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CM MOHAN YADAV: CM मोहन यादव का बड़ा फैसला; RGPV को तीन हिस्सों में बांटने की तैयारी

RGPV UNIVERSITY BHOPAL

CM MOHAN YADAV: भोपाल। मुख्यमंत्री मोहन यादव प्रदेश की तकनीकी शिक्षा व्यवस्था में बड़ा बदलाव करने की तैयारी में हैं। सरकार भोपाल के राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (RGPV) तीन हिस्सों में बाटने की योजना पर काम कर रही है। लेकिन इस फैसले के सामने आते ही प्रदेश की राजनीति गरमा गई है और कांग्रेस इसका जमकर विरोध कर रही है।

प्रदेश के उच्च शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार ने बताया कि वर्तमान में प्रदेश की तकनीकी शिक्षा का बड़ा हिस्सा RGPV के अधीन संचालित होता है। इससे प्रशासनिक और शैक्षणिक स्तर पर कई चुनौतियां सामने आती हैं। इन्हें दूर करने के लिए विश्वविद्यालय का पुनर्गठन करने की योजना बनाई जा रही है।

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तीन नए विश्वविद्यालय बनाने की तैयारी

प्रस्ताव के अनुसार जबलपुर क्षेत्र के लिए महाकौशल प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, भोपाल क्षेत्र के लिए मध्य भारत प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय और उज्जैन क्षेत्र के लिए मालवा प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय बनाए जा सकते हैं।

सरकार का कहना है कि इससे छात्रों और कॉलेजों को अपने काम के लिए बार-बार भोपाल नहीं आना पड़ेगा। क्षेत्रीय स्तर पर फैसले लेने में आसानी होगी और संस्थानों की निगरानी भी बेहतर तरीके से की जा सकेगी।

कांग्रेस ने उठाए सवाल

सरकार की इस योजना पर कांग्रेस ने कड़ी आपत्ति जताई है। कांग्रेस नेताओं का आरोप है कि विश्वविद्यालय के नाम और स्वरूप में बदलाव के जरिए राजीव गांधी की पहचान से जुड़े संस्थानों को कमजोर करने का प्रयास किया जा रहा है।

कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद ने कहा कि राजीव गांधी देश के पूर्व प्रधानमंत्री रहे हैं और तकनीकी विकास के क्षेत्र में उनका महत्वपूर्ण योगदान रहा है। उनके नाम से जुड़े संस्थानों की पहचान खत्म करना गलत है।

आरिफ मसूद – सरकार जानबूझकर राजीव गांधी की विरासत से जुड़े संस्थानों में बदलाव कर रही है।

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247 एकड़ में फैला RGPV

247 एकड़ में फैला RGPV प्रदेश की तकनीकी शिक्षा का प्रमुख केंद्र है। विश्वविद्यालय से 200 से अधिक इंजीनियरिंग कॉलेज, 98 फार्मेसी कॉलेज, 95 एमसीए संस्थान, 4 आर्किटेक्चर कॉलेज और 85 पॉलीटेक्निक संस्थान संबद्ध हैं।

ऐसे बड़े शैक्षणिक ढांचे में बदलाव के प्रस्ताव ने शिक्षा जगत के साथ-साथ राजनीतिक गलियारों में भी चर्चा तेज कर दी है।

राजनीतिक मुद्दा बनने के संकेत

बीजेपी का कहना है कि यह फैसला किसी व्यक्ति या राजनीतिक विचारधारा के खिलाफ नहीं है, बल्कि प्रशासनिक सुधार और तकनीकी शिक्षा को मजबूत करने के लिए लिया जा रहा है।

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