DATIYA GOVANSH PROTEST: गोवंश को ‘राज्य माता’ का दर्जा देने की मांग, दतिया में सड़कों पर उतरे गोभक्त

HIGHLIGHTS: भांडेर में गो सम्मान आह्वान अभियान के तहत प्रदर्शन गोवंश को ‘राज्य माता’ घोषित करने की मांग अलग गो-सेवा मंत्रालय बनाने की उठी आवाज गोवंश से जुड़ी समस्याओं पर जताई चिंता तीन महीने में कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन की चेतावनी DATIYA GOVANSH PROTEST: दतिया। जिले की भांडेर तहसील में 27 मार्च को ‘गो सम्मान आह्वान अभियान’ के तहत गोभक्तों और संत समाज ने प्रदर्शन किया। इस दौरान मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन तहसीलदार और एसडीएम को सौंपा गया। बता दें कि प्रदर्शनकारियों ने गोवंश संरक्षण को लेकर ठोस कदम उठाने की मांग की और इसे सामाजिक व धार्मिक आस्था से जुड़ा विषय बताया। 16 करोड़ के साथ माइकल की बायोपिक मैदान में, अक्षय और रणवीर की फिल्मों का बॉक्स ऑफिस पर दबदबा ‘राज्य माता’ और अलग मंत्रालय की मांग ज्ञापन में गोवंश को ‘राज्य माता’ घोषित करने के साथ-साथ गो-सेवा एवं संरक्षण के लिए अलग मंत्रालय बनाने की मांग प्रमुख रूप से रखी गई। साथ ही केंद्र सरकार को गोवंश को ‘राष्ट्रमाता’ का दर्जा देने की अनुशंसा भेजने का आग्रह भी किया गया, ताकि राष्ट्रीय स्तर पर इस विषय को प्राथमिकता मिल सके। अदाणी पब्लिक स्कूल के 25 वर्ष पूरे, हजारों छात्रों के भविष्य को मिली नई दिशा.. समस्याओं पर चिंता, सख्त कानून की मांग अभियान से जुड़े लोगों ने कहा कि गोवंश दुर्घटनाओं, तस्करी, कुपोषण, प्लास्टिक खाने और निराश्रित स्थिति जैसी गंभीर समस्याओं से जूझ रहा है। उन्होंने गोवध पर सख्त कानून, तस्करी में उपयोग वाहनों की राजसात कार्रवाई, पशु मेलों में निगरानी और गोचर भूमि संरक्षण जैसे कदम उठाने की मांग की है। Khargone Cow Protection Rally: गो संरक्षण को लेकर सड़कों पर उतरा सकल हिंदू समाज, खरगोन में गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करने की मांग तीन महीने का अल्टीमेटम प्रदर्शनकारियों ने गोबर-गोमूत्र आधारित उत्पादों को बढ़ावा, पंचगव्य अनुसंधान केंद्र, बायोगैस प्लांट और गोशालाओं के लिए डीबीटी पोर्टल जैसी व्यवस्थाएं लागू करने की भी मांग की। साथ ही चेतावनी दी कि यदि तीन महीने के भीतर मांगों पर कार्रवाई नहीं हुई, तो आंदोलन को जिला, राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर चरणबद्ध तरीके से तेज किया जाएगा।
जीत की तलाश में LSG का नया प्लान, गेंदबाजी से शुरुआत, लिंडे की टीम में वापसी..

नई दिल्ली। आईपीएल 2026 के एक महत्वपूर्ण मुकाबले में लखनऊ सुपर जायंट्स और कोलकाता नाइट राइडर्स आमने-सामने हैं, जहां मुकाबले की शुरुआत टॉस के साथ हुई और लखनऊ ने रणनीतिक फैसला लेते हुए पहले गेंदबाजी चुनी। कप्तान ऋषभ पंत ने टॉस जीतने के बाद यह संकेत दिया कि टीम इस मैच में परिस्थितियों का पूरा फायदा उठाना चाहती है और शुरुआत से ही दबाव बनाने की योजना पर काम कर रही है। लखनऊ ने अपनी प्लेइंग इलेवन में एक अहम बदलाव करते हुए जॉर्ज लिंडे को शामिल किया है, जो टीम के संतुलन को बेहतर बनाने की कोशिश का हिस्सा माना जा रहा है। टीम मैनेजमेंट को उम्मीद है कि यह बदलाव गेंदबाजी और ऑलराउंड प्रदर्शन में मजबूती देगा। पंत ने यह भी भरोसा जताया कि टीम अभी भी टूर्नामेंट में वापसी कर सकती है और लगातार बेहतर प्रदर्शन की दिशा में आगे बढ़ रही है। इस सीजन में लखनऊ सुपर जायंट्स का सफर उतार-चढ़ाव भरा रहा है। टीम ने कुछ मौकों पर अच्छा खेल दिखाया, लेकिन लगातार जीत दर्ज करने में सफल नहीं हो पाई। खासकर बल्लेबाजी विभाग में स्थिरता की कमी साफ नजर आई है, जहां बड़े नाम होने के बावजूद टीम अपेक्षित प्रदर्शन नहीं कर सकी। हालांकि गेंदबाजों ने कई बार टीम को मैच में बनाए रखा है और वही इस मुकाबले में भी अहम भूमिका निभा सकते हैं। दूसरी ओर, कोलकाता नाइट राइडर्स ने बिना किसी बदलाव के मैदान में उतरने का फैसला किया है। कप्तान अजिंक्य रहाणे ने टॉस हारने के बाद कहा कि टीम पहले बल्लेबाजी करना चाहती थी, लेकिन अब उन्हें हालात के अनुसार अपनी रणनीति बदलनी होगी। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि टीम का फोकस सामूहिक प्रदर्शन पर है और खिलाड़ी खुलकर खेलें, यही प्राथमिकता रहेगी। कोलकाता के लिए भी यह सीजन आसान नहीं रहा है। टीम को कई मुकाबलों में हार का सामना करना पड़ा है और बल्लेबाजी क्रम खासतौर पर निरंतरता नहीं दिखा सका है। शीर्ष क्रम से उम्मीदें ज्यादा रही हैं, लेकिन वे शुरुआती मजबूती देने में असफल रहे हैं। हालांकि पिछले मैच में मिली जीत ने टीम को थोड़ी राहत जरूर दी है और खिलाड़ी आत्मविश्वास के साथ मैदान में उतरे हैं। इस मुकाबले को दोनों टीमों के लिए टर्निंग पॉइंट के रूप में देखा जा रहा है। लखनऊ की कोशिश होगी कि वह गेंदबाजी से दबाव बनाकर विपक्ष को बड़े स्कोर से रोके, जबकि कोलकाता मजबूत बल्लेबाजी के जरिए मुकाबले पर पकड़ बनाने की रणनीति अपनाएगी। कुल मिलाकर, यह मैच केवल दो टीमों के बीच मुकाबला नहीं, बल्कि दोनों के लिए अपनी खोई हुई लय वापस पाने का अवसर भी है, जहां हर फैसला और हर प्रदर्शन मैच का रुख तय कर सकता है।
युवा बल्लेबाज का कमाल, गुजरात ने चेन्नई को आसानी से हराकर बढ़ाई रफ्तार..

नई दिल्ली। आईपीएल 2026 के इस मुकाबले में गुजरात की टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए चेन्नई के खिलाफ एकतरफा जीत दर्ज की और अपनी स्थिति को मजबूत किया। मैच में टीम का संतुलित खेल और बल्लेबाजों की आक्रामकता साफ तौर पर देखने को मिली, जिसने मुकाबले को जल्दी ही उनके पक्ष में कर दिया। इस जीत के साथ टीम ने अंक तालिका में बढ़त हासिल की, जबकि दूसरी टीम को थोड़ा पीछे खिसकना पड़ा। मुकाबले की शुरुआत में बल्लेबाजी करने उतरी चेन्नई की टीम को शुरुआत से ही मुश्किलों का सामना करना पड़ा। शुरुआती ओवरों में लगातार विकेट गिरने के कारण टीम दबाव में आ गई और बड़ा स्कोर बनाने की राह कठिन हो गई। हालांकि मध्यक्रम के बल्लेबाजों ने जिम्मेदारी लेते हुए पारी को संभालने की कोशिश की और कुछ अहम साझेदारियां भी कीं, जिससे स्कोर को एक सम्मानजनक स्तर तक पहुंचाया जा सका। चेन्नई के बल्लेबाजों ने बीच के ओवरों में स्थिति को संभालने का प्रयास किया और कुछ महत्वपूर्ण रन जोड़े, लेकिन लगातार विकेट गिरने से टीम बड़ी बढ़त हासिल नहीं कर सकी। अंततः टीम एक ऐसे स्कोर तक पहुंची, जिसे चुनौतीपूर्ण तो कहा जा सकता था, लेकिन पूरी तरह सुरक्षित नहीं माना जा रहा था। गुजरात की ओर से गेंदबाजों ने अनुशासित प्रदर्शन किया और नियमित अंतराल पर विकेट हासिल करते हुए विपक्षी टीम को खुलकर खेलने का मौका नहीं दिया। इस रणनीति का फायदा टीम को बाद में लक्ष्य का पीछा करते समय मिला। लक्ष्य का पीछा करने उतरी गुजरात की टीम ने शुरुआत से ही आक्रामक रुख अपनाया। शुरुआती बल्लेबाजों ने तेजी से रन बनाते हुए टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचा दिया। कप्तान ने तेज पारी खेलकर टीम को अच्छी शुरुआत दिलाई, जिससे बाकी बल्लेबाजों के लिए काम आसान हो गया। इसके बाद साईं सुदर्शन ने शानदार बल्लेबाजी करते हुए मैच का रुख पूरी तरह बदल दिया। उन्होंने बड़े शॉट्स और बेहतरीन स्ट्रोक प्ले के जरिए रन गति को लगातार बनाए रखा और विपक्षी गेंदबाजों को दबाव में ला दिया। उनके साथ दूसरे छोर पर मौजूद बल्लेबाज ने भी संयमित और प्रभावी खेल दिखाया, जिससे टीम को लक्ष्य हासिल करने में कोई कठिनाई नहीं हुई। सुदर्शन की पारी इस मुकाबले का मुख्य आकर्षण रही, जिसमें उन्होंने आत्मविश्वास और आक्रामकता का बेहतरीन संतुलन दिखाया। उनकी लगातार अच्छी फॉर्म टीम के लिए सकारात्मक संकेत है और आने वाले मैचों में भी उनसे इसी तरह के प्रदर्शन की उम्मीद की जा रही है। यह मुकाबला गुजरात के लिए पूरी तरह सफल रहा, जहां टीम ने बल्लेबाजी और गेंदबाजी दोनों में बेहतर प्रदर्शन किया। दूसरी ओर, चेन्नई को अपनी रणनीति और प्रदर्शन पर दोबारा विचार करने की जरूरत है, ताकि आगामी मैचों में बेहतर नतीजे हासिल किए जा सकें।
16 करोड़ के साथ माइकल की बायोपिक मैदान में, अक्षय और रणवीर की फिल्मों का बॉक्स ऑफिस पर दबदबा

नई दिल्ली। भारतीय सिनेमाई बाजार इस समय विभिन्न शैलियों की फिल्मों के संगम का गवाह बन रहा है, जहाँ दर्शकों के पास अंतरराष्ट्रीय बायोपिक से लेकर घरेलू ब्लॉकबस्टर तक के कई विकल्प मौजूद हैं। ताजा आंकड़ों के अनुसार, संगीत की दुनिया के बेताज बादशाह माइकल जैक्सन के जीवन पर आधारित फिल्म ‘माइकल’ ने अपने शुरुआती चार दिनों के सफर में भारतीय बॉक्स ऑफिस पर 16 करोड़ रुपये का शुद्ध कारोबार करने में सफलता प्राप्त की है। जाफर जैक्सन की मुख्य भूमिका वाली इस फिल्म ने सप्ताहांत के दौरान अपनी पकड़ मजबूत की और रविवार को अकेले 5.50 करोड़ रुपये का कलेक्शन किया। हालांकि इस फिल्म को लेकर विशेषज्ञों की राय अलग-अलग रही है, लेकिन संगीत प्रेमी बड़े पर्दे पर इस दिग्गज कलाकार की कहानी देखने के लिए उत्सुक नजर आ रहे हैं। दूसरी तरफ, अभिनेता अक्षय कुमार की हॉरर कॉमेडी फिल्म ‘भूत बंगला’ ने बॉक्स ऑफिस पर अपनी धाक जमानी शुरू कर दी है। फिल्म ने अपने रिलीज के दसवें दिन 12.50 करोड़ रुपये का शानदार प्रदर्शन करते हुए यह साबित कर दिया है कि दर्शकों को डराने और हंसाने का यह फॉर्मूला आज भी उतना ही कारगर है। इस प्रदर्शन के साथ ही फिल्म की कुल घरेलू कमाई अब 113.40 करोड़ रुपये हो गई है। वैश्विक स्तर पर भी फिल्म ने अपनी चमक बिखेरी है और करीब 179 करोड़ रुपये का कुल ग्रॉस कलेक्शन कर लिया है। ‘भूत बंगला’ की इस सफलता ने इसे साल की सबसे भरोसेमंद फिल्मों की कतार में खड़ा कर दिया है। वहीं, बॉक्स ऑफिस के सारे पुराने रिकॉर्ड ध्वस्त करते हुए रणवीर सिंह की स्पाई थ्रिलर ‘धुरंधर 2’ (द रिवेंज) एक ऐतिहासिक सफर पर है। करीब 40 दिनों से सिनेमाघरों में अपना जलवा बिखेर रही यह फिल्म अब 1,130.59 करोड़ रुपये का भारतीय नेट कलेक्शन कर चुकी है। वैश्विक मंच पर इस फिल्म की सफलता और भी बड़ी है, जहाँ इसने 1,777.52 करोड़ रुपये का विशालकाय ग्रॉस कलेक्शन हासिल किया है। फिल्म ने अपने 39वें दिन भी 3.40 करोड़ रुपये का व्यवसाय कर यह दिखा दिया है कि इसकी लोकप्रियता अभी कम नहीं हुई है। व्यापारिक दृष्टिकोण से देखा जाए तो यह भारतीय सिनेमा के लिए एक सुखद संकेत है कि एक ही समय में तीन अलग-अलग मिजाज की फिल्में शानदार कमाई कर रही हैं। जहाँ ‘माइकल’ एक वैश्विक हस्ती के संघर्ष की कहानी है, वहीं ‘भूत बंगला’ विशुद्ध मनोरंजन का साधन बनी हुई है और ‘धुरंधर 2’ भारतीय स्पाई यूनिवर्स को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मजबूती प्रदान कर रही है। आने वाले हफ्तों में यह देखना दिलचस्प होगा कि नई फिल्मों के आने के बाद इन मौजूदा फिल्मों की रफ्तार पर क्या प्रभाव पड़ता है, लेकिन फिलहाल बॉक्स ऑफिस की यह हलचल फिल्म उद्योग के लिए उत्साहजनक परिणाम लेकर आई है।
अर्धशतक के बावजूद आलोचनाओं में घिरे ऋतुराज गायकवाड़, धीमी पारी बनी चर्चा का कारण

नई दिल्ली। आईपीएल 2026 के एक अहम मुकाबले में चेन्नई सुपर किंग्स के कप्तान ऋतुराज गायकवाड़ ने बेहतरीन बल्लेबाजी का प्रदर्शन करते हुए टीम को मुश्किल हालात से बाहर निकालने की कोशिश की। उन्होंने गुजरात टाइटंस के खिलाफ नाबाद 74 रन बनाए, लेकिन इस पारी की रफ्तार ने इसे एक अलग ही वजह से सुर्खियों में ला दिया। गायकवाड़ ने अपनी पारी के दौरान संयम और धैर्य का परिचय दिया, लेकिन उन्होंने अर्धशतक पूरा करने में 49 गेंदों का समय लिया। यही आंकड़ा उन्हें टीम के उन बल्लेबाजों की सूची में ले गया, जिन्होंने सबसे धीमी फिफ्टी लगाई है। टी20 जैसे तेज फॉर्मेट में यह बात काफी अहम मानी जाती है, जहां हर गेंद पर तेजी से रन बनाने की उम्मीद की जाती है। मुकाबले की शुरुआत चेन्नई के लिए बेहद निराशाजनक रही। शुरुआती ओवरों में ही टीम के शीर्ष बल्लेबाज जल्दी-जल्दी आउट हो गए, जिससे स्कोर पर दबाव बढ़ गया। ऐसे में कप्तान गायकवाड़ ने मोर्चा संभाला और विकेट बचाते हुए पारी को आगे बढ़ाया। उन्होंने हालात को देखते हुए जोखिम कम लिया और लंबी पारी खेलने पर ध्यान दिया। बीच के ओवरों में उन्होंने दूसरे छोर से आए बल्लेबाजों के साथ साझेदारी करने की कोशिश की। शिवम दुबे के साथ उनकी साझेदारी ने टीम को थोड़ी स्थिरता दी और स्कोर को आगे बढ़ाने में मदद की। हालांकि साझेदारी ज्यादा लंबी नहीं चल सकी, लेकिन तब तक टीम पूरी तरह संभल चुकी थी। गायकवाड़ ने अंत तक टिके रहकर पारी को आगे बढ़ाया और टीम को सम्मानजनक स्कोर तक पहुंचाया। उन्होंने अपनी पारी में चौकों और छक्कों का भी सहारा लिया, लेकिन उनकी कुल स्ट्राइक रेट अपेक्षाकृत धीमी रही। यही वजह रही कि उनकी पारी को लेकर क्रिकेट प्रेमियों और विशेषज्ञों के बीच अलग-अलग प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं। टीम ने निर्धारित ओवरों में सात विकेट के नुकसान पर 158 रन बनाए, जिसमें गायकवाड़ का योगदान सबसे ज्यादा रहा। अन्य बल्लेबाजों का प्रदर्शन औसत रहा, जिससे कप्तान पर जिम्मेदारी और बढ़ गई थी। दूसरी ओर, विपक्षी टीम के गेंदबाजों ने शानदार शुरुआत करते हुए दबाव बनाए रखा। उन्होंने शुरुआती विकेट लेकर मैच का रुख अपने पक्ष में करने की कोशिश की, लेकिन गायकवाड़ की संयमित पारी ने मुकाबले को संतुलित बनाए रखा। यह मुकाबला इस बात का उदाहरण बन गया कि टी20 क्रिकेट में सिर्फ टिककर खेलने से काम नहीं चलता, बल्कि रन बनाने की गति भी उतनी ही अहम होती है। गायकवाड़ की यह पारी जहां एक ओर जिम्मेदारी और धैर्य का प्रतीक रही, वहीं दूसरी ओर धीमी गति के कारण यह एक अनचाहे रिकॉर्ड के साथ भी जुड़ गई।
पौराणिक रहस्यों से जुड़ी फिल्म 'राकासा' की ग्लोबल रिलीज का काउंटडाउन शुरू..

नई दिल्ली। सिनेमाई गलियारों में इन दिनों ऐसी कहानियों की मांग तेजी से बढ़ी है जो दर्शकों को डराने के साथ-साथ गुदगुदाने का भी माद्दा रखती हों। इसी कड़ी में, मनोरंजन जगत के डिजिटल प्रेमियों के लिए एक बड़ी खबर सामने आई है। दक्षिण भारतीय सिनेमा की एक ऐसी फिल्म, जिसने अपनी अनूठी कहानी और शानदार निर्माण से समीक्षकों को हैरान कर दिया था, अब घर-घर पहुँचने के लिए तैयार है। ‘राकासा’ नामक यह फैंटेसी हॉरर कॉमेडी फिल्म इसी सप्ताह 1 मई को डिजिटल स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म पर दस्तक देने जा रही है। इस फिल्म ने अपनी रिलीज से पहले ही 8.8 की बेहद प्रभावशाली आईएमडीबी रेटिंग हासिल कर ली है, जो इसकी गुणवत्ता और दर्शकों के बीच इसकी स्वीकार्यता का सबसे बड़ा प्रमाण है। मानसा शर्मा के निर्देशन में तैयार हुई यह फिल्म पौराणिक कथाओं और आधुनिक जीवन के टकराव की एक दिलचस्प दास्तां है। फिल्म का शीर्षक ‘राकासा’ सीधे तौर पर संस्कृत के ‘राक्षस’ शब्द से प्रेरित है, जो कहानी के केंद्र में मौजूद ‘ब्रह्मराक्षस’ के रहस्य की ओर इशारा करता है। फिल्म की पटकथा ‘वीरबाबू’ नाम के एक एनआरआई युवक के इर्द-गिर्द घूमती है, जो अपने पुराने प्यार को पाने की उम्मीद लिए विदेश से अपने पैतृक गांव ‘राकावरम’ लौटता है। हालांकि, उसकी यह प्रेम यात्रा तब एक भयानक मोड़ ले लेती है जब वह अनजाने में गांव के पास स्थित एक प्रतिबंधित और शापित क्षेत्र में प्रवेश कर जाता है। वीरबाबू की एक छोटी सी भूल पिछले 2,000 वर्षों से सोई हुई एक शक्तिशाली अलौकिक शक्ति को जागृत कर देती है, जिसने कभी पूरे इलाके में आतंक मचाया था। तकनीकी और रचनात्मक रूप से इस फिल्म को बेहद बारीकी से संवारा गया है। गुलाबी हाथी (पिंक एलीफेंट) पिक्चर्स के बैनर तले निर्मित इस फिल्म में संगीत शोभन और नयन सारिका ने मुख्य भूमिकाएं निभाई हैं। सीमित बजट में बनी इस फिल्म ने न केवल अपनी लागत से कहीं अधिक का कारोबार किया, बल्कि कंटेंट के मामले में बड़े सितारों की फिल्मों को भी पीछे छोड़ दिया। फिल्म की चर्चा तब और अधिक बढ़ गई जब फिल्म उद्योग के दिग्गज अभिनेताओं ने इसकी प्रशंसा की और इसके अनूठे कॉन्सेप्ट को सिनेमा की एक नई दिशा बताया। यही कारण है कि यह फिल्म वर्तमान में डिजिटल ट्रेंड्स में शीर्ष पर बनी हुई है। यह फिल्म केवल अपनी डरावनी कहानी के लिए ही नहीं, बल्कि अपने बेहतरीन हास्य और विजुअल इफेक्ट्स के लिए भी सराही जा रही है। दर्शकों की भारी मांग को देखते हुए इसे मूल भाषा के साथ-साथ हिंदी, तमिल और कन्नड़ में भी रिलीज किया जा रहा है, ताकि भाषाई सीमाओं से परे हर कोई इस रोमांच का अनुभव कर सके। पौराणिक रहस्यों, ग्रामीण परिवेश और आधुनिक संवेदनाओं का ऐसा मिश्रण हाल के वर्षों में कम ही देखने को मिला है। ऐसे में यदि आप भी वीकेंड पर कुछ नया और प्रभावशाली देखने की योजना बना रहे हैं, तो ‘राकासा’ की यह डिजिटल रिलीज एक बेहतरीन विकल्प साबित हो सकती है। यह फिल्म इस बात का सटीक उदाहरण है कि कैसे एक सशक्त पटकथा वैश्विक स्तर पर अपनी पहचान बना सकती है।
जिम्बाब्वे के खिलाफ सीरीज के लिए पाकिस्तान महिला टीम घोषित, नए नामों पर भरोसा..

नई दिल्ली। जिम्बाब्वे के खिलाफ होने वाली वनडे सीरीज को लेकर पाकिस्तान महिला क्रिकेट टीम ने अपने 15 सदस्यीय दल की घोषणा कर दी है। यह सीरीज मई के पहले सप्ताह में खेली जानी है और इसे आगामी अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं की तैयारी के लिहाज से काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। टीम चयन में इस बार संतुलन बनाए रखने की कोशिश की गई है, जहां अनुभवी खिलाड़ियों के साथ-साथ नई प्रतिभाओं को भी मौका दिया गया है। सबसे खास बात यह है कि टीम में एक नए खिलाड़ी को पहली बार वनडे प्रारूप में शामिल किया गया है, जो घरेलू क्रिकेट में अपने प्रदर्शन के दम पर चयनकर्ताओं का ध्यान आकर्षित करने में सफल रही है। इस चयन को टीम के भविष्य की रणनीति से जोड़कर देखा जा रहा है, जिसमें युवा खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय मंच पर खुद को साबित करने का अवसर दिया जा रहा है। टीम की कमान एक ऑलराउंडर के हाथों में सौंपी गई है, जिनसे नेतृत्व के साथ-साथ प्रदर्शन की भी बड़ी उम्मीदें हैं। हाल के दौर में टीम का प्रदर्शन अपेक्षा के अनुरूप नहीं रहा, इसलिए इस सीरीज को सुधार और वापसी के एक अहम मौके के रूप में देखा जा रहा है। खिलाड़ियों से उम्मीद की जा रही है कि वे इस बार बेहतर तालमेल और आत्मविश्वास के साथ मैदान में उतरेंगे। टीम में बल्लेबाजी क्रम को मजबूत बनाने के लिए अनुभवी खिलाड़ियों को बरकरार रखा गया है, वहीं गेंदबाजी विभाग में भी संतुलन बनाए रखने का प्रयास किया गया है। विकेटकीपिंग की जिम्मेदारी ऐसे खिलाड़ियों को सौंपी गई है, जो टीम को स्थिरता प्रदान कर सकें। कुल मिलाकर चयन में हर विभाग को ध्यान में रखते हुए एक संतुलित संयोजन तैयार किया गया है। दूसरी ओर, जिम्बाब्वे की टीम भी इस सीरीज के लिए पूरी तैयारी के साथ पाकिस्तान का दौरा करेगी। सीमित ओवरों के प्रारूप में यह दौरा उनके लिए खास महत्व रखता है, क्योंकि इससे उन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी स्थिति मजबूत करने का मौका मिलेगा। मेहमान टीम मैचों से पहले अभ्यास करेगी, ताकि स्थानीय परिस्थितियों के अनुरूप खुद को ढाल सके। सीरीज के सभी मुकाबले एक ही मैदान पर खेले जाएंगे, जिससे दोनों टीमों को परिस्थितियों को समझने और रणनीति बनाने में मदद मिलेगी। इसके बाद दोनों टीमों के बीच टी20 मुकाबलों की भी एक श्रृंखला आयोजित की जाएगी, जो इस दौरे को और अधिक रोमांचक बनाएगी। यह सीरीज प्रतिस्पर्धा और प्रदर्शन के लिहाज से काफी महत्वपूर्ण साबित हो सकती है। पाकिस्तान टीम जहां अपने प्रदर्शन में सुधार कर जीत हासिल करना चाहेगी, वहीं जिम्बाब्वे की टीम भी इस मौके का पूरा फायदा उठाने की कोशिश करेगी। आने वाले मैचों में दोनों टीमों के बीच कड़ा मुकाबला देखने को मिल सकता है, जो दर्शकों के लिए रोमांच से भरपूर रहेगा।
20 फिल्मों के साथ 100 करोड़ी क्लब में बनाया ऐतिहासिक रिकॉर्ड..

नई दिल्ली। भारतीय फिल्म जगत में किसी फिल्म की सफलता का पैमाना अब उसकी कहानी के साथ-साथ ‘100 करोड़ क्लब’ में शामिल होने की क्षमता से मापा जाता है। हाल ही में रिलीज हुई फिल्म ‘भूत बंगला’ ने बॉक्स ऑफिस पर शानदार प्रदर्शन करते हुए महज दस दिनों के भीतर 100 करोड़ का आंकड़ा पार कर लिया है। इस उपलब्धि के साथ ही बॉलीवुड के खिलाड़ी कहे जाने वाले अक्षय कुमार ने एक ऐसा कीर्तिमान स्थापित किया है, जिसे छूना फिलहाल किसी भी समकालीन अभिनेता के लिए एक बड़ी चुनौती नजर आता है। अक्षय कुमार अब भारतीय सिनेमा के इतिहास के पहले ऐसे अभिनेता बन गए हैं, जिनकी झोली में कुल 20 फिल्में ऐसी हैं जिन्होंने घरेलू बॉक्स ऑफिस पर 100 करोड़ रुपये से अधिक का कारोबार किया है। बॉक्स ऑफिस पर इस ‘शतक’ वाली फिल्मों के दौर की शुरुआत साल 2008 में आमिर खान की फिल्म ‘गजनी’ से हुई थी। उस समय किसी ने नहीं सोचा था कि आने वाले डेढ़ दशक में यह एक मानक बन जाएगा। अक्षय कुमार ने इस सफर में साल 2012 में ‘हाउसफुल 2’ के जरिए अपना खाता खोला था और तब से लेकर अब तक उन्होंने पीछे मुड़कर नहीं देखा। उनकी हालिया सफलताओं में ‘स्काई फोर्स’, ‘हाउसफुल 5’ और ‘जॉली एलएलबी 3’ जैसी फिल्मों ने उनकी स्थिति को और भी मजबूत कर दिया है। अक्षय की सफलता का राज उनकी फिल्मों की विविधता और साल में कई प्रोजेक्ट्स को पूरा करने की उनकी गति को माना जा सकता है। इस दौड़ में दूसरे पायदान पर सलमान खान का नाम आता है, जिनके खाते में कुल 18 फिल्में 100 करोड़ क्लब का हिस्सा रही हैं। सलमान ने ‘दबंग’ और ‘बॉडीगार्ड’ जैसी फिल्मों के जरिए इस क्लब में अपनी मजबूत पकड़ बनाई थी और हाल ही में ‘सिकंदर’ जैसी फिल्म ने उनकी इस गिनती को आगे बढ़ाया है। वहीं, अजय देवगन 16 फिल्मों के साथ तीसरे स्थान पर मजबूती से टिके हुए हैं। अजय देवगन की ‘तानाजी’, ‘दृश्यम 2’ और ‘सिंघम’ सीरीज की फिल्मों ने उन्हें इस विशिष्ट क्लब का एक विश्वसनीय खिलाड़ी बना दिया है। सूची में चौथे स्थान पर बॉलीवुड के बादशाह शाहरुख खान का नाम दर्ज है। हालांकि उनकी फिल्मों की संख्या 10 है, लेकिन ‘जवान’ और ‘पठान’ जैसी फिल्मों ने जो रिकॉर्ड तोड़ कमाई की है, उसने उनके स्टारडम की एक नई परिभाषा लिखी है। पांचवें स्थान पर रणवीर सिंह ने अपनी जगह पक्की की है, जिनकी कुल 9 फिल्में इस क्लब में शामिल हो चुकी हैं। उनकी हालिया रिलीज ‘धुरंधर’ सीरीज की सफलता ने उन्हें इस एलीट लिस्ट में शामिल होने का मौका दिया। यह आंकड़े न केवल इन अभिनेताओं की लोकप्रियता को दर्शाते हैं, बल्कि यह भी बताते हैं कि भारतीय दर्शकों की पसंद और सिनेमाई बाजार का दायरा कितनी तेजी से बदल रहा है। आने वाले समय में यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या कोई नया चेहरा इस स्थापित क्रम को चुनौती दे पाता है।
गिल का गेंदबाजी का फैसला, सीएसके की चुनौती-घरेलू मैदान पर दबदबा कायम रखना

नई दिल्ली। आईपीएल 2026 के तहत चेन्नई के ऐतिहासिक मैदान चेपॉक में चेन्नई सुपर किंग्स और गुजरात टाइटंस के बीच एक महत्वपूर्ण मुकाबला खेला जा रहा है। इस मैच की शुरुआत टॉस से हुई, जहां गुजरात के कप्तान शुभमन गिल ने बाजी मारते हुए पहले गेंदबाजी करने का फैसला लिया। यह निर्णय टीम की रणनीति को दर्शाता है, जिसमें शुरुआत से ही विपक्ष पर दबाव बनाने की योजना साफ नजर आती है। टॉस के बाद शुभमन गिल ने कहा कि पिच बल्लेबाजों के लिए ठीक लग रही है, लेकिन मैच का परिणाम छोटे-छोटे मौकों को अपने पक्ष में करने पर निर्भर करेगा। उन्होंने टीम में बदलाव की जानकारी देते हुए बताया कि संतुलन को बेहतर करने के लिए कुछ नए खिलाड़ियों को शामिल किया गया है। गुजरात की टीम हाल के मैचों में मिली हार के बाद इस मुकाबले में वापसी की उम्मीद के साथ उतरी है। दूसरी तरफ चेन्नई सुपर किंग्स के कप्तान ऋतुराज गायकवाड़ ने आत्मविश्वास के साथ कहा कि टीम धीरे-धीरे बेहतर प्रदर्शन कर रही है और घरेलू परिस्थितियों का फायदा उठाने के लिए तैयार है। उन्होंने पिच को थोड़ा सूखा बताया, लेकिन यह भी स्पष्ट किया कि उनकी टीम के लिए स्कोर बनाना और उसे बचाना कोई नई बात नहीं है। गायकवाड़ ने यह भी माना कि उन्हें अपनी अच्छी शुरुआत को बड़े स्कोर में बदलने पर ध्यान देना होगा। अंक तालिका की स्थिति इस मुकाबले को और ज्यादा अहम बना देती है। चेन्नई सुपर किंग्स ने अब तक खेले गए सात मैचों में तीन जीत हासिल की हैं और टीम अपनी स्थिति को बेहतर करने के लिए इस मैच को जीतना चाहेगी। वहीं गुजरात टाइटंस भी समान स्थिति में है, लेकिन पिछले दो मुकाबलों में हार के कारण टीम का आत्मविश्वास थोड़ा डगमगाया है। ऐसे में यह मैच उनके लिए वापसी का अवसर बन सकता है। दोनों टीमों के बीच अब तक के रिकॉर्ड पर नजर डालें तो मुकाबला बराबरी का रहा है। दोनों टीमों ने एक-दूसरे के खिलाफ अच्छा प्रदर्शन किया है, जिससे इस मैच की प्रतिस्पर्धा और भी कड़ी हो जाती है। दर्शकों को एक रोमांचक और करीबी मुकाबले की उम्मीद है। प्लेइंग इलेवन में दोनों टीमों ने संतुलन बनाए रखने की कोशिश की है। बल्लेबाजी और गेंदबाजी में अनुभवी और युवा खिलाड़ियों का मिश्रण इस मुकाबले को दिलचस्प बनाता है। हर खिलाड़ी अपने प्रदर्शन से टीम को जीत दिलाने के लिए पूरी कोशिश करेगा। यह मुकाबला केवल दो टीमों के बीच नहीं, बल्कि रणनीति, आत्मविश्वास और मौके का सही इस्तेमाल करने की परीक्षा भी है। चेन्नई जहां अपने घरेलू मैदान का फायदा उठाना चाहेगी, वहीं गुजरात हर हाल में जीत दर्ज कर अपनी लय वापस पाने की कोशिश करेगी। क्रिकेट प्रेमियों के लिए यह मैच रोमांच से भरपूर होने वाला है।
भारतीय संस्कारों के रंग में रंगीं ग्लोबल स्टार रिहाना: एंटीलिया में पूजा-अर्चना और गौ सेवा के साथ की नई शुरुआत

नई दिल्ली। मुंबई में इन दिनों वैश्विक मनोरंजन और व्यापारिक जगत की हलचल अपने चरम पर है, जिसका केंद्र बिंदु अंतरराष्ट्रीय पॉप स्टार और सफल उद्यमी रिहाना की भारत यात्रा बनी हुई है। रिहाना अपने मशहूर सौंदर्य ब्रांड के भारतीय बाजार में आधिकारिक प्रवेश और विस्तार के सिलसिले में तीन दिवसीय दौरे पर भारत आई हैं। इस व्यावसायिक यात्रा के बीच उनका एक ऐसा मानवीय और सांस्कृतिक पक्ष सामने आया है, जिसने उनके भारतीय प्रशंसकों का दिल जीत लिया। व्यापारिक औपचारिकताओं से परे, रिहाना ने देश के सबसे प्रतिष्ठित उद्योगपति परिवार के निवास स्थान ‘एंटीलिया’ में समय बिताया, जहाँ उनका स्वागत भारतीय परंपराओं की भव्यता और आतिथ्य सत्कार की प्राचीन मिसाल के साथ किया गया। अंबानी परिवार के घर आयोजित इस विशेष मिलन समारोह में रिहाना का स्वागत परिवार की नई पीढ़ी के सदस्यों ने किया। इस दौरान घर के भीतर का दृश्य किसी बड़े त्योहार जैसा प्रतीत हो रहा था। रिहाना ने न केवल एक मेहमान के तौर पर शिरकत की, बल्कि वे भारतीय रीति-रिवाजों में पूरी तरह रमी हुई नजर आईं। उन्होंने परिवार के सदस्यों के साथ घर में आयोजित एक विशेष पूजा और आध्यात्मिक अनुष्ठान में भाग लिया। हाथ में पूजा की थाली लिए और पूरी श्रद्धा के साथ अनुष्ठान को पूरा करते हुए उनकी तस्वीरें यह दर्शाती हैं कि कला और आध्यात्मिकता भौगोलिक सीमाओं से परे होती है। भारतीय संस्कृति में जीव-दया के महत्व को समझते हुए उन्होंने गौ-सेवा भी की, जहाँ उन्होंने गाय को बड़े प्रेम से चारा खिलाया, जो भारतीय समाज में शुभता का प्रतीक माना जाता है। उत्सव का माहौल तब और अधिक जीवंत हो गया जब रिहाना ने महाराष्ट्र के पारंपरिक लोक नृत्य ‘फुगड़ी’ में अपना हाथ आजमाया। परिवार की महिलाओं के साथ हाथ में हाथ डालकर गोल-गोल घूमते हुए इस नृत्य का आनंद लेते देख वहां मौजूद मेहमान मंत्रमुग्ध रह गए। मनोरंजन का यह सिलसिला यहीं नहीं रुका; रिहाना के स्वागत को यादगार बनाने के लिए ‘फूलों की होली’ का विशेष आयोजन किया गया था। इस दौरान उन पर सुगंधित फूलों की पंखुड़ियों की भारी वर्षा की गई, जिसका रिहाना ने खिलखिलाते हुए आनंद लिया। वे खुद भी इस उत्सव का हिस्सा बनीं और परिवार के साथ फूलों से होली खेली। यह क्षण पूर्व और पश्चिम की संस्कृतियों के उस सुंदर मिलन का गवाह बना, जो अक्सर अंतरराष्ट्रीय मंचों पर दुर्लभ होता है। व्यापारिक दृष्टिकोण से रिहाना की यह यात्रा भारतीय सौंदर्य बाजार के लिए एक नए युग की शुरुआत मानी जा रही है। उन्होंने एक बड़े भारतीय रिटेल समूह के साथ रणनीतिक साझेदारी की है, जिससे अब उनके उत्पाद देश भर में ऑनलाइन और भौतिक स्टोर्स पर सुलभ होंगे। हालांकि वे इससे पहले भी एक निजी पारिवारिक समारोह में शामिल होने भारत आ चुकी हैं, लेकिन इस बार उनका यह प्रवास व्यावसायिक गंभीरता और व्यक्तिगत जुड़ाव का एक संतुलित मिश्रण रहा। उनकी इस यात्रा ने स्पष्ट कर दिया है कि भारत अब केवल एक बड़ा बाजार नहीं, बल्कि वैश्विक हस्तियों के लिए एक ऐसा सांस्कृतिक केंद्र भी है जहाँ की परंपराएं दुनिया को अपनी ओर आकर्षित करती हैं। रिहाना का यह दौरा न केवल उनके ब्रांड की सफलता की नींव रखेगा, बल्कि उनके और भारत के बीच के भावनात्मक रिश्तों को भी एक नई ऊंचाई प्रदान करेगा।