MP Agriculture Growth: भोपाल। मध्य प्रदेश के किसानों की मेहनत अब नई मिसाल बन रही है। खेती में बदलते तौर-तरीकों, आधुनिक तकनीकों के इस्तेमाल और सरकार की योजनाओं का बहतर असर अब साफ दिखाई देने लगा है। यही वजह है कि पिछले चार वर्षों में प्रदेश के सब्जी उत्पादन में 21.58 लाख मीट्रिक टन की रिकॉर्ड वृद्धि हुई है। इस उपलब्धि के साथ मध्य प्रदेश देश में सब्जी उत्पादन में तीसरे स्थान पर पहुंच गया है।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में वर्ष 2026 को ‘किसान कल्याण वर्ष’ के रूप में मनाया जा रहा है। सरकार का फोकस किसानों की आय बढ़ाने और खेती को अधिक लाभकारी बनाने पर है।
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किसानों की मेहनत लाई रंग
उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, वर्ष 2022-23 में प्रदेश में 236.41 लाख मीट्रिक टन सब्जियों का उत्पादन हुआ था। यह बढ़कर वर्ष 2024-25 में 257.99 लाख मीट्रिक टन तक पहुंच गया।
विशेषज्ञों का मानना है कि बेहतर सिंचाई सुविधाएं, गुणवत्तापूर्ण बीज, आधुनिक खेती के तरीके और किसानों की बढ़ती जागरूकता ने इस उपलब्धि में अहम भूमिका निभाई है।
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खेती को बना रहे हैं ज्यादा लाभकारी
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का मानना है कि आज के दौर में किसानों की आय बढ़ाने के लिए केवल पारंपरिक खेती पर निर्भर रहना पर्याप्त नहीं है। इसलिए सरकार उद्यानिकी, पशुपालन, मत्स्य पालन और खाद्य प्रसंस्करण जैसे क्षेत्रों को भी बढ़ावा दे रही है।
सब्जी उत्पादन किसानों के लिए बेहतर कमाई का जरिया बनकर उभरा है, क्योंकि कम जमीन में भी अच्छी आय प्राप्त की जा सकती है।
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प्याज की खेती में बढ़ा किसानों का भरोसा
प्रदेश में प्याज, आलू, टमाटर, बैंगन, भिंडी, मटर, फूलगोभी और पत्ता गोभी जैसी कई सब्जियों की खेती बड़े पैमाने पर की जा रही है। इनमें प्याज किसानों की पहली पसंद बनकर उभरा है।
वर्ष 2022-23 में प्रदेश में प्याज का रकबा 2.17 लाख हेक्टेयर था, जो बढ़कर 2024-25 में करीब 2.30 लाख हेक्टेयर हो गया।
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54 हजार हेक्टेयर में होगा विस्तार
सरकार ने किसान कल्याण वर्ष के दौरान सब्जी उत्पादन को और बढ़ावा देने के लिए 54 हजार हेक्टेयर अतिरिक्त क्षेत्र में सब्जी फसलों का विस्तार करने का लक्ष्य रखा है। इसमें प्याज, आलू, टमाटर, मटर और अन्य उच्च मूल्य वाली सब्जियों को प्राथमिकता दी जाएगी।