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महिला टी20 विश्व कप 2026 में भारत को बड़ा झटका: चोट के कारण श्रेयंका पाटिल टूर्नामेंट से बाहर

नई दिल्ली । महिला टी20 विश्व कप 2026 में शानदार शुरुआत करने वाली भारतीय महिला क्रिकेट टीम को बड़ा झटका लगा है। टीम की प्रमुख स्पिन गेंदबाज श्रेयंका पाटिल चोट के कारण पूरे टूर्नामेंट से बाहर हो गई हैं। यह खबर भारतीय टीम और उसके प्रशंसकों के लिए चिंता बढ़ाने वाली है, क्योंकि श्रेयंका टीम के गेंदबाजी आक्रमण की महत्वपूर्ण कड़ी मानी जाती हैं। श्रेयंका को यह चोट नीदरलैंड्स के खिलाफ खेले गए मुकाबले के दौरान लगी थी। मैच में पावरप्ले का अंतिम ओवर डालते समय उनका टखना अचानक मुड़ गया, जिससे वह दर्द से कराह उठीं। चोट इतनी गंभीर थी कि उन्हें स्ट्रेचर की मदद से मैदान से बाहर ले जाना पड़ा। इसके बाद वह मैच में दोबारा गेंदबाजी करने नहीं लौट सकीं। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार मेडिकल जांच में चोट गंभीर पाई गई, जिसके चलते उन्हें पूरे टूर्नामेंट से बाहर करने का फैसला लिया गया। भारतीय टीम प्रबंधन ने उनकी जगह 24 वर्षीय लेग स्पिनर प्रेमा रावत को टीम में शामिल किया है। प्रेमा घरेलू क्रिकेट में लगातार अच्छा प्रदर्शन करती रही हैं और उन्हें भविष्य की प्रतिभाशाली स्पिनरों में गिना जाता है। प्रेमा रावत महिला प्रीमियर लीग (डब्ल्यूपीएल) में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु की ओर से खेल चुकी हैं। पिछले दो सीजन में उन्होंने छह मुकाबलों में हिस्सा लिया और तीन विकेट हासिल किए। इसके अलावा घरेलू क्रिकेट में उत्तराखंड को सीनियर चैंपियनशिप जिताने में भी उनकी गेंदबाजी ने अहम भूमिका निभाई थी। चयनकर्ताओं को उम्मीद है कि वह श्रेयंका की कमी को काफी हद तक पूरा कर सकेंगी। हालांकि इस झटके के बावजूद भारतीय टीम का प्रदर्शन टूर्नामेंट में अब तक शानदार रहा है। भारत ने अपने पहले मुकाबले में पाकिस्तान को 64 रन से हराकर जीत का आगाज किया था। इसके बाद दूसरे मैच में नीदरलैंड्स को 95 रन से करारी शिकस्त देकर अपनी दावेदारी और मजबूत कर ली। नीदरलैंड्स के खिलाफ मुकाबले में भारतीय बल्लेबाजों ने दमदार प्रदर्शन किया था। टीम ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर में 5 विकेट के नुकसान पर 209 रन बनाए। सलामी बल्लेबाज स्मृति मंधाना ने 47 गेंदों में 74 रन की शानदार पारी खेली, जबकि शेफाली वर्मा ने 38 गेंदों में 55 रन बनाकर टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचाया। गेंदबाजी में भी भारतीय खिलाड़ियों ने बेहतरीन प्रदर्शन किया। श्री चरणी ने 19 रन देकर चार विकेट झटके, जबकि शेफाली वर्मा ने तीन विकेट हासिल कर ऑलराउंड प्रदर्शन का परिचय दिया। अब भारतीय टीम का अगला मुकाबला रविवार को दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ होगा, जहां टीम श्रेयंका की अनुपस्थिति में जीत की लय बरकरार रखने की कोशिश करेगी।

फीफा वर्ल्ड कप 2026: साउथ कोरिया को हराकर नॉकआउट में पहुंचा मेक्सिको, इतिहास रचने वाली पहली टीम बनी

नई दिल्ली । फीफा वर्ल्ड कप 2026 में मेक्सिको का शानदार अभियान जारी है। मेजबान टीम ने ग्रुप ए के अहम मुकाबले में साउथ कोरिया को 1-0 से हराकर न केवल महत्वपूर्ण जीत दर्ज की, बल्कि टूर्नामेंट के नॉकआउट चरण में पहुंचने वाली पहली टीम बनने का गौरव भी हासिल कर लिया। ग्वाडलाहारा के एक्रोन स्टेडियम में खेले गए इस रोमांचक मुकाबले में मेक्सिको ने संतुलित खेल का प्रदर्शन करते हुए तीन महत्वपूर्ण अंक अपने नाम किए। मैच की शुरुआत से ही मेक्सिको ने गेंद पर बेहतर नियंत्रण बनाए रखा और आक्रामक अंदाज में खेल दिखाया। हालांकि, साउथ कोरिया ने भी जवाबी हमलों के जरिए मुकाबले को चुनौतीपूर्ण बनाए रखा। पहले हाफ में दोनों टीमों ने कई अवसर बनाए, लेकिन मजबूत रक्षापंक्ति और गोलकीपिंग के कारण कोई भी टीम गोल करने में सफल नहीं हो सकी। पहले 45 मिनट तक दोनों पक्षों के बीच कड़ा संघर्ष देखने को मिला। दूसरे हाफ की शुरुआत मेक्सिको के लिए बेहद शानदार रही। 50वें मिनट में मिडफील्डर लुईस रोमो ने मैच का एकमात्र और निर्णायक गोल दागकर अपनी टीम को बढ़त दिलाई। गुटिएरेज द्वारा दिए गए सटीक थ्रू बॉल का शानदार फायदा उठाते हुए रोमो ने गेंद को सीधे गोलपोस्ट में पहुंचा दिया। इस गोल के बाद स्टेडियम में मौजूद हजारों मेक्सिकन समर्थक खुशी से झूम उठे। गोल खाने के बाद साउथ कोरिया ने बराबरी हासिल करने के लिए लगातार आक्रमण किए। मैच के अंतिम चरण में कोरियाई खिलाड़ियों ने कई खतरनाक मौके बनाए, लेकिन मेक्सिको की रक्षापंक्ति और गोलकीपर रेंगल दीवार बनकर खड़े रहे। खासकर अंतिम मिनटों में रेंगल ने लगातार दो शानदार बचाव कर साउथ कोरिया की उम्मीदों पर पानी फेर दिया। उनके बेहतरीन प्रदर्शन ने मेक्सिको की जीत सुनिश्चित करने में अहम भूमिका निभाई। इस जीत के साथ मेक्सिको ने ग्रुप ए में शीर्ष स्थान भी मजबूत कर लिया है। टीम ने लगातार दो मुकाबले जीतने के साथ-साथ अब तक एक भी गोल नहीं खाया है। यह उपलब्धि मेक्सिको के लिए ऐतिहासिक मानी जा रही है। वह अपनी मेजबानी में खेले जा रहे विश्व कप में शुरुआती दो मैच बिना कोई गोल खाए जीतने वाली दुनिया की दूसरी टीम बन गई है। इससे पहले यह रिकॉर्ड 1998 विश्व कप में मेजबान फ्रांस ने बनाया था, जब उसने अपने पहले दो मुकाबले बिना कोई गोल खाए जीते थे। अब मेक्सिको की नजर ग्रुप चरण के अंतिम मुकाबले में भी जीत हासिल कर खिताब की दावेदारी और मजबूत करने पर होगी। फुटबॉल विशेषज्ञों का मानना है कि मेक्सिको का मौजूदा प्रदर्शन उसे इस विश्व कप के मजबूत दावेदारों में शामिल कर रहा है। टीम की संतुलित आक्रमण और मजबूत रक्षा पंक्ति उसे अन्य टीमों के मुकाबले अलग पहचान दिला रही है।

पूर्व प्रधानमंत्री आई.के. गुजराल के बेटे के साथ व्हाट्सएप पर हुआ देश का सबसे बड़ा साइबर फ्रॉड, शातिर ठगों ने डीपी बदलकर कंपनी के अधिकारियों से ऐंठे 7.8 करोड़ रुपये

नई दिल्ली । देश की राजधानी में एक बेहद हैरान करने वाला और अब तक का सबसे बड़ा हाई-प्रोफाइल साइबर फ्रॉड का मामला सामने आया है। भारत के पूर्व प्रधानमंत्री इंद्र कुमार गुजराल के बेटे और पूर्व राज्यसभा सांसद नरेश गुजराल के परिवार और उनकी कंपनी को निशाना बनाकर साइबर अपराधियों ने करीब 7.8 करोड़ रुपये का बड़ा वित्तीय चूना लगाया है। शातिर ठगों ने इस पूरे स्कैम को व्हाट्सएप मैसेंजर के जरिए बेहद चालाकी और लंबी प्लानिंग के तहत अंजाम दिया। इस सनसनीखेज मामले के उजागर होने के बाद राजनीतिक गलियारों से लेकर कॉर्पोरेट जगत और सुरक्षा एजेंसियों में हड़कंप मच गया है। इस बेहद शातिर ठगी की शुरुआत नरेश गुजराल की कंपनी में कार्यरत एक बेहद वरिष्ठ अधिकारी के मोबाइल पर आए एक अज्ञात व्हाट्सएप मैसेज से हुई। ठगों ने चालाकी का परिचय देते हुए उस अनजान नंबर पर पूर्व सांसद नरेश गुजराल की ही प्रोफाइल फोटो यानी डीपी लगा रखी थी। वरिष्ठ अधिकारी ने जैसे ही मोबाइल स्क्रीन पर अपने बॉस की तस्वीर देखी, उन्हें रत्ती भर भी अंदेशा नहीं हुआ कि यह कोई जालसाज हो सकता है। ठग ने खुद को नरेश गुजराल के रूप में पेश करते हुए बेहद कड़क और पेशेवर अंदाज में अधिकारी से चैट शुरू की और कंपनी के काम का हवाला देते हुए एक अज्ञात बैंक खाते में तुरंत एक बड़ी रकम ट्रांसफर करने का सख्त निर्देश दे दिया। व्हाट्सएप पर मिले इस कथित निर्देश के बाद अधिकारी ने बिना कोई प्रामाणिक जांच किए तुरंत पहली किश्त के रूप में करीब 1.5 करोड़ रुपये आरटीजीएस के माध्यम से बताए गए बैंक खाते में स्थानांतरित कर दिए। ठगों का हौसला यहीं नहीं रुका; उन्होंने अधिकारी के इसी अटूट भरोसे का फायदा उठाते हुए अगले चार दिनों तक लगातार सिलसिलेवार ढंग से अलग-अलग बहानों से और पैसों की मांग की। बॉस की डीपी और उनके बात करने के लहजे से पूरी तरह आश्वस्त अधिकारी लगातार ट्रांजैक्शन करता रहा, जिसके चलते महज 96 घंटों के भीतर कंपनी के खाते से कुल 7.8 करोड़ रुपये ठगों के हवाले कर दिए गए। इस अभूतपूर्व वित्तीय धोखाधड़ी के दौरान सुरक्षा के तमाम दावों के बीच बैंक और कंपनी के मुख्य वित्तीय अधिकारी यानी सीएफओ भी गच्चा खा गए। लगातार हो रहे करोड़ों रुपये के इस बड़े लेन-देन को देखकर बैंक प्रबंधन को कुछ संदेह अवश्य हुआ था, जिसके बाद उन्होंने तत्काल कंपनी के सीएफओ से इस संबंध में संपर्क भी साधा। हालांकि, सीएफओ ने भी आंतरिक रूप से बिना किसी क्रॉस-वेरिफिकेशन के यह मान लिया कि यह वित्तीय निर्देश स्वयं नरेश गुजराल की ओर से ही जारी किए गए हैं, जिसके कारण यह संदिग्ध ट्रांजैक्शन बिना किसी रुकावट के जारी रहा। इस पूरे काले खेल का पर्दाफाश तब हुआ जब 16 जून को लगातार पैसे भेजने से परेशान वरिष्ठ अधिकारी को कुछ गंभीर संदेह हुआ। उन्होंने सीधे नरेश गुजराल की बेटी दीक्षा गुजराल से संपर्क किया और उन्हें बताया कि उनके पिता लगातार बड़ी रकम ट्रांसफर करने के निर्देश दे रहे हैं। यह सुनते ही दीक्षा के पैरों तले जमीन खिसक गई क्योंकि नरेश गुजराल ने ऐसा कोई भी संदेश नहीं भेजा था। परिवार को तुरंत साइबर फ्रॉड का अहसास हुआ और उन्होंने बिना समय गंवाए उसी दिन दिल्ली पुलिस में ई-एफआईआर दर्ज कराई। दिल्ली पुलिस की स्पेशल साइबर टीम आईएफएसओ ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल तकनीकी जांच शुरू की और उस बैंक खाते को ट्रैक कर लिया, जिसमें पैसे भेजे गए थे। पुलिस की तत्परता के चलते ठगी गई कुल राशि में से करीब 4 करोड़ रुपये को उसी खाते में समय रहते फ्रीज कर दिया गया है, जबकि शेष राशि की रिकवरी और आरोपियों की धरपकड़ के लिए देशव्यापी छापेमारी जारी है।

अफगानिस्तान के खिलाफ तीसरे वनडे के लिए भारतीय टीम में हर्षित राणा की वापसी, चेन्नई में जुड़ेंगे स्क्वॉड से

नई दिल्ली । अफगानिस्तान के खिलाफ जारी तीन मैचों की वनडे सीरीज के अंतिम मुकाबले से पहले भारतीय क्रिकेट टीम को बड़ी मजबूती मिली है। युवा तेज गेंदबाज हर्षित राणा की टीम इंडिया में वापसी हो गई है। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) ने पुष्टि की है कि हर्षित राणा ने अपना रिहैबिलिटेशन कार्यक्रम सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है और अब वह पूरी तरह फिट हैं। इसी के चलते उन्हें अफगानिस्तान के खिलाफ तीसरे वनडे मैच के लिए भारतीय टीम में शामिल किया गया है। बीसीसीआई के अनुसार हर्षित राणा ने सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (सीओई) में अपनी फिटनेस और रिहैब प्रक्रिया पूरी की है। वह जल्द ही चेन्नई पहुंचकर भारतीय टीम से जुड़ेंगे। चयनकर्ताओं ने उनकी फिटनेस को देखते हुए आगामी अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रमों के लिए भी उन पर भरोसा जताया है। हर्षित को आयरलैंड-इंग्लैंड दौरे और एशियन गेम्स 2026 के लिए भारतीय टी-20 टीम में भी जगह दी गई है। इस बीच भारतीय टीम अफगानिस्तान के खिलाफ वनडे सीरीज में शानदार प्रदर्शन कर रही है। टीम इंडिया पहले ही शुरुआती दो मुकाबले जीतकर सीरीज में 2-0 की अजेय बढ़त हासिल कर चुकी है। अब उसका लक्ष्य तीसरा मुकाबला जीतकर सीरीज का क्लीन स्वीप करना होगा। लखनऊ के इकाना स्टेडियम में खेले गए दूसरे वनडे में भारतीय बल्लेबाजों ने धमाकेदार प्रदर्शन किया था। पहले बल्लेबाजी करते हुए भारत ने निर्धारित 50 ओवर में 402 रनों का विशाल स्कोर खड़ा किया। टीम की ओर से शुभमन गिल ने शानदार बल्लेबाजी करते हुए 110 गेंदों में 154 रन बनाए, जबकि ईशान किशन ने 79 गेंदों में 125 रनों की विस्फोटक पारी खेली। दोनों बल्लेबाजों की शतकीय पारियों ने अफगानिस्तान के गेंदबाजों को पूरी तरह बैकफुट पर धकेल दिया। 403 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी अफगानिस्तान की टीम भारतीय गेंदबाजों के सामने टिक नहीं सकी और 232 रन पर सिमट गई। गेंदबाजी में गुरनूर बरार और अर्शदीप सिंह ने तीन-तीन विकेट लेकर अहम भूमिका निभाई। वहीं डेब्यू मैच खेल रहे प्रिंस यादव ने भी दो विकेट हासिल कर प्रभावित किया। अफगानिस्तान की ओर से रहमत शाह ने 79 रन और रहमानुल्लाह गुरबाज ने 41 रन बनाए, लेकिन उनकी पारियां टीम को हार से नहीं बचा सकीं। यह वनडे क्रिकेट में अफगानिस्तान की रनों के लिहाज से दूसरी सबसे बड़ी हार रही। अब दोनों टीमों के बीच सीरीज का तीसरा और अंतिम मुकाबला 20 जून को चेन्नई में खेला जाएगा। भारतीय टीम जहां क्लीन स्वीप के इरादे से मैदान में उतरेगी, वहीं अफगानिस्तान सम्मान बचाने के लिए जीत दर्ज करने की कोशिश करेगा।

'3 इडियट्स' के सीक्वल पर राजकुमार हिरानी का बड़ा बयान; रैंचो, फरहान और राजू की जिंदगी में 20 साल बाद आए पारिवारिक और मानसिक तनाव पर केंद्रित होगी नई कहानी

नई दिल्ली । भारतीय सिनेमा के इतिहास की सबसे बड़ी ब्लॉकबस्टर फिल्मों में शुमार ‘3 इडियट्स’ के सीक्वल को लेकर दर्शकों का लंबा इंतजार अब खत्म होने जा रहा है। प्रख्यात फिल्म निर्देशक राजकुमार हिरानी ने इस बहुप्रतीक्षित प्रोजेक्ट की प्रगति और इसकी मूल कहानी को लेकर पहली बार आधिकारिक रूप से स्थिति साफ की है। एक विशेष साक्षात्कार के दौरान उन्होंने स्पष्ट किया कि आगामी फिल्म का कथानक कॉलेज जीवन या पुरानी यादों के इर्द-गिर्द बिल्कुल भी नहीं बुना जाएगा। इसके बजाय, कहानी को समय के चक्र में आगे बढ़ाते हुए मुख्य किरदारों के वयस्क जीवन, उनके पारिवारिक दायित्वों और समकालीन युग की वास्तविक चुनौतियों के साथ पर्दे पर उतारा जाएगा। निर्देशक ने इस बात की पुष्टि की है कि वह वर्तमान में इस महत्वाकांक्षी सीक्वल की पटकथा के लेखन पर बेहद गंभीरता से काम कर रहे हैं। यद्यपि स्क्रिप्ट को अंतिम रूप देने में अभी काफी समय और रचनात्मक प्रयास बाकी हैं, लेकिन इसकी वैचारिक दिशा पूरी तरह तय हो चुकी है। सीक्वल में मूल फिल्म की कहानी से करीब 15 से 20 साल आगे का समय दिखाया जाएगा। दर्शकों के चहेते तीनों मुख्य किरदारों—रैंचो, फरहान और राजू की जिंदगी अब कॉलेज के दिनों से बहुत आगे निकल चुकी है। वे अब न केवल विवाहित हैं, बल्कि बच्चों के माता-पिता भी बन चुके हैं, जिससे कहानी में एक परिपक्व और नया दृष्टिकोण देखने को मिलेगा। राजकुमार हिरानी के अनुसार, फिल्म का मुख्य फोकस इस बात पर होगा कि उम्र के इस नए पड़ाव पर आने वाले मानसिक, पारिवारिक और सामाजिक तनाव का सामना यह तीनों दोस्त किस प्रकार करते हैं। जहां साल 2009 में रिलीज हुई मूल फिल्म ‘3 इडियट्स’ में देश की शिक्षा प्रणाली पर तीखा व्यंग्य करते हुए युवाओं को अपने जुनून का पालन करने का एक मजबूत संदेश दिया गया था, वहीं सीक्वल में भी एक व्यापक सामाजिक मुद्दा उठाया जाएगा। निर्देशक ने हंसते हुए इस बात पर मुहर लगाई है कि इस बार भी फिल्म के माध्यम से समाज को एक बहुत बड़ा और प्रासंगिक संदेश देने का प्रयास किया जा रहा है, जो आज के दौर के परिवारों के लिए मार्गदर्शक साबित होगा। इस नए सफर में दर्शकों को अपने पुराने और पसंदीदा चेहरे एक बार फिर पर्दे पर एक साथ देखने को मिलेंगे। सीक्वल के लिए आमिर खान उर्फ फुंसुक वांगडू (रैंचो), आर माधवन उर्फ फरहान कुरैशी, शर्मन जोशी उर्फ राजू रस्तोगी और करीना कपूर खान उर्फ पिया सहस्रबुद्धे की मुख्य भूमिकाओं में वापसी पूरी तरह पक्की मानी जा रही है। हालांकि, मूल फिल्म के अन्य बेहद लोकप्रिय किरदारों जैसे चतुर रामलिंगम (ओमी वैद्य), वीरू सहस्रबुद्धे उर्फ वायरस (बोमन ईरानी), मोना सिंह और जावेद जाफरी के किरदारों को नए कथानक में किस प्रकार शामिल किया जाएगा, इस पर अभी तक कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है। उल्लेखनीय है कि अभिजात जोशी और राजकुमार हिरानी द्वारा संयुक्त रूप से लिखित ‘3 इडियट्स’ एक कड़क सैटायरिकल कॉमेडी-ड्रामा थी, जिसने बॉक्स ऑफिस के तत्कालीन तमाम रिकॉर्ड ध्वस्त कर दिए थे। फिल्म के अंत में रैंचो को लद्दाख में एक सफल वैज्ञानिक और शिक्षक के रूप में, फरहान को एक स्थापित वाइल्डलाइफ फोटोग्राफर और राजू को एक कॉर्पोरेट अधिकारी के रूप में सेटल होते दिखाया गया था। अब, दो दशकों के बाद इन किरदारों के जीवन में आए बदलावों और उनकी नई सामाजिक-पारिवारिक लड़ाइयों को देखने के लिए सिनेमाप्रेमियों के बीच अभी से भारी उत्साह देखा जा रहा है।

भारत की कला का वैश्विक प्रदर्शन पीएम मोदी ने फ्रांस में मैक्रों दंपति को दिए पारंपरिक हस्तशिल्प उपहार

नई द‍िल्‍ली । फ्रांस दौरे के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और हस्तशिल्प परंपरा को वैश्विक मंच पर प्रस्तुत करते हुए फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों और उनकी पत्नी ब्रिजिट मैक्रों को विशेष उपहार भेंट किए। इन उपहारों के माध्यम से भारत की कला, संस्कृति और पारंपरिक शिल्प कौशल की गहराई और विविधता को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रदर्शित किया गया। राष्ट्रपति मैक्रों को प्रधानमंत्री मोदी ने आंध्र प्रदेश की प्रसिद्ध हस्तनिर्मित कलमकारी महाभारत पेंटिंग भेंट की। यह पेंटिंग पारंपरिक कलमकारी शैली में तैयार की गई है और इसे बनाने में लगभग छह महीने का समय लगा। इस कलाकृति में महाभारत के विभिन्न प्रसंगों को अत्यंत सूक्ष्म और कलात्मक ढंग से दर्शाया गया है, जिसमें धर्म, न्याय, कर्तव्य और नैतिकता जैसे शाश्वत मूल्यों को उभारा गया है। इस पेंटिंग का सबसे महत्वपूर्ण संदेश भगवद्गीता से प्रेरित है, जिसमें भगवान श्रीकृष्ण अर्जुन को कर्म, आत्मसंयम और जीवन के कर्तव्य का मार्ग दिखाते हैं। यह कलाकृति केवल एक पौराणिक दृश्य प्रस्तुति नहीं बल्कि नैतिक नेतृत्व, मानवीय गरिमा और शांति जैसे सार्वभौमिक मूल्यों का प्रतीक भी मानी जाती है, जो आज की वैश्विक परिस्थितियों में भी प्रासंगिक हैं। वहीं, ब्रिजिट मैक्रों को प्रधानमंत्री मोदी ने तेलंगाना का पारंपरिक पोचमपल्ली सिल्क स्टोल उपहार स्वरूप भेंट किया। यह स्टोल हाथ से बुनी गई इकत रेजिस्ट-डाइंग तकनीक से तैयार किया जाता है और अपनी विशिष्ट ज्यामितीय और पुष्पीय डिजाइनों के लिए प्रसिद्ध है। इसकी उत्कृष्ट बनावट और पारंपरिक शिल्पकला इसे भारतीय वस्त्र विरासत का एक महत्वपूर्ण प्रतीक बनाती है। भारत की यह हस्तशिल्प परंपरा न केवल सांस्कृतिक पहचान को दर्शाती है बल्कि फैशन और कला की दुनिया में भी अपनी अलग पहचान रखती है। फ्रांस जैसे देश, जहां कला और फैशन को विशेष महत्व दिया जाता है, वहां ऐसे उपहार सांस्कृतिक आदान-प्रदान और आपसी संबंधों को और मजबूत करने का माध्यम बनते हैं। प्रधानमंत्री मोदी अक्सर अपने विदेशी दौरों के दौरान विभिन्न वैश्विक नेताओं को भारत की पारंपरिक कला और हस्तशिल्प से जुड़े उपहार भेंट करते हैं। इसका उद्देश्य भारत की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक धरोहर को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाना और विश्व समुदाय को भारतीय शिल्प परंपरा से परिचित कराना है।

'सिकंदर' के सेट पर फिजियोथेरेपी और भारी सुरक्षा घेरे के बीच काम होने का हुआ प्रामाणिक खुलासा

नई दिल्ली । भारतीय सिनेमा जगत के शीर्ष अभिनेताओं में शुमार सलमान खान के पेशेवर जीवन और उनकी कार्यशैली को लेकर एक बड़ा और महत्वपूर्ण खुलासा सामने आया है। अभिनेता विशाल वशिष्ठ ने फिल्म ‘सिकंदर’ के निर्माण के दौरान सेट पर बने वास्तविक हालातों को साझा करते हुए बताया कि सुपरस्टार सलमान खान ने अत्यंत प्रतिकूल परिस्थितियों, मानसिक तनाव और असहनीय शारीरिक दर्द के बावजूद इस फिल्म के फिल्मांकन को पूरा किया था। यह खुलासा ऐसे समय में आया है जब इस फिल्म के निर्माण और अभिनेता की सेट पर उपस्थिति को लेकर विभिन्न प्रकार की चर्चाएं चल रही थीं। सह-कलाकार के इस बयान ने अभिनेता के काम के प्रति उनके गहरे समर्पण और उच्च व्यावसायिक प्रतिबद्धता को मजबूती से रेखांकित किया है। इस फिल्म के निर्माण का दौर अभिनेता के व्यक्तिगत और सामाजिक जीवन के लिहाज से बेहद संवेदनशील और अत्यंत कठिन माना जा रहा था। साल 2024 में अपने बेहद करीबी मित्र और अनुभवी राजनेता बाबा सिद्दीकी की अचानक हुई हत्या के बाद सलमान खान गहरे मानसिक आघात और भावनात्मक संकट से गुजर रहे थे। इसके साथ ही, लगातार मिल रही सुरक्षा धमकियों के कारण उनके इर्द-गिर्द सुरक्षा व्यवस्था को अभूतपूर्व रूप से कड़ा करना पड़ा था। इस प्रकार के भारी सुरक्षा घेरे, मानसिक तनाव और हर पल बने रहने वाले जान के खतरे के बीच सेट पर आकर काम करना पूरी टीम और स्वयं अभिनेता के लिए एक बेहद चुनौतीपूर्ण कार्य बन चुका था। मानसिक और बाहरी दबावों के अलावा अभिनेता उस समय गंभीर शारीरिक समस्याओं और असहनीय कष्ट से भी जूझ रहे थे। फिल्म के मुख्य दृश्यों के फिल्मांकन के दौरान सलमान खान की पसली में गंभीर चोट आई थी, जिससे उन्हें उठने-बैठने, झुकने और सामान्य रूप से चलने में भी तीव्र दर्द का सामना करना पड़ रहा था। सेट पर मौजूद रहे सह-कलाकारों के अनुसार, यह कोई बनाई हुई कहानी नहीं थी बल्कि पूरी टीम ने इस दर्द को बेहद करीब से महसूस किया था। अभिनेता जैसे-तैसे बेहद धीमी गति से चलकर कैमरे के सामने अपने दृश्यों को पूरा करते थे और निर्देशक के कट बोलते ही तुरंत अपनी फिजियोथेरेपी प्रक्रिया के लिए चले जाते थे। इस भीषण शारीरिक कष्ट के बावजूद फिल्म की कहानी की मांग के अनुसार उन्हें लगातार भारी एक्शन दृश्यों की शूटिंग करनी पड़ी थी, जिसे उन्होंने बिना किसी शिकायत के पूरा किया। विशाल वशिष्ठ ने अभिनेता की प्रशंसा करते हुए कहा कि मनोरंजन उद्योग में इतने लंबे समय तक रहने और शीर्ष मुकाम पर होने के बाद भी उनका ऐसा समर्पण देखना किसी भी कलाकार के लिए प्रेरणा से कम नहीं है। सेट के बाहर उनके जीवन में क्या खतरनाक उथल-पुथल चल रही थी, इसका नकारात्मक प्रभाव उन्होंने कभी भी अपने काम की गति और सेट के माहौल पर नहीं पड़ने दिया। यह प्रामाणिक बयान हाल ही में निर्देशक एआर मुरुगाडोस के उन कथनों के परिप्रेक्ष्य में बेहद महत्वपूर्ण हो जाता है, जिसमें उन्होंने फिल्म के कठिन शेड्यूल और शूटिंग के समय में किए गए बड़े बदलावों का जिक्र किया था। आंतरिक और बाहरी चुनौतियों के कारण कई बार दिन के शेड्यूल को रात में बदलना पड़ा था, जिससे क्रू को काफी मशक्कत करनी पड़ी थी। सह-कलाकार के इस नए वक्तव्य ने साफ कर दिया है कि समय में हुए वे बदलाव किसी लापरवाही का परिणाम नहीं बल्कि अभिनेता की गंभीर चिकित्सीय स्थिति और सुरक्षा कारणों की अनिवार्य आवश्यकता थे।

Zero-Tolerance Policy: सोम डिस्टिलरीज के लाइसेंस नवीनीकरण आवेदन निरस्त, CM की जीरो टॉलरेंस नीति का बड़ा असर!

Madhya Pradesh News

Zero-Tolerance Policy: मध्यप्रदेश। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की जीरो टॉलरेंस नीति का असर अब पूरे पदेश में साफ नजर आने लगा है। सरकार ने आबकारी नियमों के उल्लंघन और कथित अनियमितताओं के मामलों में बड़ा कदम उठाते हुए सोम डिस्टिलरीज समूह को झटका दिया है। वर्ष 2026-27 के लिए समूह द्वारा किए गए विभिन्न आबकारी लाइसेंसों के नवीनीकरण आवेदन राज्य सरकार द्वारा निरस्त कर दिए गए हैं। सिंहस्थ 2028 की तैयारियों को मिली रफ्तार: उज्जैन में बन रहे 4 नए सबस्टेशन, 750 मेगावाट बिजली आपूर्ति का लक्ष्य हाईकोर्ट के निर्देशों पर हुआ परिक्षण आबकारी विभाग का कहना है कि यह फैसला उच्च न्यायालय के निर्देशों के बाद किए गए विस्तृत परीक्षण के आधार पर लिया गया है। विभाग ने संबंधित दस्तावेजों, जांच रिपोर्टों और उपलब्ध साक्ष्यों की समीक्षा के बाद यह कार्रवाई की है। अधिकारीयों का कहना है कि निर्णय लेने से पहले सभी तथ्यों की मुख्य रूप से परखा गया, ताकि प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी और कानूनी मानकों के अनुरूप रहे। दिल्ली में बड़ा खुलासा बच्चे खरीद-बिक्री रैकेट का पर्दाफाश, 5 नवजात बरामद, अंतरराज्यीय गिरोह से जुड़े तार रिकार्ड्स में सामने आए गंभीर आरोप सरकारी रिकॉर्ड में समूह से जुड़े कुछ मामलों में अवैध शराब परिवहन, फर्जी परमिट के उपयोग और आबकारी नियमों के उल्लंघन के आरोप सामने आए थे। इन मामलों में राजस्व हानि से जुड़े आरोप भी शामिल बताए गए हैं। NEET-UG री-एग्जाम के लिए NTA का सख्त एक्शन प्लान, बायोमेट्रिक जांच, ड्रेस कोड और सुरक्षा नियमों का पालन अनिवार्य उपलब्ध दस्तावेजों पर लिए गया फैसला विभाग का कहना है कि लाइसेंस नवीनीकरण पर फैसला उपलब्ध दस्तावेजों और जांच के आधार पर लिया गया है। सरकार ने साफ कहा है कि अवैध गतिविधियों, राजस्व चोरी और कानून के उल्लंघन के मामलों में किसी भी तरह की ढील नहीं दी जाएगी। राज्य सरकार का कहना है कि पारदर्शी और जवाबदेह प्रशासन उसकी प्राथमिकता है और भविष्य में भी नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

भस्म आरती में दिव्य स्वरूप में सजे बाबा महाकाल: रजत चंद्र, त्रिशूल मुकुट और आभूषणों से हुआ अलौकिक श्रृंगार

मध्यप्रदेश । धर्मनगरी उज्जैन के विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर में शुक्रवार तड़के भस्म आरती के दौरान भक्तों को बाबा महाकाल के दिव्य और मनमोहक स्वरूप के दर्शन हुए। प्रातःकालीन बेला में वैदिक मंत्रोच्चार और धार्मिक विधि-विधानों के बीच भगवान महाकाल का पूजन-अर्चन संपन्न हुआ। मंदिर परिसर में गूंजते मंत्रों और घंटियों की ध्वनि ने पूरे वातावरण को भक्तिमय बना दिया। मंदिर के कपाट खुलने के बाद सबसे पहले सभा मंडप में विराजमान वीरभद्र भगवान के समक्ष स्वस्ति वाचन किया गया और भगवान महाकाल से पूजा-अर्चना की आज्ञा ली गई। इसके पश्चात चांदी के पट खोले गए और गर्भगृह में विशेष अनुष्ठान प्रारंभ हुआ। पुजारियों ने भगवान महाकाल का पूर्व श्रृंगार उतारकर विधिवत जलाभिषेक किया। इसके बाद दूध, दही, घी, शक्कर, शहद तथा विभिन्न फलों के रस से निर्मित पंचामृत द्वारा भगवान का अभिषेक किया गया। वैदिक परंपरा के अनुसार संपन्न इस पूजन के बाद कर्पूर आरती की गई, जिसमें उपस्थित श्रद्धालुओं ने भाव-विभोर होकर भाग लिया। भस्म आरती के दौरान नंदी हॉल में नंदी महाराज का भी स्नान, ध्यान और विशेष पूजन किया गया। वहीं भगवान महाकाल का भव्य श्रृंगार रजत चंद्र, त्रिशूल मुकुट और आकर्षक आभूषणों से किया गया। भगवान को भांग, चंदन, ड्रायफ्रूट और पवित्र भस्म अर्पित कर उनका दिव्य स्वरूप सजाया गया। भस्म अर्पण के पश्चात बाबा महाकाल को शेषनाग का रजत मुकुट, रजत मुंडमाल, रुद्राक्ष की मालाएं और सुगंधित पुष्पों की विशेष मालाएं धारण कराई गईं। इस अलौकिक श्रृंगार ने भगवान महाकाल के स्वरूप को और अधिक दिव्यता प्रदान की। पूजन के समापन पर फल और मिष्ठान का भोग अर्पित किया गया। भस्म आरती में देश के विभिन्न हिस्सों से आए श्रद्धालुओं ने भाग लिया और बाबा महाकाल का आशीर्वाद प्राप्त किया। परंपरा के अनुसार महा निर्वाणी अखाड़े की ओर से भगवान महाकाल को पवित्र भस्म अर्पित की गई। यह भस्म आरती महाकाल मंदिर की सबसे महत्वपूर्ण और अद्वितीय धार्मिक परंपराओं में से एक मानी जाती है। धार्मिक मान्यता है कि भस्म अर्पण के बाद भगवान महाकाल भक्तों को निराकार से साकार रूप में दर्शन देते हैं। इसी कारण प्रतिदिन तड़के होने वाली भस्म आरती के दर्शन के लिए हजारों श्रद्धालु उज्जैन पहुंचते हैं और बाबा महाकाल की कृपा प्राप्त करते हैं।

साइबर ठगी के पैसों से खरीदा सोना, उज्जैन में पकड़ा गया गिरोह: MBA पास युवकों का नेटवर्क बेनकाब, BJP नेता का बेटा निकला मास्टरमाइंड

मध्यप्रदेश । साइबर अपराधियों द्वारा ठगी के पैसों को वैध बनाने के लिए अपनाए जा रहे नए तरीकों का एक चौंकाने वाला मामला उज्जैन में सामने आया है। उज्जैन पुलिस ने ऐसे गिरोह का खुलासा किया है, जो साइबर ठगी से हासिल रकम को सोने में निवेश कर उसे नकदी में बदलने की साजिश रच रहा था। मामले में नर्मदापुरम के तीन युवकों को गिरफ्तार किया गया है, जिनमें मुख्य आरोपी एक स्थानीय भाजपा नेता का बेटा बताया जा रहा है। पुलिस जांच के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी अनिमेष वर्मा, कशिश बढ़ानी और राहुल गुप्ता आपस में मित्र हैं और तीनों उच्च शिक्षित हैं। आरोपियों ने फर्जी आधार कार्ड और अन्य पहचान पत्रों का इस्तेमाल कर उज्जैन के विभिन्न ज्वेलरी शोरूम से करीब 4.65 लाख रुपए का सोना खरीदा। इन खरीदारी का भुगतान साइबर ठगी से प्राप्त रकम के जरिए क्यूआर कोड स्कैन कर किया गया था। मामले का खुलासा तब हुआ जब फ्रीगंज स्थित एक ज्वेलर्स के बैंक खाते को संदिग्ध ट्रांजेक्शन के चलते होल्ड कर दिया गया। शोरूम संचालक ने इसकी सूचना माधवनगर थाने में दी। पुलिस ने तत्काल जांच शुरू की और सीसीटीवी फुटेज खंगाले। फुटेज में खरीदारी करने आए युवक के मोबाइल पर आए एक कॉल का नंबर स्क्रीन पर दिखाई दे गया। यही नंबर जांच का सबसे अहम सुराग साबित हुआ। माधवनगर थाना पुलिस ने तकनीकी विश्लेषण और लोकेशन ट्रैकिंग की मदद से महाकाल क्षेत्र के एक होटल में दबिश देकर तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में सामने आया कि मुख्य आरोपी अनिमेष वर्मा कुछ महीने पहले क्रिप्टोकरेंसी एक्सचेंज प्लेटफॉर्म के माध्यम से टेलीग्राम पर सक्रिय साइबर ठगों के संपर्क में आया था। ठगों ने उसे मोटे कमीशन और त्वरित मुनाफे का लालच दिया था। आरोपियों ने पिछले दस दिनों में उज्जैन के कई ज्वेलरी शोरूम से सोना खरीदा। दुकानदारों के क्यूआर कोड दिल्ली में बैठे साइबर ठगों को भेजे जाते थे। इसके बाद राजस्थान, पंजाब और उत्तर प्रदेश में साइबर ठगी के शिकार लोगों के बैंक खातों से सीधे भुगतान किया जाता था। सोना खरीदने के बाद उसे बेचकर रकम को नकदी में बदलने की योजना थी। उज्जैन एसपी प्रदीप शर्मा के अनुसार, प्रारंभिक जांच में राजस्थान, पंजाब और उत्तर प्रदेश के पीड़ितों के खातों से लाखों रुपए के भुगतान की पुष्टि हुई है। पुलिस का मानना है कि यह एक बड़े अंतरराज्यीय और संभवतः अंतरराष्ट्रीय साइबर सिंडिकेट का हिस्सा है, जो ठगी के पैसों को पेट्रोल पंपों और सोने जैसी सुरक्षित संपत्तियों में निवेश कर वैध बनाने का प्रयास करता है। फिलहाल पुलिस ने आरोपियों को न्यायालय में पेश कर 21 जून तक रिमांड पर लिया है। मामले की गहराई से जांच की जा रही है और नेटवर्क के अन्य सदस्यों तक पहुंचने के लिए एक विशेष टीम दिल्ली भेजी जा रही है। पुलिस को उम्मीद है कि पूछताछ में साइबर अपराध के इस संगठित नेटवर्क से जुड़े कई और अहम खुलासे हो सकते हैं।