HIGHLIGHTS:
- कचरे के निपटारे के बाद जमीन पर फोकस
- CM ने दिए भविष्य की योजना के संकेत
- गैस त्रासदी को बताया बड़ा कलंक
- ग्रीन एनर्जी परियोजनाओं पर जोर
- पर्यावरण संरक्षण पर सरकार का फोकस
UNION CARBIDE UPDATE: भोपाल। भोपाल गैस त्रासदी से जुड़ी यूनियन कार्बाइड फैक्ट्री एक बार फिर चर्चा में है। इस बार वजह फैक्ट्री में पड़ा जहरीला कचरा नहीं, बल्कि उसकी जमीन का भविष्य है। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने संकेत दिए हैं कि कचरे के निपटारे के बाद अब सरकार यूनियन कार्बाइड की जमीन के प्रबंधन की दिशा में आगे बढ़ रही है।
विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने भोपाल गैस त्रासदी को प्रकृति के साथ छेड़छाड़ का सबसे बड़ा उदाहरण बताया। उन्होंने कहा कि इस घटना ने न केवल हजारों लोगों की जान ली बल्कि पर्यावरण को भी गहरा नुकसान पहुंचाया।
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गैस त्रासदी का कलंक मिटाने की दिशा में बड़ा कदम
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि करीब 40 साल बाद हमारी सरकार ने यूनियन कार्बाइड फैक्ट्री में पड़े कचरे का सफल निपटारा किया है। इससे भोपाल की धरती से गैस त्रासदी का कलंक मिटाने की दिशा में बड़ा काम हुआ है। अब हम उस जमीन के उचित प्रबंधन पर काम कर रहे हैं।
गौरतलब है कि 2-3 दिसंबर 1984 की रात यूनियन कार्बाइड फैक्ट्री से जहरीली मिथाइल आइसोसाइनेट (MIC) गैस का रिसाव हुआ था। इस हादसे में हजारों लोगों की मौत हुई थी, जबकि लाखों लोग इसके दुष्प्रभावों से प्रभावित हुए थे।
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ग्रीन एनर्जी पर सरकार का फोकस
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में पर्यावरण संरक्षण और स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए कई योजनाओं पर काम चल रहा है। साथ ही सौर, पवन, बायोमास और जलविद्युत परियोजनाओं को भी तेजी से आगे बढ़ाया जा रहा है।
पर्यावरण संरक्षण हमारी संस्कृति का हिस्सा
CM मोहन यादव ने इस दौरन कहा कि हमारी सनातन संस्कृति में प्रकृति और पर्यावरण संरक्षण को विशेष महत्व दिया गया है। एक पेड़ को दस पुत्रों के समान माना गया है। पर्यावरण संरक्षण हमारी परंपराओं का हिस्सा है और इसको सवारने का सरकार लगातार कर रही है।