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कैबिनेट में विस्तार की अटकलें तेज… PM मोदी तैयार करा रहे हैं मंत्रियों के कामकाज का ब्योरा!

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) के नेतृत्व वाली सरकार के तीसरे कार्यकाल के दो साल अगले महीने पूरे होने जा रहे हैं। इसके बाद संभावित मंत्रिपरिषद विस्तार (Council of Ministers expansion) को लेकर अटकलें तेज हो गई हैं। इसकी एक वजह भाजपा (BJP) के नए संगठन की टीम का गठन होना भी शामिल है। कुछ नेताओं की संगठन और सरकार में अदला-बदली भी हो सकती है। इस बीच, मंत्रियों के कामकाज को लेकर भी ब्योरा तैयार किया जा रहा है और उनके संसदीय क्षेत्र एवं राज्य से उनके बारे में जानकारी ली जा रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के तीसरे कार्यकाल में अभी तक कोई विस्तार नहीं हुआ है। पिछले कार्यकाल में भी सरकार बनने के लगभग दो साल बाद ही पहला विस्तार हुआ था। ऐसे में, अब विस्तार को लेकर अटकलें तेज हो गई हैं। सूत्रों के अनुसार, भाजपा संगठन केंद्र सरकार में शामिल अपने मंत्रियों के कामकाज को लेकर विभिन्न स्तरों से फीडबैक ले रहा है। प्रदेश संगठन एवं संसदीय क्षेत्र से भी आंकड़े जुटाए जा रहे हैं। मंत्रियों के क्षेत्र में दौरे, केंद्रीय योजनाओं के क्रियान्वयन, संसदीय क्षेत्र में प्रवास, संगठन की बैठकों में हिस्सेदारी, कार्यकर्ताओं से संपर्क आदि की जानकारी ली जा रही है। सूत्रों का कहना है, इस कवायद के पीछे संभावित विस्तार है। माना जा रहा है कि संभावित विस्तार में कई बड़े बदलाव हो सकते हैं। पार्टी इस समय नया,युवा संगठन को तरजीह दे रही है। अनुभवी नेताओं को संगठन में लाने की संभावनासंगठन की टीम और मंत्रिमंडल विस्तार दोनों के कई पहलू एक दूसरे से जुड़े हुए हैं। नए व युवा अध्यक्ष के सहयोग के लिए कुछ अनुभवी नेताओं को संगठन में लाए जाने की भी संभावना है। पश्चिम बंगाल में जीत के बाद सरकार में अब इस राज्य का प्रतिनिधित्व भी बढ़ेगा और आने वाले चुनावों के मद्देनजर संबंधित राज्यों को भी जगह मिल सकती है। सबसे ज्यादा संभावना चेहरों को बदलने की है। मोदी सरकार में अभी 72 मंत्री हैं और यह संख्या 81 तक बढ़ाई जा सकती है।

Municipal President Fined: MP हाईकोर्ट ने कहा- कानूनी प्रक्रिया का दुरुपयोग बर्दाश्त नहीं,अध्यक्ष पर 1 लाख का जुर्माना

Sheopur Municipal President Fined

HIGHLIGHTS: श्योपुर नगर पालिका अध्यक्ष पर हाईकोर्ट सख्त रेणु गर्ग पर लगा 1 लाख रुपए का जुर्माना मुख्य सचिव को जांच के आदेश कोर्ट ने कहा- कानूनी प्रक्रिया का दुरुपयोग नहीं चलेगा नवंबर 2026 तक चुनाव याचिका निपटाने के निर्देश   Municipal President Fined: मध्यप्रदेश। श्योपुर नगर पालिका अध्यक्ष रेणु गर्ग को चुनावी विवाद मामले में हाईकोर्ट से बड़ा झटका लगा है। चुनाव को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट की एकल पीठ ने अध्यक्ष पर 1 लाख रुपए का जुर्माना लगाया है। बता दें कि कोर्ट ने साफ कहा कि कानूनी प्रक्रिया का दुरुपयोग किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। Business Horoscope 14 May: कारोबार में बढ़ेगा विस्तार, लेकिन निवेश फैसलों में रखें ध्यान याचिका खारिज होने पर हाईकोर्ट पहुंचा मामला नगर पालिका अध्यक्ष रेणु गर्ग के निर्वाचन को सुमेर सिंह ने चुनौती दी थी। चुनाव न्यायाधिकरण ने यह कहते हुए याचिका खारिज कर दी थी कि अध्यक्ष के निर्वाचन की अधिसूचना राजपत्र में प्रकाशित नहीं हुई है, इसलिए याचिका समय से पहले दायर की गई है। इसके बाद मामला हाईकोर्ट पहुंचा। चीनी के दाम नियंत्रित करने के लिए सरकार का बड़ा ऐलान… निर्यात पर लगाया प्रतिबंध हाईकोर्ट ने बताया क्यों गलत था तर्क जस्टिस आशीष श्रोती की एकल पीठ ने कहा कि 2020 संशोधन के बाद नगर पालिका अध्यक्ष का चुनाव पार्षदों द्वारा अप्रत्यक्ष रूप से होता है। ऐसे में अलग से गजट नोटिफिकेशन को आधार बनाकर किसी को न्याय से वंचित नहीं किया जा सकता। कोर्ट ने माना कि अध्यक्ष का कार्यकाल पहली बैठक से शुरू हो जाता है और उसी दिन से चुनाव को चुनौती देने का अधिकार भी मिल जाता है। Gwalior Electricity Camps: बिजली समस्याओं का होगा ऑन-द-स्पॉट समाधान, ग्वालियर में आज 22 जगह लगेंगे विशेष शिविर अड़ंगा डालने वाली रणनीति पर लगा जुर्माना कोर्ट ने टिप्पणी करते हुए कहा कि अध्यक्ष को पता था कि अलग से गजट प्रकाशन नहीं हुआ है, फिर भी उन्होंने इसी आधार पर निचली अदालत में आपत्ति उठाकर प्रक्रिया रोकने की कोशिश की। कोर्ट ने इसे अड़ंगा डालने वाली रणनीति मानते हुए 1 लाख रुपए का जुर्माना लगाया। इसमें 50 हजार रुपए याचिकाकर्ता और 50 हजार रुपए जिला विधिक सेवा प्राधिकरण को दिए जाएंगे। खाने में नखरे करने वाले बच्चों के लिए 7 असरदार टिप्स, माता-पिता की टेंशन होगी कम मुख्य सचिव को जांच के निर्देश हाईकोर्ट ने राज्य के मुख्य सचिव को मामले में शामिल अधिकारियों के आचरण की जांच के आदेश दिए हैं। कोर्ट ने 15 दिनों में रिपोर्ट पेश करने को कहा है। साथ ही निचली अदालत को निर्देश दिया गया है कि चुनाव याचिका का निराकरण नवंबर 2026 तक अनिवार्य रूप से किया जाए।

LPG संकट के बीच भारत को मिली बड़ी कामयाबी…. होर्मुज से न‍िकली 34 लाख स‍िलेंडर की खेप

नई दिल्ली। दुन‍ियाभर में चल रहे एलपीजी संकट (LPG Crisis) के बीच गैस को लेकर एक नहीं दो खुशखबरी आ रही हैं. मिडल ईस्ट (Middle East.) में जारी तनाव और जंग के बीच भारत ने अपनी एनर्जी जरूरतों को लेकर बड़ी कामयाबी हासिल की है. पहली खुशखबरी एलपीजी टैंकर (LPG tanker) के होर्मुज स्‍ट्रेट (Strait of Hormuz) पार करने को लेकर है. एजेंसी के अनुसार भारत आ रहे एलपीजी टैंकर ‘एमवी सनशाइन’ (MV Sunshine) ने इस समय सबसे संवेदनशील समुद्री रास्ते, होर्मुज स्‍ट्रेट (Strait of Hormuz) को सफलतापूर्वक पार कर ल‍िया है. मीड‍िया र‍िपोर्ट के अनुसार इस जहाज के जर‍िये 48,456 टन एलपीजी भारत आ रही है, ज‍िसके 18 मई तक पहुंचने की उम्‍मीद है. दूसरी खुशखबरी गैस स‍िलेंडर की कीमत को लेकर है। सूत्रों का कहना है ‘एमवी सनशाइन’ को ऐसे जहाजों की ल‍िस्‍ट में शाम‍िल क‍िया गया था, ज‍िसे मौजूदा तनाव के चलते विशेष सुरक्षा घेरे में रखा गया था. इसके अलावा तेल कंपन‍ियों ने स‍िलेंडर के रेट में क‍िसी तरह का इजाफा नहीं क‍िया है. कुछ मीड‍िया र‍िपोर्ट में कहा जा रहा था क‍ि 14 क‍िलो वाले घरेलू गैस स‍िलेंडर का रेट बढ़ सकता है. फारस की खाड़ी में बढ़ती संवेदनशीलता को देखते हुए भारत ने अपने एनर्जी जहाजों को निकालने के लिए खास स्‍ट्रेटजी तैयार की है. यह सफलता इसलिए खास हो जाती है क्योंकि ‘एमवी सनशाइन’ गैस का 15वां ऐसा जहाज है, जिसे इस खतरनाक इलाके से सुरक्षित रूप से बाहर निकाला गया है। जहाज के 18 मई को भारतीय सीमा में पहुंचने की उम्‍मीदअध‍िकार‍ियों की तरफ से पुष्टि की गई क‍ि टैंकर अपने तय रूट पर बढ़ रहा है और उसे भारत तक पहुंचाने के लि‍ए हर संभव तकनीकी और सुरक्षा सहायता दी जा रही है. इस जहाज के 18 मई को भारतीय सीमा में पहुंचने की उम्‍मीद है. ईरान और इजरायल के बीच बढ़ रहे तनाव के बीच यह आशंका जताई जा रही थी क‍ि होर्मुज स्‍ट्रेट से होने वाली एलपीजी सप्लाई रुक सकती है. क्‍योंक‍ि जंग के बीच भारत अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा इसी रास्‍ते से इम्‍पोर्ट कर रहा है. सरकार और तेल कंपनियों ने वैकल्पिक इंतजाम और कूटनीतिक लेवल पर बातचीत के जरिये यह तय क‍िया है क‍ि सप्‍लाई चेन बाध‍ित नहीं होगी. भारतीय बाजार में सस्‍ती है कीमतफिलहाल सप्लाई को लेकर बड़ा खतरा नहीं है, ज‍िससे देश में गैस की किल्लत नहीं होगी. तेल कंपनियों की तरफ से 19 किलो वाले कमर्शियल सिलेंडर का रेट प‍िछले दाम पर ही चल रहा है. यह स‍िलेंडर द‍िल्‍ली में 3071 रुपये में म‍िल रहा है. घरेलू सिलेंडर (14.2 किलो) की कीमत को लेकर भी यही उम्‍मीद है क‍ि इंटरनेशल मार्केट में क्रूड ऑयल और गैस की कीमत में स्थिरता रहने पर आने वाले समय में आम जनता को राहत मिल सकती है. दुनियाभर में एलपीजी का एवरेज प्राइस 86.19 रुपये प्रति लीटर है. वहीं, भारतीय बाजार में औसत रेट 66.73 रुपये प्रत‍ि लीटर का है. ये आंकड़े ग्लोबल पेट्रोल प्राइसेज की तरफ से जारी क‍िये गए हैं।

इंडस्ट्री के असली ‘मूवी मशीन’: जानिए किन कलाकारों ने की सबसे ज्यादा फिल्में

नई दिल्ली। भारतीय फिल्म इंडस्ट्री में प्रतिभा की कोई कमी नहीं रही है, लेकिन कुछ कलाकारों ने अपने लंबे और निरंतर करियर से ऐसा रिकॉर्ड बनाया है, जो आज भी लोगों को हैरान कर देता है। इन्हीं में सबसे ऊपर नाम आता है दक्षिण भारतीय सिनेमा की दिग्गज एक्ट्रेस सुकुमारी का, जिन्होंने करीब 2500 फिल्मों में काम कर एक ऐतिहासिक उपलब्धि अपने नाम की। सुकुमारी ने 1956 में अपने अभिनय करियर की शुरुआत की थी और लगभग पांच दशकों तक लगातार फिल्मों में सक्रिय रहीं। मलयालम, तमिल, तेलुगू, कन्नड़, हिंदी, बंगाली और अंग्रेजी जैसी कई भाषाओं की फिल्मों में उन्होंने अपनी बहुमुखी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। उनकी आखिरी फिल्म वर्ष 2019 में बताई जाती है, जिससे यह साफ होता है कि उनका फिल्मी सफर कितना लंबा और प्रभावशाली रहा है।  कॉमेडी और अभिनय का बादशाह: ब्रह्मानंदमसाउथ सिनेमा के सुपरहिट कॉमेडियन ब्रह्मानंदम ने भी अपने करियर में 1000 से अधिक फिल्मों में काम कर एक अलग ही पहचान बनाई है। उनकी कॉमिक टाइमिंग और एक्सप्रेशन ने उन्हें दर्शकों का चहेता बना दिया। बॉलीवुड और साउथ के दिग्गज कलाकारों की लंबी फिल्मी जर्नीभारतीय सिनेमा में कई ऐसे कलाकार भी रहे जिन्होंने सैकड़ों फिल्मों में अपनी मौजूदगी दर्ज कराई और हर किरदार को यादगार बना दिया। शक्ति कपूर700 से ज्यादा फिल्मों में अभिनय करने वाले शक्ति कपूर ने ज्यादातर विलेन और कॉमिक निगेटिव किरदारों से पहचान बनाई।  ललिता पवार700 से अधिक फिल्मों में काम कर चुकी ललिता पवार अपने सख्त और प्रभावशाली किरदारों के लिए जानी जाती हैं। अनुपम खेर540 से ज्यादा फिल्मों में काम कर चुके अनुपम खेर ने हर तरह के किरदार निभाकर अपनी versatility साबित की है। अरुणा ईरानी500 से ज्यादा फिल्मों में काम करने वाली अरुणा ईरानी ने वैम्प और सपोर्टिंग रोल्स में खास पहचान बनाई। निगेटिव रोल्स के मशहूर चेहरे  गुलशन ग्रोवर400 से ज्यादा फिल्मों में काम कर चुके गुलशन ग्रोवर बॉलीवुड के फेमस “बैडमैन” माने जाते हैं। सिनेमा के अन्य महान कलाकार मिथुन चक्रवर्ती350 से ज्यादा फिल्मों में काम कर चुके मिथुन चक्रवर्ती को “डिस्को किंग” के नाम से जाना जाता है। अमरीश पुरी350 से ज्यादा फिल्मों में अपने दमदार विलेन और पिता के किरदारों से अमरीश पुरी ने अमिट छाप छोड़ी। ओम पुरी350 से ज्यादा फिल्मों में अभिनय करने वाले ओम पुरी अपने गंभीर और रियलिस्टिक किरदारों के लिए मशहूर रहे। भारतीय सिनेमा की यह यात्रा साबित करती है कि यहां कलाकारों ने सिर्फ फिल्मों की संख्या नहीं बढ़ाई, बल्कि हर किरदार को जीवंत बनाया। खासकर सुकुमारी का 2500 फिल्मों का रिकॉर्ड आज भी एक ऐसी उपलब्धि है, जिसे पार करना बेहद मुश्किल माना जाता है। यह सूची इस बात का प्रमाण है कि मेहनत, निरंतरता और प्रतिभा मिलकर किसी कलाकार को इतिहास में अमर बना सकते हैं।

क्या भारत में लागू होगा पेट्रोल-डीजल कोटा सिस्टम? जानिए Fuel Rationing का पूरा मतलब

नई दिल्ली। ईरान संकट और कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों के बीच पेट्रोल-डीजल सप्लाई को लेकर चर्चा तेज है। ऐसे में जानिए क्या होता है फ्यूल राशनिंग और क्या भारत में इसकी जरूरत पड़ सकती है। पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और ईरान संकट के बीच वैश्विक तेल बाजार में अस्थिरता देखने को मिल रही है। कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव ने कई देशों की ऊर्जा सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है। इसी बीच भारत में भी यह सवाल उठने लगा है कि क्या भविष्य में पेट्रोल-डीजल पर कोटा सिस्टम यानी फ्यूल राशनिंग लागू हो सकता है। क्या होता है Fuel Rationing सिस्टम?फ्यूल राशनिंग एक ऐसी व्यवस्था है जिसमें सरकार सीमित ईंधन आपूर्ति की स्थिति में हर व्यक्ति या वाहन के लिए पेट्रोल, डीजल या गैस की एक तय सीमा निर्धारित कर देती है। इसका उद्देश्य उपलब्ध संसाधनों का संतुलित और आवश्यक उपयोग सुनिश्चित करना होता है। यह व्यवस्था आमतौर पर तब लागू की जाती है जब-युद्ध या अंतरराष्ट्रीय संकट के कारण सप्लाई बाधित होकच्चे तेल की भारी कमी हो जाएलॉजिस्टिक या सप्लाई चेन पूरी तरह प्रभावित होदेश में ऊर्जा संकट जैसी स्थिति बन जाएऐसे हालात में सरकार प्राथमिकता तय करती है, जैसे कि एंबुलेंस, पुलिस, सार्वजनिक परिवहन और जरूरी सेवाओं को पहले ईंधन उपलब्ध कराना। क्या भारत में लागू हो सकता है कोटा सिस्टम? विशेषज्ञों के अनुसार फिलहाल भारत में फ्यूल राशनिंग लागू होने की कोई स्थिति नहीं है। देश के पास पर्याप्त रणनीतिक तेल भंडार मौजूद हैं और पेट्रोलियम मंत्रालय लगातार वैश्विक हालात पर नजर बनाए हुए है। भारत अपनी कच्चे तेल की जरूरत का बड़ा हिस्सा आयात करता है, इसलिए अंतरराष्ट्रीय बाजार में उतार-चढ़ाव का असर जरूर पड़ता है, लेकिन अभी सप्लाई व्यवस्था स्थिर बनी हुई है। सरकार का फोकस फिलहाल कीमतों को नियंत्रित रखने और वैकल्पिक स्रोतों जैसे नवीकरणीय ऊर्जा को बढ़ावा देने पर है। विशेषज्ञों के अनुसार फिलहाल भारत में फ्यूल राशनिंग लागू होने की कोई स्थिति नहीं है। देश के पास पर्याप्त रणनीतिक तेल भंडार मौजूद हैं और पेट्रोलियम मंत्रालय लगातार वैश्विक हालात पर नजर बनाए हुए है। भारत अपनी कच्चे तेल की जरूरत का बड़ा हिस्सा आयात करता है, इसलिए अंतरराष्ट्रीय बाजार में उतार-चढ़ाव का असर जरूर पड़ता है, लेकिन अभी सप्लाई व्यवस्था स्थिर बनी हुई है। सरकार का फोकस फिलहाल कीमतों को नियंत्रित रखने और वैकल्पिक स्रोतों जैसे नवीकरणीय ऊर्जा को बढ़ावा देने पर है। आगे क्या हो सकता है?अगर भविष्य में पश्चिम एशिया का तनाव लंबा चलता है और तेल आपूर्ति गंभीर रूप से प्रभावित होती है, तो ईंधन की कीमतों पर दबाव बढ़ सकता है। हालांकि कोटा सिस्टम जैसी सख्त व्यवस्था अंतिम विकल्प के रूप में ही अपनाई जाती है। फिलहाल सरकार ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा रखने की अपील की है।

चीनी के दाम नियंत्रित करने के लिए सरकार का बड़ा ऐलान… निर्यात पर लगाया प्रतिबंध

नई दिल्ली। केंद्र सरकार (Central Government) ने बुधवार को बड़ा ऐलान किया. इसमें चीनी के निर्यात (Sugar Export) पर तत्काल प्रभाव से प्रतिबंध (Ban Immediate Effect) लगाया गया है. कच्ची, सफेद और रिफाइंड चीनी के निर्यात (एक्सपोर्ट) पर सितंबर 2026 तक रोक रहेगी. इस रोक को आगे भी बढ़ाया जा सकता है. ये फैसला देश में चीनी की कीमतों को कंट्रोल में रखने के लिए किया गया है। बता दें कि भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा चीनी उत्पादक देश है. केंद्र सरकार ने बुधवार को एक अधिसूचना में कहा कि उसने 30 सितंबर, 2026 तक या अगले आदेश तक तत्काल प्रभाव से चीनी निर्यात पर प्रतिबंध लगा दिया है. बताया गया कि ये स्थानीय कीमतों को नियंत्रित करने की कोशिश है। उत्पादन खपत से कम रहने की आशंकाभारत, ब्राजील के बाद दुनिया का सबसे बड़ा चीनी निर्यातक देश है. भारत ने घरेलू मांग से अधिक उत्पादन की उम्मीद में मिलों को 15 लाख मीट्रिक टन चीनी निर्यात करने की अनुमति दी थी. लेकिन अब आशंका है कि प्रमुख गन्ना उत्पादक क्षेत्रों में गन्ने की पैदावार कमजोर होने की वजह से उत्पादन लगातार दूसरे वर्ष खपत से कम रहेगा। अल नीनो वेदर कंडीशन की वजह से मानसून में रुकावट होने की आशंका है. इसने पैदावार के प्रारंभिक अनुमानों से कम होने के जोखिम को भी बढ़ा दिया है। एक खबर के मुताबिक, डीलरों ने बताया कि निर्यात के लिए स्वीकृत 15 लाख मीट्रिक टन में से व्यापारियों ने लगभग 8 लाख टन के लिए अनुबंध पर हस्ताक्षर किए, जिसमें से 6 लाख टन से अधिक पहले ही भेजा जा चुका है। सरकार ने भी कहा है कि जो माल पहले से निर्यात प्रक्रिया में है उनको नहीं रोका जाएगा. अधिसूचना में कहा गया है कि पहले ही माल की लोडिंग शुरू हो चुकी हो तो माल की ढुलाई की अनुमति दी जाएगी. ये अनुमति उन मामलों में भी दी जाएगी जहां शिपिंग बिल दाखिल किया गया हो और जहाज पहले ही किसी भारतीय बंदरगाह पर लंगर डाल चुका हो। भारत द्वारा निर्यात पर प्रतिबंध के ऐलान के बाद न्यूयॉर्क में कच्चे चीनी के वायदा भाव में 2% से अधिक की वृद्धि दर्ज की गई, जबकि लंदन में सफेद चीनी के वायदा भाव में 3% की उछाल आया।

तेज आंधी-बारिश का कहर… UP में 54 लोगों की मौत, दिल्ली से उत्तराखंड तक बदला मौसम

नई दिल्ली। दिल्ली (Delhi) से लेकर उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) और उत्तराखंड (Uttarakhand) तक मौसम (Weather) में अचानक बड़ा बदलाव देखने को मिला है. बुधवार को कई जगहों पर तेज आंधी (Strong Storm), भारी बारिश और ओलावृष्टि (Heavy Rain and Hailstorm) देखने को मिली. उत्तर प्रदेश के कई जिलों में मौसम का कहर देखने को मिला है. यहां कई जिलों में 54 लोगों की मौत हो गई. भदोही जिले में अचानक बदले मौसम ने बड़ा कहर बरपाया. यहां तेज आंधी-तूफान और बारिश के कारण 11 लोगों की मौत हुई है. कई जगह पेड़ उखड़कर सड़कों पर गिर गए. इससे आवागमन बुरी तरह प्रभावित हुआ. वहीं हरदोई जिले में बदले मौसम ने दो परिवारों की खुशियां छीन लीं. तेज आंधी-तूफान और बारिश के बीच अलग-अलग थाना क्षेत्रों में हुए हादसों में दो मासूम बच्चियों की दर्दनाक मौत हो गई. एक बच्ची की शौचालय की दीवार गिरने से मौत हुई, जबकि दूसरी किशोरी आकाशीय बिजली की चपेट में आ गई. दोनों घटनाओं के बाद गांवों में मातम पसरा हुआ है. वहीं कानपुर देहात के कपड़ाहट ग्राम पंचायत के मजरा भैथरी गांव में आकाशीय बिजली गिरने से एक युवती की मौत हो गई, जबकि करीब 35 बकरियां भी चपेट में आकर मर गईं। फतेहपुर में भी आंधी-तूफान का कहर बरपा. यहां 5 महिला सहित 9 की मौत हो गई जबकि 17 लोग घायल हुए हैं. इसके अलावा 8 मवेशियों की मौत हुई है. घटना सदर और खागा तहसील क्षेत्र की हैं. कौशांबी जिले के सिराथू तहसील क्षेत्र के केसारी गांव में पेड़ की भारी डाल टूटकर गिर गई, जिसकी चपेट में आने से एक वृद्ध महिला की दबने से मौके पर ही मौत हो गई. इसके अलावा तरसौरा गांव में तेज आंधी के बाद लगी भीषण आग से एक दर्जन घरों में आग लग गई, जिसमें एक भैंस की जलकर मौत हो गई। प्रयागराज में 17 लोगों की मौतसंगम नगरी प्रयागराज में बुधवार शाम आए तेज आंधी तूफान ने जमकर तबाही मचाई है. तेज तूफान के कारण अलग-अलग स्थान में 17 व्यक्तियों की मौत हुई है. कई जगह पेड़ गिरे हैं और कई गाड़ियां दबी हैं. प्रयागराज के हंडिया, सोरांव, फूलपुर और मेजा इलाके में मौत ने अपना कहर बरपाया है. हंडिया में सात लोगों की मौत हुई है. वहीं फूलपुर में चार, सोरांव में तीन और मेजा में दो लोगों की मौत हुई है. वहीं तेज आंधी और तूफान के कारण कई बड़े पेड़ धराशाई हो गए. हवाओं के साथ धूल भरी आंधी के बीच कई जगहों पर सड़क पर पुराने पेड़ गिर गए हैं। दिल्ली में अचानक बदला मौसमउधर, दिल्ली में भी मौसम ने अचानक करवट ली. पश्चिमी दिल्ली में सुबह से मौसम सुहाना बना हुआ था, हालांकि दोपहर में तेज गर्मी महसूस की गई. लेकिन रात करीब 8 बजे अचानक मौसम बदला और कई इलाकों में बारिश शुरू हो गई. उत्तम नगर इलाके में बारिश के दौरान ओले भी पड़े. दिल्ली के अलग-अलग हिस्सों में बारिश दर्ज की गई है. लगातार बढ़ती गर्मी के बीच ठंडी हवाओं ने लोगों को राहत दी है। उत्तराखंड के लिए मौसम विभाग का अलर्टवहीं उत्तराखंड में भी मौसम विभाग ने कई जिलों के लिए चेतावनी जारी की है. देहरादून, हरिद्वार, टिहरी, पौड़ी, नैनीताल, चंपावत और ऊधम सिंह नगर में कई जगहों पर बारिश की संभावना जताई गई है. भारत मौसम विज्ञान विभाग यानी IMD ने देहरादून और नैनीताल समेत छह जिलों में बिजली कड़कने, ओलावृष्टि, तेज बारिश और आंधी-तूफान की चेतावनी जारी की है। मौसम विभाग के मुताबिक, कई जिलों में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं. देहरादून में आसमान आंशिक रूप से बादलों से घिरा रहने का अनुमान है और यहां बारिश के साथ तेज हवाएं चल सकती हैं. पिछले 24 घंटों के दौरान उत्तराखंड के पहाड़ी इलाकों में अधिकतम तापमान सामान्य से काफी नीचे दर्ज किया गया. मैदानी इलाकों में भी तापमान सामान्य से कम रहा. लगातार खराब मौसम और भारी बारिश-ओलावृष्टि को देखते हुए प्रशासन ने आदि कैलाश तीर्थयात्रा पर अस्थायी रोक लगा दी है. सोमवार को जिले में भारी बारिश और ओलावृष्टि के बाद धारचूला बेस कैंप पर तीर्थयात्रियों के 36 सदस्यीय जत्थे को रोक दिया गया. प्रशासन ने ऊंचाई वाले यात्रा मार्गों पर हाई अलर्ट जारी कर दिया है. प्रशासन हालात पर लगातार नजर बनाए हुए है. राजस्थान में भी आंधी-तूफान का कहरराजस्थान के अलवर में भी अचानक मौसम ने करवट ली और तेज बारिश के साथ आए आंधी तूफान ने शहरवासियों की मुश्किलें बढ़ा दीं. तेज हवाओं और बरसात के चलते शहर के कई इलाकों में पेड़ ओर बिजली के पोल गिर गए, जिससे यातायात व्यवस्था ओर बिजली आपूर्ति पूरी तरह प्रभावित हो गई. यहां तूफान से टीन शेड गिरने से एक युवक की मौत हो गई. वहीं रामगढ़ के नेमरा में वज्रपात से एक साथ 26 मवेशियों की मौत हो गई. मुख्यमंत्री के पैतृक गांव में सात गाय और 19 बैल की मौत से किसानों को भारी नुकसान हुआ है. इसके अलावा महाराष्ट्र के सतारा में बिजली गिरने से 22 भेड़ों की मौत हो गई।

भारत में LPG की किल्लत होगी दूर…. PM मोदी जा रहे UAE, दो अहम मुद्दों पर हो सकती है बड़ी डील

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) 15-20 मई 2026 तक पांच देशों के दौरे पर जा रहे हैं जिसकी शुरुआत संयुक्त अरब अमीरात (United Arab Emirates.-UAE) की यात्रा से हो रही है. पीएम मोदी यूएई में राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल-नाहयान (President Sheikh Mohammed bin Zayed Al Nahyan) से मुलाकात करेंगे. ईरान जंग के बीच जहां दुनिया तेल-गैस की किल्लत से जूझ रही है, माना जा रहा है कि मुलाकात के दौरान दोनों नेता ऊर्जा सुरक्षा पर प्रमुखता से बात करेंगे. सूत्रों के मुताबिक, इस दौरान लिक्विफाइड पेट्रोलियम गैस (LPG) और रणनीतिक पेट्रोलियम भंडार से जुड़े दो अहम समझौतों पर हस्ताक्षर हो सकते हैं। यह घटनाक्रम इसलिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि हाल ही में UAE ने तेल उत्पादक देशों के समूह OPEC+ ढांचे से बाहर निकलने का फैसला किया है. ऐसे में दोनों देशों के लिए प्रत्यक्ष द्विपक्षीय ऊर्जा साझेदारी और भी अहम हो गई है, खासकर लंबे समय के लिए एनर्जी सप्लाई और उसके भंडारण में सहयोग के क्षेत्र में। भारत के विदेश मंत्रालय की ओर से जारी बयान के मुताबिक, दोनों नेता द्विपक्षीय मुद्दों पर चर्चा करेंगे, जिसमें खास तौर पर ऊर्जा सहयोग के साथ-साथ क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों पर विचार-विमर्श शामिल होगा। फ्यूल क्राइसिस के बीच भारत की उम्मीद बन सकते हैं ये पाइपलाइन प्रोजेक्ट्समंत्रालय ने कहा कि दोनों पक्ष भारत-UAE कॉम्प्रिहेंसिव स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप को आगे बढ़ाने के तरीकों पर भी चर्चा करेंगे. यह साझेदारी मजबूत राजनीतिक, सांस्कृतिक, आर्थिक और लोगों के बीच गहरे संबंधों पर आधारित है. बयान में कहा गया कि यह यात्रा दोनों देशों के बीच व्यापार और निवेश संबंधों को और मजबूत करने में मदद करेगी। भारत और UAE ने पिछले कुछ सालों में ऊर्जा क्षेत्र में सहयोग लगातार बढ़ाया है. इसमें कच्चे तेल की आपूर्ति व्यवस्था, रणनीतिक पेट्रोलियम भंडार में निवेश और पेट्रोलियम इंफ्रास्ट्रक्चर के डाउनस्ट्रीम सेक्टर में सहयोग शामिल है। UAE फिलहाल भारत का तीसरा सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार है और पिछले 25 सालों में भारत में सबसे ज्यादा निवेश करने वाले देशों में सातवें स्थान पर है। इस यात्रा के दौरान UAE में रहने वाले 45 लाख से अधिक भारतीय समुदाय के कल्याण पर भी खास ध्यान दिए जाने की उम्मीद है. खाड़ी क्षेत्र में भारतीय प्रवासी समुदाय सबसे बड़े विदेशी समुदायों में से एक माना जाता है। यूएई के अलावा और किन देशों के दौरे पर जा रहे हैं पीएमपीएम मोदी के पांच देशों के दौरे का मुख्य फोकस ऊर्जा सहयोग है जिसमें वो नवीकरणीय ऊर्जा और ग्रीन टेक्नोलॉजी पर भी बात होगी. प्रधानमंत्री मोदी के इस दौरे में शामिल पांच देश हैं- यूएई और यूरोप के चार देश नीदरलैंड्स, स्वीडन, नॉर्वे और इटली. यूरोपीय देशों के दौरे का मकसद ग्रीन टेक्नोलॉजी, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) पर बात करना और भारत-यूरोपीय संघ के रिश्तों को मजबूती देना है।

बीजिंग पहुंचे ट्रंप, आज शिखर सम्मेलन में होंगे शामिल… जिनपिंग से इन मुद्दों पर होगी चर्चा

बीजिंग। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (American President Donald Trump) बुधवार को चीन (China) की राजधानी बीजिंग (Beijing) पहुंचे। यहां वे चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग (Chinese President Xi Jinping) के साथ ईरान युद्ध, व्यापार और ताइवान को अमेरिकी हथियारों की बिक्री जैसे अहम मुद्दों पर बहुप्रतीक्षित चर्चा करेंगे। शिखर सम्मेलन का मुख्य हिस्सा गुरुवार को होगा, जब दोनों नेता द्विपक्षीय वार्ता करेंगे और एक औपचारिक भोज में शामिल होंगे। चीनी राजधानी में एयर फोर्स वन के उतरने के बाद चीन की ओर से ट्रंप का भव्य स्वागत किया गया। व्हाइट हाउस के अनुसार, राष्ट्रपति का स्वागत चीनी उपराष्ट्रपति हान झेंग, वॉशिंगटन में चीन के राजदूत शी फेंग, विदेश मंत्रालय के कार्यकारी उप मंत्री मा झाओक्सू और बीजिंग में अमेरिकी दूत डेविड परड्यू द्वारा किया गया। स्वागत समारोह में लगभग 300 चीनी युवा, एक सैन्य सम्मान गार्ड और एक सैन्य बैंड शामिल हुए। ट्रंप की चीन यात्रा के दौरान उनके साथ जाने वाले अमेरिकी व्यापारिक प्रतिनिधिमंडल में टिम कुक और ऐलन मस्क सहित अमेरिका के 16 प्रमुख कारोबारी शामिल हैं। व्हाइट हाउस ने ट्रंप के वॉशिंगटन से रवाना होने से पहले इन शीर्ष व्यवसायियों की सूची जारी की। यात्रा के दौरान ट्रंप की शी जिनपिंग से मुलाकात होने की संभावना है, जिसमें आर्थिक सहयोग और व्यापारिक पहलों पर चर्चा की जाएगी। सूची जारी होने के कुछ समय बाद सिसको ने पुष्टि की कि उसके मुख्य कार्यकारी अधिकारी अब इस यात्रा में शामिल नहीं होंगे। मस्क की भागीदारी ट्रंप और अरबपति कारोबारी के बीच संबंधों में फिर से आई नजदीकी को दिखाती है। मस्क पहले ट्रंप प्रशासन में वरिष्ठ सलाहकार रह चुके हैं और उन्होंने संघीय नौकरशाही में सुधार से जुड़े प्रयासों का नेतृत्व भी किया था, लेकिन पिछले वर्ष मतभेदों के बाद उन्होंने पद छोड़ दिया था। हाल के महीनों में दोनों के संबंधों में सुधार की खबरें सामने आई हैं। अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार, ट्रंप चीन के साथ नये निवेश और व्यापार बोर्डों के गठन की संभावनाओं पर भी चर्चा कर सकते हैं। प्रतिनिधिमंडल में प्रौद्योगिकी, वित्त, एयरोस्पेस और विनिर्माण सहित अमेरिकी उद्योग जगत के विभिन्न क्षेत्रों का प्रतिनिधित्व शामिल है। प्रतिनिधिमंडल में शामिल प्रमुख अधिकारियों में लैरी फिंक, स्टीफन श्वार्ज़मैन, केली ऑर्टबर्ग, ब्रायन साइक्स, जेन फ्रेजर, जिम एंडरसन, लैरी कल्प और डेविड सोलोमन शामिल हैं।

Gwalior Electricity Camps: बिजली समस्याओं का होगा ऑन-द-स्पॉट समाधान, ग्वालियर में आज 22 जगह लगेंगे विशेष शिविर

Electricity Camp

HIGHLIGHTS: ग्वालियर में आज 22 स्थानों पर बिजली समाधान शिविर मौके पर होगा बिल और मीटर शिकायतों का निराकरण सिर्फ 5 रुपए में नए ग्रामीण कनेक्शन की सुविधा स्मार्ट मीटर और ई-केवाईसी सेवाएं भी उपलब्ध उपभोक्ता 1912 नंबर पर ले सकते हैं जानकारी   Gwalior Electricity Camps: मध्यप्रदेश। ग्वालियर में बिजली उपभोक्ताओं की परेशानियों को खत्म करने के लिए बिजली विभाग आज शहरभर में एक बड़ा समाधान अभियान चलाने जा रहा है। बिल गड़बड़ी से लेकर खराब मीटर, स्मार्ट मीटर शिकायत, नए कनेक्शन और वोल्टेज जैसी समस्याओं के समाधान के लिए 22 अलग-अलग स्थानों पर विशेष शिविर लगाए जाएंगे। खास बात यह है कि कई सेवाओं का निराकरण मौके पर ही किया जाएगा, जिससे लोगों को दफ्तरों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। Romantic Travel: मई में पार्टनर के साथ जाने के लिए ये खूबसूरत जगहें हैं परफेक्ट बिलिंग से लेकर मीटर तक हर समस्या का समाधान इन शिविरों में त्रुटिपूर्ण बिजली बिल, मीटर रीडिंग गड़बड़ी और अन्य बिलिंग संबंधी शिकायतों का तत्काल निराकरण किया जाएगा। इसके अलावा खराब मीटर बदलवाने, ई-केवाईसी, नाम परिवर्तन, श्रेणी परिवर्तन और स्थायी-अस्थायी कनेक्शन जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध रहेंगी। उपभोक्ता स्मार्ट मीटर से जुड़ी शिकायतों का समाधान भी एक ही स्थान पर करा सकेंगे। खाली पेट आंवला जूस पीने के फायदे, शरीर को मिल सकती है नेचुरल एनर्जी और डिटॉक्स का सपोर्ट सिर्फ 5 रुपए में मिलेंगे नए कनेक्शन बिजली विभाग ग्रामीण घरेलू और कृषि पंप कनेक्शन के लिए मात्र 5 रुपए में आवेदन सुविधा भी दे रहा है। साथ ही भार वृद्धि, एनओसी और अन्य तकनीकी सेवाओं के लिए भी शिविरों में अलग व्यवस्था की गई है। विभाग का दावा है कि उपभोक्ताओं को कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे और अधिकतर समस्याओं का समाधान मौके पर ही हो जाएगा। White to Black Hair Remedy: नारियल तेल से सफेद बालों की समस्या का घरेलू समाधान शहर के 22 क्षेत्रों में लगाए जाएंगे शिविर यह शिविर लक्ष्मीगंज, थाटीपुर, सिटी सेंटर, मुरार, डीडी नगर, महाराजपुरा, फूलबाग, बिरला नगर, गोल पहाड़िया, कम्पू, तानसेन और अन्य जोन सहित कुल 22 स्थानों पर आयोजित किए जाएंगे। उपभोक्ता बिजली बिल का आंशिक या पूर्ण भुगतान भी कर सकेंगे। अधिक जानकारी के लिए विभाग ने टोल फ्री नंबर 1912 जारी किया है।