राम मंदिर चढ़ावा चोरी केस…. आरोपियों ने उगले राज…. पूछताछ में बताया हेराफेरी का तरीका

लखनऊ/अयोध्या। राम मंदिर चढ़ावा चोरी (Ram Mandir Offering Theft) मामले में रिमांड पर लिए गए तीनों आरोपियों ने पूछताछ में खुलासा किया कि चोरी के रुपये वह अपने करीबियों और रिश्तेदारों को भेजते थे और फिर उनसे अपने खातों में रकम ट्रांसफर करवाते थे, ताकि रकम का स्रोत छिपा रहे और शक न हो। बैंक डिटेल से इसकी पुष्टि भी हुई है। पूछताछ में तीनों आरोपियों अनुकल्प मिश्रा (Anukalp Mishra), लवकुश मिश्रा (Lav-Kush Mishra) और करुणेश पांडेय (Karunesh Pandey) ने कई और राज उगले हैं। बृहस्पतिवार को रकम, जेवर की बरामदगी हो सकती है। कोर्ट की अनुमति के बाद पुलिस ने बुधवार सुबह करीब सात बजे जिला जेल से आरोपियों को कस्टडी रिमांड पर लिया। आरोपियों ने चोरी स्वीकारते हुए बताया कि टिन्नू व गणना इंचार्ज सुभाष श्रीवास्तव की मिलीभगत होने से रकम पार करने में दिक्कत नहीं होती थी। आरोपियों ने बताया है कि नकदी व जेवर छिपाकर रखे हैं। पुलिस तीनों आरोपियों को 14 कोसी परिक्रमा मार्ग स्थित उसी बाग में लेकर गई जहां चोरी की रकम का बंटवारा किया जाता था। इस स्थान का खुलासा पहले रिमांड पर रहे आरोपी अविनाश शुक्ला ने किया था। तीनों आरोपियों से मौके पर ले जाकर इसका सत्यापन कराया गया। पुलिस ने आरोपियों के बयानों का मिलान भी किया। फर्जी रसीदें छपवाई थींआरोपियों ने एक दान राशि संबंधी पर्ची बरामद कराई है। आरोपियों ने बताया कि जब दान लेकर पर्ची दी जाती थी, तो उन्होंने फर्जी रसीदें छपवाई थीं। लोगों से चंदे के नाम पर रकम लेकर फर्जी रसीदें पकड़ा देते थे और रकम अपनी जेब में रख लेते थे।
Report: दुनिया की 99% आबादी ले रही है प्रदूषित हवा में सांस…. WHO ने चेताया

न्यूयार्क। विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) (World Health Organization – WHO) की वर्ल्ड हेल्थ स्टेटिस्टिक्स 2026 रिपोर्ट (World Health Statistics 2026 Report) हैरान करने वाली है। इसके मुताबिक, दुनिया की 99 प्रतिशत आबादी अब भी सुरक्षित सीमा से अधिक प्रदूषित हवा में सांस ले रही है। वर्ष 2021 में 66 लाख मौतें घरेलू और बाहरी वायु प्रदूषण से जुड़ी थीं। भारत जैसे देशों के लिए यह सार्वजनिक स्वास्थ्य की बड़ी चुनौती बनी हुई है। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि भारत समेत दुनिया के कई देशों के लिए वर्ष 2030 तक हर व्यक्ति को बेहतर और सस्ती स्वास्थ्य सेवाएं (यूनिवर्सल हेल्थ कवरेज) उपलब्ध कराने का लक्ष्य हासिल करना मुश्किल होता जा रहा है। रिपोर्ट के मुताबिक, स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच बढ़ाने की रफ्तार पिछले कुछ वर्षों में काफी धीमी पड़ गई है। रिपोर्ट में किया गया क्या दावा?रिपोर्ट के अनुसार, वर्ष 2015 से 2023 के बीच दुनिया का यूनिवर्सल हेल्थ कवरेज (यूएचसी) सर्विस कवरेज इंडेक्स केवल 68 से बढ़कर 71 तक पहुंचा। यह 2000 से 2015 के मुकाबले करीब एक-तिहाई गति से हुई प्रगति है। अगर यही रफ्तार जारी रही तो 2030 तक यह सूचकांक केवल 74 तक ही पहुंच पाएगा, जिससे सभी लोगों तक गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने का वैश्विक लक्ष्य अधूरा रह सकता है। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि दक्षिण-पूर्व एशिया क्षेत्र, जिसमें भारत भी शामिल है, ने स्वास्थ्य सेवाओं के कवरेज में अन्य क्षेत्रों की तुलना में बेहतर सुधार दर्ज किया है। 2015 के बाद इस क्षेत्र के यूएचसी इंडेक्स में 7 अंकों की बढ़ोतरी हुई है, लेकिन 2030 का लक्ष्य हासिल करने के लिए यह गति भी पर्याप्त नहीं मानी जा रही। स्वास्थ्य खर्च से 1.6 अरब लोग गरीबी की चपेट मेंरिपोर्ट के मुताबिक, दुनिया की करीब एक-चौथाई आबादी इलाज पर अपनी जेब से खर्च करने के कारण आर्थिक बोझ झेल रही है। वर्ष 2022 तक लगभग 1.6 अरब लोग स्वास्थ्य खर्च की वजह से गरीबी में जी रहे थे या गरीबी की ओर धकेले गए। कई देशों में खसरे के संक्रमण का खतराडब्ल्यूएचओ ने बच्चों के नियमित टीकाकरण की रफ्तार को लेकर भी चेतावनी दी है। कई प्रमुख टीकों का कवरेज अभी भी 90 प्रतिशत के वैश्विक लक्ष्य से नीचे है। खासकर खसरे (मीजल्स) की दूसरी डोज का कवरेज 2024 में केवल 76 प्रतिशत रहा, जिससे कई देशों में संक्रमण फैलने का खतरा बना हुआ है। सरकारों को स्वास्थ्य क्षेत्र में बढ़ाना होगा निवेशडब्ल्यूएचओ का कहना है कि अगर 2030 तक सतत विकास लक्ष्यों को हासिल करना है तो सरकारों को स्वास्थ्य क्षेत्र में निवेश बढ़ाना होगा। प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करना होगा, टीकाकरण का दायरा बढ़ाना होगा और लोगों का इलाज पर होने वाला निजी खर्च कम करना होगा।
योगिनी एकादशी का महापर्व कब रखें व्रत 9 या 10 जुलाई उदया तिथि का भ्रम हुआ दूर जानें लक्ष्मी नारायण की कृपा पाने का शुभ समय

नई दिल्ली । हिंदू धर्म में एकादशी व्रत का विशेष महत्व माना गया है। प्रत्येक माह आने वाली दोनों एकादशी भगवान विष्णु को समर्पित होती हैं और श्रद्धालु पूरे विधि विधान के साथ इनका पालन करते हैं। आषाढ़ माह के कृष्ण पक्ष की योगिनी एकादशी को विशेष रूप से पापों के नाश और सुख समृद्धि प्रदान करने वाला व्रत माना गया है। इस बार योगिनी एकादशी को लेकर लोगों के मन में सबसे बड़ा सवाल यही है कि व्रत 9 जुलाई को रखा जाए या फिर 10 जुलाई को। धार्मिक मान्यताओं और पंचांग के अनुसार इस बार उदया तिथि के आधार पर व्रत 10 जुलाई शुक्रवार को रखा जाएगा। पंचांग के अनुसार आषाढ़ कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि का प्रारंभ 9 जुलाई को दोपहर 3 बजकर 45 मिनट से होगा जबकि इसका समापन 10 जुलाई को दोपहर 1 बजकर 20 मिनट पर होगा। चूंकि व्रत के लिए उदया तिथि का विशेष महत्व माना जाता है इसलिए योगिनी एकादशी का व्रत 10 जुलाई को करना धार्मिक दृष्टि से श्रेष्ठ और मान्य रहेगा। इस वर्ष योगिनी एकादशी कई शुभ और कल्याणकारी संयोगों के साथ आ रही है। इस दिन सुकर्मा योग और धृति योग का निर्माण हो रहा है जो धार्मिक कार्यों और भगवान विष्णु की आराधना के लिए अत्यंत शुभ माने जाते हैं। इतना ही नहीं शुक्रवार के दिन एकादशी होने से भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी दोनों की संयुक्त कृपा प्राप्त होने का दुर्लभ अवसर भी बन रहा है। मान्यता है कि इस दिन श्रद्धा और भक्ति से लक्ष्मी नारायण की पूजा करने वाले भक्तों के जीवन में धन समृद्धि सुख शांति और सकारात्मक ऊर्जा का आगमन होता है। योगिनी एकादशी का महत्व केवल धार्मिक अनुष्ठान तक सीमित नहीं है बल्कि इसे आत्मशुद्धि और आध्यात्मिक उन्नति का पर्व भी माना जाता है। धार्मिक ग्रंथों के अनुसार इस व्रत को करने से व्यक्ति के जाने अनजाने में हुए पापों का नाश होता है। भगवान विष्णु की कृपा से जीवन में आने वाली अनेक बाधाएं दूर होती हैं और परिवार में सुख समृद्धि तथा खुशहाली बनी रहती है। ऐसा भी कहा गया है कि योगिनी एकादशी का व्रत करने वाला व्यक्ति सांसारिक सुखों का आनंद लेने के बाद अंत में मोक्ष की प्राप्ति करता है। व्रत करने वाले श्रद्धालुओं को प्रातःकाल स्नान के बाद भगवान विष्णु की प्रतिमा या चित्र के सामने दीप जलाकर पीले फूल तुलसी दल फल और पंचामृत अर्पित करना चाहिए। विष्णु सहस्रनाम श्री विष्णु चालीसा और एकादशी व्रत कथा का पाठ करना अत्यंत शुभ माना जाता है। दिनभर सात्विक आचरण रखते हुए भगवान के नाम का स्मरण करना चाहिए और जरूरतमंद लोगों को अन्न वस्त्र या धन का दान करने से भी विशेष पुण्य प्राप्त होता है। योगिनी एकादशी व्रत का पारण 11 जुलाई शनिवार को किया जाएगा। पारण का शुभ समय सुबह 5 बजकर 32 मिनट से सुबह 8 बजकर 15 मिनट तक रहेगा। धार्मिक मान्यता के अनुसार द्वादशी तिथि के भीतर ही व्रत का पारण करना आवश्यक माना गया है। समय पर पारण करने से ही व्रत का पूर्ण फल प्राप्त होता है। धार्मिक दृष्टि से योगिनी एकादशी केवल एक व्रत नहीं बल्कि आत्मसंयम भक्ति सेवा और सकारात्मक जीवन का संदेश देने वाला पावन पर्व है। यदि श्रद्धा और नियमपूर्वक इस व्रत का पालन किया जाए तो भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की कृपा से जीवन में सुख समृद्धि और मानसिक शांति का आशीर्वाद प्राप्त होता है।
वास्तु शास्त्र के ये प्रभावी उपाय बदल सकते हैं आपके घर का माहौल धन उन्नति और खुशहाली के लिए आज ही अपनाएं

नई दिल्ली । भारतीय संस्कृति में वास्तु शास्त्र का विशेष महत्व माना गया है। यह केवल भवन निर्माण की पद्धति नहीं बल्कि सकारात्मक ऊर्जा और संतुलित जीवन का विज्ञान भी माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार यदि घर में ऊर्जा का प्रवाह सही रहता है तो परिवार के सदस्यों को सुख शांति समृद्धि और सफलता प्राप्त होती है। वहीं घर में वास्तु दोष होने पर आर्थिक परेशानियां मानसिक तनाव पारिवारिक विवाद और स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं बढ़ सकती हैं। हालांकि हर समस्या का समाधान बड़े बदलाव से ही हो यह जरूरी नहीं है। कुछ छोटे और सरल वास्तु उपाय अपनाकर भी घर के वातावरण को बेहतर बनाया जा सकता है। सबसे पहले घर की साफ सफाई पर विशेष ध्यान देना चाहिए। वास्तु शास्त्र में माना गया है कि जहां स्वच्छता रहती है वहां सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। घर के मुख्य द्वार को हमेशा साफ रखें और उसके आसपास अनावश्यक सामान जमा न होने दें। मुख्य प्रवेश द्वार पर सुंदर तोरण या शुभ चिन्ह लगाने से सकारात्मक वातावरण बनने की मान्यता है। पूजा घर को हमेशा उत्तर पूर्व दिशा में रखना शुभ माना जाता है। प्रतिदिन सुबह और शाम दीपक जलाने से घर का वातावरण शांत और सकारात्मक बना रहता है। नियमित रूप से पूजा करने और घर में सुगंधित धूप या कपूर जलाने से नकारात्मक ऊर्जा कम होने की धार्मिक मान्यता है। रसोई घर को भी वास्तु में विशेष महत्व दिया गया है। भोजन बनाते समय पूर्व दिशा की ओर मुख रखना शुभ माना जाता है। रसोई को साफ और व्यवस्थित रखना चाहिए क्योंकि यह घर की समृद्धि और स्वास्थ्य से जुड़ा स्थान माना जाता है। पानी और अग्नि से जुड़े उपकरणों को उचित दूरी पर रखना भी लाभकारी माना जाता है। शयन कक्ष में बिस्तर इस प्रकार रखें कि सोते समय सिर दक्षिण या पूर्व दिशा की ओर रहे। माना जाता है कि इससे अच्छी नींद आती है और मानसिक तनाव कम होता है। बेड के सामने टूटा हुआ शीशा या अव्यवस्थित सामान नहीं रखना चाहिए क्योंकि इससे नकारात्मक प्रभाव पड़ने की मान्यता है। घर में सूखे पौधे टूटे हुए बर्तन बंद घड़ियां और बेकार वस्तुएं लंबे समय तक नहीं रखनी चाहिए। वास्तु के अनुसार ऐसी चीजें नकारात्मक ऊर्जा को बढ़ा सकती हैं। इसके स्थान पर हरे भरे पौधे जैसे तुलसी मनी प्लांट या अन्य सजावटी पौधे लगाने से घर का वातावरण ताजगी और सकारात्मकता से भर जाता है। आर्थिक समृद्धि के लिए उत्तर दिशा को साफ और खुला रखना शुभ माना जाता है। इस दिशा में भारी सामान रखने से बचने की सलाह दी जाती है। वहीं घर में प्राकृतिक रोशनी और ताजी हवा का पर्याप्त प्रवेश भी सकारात्मक ऊर्जा बनाए रखने में सहायक माना जाता है। वास्तु शास्त्र यह भी सिखाता है कि केवल दिशाएं ही नहीं बल्कि घर के लोगों का व्यवहार भी सुख और समृद्धि का आधार होता है। परिवार में प्रेम सम्मान और मधुर वाणी का वातावरण किसी भी वास्तु उपाय से अधिक प्रभावी माना जाता है। इसलिए घर में सकारात्मक सोच बनाए रखें नियमित रूप से ईश्वर का स्मरण करें और स्वच्छता अनुशासन तथा सद्भाव को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाएं। इन सरल उपायों को अपनाकर घर के वातावरण को अधिक सुखद शांत और ऊर्जावान बनाया जा सकता है।
प्रदूषण और तनाव से राहत का नया दावा भारत में लॉन्च हुआ पहला मोबाइल लिक्विड ट्री साल्ट

नई दिल्ली । भारत में नवाचार और नई तकनीकों के क्षेत्र में लगातार नए प्रयोग देखने को मिल रहे हैं। इसी क्रम में देश का पहला मोबाइल लिक्विड ट्री साल्ट लोगों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है। इसे ऐसा पोर्टेबल उत्पाद बताया जा रहा है जिसे कहीं भी आसानी से साथ रखा जा सकता है। निर्माता का दावा है कि यह ताजी हवा जैसा अनुभव देने और प्रदूषित वातावरण में बेहतर महसूस कराने में सहायक हो सकता है। हालांकि विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे किसी भी उत्पाद के स्वास्थ्य संबंधी दावों को स्वीकार करने से पहले उनके पीछे उपलब्ध वैज्ञानिक शोध और प्रमाणों को देखना आवश्यक है। बदलते समय में बढ़ते वायु प्रदूषण और व्यस्त जीवनशैली के कारण लोग ऐसे उत्पादों की तलाश कर रहे हैं जो उन्हें ताजगी और आराम का अनुभव दे सकें। इसी आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए मोबाइल लिक्विड ट्री साल्ट को पेश किया गया है। इसका कॉम्पैक्ट आकार इसे यात्रा कार्यालय घर या अन्य स्थानों पर उपयोग के लिए सुविधाजनक बनाता है। कंपनी के अनुसार इसे विशेष तकनीक के साथ तैयार किया गया है ताकि उपयोगकर्ता कहीं भी इसे आसानी से अपने साथ रख सकें। निर्माता का दावा है कि यह उत्पाद वातावरण में ताजगी का अनुभव बढ़ाने में मदद करता है और मानसिक सुकून का एहसास दिला सकता है। कुछ प्रचार सामग्री में इसे नकारात्मक आयनों से जुड़ा बताया गया है। हालांकि यह स्पष्ट करना जरूरी है कि ऐसे दावों की प्रभावशीलता सभी परिस्थितियों में वैज्ञानिक रूप से स्थापित नहीं है। किसी भी उत्पाद को चिकित्सा उपचार या ऑक्सीजन थेरेपी का विकल्प नहीं माना जाना चाहिए। विशेषज्ञों का मानना है कि स्वच्छ हवा पाने का सबसे प्रभावी तरीका अभी भी प्रदूषण नियंत्रण हरियाली बढ़ाना और घरों में उचित वेंटिलेशन बनाए रखना है। यदि किसी व्यक्ति को सांस लेने में तकलीफ एलर्जी या फेफड़ों से जुड़ी बीमारी है तो उसे चिकित्सकीय सलाह लेना अधिक जरूरी है। केवल किसी उत्पाद के प्रचार के आधार पर स्वास्थ्य संबंधी निर्णय लेना उचित नहीं माना जाता। फिर भी ऐसे पोर्टेबल उत्पादों की बढ़ती लोकप्रियता यह दिखाती है कि लोग अपने आसपास के वातावरण को बेहतर बनाने के लिए नए विकल्पों में रुचि ले रहे हैं। यदि भविष्य में इनके दावों की पुष्टि वैज्ञानिक शोध से होती है तो यह श्रेणी नए इनोवेशन के रूप में विकसित हो सकती है। फिलहाल उपभोक्ताओं को किसी भी ऐसे उत्पाद का उपयोग करते समय उसके निर्देशों को ध्यान से पढ़ना चाहिए और स्वास्थ्य संबंधी बड़े दावों पर संतुलित दृष्टिकोण अपनाना चाहिए। भारत में विकसित हो रहे ऐसे नवाचार यह जरूर दिखाते हैं कि देश तकनीकी और उपभोक्ता उत्पादों के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है। आने वाले समय में इस तरह के और भी उत्पाद बाजार में देखने को मिल सकते हैं लेकिन उनकी वास्तविक उपयोगिता और प्रभाव का मूल्यांकन वैज्ञानिक परीक्षणों और विश्वसनीय अध्ययनों के आधार पर ही किया जाना चाहिए।
Monsoon Alert: उत्तर से दक्षिण तक सक्रिय हुआ मानसून आज इन राज्यों में तेज बारिश और आंधी की संभावना

मध्यप्रदेश । देशभर में आज मौसम का मिजाज बदला हुआ नजर आएगा। मानसून की सक्रियता के चलते कई राज्यों में अच्छी बारिश होने की संभावना है जबकि कुछ क्षेत्रों में हल्की से मध्यम बारिश के साथ तेज हवाएं और गरज चमक भी देखने को मिल सकती हैं। मौसम विभाग के अनुसार उत्तर भारत मध्य भारत पूर्वी भारत और पश्चिमी तटीय इलाकों में मानसून मजबूत स्थिति में बना हुआ है जिससे लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद है। हालांकि भारी बारिश वाले इलाकों में जलभराव फिसलन और यातायात प्रभावित होने जैसी समस्याएं भी सामने आ सकती हैं। दिल्ली एनसीआर उत्तर प्रदेश मध्य प्रदेश राजस्थान बिहार झारखंड छत्तीसगढ़ और पश्चिम बंगाल के कई हिस्सों में आज बादल छाए रहने के साथ रुक रुक कर बारिश हो सकती है। कुछ स्थानों पर तेज बारिश के साथ बिजली चमकने और तेज हवा चलने की भी संभावना जताई गई है। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि सक्रिय मानसूनी सिस्टम के कारण अगले कुछ दिनों तक बारिश का सिलसिला जारी रह सकता है जिससे तापमान में गिरावट आएगी और लोगों को उमस से राहत मिलेगी। मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश के कई जिलों में आज भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति बन सकती है इसलिए लोगों को अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी गई है। वहीं राजस्थान के पूर्वी हिस्सों में भी बारिश की गतिविधियां बढ़ने की संभावना है जबकि पश्चिमी क्षेत्रों में मौसम अपेक्षाकृत शुष्क रह सकता है। बिहार और झारखंड में भी कई स्थानों पर गरज चमक के साथ अच्छी बारिश होने के आसार हैं। पश्चिमी तट की बात करें तो महाराष्ट्र गोवा कर्नाटक और केरल में मानसून पूरी तरह सक्रिय बना हुआ है। इन राज्यों में कई स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन और नदी नालों के जलस्तर में बढ़ोतरी की आशंका को देखते हुए प्रशासन ने सतर्कता बरतने की अपील की है। उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश के पर्वतीय इलाकों में भी तेज बारिश के कारण भूस्खलन और सड़क बाधित होने की संभावना बनी हुई है। पूर्वोत्तर राज्यों में भी बारिश का दौर जारी रहेगा। असम मेघालय अरुणाचल प्रदेश नागालैंड और मिजोरम में कई स्थानों पर अच्छी बारिश होने की संभावना है। किसानों के लिए यह बारिश खरीफ फसलों की बुवाई और विकास के लिहाज से लाभदायक मानी जा रही है लेकिन अधिक वर्षा वाले क्षेत्रों में खेतों में जलभराव की समस्या भी उत्पन्न हो सकती है। मौसम विभाग ने लोगों को सलाह दी है कि खराब मौसम के दौरान खुले मैदानों पेड़ों और बिजली के खंभों के पास खड़े होने से बचें। तेज बारिश के दौरान वाहन सावधानी से चलाएं और जलभराव वाले रास्तों पर जाने से परहेज करें। जिन क्षेत्रों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है वहां स्थानीय प्रशासन के निर्देशों का पालन करना जरूरी है। कुल मिलाकर आज का दिन देश के अधिकांश हिस्सों में बारिश और बदलते मौसम के नाम रहेगा जिससे गर्मी से राहत तो मिलेगी लेकिन सावधानी बरतना भी उतना ही आवश्यक होगा।
Ind vs Eng: टी-20 सीरीज का चौथा मुकाबला आज ब्रिस्टल में…. जीत के इरादे से उतरेगी टीम इंडिया

नई दिल्ली। इंडिया वर्सेस इंग्लैंड (India vs England) 5 मैच की टी20 सीरीज (T20 Series) का चौथा मुकाबला आज यानी गुरुवार, 9 जुलाई को ब्रिस्टल में खेला जाना है। श्रेयस अय्यर की अगुवाई वाली टीम इंडिया (Team India) के पास अब इस सीरीज को जीतने का तो कोई मौका नहीं है, वह बस अब ज्यादा से ज्यादा ड्रॉ करा सकती है। IND vs ENG टी20 सीरीज का पहला मैच बारिश की वजह से धुल गया था, वहीं दूसरे और तीसरे मुकाबले में मेजबानों ने भारत को धूल चटाई। भारत बनाम इंग्लैंड आज के मैच की टाइमिंग को लेकर भी सवाल है। इस सीरीज के मैच भारतीय समयानुसार काफी देरी से शुरू हो रहे हैं, वहीं एक मैच शाम 7 बजे भी खेला गया था। तो आईए मैच से जुड़ी कुछ अहम जानकारियों पर एक नजर डालते हैं- India vs England चौथा टी20 आज यानी गुरुवार, 9 जुलाई को खेला जाएगा।इंडिया वर्सेस इंग्लैंड चौथा टी20 ब्रिस्टल के काउंटी ग्राउंड में खेला जाएगा।IND vs ENG 4th T20I भारतीय समयानुसार रात 10 बजे ही शुरू होगा, जबकि टॉस के लिए दोनों कप्तान आधा घंटा पहले मैदान पर उतरेंगे। इंडिया वर्सेस इंग्लैंड चौथा टी20 फ्री में कैसे देखें लाइव?भारतीय फैंस DD स्पोर्ट्स पर इंडिया बनाम इंग्लैंड क्रिकेट मैच लाइव देख सकते हैं। हालांकि, फ्री लाइव टेलीकास्ट सिर्फ उन दर्शकों के लिए उपलब्ध है जो DD फ्री डिश और टेरेस्ट्रियल नेटवर्क के जरिए चैनल एक्सेस कर रहे हैं। ब्रॉडकास्टिंग राइट्स की पाबंदियों के कारण यह एयरटेल, टाटा प्ले, या डिश टीवी जैसे प्राइवेट DTH प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध नहीं है। IND vs ENG 4th T20I की लाइव स्ट्रीमिंग और टीवी पर कैसे देखें लाइव?India vs England चौथे टी20 का मजा आप टीवी पर स्टार स्पोर्ट्स पर उठा सकते हैं। वहीं इस मैच की लाइव स्ट्रीमिंग दो प्लेटफॉर्म डिज्नी प्लस हॉटस्टार और सोनी लिव पर होगी। आप कहीं भी भारत बनाम इंग्लैंड मैच लाइव देख सकते हैं। इसके अलावा लाइव स्कोर और मैच से जुड़ी अहम जानकारियों के लिए लाइवहिंदुस्तान के क्रिकेट पेज पर विजिट कर सकते हैं। इंडिया वर्सेस इंग्लैंड स्क्वॉडइंडिया स्क्वॉड: अभिषेक शर्मा, वैभव सूर्यवंशी, इशान किशन (विकेट कीपर), श्रेयस अय्यर (कप्तान), तिलक वर्मा, शिवम दुबे, अक्षर पटेल, हर्षित राणा, प्रिंस यादव, अर्शदीप सिंह, वरुण चक्रवर्ती, संजू सैमसन, प्रसिद्ध कृष्णा, वाशिंगटन सुंदर, रवि बिश्नोई, सूर्यांश शेडगे इंग्लैंड स्क्वॉड: फिलिप सॉल्ट, जोस बटलर (विकेट कीपर), हैरी ब्रूक (कप्तान), जैकब बेथेल, टॉम बैंटन, सैम करन, विल जैक्स, जोफ्रा आर्चर, लियाम डॉसन, आदिल राशिद, जोश टंग, सोनी बेकर, रेहान अहमद, जॉर्डन कॉक्स, साकिब महमूद, ल्यूक वुड
ट्रंप ने खुद को बताया ईरान का 'नंबर वन टारगेट'…. बोले- उनकी हत्या की रच रहा साजिश!

अंकारा। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (American President Donald Trump) ने बुधवार को खुलकर कहा कि वे ईरान (Iran) के नंबर वन टारगेट हैं और तेहरान उनकी हत्या की साजिश रच रहा है। ट्रंप ने NATO समिट के दौरान यह बयान देते हुए कहा कि ईरानी लीडरशिप (Iranian Leadership) उनसे बदला लेने पर तुली हुई है। उन्होंने साफ शब्दों में चेतावनी दी कि ईरान के साथ कोई समझौता अब संभव नहीं है। उनके इस बयान के बाद सवाल उठ रहे हैं कि क्या इसी डर के चलते उन्होंने ईरान के साथ चल रही डील को पूरी तरह खत्म कर दिया? ट्रंप ने क्या कहा?ट्रंप ने आरोप लगाया कि ईरान उनकी हत्या की साजिश रच रहा है। इस दौरान उन्होंने खुद को ईरान का ‘नंबर वन टारगेट’ बताया। तुर्की की राजधानी अंकारा में NATO शिखर सम्मेलन के दौरान ट्रंप ने कहा कि उनके कुछ लीडर थे जो अब नहीं रहे। उनके पास कुछ और लीडर थे जो शायद अब नहीं रहे। मैं भी शायद जाऊं, क्योंकि मैं उनका नंबर वन टारगेट हूं। वे घटिया लोग हैं। उन्होंने 47 साल से ऐसा ही किया है। इस दौरान ट्रंप ने ईरान की पिछली नेतृत्व व्यवस्था को दुश्मन करार दिया, लेकिन कहा कि मौजूदा लीडरशिप थोड़ी ज्यादा समझदारी से काम कर रही दिख रही है। उन्होंने साफ कहा कि वे तनाव बढ़ाने के बजाय ईरान मुद्दे को हमेशा के लिए खत्म करना चाहते हैं। बता दें कि यह बयान दोनों देशों के बीच हालिया सैन्य टकराव के बाद वॉशिंगटन और तेहरान के बढ़ते तनाव के बीच आया है। समझौता का प्रयास खत्मगौरतलब है कि ट्रंप ने कुछ घंटे पहले ही घोषणा की कि ईरान के साथ चल रही बातचीत और समझौते की कोशिशें पूरी तरह खत्म हो गई हैं। उन्होंने कहा कि उनके साथ डील करना बस समय की बर्बादी है। NATO समिट में ट्रंप ने आगे कहा कि हम आज रात उन्हें कड़ी टक्कर देंगे। वे हर दिन समझौते का उल्लंघन करते हैं। जब उनसे पूछा गया कि क्या युद्धविराम अभी भी लागू है, तो उन्होंने जवाब दिया कि जहां तक मेरा सवाल है, यह खत्म हो चुका है। ईरान का जवाबी हमलाइस बीच, ईरान ने ताजा अमेरिकी हमलों के जवाब में बुधवार को फारस की खाड़ी क्षेत्र में मिसाइलों और ड्रोन से जवाबी हमला किया। ईरानी सशस्त्र बलों ने कहा कि उन्होंने बहरीन और कुवैत में अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया, जिसके बाद दोनों देशों में हवाई हमले के सायरन बजाये गये। अमेरिकी केंद्रीय कमान (सेंटकॉम) ने इस पर तत्काल कोई टिप्पणी नहीं की। उधर, कतर की मंत्रिपरिषद ने ओमान तट के निकट उसके तरलीकृत प्राकृतिक गैस (एलएनजी) वाहक जहाज पर हुए हमले के बाद ईरान से होर्मुज में खतरनाक गतिविधियां बंद करने की मांग की है। कतर सरकार ने बयान में कहा कि देश अपने हितों की रक्षा के लिए आवश्यक सभी कदम उठाने का अधिकार सुरक्षित रखता है। कतर अमेरिका और ईरान के बीच वार्ता में मध्यस्थ की भूमिका निभा रहा है। अंतरराष्ट्रीय समुद्री संगठन (आईएमओ) के महासचिव आर्सेनियो डोमिंगुएज ने भी जहाज परिचालकों से फिलहाल होर्मुज से जहाज नहीं भेजने की अपील की है। उन्होंने कहा कि इससे फारस की खाड़ी में फंसे लगभग 6000 नाविकों की सुरक्षा को अनावश्यक खतरा हो सकता है।
TMC के पार्टी फंड में 440 करोड़ पर ED की बड़ी कार्रवाई! हेलीकॉप्टर और चार्टर विमान खरीद में गड़बड़ी का दावा

नई दिल्ली । पश्चिम बंगाल की सियासत में एक बार फिर प्रवर्तन निदेशालय की कार्रवाई ने हलचल मचा दी है। प्रवर्तन निदेशालय ने तृणमूल कांग्रेस के पार्टी फंड से जुड़े कथित वित्तीय लेनदेन में बड़ी अनियमितताओं का दावा करते हुए पार्टी के तीन बैंक खातों में जमा 440.42 करोड़ रुपए को फ्रीज करने का आदेश दिया है। जांच एजेंसी का आरोप है कि पार्टी के आधिकारिक खाते से करोड़ों रुपए एक चार्टर विमान कंपनी को ट्रांसफर किए गए जिनका इस्तेमाल हेलीकॉप्टर और लग्जरी विमान खरीदने में किया गया। इसके बाद उन्हीं विमानों और हेलीकॉप्टरों को पार्टी की ओर से किराए पर लिया गया और इसके लिए अलग से भुगतान भी किया गया। ईडी को आशंका है कि इस पूरी प्रक्रिया के जरिए पार्टी फंड के दुरुपयोग और मनी लॉन्ड्रिंग को अंजाम दिया गया। मामले की जांच के दौरान ईडी ने कोलकाता और आसपास के पांच अलग अलग ठिकानों पर छापेमारी की। इनमें चार्टर विमान कंपनी के कार्यालय उसके मालिक का आवास न्यू टाउन स्थित एक परिसर एक ट्रस्ट का दफ्तर और एक चार्टर्ड अकाउंटेंट का कार्यालय शामिल है। कार्रवाई के दौरान एजेंसी ने कई अहम दस्तावेज डिजिटल रिकॉर्ड और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जब्त किए हैं जिनकी जांच की जा रही है। जांच एजेंसी के अनुसार वर्ष 2023 से 2026 के बीच तृणमूल कांग्रेस के बैंक खातों से केयरवेल एविएशन नामक चार्टर विमान कंपनी के खाते में करीब 160 करोड़ रुपए ट्रांसफर किए गए। इसके बाद इस कंपनी ने करीब 82.96 करोड़ रुपए एक अन्य नई कंपनी को भेजे। ईडी का दावा है कि करीब 112 करोड़ रुपए की राशि का उपयोग एक एम्ब्रेयर लेगेसी जेट 600 विमान और एक अगस्ता वेस्टलैंड 109 एसपी हेलीकॉप्टर खरीदने में किया गया। जांच में यह भी सामने आया है कि हेलीकॉप्टर की खरीद के लिए वर्ष 2023 में केमैन आइलैंड्स की एक विदेशी कंपनी से कर्ज भी लिया गया था। सूत्रों के मुताबिक यह चार्टर कंपनी तृणमूल कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेताओं की हवाई यात्रा की व्यवस्था करती थी। जांच एजेंसी फिलहाल यह पता लगाने में जुटी है कि विमान और हेलीकॉप्टर खरीद में इस्तेमाल हुई राशि का वास्तविक स्रोत क्या था और इन संसाधनों का उपयोग किन परिस्थितियों में किया गया। इसी वजह से पूरे लेनदेन की फॉरेंसिक जांच भी कराई जा रही है। इस मामले की शुरुआत भी बेहद दिलचस्प तरीके से हुई। जून महीने में पार्टी के एक विधायक ने साइबर धोखाधड़ी से जुड़े संदिग्ध बैंक खातों की शिकायत दर्ज कराई थी। बाद में पार्टी के पूर्व कोषाध्यक्ष ने भी आंतरिक विवाद का हवाला देते हुए पार्टी के बैंक खातों को फ्रीज करने की मांग की। स्थानीय पुलिस की प्रारंभिक जांच में करोड़ों रुपए के संदिग्ध ट्रांजैक्शन सामने आने के बाद मनी लॉन्ड्रिंग की आशंका के आधार पर मामला ईडी के पास पहुंचा। दूसरी ओर तृणमूल कांग्रेस ने ईडी की पूरी कार्रवाई को राजनीति से प्रेरित बताते हुए सभी आरोपों को खारिज कर दिया है। पार्टी का कहना है कि जांच एजेंसी विपक्षी दलों को निशाना बनाने के लिए केंद्रीय एजेंसियों का दुरुपयोग कर रही है। फिलहाल ईडी 150 करोड़ रुपए से अधिक के संदिग्ध वित्तीय लेनदेन और उससे जुड़े दस्तावेजों की गहन जांच कर रही है। आने वाले दिनों में इस मामले में कई और अहम खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।
Gwalior rain alert: ग्वालियर में आज जमकर बरसेंगे बदल, MP के 20 ज्यादा जिलों में भरी बारिश का अलर्ट!

Gwalior rain alert: ग्वालियर। मध्यप्रदेश के आधे से ज्यादा शहरों में मानसून जमकर बरस रहा है। पूरे प्रदेश में मानसून सिस्टम एक्टिव है, इस वजह से ग्वलियर-चंबल में भी लगातार तेज बारिश देखने को मिल रही है। आज प्रदेश के 20 से ज्यादा जिलों में IMD कि तरफ से हेवी रेन अर्लट जारी है। E20 विवाद के बीच नितिन गडकरी का जवाब, बताई एथनॉल कारोबार में अपनी हिस्सेदारी भिंड में सबसे ज्यादा खतरा, रेड अलर्ट जारी मौसम विभाग ने गुरुवार के लिए भिंड में अति भारी बारिश का रेड अलर्ट जारी किया है। यानी यहां बहुत ज्यादा बारिश हो सकती है। इसके अलावा मुरैना, ग्वालियर, दतिया, शिवपुरी, निवाड़ी, टीकमगढ़, राजगढ़, आगर-मालवा और रतलाम में ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। इन जिलों में भी तेज बारिश की संभावना है। वहीं नीमच, उज्जैन, शाजापुर, श्योपुर, गुना, अशोकनगर, विदिशा, सागर, दमोह, छतरपुर और पन्ना में भी भारी बारिश का अनुमान है। कुल मिलाकर अगले 24 घंटे प्रदेश के उत्तरी और पश्चिमी हिस्सों के लिए काफी अहम रहने वाले हैं। Rainy Season Health Care: बारिश में रोज पिएं अदरक की चाय शरीर रहेगा गर्म पाचन होगा बेहतर और बीमारियां रहेंगी दूर बारिश से मौसम हुआ सुहाना लगातार हो रही बारिश का असर तापमान पर भी साफ दिखाई दिया। बड़े शहरों में इंदौर सबसे ठंडा रहा, जहां अधिकतम तापमान 28 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। जबलपुर में 28.5 डिग्री, उज्जैन में 29.2 डिग्री, ग्वालियर में 29.7 डिग्री और भोपाल में 30.4 डिग्री सेल्सियस तापमान रहा। प्रदेश में सबसे ज्यादा तापमान सीधी में 33.6 डिग्री, जबकि सबसे कम छिंदवाड़ा में 25.4 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। मुस्लिम पर्सनल लॉ के तहत नाबालिग की शादी की दलील इलाहाबाद HC ने की रद्द, कहा- कानून सबसे ऊपर अभी नहीं मिलेगी बारिश से राहत मौसम विभाग के मुताबिक प्रदेश के ऊपर मानसूनी सिस्टम अभी पूरी तरह सक्रिय है। यही वजह है कि अगले दो-तीन दिनों तक कई जिलों में तेज बारिश का सिलसिला जारी रह सकता है। ऐसे में लोगों को सलाह दी गई है कि तेज बारिश के दौरान नदी-नालों के पास जाने से बचें और जरूरत होने पर ही घर से बाहर निकलें। प्रशासन ने भी संवेदनशील इलाकों में सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं।