HIGHLIGHTS:
- 48 घंटे में 300+ CCTV खंगालकर गिरफ्तारी
- दोनों आरोपी छात्र, ग्वालियर में रह रहे थे
- एक साल पुराने विवाद का बदला
- हाईवे निर्माण की मांग लिखकर पुलिस को गुमराह करने की कोशिश
- वारदात में इस्तेमाल पिस्टल और बाइक बरामद
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GWALIOR TOLL PLAZA FIRING : मध्यप्रदेश। ग्वालियर के बरैठा टोल प्लाजा पर हुई फायरिंग की घटना का पुलिस ने 48 घंटे के भीतर खुलासा कर दिया है। बता दें कि 300 से ज्यादा CCTV कैमरों की फुटेज खंगालने के बाद दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। पकड़े गए युवकों की पहचान अश्वनी भदौरिया (22) और निखिल चौहान (19) के रूप में हुई है। अश्वनी भिंड का निवासी है, जबकि निखिल गाजीपुर का रहने वाला है। दोनों छात्र ग्वालियर के बड़ागांव इलाके में रह रहे थे।

एक साल पुराने विवाद का बदला
पुलिस पूछताछ में सामने आया कि करीब एक साल पहले अश्वनी का टोल कर्मचारियों से विवाद हुआ था। इसी रंजिश के चलते उसने बदला लेने की योजना बनाई। बताया जा रहा है कि आरोपियों ने पुलिस को गुमराह करने के लिए एक चिट्ठी में ग्वालियर-भिंड हाईवे को सिक्स लेन बनाने की मांग लिखी, ताकि मामला किसी आंदोलन से जुड़ा लगे।
मुंह ढककर की फायरिंग
सोमवार शाम दोनों आरोपी बुलेट मोटरसाइकिल से टोल प्लाजा पहुंचे, उन्होंने मुंह पर गमछा बांध रखा था और हेलमेट पहन रखा था। जिसके बाद बूथ नंबर 07 पर मौजूद कर्मचारी को धमकी देते हुए एक आरोपी ने पिस्टल से कई राउंड फायर किए। गोलियां कंप्यूटर में लगीं और कर्मचारी बाल-बाल बच गया। वारदात के बाद दोनों मौके से फरार हो गए।
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CCTV से खुली साजिश
घटनास्थल से शहर की ओर जाने वाले रास्तों के CCTV फुटेज खंगाले गए। चेहरा ढका होने के बावजूद बाइक की नंबर प्लेट से आरोपियों की पहचान हो गई। पुलिस ने उनके पास से पिस्टल, कारतूस, बुलेट बाइक और गमछा बरामद किया है। फिलहाल दोनों से पूछताछ जारी है।