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छिंदवाड़ा: हज यात्रियों को छोड़ लौट रही कार हादसे का शिकार, तीन की मौत, तीन गंभीर घायल

छिंदवाड़ा। मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा जिले के उमरानाला क्षेत्र में सोमवार तड़के एक दर्दनाक सड़क हादसा हो गया। नागपुर में हज यात्रियों को छोड़कर लौट रही एक कार अचानक अनियंत्रित होकर सड़क किनारे पेड़ से टकरा गई। इस हादसे में तीन लोगों की मौत हो गई, जबकि तीन अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। जानकारी के मुताबिक यह दुर्घटना सुबह करीब 4 से 5 बजे के बीच हुई। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया। घायलों को तुरंत जिला अस्पताल पहुंचाया गया। अस्पताल सूत्रों के अनुसार, एक महिला की हालत गंभीर होने पर उसे नागपुर रेफर किया गया था, जहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। वहीं वाहन चालक और एक अन्य घायल ने छिंदवाड़ा में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। तीन घायल निजी अस्पताल में भर्तीकार में सवार अन्य तीन लोग गंभीर रूप से घायल हैं। प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें छिंदवाड़ा के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां डॉक्टरों की निगरानी में उनका इलाज जारी है। सिविल सर्जन डॉ. सुशील दुबे ने बताया कि सुबह करीब 7 बजे सभी घायलों को जिला अस्पताल लाया गया था। इनमें दो लोग मृत अवस्था में पहुंचे थे, जबकि अन्य को प्राथमिक उपचार के बाद रेफर किया गया। कार पूरी तरह क्षतिग्रस्त, जांच जारीहादसा इतना भीषण था कि कार बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। पुलिस की शुरुआती जांच में आशंका जताई जा रही है कि चालक को झपकी आने या वाहन से नियंत्रण खोने के कारण यह दुर्घटना हुई। फिलहाल मामला दर्ज कर लिया गया है और पुलिस पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है।

Khargone Cow Protection Rally: गो संरक्षण को लेकर सड़कों पर उतरा सकल हिंदू समाज, खरगोन में गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करने की मांग

Khargone Cow Protection Rally

HIGHLIGHTS: गो सम्मान दिवस पर खरगोन में निकली रैली 500 से ज्यादा लोग हुए शामिल गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करने की मांग गोवध पर पूर्ण प्रतिबंध की उठी आवाज राष्ट्रपति, राज्यपाल और मुख्यमंत्री के नाम सौंपा ज्ञापन   Khargone Cow Protection Rally: खरगोन। जिले में सोमवार को जिला गोरक्षा समिति द्वारा ‘गो सम्मान दिवस’ मनाया गया। इस मौके पर कुंदा किनारे स्थित गणेश मंदिर से एक विशाल रैली निकाली गई। इस रैली में संत समाज, सकल हिंदू समाज और विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधियों सहित 500 से अधिक लोग शामिल हुए। रैली के दौरान पूरे शहर में गो संरक्षण को लेकर जागरूकता का संदेश दिया गया। SHEOPUR THEFT CASE: घर में घुसकर बुज़ुर्ग से लूट, 90 हज़ार की ज्वेलरी लेकर फरार बदमाश गोवध पर प्रतिबंध की मांग रैली के दौरान ‘गो हत्या बंद हो’ और ‘गाय संरक्षण’ जैसे नारे लगाए गए। दोपहर करीब 12:30 बजे यह रैली एसडीएम कार्यालय पहुंची, जहां प्रदर्शनकारियों ने अपनी मांगों को लेकर आवाज बुलंद की। माहौल पूरी तरह गो संरक्षण के समर्थन में नजर आया। SCHOOL HOLIDAY: भीषण गर्मी के चलते शिवपुरी में 8वीं तक के स्कूलों में छुट्टी, 9वीं से 12वीं की टाइमिंग चेंज प्रशासन को सौंपा ज्ञापन रैली के बाद प्रदर्शनकारियों ने राष्ट्रपति, राज्यपाल और मुख्यमंत्री के नाम एक ज्ञापन तहसीलदार दिनेश सोनारटिया को सौंपा। गोरक्षा समिति के जिलाध्यक्ष सुमित राठौर ने बताया कि गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करने और देशभर में गोवध पर प्रतिबंध लगाने की मांग प्रमुख रूप से रखी गई है। Scindias Development Pledge: CM राइज स्कूल का उद्धाटन, शिवपुरी में केंद्रीय मदनतरि बोले- न रुकूंगा, न झुकूंगा! अन्य जगहों पर भी निकली रैलियां सुमित राठौर ने कहा कि यह अभियान का पहला चरण है और जरूरत पड़ने पर आगे बड़ा आंदोलन किया जाएगा। खरगोन के अलावा कसरावद और भगवानपुरा में भी रैलियां निकाली गईं। कसरावद में निकली रैली में एक गाय को भी शामिल किया गया, जो इस अभियान का प्रतीक बनी।

पीएम रैली से पहले बंगाल में तनाव चरम पर: जगद्दल बना रणक्षेत्र, देसी बमों से दहला इलाका..

नई दिल्ली। पश्चिम बंगाल में चुनावी माहौल के बीच तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है और इसी कड़ी में उत्तर 24 परगना जिले का जगद्दल इलाका अचानक हिंसा की चपेट में आ गया। प्रधानमंत्री की प्रस्तावित रैली से पहले हुई इस घटना ने पूरे क्षेत्र में अफरा-तफरी का माहौल पैदा कर दिया। रात और सुबह के बीच अचानक भड़की इस हिंसा ने राजनीतिक टकराव को और अधिक गंभीर बना दिया है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, इलाके में पहले छोटे स्तर पर विवाद शुरू हुआ जो देखते ही देखते दो पक्षों के बीच टकराव में बदल गया। कुछ ही देर में स्थिति इतनी बिगड़ गई कि पत्थरबाजी शुरू हो गई और उसके बाद देसी बमों का इस्तेमाल होने लगा। धमाकों की आवाज से पूरा इलाका दहल उठा और स्थानीय लोग दहशत में अपने घरों से बाहर निकल आए। हिंसा की सूचना मिलते ही सुरक्षा बल मौके पर पहुंचे, लेकिन हालात को नियंत्रित करना आसान नहीं रहा। जैसे ही पुलिस और केंद्रीय सुरक्षा बल ने स्थिति संभालने की कोशिश की, उपद्रवियों ने उन पर भी हमला कर दिया। इस दौरान एक सुरक्षा जवान गंभीर रूप से घायल हो गया, जबकि दो अन्य लोग भी चोटिल हुए हैं। घायलों को तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया जहां उनका इलाज जारी है। घटना के बाद पूरे इलाके में भारी संख्या में सुरक्षा बलों की तैनाती कर दी गई है। संवेदनशील क्षेत्रों में लगातार गश्त और रूट मार्च किया जा रहा है ताकि स्थिति को और बिगड़ने से रोका जा सके। प्रशासन ने इलाके में निगरानी बढ़ाते हुए संदिग्ध गतिविधियों पर कड़ी नजर रखनी शुरू कर दी है। इस घटना को लेकर राजनीतिक माहौल भी गर्मा गया है। एक पक्ष का आरोप है कि यह हिंसा जानबूझकर माहौल खराब करने और चुनावी गतिविधियों को प्रभावित करने के लिए की गई, जबकि दूसरे पक्ष ने इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा है कि घटना की शुरुआत उकसावे के कारण हुई। लगातार हो रही ऐसी घटनाओं ने प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ा दी है। प्रधानमंत्री की रैली को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया जा रहा है। ड्रोन कैमरों और अतिरिक्त बलों की मदद से पूरे इलाके पर नजर रखी जा रही है ताकि किसी भी तरह की नई घटना को रोका जा सके। फिलहाल जगद्दल में तनाव की स्थिति बनी हुई है और लोगों में डर का माहौल है। प्रशासन का कहना है कि स्थिति को सामान्य करने के लिए हर संभव कदम उठाए जा रहे हैं और दोषियों की पहचान कर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

लू और तपती धूप के बीच अजीब लेकिन चर्चित उपाय, प्याज वाला फॉर्मूला बना चर्चा का विषय..

नई दिल्ली। देश के अधिकांश हिस्सों में इस समय गर्मी अपने चरम पर पहुंच चुकी है, जहां तापमान लगातार बढ़ता जा रहा है और आम जनजीवन पर इसका सीधा असर देखने को मिल रहा है। दोपहर के समय सड़कों पर सन्नाटा और तेज धूप के कारण लोगों का बाहर निकलना बेहद मुश्किल हो गया है। इस भीषण मौसम में राहत पाने के लिए लोग अलग-अलग उपाय अपना रहे हैं और इसी बीच एक अनोखा सुझाव तेजी से चर्चा में आ गया है। इस सुझाव में कहा गया है कि गर्मी से बचने के लिए व्यक्ति अपनी जेब में एक साधारण प्याज रख सकता है। यह विचार सोशल मीडिया पर तेजी से फैल रहा है और लोग इसे लेकर तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं। कुछ लोग इसे मजेदार और अजीब मान रहे हैं, जबकि कुछ इसे पुराने घरेलू उपायों की श्रेणी में रखकर देख रहे हैं। गर्मी के इस दौर में लोगों की दिनचर्या पूरी तरह प्रभावित हो चुकी है। सुबह से ही तेज धूप और गर्म हवाओं के कारण बाहर निकलना चुनौतीपूर्ण हो गया है। कई क्षेत्रों में तापमान सामान्य से काफी ऊपर पहुंच चुका है, जिससे लोगों को स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का भी सामना करना पड़ रहा है। ऐसे समय में हर छोटा या बड़ा उपाय लोगों का ध्यान आकर्षित कर रहा है। जेब में प्याज रखने वाले इस विचार ने लोगों के बीच जिज्ञासा पैदा कर दी है। कुछ लोग इसे प्रतीकात्मक उपाय मान रहे हैं, तो कुछ इसे परंपरागत ज्ञान से जोड़कर देख रहे हैं। हालांकि वैज्ञानिक दृष्टिकोण से इस तरह के उपायों की कोई स्पष्ट पुष्टि नहीं है, लेकिन फिर भी यह चर्चा का विषय बना हुआ है। विशेषज्ञों के अनुसार गर्मी से बचने के लिए सबसे प्रभावी उपाय पर्याप्त मात्रा में पानी पीना, हल्के और सूती कपड़े पहनना तथा तेज धूप में अनावश्यक बाहर न निकलना है। इसके अलावा घर के अंदर ठंडी जगह पर रहना भी शरीर को गर्मी से बचाने में मदद करता है। फिर भी लोग अपने अनुभव और परंपराओं के आधार पर अलग-अलग घरेलू उपाय अपनाते रहते हैं। यही कारण है कि इस तरह के सुझाव तेजी से वायरल हो जाते हैं और सोशल मीडिया पर लोगों के बीच बहस का विषय बन जाते हैं। कुल मिलाकर, इस समय देश में गर्मी का प्रभाव इतना अधिक है कि हर नया और अलग उपाय लोगों का ध्यान खींच रहा है। जेब में प्याज रखने वाला यह विचार भी उसी श्रृंखला का हिस्सा बन गया है, जिसने लोगों के बीच उत्सुकता और चर्चा दोनों को बढ़ा दिया है।

अदाणी पब्लिक स्कूल के 25 वर्ष पूरे, हजारों छात्रों के भविष्य को मिली नई दिशा..

नई दिल्ली। मुंद्रा स्थित अदाणी पब्लिक स्कूल ने अपनी स्थापना के 25 वर्ष पूरे कर लिए हैं। इस खास मौके पर स्कूल में सिल्वर जुबली समारोह का भव्य आयोजन किया गया, जिसमें छात्र-छात्राएं, शिक्षक, पूर्व विद्यार्थी और अभिभावक बड़ी संख्या में शामिल हुए। पूरे कार्यक्रम में उत्साह और भावनाओं का माहौल देखने को मिला, जहां स्कूल की 25 साल की यात्रा और उपलब्धियों को याद किया गया। इस अवसर पर डॉ. प्रीति अदाणी ने स्कूल के सफर को बेहद भावुक अंदाज़ में साझा किया। उन्होंने कहा कि यह संस्थान एक छोटे से विचार से शुरू होकर आज एक मजबूत शैक्षणिक परिवार बन चुका है, जिसने हजारों छात्रों के भविष्य को दिशा दी है। उन्होंने यह भी कहा कि कोई भी सपना छोटा नहीं होता, जरूरत सिर्फ उसे पूरा करने के लिए साहस और लगातार मेहनत की होती है। समारोह के दौरान छात्रों के लिए नए इनडोर स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स और आधुनिक ऑडिटोरियम का उद्घाटन भी किया गया। इन सुविधाओं को शिक्षा के साथ-साथ खेल और अन्य गतिविधियों को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। अपने संबोधन में उन्होंने स्कूल के शुरुआती दौर की चुनौतियों को भी याद किया। उन्होंने बताया कि निर्माण के समय कई कठिन परिस्थितियां सामने आईं, लेकिन टीम ने हिम्मत नहीं हारी और हर चुनौती का सामना करते हुए काम को आगे बढ़ाया। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि किसी भी सफलता के पीछे धैर्य, मेहनत और सामूहिक प्रयास सबसे महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। आज यह स्कूल केवल एक शिक्षा संस्थान नहीं, बल्कि एक ऐसी विरासत बन चुका है जो लगातार आगे बढ़ रही है और नई पीढ़ियों को प्रेरित कर रही है। समारोह ने इस बात को और मजबूत किया कि सही दृष्टि और निरंतर प्रयास से बड़े से बड़ा सपना भी हकीकत बन सकता है।

SHEOPUR THEFT CASE: घर में घुसकर बुज़ुर्ग से लूट, 90 हज़ार की ज्वेलरी लेकर फरार बदमाश

SHEOPUR THEFT CASE

HIGHLIGHTS: देर रात घर में घुसकर लूट की वारदात सो रही बुजुर्ग महिला को बनाया निशाना बाली और मंगलसूत्र समेत 90 हजार के गहने लूटे आरोपी की पहचान, पुलिस ने मामला दर्ज किया गिरफ्तारी के लिए दबिश जारी SHEOPUR THEFT CASE: श्योपुर। जिले के अगरा थाना क्षेत्र के बवनवास गांव में देर रात एक बुजुर्ग महिला के घर में घुसकर लूट की सनसनीखेज घटना सामने आई है। 60 वर्षिय पीड़िता रामकुमारी, पत्नी स्वर्गीय काशीराम धाकड़, ने इस मामले में पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने बताया कि 25-26 अप्रैल की दरमियानी रात करीब 12:30 बजे आरोपी दिलीप उर्फ दिल्लू उनके घर के चौक में घुस आया। उस समय वह खटिया पर सो रही थीं और घर में कोई अन्य सदस्य मौजूद नहीं था। अचानक हुई इस घटना से महिला घबरा गई और खुद को संभाल नहीं पाईं। SCHOOL HOLIDAY: भीषण गर्मी के चलते शिवपुरी में 8वीं तक के स्कूलों में छुट्टी, 9वीं से 12वीं की टाइमिंग चेंज महिला के कानो से चीनी बाली आरोपी ने मौके का फायदा उठाते हुए बुजुर्ग महिला को काबू में कर लिया और उनका मुंह दबा दिया, जिससे वे शोर नहीं मचा सकीं। इसके बाद उसने महिला के कानों में पहने सोने के बाली, जिनकी कीमत लगभग 64 हजार रुपए बताई जा रही है, और करीब 26 हजार रुपए का मंगलसूत्र जबरन छीन लिया। कुल मिलाकर लगभग 90 हजार रुपए के आभूषण लूट लिए गए। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी तुरंत मौके से फरार हो गया। MORENA BUS ACCIDENT: सड़क पार कर रही महिला को बस ने रौंदा, 30 फीट तक घसीटा शव पुलिस जाँच में जुटी घटना की सूचना मिलते ही अगरा थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। आरोपी दिलीप उर्फ दिल्लू के खिलाफ बीएनएस की संबंधित धाराओं में केस दर्ज किया गया है। पुलिस टीम आरोपी की तलाश में जुटी हुई है और संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है। पुलिस का कहना है कि आरोपी को जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा और मामले में आगे की कार्रवाई की जाएगी।  

ओडिशा-बिहार के बाद अब बंगाल की बारी, पीएम मोदी बोले-बदलाव तय है, शपथ लेने फिर आऊंगा

नई दिल्ली। पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक बार फिर गर्मी बढ़ गई है, जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बैरकपुर में आयोजित एक जनसभा में राज्य के राजनीतिक भविष्य को लेकर बड़ा दावा किया। उन्होंने कहा कि इस बार पश्चिम बंगाल में बदलाव की लहर साफ दिखाई दे रही है और जनता परिवर्तन के मूड में है। अपने संबोधन में पीएम मोदी ने यह संकेत दिया कि उन्होंने राज्य के हालात और जनता के बीच जो माहौल महसूस किया है, उससे यह स्पष्ट होता है कि आने वाले समय में राजनीतिक तस्वीर बदल सकती है। उन्होंने यहां तक कहा कि यदि उनकी पार्टी को अवसर मिलता है, तो वे फिर से शपथ ग्रहण समारोह के लिए बंगाल आएंगे। प्रधानमंत्री ने पड़ोसी राज्यों का उदाहरण देते हुए कहा कि जिस तरह ओडिशा और बिहार में राजनीतिक बदलाव देखने को मिला है, उसी तरह पश्चिम बंगाल भी उसी दिशा में आगे बढ़ रहा है। उनके अनुसार पूर्वी भारत का विकास देश की समग्र प्रगति के लिए बेहद जरूरी है। रैली में उन्होंने राज्य की मौजूदा व्यवस्था पर भी सवाल उठाए और कहा कि विकास की गति कई क्षेत्रों में प्रभावित हुई है। उन्होंने यह भी कहा कि जनता अब एक ऐसी सरकार चाहती है जो स्थिरता और विकास को प्राथमिकता दे। प्रधानमंत्री ने यह भी उल्लेख किया कि पश्चिम बंगाल का ऐतिहासिक महत्व बहुत बड़ा है और यह राज्य देश की प्रगति में अहम भूमिका निभा सकता है, बशर्ते यहां मजबूत और विकास-उन्मुख नेतृत्व हो। अपने भाषण में उन्होंने संकेत दिया कि आने वाले समय में राजनीतिक समीकरण बदल सकते हैं और राज्य में एक नई शुरुआत हो सकती है। उनके इस बयान के बाद राजनीतिक माहौल और अधिक सक्रिय हो गया है। यह रैली पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक अहम संदेश के रूप में देखी जा रही है, जहां सभी की नजरें अब आगे आने वाले राजनीतिक घटनाक्रमों पर टिकी हैं।

ट्रैक्टर लेकर विधानसभा पहुंचे कांग्रेस MLA, पुलिस से झूमाझटकी, 'नारी शक्ति वंदन’ पर गरमाई बहस

भोपाल। मध्य प्रदेश विधानसभा के विशेष सत्र के दौरान सोमवार को ‘नारी शक्ति वंदन’ विषय पर चर्चा के बीच जमकर हंगामा देखने को मिला। सदन के भीतर तीखी बहस हुई, जबकि बाहर कांग्रेस विधायक के ट्रैक्टर लेकर पहुंचने की कोशिश ने माहौल और गरमा दिया। हंगामे के चलते कांग्रेस विधायकों ने वॉकआउट भी किया। ट्रैक्टर लेकर पहुंचे विधायक, पुलिस से हुई बहसकांग्रेस विधायक अभिजीत शाह ट्रैक्टर-ट्रॉली लेकर विधानसभा जाने के लिए निकले थे, लेकिन मंत्रालय के पास पुलिस ने बैरिकेडिंग कर उन्हें रोक दिया। शाह का कहना था कि उन्होंने ट्रैक्टर के लिए पास बनवाया था, जबकि पुलिस अधिकारियों ने साफ कहा कि ट्रैक्टर को अंदर ले जाने की अनुमति नहीं है। इसी बात को लेकर दोनों पक्षों के बीच तीखी बहस हुई और स्थिति धक्का-मुक्की तक पहुंच गई। बाद में विधायक गेहूं का गठ्ठा लेकर विधानसभा पहुंचे, जो विरोध का प्रतीक बना। सदन में ‘नारी शक्ति वंदन’ पर तीखी बहसविधानसभा के अंदर ‘नारी शक्ति वंदन’ को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष आमने-सामने आ गए। कांग्रेस विधायक राजेंद्र सिंह ने कहा कि महिला आरक्षण बिल राजनीतिक कारणों से लाया गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी से मुकाबला नहीं कर पाने के कारण यह कदम उठाया गया। महिलाओं की उम्मीदों से खिलवाड़मंत्री कृष्णा गौर ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि संसद में बिल पास न होने से महिलाओं को बड़ा झटका लगा है। उन्होंने कहा कि महिलाओं को उम्मीद थी कि उनकी राजनीतिक भागीदारी बढ़ेगी, लेकिन कांग्रेस और विपक्ष ने उनकी उम्मीदें तोड़ दीं। उन्होंने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने महिलाओं को अधिकार देने का प्रयास किया, लेकिन विपक्ष ने इसका विरोध किया। परिसीमन पर विपक्ष के सवाल, वॉकआउटकांग्रेस विधायक नितेंद्र सिंह राठौर ने कहा कि यदि महिलाओं को अधिकार देना है तो परिसीमन का इंतजार क्यों किया जा रहा है। उन्होंने मांग की कि आरक्षण तुरंत लागू किया जाए। इसी मुद्दे को लेकर कांग्रेस विधायकों ने सदन से वॉकआउट कर दिया और इसे “दिखावा” बताया। इतिहास पर भी छिड़ी बहसकांग्रेस विधायक राजेन्द्र कुमार सिंह ने कहा कि पहले भी महिला आरक्षण को लेकर पहल की गई थी। इस पर संसदीय कार्य मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने सवाल उठाते हुए उस दावे को चुनौती दी। इसके बाद दोनों पक्षों के बीच ऐतिहासिक तथ्यों को लेकर भी तीखी बहस हुई। महिलाओं के मुद्दे पर आरोप-प्रत्यारोप तेजपूर्व मंत्री अर्चना चिटनिस ने कांग्रेस पर आरोप लगाया कि उनकी सोच महिलाओं को आगे बढ़ाने की नहीं रही। उन्होंने कहा कि महिलाएं हर तीसरी सीट पर प्रतिनिधित्व की उम्मीद कर रही थीं, लेकिन उन्हें निराशा मिली। वहीं हेमंत खंडेलवाल ने कहा कि आरक्षण परिसीमन के साथ ही लागू होगा, ताकि जनसंख्या के अनुसार संतुलित प्रतिनिधित्व मिल सके। उन्होंने यह भी बताया कि सरकार की योजनाओं से बेटियों की स्थिति में सुधार हुआ है और कई योजनाओं का लाभ लाखों को मिला है। तुरंत आरक्षण लागू करने की मांगकांग्रेस विधायक झूमा सोलंकी ने मांग की कि मौजूदा सीटों पर ही महिलाओं को आरक्षण दिया जाए। उन्होंने “कोटे में कोटा” की भी वकालत की, ताकि अनुसूचित जाति, जनजाति और ओबीसी वर्ग की महिलाओं को भी उचित प्रतिनिधित्व मिल सके। उन्होंने कहा कि परिसीमन और जनगणना जैसी प्रक्रियाओं के नाम पर महिलाओं को इंतजार नहीं कराया जाना चाहिए।

वाराणसी में विकास परियोजनाओं का बड़ा ऐलान, पीएम दौरे को लेकर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी

नई दिल्ली। वाराणसी इन दिनों एक बड़े प्रशासनिक और विकासात्मक आयोजन की तैयारियों का केंद्र बना हुआ है, जहां प्रधानमंत्री के प्रस्तावित दो दिवसीय दौरे को लेकर पूरे शहर में गतिविधियां तेज हो गई हैं। यह दौरा न केवल राजनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है, बल्कि इसमें शामिल विकास परियोजनाओं के कारण स्थानीय स्तर पर भी बड़े बदलाव की उम्मीद जताई जा रही है। दौरे के दौरान कई महत्वपूर्ण विकास कार्यों का लोकार्पण और शिलान्यास किया जाएगा, जिनका कुल मूल्य हजारों करोड़ रुपये बताया जा रहा है। इन परियोजनाओं में सड़क, पुल, शहरी ढांचे और सार्वजनिक सुविधाओं से जुड़े कई बड़े कार्य शामिल हैं, जिनका उद्देश्य शहर की कनेक्टिविटी और जीवन स्तर को बेहतर बनाना है। स्थानीय प्रशासन ने बताया है कि इस पूरे दौरे को सफल बनाने के लिए व्यापक तैयारियां की जा रही हैं। विभिन्न विभाग लगातार कार्यों की निगरानी कर रहे हैं ताकि किसी भी स्तर पर कोई कमी न रह जाए। शहर के प्रमुख मार्गों और आयोजन स्थलों पर विशेष व्यवस्था की जा रही है, जिससे कार्यक्रम सुचारू रूप से संपन्न हो सके। इस दौरे का एक प्रमुख आकर्षण जनभागीदारी भी होगा, जिसमें बड़ी संख्या में नागरिकों की उपस्थिति की संभावना जताई जा रही है। विशेष रूप से महिला सहभागिता को बढ़ावा देने के लिए अलग से कार्यक्रम तैयार किए गए हैं, जिससे सामाजिक समावेशन को भी मजबूती मिलेगी। सुरक्षा व्यवस्था को लेकर प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। आयोजन स्थल और आसपास के क्षेत्रों को कड़ी निगरानी में रखा जा रहा है। आधुनिक तकनीक से लैस निगरानी प्रणाली के साथ-साथ सुरक्षा बलों की तैनाती बड़े स्तर पर की गई है, ताकि किसी भी स्थिति से तुरंत निपटा जा सके। भीड़ प्रबंधन और यातायात नियंत्रण के लिए पूरे क्षेत्र को विभिन्न सेक्टरों में बांटा गया है। मार्गों पर बैरिकेडिंग की व्यवस्था की गई है और प्रवेश-निकास बिंदुओं को नियंत्रित तरीके से संचालित किया जाएगा। इससे कार्यक्रम के दौरान किसी प्रकार की अव्यवस्था की संभावना को कम किया जा सकेगा। महिला सुरक्षा को विशेष प्राथमिकता दी गई है, जिसके तहत सुरक्षा व्यवस्था में महिला कर्मियों की बड़ी भागीदारी सुनिश्चित की गई है। आयोजन स्थल के अंदरूनी हिस्सों की जिम्मेदारी विशेष रूप से महिला सुरक्षा बल को सौंपी गई है, जबकि बाहरी सुरक्षा की निगरानी अन्य बलों द्वारा की जाएगी। इसके साथ ही आपात स्थिति से निपटने के लिए विशेष सुरक्षा टीमें भी तैनात की गई हैं, जो हर परिस्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। प्रशासन का मानना है कि यह दौरा शहर के विकास में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित होगा और आने वाले समय में इन परियोजनाओं का प्रभाव आम जनता के जीवन पर स्पष्ट रूप से दिखाई देगा।

भारत-न्यूजीलैंड व्यापार सहयोग मजबूत, निवेश और सेवाओं के क्षेत्र में खुले नए अवसर..

नई दिल्ली। भारत और न्यूजीलैंड के बीच आर्थिक सहयोग को नई दिशा देने के लिए एक महत्वपूर्ण समझौता हुआ है, जिसे दोनों देशों के व्यापारिक रिश्तों में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। इस समझौते का मुख्य उद्देश्य व्यापार को आसान बनाना और निवेश के नए रास्ते खोलना है, जिससे दोनों देशों की अर्थव्यवस्था को लाभ मिल सके। इस पहल के तहत यह तय किया गया है कि व्यापारिक प्रक्रियाओं को अधिक सरल और प्रभावी बनाया जाएगा, ताकि कंपनियों को एक-दूसरे के बाजारों तक पहुंचने में किसी तरह की कठिनाई का सामना न करना पड़े। इससे निर्यात और आयात दोनों क्षेत्रों में तेजी आने की उम्मीद है। भारत और न्यूजीलैंड के मौजूदा व्यापारिक संबंध पहले से ही मजबूत हैं, लेकिन इस नए समझौते के बाद इनके और विस्तार की संभावना बढ़ गई है। खासतौर पर सेवा क्षेत्र और तकनीकी उद्योगों में नए अवसर खुलने की उम्मीद जताई जा रही है। इस साझेदारी में केवल वस्तुओं का व्यापार ही नहीं, बल्कि सेवाओं के क्षेत्र को भी प्राथमिकता दी गई है। आईटी, शिक्षा, वित्तीय सेवाएं और पेशेवर सेवाओं जैसे क्षेत्रों में भारतीय कंपनियों के लिए नए बाजार खुल सकते हैं। साथ ही निवेश को बढ़ावा देने पर भी विशेष जोर दिया गया है, जिससे दोनों देशों में नए उद्योग स्थापित हो सकते हैं और रोजगार के अवसर बढ़ सकते हैं। यह आर्थिक सहयोग दीर्घकालिक विकास को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। लोगों के बीच संपर्क और यात्रा सुविधाओं को बेहतर बनाने पर भी ध्यान दिया गया है, ताकि व्यापार के साथ-साथ सांस्कृतिक और सामाजिक संबंध भी मजबूत हो सकें। इससे दोनों देशों के बीच भरोसा और सहयोग और गहरा होगा। न्यूजीलैंड में रहने वाले भारतीय समुदाय को भी इस साझेदारी में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाला माना जा रहा है, जो व्यापार और निवेश को आगे बढ़ाने में सेतु का काम कर सकता है। यह समझौता भारत और न्यूजीलैंड के बीच आर्थिक संबंधों को और मजबूत बनाने की दिशा में एक अहम कदम है, जिससे आने वाले समय में दोनों देशों को व्यापार और निवेश के क्षेत्र में बड़ा फायदा मिलने की उम्मीद है।