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भोपाल के रेस्टोरेंट में सेंडविच से निकली मरी हुई मक्खी, ग्राहक ने की शिकायत; फूड सेफ्टी विभाग करेगा जांच

भोपाल । राजधानी भोपाल में खाद्य सुरक्षा को लेकर एक चिंताजनक मामला सामने आया है। शहर के प्लेटिनम प्लाजा स्थित एक रेस्टोरेंट में परोसे गए चीज सेंडविच में मरी हुई मक्खी मिलने की शिकायत ने ग्राहकों के बीच चिंता बढ़ा दी है। मामले की शिकायत फूड सेफ्टी विभाग तक पहुंच चुकी है और विभाग द्वारा जांच की तैयारी की जा रही है। जानकारी के अनुसार अशोका गार्डन निवासी शोभा अहिरवार 15 जून को दोपहर करीब 12:30 बजे प्लेटिनम प्लाजा स्थित शर्मा चाइनिज फास्ट फूड रेस्टोरेंट पहुंची थीं। यहां उन्होंने चीज सेंडविच ऑर्डर किया। शोभा का आरोप है कि सेंडविच खाते समय उन्हें उसमें कोई कीड़ा दिखाई दिया। जब उन्होंने उसे ध्यान से देखा तो वह मरी हुई मक्खी निकली। इस घटना के बाद उन्होंने तत्काल रेस्टोरेंट के कर्मचारियों को इसकी जानकारी दी। ग्राहक का कहना है कि खाने जैसी संवेदनशील चीज में इस तरह की लापरवाही सीधे तौर पर लोगों के स्वास्थ्य से जुड़ा मामला है। उनका आरोप है कि शिकायत के बावजूद रेस्टोरेंट प्रबंधन ने मामले को अपेक्षित गंभीरता से नहीं लिया। इसके बाद उन्होंने पूरे मामले की शिकायत फूड एंड सेफ्टी विभाग को ई-मेल के माध्यम से भेजी और कार्रवाई की मांग की। शोभा अहिरवार ने बताया कि उन्होंने सेंडविच के लिए 219 रुपए का भुगतान किया था। हालांकि उनका कहना है कि मुद्दा पैसों का नहीं बल्कि खाद्य गुणवत्ता और उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य का है। उन्होंने सेंडविच में मिली मक्खी के फोटो और वीडियो भी रिकॉर्ड किए, जिन्हें शिकायत के साथ विभाग को उपलब्ध कराया गया है। दूसरी ओर, मामले पर रेस्टोरेंट की ओर से भी प्रतिक्रिया सामने आई है। बिल पर दर्ज मोबाइल नंबर पर संपर्क करने पर कैशियर सौरभ भीमरे ने बताया कि सोमवार को ग्राहक की शिकायत प्राप्त हुई थी। उन्होंने कहा कि रेस्टोरेंट में खाद्य सामग्री तैयार करने के दौरान साफ-सफाई और गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखा जाता है। उनके अनुसार मक्खी सेंडविच तक कैसे पहुंची, इसकी जानकारी फिलहाल नहीं है। हालांकि ग्राहक की शिकायत को गंभीरता से सुना गया और उनकी बात पर ध्यान दिया गया है। अब इस पूरे मामले में फूड सेफ्टी विभाग की भूमिका अहम हो गई है। विभागीय अधिकारियों के अनुसार शिकायत मिलने के बाद मामले की जांच की जाएगी। जांच के दौरान रेस्टोरेंट की स्वच्छता व्यवस्था, खाद्य सामग्री के रखरखाव, किचन की स्थिति और खाद्य सुरक्षा मानकों के पालन की पड़ताल की जा सकती है। यदि जांच में किसी प्रकार की लापरवाही या नियमों का उल्लंघन पाया जाता है तो संबंधित प्रतिष्ठान के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई भी की जा सकती है। यह घटना एक बार फिर खाद्य प्रतिष्ठानों में स्वच्छता और गुणवत्ता नियंत्रण की आवश्यकता को उजागर करती है। विशेषज्ञों का मानना है कि खाने-पीने की वस्तुओं में इस प्रकार की गड़बड़ी उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा बन सकती है। ऐसे मामलों में त्वरित जांच और प्रभावी कार्रवाई से ही लोगों का भरोसा कायम रखा जा सकता है। फिलहाल सभी की नजरें फूड सेफ्टी विभाग की जांच रिपोर्ट पर टिकी हैं, जो इस मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट करेगी।

भारत-फ्रांस तकनीकी साझेदारी को नई रफ्तार, इनोवेशन और निवेश के जरिए वैश्विक विकास का साझा रोडमैप तैयार

नई दिल्ली । भारत और फ्रांस के बीच तकनीक, नवाचार और रणनीतिक सहयोग के क्षेत्र में संबंध लगातार मजबूत होते दिखाई दे रहे हैं। केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने फ्रांस दौरे के दौरान दोनों देशों के बीच बढ़ते आर्थिक और तकनीकी सहयोग को नई दिशा देने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के नेतृत्व में द्विपक्षीय संबंधों ने पिछले कुछ वर्षों में उल्लेखनीय गति प्राप्त की है और अब यह साझेदारी भविष्य की प्रौद्योगिकियों तथा नवाचार आधारित विकास पर केंद्रित होती जा रही है। फ्रांस में आयोजित विभिन्न कार्यक्रमों और बैठकों के दौरान गोयल ने उद्योग जगत, अनुसंधान संस्थानों, शिक्षाविदों और नवाचार क्षेत्र से जुड़े विशेषज्ञों के साथ विस्तृत चर्चा की। उन्होंने कहा कि भारत और फ्रांस के बीच सहयोग केवल व्यापारिक संबंधों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह उभरती तकनीकों, अनुसंधान, स्टार्टअप विकास और सतत आर्थिक प्रगति जैसे क्षेत्रों तक विस्तारित हो चुका है। दोनों देशों के बीच बढ़ती भागीदारी वैश्विक चुनौतियों के समाधान में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। अपने दौरे के दौरान केंद्रीय मंत्री ने यूरोप के प्रमुख विज्ञान और तकनीकी केंद्र सोफिया एंटीपोलिस का भी भ्रमण किया। उन्होंने इसे यूरोप की सिलिकॉन वैली बताते हुए कहा कि यह केंद्र इस बात का उत्कृष्ट उदाहरण है कि किस प्रकार अनुसंधान, प्रतिभा और उद्योग एक साथ मिलकर नवाचार को बढ़ावा दे सकते हैं। यहां हजारों कंपनियां अत्याधुनिक तकनीकी क्षेत्रों में कार्यरत हैं और वैश्विक स्तर पर नई तकनीकों के विकास में योगदान दे रही हैं। गोयल ने कहा कि भारत आज दुनिया के सबसे तेजी से उभरते नवाचार और विनिर्माण केंद्रों में शामिल हो चुका है। देश का स्टार्टअप इकोसिस्टम लगातार विस्तार कर रहा है और नई तकनीकों के विकास के लिए अनुकूल वातावरण तैयार हुआ है। उन्होंने फ्रांसीसी कंपनियों और निवेशकों को भारत में निवेश बढ़ाने, तकनीकी सहयोग स्थापित करने और संयुक्त अनुसंधान परियोजनाओं में भागीदारी करने का निमंत्रण दिया। मंत्री ने इस बात पर भी जोर दिया कि भारत का नवाचार ढांचा वैश्विक भागीदारी को प्रोत्साहित कर रहा है। उन्होंने कहा कि नई तकनीकों के विकास, ज्ञान साझेदारी और अनुसंधान सहयोग के माध्यम से दोनों देश न केवल अपने आर्थिक संबंधों को मजबूत कर सकते हैं, बल्कि वैश्विक स्तर पर भी सकारात्मक प्रभाव छोड़ सकते हैं। उनके अनुसार, तकनीकी क्षेत्र में संयुक्त प्रयास आने वाले वर्षों में नई संभावनाओं के द्वार खोलेंगे। फ्रांस के शहर नीस में आयोजित बैठकों के दौरान भी भारत और फ्रांस के बीच नवाचार तथा निवेश सहयोग को विस्तार देने पर चर्चा हुई। इस दौरान स्थानीय प्रशासन, उद्योग जगत, निवेश संस्थानों और नवाचार क्षेत्र के प्रतिनिधियों के साथ विभिन्न संभावित साझेदारियों पर विचार-विमर्श किया गया। इन बैठकों का उद्देश्य दोनों देशों के बीच तकनीकी सहयोग को व्यावहारिक परियोजनाओं में बदलना और दीर्घकालिक निवेश अवसरों को बढ़ावा देना था। नीस में आयोजित ‘भारत इनोवेट्स 2026’ कार्यक्रम ने भी व्यापक ध्यान आकर्षित किया। इस आयोजन में देश के विभिन्न तकनीकी क्षेत्रों से जुड़े स्टार्टअप और प्रमुख संस्थानों ने अपनी क्षमताओं का प्रदर्शन किया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में वैश्विक निवेशकों और वेंचर कैपिटल प्रतिनिधियों की भागीदारी ने यह संकेत दिया कि भारत का नवाचार और स्टार्टअप क्षेत्र अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तेजी से विश्वास अर्जित कर रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि भारत और फ्रांस के बीच बढ़ता तकनीकी सहयोग भविष्य में आर्थिक विकास, अनुसंधान साझेदारी और वैश्विक नवाचार नेटवर्क को नई मजबूती प्रदान कर सकता है।

दो दिनों की तेजी के बाद सोने-चांदी में बड़ी मुनाफावसूली, घरेलू और वैश्विक बाजारों में दबाव बढ़ा, निवेशकों की सतर्कता से कीमतों में आई तेज गिरावट

नई दिल्ली । लगातार दो कारोबारी सत्रों तक मजबूत बढ़त दर्ज करने के बाद मंगलवार को सोने और चांदी की कीमतों में गिरावट देखने को मिली। घरेलू वायदा बाजार से लेकर हाजिर बाजार और अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक कीमती धातुओं पर बिकवाली का दबाव दिखाई दिया। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि हाल के दिनों में कीमतों में आई तेज बढ़त के बाद निवेशकों ने मुनाफावसूली को प्राथमिकता दी, जिसके चलते दोनों धातुओं के भाव कमजोर पड़े। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज में सोने के अगस्त 2026 वायदा अनुबंध की शुरुआत मामूली कमजोरी के साथ हुई। शुरुआती कारोबार में स्थिरता दिखाई देने के बावजूद बाद के सत्रों में दबाव बढ़ता गया और कीमतें लाल निशान में कारोबार करती रहीं। दोपहर तक सोने के भाव में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई, जिससे हालिया तेजी का कुछ हिस्सा कम हो गया। कारोबार के दौरान सोने ने ऊपरी और निचले दोनों स्तरों को छुआ, जो बाजार में उतार-चढ़ाव और निवेशकों की सतर्कता को दर्शाता है। चांदी के बाजार में भी इसी तरह का रुझान देखने को मिला। जुलाई वायदा अनुबंध में शुरुआत से ही कमजोरी दिखाई दी और दिन चढ़ने के साथ बिकवाली का दबाव और बढ़ गया। चांदी की कीमतों में सोने की तुलना में अधिक गिरावट दर्ज की गई, जिससे यह स्पष्ट हुआ कि निवेशकों ने हालिया तेजी के बाद लाभ सुरक्षित करने को प्राथमिकता दी। कारोबार के दौरान चांदी के भाव में उल्लेखनीय उतार-चढ़ाव भी दर्ज किया गया। हाजिर बाजार में भी दोनों धातुओं की कीमतों में नरमी देखने को मिली। 24 कैरेट सोने की कीमत में प्रति 10 ग्राम आधार पर महत्वपूर्ण कमी दर्ज की गई। इसी प्रकार 22 कैरेट और 18 कैरेट सोने के भाव भी नीचे आए। ज्वेलरी कारोबार और खुदरा बाजार पर इसका सीधा प्रभाव देखने को मिल सकता है, क्योंकि कीमतों में गिरावट से उपभोक्ताओं के लिए खरीदारी अपेक्षाकृत सस्ती हो जाती है। चांदी के हाजिर भाव में भी बड़ी गिरावट दर्ज की गई। प्रति किलोग्राम के आधार पर कीमतों में हजारों रुपये की कमी देखने को मिली, जिससे औद्योगिक और निवेश दोनों श्रेणियों के खरीदारों की गतिविधियों पर असर पड़ सकता है। चांदी का उपयोग निवेश के साथ-साथ विभिन्न उद्योगों में भी व्यापक रूप से किया जाता है, इसलिए इसकी कीमतों में बदलाव का प्रभाव कई क्षेत्रों तक पहुंचता है। विशेषज्ञों के अनुसार, वैश्विक बाजारों में कमजोरी का असर भी घरेलू कीमतों पर पड़ा है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सोने और चांदी दोनों के दाम दबाव में रहे, जिससे भारतीय बाजार में भी नकारात्मक संकेत मिले। वैश्विक निवेशकों द्वारा सुरक्षित निवेश साधनों में नई रणनीति अपनाने और हालिया तेजी के बाद लाभ बुक करने की प्रवृत्ति ने कीमतों को प्रभावित किया है। बाजार विश्लेषकों का कहना है कि कीमती धातुओं में अल्पकालिक उतार-चढ़ाव बना रह सकता है। निवेशक अब वैश्विक आर्थिक संकेतकों, प्रमुख केंद्रीय बैंकों की नीतियों और अंतरराष्ट्रीय वित्तीय परिस्थितियों पर नजर बनाए हुए हैं। ऐसे माहौल में सोने और चांदी की कीमतें आने वाले दिनों में नई दिशा तय कर सकती हैं। फिलहाल मंगलवार का कारोबारी सत्र यह संकेत देता है कि हालिया रिकॉर्ड स्तरों के बाद बाजार में संतुलन स्थापित करने की प्रक्रिया शुरू हो गई है और निवेशक सावधानीपूर्वक अपने निवेश निर्णय ले रहे हैं।

भारत-खाड़ी डीपवॉटर एनर्जी पाइपलाइन पर अटकलों का अंत, केंद्र ने गुजरात-ओमान कनेक्टिविटी परियोजना की खबरों को बताया निराधार

नई दिल्ली । भारत और खाड़ी देशों के बीच समुद्र के भीतर ऊर्जा पाइपलाइन बिछाने संबंधी चर्चाओं पर केंद्र सरकार ने स्पष्ट और आधिकारिक स्थिति सामने रख दी है। हाल के दिनों में विभिन्न मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया था कि भारत सरकार गुजरात को ओमान और अन्य खाड़ी देशों से जोड़ने वाली एक महत्वाकांक्षी डीपवॉटर एनर्जी पाइपलाइन परियोजना पर तेजी से काम कर रही है। इन रिपोर्ट्स के सामने आने के बाद ऊर्जा क्षेत्र में इस संभावित परियोजना को लेकर व्यापक चर्चा शुरू हो गई थी। हालांकि अब सरकार ने इन अटकलों को पूरी तरह निराधार बताते हुए स्थिति स्पष्ट कर दी है। पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने जारी बयान में कहा कि ‘मिडिल ईस्ट-इंडिया डीपवॉटर पाइपलाइन’ नामक किसी प्रस्ताव पर वर्तमान समय में मंत्रालय के स्तर पर कोई विचार-विमर्श नहीं चल रहा है। मंत्रालय ने यह भी स्पष्ट किया कि गुजरात को ओमान अथवा खाड़ी क्षेत्र के अन्य देशों से जोड़ने वाली ऐसी किसी ऊर्जा पाइपलाइन परियोजना के संबंध में कोई औपचारिक प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है। सरकार के अनुसार, इस विषय को लेकर ओमान सहित किसी भी खाड़ी देश के साथ मंत्रालय के किसी स्तर पर कोई सक्रिय चर्चा, वार्ता या परियोजना-आधारित बातचीत नहीं की जा रही है। मंत्रालय ने कहा कि विभिन्न मंचों पर फैल रही अटकलों और भ्रम को समाप्त करने के उद्देश्य से यह स्पष्टीकरण जारी किया गया है, ताकि ऊर्जा क्षेत्र से जुड़े हितधारकों और आम जनता के बीच सही जानकारी पहुंच सके। विशेषज्ञों का मानना है कि भारत और खाड़ी देशों के बीच ऊर्जा सहयोग लगातार मजबूत हुआ है और इसी कारण ऐसी परियोजनाओं को लेकर समय-समय पर संभावनाएं व्यक्त की जाती रही हैं। हालांकि किसी भी अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा अवसंरचना परियोजना के लिए विस्तृत तकनीकी अध्ययन, आर्थिक व्यवहार्यता, कूटनीतिक सहमति और बहुपक्षीय सहयोग की आवश्यकता होती है। सरकार के ताजा बयान ने यह स्पष्ट कर दिया है कि फिलहाल ऐसी किसी प्रक्रिया की शुरुआत भी नहीं हुई है। इस बीच सरकार ने यह भी दोहराया कि भारत की ऊर्जा सुरक्षा और मध्य पूर्व से होने वाली ऊर्जा आपूर्ति पूरी तरह सामान्य बनी हुई है। वैश्विक स्तर पर जारी भू-राजनीतिक चुनौतियों के बावजूद देश के लिए ऊर्जा संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के प्रयास लगातार जारी हैं। इसी क्रम में माल्टा के ध्वज वाला एलएनजी कैरियर ‘दिशा’ सुरक्षित रूप से होर्मुज जलडमरूमध्य से होकर आगे बढ़ा है। यह जहाज गुजरात के दहेज बंदरगाह के लिए बड़ी मात्रा में तरलीकृत प्राकृतिक गैस लेकर रवाना हुआ है और निर्धारित समय पर भारत पहुंचने की संभावना है। सरकार ने बताया कि जहाज का संचालन भारतीय प्रबंधन समूह द्वारा किया जा रहा है तथा समुद्री मार्गों पर स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। विदेश मंत्रालय, भारतीय मिशन, शिपिंग कंपनियों और संबंधित एजेंसियों के साथ समन्वय बनाए रखते हुए भारतीय नाविकों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है। देश के सभी प्रमुख बंदरगाहों पर संचालन सामान्य रूप से जारी है और किसी प्रकार की बाधा की सूचना नहीं है। वहीं मध्य पूर्व क्षेत्र में बढ़ते सुरक्षा जोखिमों को देखते हुए समुद्री क्षेत्र में अतिरिक्त सतर्कता बरती जा रही है। हाल ही में क्षेत्र में हुई घटनाओं के बाद संबंधित समुद्री प्राधिकरणों ने शिपिंग कंपनियों और भर्ती एजेंसियों को सलाह जारी की है कि अगले निर्देश तक संघर्ष प्रभावित इलाकों में भारतीय नाविकों की तैनाती से बचा जाए। सरकार का कहना है कि ऊर्जा आपूर्ति और समुद्री सुरक्षा दोनों मोर्चों पर स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जा रही है ताकि राष्ट्रीय हितों और भारतीय नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।

खांसी की सिरप की बिक्री पर सरकार की सख्ती, अब केवल लाइसेंस प्राप्त फार्मेसियों से ही मिलेगी दवा

नई दिल्ली । देश में दवाओं की बिक्री और वितरण व्यवस्था को अधिक सुरक्षित तथा पारदर्शी बनाने की दिशा में केंद्र सरकार ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़े नियमों में संशोधन करते हुए सरकार ने खांसी की सिरप की बिक्री को लेकर लंबे समय से लागू विशेष छूट को समाप्त कर दिया है। अब देश के सभी हिस्सों में, विशेष रूप से छोटे ग्रामीण क्षेत्रों में भी, खांसी की सिरप केवल लाइसेंस प्राप्त फार्मेसियों के माध्यम से ही उपलब्ध होगी। सरकार द्वारा किए गए इस संशोधन का उद्देश्य दवाओं की बिक्री पर निगरानी को मजबूत करना और सार्वजनिक स्वास्थ्य सुरक्षा को प्राथमिकता देना है। नई व्यवस्था के तहत उन प्रावधानों में बदलाव किया गया है, जिनके कारण पहले कुछ ग्रामीण क्षेत्रों में सीमित नियामकीय शर्तों के साथ खांसी की सिरप बेची जा सकती थी। अब इस प्रकार की छूट समाप्त कर दी गई है और सभी विक्रेताओं को निर्धारित लाइसेंसिंग नियमों का पालन करना अनिवार्य होगा। पूर्व व्यवस्था के अनुसार एक हजार से कम आबादी वाले कुछ गांवों में खांसी की सिरप की बिक्री के लिए कुछ खुदरा लाइसेंस संबंधी नियमों से राहत दी गई थी। इसका उद्देश्य दूरदराज के क्षेत्रों में दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करना था। हालांकि बदलते स्वास्थ्य मानकों और दवा सुरक्षा संबंधी चिंताओं को देखते हुए सरकार ने इस व्यवस्था की समीक्षा की और इसे संशोधित करने का निर्णय लिया। नए नियम लागू होने के बाद अब खांसी की सिरप का वितरण केवल अधिकृत और पंजीकृत मेडिकल स्टोरों के माध्यम से ही किया जा सकेगा। इसके साथ ही दवा विक्रेताओं, वितरकों और निर्माताओं को सभी वैधानिक प्रावधानों का पालन करना होगा। सरकार का मानना है कि इससे दवाओं की आपूर्ति श्रृंखला अधिक व्यवस्थित होगी और अनधिकृत बिक्री पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित किया जा सकेगा। विशेषज्ञों का कहना है कि खांसी की कुछ सिरप ऐसी श्रेणियों में आती हैं जिनका अनुचित उपयोग स्वास्थ्य संबंधी जोखिम पैदा कर सकता है। ऐसे में इनके वितरण पर बेहतर निगरानी आवश्यक है। नई व्यवस्था दवाओं के जिम्मेदार उपयोग को बढ़ावा देने के साथ-साथ संभावित दुरुपयोग की आशंकाओं को भी कम करने में मदद करेगी। सरकार ने स्पष्ट किया है कि यह कदम केवल नियामकीय नियंत्रण बढ़ाने तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका उद्देश्य पूरे देश में दवा बिक्री के मानकों को एकरूप बनाना भी है। इससे ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के बीच नियमों में मौजूद अंतर कम होगा तथा उपभोक्ताओं को अधिक सुरक्षित स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने में सहायता मिलेगी। नए प्रावधानों के तहत खांसी की सिरप खरीदने वाले उपभोक्ताओं को भी निर्धारित प्रक्रियाओं का पालन करना होगा। कई मामलों में वैध चिकित्सकीय परामर्श और प्रिस्क्रिप्शन की आवश्यकता पड़ सकती है। इससे यह सुनिश्चित होगा कि दवाओं का उपयोग केवल चिकित्सकीय आवश्यकता के आधार पर ही किया जाए। स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़े जानकारों का मानना है कि यह निर्णय दवा नियमन प्रणाली को मजबूत बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। इससे बाजार में उपलब्ध दवाओं की गुणवत्ता, वैधता और ट्रैकिंग व्यवस्था को बेहतर बनाने में मदद मिलेगी। साथ ही, स्वास्थ्य सुरक्षा के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता भी स्पष्ट रूप से सामने आती है। देशभर में लागू इस नई व्यवस्था के बाद दवा कारोबार से जुड़े सभी हितधारकों को लाइसेंस और नियामकीय मानकों के अनुपालन पर विशेष ध्यान देना होगा। सरकार को उम्मीद है कि यह कदम दवाओं की सुरक्षित उपलब्धता सुनिश्चित करने और सार्वजनिक स्वास्थ्य संरक्षण के प्रयासों को और अधिक प्रभावी बनाएगा।

नशे में धुत क्रेटा चालक का कहर, सड़क किनारे खड़े युवक को मारी टक्कर; हालत गंभीर

मंडीदीप मंडीदीप शहर में एक बार फिर तेज रफ्तार और लापरवाही से वाहन चलाने का मामला सामने आया है। सोमवार देर रात एक कथित रूप से नशे में धुत कार चालक ने सड़क किनारे खड़े युवक को जोरदार टक्कर मार दी, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। हादसे के बाद आरोपी चालक मौके से फरार हो गया। घटना के बाद क्षेत्र में हड़कंप मच गया और स्थानीय लोगों ने घायल युवक को अस्पताल पहुंचाया, जहां उसका उपचार जारी है। जानकारी के अनुसार रायल पार्क सिटी, मंडीदीप निवासी योगेश विश्वकर्मा ने थाना पहुंचकर घटना की शिकायत दर्ज कराई है। योगेश एक निजी कंपनी में मैनेजर के पद पर कार्यरत हैं। उन्होंने पुलिस को बताया कि 15 जून की रात करीब 10:30 बजे वह अपने मित्र नवमीत भट्ट के साथ कॉलोनी के गेट के पास खड़े होकर बातचीत कर रहे थे। इसी दौरान एक सफेद रंग की क्रेटा कार तेज रफ्तार में वहां पहुंची। शिकायत के अनुसार कार चालक की पहचान धर्मेन्द्र सिंह राजपूत के रूप में हुई है। आरोप है कि चालक शराब के नशे में था और मौके पर पहुंचते ही गाली-गलौज करने लगा। स्थिति को बिगड़ता देख नवमीत भट्ट ने अपने मित्र योगेश को पीछे खींचकर सुरक्षित करने का प्रयास किया, लेकिन तभी आरोपी ने अचानक तेज गति से कार आगे बढ़ा दी और नवमीत को सीधी टक्कर मार दी। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक टक्कर इतनी भीषण थी कि नवमीत कई फीट दूर जाकर गिरा। हादसे में उसके सिर के पीछे गंभीर चोट आई, वहीं बाएं कान में गहरी चोट लगने से खून बहने लगा। इसके अलावा हाथ, पैर और कमर में भी गंभीर चोटें आई हैं। घटना के तुरंत बाद आरोपी चालक कार लेकर मौके से फरार हो गया। हादसे के समय आसपास मौजूद कई लोगों ने पूरी घटना देखी। इनमें योगेश विश्वकर्मा की पत्नी बबली विश्वकर्मा, पंकज ढोंगरे, चिंटू सिंह सहित अन्य स्थानीय नागरिक शामिल हैं। घटना के बाद लोगों ने तत्काल मदद करते हुए घायल नवमीत को आरोग्य अस्पताल, मंडीदीप पहुंचाया, जहां डॉक्टरों की निगरानी में उसका इलाज जारी है। घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस ने मौके की जानकारी जुटाई और फरियादी की शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर लिया। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपी चालक शराब के नशे में वाहन चला रहा था। पुलिस अब फरार आरोपी की तलाश में जुटी हुई है और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाली जा रही है। यह घटना एक बार फिर सड़क सुरक्षा और नशे में वाहन चलाने की गंभीर समस्या को उजागर करती है। विशेषज्ञों का मानना है कि शराब के नशे में वाहन चलाना न केवल चालक बल्कि सड़क पर मौजूद अन्य लोगों के जीवन को भी खतरे में डाल देता है। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि यदि कोई व्यक्ति शराब के नशे में वाहन चलाता दिखाई दे तो इसकी सूचना तुरंत पुलिस को दें, ताकि ऐसे हादसों को रोका जा सके। फिलहाल पुलिस आरोपी की गिरफ्तारी के प्रयास कर रही है और मामले की विस्तृत जांच जारी है। स्थानीय लोगों ने भी दोषी चालक के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।

ट्विशा शर्मा केस में CBI ने बढ़ाई न्यायिक हिरासत की मांग, दूसरी पोस्टमार्टम रिपोर्ट का अब भी इंतजार

भोपाल:  भोपाल में चर्चित ट्विशा शर्मा मौत मामले की जांच कर रही केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने मंगलवार को अदालत में महत्वपूर्ण आवेदन प्रस्तुत करते हुए आरोपी समर्थ सिंह और उनकी मां, सेवानिवृत्त न्यायाधीश गिरिबाला सिंह की न्यायिक हिरासत 30 जून तक बढ़ाने की मांग की। मामले की सुनवाई के दौरान जांच एजेंसी ने फिलहाल किसी भी आरोपी की पुलिस रिमांड नहीं मांगी और केवल न्यायिक हिरासत बढ़ाने का अनुरोध किया। सुनवाई के दौरान ट्विशा पक्ष के अधिवक्ता शुभांग दीक्षित ने बताया कि सीबीआई ने अदालत को अवगत कराया है कि मामले से जुड़ी दूसरी पोस्टमार्टम रिपोर्ट अभी तक एजेंसी को प्राप्त नहीं हुई है। यह रिपोर्ट जांच के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जा रही है, क्योंकि इससे मौत की परिस्थितियों और कारणों को लेकर कई महत्वपूर्ण तथ्यों पर प्रकाश पड़ सकता है। ऐसे में रिपोर्ट का इंतजार जांच एजेंसी के साथ-साथ मृतका के परिजनों और आम जनता को भी है। अदालत में हुई सुनवाई के दौरान दोनों आरोपी समर्थ सिंह और गिरिबाला सिंह को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से पेश किया गया। दोनों वर्तमान में न्यायिक हिरासत में हैं और वर्चुअल माध्यम से न्यायालयीन कार्यवाही में शामिल हुए। सीबीआई की ओर से न्यायिक हिरासत बढ़ाने की मांग के बाद अदालत ने पक्षों की दलीलें सुनीं। अब इस मामले में अंतिम निर्णय अदालत द्वारा सुनाया जाएगा। ट्विशा शर्मा की मौत का मामला शुरुआत से ही चर्चा का विषय बना हुआ है। संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के बाद मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच सीबीआई को सौंपी गई थी। जांच एजेंसी लगातार मामले के विभिन्न पहलुओं की पड़ताल कर रही है और अब तक कई अहम साक्ष्य जुटाने का प्रयास किया जा चुका है। हालांकि दूसरी पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अभाव में कुछ महत्वपूर्ण बिंदुओं पर अंतिम निष्कर्ष तक पहुंचना अभी बाकी माना जा रहा है। कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट किसी भी संदिग्ध मौत के मामले में बेहद अहम दस्तावेज होती है। यह रिपोर्ट न केवल मौत के कारणों की पुष्टि करती है, बल्कि जांच की दिशा तय करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। यही वजह है कि अदालत और जांच एजेंसी दोनों इस रिपोर्ट का इंतजार कर रहे हैं। फिलहाल मामले की अगली सुनवाई और अदालत के फैसले पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं। न्यायिक हिरासत बढ़ाए जाने की स्थिति में सीबीआई को जांच आगे बढ़ाने के लिए अतिरिक्त समय मिलेगा। वहीं दूसरी पोस्टमार्टम रिपोर्ट सामने आने के बाद जांच में नए खुलासे होने की भी संभावना जताई जा रही है। ट्विशा शर्मा केस प्रदेश के चर्चित मामलों में शामिल हो चुका है और हर सुनवाई के साथ लोगों की उत्सुकता बढ़ती जा रही है।

मिथुन चक्रवर्ती की बेटी दिशानी ने की सगाई, विदेशी बॉयफ्रेंड के प्रपोजल को कहा ‘हां’, रोमांटिक तस्वीरें वायरल

नई दिल्ली । बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता मिथुन चक्रवर्ती के परिवार में खुशियों ने दस्तक दी है। उनकी बेटी दिशानी चक्रवर्ती ने अपने लंबे समय से बॉयफ्रेंड रहे माइल्स मैंटजारिस के साथ सगाई कर ली है। सगाई की खूबसूरत तस्वीरें सोशल मीडिया पर सामने आते ही वायरल हो गईं और फैंस से लेकर फिल्मी हस्तियों तक सभी उन्हें बधाई दे रहे हैं। इन तस्वीरों में दोनों का रोमांटिक अंदाज और एक-दूसरे के प्रति प्यार साफ नजर आ रहा है। दिशानी ने अपने आधिकारिक इंस्टाग्राम अकाउंट पर सगाई समारोह की कई तस्वीरें साझा की हैं। तस्वीरों में वह अपनी इंगेजमेंट रिंग फ्लॉन्ट करती नजर आ रही हैं, जबकि उनके चेहरे पर इस खास पल की खुशी साफ दिखाई दे रही है। माइल्स मैंटजारिस ने बेहद खास अंदाज में उन्हें प्रपोज किया, जिसे यादगार बनाने के लिए खूबसूरत लोकेशन और शानदार सजावट का भी इंतजाम किया गया था। तस्वीरों में दोनों एक-दूसरे के साथ बेहद खुश और भावुक नजर आ रहे हैं। सगाई की तस्वीरों के साथ दिशानी ने अपनी शादी की तारीख का भी खुलासा किया है। उन्होंने बताया कि वह और माइल्स 6 दिसंबर 2026 को शादी के बंधन में बंधने जा रहे हैं। इस खबर के सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर बधाइयों का तांता लग गया है। फैंस लगातार कमेंट कर कपल को नए जीवन की शुभकामनाएं दे रहे हैं। लुक की बात करें तो दिशानी ने इस खास मौके पर सफेद रंग की खूबसूरत ड्रेस पहनी थी, जिसमें वह बेहद आकर्षक और एलिगेंट नजर आ रही थीं। वहीं माइल्स ब्लैक आउटफिट में दिखाई दिए। दोनों की जोड़ी को सोशल मीडिया यूजर्स काफी पसंद कर रहे हैं। तस्वीरों में उनकी केमिस्ट्री और रोमांटिक अंदाज ने लोगों का ध्यान खींचा है। प्रपोजल की तस्वीरों में यह भी देखने को मिला कि माइल्स ने इस पल को यादगार बनाने के लिए खास तैयारी की थी। शानदार लोकेशन, खूबसूरत नजारा और रोमांटिक माहौल ने इस सगाई को और भी खास बना दिया। यही वजह है कि तस्वीरें इंटरनेट पर तेजी से वायरल हो रही हैं और चर्चा का विषय बनी हुई हैं। गौरतलब है कि दिशानी चक्रवर्ती, मिथुन चक्रवर्ती की गोद ली हुई बेटी हैं। मिथुन ने उन्हें बचपन में अपनाया था और हमेशा अपनी बेटी की तरह प्यार और परवरिश दी। दिशानी अपने तीन भाइयों की इकलौती बहन हैं और परिवार के बेहद करीब मानी जाती हैं। अब उनकी सगाई की खबर से पूरा परिवार खुशी के माहौल में है। फैंस को अब 6 दिसंबर 2026 का इंतजार है, जब दिशानी और माइल्स शादी के बंधन में बंधकर अपने जीवन की नई शुरुआत करेंगे। सोशल मीडिया पर वायरल हो रही तस्वीरों ने इस खुशखबरी को और भी खास बना दिया है।

दबंग 2 नहीं, 56 साल पुरानी है ‘फुलौरी बिना चटनी’ की कहानी, अब धमाल 4 में फिर गूंजेगी लोकधुन

नई दिल्ली । भोजपुरी लोकसंगीत की अमर धुन ‘फुलौरी बिना चटनी कैसे बनी’ एक बार फिर चर्चा में है। फिल्म ‘धमाल 4’ के नए गीत ‘चटनी’ में इस लोकप्रिय लोकधुन को रीक्रिएट किया गया है, जिसके बाद सोशल मीडिया से लेकर मनोरंजन जगत तक इसकी खूब चर्चा हो रही है। हालांकि अधिकांश लोग इस गीत को सलमान खान की फिल्म ‘दबंग 2’ से जोड़कर देखते हैं, लेकिन इसकी असली कहानी इससे कहीं ज्यादा पुरानी और दिलचस्प है। यह गीत करीब 56 साल पहले भोजपुरी लोकसंस्कृति से निकलकर कैरेबियन देशों तक पहुंचा और फिर वहां से पूरी दुनिया में अपनी पहचान बनाने में सफल रहा। ‘फुलौरी बिना चटनी कैसे बनी’ मूल रूप से एक पारंपरिक भोजपुरी लोकगीत है। फुलौरी एक लोकप्रिय पकवान है, जिसे आमतौर पर चटनी के साथ खाया जाता है। इसी वजह से गीत की पंक्ति ‘फुलौरी बिना चटनी कैसे बनी’ यह संदेश देती है कि कुछ चीजें एक-दूसरे के बिना अधूरी होती हैं। यही सरल लेकिन प्रभावी भाव इस गीत को आम लोगों से जोड़ता है। इतिहासकारों के अनुसार 19वीं सदी में भारत से त्रिनिदाद और टोबैगो सहित कई कैरेबियन देशों में गए गिरमिटिया मजदूर अपने साथ भोजपुरी भाषा, संस्कृति और लोकगीतों की विरासत भी लेकर गए थे। उन्हीं गीतों में ‘फुलौरी बिना चटनी कैसे बनी’ भी शामिल था। समय के साथ यह गीत वहां की स्थानीय संस्कृति का हिस्सा बन गया और पीढ़ी दर पीढ़ी गाया जाता रहा। इस गीत को वैश्विक पहचान दिलाने का सबसे बड़ा श्रेय प्रसिद्ध गायक सुंदर पोपो को जाता है। ‘किंग ऑफ चटनी म्यूजिक’ के नाम से मशहूर सुंदर पोपो ने वर्ष 1969 के आसपास भोजपुरी लोकधुनों को कैरेबियन संगीत और आधुनिक बीट्स के साथ जोड़कर नया प्रयोग किया। उनके गाए ‘फुलौरी बिना चटनी कैसे बनी’ ने जबरदस्त लोकप्रियता हासिल की। यही वह दौर था जब ‘चटनी म्यूजिक’ नाम की नई संगीत शैली दुनिया के सामने आई। भोजपुरी लोकसंगीत, भारतीय सुरों और कैरेबियन लय का यह अनोखा संगम लोगों को बेहद पसंद आया। भारत में इस गीत को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने का काम बाबला और कंचन की मशहूर जोड़ी ने किया। 1980 के दशक में उनके द्वारा पेश किया गया संस्करण सुपरहिट साबित हुआ। बड़ी संख्या में भारतीय श्रोताओं ने पहली बार इसी वर्जन के जरिए इस गीत को सुना। इसके बाद भोजपुरी संगीत जगत ने भी इस धुन को भरपूर अपनाया। लोकगायिका कल्पना पटवारी समेत कई कलाकारों ने अपने-अपने अंदाज में इसे गाया और यह गीत भोजपुरी संस्कृति का एक तरह से फोक एंथम बन गया। बॉलीवुड भी इस लोकप्रिय धुन के आकर्षण से अछूता नहीं रहा। 1994 की फिल्म ‘घर की इज्जत’ में इसकी झलक दिखाई दी, लेकिन वर्ष 2012 में फिल्म ‘दबंग 2’ के जरिए इसे नई पीढ़ी तक पहुंचाने का काम हुआ। ममता शर्मा और वाजिद अली की आवाज में आया यह संस्करण देशभर में हिट साबित हुआ और आज भी लोगों की जुबान पर चढ़ा हुआ है। अब एक बार फिर यह ऐतिहासिक धुन फिल्म ‘धमाल 4’ के जरिए दर्शकों के सामने लौट रही है। हाल ही में रिलीज हुए ‘चटनी’ गीत में रितेश देशमुख, अरशद वारसी, जावेद जाफरी और अंजलि देशपांडे मस्ती भरे अंदाज में नजर आ रहे हैं। गीत को आधुनिक संगीत के साथ पेश किया गया है, लेकिन इसकी लोकधुन आज भी वैसी ही ताजगी और अपनापन लिए हुए है। भोजपुरी गांवों से शुरू होकर कैरेबियन देशों तक और फिर बॉलीवुड की चमकदार दुनिया तक पहुंचने वाला ‘फुलौरी बिना चटनी कैसे बनी’ केवल एक गीत नहीं, बल्कि भारतीय लोकसंस्कृति की वैश्विक यात्रा का प्रतीक है। यही वजह है कि बदलते दौर, बदलती पीढ़ियों और नए संगीत ट्रेंड्स के बावजूद इस गीत का जादू आज भी कायम है।

Husband Murdered Wife: खाना परोसने पर हुआ विवाद, पति ने पीट-पीटकर पत्नी की लेली जान!

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Husband Murdered Wife: मुरैना। शहर के दिमनी थाना क्षेत्र में खाना परोसने को लेकर हुआ विवाद महिला की मौत का कारण बन गया। आरोप है कि गुस्से में पति ने पत्नी के साथ बेरहमी से मारपीट की, जिससे उसकी मौत हो गई। घटना के बाद आरोपी मौके से फरार हो गया। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए जिला अस्पताल की मर्चुरी में भिजवाया। TMC सांसदों का NCPI में विलय: राजनीतिक मास्टरस्ट्रोक या कानूनी जोखिम? खाना परोसने से शुरू हुआ विवाद पुलिस का कहना है कि दिमनी थाना क्षेत्र के सहरियन का पुरा गांव में रहने वाले धर्मेंद्र जाटव सोमवार शाम शराब के नशे में घर पहुंचा। जिसके बाद उसने अपनी पत्नी निशा जाटव से खाना परोसने के लिए कहा। बताया जा रहा है कि पत्नी ने उसके नशे में होने का विरोध किया, जिसके बाद दोनों के बीच कहासुनी शुरू हो गई। विवाद बढ़ने पर धर्मेंद्र ने पत्नी के साथ मारपीट शुरू कर दी। CM Mohan Yadav News: जगदीशपुर में जल्द होगी डेस्टिनेशन कैबिनेट, CM मोहन यादव ने दिए तैयारियों के निर्देश लोहे की सरिया से किया सिर पर वार आरोप लगाया गया है कि धर्मेंद्र ने पहले पत्नी को लात-घूंसों और डंडे से पीटा। इसके बाद भी उसका गुस्सा शांत नहीं हुआ और उसने लोहे की सरिया से निशा के सिर पर वार कर दिया। सिर में गंभीर चोट लगने से निशा की मौके पर ही मौत हो गई और उसको इसी हालत में चोकर पति भाग गया। परिजनों और स्थानीय लोगों का कहना है कि धर्मेंद्र शराब पीने का आदी है और अक्सर नशे की हालत में घर पहुंचता था। इसी कारण पति-पत्नी के बीच आए दिन विवाद होते रहते हैं। GWALIOR RAPE-BLACKMAIL CASE: नौकरी का झांसा देकर किया दुष्कर्म, महिला ने थाने में खाया जहर पुलिस मामले की जांच में जुटी घटना के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमॉर्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया। डीएसपी विजय भदौरिया के अनुसार, महिला के शरीर पर कई चोटों के निशान मिले हैं। शुरुआती जांच में सिर की गंभीर चोट को मौत की वजह माना जा रहा है। फ़िलहाल आरोपी पति फरार है, जिसकी तलाश की जा रही है।