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कोलकाता से नई दिल्ली तक कूटनीतिक दौरा, मार्को रूबियो की यात्रा से भारत-अमेरिका संबंधों में नई मजबूती की उम्मीद

नई दिल्ली । अमेरिका के विदेश मंत्री Marco Rubio अपने चार दिवसीय भारत दौरे पर कोलकाता पहुंचे, जहां उनका औपचारिक और कूटनीतिक अंदाज में स्वागत किया गया। यह दौरा भारत और अमेरिका के बीच रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। कोलकाता पहुंचने के बाद उन्होंने मिशनरीज ऑफ चैरिटी के मुख्यालय का दौरा किया और वहां चल रहे मानवीय कार्यों की जानकारी ली। इस यात्रा का सबसे अहम चरण नई दिल्ली में होने वाला है, जहां Narendra Modi से उनकी उच्चस्तरीय मुलाकात प्रस्तावित है। इस बैठक में दोनों देशों के बीच व्यापार, रक्षा सहयोग, तकनीकी साझेदारी, ऊर्जा सुरक्षा और इंडो-पैसिफिक क्षेत्र की स्थिरता जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर विस्तार से चर्चा होने की संभावना है। यह मुलाकात ऐसे समय में हो रही है जब वैश्विक स्तर पर भू-राजनीतिक समीकरण तेजी से बदल रहे हैं और दोनों देश अपनी रणनीतिक साझेदारी को नए स्तर पर ले जाने की कोशिश कर रहे हैं। कोलकाता आगमन के दौरान अमेरिका के राजदूत ने उनका स्वागत किया और इस दौरे को भारत-अमेरिका संबंधों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण बताया। इसके बाद रूबियो की यात्रा का फोकस नई दिल्ली पर केंद्रित हो गया है, जहां वे विदेश मंत्री S. Jaishankar सहित कई वरिष्ठ नेताओं से भी मुलाकात करेंगे। ऊर्जा सुरक्षा इस दौरे का एक प्रमुख एजेंडा माना जा रहा है। अमेरिका भारत के साथ तेल और गैस आपूर्ति को लेकर दीर्घकालिक सहयोग बढ़ाने की दिशा में संकेत दे चुका है। वहीं भारत अपनी बढ़ती ऊर्जा जरूरतों को देखते हुए वैकल्पिक और सुरक्षित आपूर्ति स्रोतों को मजबूत करने पर जोर दे रहा है। दोनों देशों के बीच इस क्षेत्र में सहयोग भविष्य की रणनीतिक साझेदारी को और गहरा कर सकता है। इस यात्रा का एक और महत्वपूर्ण हिस्सा 26 मई को होने वाली क्वाड देशों की विदेश मंत्रियों की बैठक है, जिसमें भारत, अमेरिका, जापान और ऑस्ट्रेलिया शामिल होंगे। इस बैठक में इंडो-पैसिफिक क्षेत्र की सुरक्षा, समुद्री सहयोग और वैश्विक स्थिरता जैसे मुद्दों पर विस्तृत चर्चा होगी। यह मंच तेजी से बदलते वैश्विक परिदृश्य में संतुलन बनाए रखने के लिए बेहद अहम माना जाता है। इस पूरे दौरे को अंतरराष्ट्रीय कूटनीति के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि भारत और अमेरिका दोनों ही देश लोकतांत्रिक मूल्यों पर आधारित अपनी साझेदारी को और मजबूत करने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। आने वाले दिनों में इस यात्रा के नतीजे दोनों देशों के संबंधों की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभा सकते हैं।

जबलपुर में पिस्टल लहराकर डांस करने वाला बदमाश गिरफ्तार, आर्म्स एक्ट में केस दर्ज

मध्यप्रदेश । जबलपुर में सोशल मीडिया पर हथियार लहराते हुए डांस करने का वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए एक बदमाश को गिरफ्तार किया है। यह मामला कैंट थाना क्षेत्र का है, जहां आरोपी ने बीच बाजार में पिस्टल हाथ में लेकर डांस किया और उसका वीडियो बनाकर इंस्टाग्राम पर भी डाल दिया था। वीडियो सामने आते ही मामला वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों तक पहुंचा, जिसके बाद एसपी संपत उपाध्याय ने तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए। वीडियो में सदर बाजार निवासी शानू अंसारी पिस्टल लहराते हुए डांस करता नजर आ रहा था। जांच के दौरान पुलिस ने शुक्रवार रात पेंटीनाका चौराहे के पास से उसे गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के समय पुलिस ने उसके पास से एक पिस्टल भी बरामद की। कैंट थाना पुलिस के अनुसार, आरोपी लंबे समय से सोशल मीडिया पर हथियारों के साथ वीडियो अपलोड कर रहा था। पूछताछ में उसने स्वीकार किया कि वह इलाके में अपना खौफ फैलाने और दबदबा कायम करने के लिए इस तरह के वीडियो बनाता था। पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक शानू अंसारी के खिलाफ पहले से भी कई आपराधिक मामले दर्ज हैं। पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी पहले भी हथियारों के साथ वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर डाल चुका है, जिससे वह अपनी छवि एक डर फैलाने वाले बदमाश के रूप में स्थापित करना चाहता था। इसी पैटर्न को देखते हुए पुलिस ने इसे गंभीर अपराध मानते हुए आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज किया है। थाना प्रभारी पुष्पेंद्र पटले ने बताया कि आरोपी की गतिविधियों पर पहले से नजर रखी जा रही थी और वायरल वीडियो के आधार पर उसे दबोच लिया गया। पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि उसके पास हथियार कहां से आया और क्या इसमें किसी गिरोह का भी हाथ है। इस गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने साफ संदेश दिया है कि सोशल मीडिया पर हथियारों का प्रदर्शन कर दहशत फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

किराए के मकान में रह रहे बदमाश की संदिग्ध हालत में मौत, पुलिस जांच में जुटी

मध्यप्रदेश । जबलपुर शहर के संजीवनी नगर थाना क्षेत्र में उस समय सनसनी फैल गई जब एक निगरानीशुदा और जिलाबदर बदमाश का शव संदिग्ध परिस्थितियों में किराए के कमरे से बरामद हुआ। मृतक की पहचान 28 वर्षीय सुरेंद्र सिंह के रूप में हुई है, जो शास्त्री नगर गढ़ा का रहने वाला था और हाल ही में परसवाड़ा क्षेत्र में किराए के मकान में रह रहा था। पुलिस के अनुसार, सुरेंद्र सिंह के खिलाफ शहर के विभिन्न थानों में कई आपराधिक मामले दर्ज थे और उसके खिलाफ जिलाबदर की कार्रवाई भी की गई थी। वह कुछ समय पहले ही पूर्व सरपंच राजू पटेल के मकान में किराए से रहने आया था। शुक्रवार शाम उस समय मामला सामने आया जब उसका भाई उसे खाना देने कमरे पर पहुंचा। कमरे के अंदर का दृश्य देखकर वह सन्न रह गया, क्योंकि सुरेंद्र सिंह मृत अवस्था में पड़ा हुआ था। उसके गले में गमछा कसकर बंधा हुआ था, जिससे गला घोंटकर हत्या की आशंका जताई जा रही है। प्राथमिक जांच में पुलिस को यह भी पता चला है कि मृतक के शरीर पर चाकू के कई गहरे निशान हैं और एक हाथ की नस भी कटी हुई पाई गई है। कमरे में सामान बिखरा हुआ था, जिससे स्पष्ट है कि वहां संघर्ष हुआ था। पुलिस आशंका जता रही है कि हत्या से पहले मृतक का किसी से विवाद हुआ होगा, जिसके बाद वारदात को अंजाम दिया गया। घटना की सूचना मिलते ही संजीवनी नगर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए मेडिकल कॉलेज भेज दिया। पुलिस ने घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालनी शुरू कर दी है ताकि आरोपियों की पहचान की जा सके। थाना प्रभारी बीडी द्विवेदी ने बताया कि मामले की जांच कई एंगल से की जा रही है, जिसमें पुरानी रंजिश को भी एक प्रमुख कारण माना जा रहा है। पुलिस का कहना है कि जल्द ही आरोपियों की पहचान कर गिरफ्तारी की जाएगी। इस वारदात ने इलाके में दहशत का माहौल पैदा कर दिया है और एक बार फिर शहर में बढ़ते अपराध को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं।

कलबुर्गी में बड़ा सड़क हादसा, कार-लॉरी भिड़ंत में पांच लोगों की दर्दनाक मौत से मचा कोहराम

नई दिल्ली । Karnataka के Kalaburagi district में शुक्रवार देर रात एक दिल दहला देने वाला सड़क हादसा सामने आया है, जिसने पूरे इलाके को शोक और सदमे में डाल दिया है। यह दर्दनाक दुर्घटना लाडजापुर क्षेत्र के पास हुई, जहां एक तेज रफ्तार कार और लॉरी के बीच आमने-सामने की जोरदार टक्कर हो गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि कार पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गई और उसमें सवार सभी पांच लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। इस घटना ने एक बार फिर सड़क सुरक्षा और तेज रफ्तार वाहनों की लापरवाही पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार हादसा बेहद अचानक हुआ और किसी को संभलने का मौका तक नहीं मिला। बताया जा रहा है कि कार अत्यधिक तेज गति से चल रही थी और सामने से आ रही भारी वाहन लॉरी से सीधी टक्कर हो गई। टक्कर की आवाज इतनी जोरदार थी कि आसपास के लोग घबरा गए और तुरंत घटनास्थल की ओर दौड़े। जब तक लोग मदद के लिए पहुंचे, तब तक कार में सवार सभी लोग गंभीर रूप से घायल हो चुके थे और उनकी सांसें थम चुकी थीं। घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय पुलिस और आपातकालीन राहत दल तुरंत मौके पर पहुंचे। पुलिस ने शवों को वाहन से बाहर निकालकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है। दुर्घटनास्थल पर काफी देर तक अफरा-तफरी का माहौल बना रहा और यातायात भी बाधित हो गया। पुलिस टीम ने क्रेन की मदद से क्षतिग्रस्त वाहनों को सड़क से हटाकर यातायात को फिर से सामान्य कराया। मामले की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी ए. श्रीनिवासुलु ने भी घटनास्थल का निरीक्षण किया और जांच टीम को विस्तृत रिपोर्ट तैयार करने के निर्देश दिए हैं। शुरुआती जांच में यह आशंका जताई जा रही है कि हादसे की मुख्य वजह तेज रफ्तार और ड्राइविंग के दौरान हुई लापरवाही हो सकती है। हालांकि पुलिस ने स्पष्ट किया है कि सभी पहलुओं की गहन जांच की जा रही है और वास्तविक कारणों का पता जल्द लगाया जाएगा। Ladjapur area के आसपास के स्थानीय लोगों के लिए यह हादसा बेहद दर्दनाक अनुभव साबित हुआ है। पूरे क्षेत्र में शोक का माहौल है और लोग मृतकों के परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त कर रहे हैं। कई लोगों ने सड़क पर भारी वाहनों की गति नियंत्रण और निगरानी व्यवस्था को और मजबूत करने की मांग भी उठाई है ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके। पुलिस फिलहाल मृतकों की पहचान की प्रक्रिया पूरी कर रही है और उनके परिजनों को सूचना देने का कार्य जारी है। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि क्या दुर्घटना में किसी तकनीकी खराबी या सड़क की स्थिति की भी कोई भूमिका थी या नहीं। प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि जांच पूरी होने के बाद आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी और दोषियों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे। यह हादसा एक बार फिर इस बात की चेतावनी देता है कि सड़क पर थोड़ी सी लापरवाही भी कई जिंदगियों को हमेशा के लिए खत्म कर सकती है।

चंबल नदी में दिखा प्रकृति का चमत्कार, अंडों से निकलते कछुओं का जीवन चक्र

मध्यप्रदेश । चंबल नदी के रेतीले घाटों पर इन दिनों प्रकृति का बेहद अनोखा और भावुक कर देने वाला नजारा देखने को मिल रहा है, जहां कछुओं का जीवन चक्र इंसानों जैसे मातृत्व संबंधों की झलक पेश कर रहा है। यहां अंडों के भीतर विकसित हो चुके नन्हे कछुए बाहर आने से पहले एक विशेष हलचल और कंपन करते हैं, जिसे वैज्ञानिक भाषा में ‘मदर कॉल’ कहा जाता है। यह संकेत जैसे ही रेत के ऊपर मौजूद मादा कछुए तक पहुंचता है, वह तुरंत सक्रिय हो जाती है और अपने बच्चों को दुनिया में आने का रास्ता देने लगती है। राष्ट्रीय चंबल सेंचुरी के देवरी घड़ियाल केंद्र सहित पूरे क्षेत्र में इस अनोखी जैव विविधता को संरक्षित करने के लिए वन विभाग लगातार काम कर रहा है। विशेषज्ञों के अनुसार चंबल के रेड क्राउन रूफ्ड टर्टल और थ्री स्ट्रिप रूफ्ड टर्टल जैसी प्रजातियां विलुप्त होने के कगार पर हैं, जिन्हें बचाने के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। हर साल फरवरी से अप्रैल के बीच मादा कछुए चंबल के शांत और रेतीले घाटों पर पहुंचती हैं। वे रात के समय अपने पिछले पंजों से लगभग एक फीट गहरा गड्ढा खोदती हैं और उसमें 8 से 40 तक अंडे देकर वापस नदी में लौट जाती हैं। इन अंडों को सियार, कुत्तों और अन्य शिकारी जीवों से बचाने के लिए वन विभाग ने श्योपुर, मुरैना और भिंड जिलों के घाटों पर अस्थायी हैचरियां (सुरक्षित मैटरनिटी होम) तैयार की हैं। वनकर्मी नियमित रूप से सुबह-शाम रेत पर कछुओं के पैरों के निशान खोजते हैं। जैसे ही किसी घोंसले का पता चलता है, वहां से अंडों को बेहद सावधानीपूर्वक निकालकर सुरक्षित हैचरी में स्थानांतरित कर दिया जाता है। अब तक करीब 395 घोंसलों को सुरक्षित किया जा चुका है, जिनसे 7344 से अधिक नन्हे कछुए सफलतापूर्वक बाहर निकलकर चंबल नदी की धारा में अपनी यात्रा शुरू कर चुके हैं। इन नन्हे कछुओं की देखभाल भी किसी नवजात शिशु की तरह की जाती है। भिंड के बरही कछुआ केंद्र में लगभग 200 कछुओं को दो साल तक सुरक्षित वातावरण में पाला जाता है, जहां उन्हें गाजर, पत्तागोभी और हरी सब्जियां खिलाई जाती हैं। पूरी तरह विकसित होने के बाद इन्हें वापस प्राकृतिक नदियों में छोड़ा जाता है, ताकि पारिस्थितिकी संतुलन बना रहे। हालांकि, इस पूरी प्राकृतिक प्रक्रिया पर रेत खनन और मानव गतिविधियों का खतरा लगातार बना हुआ है। जहां मशीनों का शोर या खनन गतिविधियां होती हैं, वहां कछुए अक्सर घोंसला बनाए बिना ही लौट जाते हैं, जिससे उनके प्रजनन पर सीधा असर पड़ता है। ऐसे में चंबल सेंचुरी का यह संरक्षण अभियान न केवल कछुओं के अस्तित्व के लिए जरूरी है, बल्कि पूरे पारिस्थितिक तंत्र के संतुलन के लिए भी बेहद अहम माना जा रहा है।

ग्वालियर में कपड़ा व्यापारी पर जानलेवा हमला, दुकान में घुसकर की मारपीट

मध्यप्रदेश । ग्वालियर शहर के माधौगंज थाना क्षेत्र में उस समय तनाव और दहशत फैल गई जब एक कपड़ा व्यापारी पर दुकान के अंदर घुसकर तीन बदमाशों ने जानलेवा हमला कर दिया। घटना का पूरा वीडियो दुकान में लगे सीसीटीवी कैमरे में रिकॉर्ड हो गया है, जिसमें आरोपी खुलेआम गाली-गलौज करते हुए व्यापारी पर हमला करते नजर आ रहे हैं। घटना के बाद से स्थानीय व्यापारियों और रहवासियों में आक्रोश का माहौल है और लोग खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। यह घटना 20 मई की शाम करीब 7:15 बजे की बताई जा रही है। माधौगंज क्षेत्र में कपड़े की दुकान चलाने वाले 32 वर्षीय सलमान खान अपनी दुकान पर मौजूद थे, तभी अनवर पठान, आरिफ पठान और आमिर पठान नाम के तीन युवक वहां पहुंचे। बताया जा रहा है कि आरोपियों और पीड़ित के बीच पहले से पुराना विवाद चल रहा था, जो उस दिन अचानक हिंसक रूप ले बैठा। दुकान में घुसते ही आरोपियों ने पहले गाली-गलौज शुरू की और फिर देखते ही देखते सलमान खान पर हमला कर दिया। मारपीट इतनी तेज थी कि पीड़ित को गंभीर चोटें आईं। सीसीटीवी फुटेज में यह भी साफ दिखाई देता है कि जब परिजन बीच-बचाव करने की कोशिश करते हैं, तब भी आरोपी लगातार मारपीट करते रहते हैं और किसी की नहीं सुनते। घटना के बाद इलाके में दहशत का माहौल बन गया। स्थानीय व्यापारियों का कहना है कि क्षेत्र में बदमाशों का आतंक बढ़ता जा रहा है, जिससे व्यापारी वर्ग में भय का वातावरण है। कई लोगों ने आरोप लगाया कि आरोपी पहले भी धमकी देते रहे हैं, जिसके कारण सलमान खान ने पहले भी अपनी दुकान कुछ दिनों के लिए बंद रखी थी। परिजनों का आरोप है कि आरोपी लगातार दबाव बनाकर डराने-धमकाने का काम कर रहे थे और पुराने विवाद को लेकर रंजिश रखते थे। इसी रंजिश के चलते उन्होंने दुकान में घुसकर हमला किया। बताया जा रहा है कि इलाके के कई अन्य लोग भी आरोपियों की गतिविधियों से परेशान हैं। घटना की जानकारी मिलते ही माधौगंज थाना पुलिस मौके पर पहुंची और घायल व्यापारी को इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया। पुलिस ने पीड़ित की शिकायत, मेडिकल रिपोर्ट और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर तीनों आरोपियों के खिलाफ मारपीट सहित अन्य धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है। घटना के बाद से आरोपी फरार हैं और पुलिस उनकी तलाश में लगातार दबिश दे रही है। पुलिस का कहना है कि जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा और मामले में आगे की जांच जारी है। इस घटना ने एक बार फिर शहर में कानून-व्यवस्था और सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

हनुमान भक्ति का अनोखा केंद्र: टूंडला का मंदिर, जहां चोला चढ़ाने लगे थे अंग्रेज अधिकारी

नई दिल्ली ।   वैसे तो देशभर में हनुमान जी के कई दक्षिणमुखी मंदिर मौजूद हैं, लेकिन एक मंदिर ऐसा है जिसको लेकर यह प्रमाण है कि यहां एक ब्रटिश अधिकारी चर्च छोड़कर बजरंगबली की भक्ति में लीन हो गए और उन्हें चोला चढ़ाने लगे. कहा जाता है कि 150 साल पुराना यह हनुमान मंदिर सिद्ध पीठ है. इस दक्षिणमुखी हनुमान मंदिर के महत्व का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि रेल मंत्रालय ने भी अपने आधिकारिक दस्तावेजों में भी इसका नाम दर्ज कर रखा है. आइए, अब जानते हैं एक ब्रिटिश अधिकारी किस प्रकार चर्च छोड़कर हनुमान जी को चोला चढ़ाने लगा. कहां है यह हनुमान मंदिर?यह दक्षिणमुखी हनुमान मंदिर उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद जिले में मौजूद टूंडला रेलवे कॉलोनी में स्थित है. कहा जाता है कि यह प्रसिद्ध हनुमान मंदिर तकरीबन 150 वर्ष पुराना है, जिसका जिक्र रेल मंत्रालय के दस्तावे परिवार का भी गहरा लगाव रहा है. क्यों चर्च छोड़ हनुमान जी को चोला चढ़ाने लगे ब्रटिश अधिकारी?इस दक्षिणमुखी हनुमान मंदिर से जुड़ी रोचक कथा ब्रटिश काल से जुड़ी है. अंग्रेजों के शासन काल में टूंडला रेलवे स्टेशन पर सोलोमन नामक एक ब्रटिश अधिकारी तैनात थे. स्थानीय श्रद्धालुओं और रेलकर्मचारियों की गहरी आस्था को देखते हुए उन्होंने मंदिर का जीर्णोद्धार कारवाया. स्थानीय लोग ऐसा मानते हैं कि मंदिर के जीर्णोद्धार के दौरान कुछ ऐसे अद्भुत चमत्कार हुए जिससे प्रभावित होकर ब्रटिश अधिकारी सोलोमन चर्च छोड़कर हनुमान जी के भक्त हो गए. हनुमान जी की भक्ति में लीन ब्रिटिश अधिकारी ने न सिर्फ सनातन धर्म को अपना लिया, बल्कि इस मंदिर में हनुमान जी को प्रतिदिन चोला चढ़ाने लगा. इतना नहीं, चोला चढ़ाने के साथ-साथ उस ब्रटिश अधिकारी ने नियमित रूप से पूजा-अर्चना भी शुरू कर दी थी. देश जब आजाद हुआ तो उसके बाद सन् 1948 में यह दक्षिणमुखी हनुमान मंदिर रेल मंत्रालय के आधिकारिक दस्तावेजों में भी शामिल हो गया. पीढ़ी-दर-पीढ़ी जारी है हनुमान जी की सेवामान्यता है कि इस मंदिर में विराजमान हनुमान जी की सेवा का काम दशकों से एक ही परिवार संभाव रहा है. वर्ष 1951 में इस मंदिर में हनुमान जी की पूजा का काम पंडित जगदेव प्रसाद त्रिवेदी को दिया गया. जगदेव प्रसाद त्रिवेदी के देहावसान के बाद पंडित रामस्वरूप त्रिवेदी ने हनुमान जी की सेवा का संकल्प लिया और फिर इस वक्त उनके पुत्र पंडित अरुण त्रिवेदी पूरे सेवाभाव के साथ इस मंदिर के प्रधान पुजारी हैं. बॉलीवुड हस्तियों का भी है इस मंदिर से गहरा लगावइस दक्षिणमुखी हनुमान मंदिर की प्रसिद्धि का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि मशहूर अभिनेता राज बब्बर के पिता कौशल बब्बर ने भी कई सालों तक इस मंदिर में निःस्वार्थ भाव से हनुमान जी की सेवा की थी. इतना ही नहीं, कहा जाता है कि खुद राज बब्बर भी कई बार इस मंदिर में हनुमान जी को चोला चढ़ा चुके हैं. इसके अलावा यह भी कहा जाता है कि वर्तमान में केंद्र सरकार में ऊर्जा सलाहकार व बीजेपी के प्रवक्ता नरेंद्र तनेजा ने भी लगातार 10 वर्षों तक इस हनुमान मंदिर में चोला चढ़ाया. क्यों खास है यह दक्षिणमुखी हनुमान मंदिर?इस दक्षिणमुखी हनुमान मंदिर से जुड़ी खास बात यह है कि पर चोला चढ़ाने से मनोकामना पूर्ण हो जाती है. कहा जाता है कि इस मंदिर में हनुमान जी को चोला चढ़ाने से लिए विदेशों से भी लोग आते हैं.

ग्वालियर में दुष्कर्म का मामला, अश्लील वीडियो की धमकी से पीड़िता दहशत में

मध्यप्रदेश । मध्य प्रदेश के ग्वालियर शहर के थाटीपुर थाना क्षेत्र से एक गंभीर आपराधिक मामला सामने आया है, जहां 20 वर्षीय युवती ने पड़ोस में रहने वाले एक युवक पर घर में घुसकर दुष्कर्म करने और अश्लील वीडियो बनाकर ब्लैकमेल करने का आरोप लगाया है। पीड़िता की शिकायत के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। जानकारी के अनुसार, पीड़िता अपनी मां के साथ किराए के मकान में रहती थी। दिसंबर माह में उसकी मां का निधन हो गया था, जिसके बाद वह घर में अकेली रह गई थी, जबकि उसके पिता ड्राइवर होने के कारण अक्सर बाहर रहते हैं। इसी स्थिति का फायदा उठाकर आरोपी युवक ने कथित रूप से वारदात को अंजाम दिया। पीड़िता ने पुलिस को बताया कि पड़ोस में रहने वाला युवक अभिषेक धनौलिया अक्सर उसके घर आता-जाता था और परिवार के संपर्क में था। इसी दौरान उसकी नीयत बिगड़ गई और उसने युवती को अकेला पाकर वारदात की साजिश रची। करीब एक महीने पहले रात लगभग 12 बजे आरोपी कथित रूप से युवती के कमरे में घुस आया और जान से मारने की धमकी देकर उसके साथ दुष्कर्म किया। इस दौरान उसने पीड़िता का अश्लील वीडियो भी बना लिया। घटना के बाद युवती डर के कारण चुप रही और किसी को कुछ नहीं बताया। इसके बाद आरोपी लगातार वीडियो वायरल करने की धमकी देकर युवती का शोषण करता रहा। शिकायत के अनुसार, आरोपी ने कई बार युवती के साथ दुष्कर्म किया और उसे मानसिक रूप से प्रताड़ित किया। 9 मई 2026 की रात भी उसने कथित रूप से वारदात को दोहराया। लगातार बढ़ते दबाव और धमकियों के बीच पीड़िता ने आखिरकार अपने पिता को पूरी घटना बताई। इसके बाद वह अपने पिता के साथ गोला का मंदिर थाने पहुंची और शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए आरोपी के खिलाफ दुष्कर्म, धमकी और ब्लैकमेलिंग की धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। अधिकारी का कहना है कि पूरे मामले की गहन जांच की जा रही है और जल्द ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।

भीषण गर्मी से थोड़ी राहत, इंदौर में तापमान 40-41 डिग्री तक सीमित रहने की संभावना

मध्यप्रदेश । प्रदेश के कई हिस्सों में जहां भीषण गर्मी और लू का असर लगातार बना हुआ है, वहीं इंदौर में पिछले तीन दिनों से तापमान में थोड़ी राहत दर्ज की जा रही है। शहर में अधिकतम तापमान अब 40 से 41 डिग्री सेल्सियस के आसपास पहुंच रहा है, जिससे लोगों को पहले की तुलना में कुछ राहत मिली है। हालांकि दोपहर 12 बजे से 3-4 बजे के बीच तेज धूप अभी भी परेशान कर रही है। रात के तापमान में भी हल्की बढ़ोतरी देखी गई है, जो करीब 27 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है। मौसम सामान्य से लगभग 2 डिग्री अधिक गर्म बना हुआ है, लेकिन पहले जैसी तीव्र लू की स्थिति फिलहाल कम नजर आ रही है। मौसम विभाग के अनुसार 25 मई से नौतपा की शुरुआत होने जा रही है, लेकिन इस बार इसके दौरान भी भीषण गर्मी के चरम पर पहुंचने की संभावना कम है। विशेषज्ञों का अनुमान है कि तापमान 43 से 44 डिग्री तक पहुंचने की बजाय 39 से 41 डिग्री के बीच ही बना रह सकता है। इससे लोगों को कुछ हद तक राहत मिल सकती है। हालांकि राहत के बीच एक चिंता यह भी है कि इस बार मई में बारिश की संभावना बेहद कम है। पिछले साल जहां मई में करीब 8 इंच बारिश दर्ज की गई थी, वहीं इस बार अब तक बारिश का कोई खास सिस्टम सक्रिय नहीं हुआ है। इसी कारण पूरे महीने सूखा मौसम रहने की आशंका जताई जा रही है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि प्री-मानसून गतिविधियां आमतौर पर 20 मई के बाद सक्रिय हो जाती हैं, लेकिन इस बार ऐसा कोई मजबूत सिस्टम नहीं बना है। इसी वजह से 8 मई के बाद से तापमान लगातार 40 डिग्री से ऊपर बना हुआ है। मौसम विभाग का अनुमान है कि 1 जून के बाद मानसून की औपचारिक शुरुआत हो सकती है। इसके बाद ही बारिश की गतिविधियों में बढ़ोतरी देखने को मिलेगी। फिलहाल 5 जून के बाद बादलों की आवाजाही बढ़ने और हल्की बारिश शुरू होने के संकेत मिल रहे हैं। मौसम विशेषज्ञ एचएस पांडे ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। उन्होंने कहा कि दोपहर 12 से 3 बजे के बीच धूप का असर सबसे ज्यादा रहता है, इसलिए इस दौरान अनावश्यक रूप से बाहर निकलने से बचना चाहिए। साथ ही पर्याप्त पानी पीना, हल्के सूती कपड़े पहनना और बच्चों व बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखना जरूरी है। कुल मिलाकर इंदौर में फिलहाल गर्मी पूरी तरह खत्म नहीं हुई है, लेकिन नौतपा के दौरान भीषण लू से राहत की उम्मीद ने लोगों को थोड़ी राहत जरूर दी है।

एमवाय अस्पताल में भर्ती मरीजों ने तोड़ा दम, पटाखा फैक्ट्री हादसे से बढ़ा शोक

मध्यप्रदेश । मध्य प्रदेश के देवास जिले के टोंककला में 14 मई को हुए भीषण पटाखा फैक्ट्री हादसे में घायल दो और मजदूरों ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया है। इंदौर के महाराजा यशवंतराव (MYH) अस्पताल में भर्ती अजय और निरंजन की शुक्रवार रात मौत हो गई। दोनों मजदूर बिहार के रहने वाले थे और हादसे के बाद से बर्न यूनिट में जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष कर रहे थे। इस दर्दनाक हादसे में अब तक कुल 8 मजदूरों की मौत हो चुकी है। इससे पहले भी कई घायलों ने अलग-अलग अस्पतालों में इलाज के दौरान दम तोड़ा था। गुरुवार देर रात और सोमवार को भी कुछ मरीजों की मौत की पुष्टि हुई थी, जिससे मृतकों का आंकड़ा लगातार बढ़ता जा रहा है। अस्पताल प्रशासन के मुताबिक, कई मरीजों की हालत बेहद गंभीर बनी हुई है। कुछ मजदूरों के शरीर 90 से 99 प्रतिशत तक झुलस चुके थे, जिससे उनकी स्थिति नाजुक बनी हुई थी। गंभीर घायलों का इलाज MYH की बर्न यूनिट में किया जा रहा है, जहां संक्रमण से बचाव के लिए विशेष व्यवस्था की गई है। वहीं एक अन्य घायल विशाल (25) को सिर में गंभीर चोट लगने के बाद न्यूरो सर्जरी वार्ड में भर्ती किया गया था। धमाके के दौरान वह दूर जाकर गिरा था, जिससे उसके सिर में खून का थक्का जम गया था। डॉक्टरों के अनुसार उसकी स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जा रही है और उसकी हालत स्थिर बताई जा रही है। अस्पताल प्रबंधन ने बताया कि बर्न यूनिट में संक्रमण के खतरे को देखते हुए विशेष सावधानियां बरती जा रही हैं। 24 घंटे निगरानी के लिए नर्सिंग स्टाफ की शिफ्टवार ड्यूटी लगाई गई है ताकि मरीजों की देखभाल में कोई कमी न रहे। हादसे के बाद चोइथराम हॉस्पिटल में भर्ती कई मरीजों में से अधिकांश को डिस्चार्ज कर दिया गया है, जबकि एक मरीज अभी भी उपचाराधीन है। उसकी स्थिति फिलहाल स्थिर बताई जा रही है और उसे जल्द ही छुट्टी दिए जाने की संभावना है। यह हादसा 14 मई की सुबह करीब 11:30 बजे हुआ था, जब टोंककला स्थित पटाखा फैक्ट्री में अचानक जोरदार विस्फोट हो गया था। विस्फोट इतना भयानक था कि फैक्ट्री की दीवारें ढह गईं और शवों के टुकड़े 20 से 25 फीट दूर तक जा गिरे थे। आसपास के घरों तक कंपन महसूस किया गया था, जिससे इलाके में दहशत फैल गई थी। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, धमाके के बाद कई मजदूर झुलसी हालत में बाहर भागते नजर आए थे। कई लोगों के कपड़े शरीर से चिपक गए थे और फैक्ट्री परिसर में चारों ओर जले हुए अवशेष बिखरे पड़े थे। इस दर्दनाक घटना ने एक बार फिर औद्योगिक सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। लगातार बढ़ रही मौतों ने प्रशासन और फैक्ट्री संचालन पर भी सवालिया निशान लगा दिया है। फिलहाल जांच जारी है और घायलों के इलाज पर नजर रखी जा रही है।