बचाव की सलाहमौसम विभाग ने लोगों को दिन के समय अनावश्यक बाहर निकलने से बचने, पर्याप्त पानी पीने और लू से बचाव के उपाय अपनाने की सलाह दी है।
इलाज के नाम पर लापरवाही, सतना में ऑपरेशन के दौरान बड़ी चूक ,युवक की मौत से मचा हड़कंप

सतना । मध्यप्रदेश के सतना शहर से एक बेहद गंभीर और झकझोर देने वाला मामला सामने आया है जहां कथित तौर पर डॉक्टरों की लापरवाही ने एक युवक की जान ले ली। यह घटना न केवल चिकित्सा व्यवस्था पर सवाल खड़े करती है बल्कि मरीजों की सुरक्षा को लेकर भी चिंताएं बढ़ा देती है। पन्ना जिले के देवेंद्रनगर निवासी रवि रजक को किडनी में पथरी की शिकायत के बाद इलाज के लिए सतना लाया गया था लेकिन जो इलाज जीवन बचाने के लिए होना था वही उसकी मौत का कारण बन गया। जानकारी के मुताबिक परिजन रवि को इलाज के लिए सतना के एक निजी अस्पताल लेकर पहुंचे जहां जांच के बाद डॉक्टरों ने एक किडनी में गंभीर समस्या बताते हुए ऑपरेशन की सलाह दी। 4 अप्रैल को ऑपरेशन किया गया जो करीब पांच घंटे तक चला। परिजनों का आरोप है कि इस दौरान डॉक्टरों ने गंभीर लापरवाही बरती और जिस किडनी का इलाज होना था उसके साथ साथ दूसरी स्वस्थ किडनी में भी कट लगा दिया गया। ऑपरेशन के बाद ही मरीज की हालत बिगड़ने लगी जिससे परिजनों की चिंता बढ़ गई। स्थिति को गंभीर होता देख अस्पताल प्रबंधन ने बिना समय गंवाए उसे रीवा के सुपर स्पेशलिटी अस्पताल के लिए रेफर कर दिया। हालांकि परिजनों का कहना है कि यह रेफरल भी जिम्मेदारी से बचने की कोशिश थी क्योंकि उस समय तक स्थिति काफी खराब हो चुकी थी। रीवा पहुंचने के बाद जब डॉक्टरों ने जांच की तो मामला और भी चौंकाने वाला निकला। दूसरी किडनी पर गहरा कट पाया गया था जिसे कथित तौर पर धागे से बांध दिया गया था। इससे लगातार खून का रिसाव होता रहा और किडनी ने काम करना बंद कर दिया। डॉक्टरों ने मरीज की जान बचाने के लिए इमरजेंसी में दूसरी किडनी को भी निकालना पड़ा लेकिन तब तक संक्रमण और आंतरिक क्षति इतनी बढ़ चुकी थी कि स्थिति नियंत्रण से बाहर हो गई। लगातार बिगड़ती हालत के बीच आखिरकार युवक ने दम तोड़ दिया जिससे परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। जैसे ही मौत की खबर परिजनों को मिली उनका गुस्सा फूट पड़ा और उन्होंने अस्पताल में जमकर हंगामा किया। इसके बाद कोलगवां थाना क्षेत्र में भी विरोध प्रदर्शन हुआ और परिजनों ने दोषी डॉक्टरों और अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की। इस पूरे मामले ने स्वास्थ्य सेवाओं की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। यदि परिजनों के आरोप सही साबित होते हैं तो यह केवल एक चिकित्सकीय गलती नहीं बल्कि घोर लापरवाही का मामला बन सकता है। ऐसे मामलों में निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई बेहद जरूरी हो जाती है ताकि भविष्य में किसी और को इस तरह की त्रासदी का सामना न करना पड़े। फिलहाल प्रशासन की ओर से मामले की जांच की उम्मीद जताई जा रही है और सभी की नजर इस बात पर टिकी है कि पीड़ित परिवार को न्याय कब और कैसे मिल पाता है।
क्राइम ब्रांच की बड़ी कार्रवाई: जबलपुर में अवैध स्क्रैपिंग गिरोह के 2 आरोपी गिरफ्तार

जबलपुर । जबलपुर में क्राइम ब्रांच और अधारताल थाना पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए अवैध वाहन स्क्रैपिंग गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस को सूचना मिली थी कि खजरी खिरिया क्षेत्र में एक गैराज के अंदर बिना किसी वैध अनुमति के पुराने वाहनों को काटकर स्क्रैप तैयार किया जा रहा है। सूचना के आधार पर टीम ने तुरंत मौके पर दबिश दी और बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया। छापेमारी में मिली आधी कटी कार और भारी मात्रा में स्क्रैपछापेमारी के दौरान पुलिस को गैराज के अंदर कई चौंकाने वाले सबूत मिले। एक इंडिका विस्टा कार (MP 20 CC 7962) आधी कटी हालत में पाई गई, जिसका इंजन बाहर निकाला हुआ था। इसके अलावा मौके पर वाहन (DL-1 LR 9698) में स्क्रैप लोड मिला और तीन वाहनों का कटिंग मटेरियल भी बरामद किया गया। पुलिस ने सभी सामान को जब्त कर लिया है। दो आरोपी गिरफ्तार, अवैध मुनाफे का खुलासाइस मामले में पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। जांच में सामने आया कि अरबाज (26) पुराने वाहनों की व्यवस्था करता था, जबकि आरिफ (37) उन्हें गैराज में काटकर स्क्रैप तैयार करता था। दोनों मिलकर बिना किसी वैध दस्तावेज और आरटीओ अनुमति के अवैध रूप से यह कारोबार कर रहे थे और इससे मोटा मुनाफा कमा रहे थे। वाहन नंबरों से जुड़े दस्तावेज भी सामने आएपुलिस पूछताछ में गैराज संचालक शेख आरिफ ने बताया कि उसने कई वाहनों MP 20 CA 6862, MP 20 FA 6828 और MP 20 F 6243 को काटकर स्क्रैप तैयार किया था। हालांकि जब पुलिस ने उनसे वैध दस्तावेज और अनुमति पत्र मांगे तो वह कोई भी कागजात प्रस्तुत नहीं कर सका, जिससे अवैध गतिविधियों की पुष्टि हो गई। कानूनी धाराओं में मामला दर्ज, जांच जारीपुलिस ने आरोपियों के खिलाफ बीएनएस की धारा 318(1), 61(2) और मध्यप्रदेश मोटर कराधान अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया है। कार्रवाई थाना प्रभारी प्रवीण कुमरे और क्राइम ब्रांच थाना प्रभारी शैलेष मिश्रा के नेतृत्व में की गई। फिलहाल पुलिस यह भी जांच कर रही है कि इस गिरोह से और कौन-कौन जुड़े हुए हैं।