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AIIMS Bhopal fraud case : भोपाल में फर्जी नौकरी घोटाला; एम्स में भर्ती का झांसा देकर लाखों की ठगी, पुलिस ने दर्ज की FIR

   AIIMS Bhopal fraud case : भोपाल। राजधानी में नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी का एक और मामला सामने आया है। एम्स जैसे प्रतिष्ठित संस्थान में नौकरी लगवाने का झांसा देकर एक नर्सिंग छात्रा से 50 हजार रुपये की ठगी कर ली गई। करीब एक साल पुराने इस मामले में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि दूसरा आरोपी अब भी फरार है। मामला बागसेवनिया थाना क्षेत्र का है। पुलिस के अनुसार, सीहोर जिले की रहने वाली प्रिया राठौर (30) ने भोपाल से नर्सिंग की पढ़ाई की है और वर्तमान में एक निजी अस्पताल में नर्स के रूप में कार्यरत है। पीड़िता का परिचय सीहोर के ही रहने वाले मुकुल त्यागी और अमर छावा नाम के दो युवकों से था, जो भोपाल में निजी कार्य करते थे। आरोप है कि करीब डेढ़ साल पहले दोनों युवकों ने पीड़िता से संपर्क कर दावा किया कि उनकी एम्स भोपाल में अच्छी पहचान है और वे आसानी से वहां नौकरी लगवा सकते हैं। इस भरोसे में फंसाकर उन्होंने नौकरी दिलाने के एवज में पैसे की मांग की। विश्वास में आकर युवती ने दोनों को 50 हजार रुपये नकद दे दिए। शुरुआत में आरोपियों ने उसे आश्वासन दिया कि जल्द ही नियुक्ति पत्र मिल जाएगा, लेकिन समय बीतने के साथ वे लगातार टालमटोल करने लगे। लंबे समय तक इंतजार करने के बाद भी जब कोई नौकरी या ऑफर लेटर नहीं मिला तो पीड़िता को अपने साथ ठगी होने का एहसास हुआ। इसके बाद उसने मामले की शिकायत बागसेवनिया थाने में दर्ज कराई। पुलिस ने जांच के बाद दोनों आरोपियों मुकुल त्यागी और अमर छावा के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, मामले में कार्रवाई करते हुए अमर छावा को गिरफ्तार कर लिया गया है, जबकि दूसरा आरोपी मुकुल त्यागी अभी फरार है। उसकी तलाश में पुलिस की टीमें लगातार दबिश दे रही हैं। पुलिस का कहना है कि प्रारंभिक जांच में यह स्पष्ट हुआ है कि आरोपियों ने योजनाबद्ध तरीके से नौकरी दिलाने का झांसा देकर पैसे ऐंठे। अब पुलिस यह भी जांच कर रही है कि कहीं इसी तरह उन्होंने अन्य लोगों को भी ठगा तो नहीं है। यह मामला एक बार फिर नौकरी के नाम पर हो रही साइबर और ऑफलाइन ठगी को उजागर करता है, जिसमें लोग आसानी से बड़े संस्थानों में नौकरी का सपना दिखाकर ठगे जा रहे हैं।

Indore wedding violence : इंदौर में शादी समारोह में बवाल, मंडप में घुसकर युवकों ने बारातियों पर किया हमला

   Indore wedding violence : इंदौर। शहर के तेजाजी नगर थाना क्षेत्र में एक शादी समारोह उस समय अफरा-तफरी में बदल गया जब कुछ युवक आपस में झगड़ते हुए सीधे मंडप में घुस आए और वहां मौजूद बरातियों पर हमला कर दिया। घटना में करीब 6 लोग घायल हो गए, जबकि पूरे समारोह में भगदड़ जैसी स्थिति बन गई। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। यह घटना 21 अप्रैल की रात करीब 2 बजे ग्राम माचला की है, जहां मनीषा नामक युवती के विवाह की रस्में चल रही थीं। परिवार और रिश्तेदार फेरे की तैयारियों में जुटे थे, तभी अचानक कुछ युवक आपस में विवाद करते हुए शादी के मंडप में घुस आए। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, पहले तो उन्होंने हंगामा किया और फिर परिजनों द्वारा बाहर जाने के कहने पर मामला और बिगड़ गया। परिजनों का आरोप है कि जब उन्हें शांत रहने और मंडप से बाहर जाने के लिए कहा गया, तो आरोपियों ने गाली-गलौज शुरू कर दी और देखते ही देखते हाथ-मुक्कों और डंडों से हमला कर दिया। अचानक हुए इस हमले से शादी स्थल पर अफरा-तफरी मच गई और लोग इधर-उधर भागने लगे। हमले में जगराम बंजारा (50), उनके समधी लक्ष्मण बंजारा (70), गंगाबाई, जगदीश, कलाबाई और पुरकिया उर्फ प्रेम घायल हो गए। सभी घायलों को तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां उनका प्राथमिक उपचार किया गया। राहत की बात यह रही कि गंभीर चोटें नहीं होने पर सभी को उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई। टीआई देवेन्द्र मरकाम के अनुसार, घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और हालात को नियंत्रित किया। मामले में साहिल कोटिया, मोनू मिथोरिया और अमन कोटिया सहित अन्य साथियों के खिलाफ मारपीट, गाली-गलौज और धमकी देने की धाराओं में एफआईआर दर्ज की गई है। पुलिस ने कुछ आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ भी शुरू कर दी है। परिजनों ने बताया कि आरोपी नशे की हालत में थे और आपसी झगड़े के बाद गुस्से में शादी समारोह में घुस आए। विरोध करने पर उन्होंने जान से मारने की धमकी भी दी और मौके से फरार हो गए। इस घटना ने पूरे क्षेत्र में सनसनी फैला दी है। जिस शादी में खुशियों का माहौल था, वह कुछ ही मिनटों में हिंसा और दहशत में बदल गया। फिलहाल पुलिस मामले की गहराई से जांच कर रही है और फरार आरोपियों की तलाश जारी है।

BJP Mahila Morcha protest: नारी शक्ति बिल समर्थन में सड़क पर उतरी बीजेपी महिला मोर्चा, विपक्ष का फूंका पुतला

Bhind BJP Women Protest Nari Shakti Bill

HIGHLIGHTS: • भिंड में महिला मोर्चा का जोरदार प्रदर्शन• विपक्ष का पुतला दहन कर जताया विरोध• नारी शक्ति वंदन बिल के समर्थन में नारेबाजी• विपक्ष पर महिला विरोधी सोच के आरोप• जनजागरण अभियान चलाने की घोषणा BJP Mahila Morcha protest: भिंड। शहर में बुधवार को भारतीय जनता पार्टी महिला मोर्चा ने नारी शक्ति वंदन बिल के समर्थन में जोरदार प्रदर्शन किया। इस दौरान महिला कार्यकर्ता रैली के रूप में एकत्रित होकर परेड चौराहे पर पहुंचीं और विपक्षी दलों के खिलाफ विरोध दर्ज कराया। बता दें कि इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में महिलाएं शामिल रहीं। विपक्ष का पुतला दहन परेड चौराहे पर पहुंचने के बाद कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस सहित अन्य विपक्षी दलों के नेताओं का पुतला दहन किया, इस दौरान जमकर नारेबाजी भी की गई। प्रदर्शनकारियों ने “नारी शक्ति का अपमान नहीं सहेगा हिंदुस्तान” जैसे नारे लगाकर अपना आक्रोश व्यक्त किया। Pahalgam आतंकी हमले में मारे गए LIC अफसर के बेटे का दर्द: ‘अगर घुड़सवारी की जिद न करता तो पिता जिंदा होते’ महिला सशक्तिकरण पर जोर महिला मोर्चा पदाधिकारियों ने कहा कि नारी शक्ति वंदन बिल महिलाओं को राजनीतिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है। उनका आरोप है कि विपक्षी दलों ने इस बिल का विरोध कर महिलाओं के अधिकारों के खिलाफ अपनी सोच उजागर की है। विपक्ष पर लगाए गंभीर आरोप कार्यकर्ताओं ने कहा कि जो दल महिलाओं के अधिकारों के खिलाफ खड़े हैं, उन्हें जनता को जवाब देना चाहिए। उन्होंने इसे महिला सशक्तिकरण के खिलाफ कदम बताया और भविष्य में भी आंदोलन जारी रखने की बात कही। Artificial Intelligence : नई दिल्ली में एआई आधारित इमेज मॉडल का विस्तार, मल्टी लैंग्वेज और उन्नत फीचर्स पर जोर.. आगे जनजागरण अभियान का ऐलान महिला मोर्चा ने घोषणा की कि आने वाले समय में इस मुद्दे को लेकर जनजागरण अभियान चलाया जाएगा। कार्यक्रम में कई स्थानीय पदाधिकारी और बड़ी संख्या में महिला कार्यकर्ता मौजूद रहीं।  

Bollywood South collaboration : फिल्म इंडस्ट्री से जुड़ी चर्चाओं में इन दिनों अक्षय कुमार और साउथ के लोकप्रिय अभिनेता राणा दग्गुबाती की संभावित

   Bollywood South collaboration :नई दिल्ली ।  फिल्म जगत में इन दिनों अक्षय कुमार और साउथ के मशहूर अभिनेता राणा दग्गुबाती की संभावित नई फिल्म को लेकर चर्चा तेज हो गई है। बताया जा रहा है कि दोनों कलाकार एक बड़े बजट की हिस्टोरिकल थ्रिलर में एक साथ नजर आ सकते हैं। हालांकि इस प्रोजेक्ट को लेकर अभी तक आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन इससे जुड़ी खबरों ने दर्शकों की उत्सुकता बढ़ा दी है। सूत्रों से मिल रही जानकारी के अनुसार इस फिल्म का निर्देशन चंदू मोंडेती करेंगे, जो अपनी ऐतिहासिक और रहस्यमयी कहानियों के लिए जाने जाते हैं। माना जा रहा है कि फिल्म की कहानी प्राचीन और रहस्यमयी घटनाओं पर आधारित होगी, जिसमें उज्जैन जैसे ऐतिहासिक स्थानों की पृष्ठभूमि भी दिखाई जा सकती है। इस तरह की थीम के कारण यह प्रोजेक्ट एक अलग सिनेमाई अनुभव देने की क्षमता रखता है। फिल्म को लेकर यह भी चर्चा है कि इसे बड़े स्तर पर तैयार किया जाएगा और इसे पैन इंडिया रिलीज के रूप में पेश किया जा सकता है। इस प्रोजेक्ट से जुड़े प्रोडक्शन स्तर पर भी बड़े नामों की भागीदारी की बात सामने आ रही है, जिससे फिल्म का स्केल और भी बड़ा माना जा रहा है। अक्षय कुमार और राणा दग्गुबाती की जोड़ी पहली बार बड़े पर्दे पर साथ नजर आ सकती है, जिससे यह प्रोजेक्ट और खास बन जाता है। इसके अलावा यह भी कहा जा रहा है कि फिल्म में किसी अन्य बड़े कलाकार का विशेष कैमियो रोल भी शामिल हो सकता है, हालांकि इस बारे में अभी स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आई है। ऐसे में फिल्म से जुड़ी हर नई जानकारी को लेकर लगातार उत्सुकता बनी हुई है। अक्षय कुमार की बात करें तो वह हाल ही में कई अलग-अलग जॉनर की फिल्मों में सक्रिय रहे हैं और लगातार नए प्रोजेक्ट्स पर काम कर रहे हैं। वहीं राणा दग्गुबाती भी साउथ फिल्म इंडस्ट्री में अपनी मजबूत पकड़ बनाए हुए हैं और बड़े प्रोजेक्ट्स का हिस्सा बनते रहे हैं।

BJP vs Congress Indore: इंदौर में राजनीतिक हंगामा: भाजपा नेताओं ने कांग्रेस पर देश का अपमान करने का आरोप लगाया

   BJP vs Congress Indore: इंदौर। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर दिए गए कथित विवादित बयान के बाद राजनीतिक माहौल गर्मा गया है। खड़गे के बयान में प्रधानमंत्री को लेकर की गई तीखी टिप्पणी को लेकर भारतीय जनता पार्टी ने कड़ा विरोध जताया है। इंदौर में आयोजित भाजपा के प्रशिक्षण वर्ग में पहुंचे वरिष्ठ नेताओं ने कांग्रेस पर जमकर निशाना साधा और इसे न केवल प्रधानमंत्री बल्कि पूरे देश का अपमान करार दिया। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने खड़गे के बयान को बेहद दुर्भाग्यपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि एक राष्ट्रीय पार्टी के अध्यक्ष से इस तरह की भाषा की अपेक्षा नहीं की जा सकती। खंडेलवाल के अनुसार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी विश्व स्तर पर सबसे लोकप्रिय नेताओं में शामिल हैं और उनके प्रति इस तरह की टिप्पणी कांग्रेस की मानसिकता को उजागर करती है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस विकास और जनहित के मुद्दों से भटक चुकी है और केवल बयानबाजी के सहारे राजनीति करना चाहती है। वहीं छत्तीसगढ़ भाजपा अध्यक्ष किरण सिंह देव ने भी कांग्रेस पर हमला बोलते हुए कहा कि विपक्ष लगातार जनकल्याणकारी योजनाओं का विरोध करता रहा है और अब प्रधानमंत्री पर व्यक्तिगत टिप्पणियां कर रहा है। गोवा भाजपा अध्यक्ष दामोदर दादू नाइक ने तो खड़गे के बयान पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि उम्र के इस पड़ाव पर कांग्रेस अध्यक्ष का इस तरह का बयान राजनीतिक हताशा का परिणाम है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री पर अपमानजनक टिप्पणी करना कांग्रेस की पुरानी आदत बन चुकी है और इसे किसी भी स्थिति में उचित नहीं ठहराया जा सकता। मध्य प्रदेश के मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने भी कांग्रेस पर तंज कसते हुए कहा कि यह बयान कांग्रेस के असली “चाल, चरित्र और चेहरा” को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि सत्ता से बाहर होने की बौखलाहट में कांग्रेस नेता मर्यादा भूल चुके हैं। वहीं कैबिनेट मंत्री कृष्णा गौर ने कहा कि यह केवल प्रधानमंत्री का नहीं बल्कि पूरे देश का अपमान है। भाजपा नेताओं ने एक स्वर में मांग की कि कांग्रेस को इस बयान पर देश की जनता से माफी मांगनी चाहिए। नेताओं का कहना है कि लोकतंत्र में असहमति का अधिकार है, लेकिन व्यक्तिगत हमले और अमर्यादित भाषा स्वीकार नहीं की जा सकती। गौरतलब है कि यह पहली बार नहीं है जब खड़गे के बयान विवादों में आए हों। इससे पहले भी वे प्रधानमंत्री को लेकर कई बार तीखी टिप्पणियां कर चुके हैं, जिनमें उनकी तुलना ‘रावण’, ‘जहरीला सांप’ और ‘झूठों के सरदार’ जैसे शब्दों से की गई थी। इसी वजह से भाजपा लगातार कांग्रेस पर हमलावर रही है। इस पूरे घटनाक्रम ने एक बार फिर राजनीतिक तापमान बढ़ा दिया है और दोनों दलों के बीच बयानबाजी तेज हो गई है।

क्रेडिट कार्ड बंद कराने के नाम पर 2.47 लाख की ठगी, गूगल से नंबर सर्च कर कॉल करने पर फंसा जाल

इंदौर। शहर में साइबर ठगी के मामले लगातार बढ़ते जा रहे हैं और अब एक नया मामला सामने आया है, जिसमें एक निजी बैंक की फाइनेंस रिलेशनशिप मैनेजर युवती को क्रेडिट कार्ड बंद कराने के नाम पर 2 लाख 47 हजार रुपये की चपत लगा दी गई। आरोपी ने खुद को बैंक का कर्मचारी बताकर बेहद शातिर तरीके से उसे अपने जाल में फंसा लिया। मामला मल्हारगंज थाना क्षेत्र का है, जहां 25 वर्षीय युवती ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है। पीड़िता का कहना है कि उसका एचडीएफसी बैंक में खाता है और उसे जनवरी 2026 में क्रेडिट कार्ड जारी किया गया था। हालांकि कार्ड की जरूरत नहीं होने के कारण उसने उसे बंद कराने का निर्णय लिया था। इसी दौरान उसने अप्रैल महीने में गूगल पर बैंक का कस्टमर केयर नंबर सर्च किया। यहीं से ठगों ने उसे अपने जाल में फंसा लिया। 14 अप्रैल को आए एक कॉल में आरोपी ने खुद को एचडीएफसी बैंक का अधिकारी बताया और बड़ी चालाकी से युवती का भरोसा जीत लिया। बातचीत के दौरान आरोपी ने उससे क्रेडिट कार्ड और व्यक्तिगत जानकारी हासिल कर ली। इसके बाद आरोपी ने कार्ड बंद कराने की प्रक्रिया का हवाला देते हुए युवती को एक मोबाइल एप ‘पे जिप’ डाउनलोड करने के लिए कहा और उसे लॉगिन करवाया। आरोपी ने दावा किया कि 48 घंटे के भीतर उसका कार्ड बंद हो जाएगा, जिससे पीड़िता को कोई शक नहीं हुआ। लेकिन कॉल खत्म होते ही उसके खाते से एक-एक कर पांच ट्रांजेक्शन हुए और कुल 2 लाख 47 हजार रुपये कट गए। कुछ ही देर बाद जब मोबाइल पर मैसेज आए, तब जाकर युवती को ठगी का एहसास हुआ और उसके पैरों तले जमीन खिसक गई।घबराई हुई युवती ने तुरंत बैंक से संपर्क किया, लेकिन वहां से तत्काल कोई समाधान नहीं मिला। इसके बाद उसने साइबर हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कराई और मल्हारगंज थाने में रिपोर्ट भी दर्ज करवाई। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और संबंधित बैंक ट्रांजेक्शन व मोबाइल नंबरों की जांच की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि शुरुआती जांच में यह स्पष्ट हुआ है कि ठगों ने फर्जी कॉल सेंटर स्टाइल में पूरी योजना बनाकर वारदात को अंजाम दिया। साइबर विशेषज्ञों के अनुसार, यह मामला एक बार फिर यह चेतावनी देता है कि किसी भी अनजान कॉल, लिंक या ऐप पर भरोसा करना भारी नुकसान का कारण बन सकता है। बैंक कभी भी ग्राहकों से क्रेडिट कार्ड बंद करने के लिए इस तरह की जानकारी या ऐप डाउनलोड नहीं करवाते। यह घटना लोगों के लिए एक बड़ा सबक है कि गूगल से मिले किसी भी नंबर पर आंख बंद कर भरोसा न करें और किसी भी वित्तीय जानकारी को साझा करने से पहले आधिकारिक स्रोत से ही पुष्टि करें।

नॉनवेज छोड़ने और तुलसी माला धारण करने के बाद अभिनेता ने साझा किए अनुभव…

नई दिल्ली: मनोरंजन जगत से जुड़े अभिनेता करण वाही इन दिनों अपने निजी जीवन में आए बदलावों को लेकर चर्चा में हैं। हाल ही में उन्होंने अपनी जीवनशैली और सोच में आए परिवर्तन के बारे में विस्तार से बात की, जिसमें उन्होंने खानपान से लेकर आध्यात्मिक दृष्टिकोण तक कई बदलावों का उल्लेख किया। करण वाही ने बताया कि पिछले कुछ महीनों में उन्होंने अपने आहार में बड़ा बदलाव किया है और नॉनवेज का सेवन पूरी तरह से छोड़ दिया है। उनके अनुसार, इस निर्णय के बाद उन्हें मानसिक रूप से अधिक स्थिरता और शांति का अनुभव हो रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि अब उनका ध्यान अधिक संतुलित और सकारात्मक जीवनशैली अपनाने पर है। अभिनेता ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि उन्होंने तुलसी माला धारण की है और इसे अपने जीवन में एक महत्वपूर्ण बदलाव के रूप में देखते हैं। उनका कहना है कि इस कदम के बाद उन्हें आत्मिक स्तर पर एक अलग प्रकार की शांति महसूस हो रही है, जो पहले की तुलना में अधिक गहरी है। करण वाही ने यह भी बताया कि हाल के समय में उन्होंने आध्यात्मिक विचारों और प्रेरक सामग्री पर ध्यान देना शुरू किया, जिससे उनके दृष्टिकोण में बदलाव आया। उनके अनुसार, इस प्रक्रिया ने उन्हें जीवन को अधिक सरल और सकारात्मक तरीके से देखने में मदद की है। उन्होंने अपने स्वास्थ्य से जुड़ी एक पुरानी समस्या का भी उल्लेख किया, जिसमें उन्हें त्वचा संबंधी परेशानियों का सामना करना पड़ा था। उनका कहना है कि जीवनशैली में सुधार और खानपान में बदलाव के बाद उनकी स्थिति में काफी सुधार हुआ है और उन्हें राहत महसूस हुई है। करण वाही ने यह स्पष्ट किया कि उनके जीवन में आए ये बदलाव किसी एक घटना का परिणाम नहीं हैं, बल्कि धीरे-धीरे आए अनुभवों और सोच में बदलाव का हिस्सा हैं। उन्होंने कहा कि अब वे अपने जीवन में अधिक शांति और संतुलन महसूस करते हैं और इसे बनाए रखने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने अपने निजी जीवन से जुड़ी कुछ चर्चाओं पर भी प्रतिक्रिया दी और कहा कि उनके बारे में कई तरह की बातें बिना आधार के सामने आई हैं, जिनका वास्तविकता से कोई संबंध नहीं है। करण वाही ने अपने करियर की शुरुआत टेलीविजन से की थी और धीरे-धीरे उन्होंने मनोरंजन जगत में अपनी पहचान बनाई। उन्होंने कई लोकप्रिय धारावाहिकों और डिजिटल प्रोजेक्ट्स में काम किया है और आज भी विभिन्न माध्यमों पर सक्रिय हैं। उनके हालिया बदलावों को लेकर प्रशंसकों में भी चर्चा बनी हुई है। कुछ लोग इसे व्यक्तिगत विकास और आत्मिक जागरूकता की दिशा में एक सकारात्मक कदम मान रहे हैं, जबकि अन्य इसे जीवनशैली में स्वाभाविक परिवर्तन के रूप में देख रहे हैं। KEYWORDS: Karan Wahi, lifestyle change, spirituality, vegetarian diet, Tulsi mala, TV actor newsSHORT DESCRIPTION: करण वाही ने अपनी जीवनशैली में बदलाव करते हुए नॉनवेज छोड़ने और आध्यात्मिकता की ओर झुकाव की बात साझा की, जिससे उन्हें मानसिक शांति का अनुभव हो रहा है।

Pahalgam आतंकी हमले में मारे गए LIC अफसर के बेटे का दर्द: ‘अगर घुड़सवारी की जिद न करता तो पिता जिंदा होते’

इंदौर। कश्मीर की वादियों में 22 अप्रैल 2025 को हुआ पहलगाम आतंकी हमला आज भी कई परिवारों के जख्मों को ताजा कर देता है। इस हमले में मारे गए 26 लोगों में इंदौर के एलआईसी अधिकारी सुशील नथानियल भी शामिल थे। घटना को एक साल बीत चुका है, लेकिन उनके घर की खामोशी आज भी उस दर्दनाक मंजर की गवाही देती है। परिवार के लिए यह सिर्फ एक बरसी नहीं, बल्कि अपनों को खोने की पीड़ा को फिर से जीने जैसा दिन है। सुशील नथानियल अपने मिलनसार स्वभाव और मददगार व्यक्तित्व के लिए जाने जाते थे। परिवार के अनुसार, हमले के समय भी वे अपनी जान बचाने के बजाय दूसरों की मदद करने में जुटे रहे। चश्मदीदों का कहना है कि जब आतंकियों ने गोलीबारी शुरू की तो सुशील वहां फंसे लोगों को सुरक्षित निकालने का प्रयास कर रहे थे। इसी दौरान आतंकियों ने उन्हें निशाना बना लिया और उनकी सीने में गोली लगने से मौके पर ही मौत हो गई। परिवार आज भी उस आखिरी दिन को भूल नहीं पाया है। उनकी पत्नी जेनिफर नथानियल सुबह से ही उस आखिरी तस्वीर को देख भावुक हो जाती हैं, जिसमें पूरा परिवार मुस्कुराता नजर आ रहा है। जेनिफर वर्तमान में एक सरकारी स्कूल में शिक्षिका हैं, लेकिन पति को खोने का दर्द उनके जीवन का हिस्सा बन चुका है।बेटे ऑस्टिन नथानियल के लिए यह हादसा जिंदगी भर का बोझ बन गया है। वह आज भी उस दिन को याद कर भावुक हो जाते हैं। ऑस्टिन कहते हैं, “अगर उस दिन मैंने घुड़सवारी की जिद न की होती, तो शायद पापा आज हमारे साथ होते।” यह एक वाक्य उनके दिल में हमेशा टीस की तरह चुभता है। वह मानते हैं कि उस दिन का हर फैसला उनकी जिंदगी को बदल गया।हमले के वक्त सुशील अपने परिवार के साथ कश्मीर घूमने गए थे। परिवार का यह सफर बेहद उत्साह के साथ शुरू हुआ था। पहले सूरत, फिर चंडीगढ़ और उसके बाद कश्मीर जाने का प्लान बना था। यात्रा के दौरान हर पल को कैमरे में कैद किया गया था, लेकिन किसी को क्या पता था कि यह सफर उनकी जिंदगी का आखिरी सफर बन जाएगा। परिवार के मुताबिक, सुशील का सपना था कि वे रिटायरमेंट के बाद इंदौर में शांतिपूर्ण जीवन बिताएंगे और बेटे को अच्छे कॉलेज में पढ़ाएंगे। लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था। आतंकियों की गोली ने न सिर्फ एक व्यक्ति की जान ली, बल्कि पूरे परिवार की खुशियां छीन लीं। आज एक साल बाद भी नथानियल परिवार न्याय की उम्मीद लगाए बैठा है। घर में अब भी सन्नाटा पसरा है और हर आहट पर पुरानी यादें ताजा हो जाती हैं। परिवार का कहना है कि सुशील सिर्फ एक कर्मचारी नहीं, बल्कि दूसरों की मदद करने वाला एक सच्चा इंसान था, जिसने आखिरी सांस तक मानवता का धर्म निभाया। पहलगाम हमले की यह बरसी न सिर्फ एक परिवार के दर्द की कहानी है, बल्कि उन मासूम जिंदगियों की भी याद दिलाती है जो आतंक की भेंट चढ़ गईं।

West Bengal election : पश्चिम बंगाल में चुनावी माहौल गरमाया, अमित शाह ने कांग्रेस और टीएमसी पर साधा निशाना

   West Bengal election : नई दिल्ली । पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के बीच राजनीतिक सरगर्मी लगातार तेज होती जा रही है। दम दम उत्तर विधानसभा क्षेत्र में आयोजित एक जनसभा को संबोधित करते हुए केंद्रीय गृह मंत्री ने कांग्रेस और तृणमूल कांग्रेस पर तीखे राजनीतिक हमले किए। उन्होंने अपने संबोधन में राज्य की राजनीतिक स्थिति और आगामी मतदान को लेकर कई महत्वपूर्ण दावे किए, जिससे चुनावी माहौल और अधिक गरम हो गया है। सभा के दौरान उन्होंने दावा किया कि इस बार पश्चिम बंगाल में राजनीतिक बदलाव देखने को मिल सकता है और मौजूदा नेतृत्व को जनता का समर्थन कम होता दिख रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य की जनता अब बदलाव की ओर देख रही है और आगामी चुनाव परिणाम इस दिशा में निर्णायक भूमिका निभा सकते हैं। अपने संबोधन में उन्होंने कांग्रेस पार्टी को भी निशाने पर लिया और कहा कि राज्य में उसका प्रभाव काफी कमजोर हो चुका है। उनके अनुसार, कांग्रेस लंबे समय से पश्चिम बंगाल की राजनीति में प्रभावी भूमिका निभाने में असफल रही है और इस बार भी उसके लिए स्थिति अनुकूल नहीं दिखाई दे रही है। उन्होंने यह भी दावा किया कि पार्टी राज्य में अपनी राजनीतिक उपस्थिति दर्ज कराने में संघर्ष कर रही है। सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के विस्तार को मिला बढ़ावा, एपीवाई में ऐतिहासिक वृद्धि दर्ज.. सभा में दिए गए भाषण के दौरान राष्ट्रीय राजनीति से जुड़े मुद्दों का भी उल्लेख किया गया। उन्होंने विपक्षी नेताओं की हालिया टिप्पणियों पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि राजनीतिक विमर्श में भाषा और मर्यादा का ध्यान रखा जाना चाहिए। उनके अनुसार, सार्वजनिक जीवन में जिम्मेदारी के साथ बयान देना आवश्यक है ताकि लोकतांत्रिक मूल्यों का सम्मान बना रहे। इसके अलावा उन्होंने राज्य की कानून व्यवस्था और प्रशासनिक स्थिति पर भी टिप्पणी की। उनका कहना था कि राज्य में कई मुद्दों पर जनता असंतोष व्यक्त कर रही है और यह आगामी चुनाव में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। उन्होंने समर्थकों से अपील की कि वे मतदान के दिन सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करें और अपने मताधिकार का प्रयोग करें। राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, इस तरह के बयान चुनावी माहौल में मतदाताओं को प्रभावित करने का प्रयास माने जाते हैं। पश्चिम बंगाल में पहले से ही राजनीतिक प्रतिस्पर्धा तीव्र है और विभिन्न दल अपनी रणनीति के तहत मतदाताओं को आकर्षित करने में जुटे हुए हैं। BJP Mahila Morcha protest: नारी शक्ति बिल समर्थन में सड़क पर उतरी बीजेपी महिला मोर्चा, विपक्ष का फूंका पुतला चुनाव आयोग की निगरानी में राज्य में मतदान प्रक्रिया की तैयारी चल रही है और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी विशेष इंतजाम किए जा रहे हैं। विभिन्न राजनीतिक दल अपने-अपने स्तर पर प्रचार अभियान को अंतिम चरण में पहुंचा रहे हैं, जिससे राज्य का राजनीतिक परिदृश्य लगातार बदलता दिखाई दे रहा है। आने वाले दिनों में मतदान और उसके बाद के परिणाम राज्य की राजनीति की दिशा तय करेंगे। फिलहाल सभी दल अंतिम चरण के प्रचार में पूरी ताकत लगा रहे हैं और मतदाताओं को अपने पक्ष में करने की कोशिश कर रहे हैं।

gas cylinder shortage : नई दिल्ली में एलपीजी व्यवस्था को लेकर न्यायिक टिप्पणी, नीति निर्धारण को कार्यपालिका का विषय बताया गया

  gas cylinder shortage : नई दिल्ली :में एलपीजी सिलेंडर की कमी और कथित कालाबाजारी से जुड़ी एक जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए दिल्ली हाईकोर्ट ने महत्वपूर्ण निर्णय सुनाया है। अदालत ने इस याचिका को खारिज करते हुए स्पष्ट किया कि इस प्रकार के मामलों का समाधान न्यायपालिका के बजाय कार्यपालिका के स्तर पर किया जाना चाहिए। इस फैसले के बाद एलपीजी आपूर्ति और उससे जुड़े मुद्दों को लेकर चर्चा एक बार फिर तेज हो गई है। याचिका में यह दावा किया गया था कि राजधानी में एलपीजी सिलेंडरों की आपूर्ति में कमी के कारण आम लोगों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है और कई स्थानों पर कालाबाजारी के चलते उपभोक्ताओं को अधिक कीमत चुकानी पड़ रही है। याचिकाकर्ता ने सरकार पर पर्याप्त कदम न उठाने का आरोप लगाते हुए न्यायालय से हस्तक्षेप की मांग की थी। सुनवाई के दौरान अदालत ने स्पष्ट किया कि एलपीजी जैसी आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति, वितरण और मूल्य निर्धारण से जुड़े निर्णय सरकार और प्रशासनिक तंत्र के अधिकार क्षेत्र में आते हैं। अदालत ने यह भी कहा कि नीति निर्धारण और संसाधन प्रबंधन से जुड़े मुद्दों पर न्यायिक आदेश देना उचित नहीं होगा, क्योंकि यह कार्यपालिका की जिम्मेदारी है। न्यायालय ने यह टिप्पणी भी की कि सामाजिक और आर्थिक समस्याओं जैसे गरीबी, शिक्षा और आवश्यक वस्तुओं की उपलब्धता से जुड़े विषयों का समाधान सरकार की नीतियों और योजनाओं के माध्यम से किया जाता है। अदालत ने यह स्पष्ट किया कि वह ऐसे मामलों में प्रशासनिक निर्णयों की जगह नहीं ले सकती, चाहे परिस्थितियां कितनी भी चुनौतीपूर्ण क्यों न हों। एलपीजी आपूर्ति से जुड़े मुद्दों पर हाल के समय में कुछ क्षेत्रों में अस्थायी बाधाएं और वितरण संबंधी शिकायतें सामने आई थीं, जिससे उपभोक्ताओं में असंतोष देखा गया। कुछ स्थानों पर कीमतों में अनियमितता और जमाखोरी की शिकायतें भी दर्ज की गई थीं, जिसके बाद प्रशासनिक स्तर पर कार्रवाई की गई थी। संबंधित एजेंसियों ने ऐसे मामलों में जांच और छापेमारी की प्रक्रिया भी अपनाई थी। अदालत के इस निर्णय के बाद अब यह स्पष्ट हो गया है कि एलपीजी आपूर्ति और वितरण से जुड़े सभी मुद्दों का समाधान सरकार और संबंधित विभागों द्वारा ही किया जाएगा। न्यायालय ने संकेत दिया कि ऐसे मामलों में नीति सुधार और प्रशासनिक दक्षता ही मुख्य समाधान का आधार हैं। यह फैसला इस बात को भी रेखांकित करता है कि सार्वजनिक वितरण प्रणाली और आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति जैसे विषयों में संतुलन बनाए रखना प्रशासनिक जिम्मेदारी का हिस्सा है। इससे यह संदेश भी जाता है कि न्यायपालिका और कार्यपालिका की भूमिकाएं स्पष्ट रूप से अलग हैं और दोनों अपने अपने दायरे में कार्य करते हैं।