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नवजात की मौत से सनसनी: शरीर पर चींटियां, डॉक्टरों ने बताई 1 हफ्ते पुरानी डिलीवरी

टीकमगढ़ । टीकमगढ़ शहर के सिविल लाइन रोड स्थित नगर पालिका की ‘नेकी की दीवार’ परिसर में बुधवार दोपहर उस समय सनसनी फैल गई, जब कपड़ों के ढेर के बीच एक नवजात शिशु का शव मिला। यह वही जगह है, जहां लोग जरूरतमंदों के लिए कपड़े दान करते हैं और मानवता की मिसाल पेश करते हैं, लेकिन इस घटना ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया। सूचना मिलते ही कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर जिला अस्पताल भेजा गया। घटना के बाद मौके पर लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई और हर कोई इस अमानवीय कृत्य पर हैरान नजर आया। डॉक्टरों का अनुमान: करीब एक सप्ताह पहले हुआ था जन्जांच के बाद डॉक्टरों ने बताया कि नवजात की उम्र लगभग एक सप्ताह के आसपास हो सकती है। ड्यूटी डॉक्टर विजय जैन के अनुसार बच्चे के शरीर पर चींटियां लगी हुई थीं, जिससे यह स्पष्ट होता है कि शव काफी समय से वहां पड़ा हुआ था। डॉक्टरों का यह भी कहना है कि बच्चे के हाथ पर मिले निशानों से संभावना जताई जा रही है कि उसका जन्म किसी निजी अस्पताल में हुआ हो सकता है। हालांकि, मौत के सही समय और कारण की पुष्टि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगी।  पुलिस जांच में जुटी, सीसीटीवी खंगाले जा रहेकोतवाली थाना प्रभारी रवि भूषण पाठक ने बताया कि पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है। अब यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि आखिर नवजात को इस तरह ‘नेकी की दीवार’ परिसर में कौन और कब छोड़कर गया। इसके लिए आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है, ताकि आरोपी तक पहुंचा जा सके। पुलिस का कहना है कि जल्द ही मामले की सच्चाई सामने लाई जाएगी। इलाके में गुस्सा और चिंता का माहौलइस घटना ने पूरे क्षेत्र में आक्रोश और दुख का माहौल पैदा कर दिया है। जिस जगह को जरूरतमंदों की मदद और इंसानियत की मिसाल माना जाता है, वहीं इस तरह की घटना सामने आने से लोग स्तब्ध हैं।

इंदौर में बैंक कर्मचारी पर धोखाधड़ी का आरोप: खातों से लाखों रुपये गायब

इंदौर । इंदौर के राजेंद्र नगर थाना क्षेत्र में स्थित बीजलपुर की आईडीएफसी फर्स्ट बैंक शाखा में कार्यरत एक कर्मचारी पर बड़ा वित्तीय घोटाले का आरोप सामने आया है। शिकायत के अनुसार बैंक कर्मचारी विष्णु शर्मा ने एक महिला और उसके देवर के खातों से बिना अनुमति लाखों रुपए निकाल लिए। पीड़िता द्रोपती बाई पति हीरालाल वर्मा ने पुलिस को बताया कि आरोपी ने उनके देवर सत्यनारायण के बैंक खाते से लगातार अवैध लेन-देन किया और उन्हें इसकी कोई जानकारी नहीं दी गई। एटीएम जारी कर खुद ही रख लिया, फिर निकाली रकमआरोपों के मुताबिक, बैंक कर्मचारी ने पहले सत्यनारायण के नाम पर एटीएम कार्ड जारी कराया और उसे अपने पास ही रख लिया। इसके बाद 3 अगस्त से 14 अगस्त 2025 के बीच एटीएम ट्रांजैक्शन और ऑनलाइन ट्रांसफर के जरिए खाते से लाखों रुपए निकाल लिए गए। सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि खाताधारक को इस पूरे मामले की कोई जानकारी नहीं थी कि उसके नाम से एटीएम कार्ड जारी हो चुका है। ओटीपी लेकर महिला के खाते से भी उड़ाए पैसेशिकायत में यह भी सामने आया है कि 16 सितंबर 2025 को आरोपी द्रोपती बाई के घर पहुंचा और कहा कि बैंक खाता आधार से लिंक नहीं है। इसी बहाने उसने ओटीपी हासिल कर लिया और उनके खाते से करीब 4 लाख 85 हजार रुपए ट्रांसफर कर दिए। इसी तरह देवर सत्यनारायण के खाते से भी करीब 4 लाख 89 हजार रुपए निकाले जाने का आरोप है, जिससे कुल धोखाधड़ी की रकम लाखों में पहुंच गई है।  खाता खुलवाने के बहाने शुरू हुई धोखाधड़ीपीड़िता के अनुसार आरोपी पहले सत्यनारायण की दुकान पर खाता खुलवाने के लिए पहुंचा था। वहीं से उसके संपर्क में आया और धीरे-धीरे बैंकिंग प्रक्रिया के नाम पर पूरा नियंत्रण अपने हाथ में ले लिया। आरोप यह भी है कि कुछ रकम भूपेंद्र नामक व्यक्ति के खाते में ट्रांसफर की गई, जिससे मामले की जटिलता और बढ़ गई है।  पुलिस ने दर्ज किया केस, जांच जारीराजेंद्र नगर पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर लिया है और आरोपी बैंक कर्मचारी से पूछताछ शुरू कर दी गई है। पुलिस अब पूरे ट्रांजैक्शन रिकॉर्ड और बैंकिंग प्रक्रिया की गहन जांच कर रही है। फिलहाल यह मामला बैंकिंग सिस्टम की सुरक्षा और ग्राहक डेटा की विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है।

Google I/O 2026: Android 17 से लेकर Gemini AI तक बड़े ऐलान की तैयारी, आज रात 10:30 बजे होगा लाइव इवेंट

नई दिल्ली। Google का बहुप्रतीक्षित Google I/O 2026 डेवलपर सम्मेलन आज रात 10:30 बजे (IST) शुरू होने जा रहा है। यह इवेंट अमेरिका के कैलिफोर्निया स्थित Shoreline Amphitheatre से लाइव स्ट्रीम किया जाएगा, जिसमें कंपनी के CEO Sundar Pichai और DeepMind प्रमुख Demis Hassabis शामिल हो सकते हैं। Android 17 और AI फीचर्स पर बड़ा फोकसइस इवेंट में सबसे ज्यादा चर्चा Android 17 और नए AI फीचर्स को लेकर रहने वाली है। पिछले Android Show में दिखाए गए अपडेट्स को अब विस्तार से पेश किया जा सकता है। रिपोर्ट्स के अनुसार, नए Android वर्जन में Gemini AI आधारित “Gemini Intelligence” सिस्टम मिलेगा, जो ऐप्स को ऑटोमेट करने और स्मार्ट टास्क मैनेजमेंट में मदद करेगा। Hinglish समझने वाला AI और Quick Share अपडेटGoogle एक नया मल्टीलिंगुअल टूल भी पेश कर सकता है, जो हिंदी और इंग्लिश मिक्स (Hinglish) को बेहतर तरीके से समझ सकेगा। इसके अलावा Quick Share फीचर को भी अपग्रेड किया जाएगा, जिससे Android यूजर्स को AirDrop जैसी फाइल शेयरिंग सुविधा मिल सकती है। Gemini AI का नया वर्जन हो सकता है लॉन्चइवेंट का सबसे बड़ा आकर्षण अगली पीढ़ी का Gemini AI मॉडल हो सकता है। रिपोर्ट्स के अनुसार, इसमें बेहतर रीजनिंग, मल्टीमीडिया समझ और लंबा कॉन्टेक्स्ट प्रोसेस करने की क्षमता शामिल हो सकती है, जिससे AI और भी स्मार्ट बन जाएगा। AI वीडियो और 3D टेक्नोलॉजी पर फोकसGoogle अपनी AI सर्विसेज जैसे Veo (video generation), Lyria (music AI) और Beam (3D video conferencing) में भी बड़े अपडेट ला सकता है। Beam तकनीक से वीडियो कॉल में यूजर का 3D अवतार रियल-टाइम में दिखाया जा सकता है। Android XR और स्मार्ट ग्लासेस की झलकइस बार AR/XR टेक्नोलॉजी पर भी बड़ा फोकस है। Google अपने नए स्मार्ट ग्लासेस और Android XR प्लेटफॉर्म की प्रगति दिखा सकता है, जो भविष्य में AI-आधारित वेयरेबल टेक्नोलॉजी को आगे बढ़ाएगा। Google I/O 2026 कैसे देखें?यूजर्स इस इवेंट को Google for Developers के आधिकारिक YouTube चैनल और मोबाइल ऐप के जरिए लाइव देख सकते हैं

इंदौर में हड़कंप: ऑफिस में भीषण आग से लाखों का नुकसान, जांच शुरू

नई दिल्ली । इंदौर के लसूडिया क्षेत्र स्थित बेलमोर्ट पार्क के मेंटेनेंस ऑफिस में बुधवार तड़के अचानक आग लग गई। सुबह करीब 5 बजे गार्ड ने ऑफिस से धुआं निकलते देखा, जिसके बाद तुरंत आसपास के लोगों ने आग बुझाने की कोशिश की, लेकिन आग तेजी से फैल गई। सूचना मिलने पर फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची और कई दमकल वाहनों की मदद से आग पर काबू पाया गया। फायर ब्रिगेड के एएसआई सुशील कुमार दुबे के अनुसार आग लगने के कारणों का अभी स्पष्ट पता नहीं चल सका है, लेकिन आशंका जताई जा रही है कि शॉर्ट सर्किट इसकी वजह हो सकता है। इस हादसे में ऑफिस में रखे सभी दस्तावेज, फर्नीचर और अन्य जरूरी सामान पूरी तरह जलकर खाक हो गए। हालांकि राहत की बात यह रही कि किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई। खंडवा रोड पर सब्जी दुकान जलकर राखइसी दिन सुबह खंडवा रोड स्थित अनुराधा नगर में भी एक सब्जी की दुकान में आग लग गई। दुकान बबली पति प्रीतम सिंह की बताई जा रही है। आग इतनी तेजी से फैली कि कुछ ही मिनटों में पूरा सामान जल गया। दमकल विभाग ने मौके पर पहुंचकर करीब 1000 लीटर पानी डालकर आग पर काबू पाया। शुरुआती जांच में आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट बताया जा रहा है। रेडिसन चौराहे के पास फर्नीचर बिल्डिंग में आगतीसरी घटना इंदौर के रेडिसन चौराहे के पास स्थित महिदपुर वाला फर्नीचर की बिल्डिंग में हुई, जहां सातवें माले पर आग लग गई। यह घटना सुबह करीब 10:30 बजे की है। सूचना मिलते ही दमकल की टीमें मात्र 15 मिनट में मौके पर पहुंच गईं और कर्मचारियों की मदद से आग पर काबू पा लिया गया। हालांकि आग के दौरान पूरे भवन में घना धुआं फैल गया, जिससे कुछ समय के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया। पुलिस के अनुसार विजयनगर और खजराना थाना क्षेत्र की टीमें भी मौके पर पहुंचीं और स्थिति को नियंत्रित किया गया। लगातार आग की घटनाओं से बढ़ी चिंताइंदौर में एक ही दिन में तीन अलग-अलग जगहों पर आग लगने की घटनाओं ने सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। शुरुआती जांच में अधिकतर मामलों में शॉर्ट सर्किट की आशंका जताई जा रही है, जिससे बिजली व्यवस्था और वायरिंग की जांच की आवश्यकता महसूस की जा रही है।

PM मोदी के नॉर्वे दौरे से मिला 6G बूस्ट, हाई-स्पीड इंटरनेट तकनीक पर भारत-नॉर्डिक देशों की बड़ी साझेदारी

नई दिल्ली। नरेंद्र मोदी के हालिया नॉर्वे दौरे और तीसरे भारत-नॉर्डिक शिखर सम्मेलन में भारत को 6G तकनीक के क्षेत्र में बड़ा सहयोग मिला है। इस सम्मेलन में भारत और नॉर्डिक देशों (डेनमार्क, फिनलैंड, आइसलैंड, नॉर्वे और स्वीडन) के बीच 8 अहम समझौतों पर सहमति बनी, जिनमें अगली पीढ़ी की कम्युनिकेशन टेक्नोलॉजी 6G पर सहयोग भी शामिल है। 6G तकनीक पर भारत-नॉर्डिक साझेदारीइस शिखर सम्मेलन में दोनों पक्षों ने साफ किया कि भविष्य की डिजिटल दुनिया के लिए 6G जैसे एडवांस नेटवर्क पर मिलकर काम किया जाएगा। इसके तहत साइंस, टेक्नोलॉजी, इंजीनियरिंग और मैथमेटिक्स (STEM) क्षेत्र में संयुक्त रिसर्च और इनोवेशन प्रोजेक्ट्स शुरू किए जाएंगे। भारत के 6G विजन को मिलेगा फायदाविशेषज्ञों के अनुसार, इस साझेदारी से भारत के 6G विजन को बड़ा बढ़ावा मिलेगा। नॉर्डिक देशों के पास जहां एडवांस टेलीकॉम हार्डवेयर और नेटवर्क तकनीक है, वहीं भारत सॉफ्टवेयर और डिजिटल मार्केट में मजबूत स्थिति रखता है। दोनों के सहयोग से भारत वैश्विक 6G मानकों और पेटेंट क्षेत्र में मजबूत दावेदारी पेश कर सकता है। टेक्नोलॉजी और इंडस्ट्री पर असरइस समझौते से भारत में विदेशी कंपनियों और भारतीय स्टार्टअप्स के बीच सहयोग बढ़ने की उम्मीद है। Nokia और Ericsson जैसी कंपनियां भारत में 6G रिसर्च और डेवलपमेंट सेंटर स्थापित कर सकती हैं, जिससे देश टेक्नोलॉजी हब बनने की दिशा में आगे बढ़ेगा। भविष्य की इंटरनेट स्पीड6G तकनीक को 5G से लगभग 100 गुना तेज माना जा रहा है, जिससे हाई-स्पीड इंटरनेट, AI, स्मार्ट सिटी और डिजिटल सेवाओं में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। भारत और नॉर्डिक देशों के बीच 6G तकनीक पर सहयोग को लेकर हुए समझौते से भारत के डिजिटल और टेलीकॉम सेक्टर को बड़ा बूस्ट मिला है। यह साझेदारी भारत को भविष्य की 6G तकनीक में वैश्विक स्तर पर मजबूत स्थिति दिला सकती है।

सरकारी नौकरी का सुनहरा अवसर: बीईएल में प्रोजेक्ट इंजीनियर और एफओई पदों पर वैकेंसी

नई दिल्ली ।  सरकारी क्षेत्र में नौकरी की तैयारी कर रहे इंजीनियरिंग युवाओं के लिए एक बड़ा अवसर सामने आया है। भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड ने विभिन्न परियोजना स्थलों के लिए प्रोजेक्ट इंजीनियर और फील्ड ऑपरेशन इंजीनियर सहित कुल 56 पदों पर भर्ती प्रक्रिया शुरू कर दी है। इस भर्ती के जरिए तकनीकी क्षेत्र से जुड़े योग्य उम्मीदवारों को देश की प्रतिष्ठित कंपनी में काम करने का मौका मिलेगा। आवेदन प्रक्रिया ऑनलाइन माध्यम से शुरू हो चुकी है और इच्छुक अभ्यर्थी निर्धारित अंतिम तिथि तक आवेदन कर सकते हैं। जारी अधिसूचना के अनुसार कुल रिक्त पदों में फील्ड ऑपरेशन इंजीनियर के 25 और प्रोजेक्ट इंजीनियर-I के 31 पद शामिल हैं। चयनित उम्मीदवारों की नियुक्ति दिल्ली, पंजाब, उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश में स्थित विभिन्न परियोजना स्थलों पर की जाएगी। यह भर्ती अस्थायी आधार पर की जा रही है, लेकिन इसमें मिलने वाला अनुभव और तकनीकी एक्सपोजर उम्मीदवारों के करियर के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इन पदों के लिए आवेदन करने वाले अभ्यर्थियों के पास संबंधित इंजीनियरिंग शाखाओं में डिग्री होना अनिवार्य है। इलेक्ट्रॉनिक्स, इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्युनिकेशन, मैकेनिकल, इलेक्ट्रिकल, कंप्यूटर साइंस, सूचना प्रौद्योगिकी सहित कई तकनीकी विषयों के उम्मीदवार आवेदन कर सकते हैं। इसके अलावा कुछ पदों के लिए एमसीए और उच्च तकनीकी योग्यता रखने वाले उम्मीदवार भी पात्र माने गए हैं। कंपनी ने स्पष्ट किया है कि उम्मीदवारों के पास संबंधित क्षेत्र में दो से पांच वर्षों तक का अनुभव होना भी जरूरी होगा। आयु सीमा की बात करें तो प्रोजेक्ट इंजीनियर पद के लिए अधिकतम आयु 32 वर्ष निर्धारित की गई है, जबकि फील्ड ऑपरेशन इंजीनियर पद के लिए अधिकतम आयु सीमा 40 वर्ष रखी गई है। आरक्षित वर्ग के उम्मीदवारों को सरकारी नियमों के अनुसार आयु सीमा में छूट दी जाएगी। आयु की गणना निर्धारित तिथि के आधार पर की जाएगी। भर्ती प्रक्रिया में उम्मीदवारों का चयन शैक्षणिक योग्यता, अनुभव, लिखित परीक्षा और इंटरव्यू के आधार पर किया जाएगा। सबसे पहले आवेदन पत्रों की जांच कर योग्य उम्मीदवारों को शॉर्टलिस्ट किया जाएगा, जिसके बाद आगे की चयन प्रक्रिया पूरी की जाएगी। अंतिम चयन मेरिट सूची के आधार पर किया जाएगा। सैलरी की बात करें तो चयनित उम्मीदवारों को आकर्षक वेतन के साथ अन्य सुविधाएं भी दी जाएंगी। फील्ड ऑपरेशन इंजीनियर पद पर चयनित अभ्यर्थियों को शुरुआती वेतन लगभग 60 हजार रुपये प्रतिमाह तक मिल सकता है, जबकि प्रोजेक्ट इंजीनियर पद के लिए शुरुआती सैलरी करीब 40 हजार रुपये प्रतिमाह निर्धारित की गई है। इसके अलावा अन्य भत्ते और सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जाएंगी। आवेदन शुल्क ऑनलाइन माध्यम से जमा करना होगा। अलग-अलग पदों के अनुसार शुल्क तय किया गया है, जबकि अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और दिव्यांग वर्ग के उम्मीदवारों को शुल्क में छूट प्रदान की गई है। तकनीकी क्षेत्र में करियर बनाने की इच्छा रखने वाले युवाओं के लिए यह भर्ती एक बेहतरीन अवसर मानी जा रही है।

AI क्रांति से भारत में नौकरी बाजार में बड़ा बदलाव, कंपनियों को चाहिए अब विशेषज्ञ और फ्लेक्सिबल वर्कफोर्स

नई दिल्ली ।   भारत में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI का प्रभाव अब केवल तकनीक तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि यह देश के रोजगार बाजार और ऑफिस संस्कृति को भी तेजी से बदल रहा है। हाल ही में सामने आई एक रिपोर्ट ने यह संकेत दिया है कि भारत AI आधारित नौकरियों और तकनीकी प्रतिभा के मामले में दुनिया के प्रमुख देशों में तेजी से अपनी जगह मजबूत कर रहा है। रिपोर्ट के अनुसार, वर्ष 2019 की तुलना में AI से जुड़ी जॉब पोस्टिंग लगभग छह गुना तक बढ़ चुकी हैं, जो देश में तकनीकी बदलाव की नई तस्वीर पेश करती है। विशेषज्ञों का मानना है कि मशीन लर्निंग, जेनरेटिव AI और एमएल ऑप्स जैसे क्षेत्रों में कंपनियों की बढ़ती दिलचस्पी ने रोजगार बाजार में बड़ा बदलाव पैदा किया है। अब कंपनियां पारंपरिक कर्मचारियों के बजाय ऐसे पेशेवरों की तलाश कर रही हैं जो तेजी से बदलती तकनीक के साथ काम कर सकें और नई चुनौतियों के अनुरूप खुद को ढाल सकें। यही वजह है कि AI स्किल्स रखने वाले युवाओं की मांग लगातार बढ़ती जा रही है। रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि भारत धीरे-धीरे वैश्विक AI टैलेंट और AI कार्यान्वयन केंद्र के रूप में उभर रहा है। दुनिया भर में AI में निवेश तेजी से बढ़ रहा है और इसका सीधा लाभ भारतीय तकनीकी क्षेत्र को मिल रहा है। कंपनियां अब भारत को केवल आउटसोर्सिंग हब के रूप में नहीं बल्कि इनोवेशन और एडवांस टेक्नोलॉजी डेवलपमेंट के केंद्र के रूप में देखने लगी हैं। AI के विस्तार का असर केवल नौकरियों तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे ऑफिस स्पेस और कार्यस्थल की संरचना में भी बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। रिपोर्ट के अनुसार, आने वाले वर्षों में भारत के नॉलेज-इकोनॉमी ऑफिस स्पेस में करोड़ों वर्ग फुट की अतिरिक्त मांग पैदा हो सकती है। इसका सबसे बड़ा कारण यह है कि AI आधारित टीमें अधिक सहयोगात्मक और विशेषज्ञता आधारित होती हैं, जिन्हें आधुनिक और लचीले कार्यस्थलों की आवश्यकता होती है। कंपनियां अब ‘कोर प्लस फ्लेक्स’ मॉडल को तेजी से अपना रही हैं। इस मॉडल में स्थायी ऑफिस के साथ-साथ फ्लेक्सिबल वर्कस्पेस का उपयोग किया जाता है ताकि कर्मचारियों को बेहतर सुविधाएं और अधिक लचीलापन मिल सके। यही कारण है कि फ्लेक्सिबल वर्कस्पेस सेक्टर में भी तेज विस्तार देखा जा रहा है। बड़ी संख्या में कंपनियां अगले कुछ वर्षों में अपने कार्यस्थलों को अधिक आधुनिक और तकनीक आधारित बनाने की योजना पर काम कर रही हैं। रिपोर्ट में यह भी सामने आया कि AI आधारित भर्ती आने वाले समय में फ्लेक्स सीट लीजिंग की मांग को काफी बढ़ा सकती है। इससे रियल एस्टेट और कॉर्पोरेट इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर को भी नई गति मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। भारत ने पहले भी तकनीकी बदलावों को रोजगार और आर्थिक विकास के अवसरों में बदलने की क्षमता दिखाई है। अब AI के दौर में भी देश उसी दिशा में आगे बढ़ता दिखाई दे रहा है। तेजी से बढ़ती AI नौकरियां इस बात का संकेत हैं कि आने वाले समय में भारत वैश्विक तकनीकी अर्थव्यवस्था में और अधिक मजबूत भूमिका निभा सकता है।

सरकारी कंपनी में करियर बनाने का सुनहरा समय: बामर लॉरी दे रही है 62 युवाओं को नौकरी का मौका

नई दिल्ली ।  भारत सरकार के प्रतिष्ठित उपक्रम बामर लॉरी एंड कंपनी लिमिटेड ने युवाओं के लिए रोजगार का एक बड़ा अवसर प्रस्तुत किया है। कंपनी ने अलग-अलग विभागों में एग्जीक्यूटिव ट्रेनी के कुल 62 पदों पर भर्ती प्रक्रिया शुरू कर दी है। इस भर्ती अभियान के जरिए इंजीनियरिंग और एमबीए की पढ़ाई पूरी कर चुके योग्य उम्मीदवारों को सरकारी क्षेत्र में शानदार करियर बनाने का मौका मिलेगा। आवेदन प्रक्रिया शुरू हो चुकी है और इच्छुक अभ्यर्थी 9 जून तक अपना ऑनलाइन आवेदन जमा कर सकते हैं। युवाओं के बीच इस भर्ती को लेकर काफी उत्साह देखा जा रहा है क्योंकि इसमें अच्छी सैलरी के साथ भविष्य में बेहतर करियर ग्रोथ की भी संभावना है। इस भर्ती में ग्रेजुएट इंजीनियरिंग और एमबीए से जुड़े विभिन्न पद शामिल किए गए हैं। इंजीनियरिंग कैटेगरी में मैकेनिकल, केमिकल, फूड टेक्नोलॉजी, आईटी और लेदर टेक्नोलॉजी जैसे क्षेत्रों के लिए पद निर्धारित किए गए हैं। वहीं एमबीए और समकक्ष योग्यता रखने वाले उम्मीदवारों के लिए सेल्स एंड मार्केटिंग, ऑपरेशंस, आईटी मैनेजमेंट, सप्लाई चेन मैनेजमेंट, एचआर, लॉजिस्टिक्स और आईटी फाइनेंस जैसे विभागों में अवसर उपलब्ध कराए गए हैं। इससे साफ है कि भर्ती प्रक्रिया में तकनीकी और प्रबंधन दोनों क्षेत्रों के उम्मीदवारों को प्राथमिकता दी जा रही है। आवेदन करने वाले उम्मीदवारों के पास संबंधित विषय में नियमित और पूर्णकालिक बीई, बीटेक, एमबीए, पीजी डिप्लोमा या पीजी डिग्री न्यूनतम 60 प्रतिशत अंकों के साथ होना अनिवार्य है। कंपनी ने आयु सीमा भी तय की है, जिसके अनुसार इंजीनियरिंग श्रेणी के उम्मीदवारों की अधिकतम आयु 25 वर्ष और एमबीए श्रेणी के लिए 27 वर्ष निर्धारित की गई है। आरक्षित वर्ग के अभ्यर्थियों को सरकारी नियमों के अनुसार आयु में छूट भी प्रदान की जाएगी। ऐसे में योग्य युवा समय रहते आवेदन प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं। भर्ती प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी और प्रतिस्पर्धात्मक बनाया गया है। उम्मीदवारों का चयन कंप्यूटर आधारित परीक्षा, दस्तावेज सत्यापन, समूह चर्चा, समूह कार्य, व्यक्तिगत साक्षात्कार और मेडिकल परीक्षण के आधार पर किया जाएगा। अंतिम चयन मेरिट सूची के आधार पर होगा। इस प्रक्रिया का उद्देश्य योग्य और प्रतिभाशाली युवाओं को चुनना है ताकि कंपनी को बेहतर मानव संसाधन मिल सके। चयनित उम्मीदवारों को आकर्षक वेतनमान भी दिया जाएगा। शुरुआती सैलरी 40 हजार रुपए प्रतिमाह से शुरू होकर 1 लाख 40 हजार रुपए तक पहुंच सकती है। इसके अलावा कर्मचारियों को अन्य भत्ते और सुविधाएं भी प्रदान की जाएंगी। यही कारण है कि यह भर्ती युवाओं के लिए बेहद खास मानी जा रही है। सरकारी क्षेत्र में स्थायी और सुरक्षित नौकरी की तलाश कर रहे उम्मीदवारों के लिए यह अवसर काफी महत्वपूर्ण साबित हो सकता है। आवेदन प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन रखी गई है। सामान्य, ओबीसी और ईडब्ल्यूएस वर्ग के उम्मीदवारों को आवेदन शुल्क जमा करना होगा, जबकि एससी, एसटी, दिव्यांग, पूर्व सैनिक और ट्रांसजेंडर उम्मीदवारों को शुल्क में छूट दी गई है। उम्मीदवारों को आवेदन करते समय सभी जरूरी दस्तावेज सही प्रारूप में अपलोड करने होंगे ताकि आवेदन निरस्त न हो। देशभर के हजारों युवा इस भर्ती प्रक्रिया का इंतजार कर रहे थे और अब उनके पास सरकारी क्षेत्र में अपने सपनों को साकार करने का बेहतरीन मौका है। योग्य उम्मीदवारों को सलाह दी जा रही है कि वे अंतिम तिथि का इंतजार किए बिना समय रहते आवेदन प्रक्रिया पूरी कर लें ताकि किसी तकनीकी परेशानी से बचा जा सके।

नौकरी की तलाश कर रहे उम्मीदवारों के लिए राहत, सेंट्रल बैंक एजीएम भर्ती में आवेदन का मिला एक और मौका

नई दिल्ली। बैंकिंग सेक्टर में उच्च पद पर नौकरी की तैयारी कर रहे उम्मीदवारों के लिए बड़ी राहत भरी खबर सामने आई है। सेंट्रल बैंक में असिस्टेंट जनरल मैनेजर यानी एजीएम के विभिन्न पदों पर भर्ती के लिए आवेदन की अंतिम तिथि बढ़ा दी गई है। पहले जहां आवेदन प्रक्रिया 17 मई को समाप्त होने वाली थी, वहीं अब इच्छुक अभ्यर्थी 25 मई तक अपना आवेदन जमा कर सकेंगे। इस फैसले से उन उम्मीदवारों को बड़ा फायदा मिलेगा जो किसी कारणवश तय समय सीमा के भीतर आवेदन नहीं कर पाए थे। बैंक की ओर से यह भर्ती विशेषज्ञ श्रेणी के अंतर्गत की जा रही है, जिसमें जोखिम प्रबंधन, वित्त एवं लेखा, डिजिटल जोखिम और क्रेडिट जैसे महत्वपूर्ण विभाग शामिल हैं। इस भर्ती अभियान के तहत कुल 15 पदों पर नियुक्तियां की जाएंगी। इनमें जोखिम प्रबंधन, अनुपालन, परिसंपत्ति देयता प्रबंधन, डिजिटल रिस्क एंड एनालिटिक्स, वित्त एवं लेखा तथा क्रेडिट ऑफिसर जैसे अहम पद शामिल किए गए हैं। बैंकिंग क्षेत्र में अनुभव रखने वाले और वित्तीय प्रबंधन में विशेषज्ञता रखने वाले उम्मीदवारों के लिए यह भर्ती बेहद खास मानी जा रही है। आवेदन प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन माध्यम से जारी है और उम्मीदवारों को निर्धारित तिथि से पहले अपना फॉर्म भरना अनिवार्य होगा। शैक्षणिक योग्यता की बात करें तो अलग-अलग पदों के लिए अलग पात्रताएं तय की गई हैं। जोखिम प्रबंधन और अनुपालन से जुड़े पदों के लिए उम्मीदवारों के पास सांख्यिकी, अर्थशास्त्र, डेटा साइंस, वित्त या बैंकिंग प्रबंधन में डिग्री अथवा पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा होना आवश्यक है। वहीं डिजिटल जोखिम और विश्लेषण पद के लिए गणित, सांख्यिकी, आईटी या कंप्यूटर साइंस से संबंधित डिग्री मांगी गई है। वित्त एवं लेखा विभाग के लिए चार्टर्ड अकाउंटेंसी से जुड़े योग्य उम्मीदवार आवेदन कर सकते हैं। इसके अलावा क्रेडिट ऑफिसर पद के लिए बैंकिंग, वित्त, क्रेडिट मैनेजमेंट या चार्टर्ड फाइनेंशियल एनालिस्ट जैसी योग्यताओं को अनिवार्य रखा गया है। भर्ती प्रक्रिया में केवल शैक्षणिक योग्यता ही नहीं बल्कि संबंधित क्षेत्र का अनुभव भी अहम भूमिका निभाएगा। उम्मीदवारों की न्यूनतम आयु 33 वर्ष और अधिकतम आयु 45 वर्ष निर्धारित की गई है। आरक्षित वर्ग के उम्मीदवारों को नियमानुसार आयु सीमा में छूट भी प्रदान की जाएगी। चयन प्रक्रिया ऑनलाइन परीक्षा, इंटरव्यू और दस्तावेज सत्यापन के जरिए पूरी की जाएगी। माना जा रहा है कि परीक्षा और इंटरव्यू जून महीने में आयोजित किए जा सकते हैं। वेतनमान की बात करें तो चयनित उम्मीदवारों को आकर्षक सैलरी दी जाएगी। असिस्टेंट जनरल मैनेजर पद पर नियुक्त अभ्यर्थियों को प्रतिमाह लगभग 1.20 लाख रुपए से लेकर 1.35 लाख रुपए तक वेतन मिलेगा। इसके साथ अन्य भत्तों और सुविधाओं का लाभ भी दिया जाएगा, जिससे यह भर्ती बैंकिंग क्षेत्र की सबसे आकर्षक नौकरियों में शामिल हो गई है। आवेदन शुल्क सामान्य, ओबीसी और ईडब्ल्यूएस वर्ग के उम्मीदवारों के लिए 850 रुपए निर्धारित किया गया है, जबकि अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, दिव्यांगजन और महिला उम्मीदवारों को रियायती शुल्क के रूप में 175 रुपए का भुगतान करना होगा। आवेदन करते समय उम्मीदवारों को अपने सभी जरूरी दस्तावेज सही प्रारूप और निर्धारित आकार में अपलोड करने होंगे। आवेदन प्रक्रिया पूरी होने के बाद भविष्य की जरूरत के लिए आवेदन पत्र का प्रिंट सुरक्षित रखना भी जरूरी माना गया है।

रूस ने शुरू किया परमाणु हमले का महाअभ्यास, 65 हजार सैनिक और 140 फाइटर जेट शामिल; यूक्रेन ने जताई कड़ी आपत्ति

नई दिल्ली। व्लादिमीर पुतिन के नेतृत्व में रूस ने बेलारूस के साथ मिलकर एक बड़े पैमाने पर सैन्य अभ्यास शुरू किया है, जिसे परमाणु तैयारी से जुड़ा अभ्यास बताया जा रहा है। इस अभ्यास में लगभग 65 हजार सैनिक, 140 फाइटर जेट, 200 रॉकेट लॉन्चर और कई युद्धपोतों को शामिल किया गया है। यह अभ्यास रूस और बेलारूस की संयुक्त सैन्य क्षमता को प्रदर्शित करने के उद्देश्य से किया जा रहा है, जिसमें टैक्टिकल न्यूक्लियर हथियारों की तैनाती और उनके संचालन का भी अभ्यास शामिल है। रिपोर्ट्स के अनुसार, इस अभ्यास में इस्कंदर मिसाइल सिस्टम और अन्य परमाणु क्षमता वाले हथियारों का भी परीक्षण किया जा रहा है। अभ्यास में क्या-क्या शामिल?रूसी रक्षा मंत्रालय के अनुसार, इस सैन्य अभ्यास में भारी संख्या में सैन्य उपकरण शामिल किए गए हैं, जिनमें मिसाइल सिस्टम, फाइटर जेट, युद्धपोत और पनडुब्बियां शामिल हैं। इस अभ्यास का उद्देश्य सैनिकों को परमाणु और रणनीतिक युद्ध परिस्थितियों के लिए तैयार करना बताया गया है। यूक्रेन की तीखी प्रतिक्रियाUkraine ने रूस के इस कदम की कड़ी निंदा की है। यूक्रेन का कहना है कि बेलारूस में परमाणु हथियारों की तैनाती और इस तरह का अभ्यास अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा व्यवस्था के लिए गंभीर खतरा है। यूक्रेन ने इसे परमाणु अप्रसार संधि (NPT) के सिद्धांतों के खिलाफ बताया है और कहा है कि इससे यूरोप में तनाव और बढ़ सकता है। बढ़ता रूस-नाटो तनावविशेषज्ञों के अनुसार, यह अभ्यास ऐसे समय पर हो रहा है जब रूस और पश्चिमी देशों के बीच पहले से ही यूक्रेन युद्ध को लेकर तनाव चरम पर है। रूस इसे अपनी सुरक्षा जरूरत बता रहा है, जबकि नाटो और यूक्रेन इसे उकसाने वाली कार्रवाई मान रहे हैं। इस सैन्य अभ्यास ने एक बार फिर यूरोप में बड़े युद्ध के खतरे को लेकर चिंता बढ़ा दी है, हालांकि अभी किसी भी पक्ष ने सीधे टकराव की बात नहीं कही है।