Chambalkichugli.com

global diplomacy: भारत-इक्वाडोर रिश्तों में नई ऊर्जा ,जयशंकर-सोमरफेल्ड मुलाकात से सहयोग के कई दरवाजे खुले

   global diplomacy: नई दिल्ली । नई दिल्ली में भारत और इक्वाडोर के बीच कूटनीतिक संबंधों को नई मजबूती देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम तब देखने को मिला जब विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने इक्वाडोर की विदेश मंत्री गैब्रिएला सोमरफेल्ड से मुलाकात की। इस मुलाकात ने दोनों देशों के बीच सहयोग के नए आयाम खोल दिए हैं और संकेत दिया है कि आने वाले समय में यह साझेदारी और अधिक व्यापक और प्रभावी रूप ले सकती है। बैठक के दौरान दोनों नेताओं ने व्यापार कृषि स्वास्थ्य डिजिटल तकनीक और कैपेसिटी बिल्डिंग जैसे कई अहम क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर गहन चर्चा की। यह केवल पारंपरिक कूटनीतिक बातचीत नहीं थी बल्कि एक ऐसी रणनीतिक पहल थी जो दोनों देशों को आर्थिक और तकनीकी रूप से करीब लाने का मार्ग प्रशस्त करती है। भारत जहां तेजी से उभरती वैश्विक अर्थव्यवस्था के रूप में अपनी पहचान मजबूत कर रहा है वहीं इक्वाडोर जैसे दक्षिण अमेरिकी देश के साथ सहयोग उसके वैश्विक प्रभाव को और विस्तार देगा। इस मुलाकात की एक खास बात यह भी रही कि इक्वाडोर ने भारत की अगुवाई वाले अंतरराष्ट्रीय प्रयासों में शामिल होने की इच्छा जताई है। विशेष रूप से इंटरनेशनल सोलर अलायंस और इंटरनेशनल बिग कैट अलायंस में शामिल होने की प्रक्रिया शुरू करना यह दर्शाता है कि इक्वाडोर भारत के नेतृत्व और उसकी पहलों पर भरोसा जता रहा है। इसके अलावा इक्वाडोर पहले से ही कोएलिशन फॉर डिजास्टर रेजिलिएंट इंफ्रास्ट्रक्चर का सदस्य है जो दोनों देशों के बीच आपदा प्रबंधन और सतत विकास के क्षेत्र में सहयोग को और मजबूत करता है। इस दौरान एक और महत्वपूर्ण घोषणा क्विक इम्पैक्ट प्रोजेक्ट्स के लिए फंडिंग समझौते को लेकर की गई। यह समझौता विकास सहयोग को जमीनी स्तर तक ले जाने में अहम भूमिका निभाएगा और छोटे लेकिन प्रभावी प्रोजेक्ट्स के जरिए आम जनता तक इसका सीधा लाभ पहुंचेगा। यह पहल दोनों देशों के रिश्तों को केवल कागजी समझौतों तक सीमित नहीं रखेगी बल्कि इसे व्यावहारिक और परिणामोन्मुख बनाएगी। MP Pension Scheme: हर जरूरतमंद तक सम्मान के साथ मदद मुख्यमंत्री मोहन यादव ने 33 लाख हितग्राहियों को 200 करोड़ से ज्यादा पेंशन ट्रांसफर की इक्वाडोर की विदेश मंत्री ने अपने दौरे के दौरान राजघाट पहुंचकर महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि अर्पित की जो भारत की सांस्कृतिक और ऐतिहासिक विरासत के प्रति उनके सम्मान को दर्शाता है। यह प्रतीकात्मक कदम दोनों देशों के बीच सांस्कृतिक जुड़ाव को भी मजबूत करता है। पिछले कुछ समय से भारत और इक्वाडोर के बीच संबंधों में लगातार प्रगति देखने को मिल रही है। हाल ही में दोनों देशों के बीच कृषि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस साइबर सिक्योरिटी शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे क्षेत्रों में सहयोग को बढ़ाने पर भी चर्चा हुई थी। साथ ही क्विटो में भारत की रेजिडेंट एम्बेसी का उद्घाटन इस बात का प्रमाण है कि भारत दक्षिण अमेरिका में अपनी कूटनीतिक मौजूदगी को और सशक्त बना रहा है। यह पूरी पहल केवल द्विपक्षीय संबंधों तक सीमित नहीं है बल्कि वैश्विक स्तर पर भारत की बढ़ती भूमिका और प्रभाव को भी दर्शाती है। जिस तरह से दोनों देश बहुपक्षीय मंचों पर मिलकर काम करने की बात कर रहे हैं उससे यह साफ है कि आने वाले समय में भारत और इक्वाडोर की साझेदारी अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भी अहम भूमिका निभा सकती है।

uae exit opec: क्या है OPEC और क्यों इससे अलग हो रहा UAE, समझें तेल की दुनिया का बड़ा खेल

uae exit opec: नई दिल्ली । नई दिल्ली में वैश्विक तेल बाजार को लेकर एक बड़ी हलचल देखने को मिल रही है जब संयुक्त अरब अमीरात ने तेल उत्पादक देशों के संगठन ओपेक से खुद को अलग करने का ऐलान कर दिया है 1 मई से यूएई इस संगठन का हिस्सा नहीं रहेगा इस फैसले ने अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा बाजार और कूटनीतिक समीकरणों को लेकर नई बहस छेड़ दी है ओपेक दरअसल दुनिया के प्रमुख तेल उत्पादक देशों का एक अंतर सरकारी संगठन है जिसकी स्थापना 14 सितंबर 1960 को बगदाद में की गई थी इसका उद्देश्य वैश्विक तेल बाजार में स्थिरता बनाए रखना और सदस्य देशों के बीच उत्पादन तथा कीमतों को संतुलित रखना है शुरुआत में इसमें पांच देश शामिल थे जिनमें ईरान इराक कुवैत सऊदी अरब और वेनेजुएला शामिल थे समय के साथ यह संगठन विस्तार पाकर करीब 12 देशों तक पहुंच गया ओपेक की खासियत यह है कि इसके सदस्य देश मिलकर तय करते हैं कि बाजार में कितना तेल उत्पादन होगा ताकि कीमतें संतुलित रहें अगर उत्पादन ज्यादा होता है तो कीमतें गिरती हैं और कम उत्पादन से कीमतें बढ़ जाती हैं ऐसे में ओपेक वैश्विक तेल कीमतों को प्रभावित करने वाला एक महत्वपूर्ण मंच माना जाता है यूएई के इस फैसले के पीछे कई वजहें बताई जा रही हैं पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और खासकर ईरान के साथ टकराव के बाद खाड़ी देशों के बीच रणनीतिक मतभेद सामने आए हैं इसके अलावा यूएई लंबे समय से अपने तेल उत्पादन को बढ़ाना चाहता है जबकि ओपेक के अंदर खासकर सऊदी अरब उत्पादन को सीमित रखने की नीति पर जोर देता रहा है Rajendra Shukla: मॉनिटरिंग में ढिलाई नहीं चलेगी ,रीवा की जल और सीवरेज योजनाओं पर ,उप मुख्यमंत्री का बड़ा एक्शन यूएई ओपेक का तीसरा सबसे बड़ा तेल उत्पादक देश रहा है लेकिन कोटा सिस्टम के कारण वह अपनी पूरी क्षमता के अनुसार उत्पादन नहीं कर पा रहा था ऐसे में संगठन से बाहर होने के बाद अब उसे अपनी रणनीति के अनुसार उत्पादन और निर्यात बढ़ाने की स्वतंत्रता मिल जाएगी इस फैसले का असर वैश्विक बाजार पर भी पड़ना तय माना जा रहा है विशेषज्ञों का मानना है कि अगर यूएई उत्पादन बढ़ाता है तो बाजार में तेल की सप्लाई बढ़ेगी और कीमतों में गिरावट आ सकती है इसका सीधा फायदा भारत जैसे देशों को मिल सकता है जो बड़ी मात्रा में तेल आयात करते हैं सस्ती कीमतों पर तेल मिलने से महंगाई पर भी नियंत्रण संभव है हालांकि इस कदम से ओपेक की एकजुटता और खासकर सऊदी अरब की नेतृत्व भूमिका कमजोर हो सकती है साथ ही बाजार में अस्थिरता बढ़ने की आशंका भी जताई जा रही है ओपेक के अलावा ओपेक प्लस नाम का एक व्यापक समूह भी है जिसमें रूस सहित कई अन्य देश शामिल हैं जो मिलकर तेल उत्पादन पर प्रभाव डालते हैं ऐसे में यूएई का यह कदम आने वाले समय में वैश्विक ऊर्जा संतुलन को किस दिशा में ले जाएगा यह देखना अहम होगा

ANGANWADI RECRUITMENT SCAM: रानी की जगह रजनी और पूजा की जगह पूनम को दे दी नौकरी, गुना आँगनवाड़ी भर्ती में हुआ बड़ा फर्जीवाड़ा

ANGANWADI RECRUITMENT SCAM

HIGHLIGHTS : आंगनवाड़ी भर्ती में नाम बदलकर फर्जीवाड़ा मेरिट में चयनित महिलाओं को नहीं मिला हक बाबू ने फाइलों में नाम बदलकर किया खेल आरोपी कर्मचारी सस्पेंड, FIR के निर्देश पीड़िता को जनसुनवाई में मिला नियुक्ति पत्र   ANGANWADI RECRUITMENT SCAM: मध्यप्रदेश। गुना कलेक्ट्रेट में आयोजित जनसुनवाई के दौरान आंगनवाड़ी सहायिका भर्ती में बड़े फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ। बता दें कि राघौगढ़ और मधुसूदनगढ़ परियोजनाओं में मेरिट में चयनित महिलाओं की जगह अपात्र लोगों को लाभ पहुंचाने के लिए सरकारी फाइलों में नाम बदल दिए गए। कुंडी खोलने की कोशिश पड़ी भारी ,जाली में फंसा हाथ ,रात भर तड़पता रहा चोर पीड़िता की शिकायत से सामने आई सच्चाई मामला तब सामने आया जब पीड़ित रानी सेन जनसुनवाई में पहुंचीं। उन्होंने बताया कि मेरिट में चयन होने के बावजूद उन्हें नियुक्ति पत्र नहीं मिला। विभाग में पूछताछ करने पर उन्हें गुमराह किया गया और एक बाहरी व्यक्ति ने पैसे लेकर नियुक्ति दिलाने का झांसा भी दिया। विंध्य के विकास को मिलेगी नई गति उपाध्यक्ष बने डॉ पटेल को उप मुख्यमंत्री का आशीर्वाद फाइलों में नाम बदलने का खेल जांच में सामने आया कि सहायक ग्रेड-3 कर्मचारी विजय कुमार मेहरा ने रिकॉर्ड में हेरफेर किया। चयन सूची में पूजा कुशवाह का नाम बदलकर पूनम कुशवाह और रानी सेन की जगह रजनी सेन लिखकर फर्जी तरीके से अनुमोदन लेने की कोशिश की गई। जिसके बाद कलेक्टर किशोर कन्याल ने इसे जानबूझकर किया गया अपराध बताया। साबरकांठा में भीषण सड़क हादसा लग्जरी बस की टक्कर से 8 जिंदगियां खत्म कई घायल बाबू को किया सस्पेंड मामले की गंभीरता को देखते हुए आरोपी कर्मचारी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। साथ ही दलालों और अन्य संलिप्त लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही पीड़ित महिला को मौके पर ही नियुक्ति पत्र सौंप दिया गया। अमेरिका में बड़ा कानूनी एक्शन, पूर्व FBI निदेशक जेम्स कोमी पर ट्रंप को धमकी देने का केस नियमों की अनदेखी भी आई सामने जांच में यह भी सामने आया कि निलंबित कर्मचारी ने अनुकंपा नियुक्ति की शर्तों का पालन नहीं किया था और CPCT परीक्षा पास नहीं की। गौरतलब है कि कई नोटिस के बावजूद भी लापरवाही बरतने पर उसके खिलाफ कार्रवाई की गई है।  

foreign investment india: भारत न्यूजीलैंड एफटीए से खुलेगा व्यापार का नया दौर ; निर्यात निवेश और रोजगार को मिलेगा बड़ा बूस्ट

   foreign investment india:  नई दिल्ली । नई दिल्ली में केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने भारत और न्यूजीलैंड के बीच हुए मुक्त व्यापार समझौते को एक ऐतिहासिक कदम बताते हुए कहा है कि यह समझौता आने वाले समय में देश की अर्थव्यवस्था को नई दिशा देगा उन्होंने स्पष्ट किया कि यह करार केवल वस्तुओं और सेवाओं के व्यापार तक सीमित नहीं है बल्कि इससे कई नए क्षेत्रों में व्यापक संभावनाएं खुलेंगी मंत्री के अनुसार इस एफटीए के तहत भारत से न्यूजीलैंड निर्यात होने वाले अधिकांश उत्पादों पर अब शून्य शुल्क लागू होगा इससे भारतीय कंपनियों को अंतरराष्ट्रीय बाजार में प्रतिस्पर्धात्मक बढ़त मिलेगी और निर्यात में तेजी आएगी खासतौर पर छोटे और मध्यम उद्यमों को इससे बड़ा फायदा मिलने की उम्मीद जताई जा रही है पीयूष गोयल ने बताया कि इस समझौते के जरिए न्यूजीलैंड का बाजार भारत के लिए करीब 140 सेवा क्षेत्रों में खुल गया है इसमें शिक्षा खेल संस्कृति कृषि उत्पादकता और तकनीकी सहयोग जैसे महत्वपूर्ण सेक्टर शामिल हैं उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच बौद्धिक संपदा और पारंपरिक चिकित्सा विशेष रूप से आयुष से जुड़े क्षेत्रों में भी सहयोग को बढ़ावा मिलेगा कटनी के DAV स्कूल में भीषण आग कंप्यूटर लैब खाक सुरक्षा इंतजामों पर उठे गंभीर सवाल फार्मास्यूटिकल सेक्टर को लेकर उन्होंने इसे बेहद अहम करार दिया मंत्री ने बताया कि यदि भारत में बनी कोई दवा पहले से अमेरिका या यूरोप जैसे विकसित देशों में स्वीकृत है तो न्यूजीलैंड में उसे तेज प्रक्रिया के जरिए मंजूरी मिल सकेगी इससे भारतीय दवा कंपनियों के लिए वैश्विक बाजार में प्रवेश आसान होगा और उनकी पहुंच मजबूत होगी निवेश के क्षेत्र में भी इस समझौते को गेम चेंजर माना जा रहा है मंत्री के अनुसार पिछले 25 वर्षों में न्यूजीलैंड ने भारत में करीब 70 मिलियन डॉलर का निवेश किया है लेकिन अब अगले 15 वर्षों में लगभग 20 बिलियन डॉलर का निवेश करने की योजना बनाई जा रही है यह निवेश देश में उद्योगों के विस्तार और रोजगार सृजन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा उन्होंने यह भी बताया कि इस समझौते को जल्द ही न्यूजीलैंड की संसद में पेश किया जाएगा जहां इसे सत्तारूढ़ और विपक्षी दलों का समर्थन मिल रहा है ऐसे में उम्मीद जताई जा रही है कि इसे मंजूरी मिलने के बाद इस वर्ष के अंत तक लागू कर दिया जाएगा पीयूष गोयल ने कहा कि यह एफटीए भारत के विकसित भारत 2047 के लक्ष्य को हासिल करने में अहम भूमिका निभाएगा और अमृत काल के दौरान देश की आर्थिक प्रगति को नई गति प्रदान करेगा उन्होंने भरोसा जताया कि यह समझौता दोनों देशों के बीच संबंधों को और मजबूत करेगा और व्यापारिक साझेदारी को नए आयाम देगा

Trump threat allegation: अमेरिका में बड़ा कानूनी एक्शन, पूर्व FBI निदेशक जेम्स कोमी पर ट्रंप को धमकी देने का केस

Trump threat allegation: नई दिल्ली । संयुक्त राज्य अमेरिका में एक हाई प्रोफाइल कानूनी मामले ने राजनीतिक और सुरक्षा हलकों में हलचल मचा दी है जहां पूर्व एफबीआई निदेशक जेम्स कोमी के खिलाफ संघीय स्तर पर आरोप तय किए गए हैं आरोप है कि उन्होंने अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को नुकसान पहुंचाने की धमकी दी मामला नॉर्थ कैरोलिना के ईस्टर्न डिस्ट्रिक्ट में फेडरल ग्रैंड जूरी के समक्ष पेश किया गया जहां अभियोजन पक्ष ने दावा किया कि 15 मई 2025 को कोमी ने जानबूझकर ऐसी गतिविधि की जो राष्ट्रपति की सुरक्षा के लिए खतरा मानी जा सकती है आरोपों में यह भी शामिल है कि उन्होंने एक राज्य से दूसरे राज्य तक कथित तौर पर धमकी भरा संदेश भेजा इस पूरे विवाद की जड़ एक सोशल मीडिया पोस्ट बताई जा रही है जिसमें इंस्टाग्राम पर सीपियों को 86 47 के रूप में सजाया गया था अधिकारियों का मानना है कि इस तरह का संकेत आमतौर पर हिंसक इरादों या किसी को खत्म करने के संदर्भ में समझा जा सकता है और इसे राष्ट्रपति के खिलाफ संभावित खतरे के रूप में देखा गया MP Pension Scheme: हर जरूरतमंद तक सम्मान के साथ मदद मुख्यमंत्री मोहन यादव ने 33 लाख हितग्राहियों को 200 करोड़ से ज्यादा पेंशन ट्रांसफर की कार्यवाहक अटॉर्नी जनरल टॉड ब्लैंच ने कहा कि यह मामला किसी तात्कालिक प्रतिक्रिया का परिणाम नहीं बल्कि कई महीनों की गहन जांच के बाद सामने आया है उन्होंने स्पष्ट किया कि राष्ट्रपति की सुरक्षा से जुड़ी किसी भी तरह की धमकी को बेहद गंभीरता से लिया जाता है और कानून के तहत सख्त कार्रवाई की जाती है एफबीआई निदेशक काश पटेल ने भी इस मामले में एजेंसी की भूमिका को स्पष्ट करते हुए कहा कि जांच पूरी तरह मानक प्रक्रिया के तहत की गई और हर पहलू की बारीकी से जांच की गई उन्होंने बताया कि संबंधित पोस्ट को बाद में हटा दिया गया था और कोमी ने इसके लिए माफी भी मांगी थी वहीं अमेरिकी अटॉर्नी एलिस बॉयल ने कहा कि कानून सभी के लिए समान है चाहे व्यक्ति कितना भी प्रभावशाली पद पर क्यों न रहा हो अगर कानून का उल्लंघन होता है तो कार्रवाई तय है उन्होंने यह भी जोड़ा कि ऐसे मामलों में सबूतों और गवाहों के आधार पर अदालत में आरोप सिद्ध किए जाते हैं कानूनी विशेषज्ञों के अनुसार यदि कोमी पर लगे आरोप अदालत में साबित हो जाते हैं तो उन्हें अधिकतम 10 साल तक की सजा हो सकती है हालांकि अमेरिकी न्याय प्रणाली के तहत जब तक अदालत दोष साबित नहीं करती तब तक आरोपी को निर्दोष माना जाता है यह मामला ऐसे समय सामने आया है जब अमेरिका में सार्वजनिक पदों पर बैठे नेताओं के खिलाफ धमकियों को लेकर संवेदनशीलता बढ़ी है और सुरक्षा एजेंसियां किसी भी संभावित खतरे को लेकर सतर्क हैं आने वाले समय में अदालत की कार्यवाही और सबूतों के आधार पर इस मामले की दिशा तय होगी

Sabarkantha crash: साबरकांठा में भीषण सड़क हादसा लग्जरी बस की टक्कर से 8 जिंदगियां खत्म कई घायल

  Sabarkantha crash: साबरकांठा । गुजरात के साबरकांठा जिला में बुधवार को एक भयावह सड़क हादसे ने कई परिवारों की खुशियां छीन लीं राष्ट्रीय राजमार्ग पर तेज रफ्तार लग्जरी बस और कार के बीच हुई जोरदार टक्कर में 7 महिलाओं समेत 8 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई जबकि कई अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए इस हादसे के बाद पूरे इलाके में चीख पुकार और अफरा तफरी का माहौल बन गया यह दर्दनाक दुर्घटना हिम्मतनगर के पास जसवंतगढ़ पाटिया के समीप राष्ट्रीय राजमार्ग 48 पर हुई जहां शामलाजी से हिम्मतनगर की ओर जा रही एक निजी बस ने आगे चल रही कार को पीछे से जोरदार टक्कर मार दी टक्कर इतनी भीषण थी कि कार के परखच्चे उड़ गए और उसमें सवार लोगों को संभलने का मौका तक नहीं मिला हादसे में जिन लोगों की मौत हुई उनमें ज्यादातर महिलाएं शामिल थीं मृतकों में नायक अंजू बेन भोई नीता बेन नायक मीनाक्षी बेन पटेल कामिनी बेन नायक कंचन बेन प्रजापति नीता बेन गोस्वामी रेखा बेन और कार चालक रावल अनिल कुमार शामिल हैं बताया जा रहा है कि ये सभी एक कैटरिंग टीम का हिस्सा थे और अरावली जिले के मोडासा से हिम्मतनगर के हुंज गांव में एक सामाजिक कार्यक्रम में शामिल होने जा रहे थे ट्रैक्टर रैली के बाद रुका आंदोलन पर खत्म नहीं हुआ गुस्सा किसान बोले कागज पर भरोसा चाहिए हादसे के तुरंत बाद स्थानीय लोग और राहगीर मदद के लिए दौड़ पड़े घायलों को तत्काल 108 एंबुलेंस की मदद से हिम्मतनगर सिविल अस्पताल और गंभोई अस्पताल में भर्ती कराया गया जहां कई की हालत गंभीर बनी हुई है घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची और राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया गया पुलिस अधिकारियों के अनुसार प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि बस तेज रफ्तार में थी और चालक ने नियंत्रण खो दिया जिसके कारण यह हादसा हुआ पुलिस उपाधीक्षक ए के पटेल ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है और सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए कार्रवाई की जाएगी हादसे के बाद अस्पताल परिसर में मृतकों के परिजनों और स्थानीय लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी अपने प्रियजनों को खोने का दर्द हर चेहरे पर साफ नजर आ रहा था माहौल पूरी तरह गमगीन हो गया है यह हादसा एक बार फिर तेज रफ्तार और लापरवाही से वाहन चलाने के खतरनाक परिणामों की ओर इशारा करता है जरूरत है कि सड़क सुरक्षा नियमों का सख्ती से पालन किया जाए ताकि इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके फिलहाल पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया है वहीं घायलों के इलाज का सिलसिला जारी है प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे सावधानीपूर्वक वाहन चलाएं और यातायात नियमों का पालन करें

MP land encroachment case: जहां बहता था पानी वहां बस गई कॉलोनियां नहर पर कब्जे ने खड़ा किया बड़ा सवाल

MP land encroachment case: विदिशा । मध्य प्रदेश के विदिशा से सामने आया एक मामला इन दिनों प्रशासनिक व्यवस्था और राजनीतिक तंत्र दोनों पर सवाल खड़े कर रहा है यहां दशकों पुरानी एक सिंचाई नहर का अस्तित्व लगभग खत्म हो चुका है और जहां कभी किसानों के खेतों तक पानी पहुंचता था वहां अब कंक्रीट की कॉलोनियां खड़ी नजर आ रही हैं इस पूरे घटनाक्रम ने न केवल किसानों की चिंता बढ़ाई है बल्कि सियासत को भी गरमा दिया है दरअसल दौलतपुरा और मदनखेड़ा इलाके में वर्षों पहले उद्वहन सिंचाई योजना के तहत एक नहर बनाई गई थी इस योजना का उद्देश्य था कि हर खेत तक पानी पहुंचे और किसानों की फसल सुरक्षित रहे लेकिन समय के साथ इस नहर की जमीन पर धीरे धीरे कब्जे होते चले गए और अब स्थिति यह है कि नहर का नामोनिशान तक मिटता जा रहा है स्थानीय लोगों का कहना है कि जहां कभी पानी बहता था वहां अब पक्के निर्माण हो चुके हैं और आलीशान कॉलोनियां बस गई हैं केवल एक जर्जर ढांचा बचा है जो इस बात की गवाही देता है कि यहां कभी सिंचाई व्यवस्था मौजूद थी बाकी जमीन पूरी तरह कब्जे में जा चुकी है कटनी के DAV स्कूल में भीषण आग कंप्यूटर लैब खाक सुरक्षा इंतजामों पर उठे गंभीर सवाल यह मामला अब राजनीतिक रंग भी ले चुका है क्योंकि यह वही क्षेत्र है जहां से केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान का संबंध है कांग्रेस ने इस मुद्दे को लेकर भाजपा पर तीखा हमला बोला है कांग्रेस प्रवक्ता आनंद जाट ने आरोप लगाया कि किसानों के हितों की बात करने वाले नेता के जिले में ही किसानों की नहर गायब हो गई और जिम्मेदारों को इसकी भनक तक नहीं लगी उन्होंने यह भी कहा कि भू माफियाओं ने नहर की जमीन पर कब्जा कर लिया है और भाजपा सरकार उन्हें संरक्षण दे रही है कांग्रेस ने प्रशासन से मांग की है कि तत्काल कार्रवाई कर कब्जा हटाया जाए और किसानों को उनका अधिकार वापस दिलाया जाए वहीं प्रशासन की ओर से कहा गया है कि यह मामला 40 से 50 साल पुराना है और पुराने दस्तावेजों को खंगालने में समय लग रहा है अधिकारियों के अनुसार जैसे जैसे रिकॉर्ड मिल रहे हैं उन्हें राजस्व विभाग को सौंपा जा रहा है ताकि आगे की कार्रवाई की जा सके MP Pension Scheme: हर जरूरतमंद तक सम्मान के साथ मदद मुख्यमंत्री मोहन यादव ने 33 लाख हितग्राहियों को 200 करोड़ से ज्यादा पेंशन ट्रांसफर की इस बीच राजस्व विभाग ने भी सक्रियता दिखाते हुए अब तक 11 लोगों को नोटिस जारी किए हैं जिन पर नहर की जमीन पर कब्जा करने का आरोप है तहसीलदार निधि लोधी ने बताया कि जांच जारी है और जल्द ही अवैध कब्जों को हटाने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी यह मामला केवल जमीन के कब्जे तक सीमित नहीं है बल्कि यह सवाल भी उठाता है कि सरकारी योजनाओं की निगरानी और संरक्षण कैसे किया जा रहा है यदि दशकों पुरानी एक महत्वपूर्ण सिंचाई व्यवस्था इस तरह खत्म हो सकती है तो अन्य योजनाओं की स्थिति क्या होगी अब सबकी नजरें इस बात पर टिकी हैं कि क्या प्रशासन इस नहर को कब्जामुक्त कर पाएगा और किसानों को उनका हक वापस मिल पाएगा या यह मामला भी केवल सियासी बयानबाजी और खबरों तक ही सीमित रह जाएगा

Gwalior crime news: कुंडी खोलने की कोशिश पड़ी भारी ,जाली में फंसा हाथ ,रात भर तड़पता रहा चोर

  Gwalior crime news: ग्वालियर । मध्य प्रदेश के ग्वालियर से एक बेहद अनोखी और हैरान कर देने वाली घटना सामने आई है जहां चोरी करने पहुंचे एक शातिर चोर की किस्मत ने ऐसा पलटा खाया कि वह खुद ही जाल में फंस गया और पूरी रात उसी हालत में खड़ा रहने को मजबूर हो गया यह घटना अब इलाके में चर्चा का विषय बनी हुई है और लोग इसे बदकिस्मती की मिसाल बता रहे हैं यह पूरा मामला शहर के महाराजपुरा थाना क्षेत्र के दीनदयाल नगर का है जहां मनोज कुशवाहा नाम का एक चोर निर्माणाधीन मकान में सरिया चोरी करने की नीयत से घुसा था देर रात जब वह मकान के अंदर पहुंचा तो उसने खिड़की की जाली के जरिए दरवाजा खोलने की कोशिश की लेकिन जैसे ही उसने अपना हाथ अंदर डाला वह जाली में बुरी तरह फंस गया शुरुआत में उसे लगा कि वह आसानी से हाथ निकाल लेगा लेकिन उसकी यह सोच जल्द ही गलत साबित हो गई उसने बार बार कोशिश की लेकिन हाथ बाहर नहीं निकल पाया धीरे धीरे उसकी परेशानी बढ़ती गई और हालत ऐसी हो गई कि उसे पूरी रात उसी स्थिति में खड़े रहना पड़ा रात भर दर्द और थकान से जूझते हुए चोर वहीं फंसा रहा और सुबह होने का इंतजार करता रहा सुबह जब मकान मालिक निर्माणाधीन घर पर पहुंचा तो सामने का नजारा देखकर वह हैरान रह गया उसने देखा कि एक व्यक्ति खिड़की की जाली में हाथ फंसाए खड़ा है और खुद को छुड़ाने की कोशिश कर रहा है मकान मालिक ने तुरंत पुलिस को सूचना दी जिसके बाद पुलिस टीम मौके पर पहुंची काफी मशक्कत के बाद पुलिस ने किसी तरह चोर का हाथ जाली से बाहर निकाला और उसे हिरासत में ले लिया पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी पहले भी इलाके में कई चोरी की वारदातों को अंजाम दे चुका है वह खासतौर पर निर्माणाधीन मकानों को निशाना बनाता था जहां से सरिया और अन्य सामान चोरी करता था पूछताछ के दौरान उसने कई घटनाओं को स्वीकार भी किया है फिलहाल पुलिस आरोपी से पूछताछ कर रही है और उसके द्वारा की गई अन्य चोरियों के बारे में जानकारी जुटाने के साथ साथ चोरी का सामान बरामद करने की कोशिश भी की जा रही है इस अजीब घटना के बाद पूरे इलाके में चर्चा का माहौल है लोग इसे लेकर तरह तरह की बातें कर रहे हैं कई लोग हंसी मजाक में कह रहे हैं कि चोरी करने गया था लेकिन खुद ही जाल में फंस गया यह घटना एक तरह से यह भी बताती है कि अपराध का अंत अक्सर बुरा ही होता है और कभी कभी हालात ऐसे बन जाते हैं कि अपराधी अपनी ही चाल में फंस जाता है फिलहाल पुलिस ने मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है

GUNA BOYFRIEND SUICIDE: शादीशुदा प्रेमी ने गर्लफ्रेंड की शादी होने पर खाया जहर, प्रेमिका के लिए पत्नी को छोड़ चुका था शख्स

GUNA CRIME NEWS

HIGHLIGHTS : गर्लफ्रेंड की शादी के दिन युवक ने खाया जहर 5 साल से चल रहा था प्रेम संबंध प्रेमिका के कहने पर पत्नी को छोड़ चुका था युवक जहर खाने के बाद खुद पहुंचा पुलिस चौकी इलाज के दौरान अस्पताल में हुई मौत   GUNA BOYFRIEND SUICIDE: ग्वालियर। मध्य प्रदेश के गुना जिले में 25 वर्षीय युवक प्रद्युम्न सिंह सहरिया ने अपनी गर्लफ्रेंड की शादी के दिन जहर खाकर जान दे दी। बताया जा रहा है कि युवक अपनी प्रेमिका की शादी बर्दाश्त नहीं कर पाया और हाईवे किनारे जाकर जहरीली गोलियां खा लीं। भोपाल में अतिथि शिक्षकों का बड़ा प्रदर्शन, वादों पर अमल न होने से नाराजगी, आंदोलन तेज करने की चेतावनी 5 साल से था रिलेशन परिजनों के अनुसार, शादी होने के बावजूद भी प्रद्युम्न का पिछले पांच साल से दूसरी युवती के साथ प्रेम संबंध था। युवती ने उससे पत्नी को छोड़ने की शर्त रखी थी, जिसके चलते उसने दो साल पहले अपनी पत्नी को छोड़ दिया था। फिर भी युवती ने उससे दूरी बना ली और बाद में कहीं और शादी तय कर ली। दलित आदिवासी और OBC के मुद्दे पर सरकार घिरी UCC पर नेता प्रतिपक्ष का बड़ा बयान जहर खाकर खुद पहुंचा पुलिस चौकी घटना के दिन युवक रूठियाई के पास नेशनल हाईवे किनारे पहुंचा और करीब 10 जहरीली गोलियां खा लीं। इसके बाद वह खुद ही पुलिस चौकी पहुंचा और अपनी हालत के बारे में बताया। जिसके बाद पुलिस ने तुरंत उसे जिला अस्पताल भिजवाया, जहां उसका इलाज शुरू हुआ। जल गंगा संवर्धन अभियान से शहडोल में जल क्रांति ,पुराने तालाब और स्रोतों को मिल रहा नया जीवन इलाज के दौरान हुई मौत बता दें कि इलाज के दौरान 29 अप्रैल की सुबह प्रद्युम्न की मौत हो गई। पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले की जांच शुरू कर दी है। वहीं, जिस दिन युवक की मौत हुई, उसी दिन उसकी प्रेमिका की शादी भी संपन्न हो गई। परिजनों ने मामले में कार्रवाई की मांग की है।

भोपाल में अतिथि शिक्षकों का बड़ा प्रदर्शन, वादों पर अमल न होने से नाराजगी, आंदोलन तेज करने की चेतावनी

भोपाल। अतिथि शिक्षक संयुक्त मोर्चा के बैनर तले प्रदेश के विभिन्न जिलों से पहुंचे हजारों अतिथि शिक्षकों ने बुधवार को राजधानी भोपाल में जोरदार प्रदर्शन किया। शिक्षकों ने सरकार पर चुनाव से पहले किए गए वादों को पूरा न करने का आरोप लगाया और लंबित मांगों को जल्द पूरा करने की मांग की। उन्होंने साफ कहा कि यदि समस्याओं का समाधान नहीं हुआ, तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा। प्रदेश अध्यक्ष सुनील सिंह परिहार ने कहा कि विधानसभा चुनाव से पहले सरकार ने गुरुजियों की तर्ज पर नीति लागू करने, सीधी भर्ती में बोनस अंक देने और वार्षिक अनुबंध के जरिए भविष्य सुरक्षित करने का आश्वासन दिया था, लेकिन अब तक इन पर कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। इससे शिक्षकों में गहरा असंतोष है। उन्होंने यह भी बताया कि केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया और पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भी अतिथि शिक्षकों को न्याय दिलाने की बात कही थी, लेकिन अब तक इस दिशा में कोई निर्णय सामने नहीं आया है। सरकार पर वादों से मुकरने का आरोप संगठन के वरिष्ठ पदाधिकारी रामचंद्र नागर और प्रदेश अध्यक्ष के.सी. पवार ने कहा कि सरकार वार्षिक अनुबंध लागू करने के अपने वादे से पीछे हटती नजर आ रही है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि 30 अप्रैल के बाद कोई निर्णय नहीं लिया गया, तो करीब सवा लाख अतिथि शिक्षकों के सामने बेरोजगारी का संकट खड़ा हो सकता है। उन्होंने यह भी मांग रखी कि सीधी भर्ती, प्रमोशन और ट्रांसफर से प्रभावित अनुभवी अतिथि शिक्षकों को रिक्त पदों पर प्राथमिकता के आधार पर समायोजित किया जाए। ई-अटेंडेंस और भुगतान में समस्याएं उठाईं प्रदेश सचिव रविकांत गुप्ता ने ई-अटेंडेंस प्रणाली में आ रही तकनीकी खामियों पर चिंता जताई। उनका कहना है कि कई बार तकनीकी कारणों से उपस्थिति दर्ज नहीं हो पाती, जिससे मानदेय कट जाता है। साथ ही कुछ मामलों में सितंबर महीने का भुगतान भी अभी तक लंबित है।भर्ती प्रक्रिया में अनुभव को लेकर उठे सवाल बी.एम. खान ने भर्ती प्रक्रिया में मौजूद विसंगतियों को लेकर सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि वर्ष 2008 से कार्यरत अतिथि शिक्षकों को उनके अनुभव का पूरा लाभ नहीं मिल रहा है। वर्तमान में स्कोर कार्ड में केवल 5 साल का अनुभव जोड़ा जा रहा है, जबकि इसे बढ़ाकर हर वर्ष 10 अंक (अधिकतम 100 अंक) किया जाना चाहिए। इसके अलावा 2008 और 2011 की पात्रता परीक्षाओं के अंक भी शामिल करने की मांग की गई। प्रांत अध्यक्ष तूफान शर्मा ने कहा कि अतिथि शिक्षक सभी आवश्यक योग्यताओं को पूरा करते हैं, इसलिए उनके अनुभव के आधार पर उन्हें न्याय मिलना चाहिए।मुख्य मांगें इस प्रकार हैं नियमितीकरण के लिए विशेष विभागीय पात्रता परीक्षा आयोजित कर कम से कम 30% पद अतिथि शिक्षकों के लिए आरक्षित किए जाएं। शिक्षक भर्ती में 50% पद अतिथि शिक्षकों के लिए तय हों, हर वर्ष 4 बोनस अंक (अधिकतम 20) दिए जाएं और पात्रता अंकों में 10% की छूट दी जाए। स्कोर कार्ड में हर वर्ष 10 अंक (अधिकतम 100) जोड़े जाएं और 50 दिन कार्य पूर्ण होने पर अनुभव अंक मिले, साथ ही 2011 संविदा परीक्षा के अंक भी जोड़े जाएं। 12 महीने का वार्षिक अनुबंध लागू किया जाए और कार्यमुक्त होने पर समायोजन सुनिश्चित किया जाए। बीमा, पीएफ, स्वास्थ्य सुविधाएं और 13 आकस्मिक व 3 ऐच्छिक अवकाश प्रदान किए जाएं। ई-अटेंडेंस प्रणाली में सुधार कर काटे गए मानदेय का शीघ्र भुगतान किया जाए। तकनीकी समस्या होने पर ऑफलाइन उपस्थिति को मान्यता दी जाए। पुराने आश्वासनों को लागू करने की मांग तेज प्रदेश अध्यक्ष सुनील सिंह परिहार ने कहा कि अतिथि शिक्षकों को लेकर पहले कई घोषणाएं की गई थीं और इस मुद्दे को राजनीतिक समर्थन भी मिला था। लेकिन अब उन वादों पर कोई कार्रवाई नहीं हो रही, जिससे शिक्षकों में नाराजगी लगातार बढ़ती जा रही है।