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पतारा जंगल में छापा: जुए के दतिया के पतारा जंगल में जुए के फड़ पर पुलिस का छापा: 8 गिरफ्तार, 6 फरार, 2.85 लाख नकद बरामदड़ से लाखों की नकदी और गाड़ियां जब्त

मध्य प्रदेश । दतिया जिले में अवैध गतिविधियों के खिलाफ चल रहे अभियान के तहत सिविल लाइन थाना पुलिस ने रविवार रात बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया। जिला अस्पताल के पीछे स्थित पतारा के जंगल में लंबे समय से चल रहे जुए के फड़ पर पुलिस ने अचानक दबिश दी और 8 जुआरियों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के अनुसार, मुखबिर से मिली सटीक सूचना के आधार पर टीआई वैभव गुप्ता के नेतृत्व में टीम ने इलाके की घेराबंदी की। जैसे ही पुलिस मौके पर पहुंची, जुआरियों में भगदड़ मच गई, लेकिन पुलिस ने तेजी दिखाते हुए 8 लोगों को पकड़ लिया, जबकि 6 आरोपी अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गए। कार्रवाई के दौरान पुलिस ने मौके से करीब 2 लाख 85 हजार रुपए नकद, एक स्विफ्ट कार, एक बाइक और एक सोने की चेन सहित जुए से जुड़ा अन्य सामान भी जब्त किया है। बरामदगी के बाद इलाके में हड़कंप मच गया। पुलिस जांच में सामने आया है कि जुआरी इस सुनसान जंगल क्षेत्र का इस्तेमाल इसलिए कर रहे थे ताकि देर रात तक बिना किसी रोक-टोक के अवैध गतिविधियां चलती रहें और किसी को इसकी जानकारी न हो सके। गिरफ्तार आरोपियों में नीरज कुशवाह (सीतापुर), ब्रजमोहन कुशवाह (कमथरा), दिनेश अहिरवार (सिद्धार्थ कॉलोनी), नरेश कुशवाह (ठंडी सड़क), राजेंद्र गोस्वामी (उनाव रोड), प्रवेंद्र जाटव (डबरा), जीतेन्द्र कुशवाह और श्रीराम कुशवाह (कुरथरा) शामिल हैं। वहीं फरार आरोपियों में आनंद कुशवाह, विपिन यादव, राजेश उर्फ कल्लू कमरिया, दीपक कमरिया, रामलाल कुशवाह और बचन यादव के नाम सामने आए हैं। पुलिस उनकी तलाश में लगातार दबिश दे रही है। पुलिस का कहना है कि यह पता लगाया जा रहा है कि इस जुए के फड़ का मुख्य संचालक कौन था और यह गतिविधि कितने समय से चल रही थी। मामले में जुआ एक्ट के तहत आगे की कार्रवाई की जा रही है।

हैदराबाद के इंजीनियरों का इनोवेशन: ‘Ambiator’AC जैसी ठंडक, लेकिन कूलर जितना कम बिजली बिल

नई दिल्ली। हैदराबाद के दो इंजीनियरों टाइगर एस्टर और जीतन देसाई ने एक नया इको-फ्रेंडली कूलिंग डिवाइस Ambiator विकसित किया है, जिसे एयर कंडीशनर का किफायती और टिकाऊ विकल्प माना जा रहा है। यह डिवाइस दावा करता है कि यह सामान्य AC की तुलना में करीब 80% तक कम बिजली खर्च करता है, जबकि ठंडक लगभग AC जैसी ही देता है। खास बात यह है कि यह किसी हानिकारक गैस पर नहीं चलता, बल्कि साधारण पानी और इवेपोरेटिव कूलिंग टेक्नोलॉजी पर आधारित है। Ambiator में IoT सेंसर भी लगाए गए हैं, जो कमरे के तापमान और नमी के अनुसार कूलिंग को अपने आप एडजस्ट करते हैं। इसे सोलर एनर्जी से भी चलाया जा सकता है, जिससे यह और भी किफायती बन जाता है। तकनीकी रूप से यह सिस्टम पानी को सीधे हवा में मिलाने के बजाय हीट एक्सचेंजर के जरिए हवा को ठंडा करता है, जिससे कूलर जैसी उमस की समस्या नहीं होती। किफायती बिजली खपत, कम पानी उपयोग और बिना गैस आधारित तकनीक के कारण Ambiator को एक ग्रीन कूलिंग सॉल्यूशन के तौर पर देखा जा रहा है, जिसे नीति आयोग के फ्रंटियर टेक हब में भी प्रदर्शित किया गया है।

दतिया में रेलवे मार्ग बंद होने पर बवाल, 1000 लोगों के सामने संकट

मध्य प्रदेश । दतिया रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर-1 के पास स्थित रामनगर डेरा, पीताम्बरा कॉलोनी, विला कॉलोनी और मिश्रा कॉलोनी के रहवासियों ने सोमवार सुबह कलेक्ट्रेट पहुंचकर विरोध दर्ज कराया। लोगों ने कलेक्टर को ज्ञापन सौंपते हुए रेलवे प्रशासन द्वारा पुराने आवागमन मार्ग को बंद किए जाने की कार्रवाई पर आपत्ति जताई। रहवासियों का आरोप है कि रेलवे विभाग उस रास्ते को बंद करने की तैयारी कर रहा है, जिसका उपयोग वर्षों से स्थानीय लोग आवागमन के लिए करते आ रहे हैं। उनका कहना है कि इस मार्ग के बंद होने से करीब एक हजार से अधिक लोगों के सामने गंभीर आवागमन संकट खड़ा हो जाएगा। लोगों ने बताया कि यह मार्ग आजादी से पहले से उपयोग में है और पुराने रेलवे स्टेशन के टिकट घर के पास से रामनगर डेरा और बाजनी क्षेत्र की ओर जाने के लिए बनाया गया था। यह भूमि खसरा क्रमांक 613/701 में मध्यप्रदेश शासन के नाम दर्ज है, और लंबे समय से लोग इसी रास्ते का उपयोग कर रहे हैं। रहवासियों ने यह भी बताया कि नए रेलवे स्टेशन के निर्माण के दौरान पुराने रास्ते के स्थान पर एक वैकल्पिक मार्ग बनाया गया था, जिससे वर्तमान में कॉलोनियों और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों की आवाजाही हो रही है। लेकिन अब उसी वैकल्पिक मार्ग को भी बंद करने की तैयारी की जा रही है, जिससे स्थिति और गंभीर हो सकती है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि मौके पर गिट्टी, रेत और ईंट जैसे निर्माण सामग्री एकत्र की जा रही है, जिससे संकेत मिलता है कि रास्ता बंद करने का काम जल्द शुरू हो सकता है। प्रभावित कॉलोनियों में बड़ी संख्या में शासकीय कर्मचारी, व्यापारी और किसान परिवार रहते हैं। वहीं स्कूल जाने वाले बच्चों और ग्रामीणों की दैनिक आवाजाही भी इसी मार्ग पर निर्भर है। लोगों का कहना है कि प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के तहत बनी सड़क भी इसी रास्ते से जुड़ी हुई है, ऐसे में रास्ता बंद होने पर पूरी कनेक्टिविटी प्रभावित हो जाएगी। रहवासियों ने कलेक्टर से मांग की है कि रेलवे द्वारा किए जा रहे किसी भी निर्माण कार्य को तत्काल रोका जाए और आमजन के लिए यह मार्ग सुरक्षित रखा जाए। ज्ञापन सौंपते समय बड़ी संख्या में कॉलोनीवासी और ग्रामीण मौजूद रहे।

Zoho फाउंडर श्रीधर वेम्बु ने AI निवेश को बताया ‘अब तक का सबसे बड़ा बुलबुला’, टेक कंपनियों की रणनीति पर उठाए सवाल

नई दिल्ली। जोहो के संस्थापक श्रीधर वेम्बु ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) को लेकर वैश्विक टेक कंपनियों की रणनीति पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा है कि मौजूदा AI बूम शायद अब तक का “सबसे बड़ा बुलबुला” साबित हो सकता है। वेम्बु के अनुसार, हर बड़ी टेक्नोलॉजी वेव में इस तरह की स्थिति बनती है, लेकिन मौजूदा AI निवेश और प्रचार का स्तर पहले से कहीं ज्यादा बड़ा है। उनका मानना है कि कई कंपनियां वास्तविक मांग से ज्यादा भविष्य की उम्मीदों पर भारी निवेश कर रही हैं। उन्होंने एक सोशल मीडिया पोस्ट पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि AI इंडस्ट्री की ग्रोथ केवल वास्तविक उपयोग नहीं, बल्कि निवेश चक्र और अकाउंटिंग स्ट्रक्चर पर भी आधारित हो सकती है। इस पोस्ट में दावा किया गया कि बड़ी टेक कंपनियां AI स्टार्टअप्स में निवेश कर क्लाउड सर्विसेज के जरिए उसी पैसा वापस अर्जित कर रही हैं। उदाहरण के तौर पर पोस्ट में Microsoft और OpenAI के बीच हुए निवेश और क्लाउड क्रेडिट्स के उपयोग का भी जिक्र किया गया, जिससे यह सवाल उठाया गया कि AI इकोसिस्टम का असली रेवेन्यू मॉडल कितना मजबूत है। वेम्बु ने यह भी कहा कि इस पूरे दौर की सबसे बड़ी चुनौती यह है कि कंपनियां बिना बड़े नुकसान के इस तेज AI दौड़ में कैसे आगे बढ़ें, खासकर तब जब कई टेक कंपनियों में छंटनी भी देखने को मिल रही है। इसके अलावा वे AI आधारित कोडिंग पर भी सवाल उठा चुके हैं। उनका कहना है कि AI से कोड लिखने के बावजूद सॉफ्टवेयर इंजीनियरों की उत्पादकता में अपेक्षित वृद्धि नहीं दिख रही है।फिलहाल, उनके इस बयान ने टेक इंडस्ट्री में AI निवेश और उसके वास्तविक प्रभाव को लेकर नई बहस छेड़ दी है।

राजस्थान की गर्म हवाओं से दतिया तपने लगा: नौतपा शुरू होते ही बढ़ी गर्मी, सीजन की सबसे गर्म रात में पारा 32°C पहुंचा

मध्य प्रदेश । दतिया जिले में इन दिनों मौसम ने तीखे तेवर दिखाने शुरू कर दिए हैं। राजस्थान की ओर से आ रही सूखी और गर्म पश्चिमी हवाओं ने पूरे इलाके को तपन की चपेट में ले लिया है। नौतपा शुरू होते ही गर्मी का असर और तेज हो गया है, जिससे दिन के साथ-साथ रात में भी राहत मिलना मुश्किल हो गया है। रविवार और सोमवार की रात इस सीजन की सबसे गर्म रात दर्ज की गई, जब न्यूनतम तापमान 32 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। यह पिछले वर्षों के मुकाबले काफी अधिक माना जा रहा है। वहीं दिन का अधिकतम तापमान लगातार 45 डिग्री सेल्सियस से ऊपर बना हुआ है, जिससे चौबीस घंटे लू जैसे हालात बने हुए हैं। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, राजस्थान से आ रही गर्म हवाओं के कारण हवा में नमी लगभग खत्म हो गई है। सामान्यतः सूर्यास्त के बाद तापमान में गिरावट आती है, लेकिन इस बार रात देर तक गर्म हवाएं चलने से लोगों को राहत नहीं मिल पा रही है। रात 12 बजे तक भी सड़कों पर गर्म हवा के थपेड़े महसूस किए जा रहे हैं। गर्मी का असर आम जनजीवन पर भी साफ दिख रहा है। कूलर और पंखे भी राहत देने में नाकाम साबित हो रहे हैं, जबकि कई जगहों पर लोग पूरी रात बेचैनी में जागने को मजबूर हैं। बाजारों में भी दिन के समय सन्नाटा पसर रहा है और दोपहर 12 बजे से शाम 5 बजे तक शहर की रफ्तार लगभग थम सी गई है। किला चौक, टाउन हॉल और आनंद टॉकीज रोड जैसे प्रमुख क्षेत्रों में लोग केवल आवश्यक कार्यों के लिए ही घरों से बाहर निकल रहे हैं। प्रशासन ने भी लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है और दोपहर 11 बजे से शाम 4 बजे तक बाहर न निकलने तथा पर्याप्त पानी पीने की अपील की है। मौसम विभाग का कहना है कि नौतपा के दौरान तापमान और बढ़ सकता है और पारा 45 डिग्री से ऊपर जाने की संभावना बनी हुई है। हालांकि विशेषज्ञ यह भी मानते हैं कि इस दौरान जितनी अधिक गर्मी पड़ेगी, मानसून के बेहतर रहने की संभावना उतनी ही अधिक हो सकती है। फिलहाल दतिया में भीषण गर्मी ने जनजीवन को पूरी तरह प्रभावित कर दिया है और लोग राहत की बारिश का इंतजार कर रहे हैं।

आर्यिका माताजी हादसे पर दतिया में आक्रोश: जैन समाज का मौन जुलूस, SIT जांच और संत सुरक्षा नीति की मांग

मध्य प्रदेश । रीवा में सड़क हादसे में जैन आर्यिका माताजी की मृत्यु को लेकर प्रदेशभर में जैन समाज में गहरा आक्रोश देखने को मिल रहा है। इसी कड़ी में सोमवार को दतिया में भी जैन समाज ने शांतिपूर्ण मौन जुलूस निकालकर जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपा और घटना की निष्पक्ष उच्चस्तरीय जांच की मांग की। श्री 1008 आदिनाथ दिगंबर जैन मंदिर प्रबंध समिति और समस्त जैन समाज के नेतृत्व में बड़ी संख्या में समाजजन एसपी कार्यालय पहुंचे। यहां एएसपी सुनील कुमार शिवहरे को ज्ञापन सौंपा गया। इस दौरान समाज ने स्पष्ट कहा कि यह घटना केवल एक सड़क दुर्घटना नहीं मानी जा सकती और इसकी गहराई से जांच आवश्यक है। जैन समाज के प्रतिनिधियों ने मांग की कि मामले की SIT अथवा न्यायिक जांच कराई जाए, साथ ही घटना स्थल के आसपास के सभी CCTV फुटेज और डिजिटल साक्ष्यों को सुरक्षित रखा जाए। समाज ने दोषियों पर कठोर कार्रवाई की भी मांग की। मौन जुलूस के दौरान समाजजनों ने कहा कि जैन साधु-संत पूर्णतः अहिंसक, निहत्थे और पैदल विहार करने वाले होते हैं, जो समाज को शांति और संयम का संदेश देते हैं। ऐसे में उनके साथ होने वाली घटनाएं गंभीर चिंता का विषय हैं। समाज ने विहार मार्गों पर विशेष सुरक्षा व्यवस्था की मांग उठाई, जिसमें ट्रैफिक नियंत्रण, हाईवे पर चेतावनी संकेतक, संवेदनशील क्षेत्रों में पुलिस गश्त और प्रशासनिक समन्वय शामिल है। इसके अलावा एक “संत सिक्योरिटी कोऑर्डिनेशन सेल” बनाने की भी मांग की गई। सबसे प्रमुख मांग के रूप में जैन समाज ने केंद्र सरकार से “राष्ट्रीय संत सुरक्षा नीति” लागू करने की अपील की है, ताकि पैदल विहार करने वाले संतों की सुरक्षा के लिए एक स्पष्ट SOP तैयार किया जा सके। समाज का कहना है कि संतों के खिलाफ होने वाले अपराधों को विशेष संवेदनशील श्रेणी में रखा जाना चाहिए। प्रदर्शन शांतिपूर्ण रहा और समाजजनों ने कहा कि उनका उद्देश्य किसी प्रकार का तनाव पैदा करना नहीं, बल्कि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकना और संतों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।

AI से हार्ट अटैक की पहले से चेतावनी संभव? हॉन्ग कॉन्ग रिसर्चर्स का दावा, एक ब्लड टेस्ट से 15 साल पहले जोखिम का अंदाजा

नई दिल्ली। हॉन्ग कॉन्ग यूनिवर्सिटी के LKS फैकल्टी ऑफ मेडिसिन के शोधकर्ताओं ने एक नया AI आधारित टूल विकसित किया है, जिसका नाम ‘CardioMicscore’ रखा गया है। दावा है कि यह सिस्टम सिर्फ एक ब्लड टेस्ट के आधार पर भविष्य में होने वाली दिल की बीमारियों का जोखिम काफी पहले, यहां तक कि लगभग 15 साल तक पहले पहचान सकता है। शोध के अनुसार, यह टूल शरीर में होने वाले शुरुआती मॉलिक्यूलर बदलावों को पकड़ने की क्षमता रखता है, जो सामान्य लक्षणों जैसे छाती में दर्द या सांस फूलने से बहुत पहले शुरू हो जाते हैं। इस AI मॉडल को तैयार करने के लिए शोधकर्ताओं ने डीप लर्निंग तकनीक और मल्टीओमिक्स डेटा (जीनोमिक्स, प्रोटिओमिक्स और मेटाबोलोमिक्स) का उपयोग किया है। स्टडी में यूके बायोबैंक के बड़े पैमाने के डेटा का विश्लेषण किया गया, जिसमें हजारों ब्लड प्रोटीन और मेटाबोलाइट्स शामिल थे, जो दिल की सेहत से जुड़े संकेत दिखाते हैं। शोध के मुताबिक यह सिस्टम कोरोनरी आर्टरी डिजीज, स्ट्रोक, हार्ट फेलियर, एट्रियल फिब्रिलेशन और अन्य कार्डियोवैस्कुलर बीमारियों के जोखिम का अनुमान लगाने में मदद कर सकता है। हालांकि विशेषज्ञ यह भी मानते हैं कि यह तकनीक अभी रिसर्च और वैलिडेशन के स्तर पर है और इसे आम मरीजों के लिए क्लिनिकल उपयोग में लाने से पहले और परीक्षणों की जरूरत होगी। अगर यह तकनीक सफल होती है, तो भविष्य में हार्ट डिजीज की शुरुआती पहचान और रोकथाम के तरीके पूरी तरह बदल सकते हैं।

Tigra Dam Accident : तिघरा डैम में मिले दो दोस्तों के शव, दो दिन पहले घूमने निकले थे

Tighra Dam Incident

HIGHLIGHTS: तिघरा डैम में दो दोस्तों के शव मिलने से सनसनी दो दिन पहले घर से घूमने निकले थे दोनों युवक डैम किनारे बाइक और कपड़े मिलने के बाद बढ़ा शक पुलिस और गोताखोरों ने चलाया सर्च ऑपरेशन पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद साफ होगी मौत की वजह   Tigra Dam Accident : ग्वालियर। घर से घूमने निकले दो दोस्तों का तीरघा डैम में शव मिलने से इलाके में हड़कंप मच गया है। बता दें कि दो दिन पहले ही दोनों घूमने का कहकर निकले थे और घर वापस ही नहीं लौटे। जिसके बाद परिवार के लोगों ने उन्हें ढूंढने का प्रयास किया लेकिन कोई सुराग नहीं मिलने पर जनकगंज थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई। सोमवार को पुलिस और स्थानीय गोताखोरों की मदद से दोनों शव डैम के ओवरफ्लो क्षेत्र से बरामद किए गए। संतों संग दिखे विधायक-पूर्व विधायक, जैन समाज के स्वागत कार्यक्रम में भारी भीड़ दोनों एक दम घनिष्ट मित्र थे मृतकों की पहचान 25 वर्षीय मोहित रजक और 24 वर्षीय अभिषेक सागर के रूप में हुई है। दोनों लाल कुआं का पूरा कला, सैयद तारागंज क्षेत्र के रहने वाले थे और मजदूरी कर परिवार का पालन-पोषण करते थे। परिजनों के मुताबिक दोनों काफी घनिष्ठ मित्र थे और अक्सर साथ रहते थे। रविवार शाम तक जब दोनों घर नहीं लौटे तो परिवार की चिंता बढ़ गई। मुरैना में भीषण गर्मी का कहर: 45 डिग्री तापमान में ट्रांसफार्मर में लगी आग, धूल डालकर बुझाई गई लपटें डैम के पास मिली बाइक और कपड़े स्थानीय लोगों ने पुलिस को सूचना दी कि डैम के पास एक बाइक और कपड़े पड़े हैं। जिसके बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने जांच की तो वहां खड़ी होंडा शाइन बाइक अभिषेक सागर की निकली, बाइक और कपड़े देखकर पुलिस को हादसे की आशंका हुई। हालांकि अंधेरा होने के कारण रविवार रात सर्चिंग रोकनी पड़ी। सोमवार दोपहर दोबारा अभियान चलाया गया, जिसके बाद काफी मशक्कत के बाद दोनों शव पानी से बाहर निकाले गए। घर की वायरिंग में आग का खतरा क्यों बढ़ता है? जानिए बड़ी टेक्निकल गलतियां जो बनती हैं वजह पुलिस कर रही मामले की जांच घटना की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में स्थानीय लोग और परिजन तिघरा डैम पहुंच गए। पुलिस ने दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। तिघरा थाना प्रभारी शिवराम कंसाना ने बताया कि प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि दोनों युवक घूमने की बात कहकर निकले थे। फिलहाल पुलिस हर एंगल से मामले की जांच कर रही है और मौत के कारणों का पता लगाया जा रहा है।  

यूपी से दतिया तक का अनोखा सफर: कलेक्टर से मिलने की जिद में बिगड़ी तबीयत

मध्य प्रदेश । मध्यप्रदेश के दतिया में सोमवार को एक अनोखा मामला सामने आया, जहां उत्तर प्रदेश के चंदौली जिले से आया एक युवक अपनी गर्लफ्रेंड की जिद पूरी करने के चक्कर में कलेक्ट्रेट परिसर में बेहोश हो गया। युवक का कहना है कि उसे सोशल मीडिया पर चर्चित दतिया कलेक्टर से मिलकर दिखाने की चुनौती दी गई थी। 26 वर्षीय राजकुमार गुप्ता, जो पेशे से टैक्सी ड्राइवर है, अपनी गर्लफ्रेंड की शर्त पूरी करने के लिए यूपी से दतिया पहुंचा था। उसने बताया कि गर्लफ्रेंड ने कहा था कि अगर वह उसे सच में चाहता है तो दतिया जाकर कलेक्टर स्वप्निल बानखेड़े से मिलकर दिखाए। इसी चुनौती को पूरा करने के लिए वह ट्रेन और बस से यात्रा करते हुए दतिया पहुंचा। राजकुमार शुक्रवार को झांसी होते हुए दतिया पहुंचा और एक होटल में रुका। शनिवार को वह पहली बार कलेक्ट्रेट पहुंचा, लेकिन उस दिन अवकाश होने के कारण मुलाकात नहीं हो सकी। रविवार को भी वह होटल में ही रुका रहा। सोमवार को जब वह दोबारा कलेक्ट्रेट पहुंचा, तो भीषण गर्मी और लगातार थकान के कारण उसकी हालत बिगड़ गई। गर्मी में पानी पीते समय उसे अचानक सीने में दर्द हुआ और वह कलेक्ट्रेट परिसर में बेहोश होकर गिर पड़ा। मौके पर मौजूद कर्मचारियों ने तुरंत उसे जिला अस्पताल पहुंचाया, जहां उसका इलाज जारी है। युवक ने बताया कि इस पूरी यात्रा में उसके पैसे भी खत्म हो गए और होटल का किराया देने तक की स्थिति नहीं बची। उसने अपने परिचितों से मदद मांगी है। इस बीच दतिया कलेक्टर स्वप्निल बानखेड़े ने मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि उन्हें युवक की जानकारी मिली है और वे जल्द ही उससे मुलाकात करेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि यदि युवक की तबीयत ठीक नहीं होती है तो वे स्वयं अस्पताल जाकर उससे मिलेंगे।

मुरैना में भीषण गर्मी का कहर: 45 डिग्री तापमान में ट्रांसफार्मर में लगी आग, धूल डालकर बुझाई गई लपटें

मध्य प्रदेश । मुरैना शहर में सोमवार सुबह भीषण गर्मी के बीच बड़ा हादसा हो गया। गोपीनाथ की पुलिया क्षेत्र में करीब 11:30 बजे एक बिजली ट्रांसफार्मर में अचानक आग भड़क उठी। उस समय जिले में तापमान 45 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच चुका था, जिससे हालात और भी गंभीर हो गए। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, ट्रांसफार्मर से अचानक तेज लपटें उठती देख इलाके में अफरा-तफरी मच गई और लोग घरों से बाहर निकल आए। कुछ देर तक स्थिति बेहद तनावपूर्ण रही। हालांकि, आग थोड़ी कम होने पर स्थानीय लोगों ने साहस दिखाते हुए धूल और मिट्टी डालकर आग पर काबू पाया। बिजली विभाग के जानकारों का कहना है कि इन दिनों भीषण गर्मी के साथ-साथ बिजली की मांग भी काफी बढ़ गई है, जिससे ट्रांसफार्मरों पर अत्यधिक लोड पड़ रहा है। इसी ओवरलोड और तेज गर्मी के कारण ट्रांसफार्मर में तकनीकी खराबी आई और उसमें आग लग गई। घटना के बाद सुरक्षा के मद्देनजर पूरे इलाके की बिजली सप्लाई तुरंत बंद कर दी गई, जिससे स्थानीय लोग भीषण गर्मी में परेशान हैं। कई घरों और दुकानों में बिजली न होने से जनजीवन प्रभावित हो गया है। बिजली विभाग के एसई सुरेश कुमार ने बताया कि गर्मी और ओवरलोड के चलते ट्रांसफार्मर में आग लगने की संभावना है। उन्होंने कहा कि सुरक्षा को देखते हुए बिजली सप्लाई रोकी गई है और मरम्मत का कार्य तेजी से किया जा रहा है। जल्द ही सप्लाई बहाल करने की कोशिश की जा रही है। फिलहाल इलाके में बिजली संकट के कारण लोग गर्मी से बेहाल हैं और राहत का इंतजार कर रहे हैं।