घर की वायरिंग में आग का खतरा क्यों बढ़ता है? जानिए बड़ी टेक्निकल गलतियां जो बनती हैं वजह

नई दिल्ली। घरों में एसी, गीजर, फ्रिज और अन्य हाई-पावर इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के बढ़ते इस्तेमाल के साथ बिजली की खपत भी तेजी से बढ़ गई है। ऐसे में अगर वायरिंग पुरानी या कमजोर हो, तो ओवरलोड की वजह से गर्म होकर बड़ी दुर्घटना का खतरा पैदा कर सकती है। विशेषज्ञों के अनुसार, जब किसी वायर पर उसकी क्षमता से ज्यादा लोड पड़ता है तो वह धीरे-धीरे गर्म होने लगती है। लगातार गर्मी बढ़ने से तार की इंसुलेशन (बाहरी परत) पिघल सकती है, जिससे शॉर्ट सर्किट और आग लगने की संभावना बढ़ जाती है। सबसे बड़ी समस्या तब होती है जब घरों में घटिया क्वालिटी की लोकल वायरिंग या सस्ता इलेक्ट्रिकल सामान लगाया जाता है। ऐसे वायर जल्दी गर्म होते हैं और इनमें स्पार्किंग की समस्या भी देखने को मिलती है। इसके अलावा पुरानी वायरिंग, गलत लोड मैनेजमेंट और समय-समय पर मेंटेनेंस न कराना भी आग लगने के प्रमुख कारण माने जाते हैं। कई बार दीवारों के अंदर खराब हो रही वायरिंग का पता भी नहीं चलता और यही आगे चलकर बड़ा खतरा बन जाती है।विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि घर की वायरिंग की समय-समय पर जांच कराना और जरूरत पड़ने पर उसे अपग्रेड करना सुरक्षा के लिए बेहद जरूरी है।
Redmi के 5G स्मार्टफोन हुए महंगे, कीमतों में 2,000 रुपये तक की बढ़ोतरी; मिड-रेंज सेगमेंट पर असर

नई दिल्ली। अगर आप नया 5G स्मार्टफोन खरीदने की योजना बना रहे हैं तो यह खबर आपके बजट पर असर डाल सकती है। Xiaomi ने अपने दो पॉपुलर मिड-रेंज स्मार्टफोन Redmi 15 5G और Redmi Note 15 5G की कीमतों में बढ़ोतरी कर दी है। जानकारी के अनुसार, दोनों ही मॉडलों के सभी वेरिएंट्स की कीमतों में करीब 2,000 रुपये तक की बढ़ोतरी की गई है, जो आज से लागू हो चुकी है। नई कीमतों के बाद Redmi 15 5G का बेस वेरिएंट अब पहले से महंगा हो गया है, जबकि Redmi Note 15 5G के टॉप वेरिएंट्स की कीमत भी बढ़ी है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह बदलाव Xiaomi के एक इंटरनल डॉक्यूमेंट में सामने आया है, जो डीलर्स और ऑफलाइन पार्टनर्स को भेजा गया है। माना जा रहा है कि यह फैसला बढ़ती प्रोडक्शन कॉस्ट और ग्लोबल मार्केट में RAM व मेमोरी चिप्स की कमी के चलते लिया गया है। टेक एक्सपर्ट्स का कहना है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) डाटा सेंटर्स की बढ़ती डिमांड के कारण मेमोरी की कीमतों में लगातार तेजी देखी जा रही है, जिसका असर अब स्मार्टफोन की कीमतों पर भी पड़ रहा है। फिलहाल इस बढ़ोतरी के बाद मिड-रेंज स्मार्टफोन सेगमेंट में प्रतिस्पर्धा और ज्यादा कड़ी होने की संभावना है, और आने वाले समय में अन्य ब्रांड्स भी कीमतों में बदलाव कर सकते हैं।
भिंड में BSP नेता पर FIR: सीवेज पाइप तोड़ने और धमकी देने का आरोप, राजनीतिक विवाद भी गरमाया

मध्य प्रदेश । भिंड जिले के गौरी तालाब क्षेत्र में निर्माणाधीन सीवेज पाइप लाइन को लेकर हुए विवाद ने तूल पकड़ लिया है। कोतवाली थाना पुलिस ने बीएसपी नेता रक्षपाल सिंह कुशवाह के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। उन पर सीवेज पाइप लाइन को नुकसान पहुंचाने, गाली-गलौज करने और कार्य में बाधा डालने के आरोप लगाए गए हैं। पुलिस के अनुसार, रविवार देर शाम रक्षपाल कुशवाह अपने कुछ समर्थकों के साथ गौरी तालाब क्षेत्र में पहुंचे, जहां लंबे समय से निर्माणाधीन सीवेज लाइन का कार्य चल रहा है। मौके पर मौजूद लोगों ने बताया कि अधूरे कार्य और सड़क पर खोदे गए गड्ढों को लेकर क्षेत्र में पहले से ही असंतोष था। इसी दौरान विवाद की स्थिति बन गई और आरोप है कि नेता ने मौके पर सीवेज पाइप लाइन को नुकसान पहुंचाया तथा कर्मचारियों को धमकाया। लगभग 20 से 30 मिनट तक मौके पर तनावपूर्ण माहौल बना रहा, जिसके बाद मामला कोतवाली थाने पहुंचा। सीवेज कार्य से जुड़े कर्मचारियों की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पूरे घटनाक्रम की जांच की जा रही है और तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। गौरतलब है कि रक्षपाल सिंह कुशवाह पर इससे पहले भी बरेठा टोल प्लाजा आंदोलन के दौरान सीसीटीवी कैमरा तोड़ने का आरोप लग चुका है। उस मामले में भी उनके खिलाफ महाराजपुर थाने में एफआईआर दर्ज की गई थी, जिससे यह मामला और चर्चा में आ गया है। वहीं दूसरी ओर बीएसपी नेता रक्षपाल कुशवाह ने सभी आरोपों को खारिज करते हुए इसे राजनीतिक साजिश बताया है। उनका कहना है कि उन्हें जानबूझकर निशाना बनाया जा रहा है और यह कार्रवाई एक जनप्रतिनिधि से चल रहे राजनीतिक मतभेदों के कारण कराई गई है। फिलहाल पुलिस दोनों पक्षों के बयान दर्ज कर मामले की आगे जांच कर रही है। घटना ने स्थानीय स्तर पर राजनीतिक माहौल को भी गर्मा दिया है।
संतों संग दिखे विधायक-पूर्व विधायक, जैन समाज के स्वागत कार्यक्रम में भारी भीड़

मध्य प्रदेश । भिंड में सोमवार सुबह धार्मिक आस्था और श्रद्धा का अद्भुत दृश्य देखने को मिला, जब पट्टाचार्य विशुद्ध सागर महाराज सहित 25 जैन मुनियों का शहर में आगमन हुआ। उमरी स्थित महावीर स्वामी तीर्थ स्थल के शिलान्यास कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे संतों के स्वागत के लिए सुबह से ही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ सड़कों पर उमड़ पड़ी। जैन मुनियों का विहार मानपुरा से शुरू होकर अटेर रोड के रास्ते भिंड शहर में प्रवेश हुआ। रास्तेभर श्रद्धालुओं ने कतारबद्ध होकर दर्शन किए और “जयकारों” से वातावरण को भक्तिमय बना दिया। शहर के विभिन्न स्थानों पर फूलों की वर्षा की गई और रंगोलियों से मार्ग सजाया गया, जिससे पूरा शहर आध्यात्मिक रंग में रंगा नजर आया। लहार चुंगी क्षेत्र में विधायक नरेंद्र सिंह कुशवाह ने जैन संतों का स्वागत किया और अपने निवास पर चरण पखारकर आशीर्वाद प्राप्त किया। इसके बाद सैनिक कल्याण बोर्ड कार्यालय के पास पूर्व विधायक संजीव सिंह कुशवाह ने भी संतों की सेवा-पूजन कर सम्मान व्यक्त किया। इस दौरान एक भावनात्मक और चर्चित दृश्य भी सामने आया, जब विधायक नरेंद्र सिंह कुशवाह और पूर्व विधायक संजीव सिंह कुशवाह दोनों संतों के साथ पैदल चलते नजर आए। दोनों जनप्रतिनिधि लगभग दो किलोमीटर तक जैन मुनियों के साथ विहार में शामिल रहे, जिसने श्रद्धालुओं के बीच विशेष चर्चा और आकर्षण का केंद्र बना दिया। विहार के बाद संतों का काफिला उदोतगढ़ स्थित रोशनलाल दैपुरिया कॉलेज पहुंचा, जहां दोपहर में विश्राम किया गया। जानकारी के अनुसार जैन मुनियों का अगला विहार शाम को आगे की यात्रा के लिए निर्धारित है। पूरे आयोजन ने भिंड शहर को धार्मिक उत्साह, अनुशासन और आस्था के रंग में सराबोर कर दिया।
Aryika Mataji case: कौन है आर्यिका माताजी? जिसके लिए सड़को पर उतरे लोग; CBI जांच की मांग

HIGHLIGHTS: रीवा घटना के विरोध में अशोकनगर में निकला मौन जुलूस जैन समाज ने CBI या SIT जांच की मांग उठाई आर्यिका माताजी को जैन धर्म में मिलता है विशेष सम्मान CCTV फुटेज और डिजिटल सबूत सुरक्षित रखने की अपील कार्रवाई नहीं होने पर देशव्यापी आंदोलन की चेतावनी Aryika Mataji case: अशोकनगर। रीवा में पूज्य आर्यिका माता को कथित रूप से वाहन से कुचलने की घटना को लेकर जैन समाज में भारी आक्रोश देखने को मिल रहा है। जिसके चलते सोमवार को अशोकनगर में लोगों ने काली पट्टी बांधकर मौन जुलूस निकाला और घटना के विरोध में न्याय की मांग की। बता दें कि सुभाषगंज स्थित जैन मंदिर से शुरू हुआ जुलूस शहर के प्रमुख मार्गों से गुजरते हुए कलेक्ट्रेट कार्यालय पहुंचा, जहां मुख्यमंत्री और कलेक्टर के नाम ज्ञापन सौंपा गया। प्रदर्शन में बड़ी संख्या में महिलाएं, युवा और अन्य समाजों के लोग भी शामिल हुए। पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों पर राहुल गांधी का सरकार पर बड़ा हमला, ‘महंगाई मानव मोदी’ कहकर साधा निशाना कौन होती हैं आर्यिका माताजी दिगंबर जैन परंपरा में आर्यिका माताजी उन महिला संतों को कहा जाता है जिन्होंने सांसारिक जीवन त्यागकर तप, त्याग और अहिंसा का मार्ग अपनाया हो। वे पूरी तरह सादगी से जीवन बिताती हैं और पैदल विहार करते हुए समाज को धर्म और शांति का संदेश देती हैं।बताया जा रहा है कि रीवा घटना में घायल हुईं पूज्य आर्यिका श्रुतमती माताजी और आर्यिका उपशममती माताजी, आचार्य विद्यासागर जी महाराज की शिष्याएं हैं। जैन समाज में उन्हें आध्यात्मिक मार्गदर्शक और तपस्विनी के रूप में बेहद श्रद्धा से देखा जाता है। गुना में दहेज का दर्दनाक मामला: 5 लाख की बाइक की मांग बनी मौत की वजह लोगों ने कहना ये है सुनियोजित साजिश जैन समाज ने आरोप लगाया है कि 20 मई को रीवा में हुई घटना कोई सामान्य सड़क हादसा नहीं बल्कि सुनियोजित साजिश है। लोगों का कहना है कि पैदल विहार कर रही माताजी को वाहन से टक्कर मारने के बाद चालक मौके से फरार हो गया, जिससे संदेह और ज्यादा गहरा गया है। बता दें कि ज्ञापन में मामले की निष्पक्ष जांच के लिए CBI या SIT जांच की मांग की गई है। साथ ही सभी CCTV फुटेज को सुरक्षित रखने की अपील भी की गई है। वायरल ट्रेंड के पीछे छिपा खतरा, ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ के नाम पर ऑनलाइन ठगी का नया खेल शुरू संतों की सुरक्षा को लेकर उठे सवाल प्रदर्शन के दौरान जैन समाज ने साधु-संतों की सुरक्षा के लिए राष्ट्रीय संत सुरक्षा नीति लागू करने की मांग की है। उनका कहना है कि संवेदनशील मार्गों पर पुलिस सुरक्षा उपलब्ध कराई जाए और संतों के खिलाफ होने वाले अपराधों की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट में हो। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो देशभर में चक्का जाम और उग्र आंदोलन किए जाएंगे।
दिल्ली में पानी का संकट गहराया: यमुना का स्तर गिरा, सप्लाई 25% तक कम

दिल्ली । राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली एक बार फिर गंभीर जल संकट की चपेट में है। यमुना नदी का जलस्तर लगातार गिरने से शहर के कई प्रमुख वाटर ट्रीटमेंट प्लांट प्रभावित हो गए हैं, जिसके चलते पानी उत्पादन में लगभग 25 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई है। इसका सीधा असर राजधानी की जलापूर्ति पर पड़ रहा है और कई इलाकों में आने वाले दिनों में पानी की किल्लत और बढ़ने की आशंका जताई जा रही है। रिपोर्ट के अनुसार, वजीराबाद, चंद्रावल और ओखला जैसे प्रमुख जल शोधन संयंत्रों को पर्याप्त कच्चा पानी नहीं मिल पा रहा है। यमुना में पानी की कमी के कारण इन प्लांटों की क्षमता प्रभावित हुई है और उत्पादन में लगातार गिरावट देखी जा रही है। दिल्ली की लगभग 40 प्रतिशत जलापूर्ति यमुना नदी पर निर्भर है। ऐसे में जलस्तर में कमी का सीधा असर राजधानी के लाखों लोगों पर पड़ रहा है। कई क्षेत्रों में पानी का दबाव कम हो गया है, जबकि कुछ इलाकों में आपूर्ति बाधित होने की शिकायतें भी सामने आ रही हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि भीषण गर्मी, कम वर्षा और हरियाणा से आने वाले पानी में कमी इस संकट के प्रमुख कारण हैं। इसके अलावा यमुना में बढ़ता प्रदूषण और अमोनिया का उच्च स्तर भी ट्रीटमेंट प्लांटों के संचालन को प्रभावित कर रहा है। अधिकारियों के मुताबिक, अत्यधिक प्रदूषित पानी को शुद्ध करना प्लांटों की क्षमता से बाहर हो जाता है, जिससे उत्पादन घटाना पड़ता है। स्थिति को देखते हुए कई क्षेत्रों में लोग टैंकरों पर निर्भर होते जा रहे हैं। दिल्ली जल बोर्ड ने लोगों से पानी के सीमित उपयोग और बर्बादी रोकने की अपील की है। साथ ही चेतावनी दी गई है कि यदि हालात में सुधार नहीं हुआ तो आने वाले दिनों में जल संकट और गंभीर हो सकता है। सरकार की ओर से यमुना की सफाई और सीवेज ट्रीटमेंट क्षमता बढ़ाने के लिए कई योजनाएं शुरू की गई हैं, लेकिन फिलहाल स्थिति चुनौतीपूर्ण बनी हुई है।
एक बार फिर कैमरे के सामने आने को तैयार मीनाक्षी शेषाद्रि, कहा– किरदार छोटा हो सकता है, असर बड़ा होना चाहिए

नई दिल्ली। हिंदी सिनेमा की चर्चित और दमदार अदाकारा Meenakshi Seshadri एक बार फिर सुर्खियों में लौट आई हैं। करीब तीन दशक बाद उन्होंने मायानगरी मुंबई में वापसी कर अपने प्रशंसकों को भावुक कर दिया है। लंबे समय से फिल्मी दुनिया से दूर रहने के बाद अब उन्होंने साफ संकेत दिए हैं कि वे फिर से अभिनय की दुनिया में सक्रिय होना चाहती हैं। खास बात यह है कि उन्होंने बड़े या मुख्य किरदार की शर्त नहीं रखी, बल्कि साफ कहा कि अगर कहानी और किरदार में दम हो तो छोटा रोल भी स्वीकार है। उनके इस बयान ने फिल्म जगत और प्रशंसकों के बीच नई चर्चा छेड़ दी है। मीनाक्षी शेषाद्रि ने अपने चाहने वालों के लिए एक भावुक संदेश साझा करते हुए वर्षों से मिले प्यार, सम्मान और समर्थन के लिए आभार जताया। उन्होंने कहा कि इतने लंबे समय बाद मुंबई लौटना उनके लिए किसी भावनात्मक सफर से कम नहीं है। एक नए उत्साह, सकारात्मक सोच और पुराने जुनून के साथ वे दोबारा मनोरंजन की दुनिया का हिस्सा बनना चाहती हैं। उनका मानना है कि कलाकार कभी अपने कला प्रेम से दूर नहीं हो सकता और अभिनय आज भी उनके दिल के बेहद करीब है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि अब वे ऐसे किरदारों की तलाश में हैं, जिनमें कुछ नया करने और अपनी कला को अलग अंदाज में प्रस्तुत करने का अवसर मिले। बदलते दौर में वे फिल्मों के साथ-साथ डिजिटल मंचों पर भी काम करने को लेकर उत्साहित हैं। उनका कहना है कि समय के साथ कहानी कहने के तरीके बदले हैं और अब कलाकारों के सामने खुद को नए रूप में पेश करने के अधिक अवसर मौजूद हैं। एक समय ऐसा था जब मीनाक्षी शेषाद्रि हिंदी सिनेमा की सबसे लोकप्रिय अभिनेत्रियों में गिनी जाती थीं। उनकी फिल्मों और अभिनय ने दर्शकों के दिलों पर गहरी छाप छोड़ी थी। बड़े पर्दे पर उनकी मौजूदगी को आज भी लोग याद करते हैं। लंबे अंतराल के बाद उनकी वापसी की खबर उन दर्शकों के लिए किसी खुशखबरी से कम नहीं है, जो उन्हें फिर से अभिनय करते देखना चाहते थे। अब फिल्म जगत की नजर इस बात पर टिकी है कि मीनाक्षी की दूसरी पारी कितनी खास साबित होती है। प्रशंसकों को उम्मीद है कि जिस तरह उन्होंने अपने पहले सफर में लोगों के दिल जीते थे, उसी तरह वे नए दौर में भी अपनी छाप छोड़ने में सफल रहेंगी। उनकी वापसी केवल एक अभिनेत्री की वापसी नहीं, बल्कि पुराने दौर की यादों के फिर से जीवंत होने जैसी मानी जा रही है।
अशोकनगर में सनसनी: स्कूल में मिला युवक का फंदे पर लटका शव, गांव में मातम

मध्य प्रदेश । अशोकनगर जिले के रिजौदा गांव में सोमवार सुबह एक दर्दनाक घटना सामने आई, जिसने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया। गांव के ही 34 वर्षीय भरत यादव का शव सरकारी स्कूल के रोशनदान में फांसी के फंदे से लटका मिला। मृतक चार बेटियों का पिता था। घटना की शुरुआत उस समय हुई जब सुबह लगभग 7 बजे एक बच्ची ने स्कूल की तरफ देखा और रोशनदान में किसी व्यक्ति को लटका हुआ पाया। घबराई बच्ची ने तुरंत ग्रामीणों को इसकी जानकारी दी। सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंचे और आनन-फानन में शव को नीचे उतारकर जिला अस्पताल ले गए, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। जानकारी के अनुसार, भरत यादव रविवार रात को परिवार के साथ सामान्य रूप से खाना खाकर सोया था। सुबह करीब 5 बजे वह बिना किसी को बताए घर से निकल गया था। परिजनों ने बताया कि रात तक उसकी किसी भी तरह की मानसिक परेशानी या तनाव की जानकारी नहीं थी, जिससे घटना और भी रहस्यमय हो गई है। घटना के बाद स्कूल परिसर और गांव में मातम का माहौल है। चार बेटियों के सिर से पिता का साया उठ जाने से परिवार गहरे सदमे में है। ग्रामीणों की भारी भीड़ अस्पताल और गांव दोनों जगह जुटी रही। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव का पंचनामा तैयार किया। इसके बाद पोस्टमार्टम कराकर शव परिजनों को सौंप दिया गया है। पुलिस ने मामले में मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है और आत्महत्या के कारणों का पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है। फिलहाल इस दर्दनाक घटना ने पूरे क्षेत्र को स्तब्ध कर दिया है और गांव में गहरा शोक व्याप्त है।
ईरान बोला- अमेरिका की धमकियों से नहीं डरते, इजराइल पर बातचीत बिगाड़ने का आरोप; होर्मुज और समझौते को लेकर बढ़ा तनाव

नई दिल्ली। ईरान ने एक बार फिर अमेरिका के साथ चल रही बातचीत के बीच सख्त रुख अपनाते हुए कहा है कि वह किसी भी तरह की धमकियों से डरने वाला नहीं है। ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ईस्माइल बघाई ने साफ कहा कि अमेरिका पर भरोसा करना मुश्किल है, क्योंकि यह गारंटी नहीं है कि वह किसी संभावित समझौते का पूरी तरह पालन करेगा। ईरान ने आरोप लगाया है कि इजराइल लगातार अमेरिका-ईरान वार्ता को कमजोर करने और उसे पटरी से उतारने की कोशिश कर रहा है। बघाई के मुताबिक, कुछ देश युद्ध और टकराव का माहौल बनाकर बातचीत को प्रभावित करने का प्रयास कर रहे हैं। इसी बीच ईरान ने संकेत दिया है कि हाल के कूटनीतिक बदलावों में कुछ देशों, जिनमें पाकिस्तान और अन्य क्षेत्रीय साझेदार शामिल हैं, की मध्यस्थता की भूमिका रही है, हालांकि तेहरान आने को लेकर कोई आधिकारिक कार्यक्रम तय नहीं है। वहीं, पिछले 24 घंटे में बातचीत से जुड़े कई अहम अपडेट सामने आए हैं। अमेरिका और ईरान के बीच अपेक्षित समझौते पर अभी तक हस्ताक्षर नहीं हो पाए हैं, जबकि ओमान के जरिए दोनों पक्षों के बीच संदेशों का आदान-प्रदान जारी है। ईरान ने दोहराया है कि देश में किसी भी बड़े फैसले के लिए सुप्रीम लीडर की मंजूरी जरूरी होती है, जिससे अंतिम निर्णय प्रक्रिया और जटिल हो जाती है। उधर, अमेरिका और ईरान के बीच संभावित समझौते को लेकर इजराइल की चिंता बढ़ी हुई है, खासकर होर्मुज जलमार्ग से जुड़े रणनीतिक मुद्दों को लेकर। ब्रिटेन और यूरोपीय संघ ने बातचीत का स्वागत करते हुए क्षेत्रीय स्थिरता और परमाणु अप्रसार पर जोर दिया है। फिलहाल अमेरिका की ओर से भी यह संकेत दिए गए हैं कि बातचीत जारी है और जल्द कोई बड़ा अपडेट सामने आ सकता है, लेकिन अंतिम समझौते पर अभी भी अनिश्चितता बनी हुई है।
गुना पुलिस की बड़ी कार्रवाई: 1 किलो अफीम के साथ राजस्थान के दो तस्कर गिरफ्तार

मध्य प्रदेश । गुना जिले के मृगवास थाना क्षेत्र में पुलिस ने नशे के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत बड़ी सफलता हासिल की है। कार्रवाई के दौरान पुलिस ने 1 किलो से अधिक अफीम के साथ दो अंतरराज्यीय तस्करों को गिरफ्तार किया है। यह दोनों आरोपी राजस्थान से अवैध मादक पदार्थ की सप्लाई देने गुना पहुंचे थे। पुलिस के अनुसार, यह कार्रवाई SP हितिका वासल के निर्देशन में चल रहे अवैध मादक पदार्थ विरोधी अभियान के तहत की गई। ASP मानसिंह ठाकुर के मार्गदर्शन और चांचौड़ा SDOP मनोज कुमार झा के नेतृत्व में मृगवास थाना पुलिस और सानई चौकी टीम ने संयुक्त रूप से यह कार्रवाई की। सूचना के अनुसार पुलिस को मुखबिर से जानकारी मिली थी कि राजस्थान की ओर से एक हीरो स्प्लेंडर बाइक (RJ28 ST 3530) पर दो व्यक्ति अफीम लेकर सानई क्षेत्र की ओर आने वाले हैं। इस सूचना पर पुलिस टीम ने ग्राम बंजारीकला के कच्चे रास्ते पर घेराबंदी कर इंतजार किया। कुछ ही समय बाद संदिग्ध बाइक को आते देख पुलिस ने बिना देरी किए घेराबंदी कर दोनों को मौके पर ही दबोच लिया। तलाशी लेने पर उनके पास से थैले में रखा 1.010 किलोग्राम अफीम बरामद हुआ। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान राधेश्याम (45) और जगदीश उर्फ भूरा (35), निवासी ग्राम मानपुरा, थाना हरनावदा शाहजी, जिला बारां (राजस्थान) के रूप में हुई है। पुलिस ने बरामद अफीम की कीमत लगभग 10 लाख रुपए और इस्तेमाल की गई मोटरसाइकिल की कीमत करीब 1 लाख रुपए बताते हुए कुल 11 लाख रुपए का माल जब्त किया है। आरोपियों के खिलाफ मृगवास थाने में एनडीपीएस एक्ट की धारा 8/18 के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस अब इस बात की भी जांच कर रही है कि यह अफीम कहां से लाई गई थी और जिले में इसका नेटवर्क किन-किन लोगों तक फैला हुआ है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जिले में नशा तस्करी के खिलाफ अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा और ऐसे अपराधियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।