सट्टेबाजी नेटवर्क का भंडाफोड़; पुलिस ने 42 लाख से अधिक की अवैध राशि वाले बैंक खाते किए फ्रीज

नई दिल्ली। खेल के मौजूदा रोमांच के बीच सट्टेबाजी के अवैध धंधे के खिलाफ प्रशासन ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए अंतर्राज्यीय और अंतरराष्ट्रीय संपर्कों वाले एक गिरोह का भंडाफोड़ किया है। पुलिस की विशेष टीम ने इस ऑपरेशन के तहत क्षेत्र के ही रहने वाले चार मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार किया है। ये आरोपी कथित तौर पर लंबे समय से एक सुनियोजित तरीके से इस अवैध नेटवर्क का संचालन कर रहे थे। जांचकर्ताओं को अंदेशा है कि यह गिरोह न केवल स्थानीय स्तर पर बल्कि डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से मनी लॉन्ड्रिंग के खेल में भी गहराई से शामिल था। जांच के दौरान अधिकारियों को आरोपियों के बैंक खातों में संदिग्ध लेन-देन के पुख्ता सबूत मिले हैं। वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने जानकारी साझा करते हुए बताया कि अवैध सट्टेबाजी से अर्जित की गई लगभग 42.3 लाख रुपये की राशि वाले विभिन्न बैंक खातों को तत्काल प्रभाव से फ्रीज कर दिया गया है। इन खातों में जमा रकम का स्रोत और लेनदेन का तरीका बेहद संदिग्ध पाया गया है, जिसकी अब बारीकी से वित्तीय ऑडिट की जा रही है। अधिकारियों का मानना है कि यह रकम केवल सट्टेबाजी तक ही सीमित नहीं है, बल्कि इसे वैध बनाने के लिए कई डिजिटल रास्तों और जटिल वित्तीय माध्यमों का उपयोग किया गया था। गिरफ्तारी के दौरान मौके से सट्टेबाजी के संचालन में उपयोग किए जाने वाले भारी मात्रा में उपकरण भी बरामद किए गए हैं। इनमें 11 अत्याधुनिक मोबाइल फोन, एक लैपटॉप और हजारों की नकद राशि शामिल है। जांच में यह भी चौंकाने वाला तथ्य सामने आया है कि इस गिरोह के तार विदेश से जुड़े हुए हैं। एक मुख्य संदिग्ध, जिसके खाड़ी देशों में छिपे होने का संदेह है, इस पूरे रैकेट के सरगना के रूप में उभरा है। वह अंतरराष्ट्रीय ऐप्स के जरिए लोगों को मैचों पर सट्टा लगाने के लिए आकर्षित करता था और अवैध चैनलों के जरिए लेनदेन को अंजाम देता था। मामले की गंभीरता और अंतरराष्ट्रीय संबंधों को देखते हुए अब जांच का दायरा काफी बढ़ा दिया गया है। प्रशासन ने संकेत दिए हैं कि मनी लॉन्ड्रिंग के पुख्ता सुराग मिलने के बाद प्रवर्तन निदेशालय जैसी केंद्रीय जांच एजेंसियों को भी इस प्रकरण में शामिल किया जा सकता है। पुलिस अब गिरफ्तार आरोपियों के परिजनों और सहयोगियों के बैंक खातों की भी गहन पड़ताल कर रही है ताकि इस अवैध संपत्ति के पूरे जाल का खुलासा किया जा सके। गिरफ्तार किए गए कुछ आरोपियों का पुराना आपराधिक इतिहास भी रहा है और उन पर पहले से ही जुआ अधिनियम के तहत मामले दर्ज हैं। इस बड़ी कार्रवाई ने उन अपराधियों के बीच हड़कंप मचा दिया है जो तकनीक की आड़ में सट्टेबाजी का काला कारोबार चला रहे थे। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि अंतरराष्ट्रीय डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से होने वाले किसी भी अवैध वित्तीय लेनदेन पर सुरक्षा एजेंसियों की पैनी नजर है। आने वाले दिनों में इस मामले में कई और बड़े खुलासे होने की उम्मीद है, जिससे सट्टेबाजी के इस अंतरराष्ट्रीय सिंडिकेट के कई और चेहरों से नकाब उतर सकता है।
45 गेंदों में जड़ा करियर का पहला शतक, जयसूर्या के कीर्तिमान की बराबरी कर टीम की कराई धमाकेदार वापसी

नई दिल्ली/अहमदाबाद। भारतीय क्रिकेट के उभरते सितारे तिलक वर्मा ने सोमवार को अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में अपनी बल्लेबाजी का वो रौद्र रूप दिखाया, जिसकी गूँज लंबे समय तक खेल गलियारों में सुनाई देगी। खराब फॉर्म और टीम की नाजुक स्थिति के बीच क्रीज पर उतरे तिलक ने न केवल अपने करियर का पहला शतक जड़ा, बल्कि अपनी आतिशी पारी से कई स्थापित रिकॉर्ड्स को भी मटियामेट कर दिया। यह पारी उस समय आई जब उनकी टीम गहरे संकट में थी और शुरुआती ओवरों के दौरान ही विपक्षी टीम की घातक गेंदबाजी ने शीर्ष क्रम को पूरी तरह तहस-नहस कर दिया था। मात्र 45 गेंदों में खेली गई उनकी 101 रनों की इस पारी ने मैदान पर मौजूद हजारों दर्शकों को झूमने पर मजबूर कर दिया। मैच की शुरुआत टीम के लिए किसी दुःस्वप्न से कम नहीं थी। शुरुआती तीन विकेट जल्दी गिरने के बाद ऐसा लग रहा था कि टीम 150 के स्कोर तक भी मुश्किल से पहुँच पाएगी। तिलक वर्मा जब बल्लेबाजी करने आए, तो उन्होंने स्थिति की गंभीरता को समझा और शुरुआत में बेहद संभलकर खेलना शुरू किया। उन्होंने अपनी पहली 22 गेंदों पर केवल 19 रन बनाए थे, जिसे देखकर किसी को भी इस बात का अंदाजा नहीं था कि अगले कुछ ही मिनटों में मैदान पर रनों का तूफान आने वाला है। जैसे ही पारी के आखिरी ओवरों का आगाज हुआ, तिलक ने अपने खेल का गियर पूरी तरह बदल दिया और गेंदबाजों पर कहर बनकर टूट पड़े। तिलक की बल्लेबाजी का असली जादू अंतिम ओवरों यानी 16वें से 20वें ओवर के बीच देखने को मिला। उन्होंने अंतिम 23 गेंदों में अविश्वसनीय रूप से 82 रन कूट डाले। विशेषकर पारी के आखिरी तीन ओवरों में उन्होंने मैदान के हर कोने में शॉट लगाए और टीम के स्कोर में 58 रनों का भारी योगदान दिया। अपनी इस पूरी पारी के दौरान तिलक ने 8 शानदार चौके और 7 गगनचुंबी छक्के जड़े। उनकी आक्रामकता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि उन्होंने डेथ ओवर्स की महज 18 गेंदों में 65 रन बना डाले, जो खेल के इतिहास की सबसे तेज और प्रभावशाली पारियों में से एक गिनी जा रही है। इस शतक के साथ ही तिलक वर्मा ने दिग्गजों की फेहरिस्त में अपना नाम दर्ज करा लिया है। उन्होंने 45 गेंदों में अपनी सेंचुरी पूरी कर दिग्गज सनथ जयसूर्या के सबसे तेज शतक के रिकॉर्ड की बराबरी कर ली है। इससे पहले खेले गए मैचों में तिलक का बल्ला पूरी तरह खामोश था और उन्होंने बहुत ही कम रन बनाए थे, जिसके चलते उनके प्रदर्शन को लेकर भी सवाल उठने लगे थे। हालांकि, इस एक पारी ने न केवल उनके आलोचकों का मुँह बंद कर दिया है बल्कि यह भी साबित कर दिया है कि वे बड़े मैचों के खिलाड़ी हैं। उनकी इस जादुई पारी की बदौलत टीम ने निर्धारित 20 ओवरों में 199 रनों का चुनौतीपूर्ण स्कोर खड़ा किया। विशेषज्ञों का मानना है कि तिलक की यह पारी तकनीकी कौशल और मानसिक दृढ़ता का बेहतरीन नमूना थी। शुरुआत में रक्षात्मक खेल दिखाकर विकेट बचाना और फिर अंत में गेंदबाजों की बखिया उधेड़ना एक परिपक्व खिलाड़ी की निशानी है। जिस तरह से उन्होंने मुख्य गेंदबाजों के खिलाफ जोखिम भरे शॉट्स को आसानी से अंजाम दिया, उसने उनके आत्मविश्वास को नई ऊँचाइयों पर पहुँचा दिया है। इस शतकीय प्रहार ने न केवल टीम को मजबूती दी है, बल्कि पूरे टूर्नामेंट के समीकरणों को भी रोमांचक बना दिया है।
Morena Mayor Sharda Solanki : CM से मिलने पर रोका तो भड़क गई महापौर; TI को ही कह दिया-बदतमीज कहीं की!

HIGHLIGHTS: सीएम से मिलने से रोकी गईं मुरैना महापौर टीआई और महापौर के बीच तीखी बहस “यह मेरा भी घर है” कहकर जताया विरोध नेताओं के हस्तक्षेप के बाद मिली एंट्री महापौर ने पार्टी फोरम पर शिकायत की चेतावनी दी Morena Mayor Sharda Solanki : मुरैना। कृषि मंत्री एदल सिंह कंसाना के निवास पर आयोजित एक पारिवारिक कार्यक्रम अचानक विवाद का केंद्र बन गया, जब मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव नवविवाहित जोड़े को आशीर्वाद देने पहुंचे। बता दें कि कार्यक्रम निजी था और दूसरी मंजिल पर चल रहा था, जहां प्रवेश को सीमित रखा गया था। इसी दौरान मुरैना महापौर शारदा सोलंकी वहां पहुंचीं और सीएम से मिलने ऊपर जाने लगीं, लेकिन ड्यूटी पर तैनात टीआई ने उन्हें रोक दिया। गलत सूचना के आधार पर कार्रवाई का आरोप: कटनी स्टेशन पर मानव तस्करी शक में उतारे गए बच्चों पर विवाद सीढ़ियों पर रोकी गई महापौर महापौर को रोके जाने पर माहौल गर्म हो गया। शारदा सोलंकी ने नाराजगी जताते हुए कहा कि “यह मेरा भी घर है”, लेकिन टीआई राजकुमारी परमार ने सुरक्षा और निर्देशों का हवाला देते हुए उन्हें ऊपर जाने की अनुमति नहीं दी। काफी देर तक महापौर सीढ़ियों पर ही खड़ी रहीं, जिससे मौके पर मौजूद लोगों के बीच चर्चा और तनाव दोनों बढ़ गए। स्टेट हाईवे-22 पर अवरोध: Madhya Pradesh में पेड़ गिरने से ट्रैफिक रुका, चालकों ने अपनाया वैकल्पिक रास्ता महापौर ने TI को कहा बदतमीज आखिरकार अन्य नेताओं के हस्तक्षेप के बाद महापौर को अंदर जाने दिया गया। हालांकि, जाते-जाते उन्होंने टीआई पर नाराजगी जाहिर करते हुए “बदतमीज” जैसे शब्दों का इस्तेमाल किया। इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो सामने आने के बाद मामला और ज्यादा चर्चा में आ गया है। टेंडर प्रक्रिया पूरी, फिर भी रुका काम: पार्षद ने उठाए सवाल, अधिकारियों पर निष्क्रियता का आरोप महापौर का पक्ष: प्रोटोकॉल का हवाला महापौर शारदा सोलंकी ने कहा कि वे नगर की प्रथम नागरिक हैं और पार्टी की वरिष्ठ नेता होने के नाते उन्हें प्रोटोकॉल के तहत वहां मौजूद होना चाहिए था। उन्होंने आरोप लगाया कि अन्य लोगों को अंदर जाने दिया जा रहा था, जबकि उन्हें रोका गया। उन्होंने इस व्यवहार को अपमानजनक बताते हुए पार्टी फोरम पर शिकायत की बात कही। विधायक-मंत्री पर मनमानी का आरोप: पूर्व विधायक ने जनप्रतिनिधियों की अनदेखी पर जताई नाराजगी टीआई का जवाब: ‘मैंने सिर्फ ड्यूटी निभाई’ वहीं टीआई राजकुमारी परमार ने आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि उन्होंने किसी प्रकार की अभद्रता नहीं की। उनके अनुसार, उन्होंने केवल सुरक्षा निर्देशों का पालन किया और किसी के साथ पक्षपात नहीं किया। उन्होंने यह भी कहा कि मुख्यमंत्री का कार्यक्रम सीमित समय का था और व्यवस्था बनाए रखना उनकी जिम्मेदारी थी।
GWALIOR CRIMES NEWS : ग्वालियर में प्रॉपर्टी डीलर के साथ दरिंदगी, पिस्टल दिखाकर वसूले 30 लाख; बनाया अश्लील वीडियो

HIGHLIGHTS: प्रॉपर्टी कारोबारी को ऑफिस में बंधक बनाया पिस्टल की नोक पर मारपीट और जबरदस्ती 30 लाख रुपए के चेक जबरन साइन करवाए वीडियो बनाकर मानसिक दबाव बनाया पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की GWALIOR CRIMES NEWS : मध्यप्रदेश। ग्वालियर से एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है जहां , एक प्रॉपर्टी कारोबारी को उसके परिचित ने लेनदेन की बातचीत के बहाने बुलाया। जिसके बाद ऑफिस पहुंचते ही उसे कुछ लोगों ने घेर लिया और जान से मारने की धमकी देकर बंधक बना लिया। पीड़ित के अनुसार, आरोपी पहले से वहां मौजूद थे। शादी में खूनी बवाल: बाप-बेटे ने तलवार से किया हमला, दूल्हे के मामा की मौत हथियार के दम पर मारपीट और जबरन हरकत पीड़ित ने आरोप लगाया कि आरोपियों ने पिस्टल अड़ाकर उसके साथ मारपीट की और जबरदस्ती की। इस दौरान उससे ऑनलाइन पैसे मंगवाकर शराब खरीदी गई। साथ ही आरोपियों ने उसके साथ हुई घटना का वीडियो भी बनाया और उसे मानसिक रूप से प्रताड़ित भी किया। अनूपपुर में हाथियों का आतंक जारी: 113 दिनों से डेरा, फसलों और घरों को नुकसान 30 लाख के चेक साइन, वीडियो से दबाव डर के माहौल में आरोपियों ने उससे 10-10 लाख रुपए के तीन चेक साइन करवा लिए। साथ ही अपने दुश्मन के खिलाफ गालियां दिलवाकर वीडियो बनाए और उसके मोबाइल से भेजे। घटना के बाद पीड़ित ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई, जिस पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।
शादी में खूनी बवाल: बाप-बेटे ने तलवार से किया हमला, दूल्हे के मामा की मौत

नर्मदापुरम। जिले के शिवपुर थाना क्षेत्र के ग्राम नाहरकोला में रविवार रात एक शादी समारोह उस समय खूनी संघर्ष में बदल गया जब बाप-बेटे ने तलवार और चाकू से ताबड़तोड़ हमला कर दिया। इस दिल दहला देने वाली वारदात में दूल्हे के मामा की मौत हो गई, वहीं बाद में एक अन्य घायल ने भी दम तोड़ दिया। इसके अलावा पुलिस आरक्षक सहित 6 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए, जिनमें एक आरक्षक पर 9 बार चाकू से वार किया गया। शादी का माहौल बना खून-खराबे का मैदानजानकारी के अनुसार, भगवान कीर की शादी का कार्यक्रम घर में चल रहा था। मंडप में खाना-पीना और डीजे की धुन के बीच पूरा परिवार और रिश्तेदार मौजूद थे। इसी दौरान पहले से विवादित रिश्तेदार अमर सिंह कीर अपने बेटे लोकेश के साथ वहां पहुंचा। आरोप है कि शराब के नशे में धुत अमर सिंह ने पहले बहस शुरू की और फिर अचानक घर से बाहर निकलकर हथियार लेकर लौट आया। तलवार-चाकू से हमला, जो सामने आया वही निशानाप्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, दोनों बाप-बेटे हाथों में तलवार और चाकू लेकर आए और देखते ही देखते उत्पात मचाना शुरू कर दिया। बाहर खड़ी महिला क्षमा पर पहले वार किया गया, जिससे चीख-पुकार मच गई। आवाज सुनकर कमरे में बंद पुरुष खिड़की तोड़कर बाहर निकले, लेकिन आरोपियों ने किसी को नहीं बख्शा और जो भी सामने आया उस पर हमला कर दिया। मामा की मौत, जीजा ने तोड़ा दमइस हमले में जय नारायण कीर (दूल्हे के जीजा) की इलाज के दौरान भोपाल में मौत हो गई। वहीं दौलतराम कीर (दूल्हे के मामा) की मौके पर हालत गंभीर होने के बाद जान चली गई। हरि नारायण कीर सहित अन्य घायलों का इलाज अस्पताल में जारी है, जिनकी हालत नाजुक बताई जा रही है। पुलिस टीम पर भी हमला, आरक्षक पर 9 वारघटना की सूचना पर जब पुलिस मौके पर पहुंची तो आरोपी लोकेश फरार हो गया। बाद में पीछा करने पर उसने आरक्षक ओम प्रकाश जाट पर भी बेरहमी से हमला कर दिया। बताया गया कि आरोपी ने आरक्षक पर पेट, सीने, गर्दन और हाथ-पैर पर कुल 9 बार चाकू से वार किए, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। पुराना विवाद बना खूनखराबे की वजहग्रामीणों के अनुसार, दोनों परिवारों के बीच करीब 5 साल से विवाद चल रहा था और आपसी बातचीत बंद थी। शादी में आमंत्रण के बावजूद अमर सिंह ने पहले विवाद किया और फिर बेटे के साथ लौटकर हिंसा को अंजाम दिया। आरोपी हिरासत में, दूसरा फरारपुलिस ने मुख्य आरोपी अमर सिंह कीर को हिरासत में ले लिया है, जबकि उसका बेटा लोकेश अभी फरार है। उसकी तलाश में तीन टीमें गठित की गई हैं, जिनमें इंदौर तक दबिश दी जा रही है। आरोपी के खिलाफ पहले से भी आपराधिक मामले दर्ज होने की पुष्टि हुई है। इलाके में दहशत, सुरक्षा व्यवस्था पर सवालइस घटना के बाद पूरे इलाके में दहशत का माहौल है। शादी जैसा खुशी का अवसर हिंसा में बदल जाने से लोग स्तब्ध हैं। पुलिस ने दो अलग-अलग मामले दर्ज कर जांच शुरू कर दी है एक हत्या का और दूसरा पुलिस पर जानलेवा हमले का।
अली फजल के नए प्रोजेक्ट्स में दिखेगा अभिनय का अलग रंग, दर्शकों के लिए लाएंगे नए अनुभव…

नई दिल्ली। अभिनेता अली फजल इन दिनों अपने लगातार बदलते और विविध किरदारों को लेकर चर्चा में हैं। एक ओर जहां वह एक्शन से भरपूर प्रोजेक्ट में नजर आने वाले हैं, वहीं दूसरी तरफ रोमांटिक और भावनात्मक कहानियों में भी उनका अलग अंदाज देखने को मिल रहा है। इस बदलाव ने उनके करियर को एक नई दिशा दी है और दर्शकों के बीच उनकी छवि को और मजबूत किया है। अली फजल का मानना है कि एक अभिनेता की असली पहचान उसकी विविधता और जोखिम लेने की क्षमता से बनती है, और यही कारण है कि वह हर बार अलग जॉनर चुनते हैं। अली फजल ने बताया कि वह जानबूझकर ऐसे किरदारों का चयन करते हैं जो उन्हें एक कलाकार के रूप में चुनौती दें। उनका कहना है कि जब कोई अभिनेता अपनी सुविधा क्षेत्र से बाहर निकलता है तभी उसकी वास्तविक क्षमता सामने आती है। उनके अनुसार, हर किरदार एक नई यात्रा की तरह होता है, जिसमें अलग सोच, अलग भावना और अलग तैयारी की जरूरत होती है। वह मानते हैं कि अभिनय सिर्फ संवाद बोलने या दृश्य निभाने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह एक मानसिक और भावनात्मक प्रक्रिया है जो कलाकार को लगातार विकसित करती रहती है। वर्तमान में अली फजल एक ओर एक्शन आधारित कहानी में काम कर रहे हैं जिसमें एक मजबूत और कच्ची दुनिया को दिखाया गया है, जबकि दूसरी ओर वह एक रोमांटिक प्रोजेक्ट का हिस्सा भी हैं जो भावनात्मक गहराई और मानवीय रिश्तों को दर्शाता है। दोनों ही किरदार एक दूसरे से पूरी तरह अलग हैं और यही अंतर उनके लिए सबसे बड़ी प्रेरणा है। अली का कहना है कि एक्शन में जहां शारीरिक ऊर्जा और तीव्रता की जरूरत होती है, वहीं रोमांस और भावनात्मक कहानियों में संवेदनशीलता और सूक्ष्मता सबसे महत्वपूर्ण होती है। अभिनेता ने यह भी कहा कि वह अपने करियर के इस दौर को बेहद संतोषजनक और रचनात्मक मानते हैं। उनके अनुसार हर नया प्रोजेक्ट उन्हें कुछ नया सीखने का अवसर देता है और यही प्रक्रिया उन्हें लगातार आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करती है। वह मानते हैं कि एक कलाकार के लिए स्थिरता से ज्यादा जरूरी है बदलाव को अपनाना और खुद को समय के साथ ढालना। अली फजल के आने वाले प्रोजेक्ट्स में भी विविधता देखने को मिल रही है। कुछ कहानियां एक्शन और थ्रिल से जुड़ी हैं, जबकि कुछ में भावनात्मक और ऐतिहासिक पहलू प्रमुख हैं। खास तौर पर एक पीरियड ड्रामा में उनका काम दर्शकों के लिए एक अलग अनुभव लेकर आने वाला है, जो भारत के इतिहास से जुड़ी पृष्ठभूमि पर आधारित है। इसके अलावा अन्य प्रोजेक्ट्स भी उनके अभिनय की अलग-अलग परतों को उजागर करेंगे। अली फजल का मानना है कि आज की फिल्म इंडस्ट्री में कलाकारों को नए और प्रयोगात्मक अवसर मिल रहे हैं, जिससे वे अपनी प्रतिभा को और बेहतर तरीके से दिखा सकते हैं। वह कहते हैं कि जब अभिनेता एक ही तरह के किरदारों में सीमित नहीं रहते, तो न केवल उनका विकास होता है बल्कि दर्शकों को भी हर बार कुछ नया देखने को मिलता है। यही कारण है कि वह हर बार अलग तरह की भूमिकाओं को अपनाने से पीछे नहीं हटते और अपने करियर को एक निरंतर सीखने की प्रक्रिया मानते हैं।
गलत सूचना के आधार पर कार्रवाई का आरोप: कटनी स्टेशन पर मानव तस्करी शक में उतारे गए बच्चों पर विवाद

कटनी। मध्यप्रदेश के कटनी रेलवे स्टेशन पर 167 मुस्लिम बच्चों और उनके 8 शिक्षकों को मानव तस्करी के संदेह में ट्रेन से उतारे जाने का मामला अब बड़ा विवाद बन गया है। यह घटना 11 अप्रैल 2026 की बताई जा रही है, जब पटना–पुणे एक्सप्रेस (गाड़ी संख्या 17609) के स्लीपर कोच S2, S3 और S4 में यात्रा कर रहे बच्चों को अचानक रोक लिया गया। इस कार्रवाई के बाद मामला न केवल प्रशासनिक स्तर पर, बल्कि राजनीतिक और सामाजिक बहस का विषय भी बन गया है। मानव तस्करी के संदेह में रोकी गई ट्रेन, बच्चों को उतारा गयाजानकारी के अनुसार, ट्रेन जब शाम करीब 6:30 बजे कटनी जंक्शन पर पहुंची, तभी पुलिस और संबंधित एजेंसियों ने मानव तस्करी की आशंका जताते हुए कार्रवाई की। इस दौरान 6 से 15 वर्ष की उम्र के लगभग 167 बच्चों को उनके 8 शिक्षकों के साथ ट्रेन से उतार लिया गया। इसके बाद सभी को कटनी और जबलपुर स्थित बाल कल्याण समिति (CWC) केंद्रों में भेज दिया गया। मुस्लिम परिषद का आरोप बिना ठोस जांच हुई कार्रवाईइस घटना को लेकर मुस्लिम परिषद ने पुलिस प्रशासन पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। परिषद का कहना है कि पूरी कार्रवाई बिना किसी ठोस साक्ष्य और पर्याप्त प्रारंभिक जांच के की गई, और तुरंत एफआईआर दर्ज कर दी गई। परिषद ने इसे गलत सूचना पर आधारित कार्रवाई बताते हुए कहा कि इससे बच्चों और उनके परिजनों को अनावश्यक परेशानी झेलनी पड़ी। बच्चों के वैध दस्तावेज होने का दावाप्रतिनिधिमंडल ने यह भी दावा किया है कि सभी बच्चों के पास वैध आरक्षित टिकट मौजूद थे और वे अपने परिजनों की लिखित सहमति के साथ शिक्षा प्राप्त करने के उद्देश्य से महाराष्ट्र के लातूर जा रहे थे। परिषद के अनुसार, बच्चों की यात्रा पूरी तरह कानूनी और शैक्षणिक उद्देश्य से जुड़ी थी। ‘साजिश’ का आरोप, पहले भी रोके जाने का दावामुस्लिम परिषद ने अपने ज्ञापन में यह भी आरोप लगाया है कि यह पूरी घटना एक सोची-समझी साजिश का हिस्सा हो सकती है। परिषद का कहना है कि शंभू रजत नामक व्यक्ति ने इससे पहले भी इन बच्चों को पटना, मिर्जापुर और सतना रेलवे स्टेशनों पर रोकने का प्रयास किया था, लेकिन वहां के अधिकारियों ने दस्तावेजों की जांच के बाद उन्हें आगे यात्रा की अनुमति दे दी थी। प्रतिनिधिमंडल की मांग बच्चों की सुरक्षित वापसी इस मामले को लेकर मुस्लिम समुदाय के एक प्रतिनिधिमंडल ने मऊगंज के कांग्रेस विधायक राहुल सिंह से मुलाकात की और प्रशासनिक कार्रवाई पर नाराजगी जताई। प्रतिनिधिमंडल ने मांग की है कि सभी बच्चों को या तो सम्मानपूर्वक उनके घरों तक वापस भेजा जाए या फिर उन्हें उनके मदरसों तक सुरक्षित पहुंचाया जाए। मामला बढ़ा, प्रशासन पर निगाहें घटना के बाद से ही प्रशासनिक कार्रवाई और पुलिस की भूमिका पर सवाल उठने लगे हैं। वहीं, दूसरी ओर बाल कल्याण समितियों में रखे गए बच्चों की स्थिति को लेकर भी चर्चा तेज हो गई है। मामला अब केवल एक सुरक्षा कार्रवाई न रहकर सामाजिक और राजनीतिक बहस का विषय बन चुका है, जिस पर सभी पक्षों की नजर बनी हुई है।
स्टेट हाईवे-22 पर अवरोध: Madhya Pradesh में पेड़ गिरने से ट्रैफिक रुका, चालकों ने अपनाया वैकल्पिक रास्ता

नरसिंहपुर। मध्यप्रदेश के नरसिंहपुर जिले में मंगलवार को उस समय यातायात व्यवस्था पूरी तरह प्रभावित हो गई जब स्टेट हाईवे 22 पर करेली-गाडरवारा मार्ग के बीच करेली शुगर मिल के पास एक विशाल इमली का पेड़ अचानक सड़क पर गिर गया। इस घटना के चलते मुख्य मार्ग पर आवागमन पूरी तरह बाधित हो गया और दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। अचानक गिरे पेड़ से हाईवे पर थमा यातायातजानकारी के अनुसार, यह घटना दिन के समय हुई जब सड़क पर वाहनों की आवाजाही सामान्य रूप से जारी थी। तभी अचानक सड़क किनारे खड़ा विशाल इमली का पेड़ गिरकर सीधे मार्ग के बीचोंबीच आ गिरा। पेड़ के गिरते ही स्टेट हाईवे 22 पर पूरी तरह से यातायात रुक गया और स्थिति जाम में बदल गई। एक किलोमीटर लंबी वाहनों की कतार, यात्रियों को परेशानीपेड़ गिरने के कारण सड़क के दोनों ओर भारी वाहनों की लगभग एक किलोमीटर लंबी कतार लग गई। ट्रक, बसें और अन्य छोटे-बड़े वाहन घंटों तक फंसे रहे। इस दौरान यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा और कई लोग गर्मी व जाम के कारण परेशान नजर आए। वैकल्पिक मार्ग से निकले वाहनस्थिति गंभीर होती देख कई वाहन चालकों ने वैकल्पिक मार्ग का सहारा लिया। चालकों ने बघुवार से बटेसरा मार्ग होकर अपने गंतव्य की ओर जाना शुरू किया, जिससे कुछ हद तक दबाव कम हुआ। हालांकि, मुख्य मार्ग बंद रहने से आवागमन पर असर लगातार बना रहा। पुलिस और स्थानीय लोग मौके पर पहुंचेघटना की सूचना मिलते ही करेली पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया। पुलिस ने यातायात को डायवर्ट करने के साथ-साथ सुरक्षा व्यवस्था भी संभाली। वहीं स्थानीय लोगों की मदद से सड़क पर गिरे पेड़ को हटाने का काम शुरू किया गया। जनहानि नहीं, राहत की बातइस पूरे घटनाक्रम में राहत की बात यह रही कि किसी प्रकार की जनहानि या बड़ा नुकसान नहीं हुआ। हालांकि, पेड़ के गिरने से यातायात व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हुई और यात्रियों को लंबा इंतजार करना पड़ा। जल्द बहाल होगा यातायातस्थानीय प्रशासन और वन विभाग की टीम मिलकर पेड़ हटाने के कार्य में जुटी हुई है। अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही मार्ग को साफ कर यातायात पूरी तरह बहाल कर दिया जाएगा।
अनूपपुर में हाथियों का आतंक जारी: 113 दिनों से डेरा, फसलों और घरों को नुकसान

अनूपपुर। छत्तीसगढ़ की सीमा से लगे मध्यप्रदेश के अनूपपुर जिले में जंगली हाथियों का उत्पात लगातार जारी है। पिछले 113 दिनों से तीन हाथियों का एक झुंड क्षेत्र में लगातार विचरण कर रहा है, जबकि एक अन्य अकेला हाथी पिछले 16 दिनों से अलग-अलग इलाकों में सक्रिय है। अब सोमवार सुबह मरवाही-अनूपपुर सीमा पर एक और दंतैल हाथी की दस्तक ने ग्रामीणों और वन विभाग की चिंता और बढ़ा दी है। हाथियों के लगातार मूवमेंट से दर्जनों गांवों में दहशत का माहौल बना हुआ है। 113 दिनों से डेरा जमाए हाथियों का झुंड, गांवों में बढ़ा खतराजानकारी के अनुसार तीन हाथियों का समूह पिछले लगभग चार महीनों से अनूपपुर जिले के जंगलों में डटा हुआ है। यह झुंड दिनभर घने जंगलों में रहता है और शाम ढलते ही भोजन की तलाश में रिहायशी इलाकों की ओर रुख कर लेता है। जैतहरी और अनूपपुर वन परिक्षेत्र के कई गांव इन हाथियों के सीधे प्रभाव में आ चुके हैं। ग्रामीणों का कहना है कि रात होते ही घरों के आसपास हलचल बढ़ जाती है, जिससे लोग भयभीत रहते हैं। मकानों को नुकसान, खेतों की फसलें बर्बादहाथियों के उत्पात से सबसे ज्यादा नुकसान ग्रामीणों को हुआ है। कई मकानों की दीवारें ढहा दी गई हैं, जबकि बाड़ियों में लगी धान, केला, कटहल और महुआ की फसलें पूरी तरह से नष्ट हो गई हैं। ग्रामीणों की महीनों की मेहनत कुछ ही घंटों में तबाह हो रही है, जिससे आर्थिक संकट भी गहरा रहा है। घर के आंगन में घुसा हाथी, परिवार में मचा हड़कंपखांडा बांध क्षेत्र में मोहन सिंह के घर में उस समय दहशत फैल गई जब एक हाथी रात में सीधे आंगन में घुस आया। हाथी ने वहां रखी धान की फसल खाना शुरू कर दिया। घर के अंदर मौजूद महिलाएं और बच्चे डर के मारे चीखने लगे। गश्त कर रही वन विभाग की टीम और स्थानीय लोगों ने पटाखे फोड़कर किसी तरह हाथी को जंगल की ओर खदेड़ा और परिवार को सुरक्षित बाहर निकाला। वन विभाग का नुकसान, सुरक्षा व्यवस्था भी प्रभावित वन परिक्षेत्राधिकारी विवेक मिश्रा ने बताया कि हाथियों के झुंड ने कुकुरगोड़ा और पड़रिया पंचायत में कई घरों को नुकसान पहुंचाया है। इसके अलावा चोलना बीट में वन विभाग के 40 से अधिक आरसीसी पोल और लगभग 100 मीटर लंबी फेंसिंग तार को भी हाथियों ने तोड़ दिया है, जिससे सुरक्षा व्यवस्था कमजोर हो गई है। 16 दिनों से अकेला हाथी भी सक्रियजिला मुख्यालय से करीब 8 किलोमीटर दूर पोंड़ी और खांडा के जंगलों में एक अकेला हाथी पिछले 16 दिनों से डेरा डाले हुए है। यह हाथी भी लगातार मूवमेंट में है और आसपास के गांवों के लिए खतरा बना हुआ है। सीमा पर नया दंतैल हाथी, 48 घंटे में घुसने की आशंकासोमवार सुबह छत्तीसगढ़ के कटघोरा वन मंडल से होते हुए एक नया दंतैल हाथी मरवाही के माडाकोट पहाड़ तक पहुंच गया है। आशंका जताई जा रही है कि अगले 24 से 48 घंटों में यह हाथी भी अनूपपुर जिले की सीमा में प्रवेश कर सकता है, जिससे स्थिति और गंभीर हो सकती है। वन विभाग की अपील, ग्रामीणों को सतर्क रहने की सलाहवन विभाग ने प्रभावित क्षेत्रों में अलर्ट जारी करते हुए ग्रामीणों से रात में घर से बाहर न निकलने और हाथियों के करीब न जाने की सख्त हिदायत दी है। गश्ती दल लगातार हाथियों की लोकेशन पर नजर बनाए हुए हैं और हालात पर निगरानी रखी जा रही है।
अक्षर पटेल की लगातार खराब फॉर्म से दिल्ली कैपिटल्स की टीम संतुलन पर संकट

नई दिल्ली। आईपीएल 2026 का 31वां मुकाबला मंगलवार को राजीव गांधी अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम में सनराइजर्स हैदराबाद और दिल्ली कैपिटल्स के बीच खेला जाएगा। इस अहम मुकाबले से पहले दिल्ली कैपिटल्स के लिए सबसे बड़ी चिंता उनके कप्तान अक्षर पटेल की मौजूदा फॉर्म बन गई है, जो टीम के प्रदर्शन और संतुलन दोनों पर असर डाल रही है। कप्तान के तौर पर अक्षर पटेल ने अब तक जिम्मेदारी संभालने की कोशिश जरूर की है, लेकिन एक खिलाड़ी के रूप में उनका योगदान इस सीजन में काफी सीमित रहा है। अक्षर पटेल को टी20 फॉर्मेट का भरोसेमंद ऑलराउंडर माना जाता है और पिछले सीजनों में उन्होंने दिल्ली कैपिटल्स के लिए बल्ले और गेंद दोनों से अहम भूमिका निभाई थी। इसी कारण उन्हें टीम की कप्तानी की जिम्मेदारी भी दी गई थी। हालांकि इस सीजन में उनका व्यक्तिगत प्रदर्शन उम्मीदों पर खरा नहीं उतर सका है। बल्लेबाजी में लगातार असफलता और गेंदबाजी में अपेक्षित प्रभाव न डाल पाने के कारण टीम को वह मजबूती नहीं मिल पा रही है जिसकी उनसे अपेक्षा की जाती है। इस सीजन में अक्षर पटेल ने अब तक पांच मैचों में चार बार बल्लेबाजी की है और केवल 29 रन बना सके हैं। उनका औसत बेहद कम रहा है, जिससे मध्यक्रम की स्थिरता पर सवाल उठने लगे हैं। पिछले मुकाबले में उन्होंने 26 रन की पारी जरूर खेली, लेकिन बाकी मैचों में उनका योगदान लगभग न के बराबर रहा है। एक ऐसे खिलाड़ी से जो टीम को संकट से निकालने की क्षमता रखता है, इस तरह का प्रदर्शन दिल्ली कैपिटल्स के लिए चिंता का कारण बन गया है। गेंदबाजी में भी अक्षर पटेल का प्रदर्शन औसत रहा है। उन्होंने अब तक पांच विकेट लिए हैं, लेकिन मैच के महत्वपूर्ण मौकों पर वह प्रभाव छोड़ने में सफल नहीं हो पाए हैं। उनकी भूमिका अक्सर बीच के ओवरों में रन रोकने और दबाव बनाने की होती है, लेकिन इस सीजन में वह लगातार उस स्तर का प्रदर्शन नहीं कर पाए हैं जिसके लिए वे जाने जाते हैं। दिल्ली कैपिटल्स के लिए यह स्थिति इसलिए भी चुनौतीपूर्ण है क्योंकि टीम का संतुलन ऑलराउंडर्स पर काफी हद तक निर्भर करता है। जब कप्तान ही अपेक्षित प्रदर्शन नहीं कर पा रहा हो तो इसका असर पूरी टीम की रणनीति और आत्मविश्वास पर दिखाई देता है। अब सनराइजर्स हैदराबाद के खिलाफ मुकाबला अक्षर पटेल के लिए खुद को साबित करने का बड़ा अवसर है। इस मैच में उनके पास न केवल अपनी खराब फॉर्म से बाहर निकलने का मौका है, बल्कि टीम को जीत दिलाकर अंक तालिका में मजबूत स्थिति में पहुंचाने की जिम्मेदारी भी होगी। दिल्ली कैपिटल्स उम्मीद करेगी कि उनका कप्तान इस अहम मुकाबले में बल्ले और गेंद दोनों से प्रभावी प्रदर्शन कर टीम को सही दिशा दे सके।