जमीन विवाद में खूनी झड़प: तलवार, चाकू और डंडों से हमला, फौजी समेत 5 पर केस दर्ज

सतना । सतना जिले के रामपुर बघेलान थाना क्षेत्र के कंदवा गांव में जमीन विवाद ने अचानक हिंसक रूप ले लिया, जब दो पक्ष आमने-सामने आ गए और देखते ही देखते मामला तलवार, चाकू और डंडों से हमले तक पहुंच गया। इस झड़प में आधा दर्जन से अधिक लोग घायल हो गए, जबकि पूरे गांव में तनाव का माहौल बन गया। घटना का वीडियो सामने आने के बाद मामला और गंभीर हो गया है। वीडियो में दोनों पक्षों के बीच जमकर मारपीट और हथियारों का इस्तेमाल दिखाई दे रहा है। पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए एक पक्ष की शिकायत पर फौजी समेत पांच लोगों के खिलाफ नामजद एफआईआर दर्ज कर ली है। पहले पक्ष के राजकिशोर तिवारी ने आरोप लगाया कि उनके परिवार और गांव के ही दूसरे पक्ष के लोगों के बीच लंबे समय से जमीन को लेकर विवाद चल रहा था। 25 मई की शाम करीब 6 बजे विवाद ने उग्र रूप ले लिया, जब दूसरे पक्ष के लोग गाली-गलौज करते हुए घर में घुस आए। शिकायत के अनुसार, हमलावरों में से एक व्यक्ति तलवार लेकर आया था, जबकि अन्य लोग चाकू और डंडों से लैस थे। आरोप है कि उन्होंने घर के बाहर बैठी तुलसी देवी और अन्य परिजनों पर हमला किया। विरोध करने पर पूरे परिवार को बेरहमी से पीटा गया और जान से मारने की धमकी भी दी गई। घटना के बाद घायल पक्ष थाने पहुंचा और रिपोर्ट दर्ज कराई, जिसके आधार पर पुलिस ने पांच लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। इनमें फौजी पंकज तिवारी, मनीष तिवारी, मुनेंद्र तिवारी, दिनेश तिवारी और अभिषेक तिवारी शामिल हैं। वहीं, दूसरे पक्ष ने भी पलटवार करते हुए शिकायत दर्ज कराई है। उनका आरोप है कि छुट्टी पर घर आए फौजी पंकज तिवारी पर पहले हमला किया गया। इस शिकायत में राजकिशोर तिवारी सहित पांच अन्य लोगों के नाम शामिल किए गए हैं। पुलिस ने दोनों पक्षों की शिकायतों के आधार पर क्रॉस एफआईआर दर्ज कर ली है और पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि घटनास्थल, वीडियो फुटेज और बयानों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल गांव में तनाव बना हुआ है और पुलिस स्थिति पर नजर बनाए हुए है ताकि किसी भी तरह की नई हिंसा न हो।
कलेक्ट्रेट में हंगामा: रामचरितमानस जलाने की कोशिश के बाद आत्मदाह का प्रयास, युवक हिरासत में

सागर । सागर में मंगलवार को जनसुनवाई के दौरान कलेक्ट्रेट परिसर में उस समय हड़कंप मच गया जब एक युवक ने धार्मिक ग्रंथ रामचरितमानस को आग के हवाले कर दिया और बाद में खुद पर पेट्रोल डालकर आत्मदाह का प्रयास किया। मौके पर मौजूद लोगों ने तुरंत सक्रियता दिखाते हुए उसे पकड़ लिया और उसके हाथ से पेट्रोल की बोतल छीन ली, जिससे बड़ी घटना टल गई। घटना के बाद पुलिस ने युवक को हिरासत में ले लिया है। उसकी पहचान जैसीनगर के घोघरी गांव निवासी बहादुर चढ़ार (37) के रूप में हुई है। पुलिस ने उसे गोपालगंज थाने में रखकर पूछताछ शुरू कर दी है। जानकारी के अनुसार, बहादुर ने आरोप लगाया है कि वर्ष 2015 में उसके साथ गंभीर मारपीट हुई थी और इस मामले में आरोपी मुन्ना के खिलाफ अब तक कोई कार्रवाई नहीं की गई। उसका कहना है कि वह लंबे समय से पुलिस और प्रशासन के चक्कर काट रहा था, लेकिन सुनवाई न होने से वह मानसिक रूप से आहत था। युवक ने यह भी आरोप लगाया कि मारपीट के दौरान उसके साथ अमानवीय व्यवहार किया गया था, लेकिन शिकायतों के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। इसी नाराजगी और हताशा में उसने यह कदम उठाया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, युवक अपने साथ पेट्रोल के अलावा पटाखे भी लेकर आया था। जैसे ही उसने रामचरितमानस को आग लगाई, मौके पर अफरा-तफरी मच गई और लोगों ने तुरंत उसे रोक लिया। घटना के बाद प्रशासन और पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे और स्थिति को नियंत्रित किया। अधिकारियों ने युवक से बातचीत कर उसके आरोपों को सुना और मामले की जांच का आश्वासन दिया। वहीं, इस घटना के बाद कुछ लोगों ने धार्मिक ग्रंथ जलाने के विरोध में आरोपी युवक पर सख्त कार्रवाई की मांग भी की है। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और दोनों पक्षों के आरोपों की पड़ताल की जा रही है।
साध्वियों को कुचलने वाले मामले में सख्त रुख: एक्सपर्ट बोले-‘अनकंट्रोल नहीं थी कार’, ड्राइवर पर हत्या का आरोप मानने की मांग

रीवा । रीवा में तेज रफ्तार कार से कुचलकर दो जैन साध्वियों की मौत के मामले ने अब गंभीर मोड़ ले लिया है। घटना के बाद सामने आए CCTV फुटेज और विशेषज्ञों की राय ने इस पूरे प्रकरण को एक साधारण सड़क दुर्घटना के बजाय एक संदिग्ध मामला बना दिया है। इसी के चलते जैन समाज ने आरोपी पर दर्ज ‘गैर इरादतन हत्या’ की धारा को हटाकर सीधे ‘हत्या’ का मामला दर्ज करने की मांग तेज कर दी है। घटना में पूज्य श्रुति मति माता और उपसमिति माता की मौके पर ही मौत हो गई थी, जबकि एक अन्य आर्यिका माता गंभीर रूप से घायल हैं और उनका उपचार जारी है। शुरुआती पुलिस जांच में इसे सड़क दुर्घटना माना गया था, लेकिन CCTV फुटेज सामने आने के बाद मामले की दिशा बदल गई है। फुटेज में साफ देखा जा सकता है कि कार मेन रोड पर सामान्य गति से चल रही थी और अचानक मोड़ लेकर पैदल चल रही साध्वियों को कुचल देती है। इसके बाद वाहन तेज गति से मौके से निकल जाता है। इसी आधार पर एक्सपर्ट्स ने सवाल उठाए हैं कि यह घटना अनियंत्रित वाहन का परिणाम नहीं बल्कि नियंत्रण में चल रही कार द्वारा की गई कार्रवाई प्रतीत होती है। विशेषज्ञों के अनुसार, यदि चालक को झपकी आई होती या वाहन अनियंत्रित होता, तो कार का मूवमेंट अलग प्रकार का होता और वह या तो सीधा आगे बढ़ती या अधिक कोण पर मुड़ती। लेकिन फुटेज में वाहन का सटीक मोड़ लेकर साध्वियों की ओर जाना इस मामले को संदिग्ध बनाता है। घटना शहर के वीआईपी क्षेत्र में हुई, जहां कलेक्ट्रेट, पुलिस कंट्रोल रूम, सिविल लाइन थाना और एसपी कार्यालय कुछ ही दूरी पर स्थित हैं। इसके बावजूद इतनी बड़ी घटना होना प्रशासनिक व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर रहा है। जैन समाज के विभिन्न प्रतिनिधियों और प्रत्यक्षदर्शियों ने पुलिस की शुरुआती कार्रवाई पर असंतोष जताते हुए कहा है कि जब घटना CCTV में स्पष्ट रूप से दिखाई दे रही है, तो इसे सड़क दुर्घटना मानना उचित नहीं है। समाज ने आरोपियों पर हत्या की धाराएं लगाने और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। पुलिस ने आरोपी रशीद आबाद अली शाह को गिरफ्तार कर लिया है, जो नागपुर का रहने वाला बताया गया है। घटना के बाद वह फरार हो गया था और बाद में उसे जबलपुर के बहोरीपार टोल नाके से पकड़ा गया। एडिशनल एसपी के अनुसार, पूरे मामले की जांच CCTV फुटेज और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर की जा रही है। प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि जांच के बाद जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसी के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल जैन समाज की मांग है कि मामले में SIT या न्यायिक जांच कराई जाए और साधु-संतों की सुरक्षा के लिए राष्ट्रीय स्तर पर विशेष सुरक्षा प्रोटोकॉल लागू किया जाए।
L&T के खाते में आए कई बड़े प्रोजेक्ट, ₹2500 करोड़ के ऑर्डर से इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर में बढ़ी हलचल

नई दिल्ली । देश के इंफ्रास्ट्रक्चर और इंजीनियरिंग सेक्टर में एक बार फिर बड़ी कारोबारी गतिविधि देखने को मिली है। प्रमुख इंजीनियरिंग कंपनी L&T को कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं के लिए ₹1,000 करोड़ से ₹2,500 करोड़ के बीच के बड़े ऑर्डर मिले हैं। इन नए प्रोजेक्ट्स ने बाजार का ध्यान अपनी ओर खींचा है और कंपनी की भविष्य की विकास संभावनाओं को लेकर चर्चा तेज हो गई है। विभिन्न क्षेत्रों से मिले इन ऑर्डर्स को कंपनी ने अपनी महत्वपूर्ण कारोबारी उपलब्धियों में शामिल किया है। स्टील सेक्टर से मिला बड़ा प्रोजेक्टकंपनी की पूर्ण स्वामित्व वाली सहयोगी इकाई को सबसे बड़ा पाइलिंग प्रोजेक्ट एक बड़े स्टील समूह से मिला है। यह परियोजना ओडिशा के पारादीप में विकसित किए जा रहे एक विशाल इंटीग्रेटेड स्टील प्लांट से जुड़ी हुई है। परियोजना के अंतर्गत बड़े पैमाने पर औद्योगिक संरचनाओं का निर्माण किया जाएगा। इस प्लांट में ब्लास्ट फर्नेस, हॉट स्ट्रिप मिल और स्टील मेल्टिंग शॉप जैसी कई महत्वपूर्ण संरचनाएं शामिल रहेंगी। बताया गया है कि इस पूरे प्रोजेक्ट में लगभग 30 लाख रनिंग मीटर पाइलिंग कार्य किया जाएगा। परियोजना को निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरा करना चुनौतीपूर्ण माना जा रहा है। उद्योग जगत का मानना है कि इतने बड़े स्तर पर निर्माण कार्य कंपनी की तकनीकी क्षमता और निष्पादन कौशल की परीक्षा भी होगी। जल परिवहन क्षेत्र में भी बढ़ी सक्रियताकंपनी को राष्ट्रीय जलमार्ग से जुड़े दो महत्वपूर्ण इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट भी प्राप्त हुए हैं। इन परियोजनाओं के तहत पटना और वाराणसी में आधुनिक शिप रिपेयर सुविधाओं का विकास किया जाएगा। परियोजना इंजीनियरिंग, प्रोक्योरमेंट और कंस्ट्रक्शन मॉडल के तहत पूरी की जाएगीइन सुविधाओं में आधुनिक तकनीक आधारित शिप लिफ्ट और ट्रांसफर सिस्टम स्थापित किए जाएंगे। बताया जा रहा है कि 800 टन क्षमता वाले बोट होइस्ट जैसी तकनीकी सुविधाएं भी इसमें शामिल होंगी। इन परियोजनाओं का उद्देश्य आंतरिक जल परिवहन नेटवर्क को और अधिक मजबूत बनाना है, जिससे माल और यात्री परिवहन को नई गति मिल सके। मुंबई को मिल सकती है नई पहचानकंपनी को मुंबई हार्बर में भारत का पहला यॉट मरीना विकसित करने का प्रोजेक्ट भी मिला है। इस परियोजना को समुद्री पर्यटन और आधुनिक तटीय इंफ्रास्ट्रक्चर की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इसके अंतर्गत कई उन्नत सुविधाओं का निर्माण किया जाएगा, जिनमें विशेष प्लेटफॉर्म और सुरक्षित संचालन व्यवस्था शामिल रहेगी।विशेषज्ञों का मानना है कि यह परियोजना मुंबई को अंतरराष्ट्रीय समुद्री पर्यटन मानचित्र पर नई पहचान दे सकती है। साथ ही इससे देश की ब्लू इकॉनमी को भी मजबूती मिलने की संभावना व्यक्त की जा रही है।बाजार की नजर शेयर प्रदर्शन परइन महत्वपूर्ण ऑर्डर्स की जानकारी सामने आने के बाद निवेशकों की नजर कंपनी के शेयर प्रदर्शन पर भी बनी हुई है। कारोबारी सत्र के दौरान कंपनी के शेयरों में हल्की मजबूती देखी गई। हालांकि वर्ष की शुरुआत से अब तक शेयर के प्रदर्शन में सीमित दबाव बना हुआ है, लेकिन बड़े ऑर्डर भविष्य की आय और प्रोजेक्ट पाइपलाइन के लिए सकारात्मक संकेत माने जा रहे हैं। आने वाले समय में इन परियोजनाओं की प्रगति बाजार की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।
डायल-112 सिस्टम पर सवाल: रीवा में शराब सप्लाई का वीडियो सामने आते ही कार्रवाई, दो पुलिसकर्मी सस्पेंड

रीवा । रीवा जिले के गंगेव क्षेत्र से पुलिस व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करने वाला एक वीडियो सामने आया है, जिसमें डायल-112 आपातकालीन वाहन के पास एक युवक शराब दुकान से बोतलें और बियर लेकर पहुंचता दिखाई दे रहा है। आरोप है कि यह पूरी घटना ड्यूटी के दौरान हुई और वाहन में मौजूद पुलिसकर्मियों की मौजूदगी में शराब मंगवाई गई। स्थानीय लोगों के अनुसार, डायल-112 वाहन मौके पर खड़ा था और इसी दौरान सायरन बजने के बाद भी एक युवक शराब दुकान से सीधे वाहन तक शराब पहुंचाता दिखाई दिया। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया, जिसके बाद पुलिस की कार्यप्रणाली और आपातकालीन सेवा की विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल उठने लगे। वीडियो सामने आने के बाद इलाके में चर्चा तेज हो गई और लोगों ने पुलिस व्यवस्था पर नाराजगी जताई। कई लोगों ने सोशल मीडिया पर भी इस घटना को लेकर प्रतिक्रिया दी और इसे डायल-112 सेवा की छवि को नुकसान पहुंचाने वाला मामला बताया। मामले को गंभीरता से लेते हुए रीवा पुलिस अधीक्षक ने तत्काल जांच के आदेश दिए। इसके बाद एसडीओपी स्तर पर पूरे प्रकरण की जांच कराई गई। प्रारंभिक जांच में दोनों कर्मचारियों की भूमिका संदिग्ध पाए जाने पर कार्रवाई करते हुए आरक्षक समर पटेल और वाहन चालक अनूप विश्वकर्मा को निलंबित कर दिया गया। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, मामले की विस्तृत जांच अभी जारी है। एएसपी ने बताया कि वीडियो के आधार पर सभी पहलुओं की जांच की जा रही है और यदि अन्य कर्मचारी या अधिकारी भी इसमें शामिल पाए जाते हैं, तो उनके खिलाफ भी सख्त विभागीय कार्रवाई की जाएगी। यह घटना सामने आने के बाद डायल-112 सेवा की कार्यप्रणाली और निगरानी व्यवस्था पर एक बार फिर सवाल उठ खड़े हुए हैं। प्रशासन ने संकेत दिए हैं कि जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे और सख्त कदम उठाए जा सकते हैं।
Sterlite Tech में रॉकेट जैसी तेजी बरकरार, 375% रिटर्न के बाद भी ब्रोकरेज को 48% और उछाल की उम्मीद

नई दिल्ली । शेयर बाजार में कई बार ऐसे स्टॉक सामने आते हैं जो कम समय में निवेशकों को असाधारण रिटर्न देकर बाजार की चर्चा का केंद्र बन जाते हैं। टेलीकॉम और ऑप्टिकल फाइबर समाधान उपलब्ध कराने वाली कंपनी Sterlite Technologies ने हाल के महीनों में कुछ ऐसा ही प्रदर्शन किया है। कंपनी के शेयरों ने वर्ष 2026 में अब तक लगभग 375 प्रतिशत की जोरदार तेजी दर्ज की है। हालांकि बड़ी उछाल के बावजूद बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि इस स्टॉक में अभी भी आगे बढ़ने की पर्याप्त संभावना बनी हुई है। हालिया कारोबारी सत्र में भी शेयर लगातार दूसरे दिन ऊपरी सर्किट पर बंद हुआ, जिससे निवेशकों का उत्साह और मजबूत हुआ है।मजबूत डील ने बदली निवेशकों की धारणाकंपनी को हाल ही में अपनी एक सहायक इकाई के जरिए 1.1 अरब डॉलर का बहुवर्षीय ऑर्डर हासिल हुआ है। इस बड़ी डील ने बाजार की धारणा पर सकारात्मक असर डाला है। खास बात यह है कि यह नया अनुबंध कंपनी की मौजूदा ऑर्डर बुक के अतिरिक्त माना जा रहा है। वित्त वर्ष 2026 में कंपनी की ऑर्डर बुक पहले ही करीब 67 प्रतिशत की बढ़त के साथ 7,300 करोड़ रुपये के स्तर तक पहुंच चुकी है। ऐसे में निवेशकों को लग रहा है कि कंपनी के भविष्य के कारोबार की स्थिति पहले की तुलना में अधिक मजबूत हो सकती है। कमाई के अनुमान में बड़ी बढ़ोतरीबाजार विश्लेषकों ने कंपनी की आय और विकास की संभावनाओं को देखते हुए आगामी वर्षों के लिए अपने अनुमान संशोधित किए हैं। नए ऑर्डर के बाद वित्त वर्ष 2027 से 2029 के बीच कंपनी की संभावित कमाई में उल्लेखनीय सुधार का अनुमान लगाया गया है। विशेषज्ञों का मानना है कि कंपनी की आय क्षमता पहले के आकलन से कहीं अधिक बेहतर हो सकती है। यही कारण है कि कंपनी को लेकर बाजार का नजरिया लगातार सकारात्मक बना हुआ है।AI और डेटा सेंटर सेक्टर से बढ़ी उम्मीदेंतकनीकी क्षेत्र में तेजी से बदलते वैश्विक माहौल के बीच आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और डेटा सेंटर उद्योग सबसे तेज गति से बढ़ने वाले क्षेत्रों में गिने जा रहे हैं। माना जा रहा है कि कंपनी की नई डील उसे इस क्षेत्र में रणनीतिक बढ़त दिला सकती है। इससे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उसकी प्रतिस्पर्धी स्थिति मजबूत होने की संभावना जताई जा रही है। विशेषज्ञों का आकलन है कि आने वाले वर्षों में AI आधारित इंफ्रास्ट्रक्चर और नेटवर्किंग की मांग बढ़ने से कंपनी को अतिरिक्त लाभ मिल सकता है। शेयर की रफ्तार ने बाजार का ध्यान खींचाहाल के कारोबारी सत्र में कंपनी का शेयर करीब 486 रुपये के स्तर पर पांच प्रतिशत की बढ़त के साथ बंद हुआ। पिछले एक महीने में ही इसमें लगभग 74 प्रतिशत का उछाल दर्ज किया गया है। लगातार तेजी के कारण यह शेयर निवेशकों और बाजार विशेषज्ञों के बीच चर्चा का प्रमुख विषय बना हुआ है। कई विश्लेषकों का मानना है कि कंपनी की मजबूत ऑर्डर स्थिति और विकास क्षमता के कारण बाजार में इसकी कहानी अभी समाप्त नहीं हुई है। हालांकि विशेषज्ञ निवेशकों को यह भी सलाह देते हैं कि किसी भी तेजी वाले स्टॉक में निवेश से पहले जोखिम और मूल्यांकन को ध्यान में रखना जरूरी है।
UNCLE RAPED GIRL CHILD: मुहं में कपड़ा ठूंसकर 11 साल की बच्ची से रेप; ताऊ ही निकला दरिंदा

HIGHLIGHTS: ग्वालियर में 11 साल की बच्ची से दुष्कर्म ताऊ ने ही कियी मासूम से रेप बदनामी के डर से 12 दिन तक छिपाई बात पोक्सो एक्ट में मामला दर्ज पुलिस ने ताऊ को किया गिरफ्तार UNCLE RAPED GIRL CHILD: मध्यप्रदेश। ग्वालियर के झांसी रोड इलाके से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। जहां 11 साल की मासूम बच्ची को उसके सगे ताऊ ने बिजली गुल होने का फायदा उठाकर कमरे में खींच लिया। आरोपी ने मासूम के मुंह में रूमाल ठूंस दिया, हाथ-पैर रस्सी से बांध दिए और उसके साथ बलात्कार किया। साथ ही चुप रहने के लिए जान से मारने की धमकी भी दी। भाई के जन्मदिन पर आई बच्ची पीड़िता बचपन से नाना-नानी के पास रहती थी, और छोटे भाई के जन्मदिन पर माता-पिता के घर आई थी। गर्मी के कारण पूरा परिवार बाहर बैठा था, जिसके बाद मां ने बेटी को अंदर सो रहे भाई को जगाने भेजा तभी ताऊ ने अंधेरे में उसे पकड़ लिया। भाई बाहर आ गया लेकिन बच्ची वापस नहीं लौटी। नागौद में बिजली चोरी से हड़कंप: बदमाश काट ले गए हाईटेंशन लाइन के तार, ग्रामीण इलाकों की सप्लाई ठप 12 दिन तक दबाया गया मामला घटना के बाद डरी-सहमी बच्ची रोती हुई मां के पास आई और पूरी बात बताई। लेकिन परिवार में बदनामी और ससुराल पक्ष के दबाव के चलते 12 दिन तक मामला थाने नहीं पहुंचाया। बच्ची को वापस ननिहाल भेज दिया गया। इसके बाद 25 मई को पेट में तेज दर्द होने पर जब डॉक्टरों ने अंदरूनी चोट की आशंका जताई तब मां थाने पहुंची और शिकायत दर्ज कराई। कलेक्ट्रेट में हंगामा: रामचरितमानस जलाने की कोशिश के बाद आत्मदाह का प्रयास, युवक हिरासत में पुलिस ने तुरंत किया गिरफ्तार झांसी रोड पुलिस ने पीड़िता का मेडिकल कराया और आरोपी ताऊ के खिलाफ पॉक्सो एक्ट, बलात्कार व जान से मारने की धमकी समेत अन्य धाराओं में केस दर्ज किया। साथ ही विशेष टीम ने घेराबंदी कर आरोपी को उसी दिन गिरफ्तार कर लिया। फिलहाल पुलिस आरोपी से पूछताछ कर रही है।
गंगा दशहरा उत्सव की तैयारियां पूरी: सीएम करेंगे शिप्रा तीर्थ परिक्रमा का समापन, 300 फीट चुनरी अर्पण कार्यक्रम आकर्षण

उज्जैन। उज्जैन में गंगा दशहरा के पावन अवसर पर मंगलवार को आस्था और भक्ति का भव्य दृश्य देखने को मिलेगा, जब मां शिप्रा तीर्थ परिक्रमा यात्रा का समापन रामघाट पर किया जाएगा। दो दिन से चल रही यह धार्मिक यात्रा मंगलवार को अपने अंतिम चरण में पहुंच रही है, जिसमें हजारों श्रद्धालुओं की उपस्थिति के बीच भक्ति, संस्कृति और परंपरा का अनूठा संगम दिखाई देगा। इस भव्य समापन कार्यक्रम में मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव भी शामिल होंगे। वे रामघाट पर मां शिप्रा को करीब 300 फीट लंबी विशाल चुनरी अर्पित करेंगे। इस अवसर पर घाट क्षेत्र पूरी तरह धार्मिक उत्साह और आध्यात्मिक ऊर्जा से सराबोर रहेगा। प्रशासन और आयोजन समितियों द्वारा तैयारियां पूरी कर ली गई हैं, ताकि कार्यक्रम सुचारु और भव्य तरीके से संपन्न हो सके। कार्यक्रम में भारतीय नौसेना का बैंड भी विशेष प्रस्तुति देगा, जो देशभक्ति और सांस्कृतिक धुनों के साथ माहौल को और भव्य बनाएगा। वहीं प्रसिद्ध भजन गायिका मैथिली ठाकुर अपनी प्रस्तुति से श्रद्धालुओं को भक्ति रस में सराबोर करेंगी। उनके भजनों से रामघाट पर आध्यात्मिक माहौल और भी गहरा होगा। शिप्रा तीर्थ परिक्रमा यात्रा सोमवार को रामघाट से प्रारंभ हुई थी। यह यात्रा नृसिंह घाट, कर्कराज मंदिर, वेधशाला, महामृत्युंजय द्वार और प्रशांति धाम होते हुए दत्त अखाड़ा तक पहुंची, जहां रात्रि विश्राम किया गया। यात्रा के दौरान पूरे मार्ग में श्रद्धालुओं का उत्साह देखते ही बनता था। जगह-जगह सामाजिक और धार्मिक संस्थाओं द्वारा स्वागत मंच लगाए गए थे, जहां श्रद्धालुओं के लिए ठंडा पानी, शरबत, फल और प्रसाद की व्यवस्था की गई। दूसरे दिन यात्रा दत्त अखाड़ा से आगे बढ़कर रणजीत हनुमान, कालभैरव, मंगलनाथ, सांदीपनि आश्रम, गढ़कालिका, भर्तृहरि गुफा और वाल्मीकि धाम जैसे प्रमुख धार्मिक स्थलों से होकर पुनः रामघाट पर पहुंचेगी, जहां इसका विधिवत समापन होगा। इस पूरे आयोजन का संचालन शिप्रा लोक संस्कृति समिति के साथ महाराजा विक्रमादित्य रिसर्च इंस्टीट्यूट, उज्जैन विकास प्राधिकरण, रामघाट तीर्थ पुरोहित सभा और जिला प्रशासन के सहयोग से किया जा रहा है। प्रशासन ने भीड़ को देखते हुए सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं और घाट क्षेत्र में पुलिस बल की तैनाती की गई है। गंगा दशहरा के इस पावन पर्व पर उज्जैन एक बार फिर आस्था, संस्कृति और परंपरा का जीवंत केंद्र बन गया है। रामघाट पर चुनरी अर्पण और भक्ति संगीत के साथ यह आयोजन श्रद्धालुओं के लिए अविस्मरणीय अनुभव बनने जा रहा है।
निवेशकों के रडार पर इंडस टावर्स, टेनेंसी ग्रोथ और मजबूत कैश फ्लो से शेयर में नई उड़ान की संभावना

नई दिल्ली । टेलीकॉम इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर की प्रमुख कंपनियों में शामिल इंडस टावर्स एक बार फिर निवेशकों के बीच चर्चा का केंद्र बन गई है। पिछले तीन वर्षों में करीब 176 प्रतिशत का मजबूत रिटर्न देने वाला यह शेयर अब भी बाजार विशेषज्ञों के रडार पर बना हुआ है। हाल ही में एक प्रमुख वैश्विक ब्रोकरेज फर्म ने कंपनी के भविष्य को लेकर सकारात्मक रुख अपनाते हुए इसके शेयरों में करीब 32 प्रतिशत तक की संभावित तेजी का अनुमान जताया है। हालांकि मंगलवार के कारोबार में शेयर हल्की कमजोरी के साथ ट्रेड करता दिखाई दिया, लेकिन बाजार विश्लेषकों का मानना है कि कंपनी के मूलभूत आंकड़े अभी भी इसकी लंबी अवधि की संभावनाओं को मजबूत बना रहे हैं। टेलीकॉम विस्तार से बढ़ी उम्मीदें विशेषज्ञों के अनुसार इंडस टावर्स की ग्रोथ का सबसे बड़ा आधार उसके टेलीकॉम नेटवर्क विस्तार से जुड़ा कारोबार है। कंपनी की टेनेंसी वृद्धि में उसके बड़े ग्राहकों का अहम योगदान देखा जा रहा है। पिछले वित्तीय वर्ष के दौरान टावर उपयोग में उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जिससे कंपनी के बिजनेस मॉडल को मजबूती मिली है। विश्लेषकों का मानना है कि आने वाले वर्षों में मोबाइल नेटवर्क विस्तार और डेटा खपत में बढ़ोतरी से टावर इंफ्रास्ट्रक्चर की मांग और तेज हो सकती है। इसी कारण कंपनी के लिए आने वाले समय में नए टावर जुड़ने और मौजूदा टावरों पर अतिरिक्त टेनेंसी मिलने की संभावना बढ़ती दिखाई दे रही है। यदि कंपनी अपनी बाजार हिस्सेदारी बनाए रखने में सफल रहती है, तो इसका सीधा असर राजस्व वृद्धि और मुनाफे पर दिखाई दे सकता है।लंबी अवधि के कॉन्ट्रैक्ट बने बड़ी ताकत इंडस टावर्स के बिजनेस मॉडल की एक अहम विशेषता इसके लंबे समय के कॉन्ट्रैक्ट माने जा रहे हैं। कंपनी के अधिकांश समझौतों में वार्षिक वृद्धि का प्रावधान शामिल है, जिससे भविष्य की आय को स्थिरता मिलती है। यह व्यवस्था कंपनी को बाजार में उतार-चढ़ाव के बावजूद मजबूत आय संरचना उपलब्ध कराती है। बाजार जानकारों का मानना है कि ऐसे अनुबंध कंपनी के परिचालन लाभ को स्थिर बनाए रखने में मदद करते हैं। इससे निवेशकों के बीच कंपनी की विश्वसनीयता भी मजबूत होती है और लंबी अवधि के निवेशकों का भरोसा बना रहता है।डिविडेंड और वैल्यूएशन पर भी नजर कंपनी के मजबूत फ्री कैश फ्लो ने निवेशकों की उम्मीदों को और बढ़ा दिया है। विश्लेषकों का मानना है कि आने वाले समय में कंपनी नियमित डिविडेंड भुगतान जारी रख सकती है। साथ ही डिविडेंड यील्ड में सुधार की संभावनाएं भी दिखाई दे रही हैं। यह पहलू उन निवेशकों के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है जो स्थिर आय वाले शेयरों की तलाश में रहते हैं। इसके अलावा मौजूदा वैल्यूएशन के आधार पर भी कंपनी आकर्षक नजर आ रही है। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि वर्तमान स्तरों पर स्टॉक अभी भी पूरी तरह महंगा नहीं हुआ है और इसमें आगे बेहतर रिटर्न की संभावना बनी हुई है। हालांकि सभी विश्लेषक पूरी तरह एकमत नहीं हैं। कुछ विशेषज्ञों ने सतर्क रुख अपनाने की सलाह भी दी है, जिससे स्पष्ट होता है कि निवेशकों को निर्णय लेने से पहले कंपनी के प्रदर्शन और बाजार परिस्थितियों का मूल्यांकन जरूर करना चाहिए।
महाकाल की नगरी उज्जैन में भक्ति का उत्सव: लगातार 16 घंटे नृत्यांजलि, श्रद्धालुओं की उमड़ी भीड़

उज्जैन। उज्जैन स्थित विश्व प्रसिद्ध महाकालेश्वर मंदिर में गंगा दशहरा के अवसर पर भक्ति और कला का अनोखा संगम देखने को मिल रहा है। मंगलवार सुबह 6:30 बजे से यहां अखंड नृत्य आराधना का आयोजन शुरू हुआ, जो लगातार 16 घंटे तक बिना रुके चलेगा और भगवान महाकाल की शयन आरती तक भक्तिमय प्रस्तुतियों का सिलसिला जारी रहेगा। इस विशेष आयोजन में विभिन्न आयु वर्ग के कलाकार भाग ले रहे हैं। सबसे खास बात यह है कि 4 वर्ष की छोटी बच्चियों से लेकर 40 वर्ष तक की महिला कलाकार इस नृत्यांजलि में अपनी प्रस्तुतियां दे रही हैं। सभी कलाकार भगवान शिव, गणेश वंदना, माता की आराधना, भजन और लोकगीतों पर आधारित नृत्य प्रस्तुत कर रहे हैं, जिससे पूरा मंदिर परिसर आध्यात्मिक ऊर्जा से भर गया है। कार्यक्रम में 50 से अधिक कलाकारों की भागीदारी है। प्रत्येक समूह को 15 से 20 मिनट का समय निर्धारित किया गया है, ताकि लगातार चलने वाली इस नृत्य आराधना में भक्ति की धारा निर्बाध रूप से बहती रहे। इसके साथ ही विद्यार्थियों द्वारा किया जा रहा तबला वादन भी कार्यक्रम का विशेष आकर्षण बना हुआ है। महाकालेश्वर मंदिर में आयोजित यह नृत्य आराधना केवल एक सांस्कृतिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि भक्ति और परंपरा का जीवंत रूप है। मंदिर परिसर में गूंजते भजनों और नृत्य की लय ने श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया है। दूर-दूर से आए भक्त इस अद्भुत दृश्य को देखकर भावविभोर हो रहे हैं। इस आयोजन की सबसे बड़ी विशेषता इसकी निरंतरता और अनुशासन है, जिसमें कलाकार बिना किसी विराम के अपनी प्रस्तुतियां दे रहे हैं। पूरा वातावरण शिव भक्ति में डूबा हुआ नजर आ रहा है। यह परंपरा रसराज प्रभात नृत्य संस्थान द्वारा पिछले 38 वर्षों से लगातार निभाई जा रही है। संस्थान द्वारा इस आयोजन की तैयारी लगभग एक महीने पहले से शुरू कर दी जाती है। कलाकारों ने शहर के विभिन्न स्थानों पर अभ्यास कर इस भव्य प्रस्तुति के लिए खुद को तैयार किया है। कार्यक्रम में संस्थापक राज कुमुद ठोलिया सहित कई गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे। मुख्य अतिथि अर्पण भारद्वाज और गोविंद गंधे ने भी आयोजन की सराहना की। वहीं विशिष्ट अतिथि के रूप में संजय मिश्रा, पंडित विशाल शुक्ला और भारती सिंह राजपूत की उपस्थिति ने कार्यक्रम की गरिमा को और बढ़ा दिया। महाकाल मंदिर का यह आयोजन न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक है, बल्कि भारतीय संस्कृति, नृत्य और संगीत की समृद्ध परंपरा को भी जीवंत रूप में प्रस्तुत करता है।