Haryana Smart Policing: स्मार्ट पुलिसिंग की मिसाल बना हरियाणा: CrPIS सिस्टम को मिला राष्ट्रीय मंच पर सम्मान, बढ़ी प्रदेश की प्रतिष्ठा

Haryana Smart Policing: नई दिल्ली ।हरियाणा पुलिस ने एक बार फिर अपनी कार्यकुशलता और तकनीकी नवाचार का परिचय देते हुए राष्ट्रीय स्तर पर बड़ी उपलब्धि हासिल की है। अपराध जांच और अपराधियों की पहचान की प्रक्रिया को अधिक आधुनिक और प्रभावी बनाने के उद्देश्य से विकसित की गई CrPIS यानी क्राइम एंड क्रिमिनल पर्सोनल इंफॉर्मेशन सिस्टम को देशभर में सराहना मिली है। इस उपलब्धि ने हरियाणा पुलिस को स्मार्ट और तकनीक आधारित पुलिसिंग के क्षेत्र में अग्रणी राज्यों की श्रेणी में ला खड़ा किया है। नई दिल्ली में आयोजित 26वें अखिल भारतीय फिंगरप्रिंट सम्मेलन के दौरान हरियाणा राज्य अपराध अभिलेख ब्यूरो द्वारा विकसित इस अत्याधुनिक प्रणाली को राष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट मॉडल के रूप में प्रस्तुत किया गया। अपराध नियंत्रण और जांच प्रक्रिया को नई दिशा देने वाली इस प्रणाली की सफलता को देखते हुए राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो ने हरियाणा पुलिस को सर्टिफिकेट ऑफ एक्सीलेंस प्रदान कर सम्मानित किया। India US trade deal: भारत और अमेरिका के बीच मेगा ट्रेड एग्रीमेंट की तैयारी तेज, बातचीत को अंतिम रूप देने भारत पहुंचे जैमीसन ग्रीर CrPIS प्रणाली का विकास रिकॉर्ड समय में किया गया और इसे प्रभावी रूप से लागू भी किया गया। यही वजह रही कि राष्ट्रीय स्तर पर इसकी विशेष चर्चा हुई। यह प्रणाली अपराधियों और अपराध से जुड़ी सूचनाओं का वैज्ञानिक विश्लेषण करने के साथ-साथ संदिग्धों की पहचान और जांच प्रक्रिया को अधिक तेज, सटीक और प्रभावशाली बनाने में मदद करती है। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे जांच एजेंसियों को अपराधों की गुत्थियां सुलझाने में काफी आसानी होगी और अपराध नियंत्रण की दिशा में भी महत्वपूर्ण परिणाम सामने आएंगे। सम्मेलन के दौरान केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने इस अत्याधुनिक प्रणाली का औपचारिक शुभारंभ किया। इस अवसर पर देशभर से पहुंचे पुलिस अधिकारियों, फॉरेंसिक विशेषज्ञों और सुरक्षा एजेंसियों के प्रतिनिधियों ने हरियाणा पुलिस की इस पहल की खुलकर सराहना की। विशेषज्ञों ने इसे तकनीक आधारित पुलिसिंग के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया। हरियाणा पुलिस लगातार डिजिटल और वैज्ञानिक जांच प्रणाली को मजबूत करने के लिए नए प्रयोग कर रही है। मुख्यमंत्री के नेतृत्व और पुलिस महानिदेशक के मार्गदर्शन में राज्य में स्मार्ट पुलिसिंग को बढ़ावा देने के लिए कई तकनीकी परियोजनाओं पर कार्य किया जा रहा है। CrPIS की सफलता भी इसी दूरदर्शी सोच और नवाचार की संस्कृति का परिणाम मानी जा रही है। India US relations: ट्रंप के दबाव का भारत ने दिया रणनीतिक जवाब: दुनिया भर में बनाए नए साझेदार, घटाई निर्भरता पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आधुनिक दौर में अपराधों का स्वरूप लगातार बदल रहा है। ऐसे में पारंपरिक जांच पद्धतियों के साथ-साथ तकनीकी साधनों का उपयोग बेहद जरूरी हो गया है। CrPIS जैसी प्रणाली न केवल जांच की गति बढ़ाएगी बल्कि अपराधियों के डेटा का व्यवस्थित प्रबंधन कर कानून व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाएगी। राष्ट्रीय स्तर पर मिली यह पहचान हरियाणा पुलिस के लिए गौरव का विषय है। साथ ही यह देशभर की पुलिस एजेंसियों के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बन सकती है। CrPIS की सफलता ने साबित कर दिया है कि नवाचार, तकनीक और प्रभावी क्रियान्वयन के माध्यम से पुलिसिंग को अधिक सक्षम और जनहितकारी बनाया जा सकता है। आने वाले समय में यह प्रणाली अपराध जांच और कानून व्यवस्था के क्षेत्र में नए मानक स्थापित कर सकती है।
Shiv Sena Split: महाराष्ट्र में सियासी विस्फोट! ठाकरे खेमे के 6 सांसदों की बगावत, शिंदे शिवसेना की ताकत बढ़ने के संकेत

Shiv Sena Split: नई दिल्ली ।महाराष्ट्र की राजनीति में सोमवार का दिन बेहद अहम माना जा रहा है। राज्य में लंबे समय से चर्चा में रहे ऑपरेशन टाइगर को लेकर सियासी हलचल अपने चरम पर पहुंच गई है। सूत्रों के अनुसार उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना UBT के छह लोकसभा सांसद एकनाथ शिंदे की शिवसेना में शामिल हो सकते हैं। यदि ऐसा होता है तो यह ठाकरे खेमे के लिए बड़ा राजनीतिक झटका साबित होगा और राज्य की राजनीति में नए समीकरण बन सकते हैं। बताया जा रहा है कि शिवसेना UBT के छह सांसदों ने शिंदे गुट के साथ जाने का मन बना लिया है। इनमें से कुछ सांसदों ने सार्वजनिक रूप से अपने फैसले के संकेत भी दिए हैं। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यदि सभी छह सांसद एक साथ शिंदे गुट में शामिल होते हैं तो दलबदल विरोधी कानून के तहत आवश्यक दो-तिहाई संख्या का आंकड़ा भी पूरा हो जाएगा। इससे इन सांसदों पर अयोग्यता की कार्रवाई का खतरा काफी हद तक कम हो सकता है। Haryana Smart Policing: स्मार्ट पुलिसिंग की मिसाल बना हरियाणा: CrPIS सिस्टम को मिला राष्ट्रीय मंच पर सम्मान, बढ़ी प्रदेश की प्रतिष्ठा राजनीतिक घटनाक्रम के बीच मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने भी ऑपरेशन टाइगर को लेकर बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि यह अभियान सफल रहा है और संगठन पहले से अधिक मजबूत स्थिति में है। फडणवीस ने यह भी कहा कि किसी को चिंता करने की आवश्यकता नहीं है क्योंकि पार्टी और गठबंधन दोनों मजबूत हैं। वहीं उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने भी अपने अंदाज में इस पूरे घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि वह कभी अधूरा ऑपरेशन नहीं करते और जब किसी मिशन की शुरुआत करते हैं तो उसे पूरा करके ही दम लेते हैं। शिंदे के इस बयान को राजनीतिक गलियारों में महत्वपूर्ण संकेत माना जा रहा है। इससे यह अटकलें और तेज हो गई हैं कि शिवसेना UBT के भीतर असंतोष बढ़ रहा है और आने वाले दिनों में और भी नेता पाला बदल सकते हैं। दूसरी ओर इस संभावित राजनीतिक झटके को देखते हुए शिवसेना UBT ने भी मोर्चा संभाल लिया है। पार्टी नेतृत्व ने नरीमन पॉइंट स्थित शिवालय में अपने विधायकों और विधान परिषद सदस्यों की महत्वपूर्ण बैठक बुलाई है। माना जा रहा है कि इस बैठक का उद्देश्य पार्टी नेताओं और जनप्रतिनिधियों को एकजुट रखना तथा संभावित राजनीतिक नुकसान को रोकना है। नीट परीक्षा की साख पर सवाल: 5 मेडिकल छात्र समेत 24 आरोपी पकड़े गए, 30 लाख में होता था सौदा राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि यदि छह सांसद वास्तव में शिंदे गुट में शामिल हो जाते हैं तो महाराष्ट्र की राजनीति में इसका दूरगामी असर देखने को मिल सकता है। इससे न केवल शिवसेना UBT की संसदीय ताकत कमजोर होगी बल्कि आगामी चुनावों में भी इसका प्रभाव दिखाई दे सकता है। दूसरी तरफ महायुति गठबंधन को इससे नई मजबूती मिल सकती है। फिलहाल पूरे घटनाक्रम पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं। दोपहर बाद होने वाली राजनीतिक गतिविधियां यह तय करेंगी कि ऑपरेशन टाइगर वास्तव में कितना सफल रहा और महाराष्ट्र की राजनीति में इसके क्या परिणाम सामने आते हैं।
NEET Scam: नीट परीक्षा की साख पर सवाल: 5 मेडिकल छात्र समेत 24 आरोपी पकड़े गए, 30 लाख में होता था सौदा

NEET Scam: नई दिल्ली ।देश की सबसे प्रतिष्ठित मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET UG एक बार फिर विवादों के घेरे में आ गई है। बिहार के लखीसराय में आयोजित री-एग्जाम के दौरान एक बड़े सॉल्वर गैंग का पर्दाफाश हुआ है। पुलिस ने इस मामले में 24 लोगों को गिरफ्तार किया है जिनमें 5 मेडिकल छात्र और बायोमेट्रिक सत्यापन से जुड़ी कंपनी के 14 कर्मचारी शामिल हैं। इस खुलासे ने परीक्षा की पारदर्शिता और सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जानकारी के अनुसार आरोपियों ने असली अभ्यर्थियों की जगह सॉल्वर्स को परीक्षा में बैठाने की सुनियोजित साजिश रची थी। इसके लिए परीक्षा केंद्रों पर मौजूद बायोमेट्रिक सत्यापन व्यवस्था में ही सेंध लगाई गई। जांच में सामने आया है कि फर्जी परीक्षार्थियों को प्रवेश दिलाने के लिए बायोमेट्रिक सिस्टम से जुड़े कुछ कर्मचारियों की कथित मिलीभगत भी थी। पुलिस के मुताबिक लखीसराय के तीन अलग-अलग परीक्षा केंद्रों से कुल सात सॉल्वर पकड़े गए। इनके अलावा बायोमेट्रिक कंपनी के 14 कर्मचारी और अन्य संदिग्धों को भी हिरासत में लिया गया। शुरुआती जांच में यह भी खुलासा हुआ है कि असली उम्मीदवारों की जगह परीक्षा दिलाने के लिए 30 लाख रुपए तक का सौदा किया जाता था। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि यह नेटवर्क कितने बड़े स्तर पर काम कर रहा था। करोड़ों राशन कार्ड धारकों को राहत: लंबी लाइन और राशन की किल्लत से मिलेगा छुटकारा पूरे मामले का खुलासा तब हुआ जब हाजीपुर निवासी और पीएमसीएच के छात्र मयंक कश्यप की गतिविधियां संदिग्ध पाई गईं। जांच में पता चला कि वह कथित तौर पर बायोमेट्रिक कंपनी के कर्मचारी के रूप में परीक्षा केंद्र में प्रवेश कर गया था। इसके बाद पुलिस ने जांच का दायरा बढ़ाया और एक-एक कर पूरे नेटवर्क की परतें खुलने लगीं। जांच एजेंसियों के अनुसार पावापुरी मेडिकल कॉलेज राजगीर का छात्र रविशंकर इस नेटवर्क के संचालन में अहम भूमिका निभा रहा था। वहीं इस पूरे रैकेट का कथित मास्टरमाइंड अर्पित राज बताया जा रहा है जो गया मेडिकल कॉलेज का छात्र है। चौंकाने वाली बात यह है कि अर्पित राज का नाम वर्ष 2024 के चर्चित NEET पेपर लीक मामले में भी सामने आ चुका है। इससे यह आशंका और मजबूत हो गई है कि परीक्षा माफिया लगातार नए तरीकों से सिस्टम को चुनौती देने की कोशिश कर रहे हैं। महाराष्ट्र MLC चुनाव में महायुति की प्रचंड जीत: 17 में से 16 सीटों पर कब्जा, नासिक में बागी ने पलटा खेल पुलिस और अन्य जांच एजेंसियां अब इस नेटवर्क की गहराई से जांच कर रही हैं। अधिकारियों को आशंका है कि यह गिरोह केवल बिहार तक सीमित नहीं है बल्कि इसके तार कई अन्य राज्यों से भी जुड़े हो सकते हैं। गिरफ्तार आरोपियों के मोबाइल फोन, डिजिटल रिकॉर्ड और वित्तीय लेनदेन की भी जांच की जा रही है ताकि पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश किया जा सके। NEET जैसी राष्ट्रीय स्तर की परीक्षा में बार-बार सामने आ रहे फर्जीवाड़े के मामलों ने छात्रों और अभिभावकों की चिंताएं बढ़ा दी हैं। लाखों छात्र वर्षों की मेहनत और तैयारी के बाद परीक्षा में शामिल होते हैं। ऐसे में सॉल्वर गैंग और पेपर लीक जैसी घटनाएं न केवल परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता को नुकसान पहुंचाती हैं बल्कि ईमानदारी से तैयारी करने वाले विद्यार्थियों के भविष्य पर भी सवाल खड़े करती हैं। अब सभी की नजर जांच एजेंसियों की कार्रवाई और उन कदमों पर टिकी है जो भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए उठाए जाएंगे।
Maharashtra MLC Election: महाराष्ट्र MLC चुनाव में महायुति की प्रचंड जीत: 17 में से 16 सीटों पर कब्जा, नासिक में बागी ने पलटा खेल

Maharashtra MLC Election: नई दिल्ली ।महाराष्ट्र विधान परिषद चुनाव के नतीजों ने एक बार फिर राज्य की राजनीति में महायुति की मजबूत पकड़ को साबित कर दिया है। भारतीय जनता पार्टी, शिवसेना और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के सत्तारूढ़ गठबंधन महायुति ने 17 में से 16 सीटों पर जीत दर्ज कर विपक्ष को करारा झटका दिया है। चुनाव परिणामों ने यह स्पष्ट कर दिया है कि राज्य में महायुति की संगठनात्मक ताकत और राजनीतिक प्रभाव अभी भी मजबूत बना हुआ है। 18 जून को हुए मतदान के बाद सोमवार को घोषित परिणामों में भाजपा सबसे बड़ी विजेता बनकर उभरी। पार्टी ने कुल 9 सीटों पर जीत हासिल की। वहीं शिवसेना और एनसीपी के उम्मीदवारों ने भी अपने-अपने क्षेत्रों में शानदार प्रदर्शन किया। इससे पहले छह सीटों पर महायुति के उम्मीदवार निर्विरोध निर्वाचित हो चुके थे, जिससे गठबंधन की स्थिति और मजबूत दिखाई दी। हालांकि इस चुनाव में सबसे ज्यादा चर्चा नासिक सीट की रही। यहां भाजपा के बागी नेता गोकुल गिट्टे ने निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ते हुए शिवसेना उम्मीदवार नरेंद्र दराडे को पराजित कर दिया। गिट्टे को भाजपा से टिकट नहीं मिला था, जिसके बाद उन्होंने बगावती तेवर अपनाते हुए निर्दलीय मैदान में उतरने का फैसला किया। उनकी जीत को मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के लिए बड़ा राजनीतिक झटका माना जा रहा है। यह परिणाम दर्शाता है कि स्थानीय स्तर पर बागी नेताओं की ताकत कई बार गठबंधन की रणनीति पर भारी पड़ सकती है। India US trade deal: भारत और अमेरिका के बीच मेगा ट्रेड एग्रीमेंट की तैयारी तेज, बातचीत को अंतिम रूप देने भारत पहुंचे जैमीसन ग्रीर चुनाव परिणामों में नांदेड़ सीट से भाजपा के अमरनाथ राजुरकर ने जीत दर्ज की। नागपुर उपचुनाव में भाजपा के डॉ. राजीव पोतदार विजयी रहे। भंडारा-गोंदिया से अविनाश ब्राह्मणकर, छत्रपति संभाजीनगर-जालना से सुहास शिरसाट, जलगांव से नंदकिशोर महाजन, सांगली-सतारा से धैर्यशील कदम, सोलापुर से राजेंद्र राउत, धाराशिव-लातूर-बीड से बसवराज पाटिल और अमरावती से प्रवीण पोटे ने जीत हासिल की। वहीं परभणी-हिंगोली सीट पर शिवसेना के सईद खान ने विजय हासिल कर महायुति की सफलता में योगदान दिया। इन नतीजों ने विपक्षी दलों कांग्रेस, शिवसेना उद्धव गुट और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी शरद पवार गुट के लिए चिंता बढ़ा दी है, क्योंकि कई महत्वपूर्ण सीटों पर उनके उम्मीदवारों को हार का सामना करना पड़ा। चुनाव से पहले ही छह सीटों पर महायुति के उम्मीदवार निर्विरोध निर्वाचित हो गए थे। इनमें वर्धा-चंद्रपुर-गढ़चिरौली, यवतमाल, रायगढ़-रत्नागिरी-सिंधुदुर्ग, ठाणे-पालघर और अहिल्यानगर जैसी महत्वपूर्ण सीटें शामिल हैं। विपक्ष इन सीटों पर प्रभावी चुनौती खड़ी नहीं कर पाया था। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि विधान परिषद चुनाव के परिणाम आगामी स्थानीय निकाय और विधानसभा चुनावों के लिए भी संकेत दे सकते हैं। हालांकि नासिक में बागी उम्मीदवार की जीत ने यह भी दिखाया है कि टिकट वितरण और स्थानीय असंतोष भविष्य में गठबंधन दलों के लिए चुनौती बन सकता है। NEET Scam: नीट परीक्षा की साख पर सवाल: 5 मेडिकल छात्र समेत 24 आरोपी पकड़े गए, 30 लाख में होता था सौदा कुल मिलाकर महाराष्ट्र विधान परिषद चुनाव में महायुति ने अपनी राजनीतिक ताकत का प्रभावशाली प्रदर्शन किया है। लेकिन नासिक का परिणाम यह भी याद दिलाता है कि राजनीति में कभी-कभी एक बागी उम्मीदवार भी बड़े समीकरण बदलने की क्षमता रखता है।
जल संकट से हाहाकार: सूखे तालाबों में गड्ढे खोद रहे लोग, प्रशासन ने जारी किया सख्त फरमान

नई दिल्ली । महाराष्ट्र के बीड जिले में भीषण जल संकट ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। जून का आधा महीना गुजर जाने के बावजूद क्षेत्र में मानसून की पर्याप्त बारिश नहीं हुई है। लगातार सूखे हालातों के कारण जिले के जल स्रोत तेजी से खत्म हो रहे हैं और कई गांवों में पेयजल संकट गंभीर रूप ले चुका है। हालात इतने खराब हो गए हैं कि प्रशासन को पानी की चोरी रोकने के लिए सख्त कदम उठाने पड़े हैं। अब यदि कोई व्यक्ति अवैध रूप से पानी निकालता या चोरी करता पाया गया तो उसके खिलाफ सीधे एफआईआर दर्ज की जाएगी। जिले की जल स्थिति बेहद चिंताजनक बनी हुई है। प्रशासनिक आंकड़ों के अनुसार बीड जिले के 173 छोटे-बड़े जलाशयों और बांधों में अब केवल 16.11 प्रतिशत पानी शेष बचा है। इनमें से 81 जलाशय पूरी तरह सूख चुके हैं जबकि 79 जलाशय डेड स्टोरेज की स्थिति में पहुंच गए हैं। डेड स्टोरेज का अर्थ है कि वहां मौजूद पानी उपयोग योग्य नहीं रह गया है। केवल 13 जलाशयों में ही सीमित मात्रा में पानी बचा है जो आने वाले दिनों की जरूरतों को पूरा करने के लिए नाकाफी माना जा रहा है। जल संकट का असर आम जनजीवन पर साफ दिखाई देने लगा है। कई गांवों में लोग पीने के पानी के लिए घंटों इंतजार कर रहे हैं। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो इस संकट की भयावह तस्वीर पेश कर रहे हैं। इन वीडियो में ग्रामीण सूखे तालाबों के बीच गड्ढे खोदकर पानी निकालने की कोशिश करते दिखाई दे रहे हैं। कुछ क्षेत्रों में महिलाओं और बच्चों को कई किलोमीटर दूर से पानी लाना पड़ रहा है। पानी की एक-एक बूंद के लिए संघर्ष की स्थिति बन गई है। बढ़ते संकट को देखते हुए जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है। जिलाधिकारी विवेक जॉनसन ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि पानी की चोरी किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जल संरक्षण विभाग के साथ हुई बैठक में निर्णय लिया गया है कि अवैध रूप से पानी निकालने की शिकायत मिलने पर संबंधित स्थान का बिजली कनेक्शन तुरंत काट दिया जाएगा। साथ ही दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करते हुए एफआईआर दर्ज की जाएगी। लोगों को राहत पहुंचाने के लिए प्रशासन ने वैकल्पिक व्यवस्थाएं भी शुरू कर दी हैं। वर्तमान में 12 गांवों और 14 बस्तियों में 19 टैंकरों के माध्यम से पेयजल पहुंचाया जा रहा है। इसके अलावा 109 गांवों में स्थित 221 निजी कुओं को अधिग्रहित कर जल आपूर्ति के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है। प्रशासन लगातार जल स्रोतों की निगरानी कर रहा है और संकटग्रस्त क्षेत्रों में प्राथमिकता के आधार पर पानी उपलब्ध कराने की कोशिश कर रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि जल्द पर्याप्त बारिश नहीं हुई तो आने वाले दिनों में स्थिति और गंभीर हो सकती है। ऐसे में जल संरक्षण और पानी के जिम्मेदार उपयोग की आवश्यकता पहले से कहीं अधिक बढ़ गई है। बीड जिले का यह संकट देश के अन्य सूखा प्रभावित क्षेत्रों के लिए भी एक चेतावनी है कि जल संसाधनों का संरक्षण समय की सबसे बड़ी जरूरत बन चुका है।
करोड़ों राशन कार्ड धारकों को राहत: लंबी लाइन और राशन की किल्लत से मिलेगा छुटकारा

नई दिल्ली ।देश के करोड़ों राशन कार्ड धारकों के लिए केंद्र सरकार ने राहत भरा बड़ा फैसला लिया है। वन नेशन वन राशन कार्ड योजना के तहत राशन वितरण व्यवस्था को और अधिक लचीला तथा सुविधाजनक बनाया गया है। अब लाभार्थियों को अपने हिस्से का राशन लेने के लिए केवल एक निर्धारित दुकान पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। वे अपनी सुविधा और जरूरत के अनुसार अलग-अलग उचित मूल्य दुकानों से गेहूं और चावल प्राप्त कर सकेंगे। केंद्रीय राज्य मंत्री बीएल वर्मा ने इस नई व्यवस्था की जानकारी देते हुए बताया कि राशन कार्ड धारकों को अब एक ही दुकान से पूरा राशन लेने की अनिवार्यता नहीं होगी। यदि किसी दुकान पर भीड़ अधिक है या अनाज का स्टॉक उपलब्ध नहीं है तो लाभार्थी दूसरी सरकारी राशन दुकान से अपना हिस्सा प्राप्त कर सकेंगे। इससे सार्वजनिक वितरण प्रणाली अधिक प्रभावी और पारदर्शी बनने की उम्मीद है। नई व्यवस्था का सबसे बड़ा लाभ उन लोगों को मिलेगा जो अक्सर तकनीकी समस्याओं और लंबी कतारों की वजह से परेशान रहते हैं। कई बार राशन लेने पहुंचे लोगों को मशीन में अंगूठे के सत्यापन में दिक्कत आती है या फिर दुकान पर अनाज खत्म हो जाने के कारण उन्हें खाली हाथ लौटना पड़ता है। अब ऐसी परिस्थितियों में वे किसी दूसरी दुकान का विकल्प चुन सकेंगे और अपना राशन आसानी से प्राप्त कर पाएंगे। सरकार के इस फैसले से राशन वितरण प्रक्रिया में प्रतिस्पर्धा भी बढ़ेगी। यदि किसी दुकान पर सेवाएं संतोषजनक नहीं हैं तो लाभार्थी दूसरी दुकान से राशन लेना पसंद कर सकते हैं। इससे उचित मूल्य दुकानों की जवाबदेही भी बढ़ेगी और उपभोक्ताओं को बेहतर सुविधा मिलने की संभावना मजबूत होगी। वन नेशन वन राशन कार्ड योजना पहले ही देशभर में लाखों प्रवासी मजदूरों और उनके परिवारों के लिए मददगार साबित हो चुकी है। इस योजना के तहत लाभार्थी आधार आधारित बायोमेट्रिक सत्यापन के माध्यम से देश के किसी भी राज्य या जिले में राशन प्राप्त कर सकते हैं। अब नई सुविधा जुड़ने से योजना और अधिक उपयोगी हो जाएगी। प्रवासी श्रमिकों को अपने गृह जिले या गांव की राशन दुकान से जुड़े रहने की आवश्यकता नहीं होगी और वे जहां काम कर रहे हैं वहीं आसानी से खाद्यान्न प्राप्त कर सकेंगे। विशेषज्ञों का मानना है कि यह व्यवस्था बैंकिंग क्षेत्र के एटीएम मॉडल की तरह काम करेगी जहां ग्राहक अपनी सुविधा के अनुसार किसी भी मशीन से पैसा निकाल सकता है। उसी तरह अब राशन कार्ड धारक भी अपनी जरूरत के अनुसार किसी भी पात्र सरकारी दुकान से खाद्यान्न प्राप्त कर सकेंगे। सरकार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी पात्र व्यक्ति राशन से वंचित न रहे और उसे समय पर खाद्यान्न उपलब्ध हो सके। नई व्यवस्था लागू होने के बाद राशन वितरण प्रणाली अधिक सरल, पारदर्शी और उपभोक्ता अनुकूल बनने की उम्मीद है। इससे करोड़ों परिवारों को सीधा लाभ मिलेगा और सार्वजनिक वितरण प्रणाली की प्रभावशीलता भी बढ़ेगी।
हाई-स्पीड का खौफनाक अंत: BMW के परखच्चे उड़े, दो दोस्तों की मौके पर मौत

नई दिल्ली । महाराष्ट्र के ठाणे जिले में रविवार देर रात एक दर्दनाक सड़क हादसे ने खुशियों को मातम में बदल दिया। जन्मदिन का जश्न मनाकर लौट रहे तीन दोस्तों की तेज रफ्तार BMW कार मुंबई-दिल्ली एक्सप्रेसवे पर दुर्घटनाग्रस्त हो गई। हादसा इतना भीषण था कि लग्जरी कार के परखच्चे उड़ गए, इंजन वाहन से अलग होकर करीब 30 मीटर दूर जा गिरा और दो युवाओं की मौके पर ही मौत हो गई। तीसरा युवक गंभीर रूप से घायल अवस्था में अस्पताल में भर्ती कराया गया है। जानकारी के अनुसार यह हादसा बदलापुर के पास निर्माणाधीन मुंबई-दिल्ली एक्सप्रेसवे पर तड़के करीब तीन बजे हुआ। बताया जा रहा है कि तीनों युवक-युवती जन्मदिन की पार्टी मनाने के बाद BMW कार से वापस लौट रहे थे। कार टिटवाला से बदलापुर की ओर जा रही थी। इसी दौरान एरंजाड क्षेत्र के पास चालक का वाहन से नियंत्रण हट गया और तेज रफ्तार कार सीधे डिवाइडर से टकरा गई। प्रत्यक्षदर्शियों और प्रारंभिक जांच के अनुसार कार की रफ्तार 250 किलोमीटर प्रति घंटे से अधिक थी। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि वाहन कई बार पलटा और करीब 200 मीटर तक घिसटता और उछलता चला गया। इसके बाद क्षतिग्रस्त कार डिवाइडर के दूसरी ओर जाकर रुकी। दुर्घटना की तीव्रता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि कार का इंजन मुख्य ढांचे से अलग होकर काफी दूर जा गिरा। हादसे में बदलापुर निवासी 26 वर्षीय योगेश नेगी और बांद्रा निवासी 24 वर्षीय रेबेका जैकब की घटनास्थल पर ही मौत हो गई। वहीं कार चला रहा युवक अंगद गंभीर रूप से घायल हो गया। उसे तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उसका उपचार जारी है। उसकी हालत गंभीर बताई जा रही है। स्थानीय लोगों के अनुसार हादसा इतना भयावह था कि सड़क पर दूर-दूर तक वाहन के पुर्जे और अन्य मलबा बिखर गया। पुलिस और राहत दल को मौके पर पहुंचकर लंबे समय तक बचाव और साक्ष्य जुटाने का काम करना पड़ा। दुर्घटना के कारण एक्सप्रेसवे के इस हिस्से पर कुछ समय के लिए यातायात भी प्रभावित रहा। पुलिस को घटनास्थल से करीब नौ हजार रुपए का एक बिल भी मिला है, जिसे जन्मदिन समारोह से जुड़ा माना जा रहा है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि दुर्घटना के समय चालक वाहन को किस परिस्थिति में चला रहा था। सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो भी पुलिस के जांच के दायरे में है, जिसमें कथित रूप से BMW को अत्यधिक तेज गति से दौड़ते हुए देखा जा सकता है। पुलिस का प्रारंभिक अनुमान है कि तेज रफ्तार के कारण चालक अचानक सामने आए किसी अवरोधक या डिवाइडर से बचने की कोशिश में नियंत्रण खो बैठा होगा, जिससे यह हादसा हुआ। हालांकि दुर्घटना के वास्तविक कारणों का पता विस्तृत जांच के बाद ही चल सकेगा। यह हादसा एक बार फिर सड़क सुरक्षा और तेज रफ्तार के खतरों को उजागर करता है। विशेषज्ञ लगातार चेतावनी देते रहे हैं कि आधुनिक और शक्तिशाली वाहनों की क्षमता चाहे जितनी हो, सार्वजनिक सड़कों पर निर्धारित गति सीमा का पालन ही सुरक्षित यात्रा की सबसे बड़ी गारंटी है। कुछ सेकंड का रोमांच कई परिवारों की जिंदगी हमेशा के लिए बदल सकता है।
ट्रेजेडी क्वीन की असली कहानी पिता ने बचपन छीना कमाई ली और फिर उसी बेटी के लिए बंद कर दिया घर का दरवाजा

नई दिल्ली । हिंदी सिनेमा की दुनिया में ट्रेजेडी क्वीन के नाम से मशहूर मीना कुमारी ने अपनी अदाकारी से करोड़ों दिलों पर राज किया। पर्दे पर उनके आंसुओं ने दर्शकों को भावुक किया लेकिन उनकी असली जिंदगी का दर्द किसी फिल्मी कहानी से कम नहीं था। जिस बेटी ने अपने परिवार को गरीबी से निकालकर सम्मान और सुख सुविधाओं से भरी जिंदगी दी उसी बेटी को एक दिन उसके पिता ने अपने ही घर से बेघर कर दिया था। साल 1933 में मुंबई के दादर इलाके की एक साधारण चाल में जन्मी माहजबीन बानो का बचपन अभावों और संघर्षों के बीच बीता। परिवार की आर्थिक स्थिति इतनी खराब थी कि दो वक्त की रोटी जुटाना भी मुश्किल था। कहा जाता है कि जन्म के बाद हालात इतने कठिन थे कि उनके पिता ने उन्हें एक अनाथालय के बाहर छोड़ दिया था हालांकि बाद में वे उन्हें वापस घर ले आए। लेकिन गरीबी का दबाव लगातार परिवार पर बना रहा। जब माहजबीन मात्र चार साल की थीं तब उनके पिता ने उन्हें फिल्मों में काम करने के लिए भेज दिया। वह स्कूल जाना चाहती थीं और सामान्य बच्चों की तरह खेलना कूदना चाहती थीं लेकिन किस्मत ने उनके लिए कुछ और ही तय कर रखा था। निर्देशक विजय भट्ट की फिल्म लेदर फेस से उन्होंने अपने अभिनय करियर की शुरुआत की और पहली बार 25 रुपये की कमाई की। यही वह शुरुआत थी जिसने आगे चलकर पूरे परिवार की तस्वीर बदल दी। समय के साथ माहजबीन फिल्मों की दुनिया में पहचान बनाने लगीं। उनकी कमाई बढ़ी और परिवार की आर्थिक परेशानियां दूर होने लगीं। धीरे धीरे उनकी बहनें भी फिल्मों में काम करने लगीं और परिवार चाल से निकलकर बांद्रा के एक बेहतर घर में रहने लगा। हालांकि आर्थिक स्थिति बदलने के बावजूद घर का माहौल नहीं बदला। बेटियों की जिंदगी के फैसले लेने का अधिकार अब भी परिवार के मुखिया के पास ही था। यही वह दौर था जब माहजबीन की जिंदगी में निर्देशक कमाल अमरोही आए। दोनों एक दूसरे के करीब आए और उन्होंने चुपचाप शादी कर ली। माहजबीन जानती थीं कि उनके पिता इस रिश्ते को कभी स्वीकार नहीं करेंगे इसलिए उन्होंने इस विवाह को लंबे समय तक छिपाकर रखा। लेकिन जब यह राज खुला तो परिवार में बड़ा विवाद खड़ा हो गया। हालात उस समय और बिगड़ गए जब मीना कुमारी ने अपने पिता की इच्छा के विरुद्ध कमाल अमरोही की फिल्म में काम करने का फैसला किया। पिता को यह मंजूर नहीं था। नतीजा यह हुआ कि उन्होंने अपनी ही बेटी के लिए घर के दरवाजे बंद कर दिए। विडंबना यह थी कि जिस घर से उन्हें निकाला गया था वह उनकी मेहनत और कमाई से ही खरीदा गया था। घर छोड़ते समय मीना कुमारी ने अपने पिता को एक भावुक पत्र लिखा। उन्होंने साफ कहा कि उन्हें घर से अपने कपड़ों और किताबों के अलावा कुछ नहीं चाहिए। यहां तक कि अपनी कार भी वापस भेजने की बात कही। यह पत्र उनकी संवेदनशीलता और परिवार के प्रति सम्मान को दर्शाता है। मीना कुमारी ने अपने पूरे जीवन में परिवार की जिम्मेदारियां निभाईं लेकिन जब उनकी अपनी जिंदगी कठिन दौर से गुजरी तो वह काफी हद तक अकेली रहीं। शायद यही वजह थी कि पर्दे पर उनका दर्द इतना वास्तविक लगता था। बैजू बावरा परिणीता साहिब बीबी और गुलाम तथा पाकीजा जैसी कालजयी फिल्मों में उनका अभिनय आज भी दर्शकों के दिलों में जीवित है। उनकी कहानी सिर्फ एक अभिनेत्री की नहीं बल्कि त्याग संघर्ष और दर्द से भरे उस जीवन की कहानी है जिसने भारतीय सिनेमा को अमूल्य विरासत दी।
हरमनप्रीत का विश्व रिकॉर्ड महिला क्रिकेट की शेरनी ने 200 टी20I मैच खेलकर रचा नया इतिहास

नई दिल्ली । भारतीय महिला क्रिकेट टीम की कप्तान हरमनप्रीत कौर ने एक ऐसी उपलब्धि हासिल की है जिसने न केवल भारतीय क्रिकेट बल्कि विश्व क्रिकेट के इतिहास में भी उनका नाम स्वर्ण अक्षरों में दर्ज कर दिया है। महिला टी20 विश्व कप 2026 में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ खेले गए मुकाबले के दौरान हरमनप्रीत टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में 200 मैच खेलने वाली दुनिया की पहली क्रिकेटर बन गईं। इस उपलब्धि के साथ उन्होंने पुरुष और महिला दोनों वर्गों के सभी क्रिकेटरों को पीछे छोड़ते हुए एक नया विश्व रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया। मैनचेस्टर के प्रतिष्ठित ओल्ड ट्रैफर्ड मैदान पर खेला गया यह मुकाबला भारतीय कप्तान के करियर का सबसे यादगार क्षण बन गया। करीब 17 वर्षों से भारतीय क्रिकेट की सेवा कर रही हरमनप्रीत ने अपने शानदार सफर में कई उपलब्धियां हासिल की हैं लेकिन 200 टी20 अंतरराष्ट्रीय मैचों का आंकड़ा छूना उनके करियर की सबसे बड़ी उपलब्धियों में शामिल माना जा रहा है। यह रिकॉर्ड उनकी निरंतरता समर्पण फिटनेस और खेल के प्रति जुनून का प्रमाण है। इस ऐतिहासिक अवसर पर भारतीय टीम ने भी अपनी कप्तान का विशेष सम्मान किया। मैच शुरू होने से पहले टीम हडल के दौरान मुख्य कोच अमोल मजूमदार ने हरमनप्रीत को विशेष स्मृति कैप भेंट की। वहीं उपकप्तान स्मृति मंधाना ने उन्हें Harman 200 लिखी हुई खास जर्सी देकर सम्मानित किया। पूरी टीम ने तालियों के साथ अपनी कप्तान की इस ऐतिहासिक उपलब्धि का जश्न मनाया। पंजाब के एक साधारण परिवार से निकलकर विश्व क्रिकेट की सबसे प्रभावशाली खिलाड़ियों में जगह बनाने तक का हरमनप्रीत का सफर संघर्ष और मेहनत की मिसाल रहा है। उन्होंने भारतीय महिला क्रिकेट को नई पहचान दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उनकी कप्तानी में भारतीय टीम ने कई बड़े टूर्नामेंटों में शानदार प्रदर्शन किया और विश्व क्रिकेट में अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई। टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सबसे अधिक मैच खेलने वाली खिलाड़ियों की सूची में हरमनप्रीत अब शीर्ष पर पहुंच गई हैं। उनके बाद न्यूजीलैंड की सूजी बेट्स 184 मैचों के साथ दूसरे स्थान पर हैं जबकि इंग्लैंड की डैनी व्याट हॉज 183 मैचों के साथ तीसरे स्थान पर मौजूद हैं। भारतीय बल्लेबाज स्मृति मंधाना भी इस सूची में 169 मैचों के साथ प्रमुख स्थान रखती हैं। पुरुष क्रिकेटरों में सबसे अधिक टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच खेलने वाले खिलाड़ियों की सूची में आयरलैंड के पॉल स्टर्लिंग 163 और भारत के रोहित शर्मा 159 मैचों के साथ शामिल हैं लेकिन हरमनप्रीत का रिकॉर्ड इन सभी से आगे निकल चुका है। सिर्फ मैचों की संख्या ही नहीं बल्कि प्रदर्शन के मामले में भी हरमनप्रीत कौर का नाम महिला क्रिकेट की महान खिलाड़ियों में लिया जाता है। दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ मुकाबले से पहले उनके नाम 4123 टी20 अंतरराष्ट्रीय रन दर्ज थे। वह महिला टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सबसे ज्यादा रन बनाने वाली खिलाड़ियों की सूची में तीसरे स्थान पर हैं। उनकी आक्रामक बल्लेबाजी और बड़े मैचों में शानदार प्रदर्शन ने उन्हें विश्व क्रिकेट की सबसे भरोसेमंद खिलाड़ियों में शामिल किया है। हरमनप्रीत कौर की यह उपलब्धि भारतीय महिला क्रिकेट के बढ़ते प्रभाव और सफलता की कहानी को और मजबूत करती है। उनका यह विश्व रिकॉर्ड आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा बनेगा और भारतीय क्रिकेट इतिहास में लंबे समय तक याद किया जाएगा।
इंग्लैंड टीम को राहत बेन स्टोक्स और एटकिंसन पर ईसीबी जांच पूरी तीसरे टेस्ट में कप्तान की वापसी

नई दिल्ली ।इंग्लैंड एंड वेल्स क्रिकेट बोर्ड यानी ईसीबी की अनुशासनात्मक जांच में इंग्लैंड टेस्ट कप्तान बेन स्टोक्स को नाइटक्लब विवाद मामले में पूरी तरह क्लीन चिट मिल गई है जांच के बाद यह स्पष्ट किया गया है कि स्टोक्स उस समय घटना स्थल पर मौजूद ही नहीं थे और न ही उनका किसी प्रकार की हिंसक घटना से कोई संबंध पाया गया इस जांच के बाद ईसीबी ने स्टोक्स और तेज गेंदबाज गस एटकिंसन को न्यूजीलैंड के खिलाफ तीसरे और निर्णायक टेस्ट मैच के लिए इंग्लैंड टीम में शामिल कर लिया है इससे पहले दोनों खिलाड़ियों को अनुशासनात्मक कारणों से दूसरे टेस्ट से बाहर रखा गया था जहां टीम की कप्तानी जो रूट ने संभाली थी लेकिन उस मैच में इंग्लैंड को 253 रन से हार का सामना करना पड़ा था पूरा मामला 8 जून की रात लॉर्ड्स टेस्ट के बाद सामने आया जब दोनों खिलाड़ियों पर टीम कर्फ्यू नियमों के उल्लंघन का आरोप लगा इसके बाद ब्रिटिश मीडिया में खबरें आईं कि गस एटकिंसन एक नाइटक्लब में हुए विवाद में शामिल थे रिपोर्ट्स के अनुसार एक रग्बी अकादमी खिलाड़ी ने उन पर हमला करने की कोशिश की थी लेकिन मामला बढ़ते हुए एक सुरक्षा कर्मी को चोट लगने तक पहुंच गया ईसीबी की विस्तृत जांच में सामने आया कि बेन स्टोक्स इस पूरी घटना के दौरान नाइटक्लब में मौजूद ही नहीं थे बोर्ड ने स्पष्ट किया कि स्टोक्स किसी भी विवाद का हिस्सा नहीं थे और न ही उन्होंने घटना को देखा था हालांकि टीम नियमों के उल्लंघन के चलते उन्हें और एटकिंसन दोनों को लिखित चेतावनी दी गई है गस एटकिंसन को लेकर जांच में यह पाया गया कि वह बिना किसी उकसावे के हमले के शिकार हुए थे और उन्होंने किसी भी स्थिति में जवाबी कार्रवाई नहीं की इस तरह उन्हें भी हिंसक घटना के लिए दोषी नहीं ठहराया गया इस पूरे विवाद के बावजूद ईसीबी ने अनुशासनात्मक नियमों के तहत दोनों खिलाड़ियों को चेतावनी जारी की है और टीम के आचार संहिता पालन पर जोर दिया है अब इंग्लैंड और न्यूजीलैंड के बीच सीरीज 1-1 की बराबरी पर पहुंच चुकी है और तीसरा टेस्ट निर्णायक होगा जिसमें स्टोक्स की कप्तानी में इंग्लैंड वापसी करेगा तीसरे टेस्ट के लिए घोषित इंग्लैंड टीम में बेन स्टोक्स, जो रूट, जोफ्रा आर्चर, हैरी ब्रूक, बेन डकेट और अन्य प्रमुख खिलाड़ी शामिल हैं जिससे मुकाबला और भी रोमांचक होने की उम्मीद है