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बिहार की कमान संभालते ही बड़ी परीक्षा: सम्राट चौधरी के सामने विकास की रफ्तार बढ़ाने की चुनौती

पटना। सम्राट चौधरी के मुख्यमंत्री बनने के साथ ही बिहार की राजनीति में नया अध्याय शुरू हो गया है। लंबे समय तक राज्य की कमान संभालने वाले नीतीश कुमार ने विकास की मजबूत नींव रखी, अब उस पर “विकसित बिहार” की इमारत खड़ी करने की जिम्मेदारी नई सरकार पर आ गई है। नई सरकार ने “न्याय के साथ विकास” की अवधारणा को आगे बढ़ाते हुए “बदलता बिहार, बढ़ता बिहार” का नारा दिया है। लेकिन असली चुनौती अब इस बदलाव की गति को तेज करने की है। विकास की रफ्तार बढ़ाना सबसे बड़ी चुनौती नीतीश कुमार के कार्यकाल में बिहार की औसत विकास दर 10% से अधिक रही। हालांकि अर्थशास्त्रियों का मानना है कि विकसित राज्यों की श्रेणी में आने के लिए यह रफ्तार 20% के आसपास होनी चाहिए। ऐसे में सम्राट चौधरी के सामने कम समय में दोगुनी गति से विकास करने की बड़ी चुनौती है। शपथ लेने के तुरंत बाद ही उन्होंने अधिकारियों को साफ संकेत दे दिया कि काम की रफ्तार बढ़ानी होगी और लटकाने की प्रवृत्ति खत्म करनी होगी। डबल इंजन सरकार—ताकत या उम्मीद? राज्य में नई सरकार की एक बड़ी ताकत केंद्र में नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार का समर्थन है। “डबल इंजन” मॉडल के चलते केंद्र से सहयोग और संसाधनों की उम्मीद बढ़ जाती है। हालांकि, विशेष राज्य का दर्जा अभी तक नहीं मिल पाया है, लेकिन विशेष पैकेज के जरिए कुछ आर्थिक मदद जरूर मिली है। आर्थिक संसाधन बढ़ाना बड़ी चुनौती बिहार की सबसे बड़ी कमजोरी सीमित आंतरिक आय है। राज्य का आंतरिक राजस्व करीब 75 हजार करोड़ रुपये तक पहुंचा है, जिसे तेजी से बढ़ाने की जरूरत है। केंद्र से करों और अनुदान में बड़ी हिस्सेदारी मिलती है बजट में कर्ज का भी प्रावधान है लेकिन अपनी आय अभी भी जरूरत के मुकाबले कम है ऐसे में सरकार को नए राजस्व स्रोत तलाशने और कठोर आर्थिक फैसले लेने पड़ सकते हैं। रोजगार, पलायन और गरीबी—तीन बड़ी चिंताएं बिहार की जमीनी चुनौतियां अब भी गंभीर हैं: बेरोजगारी कम प्रति व्यक्ति आय बड़े पैमाने पर पलायन जातीय सर्वेक्षण में लाखों परिवार गरीब पाए गए हैं। सरकार ने उन्हें आर्थिक सहायता देने और महिलाओं को रोजगार से जोड़ने की योजनाएं शुरू की हैं, लेकिन इन पर भारी खर्च भी आएगा। अवसर भी कम नहीं नई सरकार के पास चुनौतियों के साथ अवसर भी हैं: प्रशासनिक ढांचा पहले से व्यवस्थित सुशासन की छवि केंद्र का समर्थन और नेतृत्व में नई ऊर्जा प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भी सम्राट चौधरी की कार्यक्षमता और जमीनी अनुभव पर भरोसा जताया है। बिहार आज एक अहम मोड़ पर खड़ा है। मजबूत नींव तैयार है, लेकिन ऊंची उड़ान के लिए तेज फैसले, बेहतर संसाधन प्रबंधन और रोजगार सृजन पर फोकस जरूरी होगा। अब देखना यह है कि सम्राट चौधरी इन चुनौतियों को अवसर में बदलकर “विकसित बिहार” के लक्ष्य को कितनी तेजी से हासिल कर पाते हैं।

सेल्समैन के बाल पकड़कर पीटा, विरोध करने पर युवक ने की मारपीट

नई दिल्ली। मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिले से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां मामूली विवाद ने हिंसक रूप ले लिया। बदरवास क्षेत्र के एक पेट्रोल पंप पर काम कर रहे सेल्समैन के साथ दो युवकों ने सरेआम मारपीट कर दी। पूरी घटना सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई, जिसके बाद मामला पुलिस तक पहुंच गया है। जल्दी पेट्रोल डालने को लेकर बढ़ा विवादजानकारी के मुताबिक, बदरवास के वार्ड क्रमांक 07 निवासी 25 वर्षीय संजीव यादव स्थानीय पेट्रोल पंप पर सेल्समैन के रूप में कार्यरत हैं। 15 अप्रैल की शाम करीब 5 से 5:30 बजे के बीच वह अन्य ग्राहकों को ईंधन भर रहे थे। इसी दौरान दो युवक बाइक से पहुंचे और बिना लाइन में आए तुरंत पेट्रोल भरने का दबाव बनाने लगे। संजीव यादव ने भीड़ का हवाला देते हुए युवकों से वाहन को आगे लाने के लिए कहा, लेकिन यही बात आरोपियों को नागवार गुजर गई और उन्होंने गाली-गलौज शुरू कर दी। बाल पकड़कर की बेरहमी से पिटाईपीड़ित के अनुसार, जब वह विवाद से बचने के लिए पीछे हटे तो दोनों युवक और उग्र हो गए। आरोप है कि उन्होंने संजीव यादव का पीछा किया, उनके बाल पकड़ लिए और जमकर मारपीट की। इस दौरान आसपास मौजूद लोग भी सहम गए, लेकिन किसी ने बीच-बचाव नहीं किया।  CCTV में कैद हुई पूरी वारदातपेट्रोल पंप पर लगे सीसीटीवी कैमरों में यह पूरी घटना रिकॉर्ड हो गई है। वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि किस तरह मामूली बात पर आरोपियों ने हिंसक रूप ले लिया। यह फुटेज अब पुलिस के पास अहम सबूत के रूप में मौजूद है। पुलिस ने शुरू की जांच, कार्रवाई की मांगपीड़ित संजीव यादव ने बदरवास थाने में शिकायत दर्ज कराते हुए आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपियों की पहचान कर आगे की कार्रवाई की जा रही है।

रजत पाटीदार ने 17 गेंदों में आईपीएल करियर का सबसे तेज कप्तानी अर्धशतक लगाकर एडम गिलक्रिस्ट के रिकॉर्ड की बराबरी की।

नई दिल्ली: भारतीय क्रिकेट के क्षितिज पर एक ऐसा नाम उभरकर सामने आया है जिसने अपने बल्ले की धमक से चयनकर्ताओं के बंद दरवाजों पर जोरदार प्रहार किया है। रजत पाटीदार, जिन्होंने घरेलू क्रिकेट और आईपीएल के मंच पर अपनी एक अलग पहचान बनाई है, वर्तमान सीजन में जिस आक्रामक अंदाज में खेल रहे हैं, उसने उन्हें भारतीय टी20 अंतरराष्ट्रीय टीम में पदार्पण का सबसे प्रबल दावेदार बना दिया है। मैदान के चारों ओर शॉट खेलने की उनकी असाधारण क्षमता और दबाव के क्षणों में क्रीज पर अडिग रहने का उनका जज्बा उन्हें वर्तमान पीढ़ी के सबसे परिपक्व बल्लेबाजों की सूची में सबसे ऊपर रखता है। रिकॉर्डतोड़ बल्लेबाजी और कप्तानी का नया चेहरा आईपीएल के इस सत्र में रजत पाटीदार ने रॉयल चेलेंजर बेंगलुरु के नेतृत्व की जिम्मेदारी संभालते हुए न केवल अपनी टीम को नई दिशा दी है बल्कि अपनी बल्लेबाजी को भी एक नए शिखर पर पहुंचाया है। उन्होंने हालिया मुकाबलों में अपनी तूफानी बल्लेबाजी से कई दिग्गज खिलाड़ियों के रिकॉर्ड को खतरे में डाल दिया है। विशेष रूप से मुंबई के खिलाफ खेले गए मैच में उन्होंने मात्र 17 गेंदों पर अर्धशतक जड़कर क्रिकेट जगत को स्तब्ध कर दिया। यह पारी इसलिए भी खास थी क्योंकि उन्होंने आईपीएल के इतिहास में एक कप्तान के रूप में एडम गिलक्रिस्ट के सबसे तेज अर्धशतक के ऐतिहासिक रिकॉर्ड की बराबरी की। उनकी इस पारी ने साबित कर दिया कि नेतृत्व का बोझ उनकी नैसर्गिक बल्लेबाजी को कुचलने के बजाय और अधिक निखारने का काम कर रहा है। मध्य क्रम में विस्फोटक बल्लेबाजी का पर्याय पाटीदार की सबसे बड़ी ताकत उनका निडर दृष्टिकोण और तकनीकी कौशल है। वह स्पिनर्स के खिलाफ जितने सहज नजर आते हैं, तेज गेंदबाजों की गति का इस्तेमाल करने में भी उतने ही माहिर हैं। शुरुआती पांच मैचों में उनके आंकड़े किसी करिश्मे से कम नहीं हैं, जहां उन्होंने 213 से अधिक के स्ट्राइक रेट के साथ 222 रन बनाकर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया है। टीम इंडिया को लंबे समय से एक ऐसे मध्य क्रम के बल्लेबाज की तलाश रही है जो मैच की स्थिति के अनुसार अपनी गति बदल सके। पाटीदार इस ढांचे में पूरी तरह फिट बैठते हैं। उनकी बल्लेबाजी में वह ‘एक्स फैक्टर’ मौजूद है जो खेल के किसी भी मोड़ पर मैच का पासा पलटने की क्षमता रखता है।घरेलू अनुभव और भविष्य की राह रजत पाटीदार की यह सफलता कोई रातों-रात मिली उपलब्धि नहीं है। इसके पीछे मध्य प्रदेश के लिए घरेलू क्रिकेट में बिताए गए सालों का कड़ा परिश्रम है। रणजी ट्रॉफी और विजय हजारे ट्रॉफी में लगातार रन बनाने का अनुभव अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उनके काम आ रहा है। 2025 में अपनी कप्तानी में बेंगलुरु को पहला आईपीएल खिताब दिलाने के बाद, उनकी मानसिक दृढ़ता और खेल की समझ में जबरदस्त परिपक्वता आई है। क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि उनकी वर्तमान फॉर्म को देखते हुए चयनकर्ता उन्हें आगामी टी20 सीरीज से बाहर रखने का जोखिम नहीं उठा सकते। वह न केवल तकनीकी रूप से सक्षम हैं, बल्कि आधुनिक टी20 क्रिकेट की मांग के अनुरूप हर गेंद पर प्रहार करने का साहस भी रखते हैं। ब्लू जर्सी का बढ़ता इंतजार भारतीय टीम प्रबंधन वर्तमान में भविष्य की टीम तैयार करने पर ध्यान केंद्रित कर रहा है, और पाटीदार इस योजना का एक अनिवार्य हिस्सा नजर आते हैं। उनके गगनचुंबी छक्के और गैप ढूंढने की कला उन्हें एक पूर्ण टी20 खिलाड़ी बनाती है। जिस तरह से उन्होंने आईपीएल के दबाव भरे माहौल में निरंतरता दिखाई है, वह यह सुनिश्चित करता है कि वह अंतरराष्ट्रीय मंच पर बड़ी चुनौतियों का सामना करने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। अब यह केवल समय की बात है कि कब यह धाकड़ बल्लेबाज टीम इंडिया की जर्सी पहनकर मैदान पर उतरेगा। उनकी यह अविश्वसनीय यात्रा भारतीय क्रिकेट के प्रति उनके अटूट समर्पण और संघर्ष की एक प्रेरक कहानी है।

अमेरिका का बयान: ईरान से संघर्ष विराम बढ़ाने का कोई अनुरोध नहीं, पाक में हो सकती है अगली वार्ता

वॉशिंगटन। अमेरिका ने स्पष्ट किया है कि उसने ईरान के साथ अस्थायी संघर्षविराम को आगे बढ़ाने के लिए कोई औपचारिक अनुरोध नहीं किया है। 7 अप्रैल को घोषित यह संघर्षविराम अगले मंगलवार को समाप्त होने जा रहा है। व्हाइट हाउस क्‍या बोला?व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लेविट ने कहा कि कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में यह दावा किया गया कि अमेरिका ने संघर्षविराम बढ़ाने का अनुरोध किया है, जो सही नहीं है। उन्होंने कहा कि बातचीत अभी सक्रिय रूप से जारी है और दोनों पक्षों के बीच संवाद से सकारात्मक परिणाम की उम्मीद की जा रही है। प्रेस सचिव के अनुसार राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और उपराष्ट्रपति जेडी वेंस दोनों ही वार्ताओं को लेकर लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। अमेरिका का कहना है कि ईरान के सामने उसकी शर्तें स्पष्ट कर दी गई हैं और आगे की दिशा बातचीत के नतीजों पर निर्भर करेगी। पाकिस्तान में हो सकती है अगली बैठक व्हाइट हाउस ने संकेत दिया है कि अगली वार्ता उसी स्थान पर हो सकती है जहां पिछली बैठक हुई थी, यानी पाकिस्तान में। अमेरिका के मुताबिक, पाकिस्तान इस पूरे संवाद में मध्यस्थ की भूमिका निभा रहा है, जबकि अन्य देश भी मदद की पेशकश कर रहे हैं।

महिला आरक्षण और परिसीमन बिल को लेकर संसद में आज टकराव के आसार

नई दिल्ली। महिला आरक्षण से जुड़े संविधान संशोधन विधेयक को गुरुवार को संसद में पेश किया गया, जिसके साथ ही सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन गई। माना जा रहा है कि 16 से 18 अप्रैल तक चलने वाला यह विशेष सत्र राजनीतिक रूप से बेहद गरम रहेगा। विपक्ष ने बिल का समर्थन तो किया है, लेकिन परिसीमन से जुड़े प्रावधानों पर कड़ा विरोध जताया है। नंबर गेम में NDA के लिए चुनौतीसंविधान संशोधन विधेयक को पारित कराने के लिए संसद में दो-तिहाई बहुमत की आवश्यकता होती है, जबकि NDA के पास फिलहाल यह संख्या पूरी नहीं है। ऐसे में सरकार को विपक्षी दलों के समर्थन की जरूरत पड़ सकती है। लोकसभा में सीटों की मौजूदा संख्या बढ़ाकर 850 करने का प्रस्ताव भी इस विधेयक का हिस्सा है। पीएम मोदी ने बताया नारी सशक्तिकरण का ऐतिहासिक कदमप्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संसद की विशेष बैठक को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि देश नारी सशक्तिकरण की दिशा में बड़ा कदम उठा रहा है। उन्होंने इसे माताओं और बहनों के सम्मान से जोड़ते हुए कहा कि यह राष्ट्र के सम्मान का विषय है। तमिलनाडु CM स्टालिन का विरोधतमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने केंद्र सरकार के परिसीमन प्रस्ताव को ‘काला कानून’ करार देते हुए कड़ा विरोध जताया। उन्होंने आरोप लगाया कि यह कदम दक्षिणी राज्यों के प्रतिनिधित्व को प्रभावित कर सकता है और वहां की जनता के अधिकारों को नुकसान पहुंचा सकता है। 2011 जनगणना पर आधारित होगा परिसीमनसूत्रों के अनुसार, परिसीमन प्रक्रिया 2011 की जनगणना के आधार पर की जा रही है क्योंकि 2026 की जनगणना के परिणाम देर से आने की संभावना है। सरकार का उद्देश्य 2029 तक महिला आरक्षण को लागू करना है, जिसके लिए समयबद्ध प्रक्रिया जरूरी बताई जा रही है। परिसीमन आयोग के गठन की भी तैयारीसरकार ‘संविधान (131वां संशोधन) विधेयक, 2026’ के साथ परिसीमन विधेयक और केंद्र शासित प्रदेश संशोधन विधेयक भी पेश कर रही है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने इन्हें सदन में रखा। प्रस्ताव के अनुसार परिसीमन आयोग का गठन सुप्रीम कोर्ट के पूर्व या वर्तमान न्यायाधीश की अध्यक्षता में किया जाएगा। विरोध के मूड में विपक्षINDIA गठबंधन ने महिला आरक्षण का समर्थन करते हुए परिसीमन प्रस्ताव का विरोध करने का फैसला लिया है। विपक्ष का आरोप है कि सरकार इस प्रक्रिया के जरिए राजनीतिक संतुलन को प्रभावित करना चाहती है। इसे लेकर गठबंधन के भीतर रणनीति तैयार की जा रही है और संसद में तीखा विरोध देखने की संभावना है।

लखनऊ अग्निकांड: 1200 झोपड़ियां राख, 6 बच्चे अब भी लापता, CM योगी ने दिए जांच और राहत के निर्देश

लखनऊ। विकासनगर सेक्टर-12 में रिंग रोड किनारे स्थित अवैध बस्ती में बुधवार शाम भीषण आग लग गई। कुछ ही समय में आग ने विकराल रूप लेते हुए करीब 1200 झोपड़ियों को अपनी चपेट में ले लिया। झोपड़ियों में रखे लगभग 100 गैस सिलिंडर फटने से पूरे इलाके में जोरदार धमाके हुए और भगदड़ मच गई। घटना के बाद 22 दमकल गाड़ियों ने देर रात तक आग बुझाने का प्रयास किया। इस दौरान आग की तीव्रता इतनी अधिक थी कि इलाके में दहशत फैल गई। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार लगभग 50 मवेशियों के जलने की आशंका जताई जा रही है, हालांकि प्रशासन ने इसकी पुष्टि नहीं की है। सूचना में देरी का आरोप, आग ने मिनटों में लिया विकराल रूपस्थानीय लोगों का आरोप है कि आग लगने के बाद समय पर पुलिस और दमकल विभाग को सूचना दी गई, लेकिन मदद देर से पहुंची। इस बीच आग तेजी से फैलती गई और एक के बाद एक झोपड़ियां जलने लगीं। बताया गया कि आग एक झोपड़ी से शुरू हुई और कुछ ही देर में पूरी बस्ती को अपनी चपेट में ले लिया। लोगों ने पुलिस कंट्रोल रूम पर कॉल लगाने में भी देरी और तकनीकी दिक्कतों की बात कही है। भगदड़ में 6 बच्चे लापता, सर्च ऑपरेशन जारीभीषण हादसे के दौरान मची अफरा-तफरी में दो परिवारों के छह बच्चे लापता हो गए हैं, जिनमें एक परिवार के चार और दूसरे के दो बच्चे शामिल हैं। पुलिस और प्रशासन की टीमें देर रात तक बच्चों की तलाश में जुटी रहीं और आसपास के इलाकों में सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है। पथराव और हंगामा, प्लॉट मालिक पर आग लगाने के आरोपघटना के बाद गुस्साए लोगों ने प्लॉट मालिक के घर का घेराव कर हंगामा किया और उस पर आग लगवाने का आरोप लगाया। इस दौरान कुछ लोगों ने पथराव भी किया, जिसे रोकने के लिए पुलिस को हस्तक्षेप करना पड़ा। आरोप है कि प्लॉट मालिक कुछ दिन से झोपड़ियां हटाने के लिए दबाव बना रहा था। वीडियो बनाने और ट्रैफिक जाम से बिगड़े हालातघटना स्थल पर भीड़ द्वारा वीडियो बनाने और रास्ता बाधित करने से राहत कार्य प्रभावित हुआ। दमकल की गाड़ियां भी जाम में फंस गईं, जिसके बाद पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा। इसी दौरान कुछ लोगों ने पुलिस पर पथराव किया, जिसमें सिविल डिफेंस के वार्डन समेत कई लोग घायल हो गए। इसके कारण इलाके में करीब दो किलोमीटर लंबा जाम लग गया और यातायात पूरी तरह बाधित हो गया। आग पर काबू, राहत और पुनर्वास की तैयारीदमकल विभाग ने रात करीब 10 बजे तक आग पर आंशिक नियंत्रण पा लिया। प्रशासन ने आसपास के लगभग 30 घरों को खाली कराया और कई सिलिंडर सुरक्षित बाहर निकाले। घटना की गंभीरता को देखते हुए उच्च स्तरीय जांच के आदेश दिए गए हैं। डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया और पीड़ितों के लिए भोजन व आवास की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

48 घंटे का चतुर्ग्रही योग आज से शुरू, इन राशि वालों को होगी तरक्की, मिलेगा धन लाभ

नई दिल्ली। वैदिक ज्योतिष के अनुसार जब एक ही राशि में चार ग्रह एक साथ स्थित होते हैं, तो चतुर्ग्रही योग बनता है, जिसे बेहद प्रभावशाली माना जाता है। द्रिक पंचांग के मुताबिक 16 अप्रैल से 17 अप्रैल के बीच ऐसा ही खास संयोग बन रहा है, जो करीब 48 घंटे तक सक्रिय रहेगा। इसका असर सभी 12 राशियों पर देखने को मिलेगा। ज्योतिषियों का मानना है कि इस दौरान मेष, मिथुन, सिंह और धनु राशि के जातकों के लिए समय विशेष रूप से अनुकूल रह सकता है। धन, करियर और भाग्य से जुड़े मामलों में सकारात्मक बदलाव संभव हैं। साथ ही इस अवधि में मां लक्ष्मी और कुबेर देव की कृपा भी इन राशियों पर बनी रह सकती है। चतुर्ग्रही योग का असरचतुर्ग्रही राजयोग का प्रभाव पूरी तरह ग्रहों की स्थिति और व्यक्ति की कुंडली पर निर्भर करता है। यह योग कभी अत्यंत शुभ तो कभी सामान्य फल भी दे सकता है, लेकिन इस बार यह कई लोगों के लिए उन्नति के नए अवसर लेकर आ सकता है। मेष राशिमेष राशि के जातकों के लिए यह समय आर्थिक रूप से लाभकारी हो सकता है। आय के नए स्रोत बन सकते हैं और पहले की तुलना में वित्तीय स्थिति मजबूत हो सकती है। रुका हुआ पैसा मिलने की संभावना है और व्यापार में नए मौके सामने आ सकते हैं। मिथुन राशिमिथुन राशि वालों के लिए यह अवधि निवेश के लिहाज से फायदेमंद रह सकती है। धन में बढ़ोतरी के संकेत हैं। नौकरीपेशा लोगों को पदोन्नति या नई जिम्मेदारियां मिल सकती हैं। किसी प्रभावशाली व्यक्ति से मुलाकात आगे बढ़ने में सहायक हो सकती है। सिंह राशिसिंह राशि के लोगों के लिए यह योग प्रतिष्ठा और सम्मान बढ़ाने वाला साबित हो सकता है। आर्थिक स्थिति मजबूत रहेगी और धन लाभ के कई अवसर मिल सकते हैं। विदेश से जुड़े कार्यों में सफलता और पैतृक संपत्ति से लाभ के संकेत हैं। धनु राशिधनु राशि के जातकों के लिए यह समय भाग्य का साथ लेकर आ सकता है। कार्यक्षेत्र में सराहना मिलेगी और पदोन्नति के योग बन सकते हैं। यदि कोई कानूनी मामला चल रहा है, तो उसमें राहत मिलने की संभावना है। साथ ही पुराने कर्ज से मुक्ति और आय में वृद्धि के संकेत हैं।

एमपी में बढ़ी गर्मी की तपिश, आज 16 जिलों में लू का अलर्ट, कई शहरों में तापमान 42°C के पार

भोपाल। मध्य प्रदेश के 16 जिलों में गुरुवार को हीट वेव (लू) को लेकर चेतावनी जारी की गई है। मौसम केंद्र भोपाल ने इस सीजन में पहली बार इतने बड़े स्तर पर अलर्ट जारी किया है। आने वाले चार दिनों तक प्रदेश के कई हिस्से गर्म हवाओं की चपेट में रहेंगे। गुरुवार को जिन जिलों में लू चलने की संभावना है, उनमें रतलाम, झाबुआ, धार, अलीराजपुर, बड़वानी, खरगोन, बुरहानपुर, खंडवा, हरदा, नर्मदापुरम, बैतूल, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी, मंडला और बालाघाट शामिल हैं। इससे पहले छिंदवाड़ा, पांढुर्णा और मंडला में लू जैसे हालात बन चुके हैं। मौसम विभाग के मुताबिक, अप्रैल के दूसरे पखवाड़े में आमतौर पर गर्मी तेज होती है। इस बार भी शुरुआत में आंधी, बारिश और ओलावृष्टि के बाद 10 अप्रैल से तापमान में तेजी आई है, जो अब और बढ़ेगी। 25 शहरों में 40°C के पार पाराबुधवार को प्रदेश में गर्मी का असर काफी तीखा रहा। पहली बार 25 शहरों में दिन का तापमान 40 डिग्री या उससे ज्यादा दर्ज किया गया। इंदौर और ग्वालियर इस सीजन में सबसे गर्म शहरों में शामिल रहे, जहां पारा 40 डिग्री से ऊपर पहुंच गया। गर्मी के बढ़ते असर के चलते बुरहानपुर, हरदा और रतलाम में स्कूलों के समय में बदलाव किया गया है। छतरपुर जिले का नौगांव प्रदेश में सबसे ज्यादा गर्म रहा, जहां अधिकतम तापमान 42.4 डिग्री दर्ज हुआ। खजुराहो में 42.2 डिग्री, रतलाम में 42 डिग्री, नर्मदापुरम में 41.8 डिग्री, सतना में 41.7 डिग्री, मंडला में 41.6 डिग्री, सीधी में 41.2 डिग्री और शाजापुर में 41.1 डिग्री तापमान रहा। इसके अलावा टीकमगढ़, धार, खरगोन और रीवा में 41 डिग्री, जबकि उमरिया और दतिया में 40.8 डिग्री दर्ज किया गया। श्योपुर, दमोह और रायसेन में 40.4 डिग्री, गुना में 40.3 डिग्री, छिंदवाड़ा, मलाजखंड और बैतूल में 40.2 डिग्री, खंडवा में 40.1 डिग्री और सागर में 40 डिग्री तापमान रिकॉर्ड किया गया। पांच बड़े शहरों में इंदौर में 40 डिग्री, ग्वालियर में 40.2 डिग्री, भोपाल में 39.5 डिग्री, उज्जैन में 39.7 डिग्री और जबलपुर में 39.9 डिग्री तापमान दर्ज हुआ। लू से बचाव के लिए एडवायजरी जारी गर्मी बढ़ने के साथ मौसम विभाग ने लोगों के लिए एडवायजरी भी जारी की है। इसमें दिनभर पर्याप्त मात्रा में पानी पीने और शरीर को हाइड्रेट रखने की सलाह दी गई है। दोपहर के समय तेज धूप में लंबे समय तक बाहर न रहने की हिदायत दी गई है। इसके अलावा हल्के और ढीले सूती कपड़े पहनने तथा बच्चों और बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखने की अपील की गई है।

2 घंटे 5 मिनट की Toaster: कहानी दमदार या फीकी? जानिए IMDb स्कोर

नई दिल्ली। नेटफ्लिक्स पर रिलीज हुई टोस्टर इस हफ्ते की चर्चित फिल्मों में जरूर शामिल है, लेकिन दर्शकों की उम्मीदों पर यह पूरी तरह खरी उतरती नहीं दिख रही। राजकुमार राव और सान्या मल्होत्रा जैसे दमदार कलाकारों के बावजूद फिल्म की कहानी और प्रस्तुति कई जगह कमजोर नजर आती है। 2 घंटे 5 मिनट लंबी यह डार्क कॉमेडी शुरुआत में दिलचस्प लगती है, लेकिन धीरे-धीरे इसकी रफ्तार ढीली पड़ जाती है, जिससे दर्शकों का जुड़ाव टूटने लगता है। कहानी में दम, लेकिन प्रस्तुति में कमीफिल्म की कहानी रमाकांत (राजकुमार राव) के इर्द-गिर्द घूमती है, जो बेहद कंजूस इंसान है। उसकी यही आदत उसे ऐसी स्थिति में फंसा देती है, जहां एक मामूली सा टोस्टर उसकी जिंदगी में तूफान ला देता है। प्लॉट में सस्पेंस और डार्क ह्यूमर की पूरी संभावना थी, लेकिन डायरेक्टर विवेक दासचौधरी इसे प्रभावी तरीके से पेश करने में चूक जाते हैं। कई सीन बेवजह खींचे हुए लगते हैं, जिससे फिल्म बोरियत पैदा करती है। एक्टिंग बनी फिल्म की सबसे बड़ी ताकतजहां कहानी कमजोर पड़ती है, वहीं कलाकारों की एक्टिंग फिल्म को संभालती नजर आती है। राजकुमार राव अपने किरदार में फिट बैठते हैं और उनकी कॉमिक टाइमिंग अच्छी है। सान्या मल्होत्रा भी अपनी भूमिका में सहज लगती हैं। खास तौर पर अर्चना पूरन सिंह का किरदार फिल्म में जान डालता है और उनकी मौजूदगी कई सीन में हंसी ला देती है। वहीं फराह खान की छोटी लेकिन प्रभावी मौजूदगी भी फिल्म को थोड़ा मनोरंजक बनाती है। डार्क कॉमेडी का असर फीकाडार्क कॉमेडी एक ऐसा जॉनर है जिसमें संतुलन बेहद जरूरी होता है—ह्यूमर और सस्पेंस दोनों का सही मेल होना चाहिए। लेकिन ‘टोस्टर’ इस संतुलन को बनाए रखने में नाकाम रहती है। फिल्म का दूसरा हाफ खासतौर पर कमजोर है और दर्शकों को बांधकर रखने में असफल साबित होता है। दर्शकों की राय: सोशल मीडिया पर मिली-जुली प्रतिक्रियाऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स और रेडिट जैसे मंचों पर फिल्म को लेकर मिली-जुली प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। कई यूजर्स ने इसे बोरिंग बताया, तो कुछ ने डायलॉग और एक्टिंग की तारीफ की। कुल मिलाकर, यह फिल्म ‘वन टाइम वॉच’ की कैटेगरी में फिट बैठती है।  IMDb रेटिंग ने भी किया निराशअगर रेटिंग की बात करें तो IMDb पर इस फिल्म को सिर्फ 5.3/10 की रेटिंग मिली है, जो इसकी कमजोर पकड़ को साफ दर्शाती है। अगर आप राजकुमार राव के फैन हैं या हल्की-फुल्की डार्क कॉमेडी देखना चाहते हैं, तो ‘टोस्टर’ एक बार देखी जा सकती है। लेकिन अगर आप एक दमदार कहानी और मजबूत सस्पेंस की उम्मीद कर रहे हैं, तो यह फिल्म आपको निराश कर सकती है।

18+ फिल्मों की कमाई में रिकॉर्ड: ये हैं सबसे ज्यादा कमाने वाली A-रेटेड मूवीज

नई दिल्ली। फिल्मों को मिलने वाला A (एडल्ट) सर्टिफिकेट अक्सर यह दर्शाता है कि उसमें हिंसा, बोल्ड कंटेंट या गंभीर विषयवस्तु है, जिसे केवल 18 साल से ऊपर के दर्शक ही देख सकते हैं। आमतौर पर माना जाता है कि ऐसी फिल्मों की ऑडियंस सीमित होती है, लेकिन कई फिल्मों ने इस धारणा को गलत साबित करते हुए बॉक्स ऑफिस पर जबरदस्त कमाई की है। नंबर 1 पर ‘धुरंधर 2’ का कब्जाइस लिस्ट में सबसे ऊपर धुरंधर 2 का नाम आता है, जिसमें रणवीर सिंह लीड रोल में नजर आए। फिल्म में जबरदस्त एक्शन और हिंसक सीन होने के कारण इसे ए सर्टिफिकेट मिला, लेकिन इसके बावजूद इसने महज 27 दिनों में करीब 1,733.20 करोड़ रुपये की रिकॉर्डतोड़ कमाई कर डाली। ‘धुरंधर’ ने भी किया था धमाकाधुरंधर, जो इस फ्रेंचाइजी का पहला पार्ट था, वह भी ए सर्टिफिकेट के साथ रिलीज हुआ था। इस फिल्म ने भी वर्ल्डवाइड करीब 1307.35 करोड़ रुपये की कमाई कर बॉक्स ऑफिस पर अपना दबदबा साबित किया। ‘एनिमल’ की बोल्ड कहानी ने खींची भीड़एनिमल में रणबीर कपूर की दमदार परफॉर्मेंस देखने को मिली। फिल्म में हिंसा और इंटीमेट सीन के चलते इसे ए सर्टिफिकेट मिला, लेकिन दर्शकों ने इसे खूब पसंद किया और इसने लगभग 917.82 करोड़ रुपये का कारोबार किया। ‘सालार पार्ट 1’ भी रही सुपरहिटसालार: पार्ट 1 – सीजफायर, जिसमें प्रभास नजर आए, को भी ए सर्टिफिकेट मिला था। इसके बावजूद फिल्म ने वर्ल्डवाइड करीब 617.75 करोड़ रुपये की शानदार कमाई की। ‘कुली’ में भी दिखा रजनीकांत का जलवाकुली, जिसमें रजनीकांत मुख्य भूमिका में थे, ने भी ए सर्टिफिकेट के बावजूद 518 करोड़ रुपये का कलेक्शन किया। ‘कबीर सिंह’ की लव स्टोरी भी रही हिटकबीर सिंह में शाहिद कपूर की परफॉर्मेंस को खूब सराहा गया। फिल्म के बोल्ड कंटेंट के बावजूद इसने 377 करोड़ रुपये की कमाई की। कंटेंट-ड्रिवन फिल्मों ने भी दिखाई ताकतद कश्मीर फाइल्स और द केरल स्टोरी जैसी फिल्मों ने भी ए सर्टिफिकेट के बावजूद शानदार प्रदर्शन किया। ‘द कश्मीर फाइल्स’ ने करीब 341 करोड़ और ‘द केरल स्टोरी’ ने 302 करोड़ रुपये का कलेक्शन किया। ए सर्टिफिकेट फिल्मों को लेकर यह धारणा अब बदल चुकी है कि वे सीमित दर्शकों तक ही सिमट जाती हैं। दमदार कहानी, स्टार पावर और मजबूत कंटेंट के दम पर ये फिल्में बॉक्स ऑफिस पर बड़ी सफलता हासिल कर रही हैं।