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चेहरे पर अचानक निकलने वाले पिंपल्स हो सकते हैं हार्मोनल बदलाव का संकेत

नई दिल्ली । पीरियड्स शुरू होने से कुछ दिन पहले चेहरे पर अचानक पिंपल्स निकल आना कई महिलाओं के लिए आम समस्या बन चुका है। खासतौर पर ठुड्डी, जॉलाइन और गालों के आसपास दर्द वाले दाने दिखाई देने लगते हैं। अक्सर लोग इसकी वजह गलत खानपान, धूल-मिट्टी या स्किन केयर प्रोडक्ट्स को मानते हैं, लेकिन असल कारण शरीर में होने वाले हार्मोनल बदलाव होते हैं। एक्सपर्ट्स के मुताबिक यह केवल ब्यूटी प्रॉब्लम नहीं बल्कि शरीर की ओर से मिलने वाला एक अहम संकेत भी हो सकता है। जानकारी के अनुसार सामान्य तौर पर महिलाओं का पीरियड साइकिल लगभग 28 दिनों का होता है और इस दौरान शरीर में अलग-अलग हार्मोन्स का स्तर लगातार बदलता रहता है। शुरुआती दिनों में एस्ट्रोजन का स्तर बढ़ता है, जबकि बाद में प्रोजेस्टेरोन अधिक सक्रिय हो जाता है। जैसे-जैसे पीरियड्स नजदीक आते हैं, इन दोनों हार्मोन्स का स्तर कम होने लगता है, लेकिन टेस्टोस्टेरोन अपेक्षाकृत ज्यादा सक्रिय हो जाता है। यही बदलाव त्वचा पर असर डालता है और पिंपल्स की समस्या शुरू हो जाती है। विशेषज्ञों के अनुसार पीरियड्स से पहले बढ़ा हुआ प्रोजेस्टेरोन त्वचा की ऑयल ग्लैंड्स को ज्यादा सक्रिय कर देता है। इससे सीबम यानी त्वचा का नेचुरल ऑयल अधिक मात्रा में बनने लगता है। इसके कारण रोमछिद्र बंद होने लगते हैं और त्वचा में सूजन बढ़ जाती है। जब अतिरिक्त तेल धूल, डेड स्किन और बैक्टीरिया के साथ मिल जाता है, तो ब्लैकहेड्स, व्हाइटहेड्स और दर्द वाले पिंपल्स बनने लगते हैं। हार्मोनल एक्ने का सबसे ज्यादा असर ठुड्डी और जॉलाइन के हिस्से पर दिखाई देता है। कई बार यह समस्या इतनी बढ़ जाती है कि त्वचा के अंदर गांठ जैसी सूजन और दर्द भरे सिस्ट बनने लगते हैं। ऐसे पिंपल्स सामान्य एक्ने की तुलना में ज्यादा दर्दनाक और लंबे समय तक रहने वाले हो सकते हैं। हालांकि कुछ आसान आदतों को अपनाकर इस समस्या को काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकता है। चेहरे को नियमित रूप से साफ रखना, बार-बार चेहरे को हाथ न लगाना, मोबाइल स्क्रीन की सफाई करना और धूम्रपान से दूरी बनाना फायदेमंद माना जाता है। इसके अलावा संतुलित वजन बनाए रखना भी जरूरी है, क्योंकि मोटापा हार्मोनल असंतुलन को बढ़ा सकता है। एक्सपर्ट्स जिंक, ओमेगा-3 फैटी एसिड और विटामिन ए, सी, डी और ई से भरपूर आहार लेने की सलाह देते हैं। पनीर, पालक, नट्स, सीफूड और पौष्टिक भोजन त्वचा को स्वस्थ रखने में मदद कर सकते हैं। हालांकि केवल सप्लीमेंट्स पर निर्भर रहने के बजाय संतुलित डाइट और सही स्किन केयर रूटीन अपनाना ज्यादा जरूरी माना जाता है। अगर पिंपल्स हर महीने गंभीर रूप लेने लगें, दर्द बढ़ जाए या बार-बार चेहरे पर सूजन और दाग बनने लगें, तो त्वचा रोग विशेषज्ञ से सलाह लेना जरूरी है। कुछ मामलों में डॉक्टर हार्मोनल ट्रीटमेंट या दवाओं की सलाह भी दे सकते हैं। इसलिए पीरियड्स से पहले होने वाले पिंपल्स को नजरअंदाज करना सही नहीं माना जाता।

हाईवे पर मिली लाश ने बढ़ाई दहशत, हत्या के बाद शव फेंकने की आशंका

सागर । सागर जिले के राहतगढ़ थाना क्षेत्र में हाईवे किनारे महिला का शव मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई। ग्राम बेरखेड़ी के पास सड़क किनारे पड़ा शव चादर में लिपटा हुआ था। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण कर शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भेज दिया। प्रारंभिक जांच में मामला हत्या का प्रतीत हो रहा है। जानकारी के अनुसार गुरुवार शाम राहगीरों ने हाईवे किनारे संदिग्ध हालत में शव पड़े होने की सूचना पुलिस को दी थी। मौके पर पहुंची पुलिस ने देखा कि महिला का शव चादर में लिपटा हुआ था और उसकी हालत बेहद खराब हो चुकी थी। पुलिस के मुताबिक शव करीब तीन दिन पुराना बताया जा रहा है, जिसके कारण मृतका की पहचान नहीं हो सकी है। महिला की उम्र लगभग 30 से 35 वर्ष के बीच बताई जा रही है। पुलिस जांच में सामने आया है कि महिला के हाथ और पैरों में चांदी जैसे आभूषण पहने हुए थे। शव मिलने की स्थिति को देखते हुए आशंका जताई जा रही है कि महिला की हत्या कहीं और की गई और बाद में शव को चादर में लपेटकर हाईवे किनारे फेंक दिया गया। घटना के बाद इलाके में दहशत का माहौल बना हुआ है और लोग तरह-तरह की चर्चाएं कर रहे हैं। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भेजा, जहां शुक्रवार को डॉक्टरों के पैनल द्वारा पोस्टमार्टम किया गया। अधिकारियों का कहना है कि पीएम रिपोर्ट आने के बाद मौत के कारणों का स्पष्ट खुलासा हो सकेगा। फिलहाल पुलिस हत्या समेत सभी संभावित पहलुओं को ध्यान में रखते हुए जांच कर रही है। मुकेश सिंह ने बताया कि मृतका की पहचान के लिए आसपास के थानों से गुमशुदगी की जानकारी जुटाई जा रही है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि महिला कहां की रहने वाली थी और किन परिस्थितियों में उसकी मौत हुई। साथ ही हाईवे और आसपास के इलाकों में लगे सीसीटीवी कैमरों की भी जांच की जा रही है ताकि शव यहां लाने वालों का सुराग मिल सके। फिलहाल पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के बाद ही पूरे मामले का खुलासा हो सकेगा। वहीं हाईवे किनारे महिला का शव मिलने से स्थानीय लोगों में भय और चिंता का माहौल बना हुआ है।

सागर में सड़क किनारे मिला युवक का शव, नाक-मुंह से खून बहने पर हत्या की आशंका

सागर । सागर जिले के बहेरिया थाना क्षेत्र में शुक्रवार सुबह उस समय सनसनी फैल गई, जब सड़क किनारे झाड़ियों के बीच एक युवक का शव संदिग्ध परिस्थितियों में पड़ा मिला। मृतक की पहचान बरारू गांव निवासी 31 वर्षीय अमित पटेल के रूप में हुई है। युवक के नाक और मुंह से खून बहता देख परिजनों ने हत्या की आशंका जताई है। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। जानकारी के अनुसार अमित गुरुवार रात करीब 8 बजे घर से निकला था। परिजनों के मुताबिक उसने यह नहीं बताया था कि वह कहां जा रहा है और किसके साथ है। देर रात तक घर वापस नहीं लौटने पर परिवार के लोग चिंतित हो गए थे। शुक्रवार सुबह अचानक सूचना मिली कि मुनमुन ढाबे के सामने सड़क किनारे झाड़ियों में उसका शव पड़ा हुआ है। खबर मिलते ही परिवार में मातम छा गया और परिजन तुरंत मौके पर पहुंचे। घटनास्थल पर पहुंचे परिजनों ने देखा कि अमित के नाक और मुंह से खून बह रहा था। मृतक के चाचा बैजनाथ पटेल ने आशंका जताई कि अमित का किसी से विवाद हुआ होगा और उसके बाद उसकी हत्या कर शव सड़क किनारे फेंक दिया गया। परिजनों का कहना है कि युवक के शरीर पर चोट के निशान और खून बहने की स्थिति सामान्य हादसे जैसी नहीं लग रही। उन्होंने पुलिस से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों को जल्द गिरफ्तार करने की मांग की है। घटना के बाद इलाके में लोगों की भीड़ जमा हो गई। सड़क किनारे युवक का शव मिलने से आसपास के क्षेत्र में दहशत और चर्चा का माहौल बना रहा। पुलिस ने मौके का निरीक्षण कर आसपास के लोगों से पूछताछ शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच में पुलिस हर पहलू को ध्यान में रखकर मामले की पड़ताल कर रही है। पुलिस का कहना है कि मौत की असली वजह पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया है। मामले में आगे की जानकारी लेने के लिए बहेरिया थाने का प्रभार संभाल रहे एसआई विद्यानंद यादव से संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया। फिलहाल पुलिस हादसा, विवाद और हत्या समेत सभी संभावित पहलुओं को ध्यान में रखते हुए जांच कर रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही यह साफ हो सकेगा कि युवक की मौत दुर्घटना से हुई या उसके पीछे कोई आपराधिक साजिश है।

NITI Aayog Roadmap: 2035 तक 150 अरब डॉलर के सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम का लक्ष्य, भारत ने वैश्विक टेक दौड़ में बढ़ाया बड़ा कदम

NITI Aayog Roadmap: नई दिल्ली । भारत ने वैश्विक तकनीकी प्रतिस्पर्धा में अपनी स्थिति मजबूत करने की दिशा में एक और बड़ा कदम बढ़ाया है। देश को आने वाले वर्षों में वैश्विक सेमीकंडक्टर हब बनाने के उद्देश्य से नीति आयोग के फ्रंटियर टेक हब ने 10 साल का व्यापक रोडमैप जारी किया है। इस रणनीतिक दस्तावेज का लक्ष्य भारत को केवल इलेक्ट्रॉनिक्स निर्माण का बाजार नहीं बल्कि वैश्विक सेमीकंडक्टर वैल्यू चेन का महत्वपूर्ण केंद्र बनाना है। “फ्यूचर ऑफ इंडिया’स सेमीकंडक्टर इंडस्ट्री” नाम से जारी इस रोडमैप में 2035 तक देश में 120 से 150 अरब डॉलर का मजबूत सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम विकसित करने का लक्ष्य रखा गया है। इसमें डिजाइन, एडवांस पैकेजिंग, कंपाउंड सेमीकंडक्टर और अन्य उभरती तकनीकों में भारत की संभावनाओं को विस्तार से रेखांकित किया गया है। इस रोडमैप को केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और इलेक्ट्रॉनिक्स एवं आईटी मंत्री अश्विनी वैष्णव की मौजूदगी में लॉन्च किया गया। नीति आयोग ने इसे भारत की तकनीकी आत्मनिर्भरता और दीर्घकालिक रणनीतिक क्षमता निर्माण की दिशा में महत्वपूर्ण पहल बताया है। आयोग के अनुसार फ्रंटियर टेक्नोलॉजी में वैश्विक नेतृत्व केवल अल्पकालिक निवेश से हासिल नहीं किया जा सकता, बल्कि इसके लिए निरंतर क्षमता निर्माण, दूरदर्शी नीति और समय रहते रणनीतिक निवेश जरूरी होता है। CM YOGI STATEMENT: धार्मिक आयोजनों में उपद्रव करने वालों को चेतावनी, सीएम योगी बोले- अब बेटियों और व्यापारियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता नीति आयोग के उपाध्यक्ष अशोक कुमार लाहिड़ी ने कहा कि भारत ने अपेक्षा से अधिक तेजी से सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम विकसित करने की दिशा में प्रगति की है, लेकिन विकसित भारत के लक्ष्य को हासिल करने के लिए तकनीकी संप्रभुता अत्यंत आवश्यक होगी। उन्होंने चेतावनी दी कि ‘ब्लैक बॉक्स टेक्नोलॉजी’ पर अत्यधिक आयात निर्भरता भविष्य में भारत के लिए रणनीतिक जोखिम बन सकती है। विशेषज्ञों का मानना है कि आज के दौर में सेमीकंडक्टर केवल इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों का हिस्सा नहीं बल्कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, रक्षा, ऑटोमोबाइल, दूरसंचार, ऊर्जा, डिजिटल सेवाओं और आधुनिक विनिर्माण जैसे क्षेत्रों की बुनियादी जरूरत बन चुके हैं। ऐसे में वैश्विक सप्लाई चेन में मजबूत उपस्थिति किसी भी देश की आर्थिक और रणनीतिक शक्ति को सीधे प्रभावित करती है। रोडमैप में यह भी स्वीकार किया गया है कि भारत एक साथ पूरी वैश्विक सेमीकंडक्टर वैल्यू चेन में प्रतिस्पर्धा नहीं कर सकता। इसलिए उन क्षेत्रों पर फोकस करने की रणनीति बनाई गई है जहां भारत तेजी से वैश्विक बढ़त हासिल कर सकता है। डिजाइन, एडवांस पैकेजिंग और कंपाउंड सेमीकंडक्टर को ऐसे ही प्रमुख क्षेत्रों के रूप में चिन्हित किया गया है। आईपीएल 2026 में फ्लॉप प्रदर्शन का असर, लखनऊ टीम में बड़ा बदलाव भारत पहले ही सेमीकंडक्टर मिशन, शुरुआती निवेश और अमेरिका, जापान तथा यूरोपीय देशों के साथ बढ़ती तकनीकी साझेदारी के जरिए मजबूत आधार तैयार कर चुका है। अब आने वाला दशक इस गति को स्थायी औद्योगिक और तकनीकी क्षमता में बदलने के लिए निर्णायक माना जा रहा है। विशेषज्ञों के अनुसार यदि यह रोडमैप प्रभावी तरीके से लागू होता है तो भारत न केवल घरेलू जरूरतों को पूरा करने में सक्षम होगा बल्कि वैश्विक सेमीकंडक्टर सप्लाई चेन में भी बड़ी भूमिका निभा सकेगा। इससे रोजगार, निवेश, तकनीकी अनुसंधान और विनिर्माण क्षेत्र को व्यापक गति मिलने की उम्मीद है।

MP CONGRESS PROTEST: बिजली-पानी संकट पर कांग्रेस का अनोखा प्रदर्शन, मटका लेकर पहुंचे कार्यकर्ता

  MP CONGRESS PROTEST: सागर । सागर जिले के देवरी में शुक्रवार को अघोषित बिजली कटौती और गहराते जलसंकट को लेकर कांग्रेस ने जोरदार प्रदर्शन किया। कांग्रेस कार्यकर्ता सिर पर मटका रखकर पैदल रैली निकालते हुए बिजली कंपनी कार्यालय पहुंचे और सरकार तथा विभागीय अधिकारियों के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शन के बाद कांग्रेस नेताओं ने तहसीलदार प्रीति रानी चौरसिया को ज्ञापन सौंपते हुए समस्याओं के जल्द समाधान की मांग की। कांग्रेस नेताओं का आरोप है कि देवरी क्षेत्र में लगातार बिना सूचना बिजली कटौती की जा रही है, जिससे आमजन का जीवन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। नौतपा और भीषण गर्मी के बीच घंटों बिजली बंद रहने से लोग परेशान हैं। उन्होंने कहा कि बिजली कंपनी के अधिकारी लापरवाही बरत रहे हैं और शिकायतों के बावजूद स्थिति में कोई सुधार नहीं हो रहा। NITI Aayog Roadmap: 2035 तक 150 अरब डॉलर के सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम का लक्ष्य, भारत ने वैश्विक टेक दौड़ में बढ़ाया बड़ा कदम प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने बढ़े हुए और आंकलित बिजली बिलों का मुद्दा भी उठाया। नेताओं का कहना था कि एक तरफ लोगों को पर्याप्त बिजली नहीं मिल रही, दूसरी तरफ मनमाने बिल भेजकर आर्थिक बोझ बढ़ाया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि बिजली संकट के कारण किसानों की सिंचाई व्यवस्था भी प्रभावित हो रही है, जिससे खेती-किसानी पर संकट गहराने लगा है। जलसंकट को लेकर कांग्रेस ने देवरी नगर पालिका परिषद पर भी गंभीर आरोप लगाए। नेताओं ने कहा कि नगर पालिका की लापरवाही के कारण कई वार्डों में नियमित पेयजल आपूर्ति नहीं हो पा रही है। लोगों को पानी के लिए घंटों इंतजार करना पड़ रहा है और कई इलाकों में स्थिति बेहद खराब हो चुकी है। प्रदर्शन में शामिल महिलाओं और स्थानीय नागरिकों ने भी पानी की समस्या को लेकर नाराजगी जताई। आईपीएल 2026 में फ्लॉप प्रदर्शन का असर, लखनऊ टीम में बड़ा बदलाव कांग्रेस नेताओं ने प्रदर्शन के दौरान भ्रष्टाचार और कानून व्यवस्था के मुद्दे भी उठाए। उनका कहना था कि प्रशासन आम जनता की समस्याओं के प्रति संवेदनहीन बना हुआ है। नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि जल्द बिजली और पानी की समस्या का समाधान नहीं किया गया, तो कांग्रेस और बड़ा तथा उग्र आंदोलन करेगी। प्रदर्शन में पूर्व मंत्री हर्ष यादव, गजेंद्र गुरु सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता और स्थानीय नागरिक शामिल रहे। पूरे प्रदर्शन के दौरान प्रशासनिक अमला सतर्क नजर आया। क्षेत्र में लगातार बढ़ रही बिजली और पानी की समस्या को लेकर लोगों में भी नाराजगी बढ़ती जा रही है। अब देखना होगा कि प्रशासन और संबंधित विभाग इस विरोध प्रदर्शन के बाद समस्याओं के समाधान के लिए क्या कदम उठाते हैं।

CM YOGI STATEMENT: धार्मिक आयोजनों में उपद्रव करने वालों को चेतावनी, सीएम योगी बोले- अब बेटियों और व्यापारियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता

CM YOGI STATEMENT: नई दिल्ली । उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री Yogi Adityanath ने मऊ में आयोजित एक बड़े सार्वजनिक कार्यक्रम के दौरान कानून-व्यवस्था, विकास और प्रदेश की बदलती स्थिति को लेकर विपक्ष और माफिया तत्वों पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि प्रदेश में अब वह दौर समाप्त हो चुका है जब अपराधी खुलेआम हथियार लहराकर लोगों को धमकाते थे। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि अब किसी माफिया या गुंडे में इतनी हिम्मत नहीं बची कि वह धार्मिक आयोजनों में व्यवधान डाल सके या आम नागरिकों की सुरक्षा को चुनौती दे सके। मुख्यमंत्री ने मऊ के गांधी मैदान में करोड़ों रुपये की विकास परियोजनाओं के लोकार्पण और शिलान्यास कार्यक्रम में हिस्सा लिया। इस दौरान उन्होंने प्रदेश में हुए बुनियादी ढांचे के विस्तार, कानून-व्यवस्था में सुधार और सरकारी योजनाओं के प्रभाव का उल्लेख करते हुए कहा कि अच्छी सरकार का सबसे बड़ा दायित्व नागरिकों को सुरक्षा और विकास देना होता है। उन्होंने कहा कि सड़क, पुल, स्वास्थ्य सेवाएं और विकास कार्य किसी जाति या वर्ग को देखकर नहीं किए जाते, बल्कि इनका उद्देश्य समाज के हर व्यक्ति तक सुविधाएं पहुंचाना होता है। अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने पूर्ववर्ती सरकारों पर भी निशाना साधा और कहा कि पहले प्रदेश में अपराधियों का मनोबल इतना बढ़ा हुआ था कि त्योहारों और धार्मिक आयोजनों तक में उपद्रव की घटनाएं सामने आती थीं। उन्होंने कहा कि समय बदल चुका है और अब प्रदेश में कानून का शासन स्थापित हुआ है। उन्होंने यह भी कहा कि बेटियों, व्यापारियों और आम नागरिकों की सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। PM Surya Ghar Yojana: 40 लाख घरों में लगे सोलर पैनल, MP के 1.21 लाख परिवारों को मिला लाभ मुख्यमंत्री ने प्रदेश में चल रही विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि बड़ी संख्या में गरीब परिवारों को आवास, शौचालय, मुफ्त राशन और स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। उन्होंने दावा किया कि अब सरकारी योजनाओं का लाभ सीधे जरूरतमंदों तक पहुंच रहा है और विकास का पैसा विकास कार्यों में ही उपयोग हो रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि किसानों, महिलाओं और युवाओं के लिए कई नई योजनाएं लागू की गई हैं, जिनसे प्रदेश में सामाजिक और आर्थिक स्थिति मजबूत हुई है। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने पूर्वांचल क्षेत्र में तेजी से हुए सड़क और एक्सप्रेसवे नेटवर्क के विस्तार का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि बेहतर कनेक्टिविटी के कारण अब मऊ, गोरखपुर, वाराणसी, प्रयागराज और लखनऊ के बीच यात्रा पहले की तुलना में काफी आसान और तेज हो गई है। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि सरकार बाढ़ नियंत्रण और स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार पर लगातार काम कर रही है। उन्होंने मऊ में मेडिकल कॉलेज निर्माण और अन्य विकास परियोजनाओं को लेकर भी भरोसा दिलाया कि प्रदेश सरकार हर आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में अब विकास और सुरक्षा दोनों साथ-साथ आगे बढ़ रहे हैं और यही नई कार्यशैली उत्तर प्रदेश की पहचान बन रही है। अपने संबोधन के अंत में मुख्यमंत्री ने जनता से विकास यात्रा को आगे बढ़ाने में सहयोग की अपील की और कहा कि प्रदेश में सकारात्मक बदलाव बनाए रखने के लिए जनता की भागीदारी और विश्वास बेहद महत्वपूर्ण है।

IPL 2026: आईपीएल 2026 में फ्लॉप प्रदर्शन का असर, लखनऊ टीम में बड़ा बदलाव

   IPL 2026: नई दिल्ली । Indian Premier League 2026 में बेहद निराशाजनक प्रदर्शन के बाद ऋषभ पंत ने Lucknow Super Giants की कप्तानी छोड़ दी है। टीम के लगातार खराब प्रदर्शन और पॉइंट्स टेबल में सबसे निचले स्थान पर रहने के बाद यह बड़ा फैसला सामने आया। फ्रेंचाइजी ने शुक्रवार को आधिकारिक बयान जारी कर इसकी पुष्टि की। लखनऊ सुपर जायंट्स ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जानकारी देते हुए कहा कि ऋषभ पंत ने फ्रेंचाइजी से कप्तानी की जिम्मेदारियों से मुक्त किए जाने का अनुरोध किया था, जिसे तत्काल प्रभाव से स्वीकार कर लिया गया है। इस घोषणा के बाद आईपीएल जगत में चर्चाओं का दौर तेज हो गया है, क्योंकि पंत को टीम ने रिकॉर्ड रकम देकर अपने साथ जोड़ा था। NITI Aayog Roadmap: 2035 तक 150 अरब डॉलर के सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम का लक्ष्य, भारत ने वैश्विक टेक दौड़ में बढ़ाया बड़ा कदम एलएसजी के क्रिकेट निदेशक टॉम मूडी ने कहा कि ऋषभ पंत का यह फैसला आसान नहीं था, लेकिन फ्रेंचाइजी ने उनके निर्णय का सम्मान किया। उन्होंने कहा कि पंत ने कप्तान के तौर पर ड्रेसिंग रूम में सकारात्मक माहौल और नेतृत्व क्षमता दिखाई, जिसके लिए टीम हमेशा आभारी रहेगी। मूडी ने यह भी संकेत दिए कि अब फ्रेंचाइजी टीम के पुनर्गठन और नए सिरे से मजबूत संयोजन तैयार करने पर ध्यान देगी। आईपीएल 2026 से पहले लखनऊ सुपर जायंट्स ने ऋषभ पंत को 27 करोड़ रुपये की रिकॉर्ड कीमत में रिटेन किया था। इससे पहले आईपीएल नीलामी में भी उन्हें इतनी बड़ी रकम में खरीदा गया था, जिसने उन्हें लीग के सबसे महंगे खिलाड़ियों में शामिल कर दिया। हालांकि इतनी बड़ी उम्मीदों के बावजूद टीम मैदान पर उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर सकी। पिछले सीजन में पंत की कप्तानी में एलएसजी ने 14 में से केवल 6 मुकाबले जीते थे और टीम 12 अंकों के साथ सातवें स्थान पर रही थी। उस सीजन पंत ने बल्ले से 269 रन बनाए थे, जिसमें एक नाबाद शतक भी शामिल था। बावजूद इसके टीम प्लेऑफ में जगह नहीं बना पाई थी। केदारनाथ पैदल मार्ग पर भटके बुजुर्ग दंपती, अलर्ट पुलिस ने सकुशल किया रेस्क्यू हालांकि IPL 2026 टीम के लिए और भी ज्यादा खराब साबित हुआ। लखनऊ सुपर जायंट्स 14 में से 10 मुकाबले हार गई और अंक तालिका में सबसे नीचे रही। टीम का बल्लेबाजी और गेंदबाजी दोनों विभागों में संतुलन नजर नहीं आया। ऋषभ पंत ने इस सीजन 28.36 की औसत से 312 रन बनाए और विकेटकीपर के तौर पर 10 कैच भी पकड़े, लेकिन उनका व्यक्तिगत प्रदर्शन टीम को जीत दिलाने में नाकाफी साबित हुआ। अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि अगले सीजन में लखनऊ सुपर जायंट्स की कमान किस खिलाड़ी को सौंपी जाएगी। क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि फ्रेंचाइजी अब नए कप्तान और मजबूत रणनीति के साथ वापसी की तैयारी करेगी। वहीं ऋषभ पंत के इस फैसले को उनके करियर और टीम दोनों के लिए नए बदलाव की शुरुआत माना जा रहा है।

PM Surya Ghar Yojana: 40 लाख घरों में लगे सोलर पैनल, MP के 1.21 लाख परिवारों को मिला लाभ

PM SURYA GHAR YOJNA

HIGHLIGHTS: देशभर में 40 लाख घरों में लगे रूफटॉप सोलर मध्य प्रदेश के 1.21 लाख घरों को मिला लाभ प्रदेश में 456 मेगावाट स्वच्छ ऊर्जा उत्पादन बिजली बिल में कमी और आत्मनिर्भरता पर जोर पीएम सूर्य घर योजना से बढ़ा हरित ऊर्जा अभियान   PM Surya Ghar Yojana: मध्यप्रदेश। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में शुरू की गई पीएम सूर्य घर योजना देशभर में तेजी से आगे बढ़ रही है। बता दें कि इस योजना के तहत लोगों के घरों में रूफटॉप सोलर सिस्टम लगाए जा रहे हैं, ताकि लोग सस्ती और स्वच्छ बिजली प्रदान की जा सके। सरकार का कहना है कि पीएम सूर्य घर योजना के तहत अब तक देशभर के करीब 40 लाख घरों में सोलर सिस्टम लगाए जा चुके हैं। केदारनाथ पैदल मार्ग पर भटके बुजुर्ग दंपती, अलर्ट पुलिस ने सकुशल किया रेस्क्यू मध्य प्रदेश में भी बढ़ा सोलर नेटवर्क मध्य प्रदेश में भी इस योजना का असर तेजी से दिखाई दे रहा है। गौरतलब है कि प्रदेश के 1 लाख 21 हजार 838 से ज्यादा घरों में सोलर सिस्टम लगाए गए हैं। इन पैनल्स में करीब 456 मेगावाट से ज्यादा बिजली बन रही है और लोगों के बिजली बिल भी कम हो रहे हैं। सोशल मीडिया स्टार पर गंभीर आरोप, सरेंडर के बाद बढ़ी हलचल लोगों को मिल रहा फायदा सोलर पैनल लगाने से लोगों को काफी सुविधा मिली है और इसके चलते वे खुद अपनी जरूरत की बिजली बना पा रहे हैं। इससे बिजली खर्च कम हो रहा है। साथ ही सोलर ऊर्जा से प्रदूषण भी कम होता है, इसलिए यह पर्यावरण के लिए भी अच्छा माना जाता है। चुनावी झटकों के बाद मैदान में उतरे अभिषेक बनर्जी, हिंसा प्रभावित कार्यकर्ताओं से मुलाकात कर साधेंगे संगठन आगे और बढ़ेगी योजना सरकार का लक्ष्य आने वाले समय में और ज्यादा घरों तक इस योजना का लाभ पहुंचाना है। पीएम सूर्य घर योजना को देश में हरित ऊर्जा और आत्मनिर्भर भारत की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।   स्वच्छ ऊर्जा से रोशन नया भारत…. आदरणीय प्रधानमंत्री श्री @narendramodi जी के दूरदर्शी नेतृत्व में ‘पीएम सूर्य घर: मुफ्त बिजली योजना’ भारत को अक्षय ऊर्जा के क्षेत्र में वैश्विक महाशक्ति के रूप में स्थापित कर रही है। आज देशभर के 40 लाख घरों में रूफटॉप सोलर स्थापित हुए हैं,… pic.twitter.com/kknJkamBHQ — Dr Mohan Yadav (@DrMohanYadav51) May 29, 2026

High Court Judgments: लंबित मामलों पर सुप्रीम कोर्ट की बड़ी पहल, जमानत आदेश और फैसलों के लिए तय हुई समयसीमा

 High Court Judgments: नई दिल्ली । देश की न्याय व्यवस्था में लंबे समय से चली आ रही देरी और वर्षों तक खिंचने वाले मामलों को लेकर अब सुप्रीम कोर्ट ने बड़ा कदम उठाया है। अदालतों में लगातार बढ़ते लंबित मामलों और फैसलों में होने वाली देरी पर गंभीर चिंता व्यक्त करते हुए शीर्ष अदालत ने सभी हाईकोर्टों के लिए स्पष्ट और अनिवार्य दिशा-निर्देश जारी किए हैं। इन निर्देशों का उद्देश्य न्यायिक प्रक्रिया को अधिक तेज, पारदर्शी और प्रभावी बनाना है, ताकि आम लोगों को समय पर न्याय मिल सके। सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि किसी भी मामले में यदि फैसला सुरक्षित रखा जाता है तो उसे अधिकतम तीन महीने के भीतर सुनाया जाना चाहिए। अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि न्याय में अनावश्यक देरी लोगों के अधिकारों और न्याय व्यवस्था पर भरोसे को प्रभावित करती है। वर्षों तक फैसलों का इंतजार करना न केवल कानूनी प्रक्रिया को कमजोर करता है बल्कि इससे आम नागरिकों को मानसिक, आर्थिक और सामाजिक परेशानियों का भी सामना करना पड़ता है। NITI Aayog Roadmap: 2035 तक 150 अरब डॉलर के सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम का लक्ष्य, भारत ने वैश्विक टेक दौड़ में बढ़ाया बड़ा कदम शीर्ष अदालत ने विशेष रूप से जमानत से जुड़े मामलों को लेकर भी महत्वपूर्ण निर्देश दिए हैं। अदालत ने कहा कि जमानत आदेश आदर्श रूप से अगले ही दिन जारी किया जाना चाहिए और उसी दिन संबंधित जेल प्रशासन तक पहुंचना चाहिए, ताकि कैदियों की रिहाई में अनावश्यक देरी न हो। अदालत ने यह भी कहा कि जिन अंडरट्रायल कैदियों को जमानत मिल चुकी है, उनकी रिहाई उसी दिन या अधिकतम अगले दिन सुनिश्चित की जानी चाहिए। नए दिशानिर्देशों के तहत अदालत पहले फैसले का प्रभावी हिस्सा खुले कोर्ट में सुनाएगी और उसके विस्तृत कारण सात दिनों के भीतर वेबसाइट पर अपलोड किए जाएंगे। साथ ही जिस दिन फैसला सुरक्षित रखा गया हो, उसकी जानकारी भी संबंधित हाईकोर्ट की वेबसाइट पर सार्वजनिक रूप से उपलब्ध कराई जाएगी। इससे न्यायिक प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ाने और मामलों की निगरानी आसान बनाने की कोशिश की गई है। सुप्रीम कोर्ट ने यह भी स्पष्ट कर दिया है कि यदि तय समयसीमा का पालन नहीं किया जाता है तो संबंधित मामला दूसरी पीठ को सौंपा जा सकता है। वहीं यदि फैसले के विस्तृत कारण निर्धारित अवधि के भीतर अपलोड नहीं किए जाते हैं तो मामला वापस लेकर नई पीठ के समक्ष भेजा जा सकता है। अदालत का यह रुख संकेत देता है कि अब न्यायिक जवाबदेही को लेकर सख्त दृष्टिकोण अपनाया जा रहा है। CM YOGI STATEMENT: धार्मिक आयोजनों में उपद्रव करने वालों को चेतावनी, सीएम योगी बोले- अब बेटियों और व्यापारियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि यह फैसला न्याय व्यवस्था में सुधार की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकता है। देश की अदालतों में लाखों मामले वर्षों से लंबित हैं और कई मामलों में फैसले आने तक अपीलकर्ता या संबंधित पक्ष गंभीर आर्थिक और मानसिक दबाव झेलते रहते हैं। कई बार तो लंबी कानूनी प्रक्रिया के कारण न्याय मिलने का उद्देश्य ही प्रभावित हो जाता है। सुप्रीम कोर्ट ने सभी हाईकोर्टों के रजिस्ट्रार जनरल को निर्देश दिया है कि इन दिशा-निर्देशों को संबंधित मुख्य न्यायाधीशों के समक्ष रखा जाए, ताकि इनका प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जा सके। न्यायपालिका में समयबद्ध प्रक्रिया लागू करने की यह पहल आम लोगों के लिए राहतकारी कदम मानी जा रही है और इससे अदालतों की कार्यप्रणाली में सुधार की उम्मीद भी बढ़ी है।

खिलाड़ियों और अधिकारियों के लिए नए नियम लागू, उल्लंघन पर होगी कार्रवाई

नई दिल्ली । Board of Control for Cricket in India की भ्रष्टाचार-रोधी और सुरक्षा इकाई एसीएसयू ने Indian Premier League में बड़ा फैसला लेते हुए खिलाड़ियों और मैच अधिकारियों के क्षेत्र यानी पीएमओए के अंदर स्मार्ट ग्लास और स्मार्ट गॉगल्स के इस्तेमाल पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया है। बोर्ड ने साफ कर दिया है कि नियमों का उल्लंघन करने वाले खिलाड़ियों या सपोर्ट स्टाफ पर जुर्माना लगाया जाएगा। बीसीसीआई का यह फैसला ऐसे समय आया है जब एसीएसयू को जानकारी मिली कि कुछ कंपनियां खिलाड़ियों और टीम के सपोर्ट स्टाफ को हाई-टेक स्मार्ट चश्मों का प्रचार और बिक्री कर रही हैं। इन स्मार्ट डिवाइसों में एडवांस कम्युनिकेशन फीचर्स मौजूद हैं, जो टूर्नामेंट के सख्त भ्रष्टाचार-रोधी नियमों के लिए खतरा बन सकते हैं। एसीएसयू द्वारा जारी आंतरिक निर्देश के अनुसार इन स्मार्ट ग्लास में लाइव स्ट्रीमिंग, टेक्स्ट मैसेज भेजने और प्राप्त करने, ऑडियो-वीडियो कॉलिंग और मोबाइल डेटा या वाई-फाई के जरिए संचार जैसी सुविधाएं मौजूद हैं। यही वजह है कि बोर्ड ने इन्हें ऑडियो-वीडियो रिकॉर्डिंग और कम्युनिकेशन डिवाइस की श्रेणी में रखा है। एसीएसयू ने सभी आईपीएल फ्रेंचाइजियों को निर्देश जारी करते हुए कहा है कि खिलाड़ी और सपोर्ट स्टाफ मैच के दिन पीएमओए में प्रवेश करते समय अपने मोबाइल फोन, स्मार्टवॉच और स्मार्ट गॉगल्स जैसे सभी इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस सिक्योरिटी लाइजन ऑफिसर के पास जमा कराएं। बोर्ड ने यह भी स्पष्ट किया कि किसी भी तरह की लापरवाही या डिवाइस जमा न कराने की स्थिति में आर्थिक दंड लगाया जाएगा। बीसीसीआई के नियमों के मुताबिक पीएमओए को स्टेडियम के बाकी हिस्सों से पूरी तरह अलग और सुरक्षित क्षेत्र माना जाता है। इस क्षेत्र में केवल खिलाड़ियों, सपोर्ट स्टाफ, मैच अधिकारियों और विशेष मान्यता प्राप्त सीमित लोगों को ही प्रवेश की अनुमति होती है। सुरक्षा व्यवस्था के तहत यहां हर समय सुरक्षाकर्मी तैनात रहते हैं। आईपीएल के भ्रष्टाचार-रोधी नियम पहले से ही इलेक्ट्रॉनिक संचार उपकरणों के इस्तेमाल को लेकर बेहद सख्त रहे हैं। टीम मैनेजर को केवल ड्रेसिंग रूम क्षेत्र में फोन इस्तेमाल करने की अनुमति होती है, जबकि डगआउट में मोबाइल उपयोग प्रतिबंधित रहता है। वहीं टीम एनालिस्ट अपनी निर्धारित एनालिस्ट टेबल पर कंप्यूटर का उपयोग कर सकते हैं। बोर्ड ने यह भी साफ किया है कि खिलाड़ियों और सपोर्ट स्टाफ के मोबाइल फोन, स्मार्टवॉच और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण स्टेडियम पहुंचने पर बंद अवस्था में जमा कराने होंगे। इसके अलावा ड्रेसिंग रूम अटेंडेंट, कैटरिंग स्टाफ और मैच मैनेजर जैसे मान्यता प्राप्त स्टाफ को भी पीएमओए में किसी प्रकार का संचार उपकरण ले जाने की अनुमति नहीं होगी। क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि तकनीक के बढ़ते इस्तेमाल के बीच बीसीसीआई का यह कदम आईपीएल की पारदर्शिता और सुरक्षा बनाए रखने के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। बोर्ड किसी भी संभावित भ्रष्टाचार या गोपनीय जानकारी के लीक होने के खतरे को पूरी तरह खत्म करना चाहता है।