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सिंगल चार्ज में 1520 KM का धमाका: Chery की नई इलेक्ट्रिक SUV में मिलेगा प्रीमियम डिजाइन और फ्यूचर फीचर्स

नई दिल्ली। इलेक्ट्रिक व्हीकल सेगमेंट में तेजी से हो रहे बदलाव के बीच चीनी ऑटो कंपनी Chery ने अपनी नई प्रीमियम SUV Exeed EX7 को पेश किया है। यह गाड़ी अपनी लंबी ड्राइविंग रेंज और एडवांस टेक्नोलॉजी के कारण चर्चा में है। एक चार्ज में 1520 किलोमीटर तक चलने का दावाकंपनी का दावा है कि Exeed EX7 एक बार चार्ज करने पर 1520 किलोमीटर तक चल सकती है। यह इसे मौजूदा इलेक्ट्रिक गाड़ियों से अलग बनाता है। इस SUV में दो तरह के पावरट्रेन विकल्प दिए गए हैं एक पूरी तरह इलेक्ट्रिक और दूसरा एक्सटेंडेड रेंज इलेक्ट्रिक (EREV)। EREV तकनीक में बैटरी के साथ एक छोटा इंजन भी होता है, जो जरूरत पड़ने पर बैटरी को चार्ज करता रहता है, जिससे लंबी दूरी तय करना आसान हो जाता है। नई ब्रेकिंग टेक्नोलॉजी से बढ़ेगी सुरक्षाइस गाड़ी में इलेक्ट्रो-मैकेनिकल ब्रेकिंग सिस्टम (EMB) दिया गया है, जो पारंपरिक हाइड्रोलिक सिस्टम से अलग है। यह पूरी तरह इलेक्ट्रॉनिक कंट्रोल पर आधारित है, जिससे ब्रेक तेजी से और अधिक सटीक तरीके से काम करते हैं। इससे न सिर्फ सुरक्षा बढ़ती है, बल्कि गाड़ी की परफॉर्मेंस भी बेहतर होती है। प्रीमियम डिजाइन और एडवांस फीचर्सExeed EX7 को प्रीमियम SUV के तौर पर डिजाइन किया गया है। इसमें बड़ा इंफोटेनमेंट सिस्टम, डिजिटल डिस्प्ले, आरामदायक सीटिंग और एडवांस ड्राइवर असिस्टेंस फीचर्स दिए गए हैं। यह सभी फीचर्स ड्राइविंग को अधिक सुविधाजनक और सुरक्षित बनाते हैं। नई बैटरी टेक्नोलॉजी पर फोकसकंपनी भविष्य में इस SUV में सेमी-सॉलिड-स्टेट बैटरी देने की योजना बना रही है। यह बैटरी मौजूदा लिथियम-आयन बैटरियों की तुलना में ज्यादा सुरक्षित और लंबी लाइफ वाली मानी जाती है। अगर यह तकनीक बड़े स्तर पर लागू होती है, तो EV सेक्टर में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। कीमत का इंतजार=फिलहाल Chery ने इस SUV की कीमत का खुलासा नहीं किया है। उम्मीद की जा रही है कि लॉन्च के समय इसकी कीमत और अन्य जानकारियां सामने आएंगी। Exeed EX7 लंबी रेंज, नई ब्रेकिंग तकनीक और प्रीमियम फीचर्स के साथ इलेक्ट्रिक वाहनों के भविष्य की झलक पेश करती है। यह SUV न सिर्फ तकनीकी रूप से खास है, बल्कि EV बाजार में प्रतिस्पर्धा को भी और तेज कर सकती है।

Apple में बड़ा बदलाव की चर्चा: Tim Cook के बाद John Ternus बन सकते हैं नए CEO

नई दिल्ली । टेक दिग्गज Apple में नेतृत्व स्तर पर बड़ा बदलाव होने जा रहा है। कंपनी के हार्डवेयर इंजीनियरिंग प्रमुख जॉन टर्नस को नया CEO नियुक्त किया गया है। वह 1 सितंबर 2026 से यह जिम्मेदारी संभालेंगे। टिम कुक अब निभाएंगे Executive Chairman की भूमिकाकरीब 15 साल तक Apple का नेतृत्व करने वाले टिम कुक अब CEO पद छोड़कर Executive Chairman की भूमिका में नजर आएंगे। उनके कार्यकाल में कंपनी ने जबरदस्त ग्रोथ दर्ज की और करीब 4 ट्रिलियन डॉलर के मार्केट वैल्यू तक पहुंच गई। जॉन टर्नस की नेटवर्थ कितनी है?रिपोर्ट्स के अनुसार, जॉन टर्नस की कुल संपत्ति करीब 75 मिलियन डॉलर आंकी गई है। यह कमाई उन्होंने Apple में सैलरी, बोनस और स्टॉक ऑप्शन्स के जरिए हासिल की है। CEO बनने के बाद उनकी आय में और बढ़ोतरी होने की संभावना है। इंजीनियर से CEO तक का सफरजॉन टर्नस का करियर लंबे समय की मेहनत का नतीजा है। उन्होंने University of Pennsylvania से मैकेनिकल इंजीनियरिंग की पढ़ाई की और साल 2001 में Apple से जुड़े। शुरुआत में उन्होंने Mac के डिस्प्ले डिजाइन पर काम किया, लेकिन धीरे-धीरे उनकी जिम्मेदारियां बढ़ती गईं। 2021 में उन्हें कंपनी की पूरी हार्डवेयर टीम का नेतृत्व सौंपा गया। उन्होंने iPhone, iPad, Apple Watch और Vision Pro जैसे बड़े प्रोडक्ट्स पर काम किया है। कैसी है उनकी लीडरशिप स्टाइल?जॉन टर्नस को शांत, संतुलित और टीम के साथ काम करने वाले लीडर के रूप में जाना जाता है। उनका अंदाज काफी हद तक टिम कुक जैसा माना जाता है। साफ सोच, स्थिर निर्णय और सहयोगी रवैया। 2011 में Steve Jobs के बाद टिम कुक ने Apple की कमान संभाली थी। उनके नेतृत्व में Apple ने कई नए प्रोडक्ट्स और सर्विसेज लॉन्च किए, जिससे कंपनी ने नई ऊंचाइयों को छुआ। नए CEO के सामने चुनौतियांजॉन टर्नस के सामने कई बड़ी चुनौतियां होंगी। कंपनी को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के क्षेत्र में आगे बढ़ाना, नए प्रोडक्ट्स लाना, और मैन्युफैक्चरिंग से जुड़ी वैश्विक चुनौतियों से निपटना उनकी प्राथमिकताओं में शामिल होगा। Apple में यह बदलाव कंपनी के भविष्य के लिए अहम माना जा रहा है। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि जॉन टर्नस अपने नेतृत्व में Apple को किस दिशा में लेकर जाते हैं।

सूरज बड़जात्या ये प्रेम मोल लिया में आयुष्मान और शरवरी की जोड़ी बनेगी आकर्षण का केंद्र..

नई दिल्ली।  हिंदी सिनेमा में पारिवारिक फिल्मों की एक अलग पहचान बनाने वाले सूरज बड़जात्या एक बार फिर बड़े पर्दे पर अपनी नई फिल्म ये प्रेम मोल लिया के साथ वापसी करने जा रहे हैं। इस फिल्म के ऐलान के साथ ही दर्शकों के बीच उत्सुकता का माहौल बन गया है क्योंकि यह एक म्यूजिकल फैमिली एंटरटेनर के रूप में सामने आएगी जिसमें भावनाओं और रिश्तों को खास महत्व दिया जाएगा। फिल्म में मुख्य भूमिकाओं में आयुष्मान खुराना और शरवरी वाघ नजर आएंगे और दोनों कलाकार पहली बार एक साथ स्क्रीन साझा करते दिखाई देंगे। फिल्म को 27 नवंबर को सिनेमाघरों में रिलीज करने की योजना बनाई गई है और इसे लेकर फिल्म प्रेमियों में खासा उत्साह देखने को मिल रहा है। इस फिल्म की सबसे खास बात यह है कि इसके जरिए लंबे समय बाद राजश्री फिल्मों का लोकप्रिय किरदार प्रेम फिर से बड़े पर्दे पर वापसी कर रहा है। लगभग बारह वर्षों के अंतराल के बाद लौट रहे इस किरदार को इस बार आयुष्मान खुराना निभाते नजर आएंगे। अपनी सहज और प्रभावशाली अभिनय शैली के लिए पहचाने जाने वाले आयुष्मान इस भूमिका में एक नया रंग भर सकते हैं जिससे यह किरदार आधुनिक दौर के दर्शकों के साथ भी गहराई से जुड़ सके। फिल्म में शरवरी वाघ का किरदार भी काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है जो पारंपरिक भारतीय नारी की छवि को एक नए अंदाज में प्रस्तुत करेगा। उनके किरदार में सादगी के साथ आत्मविश्वास और भावनात्मक मजबूती देखने को मिलेगी जो पारिवारिक फिल्मों की मूल भावना को और गहरा बनाएगी। आयुष्मान और शरवरी की ताजा जोड़ी को लेकर दर्शकों में खास दिलचस्पी है और माना जा रहा है कि दोनों के बीच की केमिस्ट्री फिल्म की सबसे बड़ी ताकत बन सकती है। फिल्म की कहानी पूरी तरह परिवार और रिश्तों के इर्द गिर्द बुनी गई है जिसमें प्रेम त्याग और आपसी समझ जैसे मूल्यों को प्रमुखता से दिखाया जाएगा। सूरज बड़जात्या की फिल्मों की खासियत हमेशा यह रही है कि वे दर्शकों को एक सुकून भरा अनुभव देती हैं और पारिवारिक रिश्तों की अहमियत को सरल और प्रभावी तरीके से प्रस्तुत करती हैं। बदलते समय में भी ऐसी फिल्मों की प्रासंगिकता बनी हुई है और यही वजह है कि इस फिल्म से भी दर्शकों को काफी उम्मीदें हैं। फिल्म का संगीत हिमेश रेशमिया द्वारा तैयार किया जा रहा है जो लंबे समय बाद सूरज बड़जात्या के साथ काम कर रहे हैं। इससे पहले दोनों ने प्रेम रतन धन पायो में साथ काम किया था और उस फिल्म के गानों ने दर्शकों के दिलों में खास जगह बनाई थी। ऐसे में इस नई फिल्म के संगीत को लेकर भी काफी उम्मीदें जताई जा रही हैं और माना जा रहा है कि इसके गीत कहानी को और अधिक भावनात्मक गहराई देंगे। निर्माताओं का विश्वास है कि यह फिल्म एक बार फिर परिवारों को सिनेमाघरों तक खींचने में सफल होगी और उन्हें एक साथ बैठकर फिल्म देखने का अवसर देगी। ऊंचाई जैसी सराहनीय फिल्म के बाद सूरज बड़जात्या अपनी पारंपरिक शैली में लौटते नजर आ रहे हैं और यह फिल्म दर्शकों को भावनाओं से जुड़ा एक यादगार अनुभव देने की पूरी कोशिश करेगी।

देवास में अनोखी पहल: गोशाला में लगाए गए कूलर, गोवंश को मिली गर्मी से राहत

 देवास। जिले में लगातार बढ़ रही भीषण गर्मी के बीच शंकरगढ़ पहाड़ी स्थित गोशाला में गोवंश को राहत देने के लिए सराहनीय पहल की गई है। संस्था अभिरंग ने गर्मी से बेहाल गायों के लिए गोशाला में दो बड़े कूलर लगाए हैं, जिससे वातावरण को ठंडा रखने में मदद मिल रही है। 43 डिग्री तक पहुंचा तापमान, गोवंश पर बढ़ा असरजानकारी के अनुसार, देवास जिले में इन दिनों तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से अधिक बना हुआ है, जबकि शंकरगढ़ पहाड़ी क्षेत्र में यह सामान्य से 2 से 3 डिग्री अधिक रहता है। इस कारण गोशाला में गोवंश को अत्यधिक गर्मी और असुविधा का सामना करना पड़ रहा था। संस्था अभिरंग की पहल से मिली राहतभीषण गर्मी को देखते हुए संस्था अभिरंग के सदस्यों ने आपसी सहयोग से गोशाला में कूलर लगाने की व्यवस्था की। मंगलवार को दो बड़े कूलर लगाए गए, जिनसे गोशाला के अंदर ठंडी हवा पहुंच रही है और गोवंश को राहत मिल रही है। गोशाला में बदला माहौल, पशुओं को मिली राहतकूलर लगने के बाद गोशाला के वातावरण में काफी सुधार देखा गया है। पहले जहां गर्मी के कारण गायें बेचैन रहती थीं, वहीं अब उन्हें अपेक्षाकृत ठंडा वातावरण मिल रहा है, जिससे उनकी स्थिति में सुधार हुआ है। संस्था अध्यक्ष ने बताया उद्देश्यसंस्था अभिरंग के अध्यक्ष बसंत वर्मा ने बताया कि वर्तमान में तापमान 42 से 43 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है, जिसका सीधा असर गोवंश पर पड़ रहा था। इसी को ध्यान में रखते हुए यह पहल की गई है ताकि उन्हें गर्मी से राहत मिल सके और उनकी देखभाल बेहतर तरीके से हो सके। पशुसेवा की मिसाल बनी पहलस्थानीय लोगों ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि भीषण गर्मी में गोवंश की देखभाल के लिए किया गया यह प्रयास एक प्रेरणादायक कदम है, जो पशुसेवा और संवेदनशीलता का उदाहरण पेश करता है।

वैश्विक संकट के बीच भारत में पेट्रोल डीजल की कीमतें स्थिर कई देशों में 85 प्रतिशत तक उछाल के बावजूद उपभोक्ताओं को राहत

नई दिल्ली: वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में लगातार तेजी और पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच जहां कई देशों में ईंधन की कीमतों में भारी उछाल देखने को मिल रहा है वहीं भारत में पेट्रोल और डीजल की कीमतें स्थिर बनी हुई हैं यह स्थिति ऐसे समय में सामने आई है जब स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में आपूर्ति बाधित होने की आशंकाओं के कारण ब्रेंट क्रूड की कीमतों में वृद्धि दर्ज की जा रही है इसके बावजूद भारतीय उपभोक्ताओं को फिलहाल राहत मिलती नजर आ रही है दुनिया के कई हिस्सों में ईंधन की कीमतों में तेज बढ़ोतरी ने आम लोगों की जेब पर सीधा असर डाला है आंकड़ों के अनुसार यूएई में डीजल की कीमतों में लगभग 85 प्रतिशत तक की वृद्धि हुई है इसके अलावा ऑस्ट्रेलिया और अमेरिका में भी डीजल की कीमतें 60 प्रतिशत से अधिक बढ़ी हैं वहीं कनाडा पाकिस्तान फ्रांस श्रीलंका और ब्रिटेन जैसे देशों में यह वृद्धि 35 से 50 प्रतिशत के बीच दर्ज की गई है यह बढ़ोतरी मुख्य रूप से भू राजनीतिक तनाव और कच्चे तेल की आपूर्ति में अनिश्चितता के कारण मानी जा रही है पेट्रोल की कीमतों का रुझान भी इसी प्रकार का रहा है पाकिस्तान में पेट्रोल की कीमतों में सबसे अधिक लगभग 44 प्रतिशत की वृद्धि देखी गई है जबकि अमेरिका और यूएई में भी उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज की गई है अन्य देशों जैसे कनाडा श्रीलंका और चीन में भी पेट्रोल की कीमतों में बढ़ोतरी हुई है हालांकि ब्राजील और रूस जैसे देशों में यह वृद्धि अपेक्षाकृत कम रही है इसके विपरीत भारत में पेट्रोल और डीजल की कीमतें वर्ष की शुरुआत के स्तर पर ही स्थिर बनी हुई हैं डीजल की कीमत लगभग 87 रुपए प्रति लीटर और पेट्रोल की कीमत करीब 94 रुपए प्रति लीटर के आसपास बनी हुई है यह स्थिरता ऐसे समय में महत्वपूर्ण मानी जा रही है जब वैश्विक बाजार में अस्थिरता अपने चरम पर है और कई देश महंगाई के दबाव से जूझ रहे हैं विशेषज्ञों का मानना है कि भारत में कीमतों को नियंत्रित रखने में सरकारी नीतियों और सार्वजनिक क्षेत्र की तेल कंपनियों की रणनीति का महत्वपूर्ण योगदान है तेल कंपनियां अंतरराष्ट्रीय बाजार से ईंधन की खरीद इस तरह कर रही हैं जिससे खुदरा कीमतों को स्थिर रखा जा सके हालांकि इसके चलते कंपनियों पर आर्थिक दबाव भी बढ़ सकता है आर्थिक विश्लेषण यह भी संकेत देता है कि यदि कच्चे तेल की कीमतें अंतरराष्ट्रीय स्तर पर और बढ़ती हैं तो भारतीय तेल कंपनियों को नुकसान उठाना पड़ सकता है अनुमान के अनुसार यदि कीमतें 135 से 165 डॉलर प्रति बैरल के बीच रहती हैं तो पेट्रोल पर प्रति लीटर लगभग 18 रुपए और डीजल पर लगभग 35 रुपए तक का नुकसान हो सकता है इसके अलावा कच्चे तेल की कीमत में हर 10 डॉलर प्रति बैरल की बढ़ोतरी से लागत में करीब 6 रुपए प्रति लीटर की वृद्धि हो सकती है कुल मिलाकर वर्तमान स्थिति यह दर्शाती है कि जहां वैश्विक बाजार में अस्थिरता और महंगाई का दबाव बढ़ रहा है वहीं भारत में संतुलित नीतियों और प्रबंधन के चलते ईंधन की कीमतों को स्थिर बनाए रखने में सफलता मिली है यह न केवल उपभोक्ताओं के लिए राहत की बात है बल्कि आर्थिक स्थिरता बनाए रखने में भी सहायक साबित हो रही है

हाईटेक निगरानी में सुरक्षित चीते: वन्यजीव संरक्षण में Madhya Pradesh ने हासिल की अहम उपलब्धि

मंदसौर/नीमच। मध्यप्रदेश के गांधी सागर अभयारण्य से वन्यजीव संरक्षण की एक महत्वपूर्ण और उत्साहजनक उपलब्धि सामने आई है। यहां छोड़े गए दो चीते ‘प्रभास’ और ‘पावक’ ने अपने प्रवास का एक वर्ष सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है। यह उपलब्धि प्रदेश में चल रहे चीता प्रोजेक्ट और जैव विविधता संरक्षण के प्रयासों के लिए एक बड़ा मील का पत्थर मानी जा रही है। 20 अप्रैल 2025 को हुआ था पुनर्वास, मुख्यमंत्री ने छोड़ा था अभयारण्य में इन दोनों चीतों को चीता प्रोजेक्ट के तहत 20 अप्रैल 2025 को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा गांधी सागर अभयारण्य में छोड़ा गया था। यह पहल प्रदेश में वन्यजीवों के पुनर्वास और प्राकृतिक संतुलन को मजबूत करने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम माना गया था। नए वातावरण में सफलतापूर्वक ढले दोनों चीते एक वर्ष के दौरान ‘प्रभास’ और ‘पावक’ ने नए पर्यावरण के साथ खुद को पूरी तरह अनुकूलित कर लिया है। विशेषज्ञों के अनुसार दोनों चीते स्वस्थ हैं और उनकी गतिविधियों में प्राकृतिक व्यवहार स्पष्ट रूप से देखा जा रहा है। यह संकेत इस परियोजना की सफलता को मजबूत करता है। हाईटेक सिस्टम से लगातार निगरानी वन विभाग द्वारा दोनों चीतों की 24 घंटे सख्त निगरानी की जा रही है। उनके मूवमेंट, स्वास्थ्य और शिकार गतिविधियों पर GPS कॉलर और आधुनिक ट्रैकिंग सिस्टम के जरिए नजर रखी जा रही है। विशेषज्ञों की टीम लगातार उनकी स्थिति का विश्लेषण कर रही है ताकि उन्हें किसी प्रकार का खतरा न हो। वन्यजीव संरक्षण में बड़ी सफलता विशेषज्ञों का मानना है कि चीतों का एक वर्ष सफलतापूर्वक पूरा करना मध्यप्रदेश के वन्यजीव संरक्षण कार्यक्रम के लिए बड़ी उपलब्धि है। यह न केवल जैव विविधता को बढ़ावा देता है, बल्कि भविष्य की वन्यजीव पुनर्वास परियोजनाओं के लिए भी एक मजबूत मॉडल प्रस्तुत करता है गांधी सागर बनेगा चीतों का स्थायी आवास वन विभाग को उम्मीद है कि आने वाले समय में ‘प्रभास’ और ‘पावक’ गांधी सागर अभयारण्य में स्थायी रूप से बस जाएंगे। इसके साथ ही यह क्षेत्र चीतों के लिए एक सुरक्षित और अनुकूल प्राकृतिक आवास के रूप में विकसित होगा। प्रदेश के लिए गर्व का विषय इन दोनों चीतों का एक वर्ष पूरा करना न केवल वन विभाग, बल्कि पूरे मध्यप्रदेश के लिए गर्व का विषय है। यह उपलब्धि राज्य को वन्यजीव संरक्षण के क्षेत्र में राष्ट्रीय स्तर पर एक नई पहचान दिला सकती है।

Guna Hawala Scam: गुना हवाला कांड में बड़ा खुलासा, गुना के चार पुलिसकर्मी जांच के घेरे में

GUNA POLICE CHECKING

HIGHLIGHTS: जांच रिपोर्ट में चार पुलिसकर्मियों का आचरण संदिग्ध IG को सौंपी गई ट्रेनी IPS की विस्तृत रिपोर्ट SP ने सभी पर आरोप पत्र (चार्जशीट) जारी किए 1 करोड़ कैश केस में 20 लाख लेकर छोड़ने का आरोप मामला अब विभागीय जांच के दायरे में   Guna Hawala Scam: ग्वालियर। गुना में 19 मार्च को नेशनल हाईवे-46 पर पुलिस ने गुजरात नंबर की एक गाड़ी रोकी थी, जिसमें करीब 1 करोड़ रुपये नकद होने का दावा किया गया था। अब आरोप है कि इस दौरान पुलिसकर्मियों ने डीलिंग कर 20 लाख रुपये लेकर गाड़ी को छोड़ दिया। जिसके बाद यह मामला सामने आते ही पूरे पुलिस सिस्टम में हड़कंप मच गया है। उज्जैन के महाकाल मंदिर में अनुपम खेर की भक्ति यात्रा, देश और फैंस के लिए की विशेष प्रार्थना, मंदिर व्यवस्था की खुलकर की तारीफ IPS कॉल के बाद खुला मामला अगले दिन एक गुजरात के IPS अधिकारी के फोन के बाद कथित तौर पर पैसे लौटाए गए। इसके बाद गाड़ी फिर गुना पहुंची और कई घंटे तक वहीं रही। घटना के खुलासे के बाद 22 मार्च को DIG ग्वालियर ने जांच शुरू की और प्रारंभिक तौर पर चार पुलिसकर्मियों को संदिग्ध मानते हुए सस्पेंड कर दिया गया। जांच रिपोर्ट में गंभीर अनियमितताएं उजागर ट्रेनी IPS आयुष जाखड़ की जांच रिपोर्ट में सामने आया कि चारों पुलिसकर्मियों ने न तो कोई रिकॉर्ड दर्ज किया और न ही वरिष्ठ अधिकारियों को सूचना दी। रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि वे निजी व्यक्तियों के संपर्क में रहे, जिसे कदाचार की श्रेणी में माना गया है। उज्जैन के महाकाल मंदिर में अनुपम खेर की भक्ति यात्रा, देश और फैंस के लिए की विशेष प्रार्थना, मंदिर व्यवस्था की खुलकर की तारीफ SP ने जारी की चार्जशीट, विभागीय जांच शुरू जांच रिपोर्ट के आधार पर गुना SP हितिका वासल ने चारों पुलिसकर्मियों पर आरोप तय करते हुए उन्हें चार्जशीट सौंप दी है। अब मामले में एमपी पुलिस रेगुलेशन के तहत विभागीय जांच की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी। कोर्ट में भी पहुंचा मामला, जांच जारी इस केस से जुड़ी याचिका पर हाई कोर्ट ने स्टेटस रिपोर्ट तलब की है। याचिकाकर्ता ने पुलिस कार्रवाई पर गंभीर सवाल उठाए हैं, जिसमें हिरासत और बयान को लेकर विवाद शामिल है। फिलहाल अदालत ने इस पर फैसला सुरक्षित रखा है और मामले की जांच अलग स्तर पर जारी है।

लापरवाही पर गिरी गाज: ग्रामीणों द्वारा पकड़कर सौंपने के बावजूद जांच न करने पर कई पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई

रतलाम। जिले में पुलिस विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करने वाले एक मामले में एसपी अमित कुमार ने सख्त कार्रवाई करते हुए माणकचौक थाना प्रभारी (TI) पातीराम डावरे को लाइन अटैच कर दिया है। इसके साथ ही 14 हेड कॉन्स्टेबलों के थानों में भी बदलाव किया गया है। इस कार्रवाई के बाद पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया है। जांच में लापरवाही पर कार्रवाईजानकारी के अनुसार, टीआई पर आरोप है कि एक गंभीर घटना के बाद भी उन्होंने उचित जांच नहीं की और मामले को आगे नहीं बढ़ाया। इसी लापरवाही को देखते हुए एसपी ने उन्हें तत्काल प्रभाव से लाइन अटैच करने के आदेश जारी किए। मथुरी तालाब घटना से जुड़ा मामलापूरा मामला 15 अप्रैल की रात करमदी के मथुरी तालाब क्षेत्र का है, जहां तीन युवक संदिग्ध हालत में पहुंचे थे। ग्रामीणों ने मोटर चोरी की आशंका में तीनों को पकड़ने की कोशिश की। इस दौरान दो युवक मौके से भाग निकले, जबकि एक को ग्रामीणों ने पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया था। पकड़े गए युवक पर सिर्फ शांति भंग की कार्रवाईपुलिस ने पकड़े गए युवक के खिलाफ केवल शांति भंग की धाराओं में मामला दर्ज कर उसे जेल भेज दिया था। बाद में वह जमानत पर रिहा भी हो गया। वहीं, फरार हुए दो अन्य युवकों की तलाश में कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई, जिससे मामले की गंभीरता पर सवाल उठे। ग्रामीणों की सूचना के बाद भी नहीं हुई जांचग्रामीणों द्वारा संदिग्धों को पकड़कर पुलिस को सौंपे जाने के बावजूद मामले की गंभीरता से जांच नहीं करने और आगे की कार्रवाई न करने को लेकर टीआई की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठे हैं। इसी को आधार बनाकर एसपी ने यह कड़ा कदम उठाया है। पुलिस महकमे में बड़ा फेरबदलइस कार्रवाई के साथ ही एसपी ने जिले के 14 हेड कॉन्स्टेबलों के भी तबादले कर दिए हैं। इससे पुलिस विभाग में बड़े स्तर पर प्रशासनिक फेरबदल देखने को मिला है। नया टीआई अब तक नियुक्त नहींकार्रवाई के बाद माणकचौक थाने में अभी तक किसी नए थाना प्रभारी की नियुक्ति नहीं की गई है, जिससे थाने का अतिरिक्त प्रभार अन्य अधिकारी को दिया गया है। एसपी के सख्त संदेश से मचा हड़कंपएसपी अमित कुमार की इस कार्रवाई को पुलिस विभाग में अनुशासन और जवाबदेही सुनिश्चित करने के सख्त संदेश के रूप में देखा जा रहा है। इस कदम के बाद जिले के पुलिस महकमे में हलचल तेज हो गई है।

कुएं में डूबने से 8 वर्षीय बालक की मौत, बकरियां चराने गया था मासूम

झाबुआ। जिले के पेटलावद थाना क्षेत्र के दाड़िया गांव में मंगलवार को एक हृदयविदारक घटना सामने आई, जहां 8 वर्षीय बालक की कुएं में डूबने से मौत हो गई। इस हादसे के बाद पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई है। बकरियां चराने गया था मासूम, दोपहर तक नहीं लौटाजानकारी के अनुसार, दिलीप देवदा का पुत्र अरुण सुबह करीब 8 बजे घर से बकरियां चराने के लिए निकला था। रोज की तरह वह गांव के आसपास पशु चराने गया था, लेकिन दोपहर तक जब बकरियां तो घर लौट आईं, मगर अरुण वापस नहीं आया तो परिजनों को चिंता होने लगी। तलाश के दौरान कुएं में मिला सुरागपरिजनों और ग्रामीणों ने बालक की तलाश शुरू की। इसी दौरान गांव के पास स्थित एक कुएं के पास उसकी चप्पल और पानी की बोतल दिखाई दी, जो पानी में तैर रही थी। संदेह होने पर ग्रामीणों ने कुएं में झांककर देखा तो वहां से मासूम का शव बरामद हुआ। पुलिस मौके पर पहुंची, शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा गयाघटना की सूचना मिलते ही पेटलावद पुलिस मौके पर पहुंची। जितेंद्र सिंह दोहरे के नेतृत्व में पुलिस टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और शव का पंचनामा तैयार किया। इसके बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए सिविल अस्पताल भेजा गया। गांव में पसरा मातमबालक की आकस्मिक मौत से दाड़िया गांव में मातम का माहौल है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। मासूम की मौत ने पूरे गांव को गमगीन कर दिया है, लोग परिवार को ढांढस बंधाने पहुंच रहे हैं। पुलिस कर रही जांचपुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और यह पता लगाया जा रहा है कि बालक कुएं में कैसे गिरा। फिलहाल इसे एक दुखद हादसा माना जा रहा है।

PNB ने सिविल, इलेक्ट्रिकल और मैकेनिकल इंजीनियरों के लिए सरकारी नौकरी का अवसर..

नई दिल्ली: बैंकिंग क्षेत्र में सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे इंजीनियर युवाओं के लिए एक बड़ी खुशखबरी सामने आई है। पंजाब नेशनल बैंक (PNB) ने विभिन्न तकनीकी शाखाओं में ऑफिसर पदों पर भर्ती प्रक्रिया शुरू कर दी है, जिसमें कुल 30 पदों को भरा जाएगा। यह भर्ती अभियान बैंक के इंजीनियरिंग विभाग को मजबूत बनाने के उद्देश्य से किया जा रहा है, जिसमें सिविल, इलेक्ट्रिकल और मैकेनिकल इंजीनियरिंग से जुड़े योग्य उम्मीदवारों को अवसर प्रदान किया जा रहा है। आवेदन प्रक्रिया 21 अप्रैल से शुरू हो चुकी है और उम्मीदवारों के पास 5 मई तक आवेदन करने का अंतिम अवसर रहेगा। इस भर्ती में सबसे अधिक 21 पद ऑफिसर (सिविल इंजीनियर) के लिए निर्धारित किए गए हैं, जबकि इलेक्ट्रिकल इंजीनियर के लिए 7 पद और मैकेनिकल इंजीनियर के लिए 2 पद रखे गए हैं। सभी पद जूनियर मैनेजमेंट ग्रेड (JMG) स्केल-I के अंतर्गत आते हैं, जो बैंकिंग क्षेत्र में एक प्रतिष्ठित और स्थिर करियर की शुरुआत का अवसर प्रदान करते हैं। चयनित उम्मीदवारों को न केवल आकर्षक वेतन मिलेगा, बल्कि बैंक के नियमों के अनुसार अन्य भत्ते और सुविधाएं भी दी जाएंगी, जो इस नौकरी को और अधिक आकर्षक बनाते हैं। आवेदन के लिए उम्मीदवार के पास किसी मान्यता प्राप्त संस्थान या विश्वविद्यालय से संबंधित इंजीनियरिंग शाखा में बीई या बीटेक की डिग्री होना अनिवार्य है, जिसमें न्यूनतम 60 प्रतिशत अंक आवश्यक हैं। इसके साथ ही संबंधित क्षेत्र में कार्य अनुभव और अन्य निर्धारित पात्रताओं को भी पूरा करना जरूरी होगा। बैंक ने आयु सीमा भी निर्धारित की है, जिसके अनुसार उम्मीदवार की न्यूनतम आयु 20 वर्ष और अधिकतम आयु 30 वर्ष होनी चाहिए। आयु की गणना निर्धारित तिथि के आधार पर की जाएगी, जबकि आरक्षित वर्गों को सरकारी नियमों के अनुसार आयु में छूट प्रदान की जाएगी। चयन प्रक्रिया को कई चरणों में पूरा किया जाएगा, जिसमें सबसे पहले ऑनलाइन लिखित परीक्षा आयोजित की जाएगी। इसके बाद योग्य उम्मीदवारों को इंटरव्यू राउंड के लिए शॉर्टलिस्ट किया जाएगा। अंतिम चयन डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन और मेरिट के आधार पर किया जाएगा। इस पूरी प्रक्रिया का उद्देश्य योग्य और तकनीकी रूप से सक्षम उम्मीदवारों का चयन सुनिश्चित करना है, जो बैंक के इंफ्रास्ट्रक्चर और तकनीकी कार्यों में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकें। आवेदन शुल्क की बात करें तो सामान्य, ईडब्ल्यूएस और ओबीसी श्रेणी के उम्मीदवारों को 1180 रुपये का भुगतान करना होगा, जबकि एससी, एसटी और दिव्यांग उम्मीदवारों के लिए शुल्क 59 रुपये निर्धारित किया गया है। आवेदन प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन माध्यम से की जा रही है, जिससे उम्मीदवार घर बैठे आसानी से आवेदन कर सकते हैं। आवेदन करने के लिए उम्मीदवारों को पहले बैंक की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर रजिस्ट्रेशन करना होगा। इसके बाद लॉगिन कर सभी आवश्यक व्यक्तिगत और शैक्षणिक जानकारी भरनी होगी। दस्तावेज अपलोड करने के बाद निर्धारित शुल्क का भुगतान करना होगा और अंत में फॉर्म सबमिट कर उसका प्रिंटआउट सुरक्षित रखना होगा। यह भर्ती उन युवाओं के लिए एक बेहतरीन अवसर है जो बैंकिंग सेक्टर में इंजीनियरिंग के क्षेत्र में अपना करियर बनाना चाहते हैं।